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सिंगिंग सेंसेशन रिहाना बनीं तीसरी बार मां, घर आई छोटी राजकुमारी

लंदन   इंटरनेशनल पॉप सिंगर और ग्रैमी अवॉर्ड विनर रिहाना तीसरी बार मां बन गई हैं. सिंगर ने नन्ही राजकुमारी को जन्म दिया है. रिहाना ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए चाहने वालों के साथ गुड न्यूज शेयर की. फैन्स और सेलेब्स उन्हें मां बनने की बधाई दे रहे हैं.  तीसरी बार मां बनीं रिहाना  रिहाना की आवाज का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोलता है. फैन्स उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर भी एक्साइटेड रहते हैं. अब सिंगर ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए मां बनने की गुड न्यूज शेयर की है. वो और उनके पार्टनर रैपर A$AP Rocky बेटी के पेरेंट बन गए हैं. A$AP Rocky और रिहाना की बेबी गर्ल का नाम रॉकी आयरिश मेयर्स है, जिसका जन्म 13 सितंबर को हुआ.  इंस्टाग्राम पर शेयर की गई तस्वीर में रिहाना अपनी बेटी को गोद में लिए दिख रही हैं. दूसरी तस्वीर में पिंक बॉक्सिंग ग्लव्स नजर आ रहे हैं. इस पोस्ट को सिर्फ दो घंटे में पांच मिलियन से ज्यादा लाइक्स मिल गए हैं. लाइक्स की ये गिनती बढ़ती ही जा रही है, जिससे पता चलता है कि रिहाना के कितने चाहने वाले हैं.  रॉकी का नाम उनके पिता के स्टेज नेम से प्रेरित है. कपल के पहले से दो बेटे हैं – Riot and RZA. रिहाना ने अपनी प्रेग्नेंसी की खबर इस साल मेट गाला में कन्फर्म की थी. मेट गाला में वो बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए रेड कार्पेट पर पहुंची थीं. उनकी दूसरी प्रेग्नेंसी साल 2023 में सबके सामने आई थी, जब उन्होंने सुपर बाउल हाफटाइम शो में परफॉर्म किया था. अरबपति सिंगर हैं रिहाना  रिहाना का असली नाम रॉबिन फेंटी है. हाल ही में उनके पहले एलब्म ने 20 साल पूरे किए. 2016 के ऐंटी एल्बम के बाद से उन्होंने कोई नया स्टूडियो एल्बम रिलीज नहीं किया है. इसके बजाय उन्होंने अपने बिजनेस पर ध्यान दिया है, जिसमें फेंटी ब्यूटी कॉस्मेटिक लाइन और सैवेज एक्स फेंटी लिंजरी ब्रांड शामिल हैं. फोर्ब्स के मुताबिक, 37 साल की रिहाना की नेटवर्थ एक बिलियन डॉलर से ज्यादा है.  दो बेटों की मां रिहाना को चाहत थी कि उनकी एक बेटी हो और देखिए सिंगर की ये इच्छा भी पूरी हुई. 

योगी सरकार के नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को दी नई ऊंचाई

मिशन शक्ति-5  नीलम गुप्ता ने सैनिटरी पैड उद्यम से लिखी स्वावलंबन की कहानी  योगी सरकार के नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को दी नई ऊंचाई   नीलम ने सैनिटरी नैपकिन यूनिट से ग्रामीण महिलाओं को दिया रोजगार और सम्मान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं मिशन शक्ति के तहत आज नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की एक मिसाल बनकर उभर रही हैं। इसी के तहत भदोही जनपद में 33 वर्षीय नीलम गुप्ता चुपचाप एक क्रांति की अगुवाई कर रही हैं। एक स्नातक, पूर्व ग्राम प्रधान और एक समर्पित स्वयं सहायता समूह (SHG) ‘प्रगति समूह’ की सदस्य के रूप में, नीलम की यात्रा ग्रामीण महिलाओं की उन उभरती आकांक्षाओं को दर्शाती है, जो अब केवल जीविका के लिए समझौता करने को तैयार नहीं हैं।  वर्ष 2020 में, जब उनके 'प्रगति समूह' में मासिक धर्म स्वास्थ्य और आजीविका के अंतर पर चर्चा हुई, तब नीलम को एक ऐसा रास्ता दिखाई दिया, जो दोनों समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करता था। गाँव की अधिकांश महिलाओं के पास न तो सुलभ और किफायती सैनिटरी पैड की पहुँच थी और न ही वे सामाजिक कलंक के चलते उन्हें खरीदने में सहज थीं। साथ ही, सम्मानजनक रोजगार के अवसर भी सीमित थे। नीलम ने सोचा यदि एक उद्यम इन दोनों समस्याओं का हल बन सके तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। नीलम बताती हैं कि उनके लिए उद्यमिता केवल आय का साधन नहीं थी, बल्कि सामाजिक प्रभाव का एक माध्यम थी। आत्मनिर्भर क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) और स्वामी विवेकानंद शिक्षा समिति (SVSS) के सहयोग से डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स की पहल में भाग लेते हुए, महिलाओं द्वारा संचालित सैनिटरी नैपकिन उद्यम 'वंशिका लाइफकेयर' की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित एक निर्माता से थोक में सैनिटरी पैड मंगवाए, स्थानीय स्तर पर ब्रांडिंग और पैकेजिंग की व्यवस्था की इस मॉडल ने लागत को कम रखा और संचालन को गाँव के भीतर ही संभव बनाया। हालाँकि, किसी भी प्रथम-पीढ़ी की उद्यमी की तरह, नीलम की राह आसान नहीं रही। कच्चे माल की आपूर्ति, पैकेजिंग, ग्राहकों का आधार बनाना हर कदम पर नई चुनौतियाँ थीं। लेकिन हर सहकर्मी प्रशिक्षण, SHG बैठक और एक्सपोज़र विज़िट के साथ नीलम का आत्मविश्वास बढ़ता गया। 2024 तक, उन्होंने बड़ौदा यूपी बैंक से ₹10–12 लाख का ऋण प्राप्त कर लिया था।  SVSS द्वारा समर्थित वित्तीय नेटवर्किंग की मदद से और अपने स्वयं के कार्यबल का निर्माण शुरू किया। नीलम बताती हैं कि आज उनके साथ सात पूर्णकालिक कर्मचारी जुड़ी हैं जिसे वो रोजगार दी हैं। इसके अलावा अधिकतम माँग के समय में दस से अधिक अंशकालिक कर्मचारियों को इससे रोजगार मिलता है। उनकी टीम न केवल पैकेजिंग और वितरण का कार्य करती है, बल्कि मासिक धर्म स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान भी चलाती है। चार महिलाएँ घर-घर जाकर उत्पाद बेचती हैं, दो पुरुष कर्मचारी दुकानों तक आपूर्ति करते हैं और एक समर्पित प्रशिक्षक आस-पास के गाँवों और CLF में स्वास्थ्य सत्र आयोजित करता है। 'वंशिका लाइफकेयर' अब प्रति माह ₹40,000 से ₹60,000 तक का लाभ अर्जित कर रही है और पूरे समुदाय में सकारात्मक बदलाव की लहर फैला रही है। नीलम सिर्फ़ एक व्यवसाय नहीं चला रही हैं बल्कि वे एक सामाजिक व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं। उनका कार्य मासिक धर्म से जुड़ी वर्जनाओं को तोड़ता है, ग्रामीण महिलाओं के लिए गरिमामयी रोजगार के अवसर पैदा करता है और यह दर्शाता है कि "गैर-पारंपरिक" उद्यम कैसा हो सकता है। वे डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स द्वारा "उच्च-विकास वाले जमीनी स्तर की उद्यमी" के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। एक ऐसी महिला जो समुदाय की ज़रूरतों और संरचनात्मक बदलाव के बीच सेतु बनाकर एक स्केलेबल एवं सामाजिक रूप से प्रासंगिक मॉडल चला रही है। उन्होंने अपने पहले ऋण का पुनर्भुगतान समय पर कर लिया है, जिससे उनका CIBIL स्कोर बेहतर हुआ है और अब वे अपने SHG तथा ग्राम संगठन की अन्य महिलाओं को सक्रिय रूप से मार्गदर्शन दे रही हैं। नीलम का अगला लक्ष्य है नवाचार। वे अब उन महिलाओं के लिए पुन: प्रयोज्य सूती पैड्स की एक नई श्रंखला शुरू करने जा रही हैं, जो डिस्पोज़ेबल विकल्प नहीं खरीद सकतीं। साथ ही, वे सरकारी स्कूलों के साथ मिलकर स्वच्छता किट वितरित करने की संभावनाएँ भी तलाश रही हैं।   नीलम आज आज प्रदेश की उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं जो वंचित महिलाओं को सहायता प्राप्तकर्ता से समाधान निर्माता बना रही हैं। वित्तीय पहुँच, कौशल, डिजिटल दृश्यता और बाज़ार संपर्क जब इन्हें सही पारिस्थितिकी तंत्र समर्थन प्राप्त हो, तो नीलम जैसी ग्रामीण महिलाएँ यह सिद्ध करती हैं कि नवाचार केवल महानगरों या इनक्यूबेटरों से नहीं आता। कभी-कभी, यह एक ऐसी महिला से आता है, जिसके पास एक दृढ़ संकल्प, SHG का मज़बूत नेटवर्क और बदलाव का नेतृत्व करने का साहस होता है।

अदालत का सख्त फरमान: दरगाहों में CCTV कैमरे का विरोध पड़ेगा भारी

अजमेर अजमेर की विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का विरोध करने वालों पर अब कानूनी शिकंजा कसेगा। सिविल न्यायाधीश कनिष्ठ खंड एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम वर्ग (अजमेर पश्चिम) मनमोहन चंदेल ने दरगाह नाजिम को आदेश जारी करते हुए कहा कि परिसर में हर संभावित जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति या समूह इसका विरोध करता है तो उनके खिलाफ कलेक्टर और एसपी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। दरअसल, दरगाह के आस्ताना में खिदमत की बारी को लेकर खादिमों के बीच हुए विवाद के मामले में अदालत ने नाजिम से संबंधित जगह की सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत करने को कहा था, लेकिन नाजिम ने अदालत को बताया कि उस क्षेत्र में कैमरे नहीं लगे हैं, इसलिए फुटेज उपलब्ध नहीं है। अदालत ने इस तथ्य को गंभीरता से लेते हुए दरगाह में तत्काल कैमरे लगाने के निर्देश जारी किए। अदालत ने नाजिम को यह भी विकल्प दिया कि यदि वे दरगाह कमेटी के खर्चे पर कैमरे लगाना चाहते हैं तो पांच दिन के भीतर कलेक्टर और एसपी को लिखित याचिका देकर उनसे सहयोग मांग सकते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि कैमरों का संचालन दरगाह कमेटी को नियमानुसार करना होगा। फैसले में अदालत ने कहा कि दरगाह परिसर में कैमरे लगाने का विरोध स्वार्थवश किया जाता है, जबकि भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर सुविधा और सुरक्षा की दृष्टि से कैमरे जरूरी हैं। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी फुटेज विवादों के समाधान में बेहद मददगार साबित होते हैं। इसलिए कलेक्टर और एसपी से अपेक्षा की जाती है कि वे दरगाह कमेटी की मदद करें और विरोध करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करें। गौरतलब है कि अजमेर दरगाह में 2007 से सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। फिलहाल परिसर के करीब 75 प्रतिशत हिस्से को 57 कैमरों से कवर किया गया है। लेकिन आस्ताना सहित 25 प्रतिशत एरिया अब भी कैमरों की पहुंच से बाहर हैं। केंद्र सरकार ने सुरक्षा कारणों से आस्ताना में भी कैमरे लगाने की कवायद शुरू की थी, मगर दरगाह के एक बड़े पक्ष द्वारा इसका विरोध किया गया। अब अदालत के सख्त रुख के बाद दरगाह परिसर में शेष हिस्सों, विशेषकर आस्ताना में, सीसीटीवी लगाने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार भी आगामी 814वें उर्स से पहले दरगाह में सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने की दिशा में कदम उठा रही है। अदालत के इस आदेश से स्पष्ट है कि दरगाह परिसर में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना अब टाली नहीं जा सकेगी और विरोध करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बाघ, भालू और तेंदुए के दीदार का मौका: पेंच रिजर्व में प्रवेश शुल्क में 10% बढ़ोतरी

छिंदवाड़ा पेंच टाइगर रिजर्व (Pench Tiger Reserve) के कोर एरिया के तीनों गेट (जमतरा, कर्माझिरी और दूरिया) एक अक्टूबर से खुल जायेंगे। तीन माह बाद पयर्टक सफारी का लुफ्त उठाने के साथ बाघ का दीदार कर सकेंगे। हालांकि इस बार उन्हें दस प्रतिशत अधिक प्रवेश और गाइड की बढ़ी हुई फीस देनी होगी। तीन साल बाद शासन ने पेंच टाइगर रिजर्व में इंट्री फीस और गाइड की फीस बढ़ा दी है। इससे पहले वर्ष 2021 में फीस बढ़ाई गई थी। बता दें कि पेंच टाइगर रिजर्व का मुख्य (कोर) क्षेत्र मानसून सत्र के दौरान एक जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटकों के लिए बंद रहता है। इस अवधि में टाइगर रिजर्व में सड़कों का रखरखाव और संरक्षण कार्य किए जाते हैं। लेकिन पर्यटको को बफर जोन में घूमने का मौका मिलता है। बफर एरिया में जानवरों की चहल-कदमी कम होती है। जबकि कोर जोन में अधिक रहती है। ऐसे में देश विदेश के पर्यटकों को कोर जोन के गेट खुलने का इंतजार रहता है। इसलिए प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व पंच टाइगर रिजर्व देश के बाघों के गढ़ में से एक है। भारत के मध्य में स्थित मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। पार्क में टाइगर, भारतीय तेंदुए भालू बारहसिंगा सहित जीव-जन्तु पाए जाते हैं। रुडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध नॉवेल जंगल बुकज में दर्शाए गए जंगल को पेंच टाइगर रिजर्व पर आधारित माना गया है। 2640 रुपए इंट्री और 800 रुपए गाइड शुल्क राज्य शासन ने पेंच टाइगर रिजर्व में प्रवेश फीस में वस प्रतिशत की वृद्धि की है। अभी तक कोर एरिया की प्रवेश फीस 2400 रुपए लगती थी, लेकिन एक अक्टूबर से 2640 रुपए भारतीय पर्यटकों से लिया जाएगा। विदेशी पर्यटकों को 4800 की जगह 5280 रुपए देने होंगे। इसके अलावा गाइड शुल्क 480 रुपए की जगह 800 रुपए निर्धारित किया गया है।  क्या है कोर और बफर एरिया हर नेशनल पार्क में कोर और बफर एरिया होता है। यह ऐसा क्षेत्र होता है जहां वन्यप्राणियों के रहने और जीवनशैली के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और भोजन उपलब्ध रहता है। वन क्षेत्र का सर्वाधिक घनत्व भी इसी क्षेत्र में देखने को मिलता है। किसी भी नेशनल पार्क में बीच के इलाके को कोर एरिया कहा जाता है। वहीं, कोर एरिया और करीबी ग्रामीण क्षेत्र के बीच का हिस्सा बफर जोन कहलाता है। इसमें कोर एरिया के मुकाबले जंगल और उसका घनत्व कम होता है।  एक अक्टूबर से पंच टाइगर रिजर्व के व के कोर एरिया के तीनों गेट खुल जाएंगे। पर्यटक सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। शासन ने प्रवेश फीस में दस प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।- रजनीश सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, पंच टाइगर रिजर्व

विवाद निपटारे की दिशा में बड़ा कदम: वित्त मंत्री ने लॉन्च किया GST अपीलेट ट्रिब्यूनल

नई दिल्ली  देशभर में जीएसटी विवादों के निपटारे के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलीय अधिकरण (GSTAT) का औपचारिक शुभारंभ नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया. इसके साथ ही करदाताओं को अब एक स्वतंत्र और विशेष मंच मिल गया है, जहां वे अपनी अपील प्रस्तुत कर सकेंगे. जीएसटी विवाद निपटारे के लिए समर्पित मंच जीएसटीएटी की स्थापना से करदाताओं को एकसमान, पारदर्शी और सुलभ अपीलीय प्रक्रिया उपलब्ध होगी. यह संस्था जीएसटी अपीलीय प्राधिकरणों के आदेशों के खिलाफ अंतिम अपील सुनने का काम करेगी. जीएसटीएटी का मुख्यालय नई दिल्ली में होगा, जबकि देशभर में 45 स्थानों पर 31 राज्य स्तरीय पीठें (बेंच) स्थापित की जाएंगी, ताकि करदाताओं को दूर-दराज़ से आकर अपील दायर न करनी पड़े. स्पष्ट भाषा और डिजिटल सुविधा पर जोर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कार्यक्रम में कहा कि जीएसटीएटी का फोकस स्पष्टता और दक्षता पर रहेगा. फैसले आसान और सरल भाषा में लिखे जाएंगे, फाइलिंग की प्रक्रिया डिजिटल-फर्स्ट होगी और सुनवाई तेज़ी से पूरी की जाएगी. साथ ही ‘ई-कोर्ट्स पोर्टल’ भी लॉन्च किया गया है, जिससे अपीलों को ऑनलाइन दायर और ट्रैक किया जा सकेगा. उन्होंने कहा, “जीएसटी विवादों का समयबद्ध समाधान एमएसएमई और निर्यातकों के लिए नकदी प्रवाह को आसान बनाएगा. सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है और जीएसटी को सरलता और Ease of Living के सिद्धांतों पर लगातार विकसित किया जाएगा.” ‘वन नेशन, वन फोरम’ की ओर कदम सीतारमण ने बताया कि जीएसटीएटी वास्तव में 2017 में शुरू हुए “वन नेशन, वन टैक्स, वन मार्केट” को आगे बढ़ाते हुए “वन नेशन, वन फोरम फॉर फेयरनेस एंड सर्टेनिटी” की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि यह न केवल कारोबार करने की आसानी (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देगा बल्कि न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा. संरचना और कार्यप्रणाली हर बेंच में दो न्यायिक सदस्य और दो तकनीकी सदस्य होंगे—एक केंद्र से और एक राज्य से. इस तरह प्रत्येक अपील में कानूनी और प्रशासनिक दृष्टिकोण का संतुलन बना रहेगा. नेताओं और विशेषज्ञों की राय इस मौके पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, “जीएसटी अपीलीय अधिकरण से हम हर करदाता को आश्वस्त करना चाहते हैं कि आपकी अपील सुनी जाएगी, आपके अधिकार सुरक्षित रहेंगे और न्याय में देरी नहीं होगी. जीएसटी अब केवल गुड एंड सिंपल टैक्स ही नहीं, बल्कि निष्पक्ष और भरोसेमंद कर प्रणाली बनेगा.” जीएसटीएटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि यह अधिकरण लंबित अपीलों के बोझ को कम करेगा और भविष्य के विवादों के लिए न्यायिक व्याख्या तय करेगा. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग की सराहना की और विश्वास जताया कि यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा. जीएसटीएटी क्यों ज़रूरी? जीएसटीएटी एक सांविधिक निकाय है जो जीएसटी कानूनों के अंतर्गत गठित किया गया है. यह करदाताओं को कर विवादों के समाधान के लिए स्वतंत्र और अंतिम मंच प्रदान करेगा. इसका उद्देश्य न केवल विवाद निपटाना है, बल्कि कारोबारियों और नागरिकों के लिए समय पर, सरल और पारदर्शी न्याय सुनिश्चित करना भी है.

सोनभद्र में झारखंड का कुख्यात नक्सली दबोचा गया, सुरक्षाबलों से हुई मुठभेड़ में था सक्रिय

रांची उत्तर प्रदेश के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने झारखंड के कुख्यात, 5 लाख रुपये के इनामी नक्सली को सोनभद्र जिले में गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएस ने पांच लाख रुपये के इनामी नक्सली उमेश खरवार उर्फ नगीना उर्फ डॉक्टर को मंगलवार की शाम सोनभद्र जिले में झारखंड की सीमा के नजदीक गिरफ्तार किया। अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने बताया कि विगत 14 सितंबर को पलामू में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में खरवार भी पकड़ा गया था, लेकिन वह किसी तरह बचकर भाग निकला था। उन्होंने बताया कि झारखंड एटीएस को पता लगा था कि खरवार उत्तर प्रदेश में कहीं छुपा है। यह जानकारी उन्होंने उत्तर प्रदेश के एटीएस को दी जिसके आधार पर एटीएस ने मोबाइल सर्विलांस एवं अन्य माध्यमों से जानकारी ली और मंगलवार को सोनभद्र जिले में झारखंड की सीमा पर स्थित गांव से खरवार को गिरफ्तार कर लिया।  

हैंडशेक विवाद पर थरूर का संदेश – ‘शांति के लिए जरूरी है व्यवहार में समझदारी’

 नई दिल्ली एशिया कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान के आमने-सामने होने की संभावना के बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय खिलाड़ियों की ओर से पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हाथ न मिलाने को लेकर उठे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.  बातचीत में थरूर ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ भावनाएं समझ में आती हैं, लेकिन खेल की भावना को राजनीति और सैन्य संघर्ष से अलग रखना चाहिए. उन्होंने कहा, 'व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि अगर हमें पाकिस्तान के खिलाफ इतना गुस्सा है, तो हमें खेलना ही नहीं चाहिए था. लेकिन अगर हम खेल रहे हैं, तो खेल की भावना के तहत खेलना चाहिए और उनसे हाथ मिलाने चाहिए थे. हमने यह पहले 1999 में भी किया था, जब करगिल युद्ध चल रहा था. उसी दिन जब हमारे सैनिक देश के लिए जान गंवा रहे थे, हम इंग्लैंड में वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेल रहे थे. तब भी हमने उनसे हाथ मिलाया था क्योंकि खेल की भावना अलग होती है और इसका देशों या सेनाओं के बीच चल रहे संघर्ष से कोई संबंध नहीं होता. यह मेरी राय है.' 'दोनों पक्षों में दिख रही खेल भावना की कमी' कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं से खेल भावना की कमी झलक रही है. उन्होंने कहा, 'अगर पाकिस्तानी टीम ने पहले अपमानित होने के बाद दूसरी बार हमें अपमानित किया, तो यह दर्शाता है कि दोनों पक्षों में खेल भावना की कमी है.' गौरतलब है कि गुरुवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों साहिबजादा फरहान और हारिस रऊफ के खिलाफ एशिया कप सुपर फोर मुकाबले (21 सितंबर) में उनके अनुचित व्यवहार के लिए आधिकारिक शिकायत दर्ज की. BCCI ने इसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट के पास भेजा. भारतीय टीम ने दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

‘मेक इन इंडिया’ को नई रफ्तार, पीएम मोदी बोले – अब चिप से शिप तक सब भारत में बनेगा

नोएडा  पीएम मोदी ने नोएडा में इंडिया एक्सपो मार्ट में गुरुवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का शुभारंभ किया। उन्होंने कारोबारियों से कहा कि हम चिप से शिप तक भारत में बनाना चाहते हैं। इसलिए अपना बिजनेस मॉडल ऐसा बनाइए जो आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देता हो। बदलती हुई दुनिया में जो देश जितना ज्यादा दूसरों पर निर्भर रहेगा, उसकी ग्रोथ उतनी ही कॉम्प्रोमाइज रहने वाली है। इसलिए भारत को किसी पर निर्भर रहना अब मंजूर नहीं है। भारत को आत्मनिर्भर बनाना होगा। इससे पहले पीएम ने कारोबारियों से बात की। मोदी प्रोड्यूसर बोनी कपूर और उनके बेटे अर्जुन से भी मिले। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रेड शो के उद्घाटन के दौरान कहा कि इस ट्रेड शो का लक्ष्य देश को आत्मनिर्भर बनाना है. ‘मेक इन इंडिया’ पर हमारा जोर है. हम किसी भी चीज को लेकर दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहते. चिप से शिप तक भारत में ही बनाना चाहते हैं. उन्होंने अपने भाषण में कहा कि हम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं. पीएम ने बताया कि इस बार इंटरनेशनल ट्रेड शो में रूस भारत का साझेदार होगा. स्टॉल में लगेगा एक जिले का एक उत्पाद आयोजकों ने बताया कि हॉल नंबर-9 में सजने वाला एक जिला एक उत्पाद पवेलियन 343 स्टॉल हर जिले का एक फेमस उत्पाद पेश करेगा, जिसमें भदोही का कालीन, फिरोजाबाद का ग्लासवर्क, मुरादाबाद का मेटलवेयर और सहारनपुर की नक्काशी जैसे उत्पाद शामिल होंगे, जो ‘लोकल से ग्लोबल’ बनने तक की यात्रा को नई दिशा देंगे. आयोजकों ने बताया कि यह पवेलियन न केवल शिल्प और हस्तकला को वैश्विक पहचान देगा, बल्कि स्टार्टअप, डिजाइनरों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए नेटवर्किंग, व्यापारिक सौदे और साझेदारी के अवसर भी खोलेगा. रूस होगा भागीदार देश इस ट्रेड शो में इस बार रूस बतौर भागीदार देश शामिल हो रहा है. 26 सितंबर को रूसइंडिया बिजनेस डायलॉग आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत और रूस के उद्योगपतियों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों, शिक्षा क्षेत्र और सरकारी नीति-निर्माताओं के लिए एक साझा मंच उपलब्ध होगा. यह मंच उत्तर प्रदेश के उद्योगों और कारोबारियों के लिए एक नया अवसर लेकर आएगा. हर संस्करण को मिली सफलता इस ट्रेड शो के पहले संस्करण का उद्घाटन 2023 में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने किया था. दूसरे संस्करण का उद्घाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा किया गया. वहीं आज इस मेगा ट्रेड शो का तीसरा संस्करण आयोजित हुआ है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया. हमारा संकल्प, हमारा मंत्र है – 'आत्मनिर्भर भारत' पीएम मोदी ने कहा, "आज भारत 2047 तक विकसित होने की लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। दुनिया में हो रहे विघटन और अनिश्चितता के बावजूद, भारत की वृद्धि आकर्षक है। विघटन हमें गुमराह नहीं करता; उस स्थिति में भी, हम नई दिशाएं खोजते हैं। इसलिए, इन विघटनों के बीच, आज भारत आने वाले दशकों की नींव को मजबूत कर रहा है। हमारा संकल्प, हमारा मंत्र है – आत्मनिर्भर भारत"। उन्‍होंने कहा, "आज सरकार मेक इन इंडिया, मैन्युफैक्चरिंग पर इतना जोर दे रही है। हम चिप से लेकर जहाज तक, सब कुछ भारत में बनाना चाहते हैं, इसलिए हम आपके व्यापार में आसानी के लिए काम कर रहे हैं। सरकार आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है, लेकिन सरकार की कुछ अपेक्षाएं भी हैं कि आप जो भी निर्माण कर रहे हैं, वह सर्वोत्तम गुणवत्ता का हो। आज देशवासियों के मन में ये बात है कि स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता निरंतर बेहतर हो, इसलिए गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।" भारत को आत्मनिर्भर बनाना ही होगा- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, 'हर वो प्रोडक्ट जो हम भारत में बना सकते हैं… वो हमें भारत में बनाना है। क्‍योंकि हमें हर हाल में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्‍होंने कहा, आज पूरे भारत में जितने मोबाइल फोन बनते हैं, उसमें से 55% मोबाइल उत्तर प्रदेश में बनते हैं। यूपी अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती देगा। यहां से कुछ किलोमीटर दूर ही एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैसिलिटी पर काम शुरू होने वाला है। यह ट्रेड शो 25 से 29 सितंबर तक चलेगा, जिसमें 75 से अधिक देशों के 2,400 से ज्यादा प्रदर्शक, 1.25 लाख B2B विजिटर्स और 4.5 लाख B2C विजिटर्स हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नोएडा में कई रास्तों को डायवर्ट भी किया गया है। यूपी ट्रेड शो से जुड़े बड़े अपडेट जानने के लिए बने रहिए लाइव हिंदुस्तान के साथ। उन्‍होंने देशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि 'मैं आप सभी का आह्वान करता हूं — यूपी में निवेश कीजिए, यूपी में मैन्युफैक्चर कीजिए। यहां लाखों MSMEs का मजबूत नेटवर्क है, उनका सामर्थ्य इस्तेमाल कीजिए और एक कंप्लीट प्रोडक्ट यहीं तैयार कीजिए। इसके लिए हर मदद के साथ यूपी सरकार और भारत सरकार आपके साथ है। सेनाएं भी चाहती हैं मेक इन इंडिया पीएम मोदी ने कहा, हमारी सेनाएं स्वदेशी चाहती हैं और दूसरों पर निर्भरता को कम करना चाहती हैं। इसलिए हम भारत में ही एक वाइब्रेंट डिफेंस सिस्टम विकसित कर रहे हैं, पुर्जे पुर्जे पर मेड इन इंडिया की छाप हो, हम ऐसा एक इकोसिस्टम बना रहे हैं, और यूपी इसमें भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। उन्‍होंने कहा, "आज, भारत रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म की प्रतिबद्धता के साथ अपने उद्योग, व्यापारियों और नागरिकों के साथ खड़ा है। तीन दिन पहले GST में अगली पीढ़ी के सुधार लागू हुए। GST में ये बदलाव संरचनात्मक सुधार हैं जो भारत की विकास गाथा को नई उड़ान देंगे। ये GST पंजीकरण को सरल बनाएंगे, कर विवादों को कम करेंगे और एमएसएमई को तेजी से रिफंड सुनिश्चित करेंगे।" पहले और दूसरे आयोजन के दौरान यूपीआईटीएस ने आकार, संख्या और प्रभाव में दोगुना प्रगति की है. पहले आयोजन में लगभग 2 हजार प्रदर्शक और 400 विदेशी खरीदार आए थे, जबकि दूसरे संस्करण में 2 हजार से अधिक प्रदर्शक और 350 विदेशी खरीदार थे. इसके अलावा पांच लाख विजिटर्स भी शामिल हुए थे. इस मेगा ट्रेड शो के दौरान 2,200 करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात ऑर्डर हुए थे, जिस वजह से निवेश और निर्यात का केंद्र बनाया गया. उम्मीद लगाई जा रही है कि इस तीसरे संस्करण में 2,500 से ज्यादा प्रदर्शक, 500 … Read more

कटघोरा में गोलियों की ताबड़तोड़, लोगों में दहशत; एक आरोपी गिरफ्तार

कोरबा कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के कसनिया गांव में फायरिंग का मामला सामने आया है। हमलावर ने घर और दुकान पर गोली चलाई। इस घटना में मौके पर एक कारतूस गिरा मिला। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने घटनास्थल का दौरा किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है, और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। अभी तक घटना का कारण अज्ञात है। मकान मालिक वसीम मेमन ने बताया कि वह घर के अंदर था इस दौरान दो गोली चलने की आवाज आई, उसे अनहोनी होने की आशंका हुई और वह घर से बाहर निकाला। गोली की आवाज सुनकर हड़कंप मच गया। एक गोली घर के शटर पर लगी। वहीं, दूसरी गली अंदर के मुख्य द्वार पर लगी। गोली चलाने वाले दो लोग थे जो बाइक पर सवार होकर आए हुए थे। वसीम मेमन ने बताया कि उसके छोटे भाई का कोर्ट में मामला चल रहा है। इसके बाद से विवाद की स्थिति बनी हुई है आशंका जताई जा रही है कि उसे ही जुड़े कुछ लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया होगा। घटना की सूचना मिलते ही कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी मौके पर पहुंचे और पुलिस के अधिकारी भी उपस्थित रहे। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस की तत्परता से एक आरोपी को हिरासत में दिया गया है, उससे पूछताछ की जा रही है।

CBI का बड़ा एक्शन: MP के दो पुलिसकर्मियों पर कस रहा शिकंजा, इनाम घोषित

गुना  सीबीआई ने मध्य प्रदेश के गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में देव पारधी की हिरासत में मौत के मामले में दो फरार पुलिसकर्मियों संजीत सिंह मावई और उत्तम सिंह कुशवाहा की घेरेबंदी तेज कर दी है। सीबीआई ने इन दोनों की जानकारी देने वालों को दो-दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। सीबीआई का यह कदम इस केस में सुप्रीम कोर्ट की कठोर टिप्पणियों के बाद सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि मावई घटना के समय नगर निरीक्षक और कुशवाहा सहायक उप निरीक्षक के पद पर थे। दोनों को देव पारधी की हिरासत में हुई संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी बनाया गया है। बता दें कि देव पारधी को चोरी के आरोप में हिरासत में लिया गया था। सीबीआई पहले ही इस मामले में उप निरीक्षक देवराज सिंह परिहार, नगर निरीक्षक जुबैर खान और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार कर चुकी है। इन आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। मावई और कुशवाहा अब भी फरार हैं। सीबीआई की प्रवक्ता ने कहा कि इन दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। इन दोनों को भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा चुका है। देव पारधी को चोरी के आरोप में उसके चाचा गंगाराम के साथ हिरासत में लिया गया था। देव पारधी की मां का आरोप है कि उसके बेटे को आरोपियों ने टॉर्चर कर के मार डाला। वहीं पुलिस का दावा है कि आरोपी की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में फरार पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार नहीं करने पर CBI को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने एजेंसी से पूछा कि अप्रैल से फरार चल रहे संजीव सिंह मावई और उत्तम सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार करने में क्या दिक्कत आ रही है। अदालत ने CBI को चेतावनी दी थी कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं की गई तो अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।