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जब एक-दूसरे पर गिर पड़े लोग… रैली में मौजूद गवाहों ने बताई सच्चाई

करूर तमिलनाडू के करूर में तमिलगा वेत्री कजगम (TVK) चीफ ऐक्टर विजय की रैली में मची भगदड़ में अब तक 39 लोगों की मौत हो गई है। वहीं रैली में मौजूद लोगों का कहना है कि जब भीड़ में अफरा-तफरी मचनी शुरू हुई तो समझ में ही नहीं आ रहा था कि यह भगदड़ कैसे रुकेगी। इतनी ज्यादा भीड़ में किया भी क्या जा सकता था। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शी नंद कुमार ने कहा, हम भी वहां मौजूद थे। भीड़ को नियंत्रित करने का कोई रास्ता ही नहीं था। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विजय रैली स्थल पर दोपहर में ही पहुंचने वाले थे, हालांकि उन्हें पहुंचने में 6 घंटे की देरी हो गई। कुमार ने कहा, सबको यही लगा था कि रैली समय से शुरू होगी और इसीलिए लोग बच्चों को भी साथ लेकर गए थे। लोग भूख-प्यास से परेशान होने लगे। उन्होंने कहा, सुरक्षा का इंतजाम होने के बाद भी भीड़ इतनी थी कि स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने कहा, जब भगदड़ मची तो कहीं इतनी जगह भी नहीं थी कि ऐंबुलेंस पहुंच सके। ऐसे में राहत-बचाव में भी देरी हुई। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, हम मदद के लिए चिल्ला रहे थे लेकिन कोई हिलने-डुलने में भी सक्षम नहीं था। लोग एक दूसरे पर गिर रहे थे। हम सांस भी नहीं ले पा रहे थे। एक पिता अपनी 12 साल की बेटी को लेकर रैली में आया था। उन्होंने कहा, वह केवल बेहोश हुई थी। मुझे लगा सब ठीक हो जाएगा। लेकिन उसकी मौत हो गई। बता दें कि करूर-एरोड हाइवे पर वेलुसमीपुरम में ऐक्टर विजय की रैली आयोजित की गई थी। यहां वह भाषण देने आने वाले थे। शाम के 8 बजे के करीब उनका भाषण शुरू हुआ को ग्राउंड में कहीं पैर रखने की जगह नहीं थी। अनुमान से तीन गुना ज्यादा लोग वहां मौजूद थे। ऐक्टर विजय ने घटना पर दुख जताया है। वहीं तमिलनाडु के सीएम ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है।

भारी भगदड़ के बाद विजय का बड़ा कदम, पीड़ित परिवारों को मिलेगी आर्थिक मदद

करूर करूर में भगदड़ के बाद तमिलगा वित्रा कजगम (TVK) चीफ और ऐक्टर विजय ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि इस रैली में जिन लोगों की जान गई है उनके परिवारों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। बता दें कि शनिवार को तमिलनाडु के करूर में मची भगदड़ में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये देने का ऐलान किया था। शनिवार को ऐक्टर से राजनेता बने विजय ने एक बड़ी रैली का आयोजन किया था। इसमें 10 हजार लोगें के पहुंचने का अनुमान था। हालांकि पहुंचने वालों की संख्या 27 हजार को भी पार कर गई। लोग सुबह से ही विजय का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में वे गर्मी और भूख-प्यास से परेशान थे। ऐक्टर विजय शाम को 7 बजे के बाद पहुंचे। उनके भाषण के दौरान ही लोग बेहोश होकर गिरने लगे और भगदड़ मच गई। इसमें करीब 39 लोगों की मौत हो गई और 100 के करीब लोग घायल हो गए। घटना को लेकर राजनीति गलियारों में आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को ही तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से करूर में अभिनेता एवं टीवीके प्रमुख विजय की रैली में मची भगदड़ के बाद की स्थिति की जानकारी ली और उन्हें स्थिति से निपटने के लिए हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना पर तमिलनाडु सरकार से रिपोर्ट भी मांगी है। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव के. पलानीस्वामी ने रविवार को दावा किया कि शनिवार को यहां टीवीके की राजनीतिक रैली में हुई भगदड़ पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा में हुई चूक का सबूत है। पलानीस्वामी ने कहा कि अगर पुलिस और राज्य सरकार ने पर्याप्त एहतियाती कदम उठाए होते तो ऐसी ‘‘त्रासदी’’ टाली जा सकती थी। इस हादसे में 39 बेकसूर लोगों की जान चली गई और 51 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पलानीस्वामी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सभा में सुरक्षा चूक के सबूत हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण अफरा-तफरी और भगदड़ मची। टीवीके को अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए एहतियाती कदम उठाने चाहिए थे, क्योंकि उसने अब तक चार सभाएं की हैं।’’  

बेरोजगारी पर RSS नेता का अनोखा फार्मूला: घुसपैठियों को मुस्लिम देशों में बांट दें

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार देश में रोहिंग्या और अन्य घुसपैठियों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि भारत में मौजूद सभी घुसपैठियों को मुस्लिम देशों में बांट दिया जाए तो देश के मुसलमानों की बेरोजगारी की समस्या का समाधान हो सकता है। इंद्रेश कुमार ने यहां के तालकटोरा स्टेडियम में एमआरएम के अखिल भारतीय मुस्लिम महासम्मेलन में बोलते हुए पाकिस्तान और बंगलादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की गारंटी की मांग की और अत्याचार रोकने के लिए वहां के सरकार से कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार जैसे राज्यों में रोहिंग्या सहित अवैध घुसपैठियों की मौजूदगी पर चिंता जताते हुए इसे भारतीय मुसलमानों की रोजगार और संसाधनों की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उन्होंने घुसपैठ की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "घुसपैठिए नौकरी करेंगे तो यहां का मुसलमान कैसे रोजगार हासिल कर पाएंगे?" इस दौरान उन्होंने कहा, 'आतंकवाद किसी धर्म का नहीं बल्कि शैतानियत का नाम है। हम हिन्दुस्तानी थे, हैं और रहेंगे। हमारी पहचान कोई छीन नहीं सकता।' इस कार्यक्रम में कुमार के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदम्बिका पाल, भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी,ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी, अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती सहित काफी संख्या में बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, नशामुक्ति और राष्ट्रीय एकता के लिए संगठित और आक्रामक अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान पाल ने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने हमेशा राष्ट्र-विरोधी ताकतों का जवाब दिया है और देश को जोड़ने का काम किया है। उन्होंने वक्फ संशोधन अधिनियम की सराहना करते हुए कहा कि सरकार वक्फ की एक-एक इंच जमीन का डिजिटलीकरण कर रही है ताकि उसे मुसलमानों की तरक्की में लगाया जा सके। संसद और सरकार वक्फ सुधारों को पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह संशोधन मुस्लिम समाज के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। ख्वाजा नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा, "भारत दुनिया का सबसे न्यायप्रिय देश है, जहां हर नागरिक को बराबरी का अधिकार प्राप्त है।" उन्होंने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रयास समाज में भरोसा और सद्भाव बढ़ाने का हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच अब केवल सुधार की बात नहीं करता बल्कि अब यह जमीनी स्तर पर बदलाव के लिए ठोस योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए काम कर रहा है। तालकटोरा स्टेडियम की यह गूंज आने वाले वर्षों में भारत के कोने-कोने तक पहुंचेगी l महासम्मेलन में मंच के सभी राष्ट्रीय संयोजक, प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय संयोजक, सभी प्रांतों के संयोजक सह संयोजक और महत्वपूर्ण पदाधिकारी मौजूद थे। मौजूद लोगों में अलग अलग वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और हज समितियों से जुड़े लोग भी थे। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने अपने 25 वर्षों के इतिहास में तीन तलाक समाप्ति, राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 तथा 35ए को हटाने, पीएफआई पर प्रतिबंध, वक्फ संशोधन कानून, तिरंगा यात्राएं और आतंकवाद विरोधी अभियान जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर निर्णायक भूमिका निभाई है।

PMO अधिकारी बनकर लोगों को ठगता था बाबा चैतन्यानंद, दिल्ली पुलिस ने किया पर्दाफाश

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज स्थित एक प्राइवेट कॉलेज में 17 छात्राओं से यौन शोषण करने के आरोपी स्वयंभू बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को आज सुबह उत्तर प्रदेश के आगरा के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल बाबा को वसंत कुंज थाने में रखा गया है। पुलिस आज दोपहर बाद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी। दिल्ली पुलिस ने बाबा के पास फर्जी विजिटिंग कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस के टॉप सूत्रों ने बताया कि बाबा PMO के नाम पर किसी से कॉल करवाता था। जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बाबा चैतन्यानंद को आगरा में ढूंढ निकाला। वह बीते 2 महीनों के दौरान यूपी के करीब 13 अलग-अलग होटलों में रुक चुका है। वह 2 महीने से वृंदावन, मथुरा, आगरा के साथ उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों में छुप रहा था। पुलिस को चैतन्यानंद सरस्वती के पास से तीन फोन और आई पैड भी बरामद किए गए हैं। इनमें वह मोबाइल फोन भी है, जिसमें बाबा छात्राओं के वीडियो और गर्ल्स हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज का एक्सेस रखता था। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए हैं। पहला विजिटिंग कार्ड संयुक्त राष्ट्र का है, जिसके अनुसार, बाबा ने खुद को संयुक्त राष्ट्र में स्थायी राजदूत बताया है। दूसरे विजिटिंग कार्ड के अनुसार, बाबा ने खुद को ब्रिक्स देशों के संयुक्त आयोग का सदस्य और भारत का विशेष दूत बताया है। हर रोज अपने ठिकाने बदल रहा था बाबा डीसीपी (साउथ-वेस्ट) अमित गोयल ने आज मीडिया से बात करते हुए बताया, ''हमने एक टीम बनाई थी और पिछले तीन दिनों से हम ​​चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसार्थी की तलाश में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और यहां तक कि पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। हमें कल रात आगरा के एक होटल से उसे पकड़ने में सफलता मिली। उसकी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया और दिल्ली लाया गया। आगे की जांच जारी रहेगी। हमने तीन मोबाइल फोन और एक आईपैड बरामद किया है, जिनकी जांच की जाएगी। इसके साथ ही उसके पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद हुए हैं, जिनमें उसे ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाला भारत सरकार का अधिकारी बताया गया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह हर रोज अपने ठिकाने बदल रहा था। वह ज्यादातर मथुरा, वृंदावन और आगरा में रहता था। चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज एफआईआर के अनुसार वह छात्राओं को देर रात उसके कमरे में आने के लिए मजबूर करता था और उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजता था। उस पर अपने फोन के जरिए छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखने का भी आरोप है।

दुनिया की नजरें फाइनल पर: IND और PAK के बीच होगी अभिषेक और शाहीन की टक्कर

दुबई भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने कहा है कि रविवार को एशिया कप फाइनल में अभिषेक शर्मा की शानदार बल्लेबाजी का मुकाबला शाहीन शाह अफरीदी की सटीक गेंदबाजी से होगा और दोनों के बीच 'कांटे की टक्कर' देखने को मिलेगी। मोर्कल ने इन दोनों खिलाड़ियों के साथ काम किया है। मोर्कल इससे पहले पाकिस्तान टीम के साथ गेंदबाजी सलाहकार के रूप में कुछ समय के लिए काम कर चुके हैं जहां उन्हें बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शाहीन को कोचिंग देने का मौका मिला था। पीछे नहीं हटेंगे अभिषेक मोर्कल ने कहा कि शाहीन निश्चित रूप से एक आक्रामक गेंदबाज है जो आपको पटखनी देने की कोशिश करेगा और अभिषेक भी पीछे नहीं हटेंगे। मुझे लगता है कि अब तक जब भी ये दोनों आमने-सामने आए हैं तो हम सभी क्रिकेट समर्थक और प्रशंसक अपनी सीटों से चिपके रहे हैं और यह खेल के लिए बहुत अच्छा है। दोनों खिलाड़ी 25 साल के हैं। हालांकि, शाहीन पिछले काफी समय से पाकिस्तान टीम का हिस्सा हैं लेकिन बाएं हाथ के बल्लेबाज अभिषेक ने मौजूदा एशिया कप में अपनी तेजतर्रार बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। इस भारतीय खिलाड़ी ने छह मैच में एक भी बार नाकामी नहीं झेली है। उन्होंने तीन अर्धशतक और तीन बार 30 या उससे अधिक के स्कोर बनाए हैं। अभिषेक रहे हावी भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक यहां हुए दोनों मैच में अभिषेक ने शाहीन की धज्जियां उड़ा दीं। अभिषेक ने 14 सितंबर के मैच की शुरुआत शाहीन पर फुलटॉस पर सीधा चौका लगाकर की और 21 सितंबर को इस तेज गेंदबाज पर स्क्वायर के पीछे हुक करके छक्का जड़ा। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मोर्कल ने कहा कि हां, तो चलिए रविवार को इसका इंतजार करते हैं और इस टक्कर का आनंद लेते हैं। पाकिस्तान की कमजोरियां और भी अधिक अगर भारत अभिषेक पर बहुत अधिक निर्भर है तो सलमान आगा की अगुवाई वाली पाकिस्तान टीम की कमजोरियां और भी अधिक स्पष्ट हैं। टीम का बल्लेबाजी क्रम काफी प्रभावी नहीं रहा है। जसप्रीत बुमराह को कुछ समय परेशान करने वाले साहिबजादा फरहान के अलावा अन्य बल्लेबाज दमदार प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। सईम अयूब का अभियान बेहद निराशाजनक रहा है। वह चार बार शून्य पर आउट हुए और एक समय तो टूर्नामेंट में उनके नाम पर रन से अधिक विकेट दर्ज थे। हुसैन तलत और सलमान अली आगा भारतीय स्पिनरों के सामने लड़खड़ा गए। रविवार का मैच एक बार फिर कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती की चतुराई से तय हो सकता है। पाकिस्तान की उम्मीदें नई गेंद से उसके खिलाड़ियों के आक्रामक प्रदर्शन पर टिकी हैं। अगर शाहीन शाह अफरीदी और हारिस राऊफ भारत के शीर्ष क्रम को जल्दी ध्वस्त कर देते हैं तो यह कम स्कोर वाला मुकाबला हो सकता है। लेकिन अभिषेक पर भारत की अत्यधिक निर्भरता की तरह शाहीन और राऊफ को भी अच्छे साथी गेंदबाजों की कमी खल रही है। रविवार के मुकाबले को शायद शिष्टाचार के लिए कम और नतीजे के लिए अधिक याद किया जाएगा। जैसा कि एक पुरानी कहावत है, ‘‘अंत भला तो सब भला।’’ भारत के लिए केवल एक ही स्वीकार्य अंत है: पाकिस्तान पर जीत, चाहे वह अच्छी लगे या खराब। मैच भारतीय समयानुसार रात आठ बजे से खेला जाएगा। भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन, हर्षित राणा और रिंकू सिंह। पाकिस्तान: सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, फहीम अशरफ, फखर जमां, हारिस राऊफ, हसन अली, हसन नवाज, हुसैन तलत, खुशदिल शाह, मोहम्मद हारिस, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद वसीम जूनियर, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, सलमान मिर्जा, शाहीन अफरीदी और सुफयान मोकिम।  

बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापकों की पदोन्नति पर शिक्षा विभाग को दी समय सीमा

ग्वालियर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सहायक अध्यापकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा विभाग को उनकी पदोन्नति पर तीन माह में विचार करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ किया कि याचिकाकर्ताओं की वरिष्ठता उनकी वास्तविक नियुक्ति तिथि (पांच और सात सितंबर 1998) से मानी जाएगी। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विभाग को 18 रिक्त अध्यापक पदों पर तीन माह के भीतर उनके प्रमोशन पर निर्णय लेना होगा। साथ ही सभी लक्षित लाभ दिए जाएंगे, हालांकि बकाया वेतन नहीं मिलेगा।   यह था पूरा मामला     याचिकाकर्ताओं ने 25 अगस्त 2014 में जारी विभागीय आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी पदोन्नति की मांग खारिज कर दी गई थी।     उनका कहना था कि वे 1998 में शिक्षा कर्मी ग्रेड-3 के रूप में नियुक्त हुए और 2007 से सहायक अध्यापक कैडर में शामिल हुए, लेकिन विभाग ने उनकी वरिष्ठता 2001 से गिनकर पदोन्नति से वंचित कर दिया।     विभाग ने तर्क दिया था कि वरिष्ठता 2001 से मानी जाएगी, जब उनका समायोजन हुआ था, लेकिन हाई कोर्ट ने साफ किया कि 2008 के नियमों के लागू होने के बाद शिक्षा कर्मियों की सेवाओं को ही वरिष्ठता का आधार माना जाएगा।   इसके साथ ही, कोर्ट ने 25 अगस्त 2014 का विभागीय आदेश रद कर दिया। इस फैसले से सहायक अध्यापकों को न केवल वरिष्ठता का लाभ मिलेगा, बल्कि पदोन्नति की राह भी खुल गई है।

टी20 एशिया कप का इतिहास बदला: सूर्यकुमार की रफ्तार से धोनी भी रह गए पीछे

नई दिल्ली  भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शुक्रवार को एशिया कप 2025 में लगातार छठा मुकाबला जीता। इसके साथ ही सूर्यकुमार यादव ने एमएस धोनी का टी20 एशिया कप में सबसे ज्यादा मैच जीतने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। एमएस धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने लगातार पांच मैच जीते थे, वहीं मौजूदा भारतीय टीम ने सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में छठा मुकाबला जीता। भारतीय टीम जारी एशिया कप में शानदार फॉर्म में हैं। भारत ने कुल 6 मैच जीते हैं और इस दौरान पांच टीमों को धूल चटाई है। भारत ने शुक्रवार को श्रीलंका को एशिया कप के आखिरी सुपर फोर मुकाबले में सुपर ओवर में हराया। एमएस धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2016 में लगातार पांच मुकाबले जीते थे और फिर फाइनल में बांग्लादेश को 8 विकेट से हराकर चैंपियन बनी थी। इस संस्करण में सिर्फ पांच टीमों ने भाग लिया था। भारत ने पहले मुकाबले में बांग्लादेश को 45 रनों से हराया। दूसरे मैच में पाकिस्तान को पांच विकेट से, तीसरे मुकाबले में श्रीलंका को 5 विकेट से और यूएई के खिलाफ नौ विकेट से जीत दर्ज की। इस तरह एमएस धोनी ने टी20 एशिया कप में पांच मैच खेलते हुए सभी में जीत दर्ज की थी। एशिया कप 2025 में कुल आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं। जारी टूर्नामेंट में सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय टीम ने पहले मैच में यूएई को 9 विकेट से हराया। दूसरे मैच में पाकिस्तान को सात विकेट से रौंदा। तीसरे मैच में ओमान के खिलाफ 21 रन से जीत दर्ज की। सुपर फोर के पहले मुकाबले में पाकिस्तान को 6 विकेट से रौंदा। बांग्लादेश के खिलाफ भारत ने 41 रनों से जीत हासिल की और अंतिम सुपर फोर मुकाबले में श्रीलंका को सुपर ओवर में धोया। इसके साथ ही सूर्यकुमार टी20 एशिया कप में 6 मैच जीतने वाले पहले कप्तान भी बन गए हैं। धोनी के अलावा दासुन शनाका ने टी20 एशिया कप में बतौर कप्तान पांच मैच जीते हैं।  

गुफा में जिंदगी बिताने वाली महिला और बेटियाँ अब रूस लौटेंगी, हाईकोर्ट का आदेश

नई दिल्ली कर्नाटक हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक रूसी महिला और उसकी दो नाबालिग बेटियों की वापसी के लिए यात्रा दस्तावेज जारी करने की अनुमति दे दी है। ये लोग तटीय कर्नाटक की एक गुफा में पाई गए थे। न्यायमूर्ति बी एम श्याम प्रसाद ने यह आदेश इजराइली नागरिक ड्रोर श्लोमो गोल्डस्टीन की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया, जो बच्चों का पिता होने का दावा करता है। गोल्डस्टीन ने अदालत से अनुरोध किया था कि केंद्र को नाबालिग बच्चों को तुरंत निर्वासित न करने का निर्देश दिया जाए। जुलाई में गुफा के अंदर मिले थे ये लोग नीना कुटीना नाम की यह महिला 11 जुलाई को कुमता तालुका के गोकर्ण के पास रामतीर्थ पहाड़ियों की एक गुफा में मिली थी। अधिकारियों ने बताया कि वह और उसके बच्चे बिना किसी वैध यात्रा या निवास दस्तावेज के लगभग दो महीने से वहां रह रहे थे। इजरायली नागरिक ने दर्ज कराई थी शिकायत गोल्डस्टीन ने भारत में अपने बच्चों का पता न लगा पाने के बाद पिछले साल दिसंबर में गोवा के पणजी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शुक्रवार की सुनवाई के दौरान, अदालत ने दर्ज किया कि रूसी वाणिज्य दूतावास ने कुटीना और उनकी बेटियों के लिए आपातकालीन यात्रा पत्र जारी किए हैं, जो केवल 9 अक्टूबर तक वैध हैं। कोर्ट ने वाणिज्य दूतावास को कुटीना की ओर से खुद को भेजे गए पत्र पर भी ध्यान दिया, जिसमें उसने जल्द से जल्द रूस लौटने की इच्छा व्यक्त की थी। अदालत में क्या हुआ? गोल्डस्टीन के वकील ने निर्वासन का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि ऐसा कदम बच्चों के सर्वोत्तम हितों के विरुद्ध होगा, जबकि हिरासत की कार्यवाही अभी भी लंबित है। हालांकि, अदालत ने पाया कि गोल्डस्टीन ने इस बात का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया कि बचाव से पहले मां और बच्चे एक गुफा में अलग-थलग क्यों रह रहे थे। बच्चों के कल्याण के सिद्धांत पर जोर देते हुए पीठ ने कहा कि रूस वापस जाने के लिए मां का अनुरोध तथा उनकी वापसी में सहायता करने के लिए रूसी सरकार की तत्परता, अन्य बातों से अधिक महत्वपूर्ण है। 22 अगस्त को हुई पूर्व सुनवाई में गोल्डस्टीन की कानूनी टीम ने बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का हवाला दिया था, जबकि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अरविंद कामथ ने अदालत को आश्वासन दिया था कि कुटीना और उनकी बेटियों की देखभाल महिलाओं के लिए विदेशी प्रतिबंध केंद्र में की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि निर्वासन तत्काल नहीं किया जाएगा, क्योंकि छोटे बच्चे के माता-पिता का पता लगाने के लिए डीएनए परीक्षण लंबित है, जिसके पास पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र जैसे कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान, एएसजी ने अदालत को बताया कि दूसरी बेटी की डीएनए रिपोर्ट प्राप्त हो गई है और रूसी सरकार को सूचित कर दिया गया है, जिसने बदले में, उन्हें रूस की यात्रा करने के लिए सक्षम बनाने हेतु रूसी नागरिकता और आपातकालीन यात्रा दस्तावेज (ईटीडी) जारी किए हैं।  

वैष्णो देवी मंदिर पर सुविधाओं का कमाल: हेलिकॉप्टर, बैट्री कार और रोपवे सेवाओं के साथ श्रद्धालु कर रहे दर्शन

कटड़ा जारी पवित्र शारदीय नवरात्रों में श्रद्धालु देश के कोने-कोने ने से आकर पूरी भक्ति भाव से अपनी मां वैष्णो देवी की यात्रा जारी रखे हुए हैं। कोई पैदल, कोई दंडवत होकर, कोई घोड़ा, पिट्ठू अथवा पालकी आदि का सहारा लेकर तो कोई हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार सेवा, रोपवे केवल कार सेवा का सहारा लेकर पूरी श्रद्धा के साथ अपनी मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे हैं। वर्तमान में श्रद्धालुओं की मां वैष्णो देवी की यात्रा पूरी तरह से भक्तिमय बनी हुई है । क्योंकि एक और जहां भवन परिसर के साथ ही सभी धार्मिक स्थलों की भव्य सजावट जिसे देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो रहे हैं तो दूसरे और पवित्र नवरात्रों में मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन कर निरंतर चरणों में नतमस्तक हो रहे हैं और मां वैष्णो देवी का आशीर्वाद पा रहे हैं। जारी पवित्र चैत्र नवरात्रों में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा एक और जहां घोड़ा सेवा के साथ ही बैटरी कार सेवा तथा मां वैष्णो देवी के विशेष दिव्य दर्शन जैसी निशुल्क सुविधाए दिव्यांग श्रद्धालुओं को उपलब्ध करवाई जा रही है तो दूसरी और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के तौर पर हेलीकॉप्टर सेवा बैटरी कार सेवा तथा रोपवे केवल कार सेवा जैसी सुविधाएं निरंतर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। ताकि बुजुर्ग श्रद्धालुओं के साथ ही दिव्यांग श्रद्धालुओं को मां वैष्णो देवी की यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी ना हो। धीरे-धीरे बढ़ रही है मां वैष्णो देवी यात्रा की संख्या। बरसात के कारण बीती कड़वी यादों को भूल कर श्रद्धालु एक बार फिर पूरे जोश के साथ मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे हैं । क्योंकि बीते 26 अगस्त को मां वैष्णो देवी भवन मार्ग पर अर्धकुंवारी मंदिर क्षेत्र में हुए भीषण भूस्खलन के कारण 34 श्रद्धालुओं को अपनी जान गवानी पड़ी पड़ी थी और कई श्रद्धालु घायल हो गए थे। जिसके कारण 22 दिनों तक मां वैष्णो देवी की यात्रा स्थगित रही थी। बीते 17 सितंबर को एक बार फिर मां वैष्णो देवी की यात्रा सुचारू हो गई परंतु यात्रा में दिन प्रतिदिन भारी कमी देखने को मिल रही थी। पर पवित्र शारदीय नवरात्रि शुरू होते ही एक बार फिर मां वैष्णो की यात्रा में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बीते 22 सितंबर यानी की पहली नवरात्रि में 13600 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाई थी वहीं दूसरे नवरात्रि 23 सितंबर को 12589 श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे थे । इसी तरह 24 सितंबर यानी तीसरी नवरात्रि में 14526 श्रद्धालु मां के दरबार आए तो वहीं चौथे नवरात्रि 25 सितंबर को 13643 से श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में हाजिरी लगाई। वही पांचवें नवरात्रि यानी की 26 सितंबर को 17665 श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे। वहीं छठे नवरात्रि यानी की 27 सितंबर शनिवार बाद दोपहर 3:00 बजे तक करीब 14500 श्रद्धालु पंजीकरण करवा कर मां वैष्णो देवी भवन की ओर और रवाना हो चुके थे। जारी पवित्र प्रथम 6 नवरात्रि तक करीब 90000 श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगा चुके हैं और देश के कौन-कौन से श्रद्धालुओं का लगातार आना जारी है। माता वैष्णो देवी यात्रा में बढ़ोतरी हो जिसको लेकर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, पर्यटन विभाग, राज्य प्रशासन, व्यापारी वर्ग हर तरह से प्रयास जारी रखे हुए हैं उम्मीद है कि जल्द ही मां वैष्णो देवी की यात्रा में और ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। जारी पवित्र शारदीय नवरात्रों में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा विश्व शांति व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशाल शतचंडी महायज्ञ जारी रखा हुआ है। श्राइन बोर्ड सदस्य तथा प्रकाण्ड पंडित पद्मश्री डॉ विश्वमूर्ति शास्त्री के सानिध्य में मां वैष्णो देवी भवन परिसर के साथ ही अर्धकुंवारी मंदिर प्रांगण में विशाल शतचंडी महायज्ञ लगातार जारी है। एक और जहां इस विशाल महायज्ञ में पंडित निरंतर हवन यज्ञ बाप पूजा अर्चना कर रहे हैं तो दूसरी ओर मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे श्रद्धालु भी भाग लेकर पुण्य लाभ कमा रहे हैं।

अब बेअंत सिंह पार्क में नहीं बिकेंगे पटाखे, व्यापारियों की उम्मीदों पर पानी!

जालंधर  दीवाली का पर्व कुछ ही सप्ताह दूर है और त्यौहारी सीजन भी शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन पटाखा मार्केट लगाने के लिए सुरक्षित स्थान तय करने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। पटाखा विक्रेता नए स्थान की तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस हल नहीं निकल सका है। पिछले कई वर्षों तक स्थानीय बर्ल्टन पार्क के खुले मैदान में पटाखा मार्केट लगती रही है, लेकिन अब वहां स्पोर्ट्स हब का निर्माण शुरू हो चुका है। जिस स्थान पर पहले मार्केट लगती थी, वहां स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में पिछले कई महीनों से जिला प्रशासन और पटाखा विक्रेताओं के बीच नई जगह खोजने का काम चल रहा है। इस प्रक्रिया में न तो कारोबारियों को सफलता मिली है और न ही प्रशासन कोई ठोस इंतजाम कर पाया है। प्रशासन ने पहले लायलपुर खालसा स्कूल, नकोदर रोड और लम्मा पिंड चौक स्थित चारा मंडी वाली जगह को पटाखा मार्केट के लिए चिन्हित किया था, लेकिन वहां भी सहमति नहीं बन पाई। हालांकि एक ग्रुप अभी भी लायलपुर स्कूल में छोटी मार्केट लगाने पर बजिद्द है। पटाखा कारोबारियों के बाकी तीन ग्रुप स्थानीय बेअंत सिंह पार्क में मार्केट लगाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पीएसआईईसी ने इस प्रयास को भी विफल कर दिया। संस्थान के कार्यकारी इंजीनियर ने निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से कहा कि बेअंत सिंह पार्क में पटाखा मार्केट लगाने की अनुमति न दी जाए। पत्र में बताया गया कि निगम का फायर ब्रिगेड विभाग पहले ही इस स्थान को एनओसी देने से इनकार कर चुका है।   सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पत्र में उल्लेख किया गया कि पार्क की दीवार के पास बड़े-बड़े इंडस्ट्रियल यूनिट हैं जिनमें ऑयल टैंक भी स्थित हैं। इसके अलावा पार्क के ऊपर हाई टेंशन वायर गुजर रही है, जो भविष्य में खतरा साबित हो सकती है। फोकल प्वाइंट के औद्योगिक संगठन भी इस मार्केट के प्रयासों का विरोध कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, पटाखा विक्रेताओं के प्रमुख लोग औद्योगिक प्रतिनिधियों से मिलकर मामला सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया। अब यह देखना बाकी है कि जिला प्रशासन और पटाखा विक्रेता नई जगह के लिए किस दिशा में कदम बढ़ाते हैं और आखिरकार किस स्थान पर सुरक्षित ढंग से पटाखा मार्केट लग सकेगी। अटारी बाजार और अंदरूनी क्षेत्रों में शुरू हुई पटाखों की बिक्री दीवाली के करीब आते ही जालंधर में पटाखों की बिक्री तेजी पकड़ने लगी है। बीते कई वर्षों तक बर्ल्टन पार्क में लगने वाली पटाखा मार्केट अब नए स्पोर्ट्स हब के निर्माण के कारण नहीं लग रही, जिससे कई दुकानदार अटारी बाजार और शहर के अंदरूनी इलाकों में पटाखों की बिक्री शुरू कर चुके हैं। कुछ साल पहले जालंधर में पटाखों की बिक्री का मुख्य केंद्र ही अटारी बाजार और आसपास का तंग क्षेत्र हुआ करता था। उस समय यहां लगभग 15-20 दुकानदार पटाखे स्टोर करते और बेचते थे, और आसपास के कस्बों के लोग भी इन्हें खरीदने आते थे। बाद में, जब अशोक गुप्ता जालंधर के डिप्टी कमिश्नर थे और उन्होंने पटाखों के खतरे को महसूस किया, तो उन्होंने बर्ल्टन पार्क के क्रिकेट स्टेडियम की सीढ़ियों के नीचे दुकानों में पटाखा मार्केट लगाने की व्यवस्था की। कई सालों तक पटाखा विक्रेताओं ने यहां खूब कारोबार किया और उनकी संख्या बढ़कर 100 से अधिक हो गई। अब, बर्ल्टन पार्क में स्पोर्ट्स हब निर्माण के चलते नए सुरक्षित स्थान की तलाश जारी है, लेकिन दुकानदारों ने इंतजार नहीं किया। कईयों ने अटारी बाजार में ही पटाखों की बिक्री शुरू कर दी है। दुकानों पर केवल सैंपल रखे गए हैं, लेकिन ग्राहकों की मांग पर ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम या अन्य स्थान से सीधे सप्लाई की जा रही है। वहीं, एक होलसेलर कारोबारी ने इंडस्ट्रियल एरिया में विशाल गोदाम तैयार कर रखा है। कुछ गांवों में भी पटाखों की बिक्री देखने को मिल रही है। अब यह देखना बाकी है कि पुलिस और जिला प्रशासन इस स्थिति में क्या कदम उठाते हैं और आखिरकार पटाखा मार्केट कब और कहां सुरक्षित रूप से लगती है।