samacharsecretary.com

मॉनसून 2025 की विदाई: इन राज्यों में सिर्फ 48 घंटे में छंट जाएगी बारिश

नई दिल्ली  इस बार देशभर में मॉनसून की वजह से अच्छी बरसात हुई है। हालांकि, अब इसके वापस लौटने का समय आ गया है। धीरे-धीरे करके मॉनसून आने वाले कुछ दिनों में तमाम राज्यों से वापस चला जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के कुछ हिस्सों से मॉनसून आज वापस चला गया है और अगले दो से तीन दिनों में राजस्थान के अन्य हिस्सों, पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से वापस चला जाएगा। इसके लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। वहीं, अगले तीन दिनों तक पूर्वोत्तर राज्यों में और महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो 14 और 17 तारीख को अरुणाचल प्रदेश में अधिकांश जगहों पर बारिश की संभावना है। 15 और 16 तारीख को असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और 18-20 सितंबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश में 15 और 16 तारीख को बहुत भारी बारिश की संभावना है। 14 सितंबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और असम, मेघालय में भारी बरत होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो 16-19 सितंबर के दौरान तमिलनाडु में गरज के साथ बारिश की संभावना है। 14 को तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, 14 और 15 के दौरान तेलंगाना, 14-16 सितंबर के दौरान आंतरिक कर्नाटक में भारी बरसात होगी। वहीं, अगले पांच दिनों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में तेज हवाएं चलने का अनुमान है। पश्चिम भारत की बात करें तो 16 सितंबर को कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। 14 और 15 सितंबर को कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो 14 सितंबर को हिमाचल प्रदेश, 14 और 16 सितंबर को उत्तराखंड, 14-20 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश और 15 सितंबर को उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश हो सकती है।  

तेजस्वी का PM मोदी पर हमला: ‘पूर्णिया में नहीं विकास, केवल जुमलों का महापर्व’

पटना बिहार के पूर्णिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 15 सितंबर 2025 को होने वाले इस दौरे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने तीखा तंज कसा है। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी ने पीएम मोदी को 'जुमलों की बारिश' करने का आरोप लगाते हुए पूर्णिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) की बदहाली पर सवाल खड़े किए हैं। तेजस्वी ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो शेयर कर सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर हमला बोला है। यह दौरा सीमांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करने के उद्देश्य से है, लेकिन विपक्ष इसे विकास के नाम पर प्रचार का हथियार बता रहा है। पीएम मोदी का दौरा और विकास परियोजनाएं आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 15 सितंबर को पूर्णिया पहुंचेंगे, जहां वे पूर्णिया एयरपोर्ट पर नए सिविल एन्क्लेव का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, वे कई रेल परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे, जिसमें वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों को फ्लैग ऑफ करना शामिल है। यह दौरा बिहार में रेल और हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन परियोजनाओं से सीमांचल क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि ये घोषणाएं कागजी हैं और जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आ रहा।   तेजस्वी की आलोचना और GMCH का हाल तेजस्वी यादव ने 13 सितंबर की रात पूर्णिया GMCH का अचानक निरीक्षण किया और वहां की बदतर स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो वायरल हो गया। उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी जुमलों की बारिश करने आ रहे हैं। वे विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आय और सिंचाई की बात नहीं करेंगे। तेजस्वी ने पीएम से अपील की कि वे दौरा के दौरान GMCH का दौरा करें और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को साथ लाएं, ताकि 20 वर्षों की सरकार की नाकामी देख सकें। निरीक्षण में कई खामियां आई सामने निरीक्षण में सामने आई खामियां चौंकाने वाली हैं। GMCH में ICU और ट्रॉमा सेंटर का अभाव है, कार्डियोलॉजी विभाग नहीं चल रहा। एक बेड पर तीन-तीन मरीज लेटे हैं, बेडशीट 15-20 दिनों से नहीं बदली गई। ऑर्थोपेडिक और दिव्यांग मरीजों के लिए शौचालय पहुंच से बाहर हैं। नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी है—255 स्वीकृत पदों पर केवल 55 भरे हैं, जिससे ड्यूटी पर मात्र 18 नर्सें हैं। डॉक्टरों के 80% पद खाली हैं, और पूरे कॉलेज में सिर्फ चार ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट हैं। कई विभाग बंद पड़े हैं, मेडिकल इंटर्न को छह माह से वेतन नहीं मिला।

15 साल के जोनस कोनर की गायकी के दीवाने हुये सलमान खान

मुंबई,  बॉलीवुड स्टार सलमान खान 15 साल के जोनस कोनर की गायकी के दीवाने हो गये हैं। सलमान खान ने जोनस कोनर की गायकी की तारीफ की है। साथ ही लोगों को उन्हें प्रोस्ताहित करने के लिए कहा है। सलमान खान ने अपने एक्स हैंडल पर जोनस कोनर की तस्वीर साझा की है। इस पोस्ट में उन्होंने जोनस के तीन गानों का भी जिक्र किया है। सलमान ने ट्वीट में लिखा, 'मैंने कभी किसी 15 साल के बच्चे को अपने दर्द को इतनी खूबसूरत तरीके से बयां करते नहीं देखा। भगवान तुम्हारा भला करे जोनस कोनर। बार-बार सुन रहा हूं, ‘फादर इन ए बाइबल’, ‘पीस विथ पेन’, ‘ओह अप्पालाचिया’। उन्होंने कहा,"ऐसे बच्चों को ना सपोर्ट किया तो फिर क्या किया। भाईयों और बहनो ये अंग्रेजी में हैं, यहां पर भी ऐसे बहुत हैं। उन्हें प्रोत्साहित करो शोषण नहीं।’ सलमान खान इन दिनों बैटल ऑफ गलवान की शूटिंग में व्यस्त हैं।  

धोखेबाज पार्टी पर निशाना: अनिल विज बोले, AI से फैल रहा कांग्रेस का भ्रम

हरियाणा हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने शनिवार को कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस अब एआई (आर्टिफिशियल इंटलीजेंस) का सहारा लेकर झूठ फैलाने का काम कर रही है क्योंकि उनके पास अब बोलने के लिए आदमी/नेता भी खत्म हो गए हैं, जो कुछ कह सकें, बोल सकें. कांग्रेस पास कुछ कहने के लिए भी नहीं रहा है. अनिल विज मीडिया कर्मियों द्वारा बिहार कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी माता पर वोट चोरी के संबंध में बनाए गए एआई वीडियो के संदर्भ में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे. लोगों को भ्रम में डालना चाहती है कांग्रेस उन्होंने कहा कि यह सभी को पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता का स्वर्गवास बहुत पहले से हो चुका है. अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस लोगों को भ्रम में डालना चाहती है, लोगों को गुमराह करना चाहती है, क्योंकि कांग्रेस धोखेबाज पार्टी है और धोखे का ही काम कर रही है. हरियाणा में राजनीतिक हलचल इससे पहले हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को यह दावा करके राजनीतिक हलचल पैदा कर दी कि कुछ लोग वरिष्ठ नेताओं के आशीर्वाद से अंबाला छावनी में बीजेपी की समानांतर इकाई चला रहे हैं.विज ने ‘एक्स’ पर लिखा, अंबाला छावनी में कुछ लोग समानांतर बीजेपी चला रहे हैं जिनको ऊपर वालों का आशीर्वाद भी प्राप्त है. पार्टी का बहुत नुकसान हो रहा है. अनिल विज ने लगाया आरोप उन्होंने लोगों से सुझाव भी मांगे कि वह इनसे निपटने के लिए क्या करें.यह पहली बार नहीं है जब अनिल विज ने उन्हें परेशान करने वाले मुद्दों पर सार्वजनिक तौर पर आवाज उठाई हो. इस साल की शुरुआत में अनिल विज ने आरोप लगाया था कि पिछले साल विधानसभा चुनाव में उन्हें हराने की कोशिश की गई. बाद में उन्होंने कुछ तस्वीरें साझा कीं और दावा किया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के एक मित्र के साथ दिखे कार्यकर्ता उन निर्दलीय उम्मीदवार के साथ नजर आए जिन्हें उन्होंने अक्टूबर 2024 के चुनाव में हराया था. विज ने यह भी सवाल किया था कि सैनी के मित्र विधानसभा चुनाव में उनका विरोध क्यों किया.वरिष्ठ नेता लगातार यह कह रहे हैं कि अंबाला छावनी से विधानसभा चुनाव में उन्हें हराने की भूमिका निभाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई.विज निर्दलीय प्रत्याशी चित्रा सरवारा को हराकर सातवीं बार विधायक बने.  

नाबालिग ने रची थी लूट की योजना, खाद व्यापारी की दुकान में काम करने वाला मास्टर माइंड गिरफ्तार

जांजगीर नैला में 6 सितंबर की रात खाद व्यापारी से हुए लूट के मामले का खुलासा आखिरकार पुलिस ने कर दिया है. घटना को अंजाम देने वाला मास्टर माइंड कोई और नहीं बल्कि व्यापारी के दुकान में काम करने वाला नाबालिग कर्मचारी ही निकला, जिसने अपने दो साथियों के साथ योजनाबद्ध तरीके से लूट को अंजाम दिया था. आरोपियों को पकड़ने के साथ लूट की रकम 10 लाख रुपए बरामद करने वाली पुलिस टीम को आईजी और एसपी ने पुरस्कार देने की घोषणा की है. पुलिस के मुताबिक, इस लूट कर मास्टरमाइंड व्यापारी के दुकान मे काम करने वाला नाबालिग युवक है, जो ‘किंग ऑफ नैला’ नाम से इंस्टाग्राम का मेंबर था. इस मामले के साथ डेढ़ माह पहले बोडसरा शराब दुकान मे हुए केश बॉक्स को चुराने का मामला सुलझा लिया गया है. इस मामले को सुलझाने मे जिले के अलग-अलग थाना से 40 पुलिस अधिकारी और जवानों को शामिल किया गया था, जांजगीर कोतवाली थाना क्षेत्र के नैला मे 6 सितंबर की रात जब नगर के लोग गणेश विसर्जन में जुटे थे. इसी बीच अपनी दुकान बंद कर थैला मे कलेक्शन की राशि लेकर अपने घर जा रहे खाद व्यापारी अरुण अग्रवाल के सामने दो नकाबपोश युवक सामने आए और स्कूटी मे सवार अरुण अग्रवाल को हथियार दिखाकर धक्का देते हुए रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गया. घटना की सूचना के बाद मौके के पहुंची पुलिस, डॉग स्क्वाड ने मौके का परीक्षण किया. प्रारम्भिक जांच मे सब कुछ उलझा हुआ था, जिसकी बाद पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की मदद लीं, और मामले का एक सप्ताह के अंदर खुलासा कर दिया. मामले को सुलझाने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस लूट का मुख्य आरोपी नाबालिग है, जो व्यापारी अरुण अग्रवाल की दुकान में काम करता था. घटना के सप्ताह भर पहले अपने साथी विक्की पंडित और मुकेश सूर्यवंशी को जानकारी दी थी, और दुकान जाना बंद कर दिया था. 6 सितम्बर को जब दुकान के कर्मचारी गणेश विसर्जन के लिए छुट्टी पर थे, तब अरुण अग्रवाल ने फोन करके उस नाबालिग़ युवक को काम के लिए बुलाया था. दिन भर काम करने के बाद नाबालिग ने रात में अपने दोस्तों को इंस्टाग्राम ग्राम के माध्यम से अंगूठा का सिग्नल भेज कर सेठ के अकेले घर जाने की सूचना दी, जिसके बाद दोनों युवकों ने अरुण अग्रवाल के घर ने कुछ दूर पहले अँधेरे मे खड़े होकर इंतजार करने लगे और जैसे ही स्कूटी मे सवार अरुण अग्रवाल सुनसान गली में घुसे, तब दोनों आरोपी अपने मुंह मे गमछा बाँध कर चाकू दिखाया और स्कूटी से गिरा कर रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए. पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम सीन क्रिएट करते हुए सीसीटीवी कैमरों का परीक्षण किया, जिसमें दुकान में काम करने वाला नाबालिग युवक स्टेशन की ओर फोन में बात करते हुए भागते और फिर वापस आते नजर आया. इसके साथ ही कुछ दिन पहले हुए मारपीट के मामले की शिकायत को जांच में लिया, और मामले का परतदर परत खुलासा होने लगा. आरोपियों ने कुल 10 लाख 40 हजार रुपए की लूट की थी, और 3 लाख 30 हजार रुपए खर्च करने के लिए निकाल कर बाकी राशि को अमोरा गांव में एक बॉक्स में रख कर केला पेड़ के नीचे दबा दिया था. पुलिस ने आरोपियों से लूट की राशि जब्त कर लिया है. एसपी विजय पाण्डेय ने बताया कि आरोपियों में शामिल विक्की पंडित मूलत: बिहार का रहने वाला है, जो अमोरा गांव में रहता है. वहीं मुकेश सूर्यवंशी नैला का रहने वाला है. दोनों की जेल मे मुलाक़ात हुई और दोस्ती हुई थी. हाल ही में जेल से छूटने के बाद इनका मेल-जोल बढ़ा और किसी घटना को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहे थे. बोडसरा शराब दुकान में ढाई लाख चोरी करने के बाद पकड़ में नहीं आने से इनके हौसले बुलंद हो गए थे, जिसके बाद नैला में लूट की घटना को अंजाम दिया था.

आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस बनाए स्मार्ट

नव मस्तिष्क की बुद्धिमत्ता का कोई छोर नहीं है और इसी सोच के साथ आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस जैसे विषय का जन्म हुआ। आरंभिक सोच यही थी कि कम्प्यूटर स्वयं सोचे और निर्णय ले। आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस का अर्थ आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस का अर्थ है कृत्रिम तरीके से विकसित की गई बौद्धिक क्षमता। आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस का आरंभ काफी पहले हो चुका था। यह कम्प्यूटर और कम्प्यूटर प्रोग्रामों को उन्हीं तर्कों के आधार पर चलाने का प्रयास होता है जिसके आधार पर मानव मस्तिष्क चलता है। उद्देश्य आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस का उद्देश्य होता है कि कम्प्यूटर अपने-आप तय कर पाए कि उसकी अगली गतिविधि क्या होगी। इसके लिए कम्प्यूटर को अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार अपनी प्रतिक्रि या चुनने के लिए प्रोग्राम किया जाता है। इसके पीछे यही प्रयास होता है कि कम्प्यूटर मानव की सोचने की प्रक्रि या की नकल कर पाए। इसका अनूठा उदाहरण है-शतरंज खेलने वाले कम्प्यूटर। यह कम्प्यूटर प्रोग्राम मानव मस्तिष्क की हर चाल की काट और अपनी अगली चाल सोचने के लिए कम्प्यूटर को प्रोग्राम किया हुआ है। यह इतना सफल रहा है कि आईबीएम का कम्प्यूटर विश्व के सबसे नामी शतरंज खिलाड़ी गैरी कास्परोव को हरा चुका है। विकास जब भी मानव बुद्धिमत्ता की चर्चा होती है, तब अनेक बुद्धिमान लोगों का स्मरण होता है। हाल के वर्षों में मानवीय सोच-समझ इतनी तेजी से विकसित होती जा रही है कि प्रकृति की रचना को हर क्षेत्र में कड़ी चुनौती दे रही है। विज्ञान की प्रगति के साथ-साथ हरेक चीज कृत्रिम बनती जा रही है। इस प्रगति में मानव ने बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भी अपने अनुभव और आकांक्षाओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस विकसित करने का प्रयास किया है। प्रोग्रामिंग पर निर्भर वैज्ञानिकों द्वारा ऐसे कम्प्यूटर भी आविष्कृत कर लिए गए हैं जिनमें जटिल से जटिल कार्य को न्यूनतम समय में करने की क्षमता होती है। आधुनिक कम्प्यूटरीकृत मशीनें किसी लिखे हुए पाठ को मानव की तरह से ही शब्दों को पहचान एवं पढ़ सकती है। आॅटो पायलट मोड पर वायुयान मशीन द्वारा संचालित किए जाते हैं। कम्प्यूटरों में ध्वनियां और आवाजों को पहचानने की क्षमता होती है किन्तु कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक रूप से सीमित भी है, क्योंकि इसका सामर्थ्य इसकी प्रोग्रामिंग पर निर्भर करता है लेकिन मानवीय मस्तिष्क में ऐसी कोई सीमा निश्चित नहीं होती है। कुछ नया करने का जुनून आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस में धैर्य की काफी जरूरत होती है। इसके अलावा अपने कार्य के प्रति जुनून भी जरूरी है। इसमें रोबोट से छोटा-सा काम करवाने के लिए भी काफी बड़ी प्रोग्रामिंग लगती है और कई बार घंटों की मेहनत पर पानी भी फिर जाता है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए इंजीनियरिंग के अलावा कम्प्यूटर साइंस का ज्ञान होना भी जरूरी है। यह क्षेत्र जितना रोमांचक है उतनी ही मेहनत भी मांगता है। सौ मस्तिष्कों की क्षमता वैसे आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस ने मानवीय कार्य को काफी सुविधाजनक बना दिया है। सौ मस्तिष्कों की क्षमता वाला कार्य मात्र एक ही कम्प्यूटर सुलभ कर सकता है। यह बात गणनाओं व तर्कों के संदर्भ में है। पिछले कुछ सालों मंष कारखानों में भी रोबोट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इससे उत्पादन को कई गुना बढ़ाने में मदद मिली है। स्टील, लैदर या गैस उत्पादों से संबंधित कारखानों में रोबोट का प्रयोग बड़े पैमाने में किया जा रहा है। इतना ही नहीं अब तो सीमावर्ती दुर्गम पहाड़ी और बर्फीले इलाकों में चैकसी के लिए भी रोबोट का इस्तेमाल किया जाने लगा है और इसके लिए बाकायदा रोबोट आर्मी भी बनाई जाने लगी है। इसके अलावा न्यूक्लियर साइंस, समुद्री खोज आदि में भी रोबोट का खूब इस्तेमाल हो रहा है। रोबोटिक्स और आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस में रुचि रखने वाले युवा इस क्षेत्र में शानदार करियर बना सकते हैं। आज रोबोट का इस्तेमाल एंटी बम्ब स्क्वॉयड, रैस्क्यू आॅप्रेशन, मानवरहित विमान, कार व रेल चलाने, घरेलू नौकर, सुरक्षागार्ड आदि के रूप में भी खूब किया जा रहा है। जिस तरह इसका प्रयोग बढ़ रहा है उसे देखते हुए अगर आने वाले समय में हर काम रोबोट करता हुआ दिखाई दे तो इसमें कोई ताज्जुब वाली बात नहीं होगी। यहां से कर सकते हैं कोर्स -सैंटर फॉर आर्टीफीशियल इंटैलीजैंस एंड रोबोटिक्स, बैंगलुरू। -नैशनल इंस्टीच्यूट आॅफ इंजीनियरिंग, कर्नाटक। -इंडियन इंस्टीच्यूट आॅफ इन्फर्मेशन टैक्नोलॉजी, इलाहाबाद।  

प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी आपकी सफलता : मुख्यमंत्री साय

रायपुर,  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज बलरामपुर जिले के चयनित 26 अग्निवीरों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, गांव और जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अग्निवीर योजना युवाओं को सेना में शामिल होकर देशसेवा का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशप्रेम की भावना से ही सफलता की नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सेना में शामिल होकर ये युवा सीमाओं की रक्षा करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगे। इस अवसर पर बलरामपुर जिले के चयनित अग्निवीरों में पिंकू पैकरा, जिन्दल, विकाश पैकरा, प्रकाश सिंह, खेल साय, आर्यन, देव नंन्दन पन्ना, नरेन्द्र यादव, रंजीत केरकेट्टा, रमेश पैकरा, प्रियांशु, सनोज, निकिता नरसिंह, शशि किरण, सोहन लाल, महेन्द्र पैकरा, मिथलेश पैकरा, छोंटू, बज्जू पैकरा, पंकज, विवेक पैकरा, विधायक पैकरा, किशुन पैकरा, सोभनाथ पैकरा, अमित कुजूर और एंजेल लकड़ा शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने अतिथि शिक्षक  सुदर्शन यादव और उनकी टीम के निःशुल्क सेना भर्ती प्रशिक्षण के उल्लेखनीय प्रयासों की भी सराहना की। उनके प्रशिक्षण से लाभान्वित 30 युवाओं में से 26 युवा अग्निवीर भर्ती में चयनित हुए हैं।  

बिहार चुनाव के मद्देनजर जीतन राम मांझी ने NDA को दी चुनौती, मंत्री पद छोड़ने की चेतावनी

पटना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के अंदर क्या सबकुछ ठीक नहीं है? सीट बंटवारे को लेकर कोई गतिरोध नहीं होने का दावा तो बेकार लग रहा है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सीधे नहीं, लेकिन संकेतों में सीट को लेकर अपनी जिद का इजहार कर ही रहे। अब, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सीधे शब्दों में कह दिया है कि एनडीए के साथ रहते हुए लड़ने के लिए बिहार विधानसभा की 20 सीटें नहीं मिलीं तो वह 100 सीटों पर प्रत्याशी उतार देंगे। तो क्या जीतन राम मांझी बिहार चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री की कुर्सी छोड़ सकते हैं? और, आखिर इस जीत के पीछे की वजह क्या है? इस जिद के पीछे की वजह पहले जाननी चाहिए जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा- सेक्युलर के अभी चार विधायक हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के पहले उसके पास एक विधायक की ताकत थी। 2020 के चुनाव में उसे तीन सीटों का फायदा हुआ और विधायकों की संख्या हो गई चार। मांझी की पार्टी ने एनडीए समर्थन के साथ सात सीटों पर प्रत्याशी दिए थे। इनमें से एक पर जमानत जब्त हो गई थी। दरअसल, मांझी की पार्टी चार विधायकों और एक सांसद के बावजूद भारत निर्वाचन आयोग के लिए एक 'निबंधित गैर-मान्यताप्राप्त दल' है। निबंधित मान्यता प्राप्त दल बनने के लिए उसे बिहार में आठ विधायकों वाली पार्टी का ओहदा हासिल करना है। आठ या 10 सीटों पर लड़कर यह संभव नहीं है। ऐसे में आठ सुनिश्चित जीत के लिए 15 से 20 सीटों पर प्रत्याशी उतारना उसके लिए जीवन-मरण का प्रश्न है। केंद्रीय मंत्री की कुर्सी छोड़ने की हिम्मत जुटाएंगे? इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के साथ मंत्री की कुर्सी संभालने वाले कुछ नेताओं को याद करना होगा। बिहार में उपेंद्र कुशवाहा इसका बड़ा उदाहरण हैं। वह केंद्रीय राज्यमंत्री थे, लेकिन कुर्सी छोड़ बिहार चुनाव में कूदे और लंबे समय तक वजूद की लड़ाई लड़ने के बाद फिर भाजपा की शरण में हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड को भारतीय जनता पार्टी से दूर करने में कथित तौर पर अहम भूमिका निभाने वाले राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह केंद्रीय मंत्री बनकर वापस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शान में कसीदे गढ़ते नजर आ रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में एनडीए से अलग होकर सरकारी आवास तक से बाहर रहने का दर्द झेल चुके चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री बनकर अब एनडीए से कभी दूर नहीं होने की बात कहते हुए सीटों के लिए संकेत भर दे रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के पहले केंद्रीय मंत्री का पद छोड़कर भागे पशुपति कुमार पारस तब से अब तक वजूद की ही लड़ाई लड़ रहे हैं। अब जाकर इंडी एलायंस में ठौर मिलने का संकेत मिला है। इन केस स्टडी को आधार बनाकर चाणक्य इंस्टीट्यू ऑफ पॉलिटिकल राइट्स एंड रिसर्च के अध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा पक्के तौर पर कहते हैं-  "चार विधायकों और इकलौते सांसद वाली अपनी पार्टी को जीतन राम मांझी जितनी सीट दिला सकें, वही उनके लिए फायदेमंद रहेगा। वह खुद केंद्र में मंत्री हैं और बेटे राज्य में। ऐसे में वह एनडीए से बाहर जाकर न तो चिराग पासवान वाली पिछली गलती करेंगे और न उपेंद्र कुशवाहा या पशुपति कुमार पारस जैसा कुछ।" 

एशिया कप 2025: पाकिस्तान ने जीता टॉस, भारतीय टीम करेगी गेंदबाजी

दुबई  एशिया कप 2025 का छठा मैच आज भारत-पाकिस्तान के बीच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया है. इस मुकाबले को लेकर फैंस का जोश हाई है. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहली बार है, जब दोनों देश एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे. इस मुकाबले से पहले टीम इंडिया ने इस टूर्नामेंट में एक मैच यूएई के खिलाफ खेला है. इसमें टीम इंडिया को जीत मिली थी. वहीं, पाकिस्तान की टीम ने भी ओमान को बड़े अंतर से हराया है. ऐसे में दोनों ही टीमें अपना पिछला मैच जीतकर इस मैच में आ रही हैं. इस मैच के लाइव स्कोरकार्ड के लिए आप इस पेज को लगातार रिफ्रेश करते रहें. पाकिस्तान की भारत के ख‍िलाफ प्लेइंग-11: पाकिस्तान की प्लेइंग-11: सैम अयूब, साहिबजादा फरहान, मोहम्मद हारिस (विकेटकीपर), फखर जमां, सलमान आगा (कप्तान), हसन नवाज, मोहम्मद नवाज, फहीम अशरफ, शाहीन आफरीदी, सूफियान मुकीम, अबरार अहमद.   भारत की पाकिस्तान के ख‍िलाफ प्लेइंग-11: अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती.

बवाल हुआ तूल: धर्मांतरण को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं और सभा में शामिल लोगों में भिड़ंत

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बार फिर धर्मांतरण का मामला सामने आया है. शहर के पद्मनाभपुर इलाके में रविवार को धर्मांतरण के आरोप को लेकर बड़ा बवाल हो गया. घर में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण कराए जाने की सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और सभा को रोक दिया. इस दौरीन सभा में मौजूद लोगों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी बढ़ी और मामला मारपीट तक पहुंच गया. आरोप है कि इस दौरान हिंदू महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया. जानकारी के मुताबिक, बाफना मंगलम के पास मकान में प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी. पड़ोसियों ने इसकी सूचना बजरंग दल को दी. आरोप था कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराया जा रहा है. बजरंग दल से ज्योति शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और जय श्रीराम के नारे लगाने लगे. साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ भी शुरू कर दिया. बजरंग दल कार्यकर्ताओं का कहना है कि ईसाई समुदाय लगातार धर्मांतरण कराया जा रहा है. आरोप लगाया कि जॉन नामक व्यक्ति ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से हाथापाई की. बजरंग दल की छत्तीसगढ़ इकाई के कार्यकर्ता ज्योति शर्मा ने कहा कि जॉन इस तरह के मामलों में हमेशा सक्रिय रहता है और उसे बाहर से फंडिंग मिल रही है. प्रशासन से मांग की कि जॉन को जिला बदर किया जाए, अन्यथा आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा. साथ ही उसकी बैंक डिटेल की जांच करने की भी मांग उठाई. स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस मौके पर पहुंची. लेकिन जब पुलिस पादरी को अपने साथ थाने ले जाने लगी, तो भीड़ ने गाड़ी को रोकने का प्रयास किया. पुलिस को अतिरिक्त बल बुलानी पड़ी, जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया गया. दुर्ग शहर एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुलिस टीम को प्रार्थना सभा की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंचने पर बजरंग दल और ईसाई समाज के लोग आपस में भिड़ गए और कानून-व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो गई. दोनों पक्षों को समझाइश दी गई है और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है. पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. इधर बजरंग दल का कहना है कि अगर इस प्रकार की गतिविधियां जारी रहीं, तो वे बड़े आंदोलन की राह पकड़ेंगे.