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एशिया में राजनीतिक भूकंप: तीन देशों में सत्ता बदली, पर असली खिलाड़ी कौन?

नई दिल्ली  बीते कुछ समय में श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में जिस तरह से अचानक युवाओं के आंदोलन की वजह से सत्ता परिवर्तन हुआ है, यह कई सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल है कि क्या एशिया के देश किसी ताकत के हाथ की कठपुतलनी बन गए हैं। इन देशों में जो भी सरकारें थीं, वे पश्चिम विरोधी मानी जाती थीं। वहीं इन सभी सरकारों का झुकाव चीन की तरफ था। श्रीलंका में सत्ता परिवर्तन होने में तीन महीने का वक्त लगा तो बांग्लादेश में 15 दिन का। वहीं नेपाल में जेन- Z ने मात्र दो दिन में ही सरकार उखाड़कर फेंक दी। सोशल मीडिया से शुरू हुआ आंदोलन जब सड़कों पर आया तो किसी भी देश की सरकार में इतनी ताकत नहीं थी कि वह इसे संभाल पाती। अब गौर करने वाली बात यह है कि जितने भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म हैं, वे ज्यादातर अमेरिकन हैं। टिकटॉक चीन का है। वहीं डिस्कॉर्ड, वाइबर,फेसबुक, इन्स्टाग्राम की पैरंट कंपनियां अमेरिकी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इस तरह से सत्ता परिवर्तन करवाने वाली ताकत अमेरिका में है या फिर रूस में, या फिर चीन में? काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह को पश्चिमी पत्रिका में 2023 में ही नेता घोषित कर दिया गया था। गौर करने वाली बात है कि नेपाल, पश्चिम बंगाल और श्रीलंका की सरकारों का झुकाव चीन की रफ था। राजपक्षे ने हंबनटोटा पोर्ट चीन को सौंप दिया तो वहीं शेख हसीना चटगांव और मोंगला सीपोर्ट चीन को देने की तैयारी कर रही थी। नेपाल की ओली सरकार अपनी जमीन के जरिए चीन के पोर्ट्स को आने-जाने का रास्ता देना वाली थी। गौर करने वाली बात है कि आंदोलन से 6 दिन पहले ही ओली चीन पहुंचे थे और विक्ट्री डे परेड में शामिल हुए थे। उस समय चीन को भी अंदाजा नहीं था कि नेपाल में क्या होने वाला है। यहां तक कि भारत की एजेंसियों को भी भनक नहीं लगी कि पड़ोसी देशों में क्या उथल-पुथल होने जा रही है। इतना तो स्पष्ट हो गया है कि एआई, डीपफेक और एल्गोरिदम वाले इस युग में किसी भी देश में सत्ता परिवर्तन अचानक हो सकता है। कट्टरपंथ, राजनीतिक ध्रुवीकरण और उकसावे को संभालना बेहद मुश्किल हो गया है। संभल है कि जिन संस्थानों को बनने में सालों लग गए, उन्हें मिनटों में तबाह कर दिया जाए। एक बात और नजरअंदाज नहीं की जा सकती कि जिन देशों में सत्ता परिवर्तन हुआ है, वहां की सरकारें प्रशासन के मामले में काफी ढीली थीं। युवाओं में बेरोजगारी चरम पर थी। इन तीनों ही देशों में भ्रष्टाचार चरम पर था। पाकिस्तान और म्यांमार में अगर सेना हावी ना हो गई होती तो ऐसा ही कुछ वहां भी होने वाला था। भारत की बात करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और जनता के साथ एक रिश्ता कायम किया है और लगातार जुड़े रहते हैं। ऐसे में सरकार को भी इस बात का अंदाजा रहता है कि युवा क्या चाहता है। आज के युग में वास्तविकता से ज्यादा कोई भी धारणा असर करती है। ऐसे में गलत सूचना ही सत्ता परिवर्तना की वजह बन जाती है।  

16 सितंबर को अनमोल सिनेमा पर होगा ‘अहो! विक्रमार्का’ का प्रीमियर

मुंबई, अनमोल सिनेमा पर फिल्म ‘अहो! विक्रमार्का’ का प्रीमियर 16 सितंबर को रात आठ बजे होगा। इस फिल्म में देव गिल और चित्रा शुक्ला मुख्य भूमिकाओं में नज़र आएँगे। इनके साथ प्रवीण तारडे, कालकेय प्रभाकर और तेजस्विनी पंडित की भी अहम भूमिकाएँ हैं। ‘अहो! विक्रमार्का’ में एक्शन और ड्रामा का बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा। देव गिल एक हीरो के रूप में ताकत और करिश्मा दोनों का बेमिसाल संगम पेश करते हैं। उनके शानदार एक्शन सीक्वेंस और जज़्बात भरे पल दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ेंगे। चित्रा शुक्ला अपनी एनर्जी और मोहक अंदाज़ से कहानी को और दिलचस्प बनाती हैं। वहीं, रवि बसरूर का संगीत फिल्म के रोमांच और जज़्बात को और गहराई प्रदान करता है। कहानी विक्रमार्का (देव गिल) की है, जो एक रिश्वत लेने वाला पुलिस ऑफिसर है। लेकिन, जब उसकी पोस्टिंग ऐसे इलाके में होती है, जहाँ एक गुंडा (प्रवीण तारडे) लोगों पर कहर ढा रहा है, तो सब कुछ बदल जाता है। आगे की कहानी में विक्रमार्का बेरहम दुश्मनों का सामना करता है, जहाँ कई चौंकाने वाले सच सामने आते हैं और वह अपनी निजी ज़िंदगी तक दाँव पर लगा देता है। यह सिर्फ बाहरी लड़ाई नहीं, बल्कि भीतर की जंग भी है, जहाँ उसे अपने ही डर और कमज़ोरियों से जूझते हुए मासूमों की रक्षा करना है और इंसाफ की राह पर वापस लौटना है।  

सफल ऑपरेशन के जश्न में DGP और फोर्स ने खाया खाना

गरियाबंद  ई-30, एसटीएफ, सीएएफ और कोबरा 207 बटालियन ने लगातार तीन दिनों तक चले ऑपरेशन के दौरान 10 बड़े नक्सली लीडर को ढे़र करने में सफलता हासिल की थी. इस उपलब्धि पर गरियाबंद पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम सहित तमाम आला अधिकारियों ने पुलिस लाइन में उनके साथ (बड़ा खाना) भोजन किया. गरियाबंद पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी अरुण देव गौतम के अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल विरोधी अभियान विवेकानंद सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के साथ बीएसएफ, सीआरपीएफ, कोबरा 207 एसटीएफ के अधिकारीगण पहुंचे थे. कार्यक्रम दौरान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने नक्सल विरोधी ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता के लिए ई-30, एसटीएफ, सीएएफ एवं कोबरा 207 बटालियन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के साथ नक्सल ऑपरेशन में सहभागिता देने वाले सभी जवानों को बधाई एवं शुभकामनाएं दिए.

अफीम की खेती पर कड़ा कदम: सरायकेला-खरसावां में पुलिस अभियान और ग्रामीणों की शपथ

रांची झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस ने इस वर्ष अफीम की अवैध खेती को रोकने और उसकी संभावना को नगण्य करने की दिशा में प्री कल्टीवेशन ड्राइव चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में अफीम जैसी मादक फसल की खेती को रोकना और लोगों को वैकल्पिक कृषि की ओर प्रोत्साहित करना है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक सरायकेला-खरसावां के नेतृत्व में आज दलभंगा ओपी परिसर में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में स्थानीय मानकी मुण्डा, ग्रामीण प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में आमजन ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान सभी ने एक स्वर में यह शपथ ली कि वे अफीम की खेती नहीं करेंगे और इस दिशा में पुलिस प्रशासन को पूरा सहयोग देंगे। बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला ने उपस्थित ग्रामीणों को स्थानीय भाषा में अफीम की खेती और इसके सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि अफीम की खेती करना गंभीर कानूनी अपराध है, जिसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे अफीम की जगह वैकल्पिक खेती अपनाकर न केवल कानूनन सुरक्षित रह सकते हैं, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बना सकते हैं। ग्रामीणों को धान, मक्का, दलहन और अन्य फसलों की खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया। साथ ही पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया कि कृषि विभाग और प्रशासनिक सहयोग से किसानों को आवश्यक जानकारी व मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस अभियान को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पुलिस की पहल का स्वागत किया और इसे ग्रामीणों के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।  

साड़ी पहनने का स्टाइल अब और भी आसान, इस प्रॉम्प्ट से बनाएं अपने लुक को परफेक्ट!

नई दिल्ली गूगल के नैनो बनाना वाले 3D मॉडल और Figurine के चर्चे हर तरफ हैं। जो कोई भी इंटरनेट पर है वो इस टूल के जरिए अपने अलग-अलग अवतार बनाने में जुटा है। इसी कड़ी में एक ट्रेंड लड़कियों ने शुरू किया है, जिसमें वह Google के Nano Banana इमेज जेनरेटर टूल की मदद से साड़ी में अपनी इमेज तैयार कर रही हैं। अगर आप भी अपनी ऐसी ही फोटो बनाना चाहती हैं, तो आसान से प्रोसेस को हर पूरी डिटेल के साथ आपको समझाते हैं। चलिए फिर देर न लगाते हुए साड़ी में खूबसूरत फोटोज बनाने का तरीका जान लेते हैं। किस चीज की जरूरत पड़ेगी? साड़ी में अपनी खूबसूरत फोटोज बनाने के लिए सबसे पहले आपको एक स्मार्टफोन और एक एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन चाहिए होगा। इसके बाद अपने फोन में Gemini को एक्टिव कर लें। अगर आपको फोन में Gemini प्री इंस्टॉल नहीं मिल रहा है, तो प्ले स्टोर से आप इसकी ऐप डाउनलोड भी कर सकती हैं। यही बात iPhone यूजर्स के लिए भी लागू होती है। iPhones पर Google Gemini प्री इंस्टॉल्ड नहीं आता। ऐसे में आप ऐप स्टोर से Gemini ऐप को डाउनलोड करके उसमें अपनी Gmail ID से लॉगइन कर सकती हैं। ऐसे बनेगी साड़ी में खूबसूरत फोटो अपनी 3D मॉडल और Figurine वाली फोटो बनानी हो या साड़ी वाली फोटो, इसमें सारा खेल Prompt का है। Gemini में आप अपनी फोटो के साथ जिस तरह का भी प्रॉम्प्ट डालेंगी, यह उसके मुताबिक नतीजे आपको बना कर देगा।     Gemini ऐप में अपनी Gmail ID से लॉगइन करने के बाद ऐप में दिख रहे BANANA Image बटन को सलेक्ट कर लें। इसका मतलब है कि आप Gemini पर इमेज बनाने के लिए गूगल के Nano Banana इमेज जेनरेटर का इस्तेमाल करना चाहती हैं।     इसके बाद + आइकन पर टैप करके गैलरी में से अपनी एक साफ फोटो को चुन लें। आप चाहें, तो + आइकन पर टैप करने के बाद कैमरा ऑप्शन को चुन कर लगे हाथ अपनी एक सेल्फी या फोटो लेकर उसे साड़ी वाली इमेज में तबदील करने के लिए चुन सकती हैं।     इमेज सलेक्ट कर लेने के बाद इस प्रॉम्प्ट को लिखने के लिए दी गई जगह पर पेस्ट कर दें – “Create a retro, vintage-inspired image – grainy yet bright – based on the reference picture. to The girl should be draped in a perfect red,Pinterest-style aesthetic retro saree. The vibe must capture the essence of a 90s movie …brown -haired baddie, with wavy curls and a small flower tucked visibly into her hair, enhanced by a windy, romantic atmosphere. She stands against a solid wall, where deep shadows and dramatic contrasts add mystery and artistry to the scene, creating a moody yet enchanting cinematic effect.”     ध्यान रहे कि आप चाहें तो मन मुताबिक प्रॉम्प्ट में बदलाव भी कर सकती हैं। बदलाव करते हुए ध्यान रखें कि प्रॉम्प्ट की शक्ल में जो भी कमांड आप Gemini को देने जा रही हैं, वह बिलकुल साफ और स्पष्ट होनी चाहिए। उदाहरण के लिए अगर आपको अपने बालों का रंग अलग चाहिए, तो प्रॉम्प्ट में आप लिख सकती हैं कि मेरे बालों का रंग इस तरह का रखें। जितना स्पष्ट आपका प्रॉम्प्ट होता, उतना ही बेहतर नतीजे Gemini आपको देगा।     इसके बाद सेंड के बटन पर टैप कर दें और कुछ देर इंतजार करें।     इसके बाद आपकी साड़ी में खूबसूरत इमेज तैयार हो जाएगी। इमेज पर दिए डाउनलोड के ऑप्शन को इस्तेमाल करके आप इसे डाउनलोड कर पाएंगी और उसके बाद जहां भी चाहें वहां शेयर कर पाएंगी।

उदयपुर में नाइट ट्यूरिज्म और वाटर शो की संभावनाओं पर किया जाए काम: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी

  विकास कार्यों को समय पर गुणवत्ता के साथ कराएं पूर्ण, विशेषज्ञों की भी लें सेवाएं जयपुर, प्रदेश की उपमुख्यमंत्री तथा वित्त, पर्यटन, सार्वजनिक निर्माण, कला, संस्कृति, साहित्य, और पुरातत्व, महिला एवं बाल विकास, बाल अधिकारिता मंत्री दिया कुमारी ने रविवार को उदयपुर प्रवास के दौरान कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभिन्न बजट घोषणाओं, विभागीय योजनाओं आदि की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सार्वजनिक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग तथा महिला एवं बाल विकास की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विकास कार्यों को समय पर गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराएं तथा जहां आवश्यक हो वहां विशेषज्ञों की भी सेवाएं ली जाएं। उन्होंने जिले में गारंटी अवधि की सड़कों को संवेदकों के माध्यम से समय पर दुरूस्त कराने तथा नहीं होने पर संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने उदयपुर में सिंगापुर और दुबई की तर्ज पर वाटर बॉडीज पर लाइट एण्ड साउण्ड शो अथवा वाटर शो की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने जनजाति एवं दुरस्त क्षेत्रों से अन्य राज्यों में माइग्रेट होने वाले आंगनवाड़ी के बच्चों को संबंधित राज्य के आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़कर लाभान्वित करने की संभावना पर भी कार्य करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गति लाने के साथ-साथ जनहित की योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में सुधार की संभावनाओं पर भी चर्चा की और महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े मुद्दों की प्रगति पर विशेष ध्यान देने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने उदपपुर जिला कलक्टर एवं जिला प्रशासनिक कार्यप्रणाली की सराहना की और कहा कि जिले में विकास के कार्य दु्रतगति एवं समयबद्ध रूप से संपादित किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि निरंतर समीक्षा एवं समयबद्ध क्रियान्वयन से आमजन का विश्वास और मजबूत बनाने के लिए कार्य किया जाए। पीडब्ल्यूडी के सेवा ऐप से जिला प्रशासन को भी जोड़ने के निर्देश— बैठक में उपमुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागीय कार्यों की मोनिटरिंग के लिए अपनाए गए सेवा ऐप से जिला प्रशासन को भी जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सिर्फ विभाग के अधिकारी जुड़े हुए हैं। जिला प्रशासन के जुड़ने से धरातल स्तर पर कामों की बेहतर मोनिटरिंग हो सकेगी। उन्होंने बजट घोषणा के कामों की प्रगति जानी। साथ ही गारंटी अवधि की सड़कों के क्षतिग्रस्त होने पर उन्हें संवेदक के माध्यम से यथाशीघ्र दुरस्त कराने के भी निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सभी सड़कों की आगामी दीपावली से मरम्मत सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिला कलक्टर नमित मेहता को विभिन्न विकास कार्यों में वन विभाग की एनओसी से जुड़े इशू को विशेष संज्ञान में रखते हुए निस्तारित कराने के भी निर्देश दिए। उदयपुर में लाइट एण्ड वाटर शॉ की तलाशें संभावनाएं— पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने उदयपुर में नाइट ट्यूरिज्म और वाटर शो की संभावनाओं पर काम किये जाने के निर्देश दिए।  उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से उदयपुर देश-विदेश में प्रसिद्ध है। यहां की झीलें और प्राकृतिक वातावरण अनुपम है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां लाइट एण्ड वाटर शो की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। साथ ही उन्होंने झीलों और पर्यावरण के संरक्षण को सर्वांपरि रखते हुए कार्य करने के भी निर्देश दिए। बजट घोषणा कार्यों पर चर्चा करते हुए उन्होंने ट्राइबल ट्यूरिज्म सर्किट में जनजाति समुदाय से जुड़े स्थलों को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उन स्थलों तक पहुंच सुलभ हो सके और वहां आने वाले लोगों को सामान्य सुविधाएं उपलब्ध हों यह ध्यान रखते हुए कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने महाराणा प्रताप ट्यूरिस्ट सर्किट की प्रगति की भी जानकारी ली। साथ ही जल्द ही इस प्रोजेक्ट के शिलान्यास के भी संकेत दिए। उन्होंने बजट घोषणाओं में शामिल विभिन्न मंदिरों तथा जियोलॉजिकल साइट जावर व झामरकोटड़ा आदि के कामों में देवस्थान विभाग, पुरातत्व विभाग सहित अन्य विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के लिए भी निर्देशित किया। आंगनवाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित हो— उपमुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यों की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के सुदृढीकरण, मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र आदि की प्रगति जानी। उपनिदेशक आईसीडीएस श्री नंदलाल ने अवगत कराया कि जिला कलक्टर श्री मेहता की पहल पर डीएमएफटी से आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए राशि स्वीकृत की गई है। वहीं आपदा राहत से भी बजट स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिले में शत प्रतिशत आंगनवाड़ी केंद्रों का सुदृढीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने जिले में नेटवर्क विहीन आंगनवाड़ी केंद्रों का सर्वे कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पोषण माह की गतिविधियां की जानकारी ली। समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर सहित एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़, निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं, वासुदेव मालावत, सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यवाहक अतिरिक्त मुख्य अभियंता उदयसिंह जारवाल, अधीक्षण अभियंता एम सी मीणा, पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक आनंद त्रिपाठी, उपनिदेशक शिखा सक्सेना सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में परिवहन को मिली नई रफ्तार

आमजन को मिल रही सुरक्षित व आधुनिक यात्रा सुविधा  जयपुर,  राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में परिवहन सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को सुरक्षित, सुलभ और आधुनिक यातायात सुविधा उपलब्ध हो। इसी दिशा में नई बसों के संचालन से यात्रा का अनुभव न केवल सुविधाजनक बना है बल्कि यातायात के दबाव का प्रबंधन भी आसान हुआ है। परिवहन सेवाओं का व्यापक विस्तार- प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को सस्ता, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से बजट घोषणा के तहत 160 ब्लू लाइन एक्सप्रेस बसों को 12 डिपो में शामिल किया गया है। इनमें जयपुर, अजमेर, अजयमेरू, कोटपूतली, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, भीलवाड़ा, वैशाली नगर, विद्याधर नगर, शाहपुरा, हिण्डौन और दौसा शामिल हैं। इसके साथ ही 12 सुपर लग्जरी बसों की खरीद से राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के बेड़े को और मजबूती मिली है। आस्था की राह हुई आसान- राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा सुविधा देने के लिए विशेष रूटों पर बस सेवाएं चला रही है। अयोध्या, गोवर्धन, सालासर बालाजी, रामदेवरा, श्रीनाथजी, श्रीकरणी माता, कैंची धाम और कैलादेवी जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों तक अब सीधी व सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध है। युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष पहल- राज्य सरकार ने परीक्षार्थियों को बड़ी राहत देते हुए परीक्षा से दो दिन पूर्व से लेकर परीक्षा के दो दिन बाद तक कुल 5 दिन निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की है। वहीं, प्रदेश में पहली बार रक्षाबंधन पर्व पर दो दिनों तक महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा की ऐतिहासिक सुविधा शुरू की गई, जिससे लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिला। वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान व राहत- मुख्यमंत्री शर्मा ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए 60 से 80 वर्ष आयु वर्ग के यात्रियों के किराये में छूट 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी है। इससे बुजुर्ग यात्रियों को यात्रा में आर्थिक राहत और आत्मसम्मान दोनों प्राप्त हो रहे हैं। पैनिक बटन से सुरक्षित हुआ सफर- राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए यात्रियों विशेषकर महिला यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए निगम की बसों में पैनिक बटन लगवाए हैं। महिला यात्रियों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, छोटे बच्चों तथा अचानक बीमार हुए व्यक्ति को पैनिक बटन के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकती है। जब किसी यात्री द्वारा पैनिक बटन दबाया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल अभय कमांड सेंटर पर पहुंचती है। अभय कमांड सेंटर द्वारा बस की लोकेशन ट्रेस कर परिचालक से बात कर तुरंत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है। इससे महिला यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों को सुगमता पूर्ण यात्रा की सौगात मिली है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई और पुनर्निर्माण का महाअभियान, CM मान कर रहे निगरानी

पंजाब पंजाब में बाढ़ के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. बाढ़ का संकट आया, तब मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों को जमीन पर उतरकर पूरी निष्ठा से निभाया. अब जैसे-जैसे पानी उतर रहा है, वैसे-वैसे मान सरकार ने राहत, सफाई और पुनर्निर्माण का महाअभियान शुरू कर दिया है. सरकार की ओर से 14 सितंबर से 23 सितंबर तक पूरे राज्य में सफाई और बहाली का विशेष ड्राइव चलाया जा रहा है, जो 2300 से ज्यादा गांवों और शहरी वार्डों में एक साथ शुरू हुआ है. इस महाअभियान में हर गली, हर मोहल्ले, हर वार्ड को साफ-सुथरा और पहले से बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. जलभराव से जमा हुई गाद, सिल्ट और गंदगी को हटाने के लिए नगर निगमों, नगर परिषदों और पंचायतों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं. 1000 से ज्यादा सफाई कर्मचारी जिले में तैनात प्रदेश के कई जिलों में 1000 से ज्यादा सफाई कर्मचारी, 200 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियां, 150 JCB मशीनें और सैकड़ों की संख्या में हेल्थ वर्कर्स इस काम में लगातार लगे हुए हैं. सरकार ने सभी ज़िलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं, जिनकी सीधी निगरानी में काम हो रहा है. हर जोन का जिम्मा एक अफसर को सौंपा गया है और उन्हें साफ निर्देश हैं कि वे रोजाना ग्राउंड पर रहें और काम पूरा कराएं. नगर निगमों में कमिश्नर और जिलों में एडीसी को विशेष जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी शिकायत लंबित न रहे. पूरे अभियान पर सीएम की नजर मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद इस पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. वे लगातार अधिकारियों से संपर्क में हैं और खुद स्थिति का जायजा ले रहे हैं. उन्होंने साफ कहा है, ये कोई औपचारिक मुहिम नहीं, ये पंजाब के हर नागरिक के घर-आंगन को फिर से खुशहाल बनाने का संघर्ष है. सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बराबर फोकस है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवा छिड़काव, साफ पानी की आपूर्ति और प्राथमिक चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं. 5 सितंबर को जारी एडवाइजरी के तहत सभी ULBs को साफ-सफाई और रोग रोकथाम के उपाय तुरंत लागू करने के निर्देश हैं. बाढ़ के बाद सर्वे जारी बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी तेज़ी से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है. घरों, दुकानों, सड़कों, बिजली के खंभों, जल योजनाओं जैसी सभी सार्वजनिक व निजी संपत्तियों का आकलन इंजीनियरिंग टीमों द्वारा किया जा रहा है, ताकि सरकार हर प्रभावित व्यक्ति को जल्द से जल्द मुआवजा दे सके. विशेष सफाई और पुनर्वास अभियान शुरू पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे, इसलिए हर जगह काम से पहले और बाद की तस्वीरें खींची जा रही हैं. यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी काम अधूरा न रहे और हर जरूरतमंद तक सरकारी मदद पहुंचे. पंजाब के सभी जिलों में आज, 14 सितंबर से मान सरकार का विशेष सफाई और पुनर्वास अभियान ज़ोर-शोर से शुरू हो गया है. सुबह से ही नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन की टीमें फील्ड में उतर चुकी हैं. JCB मशीनों की आवाज़ और ट्रैक्टर-ट्रालियों की हलचल इस बात का संकेत दे रही है कि अब पंजाब में सिर्फ राहत नहीं, बल्कि पुनर्निर्माण की शुरुआत हो चुकी है. लोग खुद कह रहे हैं कि पहली बार सरकार इतनी तेज़ी और गंभीरता से हर गली-नुक्कड़ तक पहुंची है. ये देखकर जनता को भरोसा हुआ है कि सरकार सिर्फ एलान नहीं करती, जमीन पर काम करती है, वो भी बिना रुके, बिना थके. एकजुटता ने बाढ़ को हराया मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच ने इस बार साबित कर दिया है कि बाढ़ जैसी आपदा को भी अगर ज़िम्मेदारी से संभाला जाए, तो वो लोगों के हौसले को गिराने की जगह उसे और मज़बूत बना सकती है. इस बार सरकार ने बाढ़ को सिर्फ प्राकृतिक संकट नहीं, बल्कि पंजाबियों की हिम्मत, सेवा-भाव और एकजुटता की परीक्षा माना है. राहत कार्यों को इवेंट या प्रचार की तरह नहीं, बल्कि जनसेवा और जवाबदेही के अवसर की तरह लिया गया है, यही वो फर्क है जो एक लोक सेवक सरकार और दिखावटी राजनीति में होता है. पंजाब के साथ खड़ी मान सरकार बाढ़ आई, नुकसान हुआ, लेकिन सरकार कहीं नहीं डगमगाई. मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी टीम ने खुद को मैदान में उतार दिया. यह वही फर्क है जो जनता अब साफ देख रही है, जहां कुछ दल मुसीबत में सियासत खोजते हैं, वहीं मान सरकार समाधान खोजती है. आज जब विपक्ष सवालों की स्क्रिप्ट लिख रहा है, मान सरकार अपने काम से जवाब दे रही है, और वो भी जनता के बीच रहकर, उनके पिंडा विच में खड़े होकर और इसलिए आज पूरा पंजाब कह रहा है. मान सरकार खड़ी है, सिर उठाके, सीने ठोक के अपने लोकां दे नाल, हर वक्त, हर हाल.  

जानिए सूर्य ग्रहण पर दान का महत्व: कौन सी वस्तुएं दान करने से बढ़ता है पुण्य

सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसका वैज्ञानिक महत्व तो है ही, लेकिन भारतीय संस्कृति और ज्योतिष में इसे एक महत्वपूर्ण धार्मिक घटना भी माना जाता है. हिंदू धर्म में इसे एक अशुभ काल माना गया है, जिसमें नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. इसी वजह से इस दौरान शुभ कार्य और पूजा-पाठ वर्जित होते हैं. हालांकि, सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ ऐसे कार्य भी हैं, जिन्हें बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है. इनमें सबसे प्रमुख है दान करना. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण काल में किया गया दान सामान्य दिनों में किए गए दान से कई गुना अधिक पुण्य देता है. सूर्य ग्रहण के दिन दान का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में वातावरण में नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं. इन नकारात्मक प्रभावों को कम करने और जीवन में सुख-शांति लाने के लिए दान का सहारा लिया जाता है. ऐसा माना जाता है कि दान करने से इन नकारात्मक ऊर्जाओं का शमन होता है और व्यक्ति पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों से मुक्ति मिलती है. पापों का नाश: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण काल में किए गए दान से पिछले जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है. यह एक प्रकार का प्रायश्चित्त होता है, जिससे आत्मा की शुद्धि होती है. ग्रह दोषों से मुक्ति: कई बार व्यक्ति की कुंडली में सूर्य या चंद्र से संबंधित दोष होते हैं. ग्रहण के दौरान सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान करने से इन दोषों का निवारण होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है. आर्थिक समृद्धि: ऐसी मान्यता है कि ग्रहण काल में किया गया दान व्यक्ति को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाता है. दान करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती. पुण्य की प्राप्ति: धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि ग्रहण के दौरान किया गया दान हजारों यज्ञों और करोड़ों तीर्थ यात्राओं के बराबर पुण्य देता है. सूर्य ग्रहण के दिन किन चीजों का दान करना है शुभ? सूर्य ग्रहण के दिन विशेष रूप से उन वस्तुओं का दान करना चाहिए, जो सूर्य से संबंधित मानी जाती हैं. इन वस्तुओं का दान करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है. गेहूं और गुड़: गेहूं और गुड़ दोनों ही सूर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं. इनका दान करने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है और नौकरी-व्यापार में तरक्की मिलती है. तांबे के बर्तन: तांबा सूर्य का धातु माना जाता है. तांबे के बर्तन या तांबे के सिक्के दान करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है. लाल वस्त्र: लाल रंग सूर्य का प्रिय रंग है. लाल वस्त्र, विशेष रूप से गरीबों और जरूरतमंदों को दान करने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में उसकी प्रतिष्ठा बढ़ती है. नारियल और बादाम: मान्यता है कि ग्रहण के बाद नारियल और बादाम दान करने से शनि और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से छुटकारा मिलता है. काले तिल और काले कंबल: ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण काल में तिल और काले कंबल का दान करना राहु-केतु और शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने में मदद करता है. यह दान विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी होता है जिनकी कुंडली में ये ग्रह कमजोर हैं. अन्न का दान: ग्रहण के बाद अनाज, जैसे चावल, दाल और अन्य खाद्य सामग्री का दान करना बेहद पुण्यकारी माना जाता है. यह दान गरीबों और भूखों की भूख शांत करता है, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है. दान करने का सही समय और तरीका     ग्रहण समाप्त होने के बाद ही दान करना चाहिए.     दान की वस्तुएं साफ होनी चाहिए.     दान हमेशा जरूरतमंदों और गरीबों को ही करना चाहिए.     दान करते समय मन में किसी भी प्रकार का अहंकार नहीं होना चाहिए.  

विश्वकर्मा पूजा 2025: घर व ऑफिस में वास्तु के ये नियम ज़रूर अपनाएं

विश्वकर्मा पूजा सिर्फ़ औपचारिक पूजा नहीं है बल्कि घर, कार्यस्थल, कारख़ाना, दुकान और औज़ारों में सकारात्मक ऊर्जा व सफलता लाने का एक माध्यम मानी जाती है। इस दिन वास्तु नियमों का ध्यान रखने से पूजा का प्रभाव और भी बढ़ जाता है। ईशान कोण में पूजा, पूर्व या उत्तर मुखी स्थापना, औज़ार व मशीनों को शुद्ध कर स्वस्तिक बनाना, दीपक अग्नि कोण में रखना और उत्तर-पूर्व की स्वच्छता। ये विश्वकर्मा पूजा के प्रमुख वास्तु नियम हैं। आइए, विस्तार से जानें: पूजा का स्थान ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा): वास्तु में इसे सबसे शुभ और पवित्र दिशा माना गया है। यहीं पूजा करना श्रेष्ठ है। यदि घर या कार्यस्थल में यह संभव न हो तो पूर्व या उत्तर दिशा का चयन करें। कभी भी पूजा दक्षिण-पश्चिम कोने में न करें, इससे कार्यक्षेत्र में रुकावटें आती हैं। मूर्ति / चित्र की स्थापना भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा या चित्र पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके रखें। पूजक को पश्चिम या दक्षिण की ओर मुख करके बैठना चाहिए। मूर्ति को ज़मीन पर सीधे न रखें, उसके नीचे लकड़ी या स्वच्छ चौकी हो। औजार और मशीनें मशीनें, औज़ार, वाहन, कंप्यूटर आदि को पहले अच्छे से साफ़ करें। इन्हें पूजा के समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। पूजा के बाद उन पर स्वस्तिक का चिह्न बनाकर रोली या हल्दी से तिलक करें। रंग और सजावट वास्तु के अनुसार पीला, लाल और हरा रंग शुभ ऊर्जा को आकर्षित करते हैं। पूजा स्थल पर इनका प्रयोग करें। पूजा स्थान पर प्रकाश की व्यवस्था पूर्व और उत्तर दिशा में अधिक होनी चाहिए। दीपक और धूप दीपक को पूजा स्थल के दक्षिण-पूर्व कोने (अग्नि कोण) में रखें। धूपबत्ती या अगरबत्ती भी इसी कोने में जलाएं। बैठने की दिशा पूजा करने वाले व्यक्ति का मुख पूर्व या उत्तर की ओर होना चाहिए। यदि कई लोग एक साथ पूजा कर रहे हों तो सभी का मुख एक ही दिशा में रहे। स्वच्छता और शुद्धता पूजा से पहले घर/कारख़ाना विशेषकर उत्तर-पूर्व दिशा को अच्छे से साफ करें। गंदगी या अव्यवस्था वास्तु दोष बनाती है और पूजा का प्रभाव घटाती है।