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बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय मल्होत्रा के निधन पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सीनियर नेता और दिल्ली बीजेपी के पहले अध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का आज सुबह 94 साल की उम्र में अचानक निधन हो गया है. दिल्ली के AIIMS में विजय मल्होत्रा का इलाज चल रहा था और आज सुबह करीब 6 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके घर जाकर श्रद्धांजलि दी.दिवंगत बीजेपी नेता विजय मल्होत्रा को श्रद्धांजलि देने उनके घर पहुंचे PM मोदी. दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि प्रो. मल्होत्रा का जीवन सादगी और जन सेवा को समर्पित रहा. उन्होंने जनसंघ के वक्त से ही दिल्ली में संघ की विचारधारा के विस्तार के लिए बहुत काम किया. उनकी जिंदगी सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रेरणा देती रही है और देती रहेगी. दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा द्वारा जारी बयान के मुताबिक, प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का जीवन सादगी और जन सेवा को समर्पण की मिसाल रहा है. उन्होंने अपना जीवन लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया. उनका निधन आज सुबह हुआ. दिल्ली में बीजेपी को किया मजबूत प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा ने दिल्ली में संघ की विचारधारा के विस्तार के लिए जनसंघ काल से ही बहुत काम किया. उनकी कोशिशों की वजह से ही दिल्ली में पार्टी को मजबूत बनाने में मदद मिली.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "विजय कुमार मल्होत्रा ​​जी एक शानदार नेता थे, जिन्हें जन मुद्दों की गहरी समझ थी. उन्होंने दिल्ली में हमारी पार्टी को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाई. उन्हें संसदीय मामलों में उनके हस्तक्षेप के लिए भी याद किया जाता है. उनके निधन से दुःख हुआ. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना." केंद्रीय गृह मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "जनसंघ से लेकर जनता पार्टी और बीजेपी तक संगठन को आकार और विस्तार देने में अहम भूमिका निभाने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा जी के निधन से मन अत्यंत व्यथित है. दिल्ली भाजपा में अध्यक्ष हों, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष या एक जन प्रतिनिधि, विजय कुमार मल्होत्रा जी ने हर भूमिका में देश और दिल्लीवासियों की सेवा की. उनसे हुई प्रत्येक भेंट में संगठन संबंधी कई बारीक बातें जानने को मिलीं. शोक की इस घड़ी में पूरा भाजपा परिवार उनके परिजनों के साथ खड़ा है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें."  केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "विजय कुमार मल्होत्रा ​​जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं. वे दिल्ली बीजेपी के एक मज़बूत स्तंभ थे. संसदीय कार्यों में उनके सहयोग को मैं हमेशा याद रखूंगा. मैं उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं. उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं."  इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "भारतीय जनता पार्टी के सीनियर सदस्य विजय कुमार मल्होत्रा जी का निधन अत्यंत दुःखद है. उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें." 

27 साल बाद शारदीय नवरात्र में बना अद्वितीय संयोग, जानें इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

आज शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी मनाई जा रही, जिस दिन मां महागौरी की उपासना होती है. 1 अक्टूबर यानी कल नवरात्र का समापन महानवमी के दिन होगा. यह पर्व हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर नौ दिनों तक चलता है. इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. इसे ‘शारदीय नवरात्र’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह शरद ऋतु में आता है. शारदीय नवरात्र का महत्व सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी खास है. ऐसा माना जाता है कि इन दिनों में साधना, पूजा और भक्ति करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार शारदीय नवरात्र में बहुत ही खास संयोगों का निर्माण हुआ है, तो चलिए जानते हैं उन शुभ संयोगों के बारे में. 9 की जगह 10 दिन के हैं नवरात्र  ज्योतिष जानकारी के मुताबिक, शारदीय नवरात्र इस बार 9 दिनों के बजाय 10 दिनों के हैं. दरअसल, इस बार तृतीया तिथि 2 दिन पड़ी, 27 साल बाद इस अद्भुत संयोग का निर्माण हो रहा है. इससे पहले ऐसे संयोग का निर्माण सन् 1998 में हुआ था. उस साल में चतुर्थी तिथि 2 दिनों की थी, उस दौरान 1998 में दो दिन कूष्मांडा मां की पूजा हुई थी. ज्योतिषियों के अनुसार, नवरात्र के दिनों में बढ़ती तिथि को शुभ और सकारात्मक माना जाता है, जबकि घटती तिथि को अशुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इन शुभ तिथियों में पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शक्ति की प्राप्ति हो सकती है. पंचांग के मुताबिक, इस बार शारदीय नवरात्र की बढ़ती तिथि के कारण 10वें दिन यानी 2 अक्टूबर को दशहरा का त्योहार मनाया जाएगा.   नवरात्र में बन रहे हैं ये संयोग इसके अलावा, ग्रह और नक्षत्रों के नजरिए से यह शारदीय नवरात्र बहुत ही विशेष मानी जा रही है क्योंकि इस दौरान 3 बार रवि योग का निर्माण हो रहा है, इसके अलावा, गजकेसरी योग का संयोग भी बन रहा है, बुधादित्य योग का निर्माण भी हो रहा है.    शारदीय नवरात्र 2025 उपाय  1. धन और बरकत के लिए शारदीय नवरात्र के दिनों में सुबह-शाम मां लक्ष्मी और मां दुर्गा को लाल फूल और सिंदूर चढ़ाएं. घर में लक्ष्मी माता के मंत्र का जाप करने से धन संबंधी रुकावटें दूर होती हैं. 2. परिवार में सुख-शांति के लिए शारदीय नवरात्र में रोजाना दुर्गा सप्तशती या देवी कवच का पाठ करना चाहिए. माना जाता है कि इससे व्यक्ति के जीवन की रुकावटें धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं. साथ ही, घर परिवार सुख शांति का आगमन होने लगता है. 3. सकारात्मक ऊर्जा के लिए शारदीय नवरात्र में देवी मां को नारियल चढ़ाकर लाल धागे में बांधकर घर में मुख्य दरवाजे पर लटकाएं. इससे बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करेगी.

कृति सेनन का फिटनेस मंत्रा: ‘कॉकटेल 2’ के सेट से जिम तक, टोन्ड बैक ने लिया फैंस का दिल

मुंबई  एक्ट्रेस कृति सेनन बॉलीवुड की सबसे टैलेंटेड एक्ट्रेसेज में से एक हैं. उनकी एक्टिंग रेंज का हर कोई दीवाना है. उनके पास इस समय इंडस्ट्री के कई बड़े प्रोजेक्ट्स भी हैं. कृति इन दिनों शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना संग अपनी अगली फिल्म 'कॉकटेल 2' की शूटिंग कर रही हैं. उनकी फिल्म इटली के पास एक आइलैंड देश सिसिली में शूट हो रही है.  इस बीच कृति ने अपनी फिल्म की शूटिंग के दौरान की कुछ फोटोज और वीडियोज शेयर की हैं जिसमें वो वेकेशन मूड में नजर आ रही हैं. ग्रीन टॉप में एक्ट्रेस सिसिली की गलियों में स्कूटर चलाती दिखाई दी हैं.  इसके अलावा कृति ने जिम में भी जमकर पसीना बहाया है. वो काफी वर्कआउट करती नजर आई हैं. एक फोटो में एक्ट्रेस ने अपनी टोंड बैक और मसल भी फ्लॉन्ट की है. एक और फोटो में कृति को अपनी स्किनकेयर रूटीन फॉलो करते देखा गया. उन्हें फेस पर मास्क पहने देखा गया. एक्ट्रेस फोटो में कैंडिड पोज देती नजर आईं. कृति ने इस इंस्टाग्राम पोस्ट में अपने स्किनकेयर ब्रैंड 'हाइफेन' को भी प्रमोट किया. उन्होंने अपनी ब्रैंड का लिप केयर फ्लॉन्ट किया.शूट और फिटनेस रूटीन के अलावा कृति ने सिसिली शहर घूमकर खूब मजे किए. उन्होंने वहां के ट्रेडिशनल खाने का भी स्वाद चखा और फैंस संग शेयर किया.  बात करें 'कॉकटेल 2' की, तो इस फिल्म को होमी अदजानिया डायरेक्ट कर रहे हैं जिन्होंने इससे पहले साल 2012 में सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी स्टारर 'कॉकटेल' डायरेक्ट की थी. ये फिल्म अगले साल 2026 के सेंकड हाफ में रिलीज होगी.  पूल पार्टी करते दिखे शाहिद-कृति-रश्मिका, फिल्म को लेकर बढ़ा एक्साइटमेंट फिल्म ‘कॉकटेल 2’ को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को सामने आई नई तस्वीरों में शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना को पूल पार्टी एन्जॉय करते देखा गया। इन तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है। स्टार्स का ग्लैमरस अंदाज इंस्टाग्राम पर वायरल तस्वीरों में तीनों स्टार्स – शाहिद, कृति और रश्मिका भीगे हुए अंदाज में नजर आए। तस्वीर पर लिखा था – ‘Cocktail 2’ और क्लैप बोर्ड के साथ ‘पिस्ता थीम पूल पार्टी’ का जिक्र भी किया गया। फैंस ने अंदाजा लगाया कि यह फिल्म के किसी सीक्वेंस का हिस्सा हो सकता है। शाहिद और कृति की दूसरी तस्वीर पर चर्चा पूल पार्टी के अलावा एक और तस्वीर सामने आई जिसमें शाहिद कपूर और कृति सेनन एक साथ दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर में कृति मुस्कुराती नजर आ रही हैं, और इसके ऊपर लिखा है ‘Cocktail Trio’। यह तस्वीर भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। इटली में चल रही है फिल्म की शूटिंग इन दिनों शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना ‘कॉकटेल 2’ की शूटिंग इटली में कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन होमी अदजानिया कर रहे हैं और इसे दिनेश विजान की मैडॉक फिल्म्स प्रोड्यूस कर रही है। यह फिल्म 2012 की सुपरहिट ‘कॉकटेल’ का सीक्वल है। रश्मिका और कृति की बॉन्डिंग हाल ही में कृति सेनन ने इंस्टाग्राम पर रश्मिका मंदाना की फिटनेस की तारीफ करते हुए मजाक में लिखा कि रश्मिका हर समय जिम में वर्कआउट करती नजर आती हैं। इस पोस्ट ने दोनों एक्ट्रेसेस की दोस्ती को लेकर फैंस का ध्यान खींचा। फिल्म की रिलीज का इंतजार फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में दर्शकों को नई कहानी और नए किरदार देखने को मिलेंगे। हालांकि, मेकर्स ने अभी कहानी को गुप्त रखा है। सेट से मिल रही झलकियों और स्क्रिप्ट की चर्चाओं ने फैंस का क्रेज और भी बढ़ा दिया है। यह फिल्म 2026 के अंत तक सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है।

चंडीगढ़ में बढ़ा पारा: दिल्ली के बाद अब उत्तर भारत में सबसे ज्यादा गर्मी

चंडीगढ़ पिछले 25 बरसों की चौथी सबसे ज्यादा बरसात झेलने के बाद अब सितंबर के आखिर में मौसम के तेवर पसीने छुड़ा रहे हैं। कुछ दिनों से कम न हो रही उमस के बीच अब बढ़ता तापमान गर्मी का एहसास करवा रहा है। तापमान में बढ़ौतरी के बीच सोमवार को पूरे दिन लोगों को गर्मी और उमस का तीखा एहसास हुआ। आलम ये रहा कि शाम होते होते मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक दिल्ली के बाद चंडीगढ़ में उत्तर भारत का सबसे गर्म दिन दर्ज हुआ। दिल्ली का अधिकतम तापमान 37.5 जबकि चंडीगढ़ शहर में पारा 37 डिग्री दर्ज हुआ। आने वाले दिनों में भी मौसम के यही तेवर झेलने पड़ सकते है, लेकिन अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में राहत मिल सकती है।  इसलिए मौसम के तेवर तीखे हो रहे महसूस मानसून की सामान्य से ज्यादा बारिश के बाद अचानक मौसम साफ हुआ। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अूममन मानसून की विदाई के बाद मौसम पूरी तरह साफ होने में कुछ दिनों का समय लगाता है, लेकिन इस बार मानसून की विदाई के साथ ही मौसम पूरी तरह साफ होने के तापमान में बढ़ौतरी हो रही है। दूसरा अहम कारण इस बार की भारी बारिश के बाद हवा और जमीन में नमी की भारी मात्रा में उमस ने तापमान में बढ़ौतरी के बीच गर्मी के तेवर तीखे कर दिए।  विक्षोभ बारिश के साथ ही हवाओं की गतिविधि तेज करेगी  मौसम विभाग के मुताबिक एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। हालांकि इस गतिविधि से शहर पर कोई सीधा असर नहीं है लेकिन हिमाचल में ये विक्षोभ बारिश के साथ ही हवाओं की गतिविधि तेज करेगी। इस दौरान अगर ऊंचे पहाड़ों पर मामूली बर्फ गिर जाती है तो हवाओं की गतिविधियों से मैदानी इलाकों में भी तापमान में कमी आने के साथ ही ठंडी हवाएं मैदानों तक आने से नमी की मात्रा कम होगी।  

गहलोत सरकार में बड़ा बदलाव, जल्द शामिल होंगे 6 नए मंत्री

जयपुर  राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल्द ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह कदम सीधे तौर पर आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों से जुड़ा है। भाजपा चाहती है कि ये चुनाव उसकी महत्वाकांक्षी योजना “वन स्टेट, वन इलेक्शन” के तहत कराए जाएं, ताकि पूरे राज्य में एक ही बार में शक्ति प्रदर्शन हो सके। राजस्थान में कुल 30 मंत्री पदों की मंजूरी है, लेकिन फिलहाल केवल 24 मंत्री हैं। ऐसे में 6 पद खाली पड़े हैं और इन्हीं पर हर गुट की नज़र टिकी हुई है। वर्तमान में परिषद में 12 कैबिनेट मंत्री, 9 राज्यमंत्री, 2 उपमुख्यमंत्री और खुद मुख्यमंत्री शामिल हैं। साफ है कि इन 6 कुर्सियों पर तगड़ा दांव-पेच चलेगा। भाजपा का मकसद सिर्फ मंत्रियों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि उन समुदायों को साधना है जो अब तक उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। खासकर गुर्जर और मेघवाल समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग लगातार उठ रही है। इसी कड़ी में राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेदम (गुर्जर) और मंजू बाघमार (मेघवाल) का प्रमोशन लगभग तय माना जा रहा है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि दो से तीन जूनियर मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार भी मिल सकता है। भाजपा के भीतर सत्ता समीकरण सिर्फ मुख्यमंत्री तक सीमित नहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव जैसे बड़े नाम भी अपने-अपने समर्थकों को जगह दिलाने के लिए जोर-आजमाइश कर रहे हैं। कटारिया के करीबी फूल सिंह मीणा और ताराचंद जैन को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। राजस्थान की सियासत में धर्म और अध्यात्म का भी खासा दखल है। भाजपा के पास विधानसभा में चार संत विधायक हैं। इनमें से ओटा राम देवासी पहले ही मंत्री हैं। अब टीजारा विधायक बाबा बालकनाथ का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। बताया जा रहा है कि गोरखनाथ पीठ और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद उनके पक्ष में संकेत दिए हैं। पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती शेखावाटी, पूर्वी राजस्थान और आदिवासी क्षेत्र बने हुए हैं। इन इलाकों में भाजपा को विधानसभा और लोकसभा, दोनों चुनावों में झटका लगा था। यही वजह है कि मंत्रिमंडल विस्तार में इन क्षेत्रों से नए चेहरे लाने या मौजूदा जूनियर मंत्रियों को मजबूत भूमिका देने की तैयारी है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद राज्य भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ अपनी टीम बनाएंगे। माना जा रहा है कि कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में भेजा जाएगा, ताकि पार्टी ढांचा भी मजबूत हो और चुनावी रणनीति भी सटीक बने। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, “ये चुनाव ही सरकार के पूरे कार्यकाल में होने वाले बड़े स्थानीय चुनाव होंगे। इनके नतीजे सीधे तौर पर भजनलाल शर्मा सरकार की लोकप्रियता का पैमाना तय करेंगे। ऐसे में भाजपा किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है।  

तीन बार की हार से टूटे पाकिस्तानी खिलाड़ी, भारत ने दिखाया क्रिकेट में दबदबा

नई दिल्ली शायर मिर्जा गालिब की ये पंक्तियां पाकिस्तानी क्रिकेट टीम पर फिट बैठती है. पाकिस्तानी टीम 28 सितंबर (रविवार) को समाप्त हुए एशिया कप 2025 में खेल से ज्यादा दूसरी चीजों को लेकर सुर्खियों में रही. पाकिस्तानी टीम गिरते-पड़ते फाइनल तक तो पहुंची, मगर एक बार फिर भारत के आगे उसे घुटने टेकने पड़े. भारत ने एक बार नहीं… तीन-तीन मौकों पर इस टूर्नामेंट में पड़ोसी मुल्क के होश ठिकाने किए. चाहे युद्ध का मैदान हो या खेल का ग्राउंड, पाकिस्तानी टीम भारत से पराजित होने की आदी हो चुकी है. पूरे एशिया कप में पाकिस्तानी टीम रोती ही रही. इस टीम ने अपने अभियान की शुरुआत 12 सितंबर को ओमान के खिलाफ मुकाबले से की थी, जिसमें उसने 93 रनों से बड़ी जीत दर्ज की. फिर उसका ग्रुप-ए के अगले मुकाबले में 14 सितंबर को भारतीय टीम से सामना हुआ. इस मुकाबले में पाकिस्तान 7 विकेट से पिट गया था. नो हैंडशेक कंट्रोवर्सी की शुरुआत इसी मैच से हुई. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के समय पाकिस्तानी कैप्टन सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया. फिर मैच के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने हैंडशेक नहीं किया. वैसे भी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की रूल बुक में यह कहीं नहीं लिखा है कि हैंडशेक करना जरूरी है. खिलाड़ी क्रिकेट एवं दूसरे खेलों में खेल भावना के चलते सिर्फ ऐसा करते हैं. टीम इंडिया ने भारत फैन्स की भावनाओं को ध्यान में रखकर हैंडशेक नहीं करने का फैसला किया था. हालांकि पाकिस्तानी टीम इससे बौखला गई और उसने उस ग्रुप मुकाबले के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी का बायकॉट कर दिया. पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा सवालों के जवाब देने मैदान पर नहीं आए क्योंकि प्रश्न पूछने वाला एक भारतीय (संजय मांजरेकर) था. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने नो हैंडशेक कंट्रोवर्सी का सारा दोष जिम्बाब्वे के मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट पर मढ़ दिया. पीसीबी ने पायक्रॉफ्ट और भारतीय टीम के खिलाफ आईसीसी में शिकायत की. पीसीबी ने आरोप लगाया कि पायक्रॉफ्ट ने ही दोनों टीमों के कप्तानों को टॉस के समय हाथ नहीं मिलाने की सलाह दी थी. बोर्ड की तरफ से पायक्रॉफ्ट को एशिया कप से हटाने की मांग की गई, हालांकि आईसीसी ने पीसीबी की कोई भी डिमांड नहीं मानी. आईसीसी ने जब पाकिस्तान की नहीं सुनी, तो पीसीबी ने एशिया कप से हट जाने की धमकी दी. पीसीबी की ओर से जोर देकर कहा गया कि एंडी पायक्रॉफ्ट को हटाया जाए. पीसीबी की अपील फिर से ठुकरा दी गई, जिसके बाद पाकिस्तानी टीम ने यूएई के खिलाफ 17 सितंबर को हुए मुकाबले से पहले अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस को रद्द कर दिया. वहीं मुकाबले के दिन होटल छोड़ने से शुरुआत में इनकार कर दिया. पड़ोसी मुल्क की सरेंडर करने की पुरानी आदत रही है. यहां भी वैसा ही देखने को मिला और 70 मिनट में ही पीसीबी का स्टैंड बदल गया.  1 घंटे की देरी से पाकिस्तान और यूएई के बीच वो मुकाबला शुरू हुआ, जिसमें सलमान ब्रिगेड को 41 रनों से जीत मिली. उस जीत के साथ ही पाकिस्तानी टीम सुपर-चार राउंड में पहुंच गई. पाकिस्तान और यूएई के बीच मुकाबले में मैच रेफरी एंडी पायक्राफ्ट ही रहे, हालांकि पीसीबी ने ये दलील दी कि पायक्राफ्ट ने माफी मांग ली है, जिसके कारण उसकी टीम मुकाबला खेलने को राजी हुई. पायक्रॉफ्ट ने केवल हाथ मिलाने वाले विवाद पर अफसोस जताया था, लेकिन पीसीबी ने सोशल मीडिया पर एक म्यूट वीडियो डालकर मानो ये दिखाया कि पायक्रॉफ्ट ने आधिकारिक रूप से माफी मांग ली है. सच बात यह थी कि पायक्रॉफ्ट को आईसीसी ने क्लीन चिट दे दी थी.  फिर पाकिस्तानी टीम ने सुपर-चार स्टेज में अपना पहला मुकाबला 21 सितंबर को भारत के खिलाफ खेला. एक बार फिर पाकिस्तानी टीम को भारत के हाथों 6 विकेट से हार झेलनी पड़ी. इस मुकाबले में साहिबजादा फरहान और हारिस रऊफ ने भारतीय टीम और फैन्स को उकसाने की कोशिश की. फरहान ने 'गन सेलिब्रेशन किया, वहीं हारिस ने आपत्तिजनक इशारे किेए और भारतीय खिलाड़ियों संग गाली-गलौज भी की. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की ओर से दोनों के खिलाफ शिकायत भी की गई थी. आईसीसीसी ने हारिस रऊफ पर मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया और साहिबजादा फरहान को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया. उधर पीसीबी ने भी 'ऑपरेशन सिंदूर' पर सूर्यकुमार यादव के बयान को राजनीति से प्रेरित माना और भारतीय कप्तानी की शिकायत की. आईसीसी ने सूर्यकुमार यादव पर भी मैच फीस का 30 प्रतिशत फाइन लगाया, जिसे बीसीसीआई ने चैलेंज किया. भारत के खिलाफ लगातार दूसरी हार के बाद भी पाकिस्तानी टीम की अकड़ कम नहीं हुई. हालांकि वो फाइनल तक पहुंचने में सफल रही. पहले पाकिस्तानी टीम ने श्रीलंका को 5 विकेट से हराया. इसके बाद बांग्लादेश को रोमांचक मुकाबले में 11 रनों से हराकर फाइनल का टिकट कटाया. फाइनल में पाकिस्तानी टीम का सामना भारत से हुआ. एक बार फिर पड़ोसी मुल्क ने सूर्यकुमार यादव की 'सेना' के आगे घुटने टेक दिए. खिताबी मुकाबले में भी पाकिस्तानी टीम ने ड्रामा किया. टॉस के दौरान वकार यूनुस ने पाकिस्तानी कप्तान से बातचीत की, वहीं रवि शास्त्री ने सूर्यकुमार यादव से प्रश्न किए. टॉस के दौरान दो-दो प्रेजेंटरों के मैदान पर होने से फैन्स हैरान थे.  

अब आम आदमी के लिए और भी खुशखबरी! GST रेट कट के बाद सरकार कर सकती है ये बड़ा कदम

रॉयटर्स जीएसटी में कटौती के बाद आम आदमी को एक और बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खबर है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक सरप्राइज रेट कट कर सकता है। यानी अगर ऐसा होता है तो आने वाले दिनों में आम आदमी पर से ईएमआई का बोझ कम हो सकता है। बता दें कि आरबीआई अपनी मौद्रिक नीति बैठक में बुधवार को रेपो रेट को 5.50% पर स्थिर रखने की संभावना है। हालांकि, कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि कमजोर निवेश, वैश्विक व्यापार दबाव और नरम महंगाई को देखते हुए RBI सरप्राइज रेट कट का विकल्प भी चुन सकता है। बता दें कि RBI की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति बैठक 1 अक्टूबर को समाप्त हो रही है। अनुमान है कि RBI अपनी प्रमुख नीति दर (रेपो रेट) को 5.50% पर बनाए रखेगा। लेकिन, अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी व्यापार और कमजो महंगाई दर के प्रभाव को देखते हुए दर में कटौती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। क्या है डिटेल रॉयटर्स पोल के मुताबिक, करीब तीन-चौथाई अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, सिटी, बार्कलेज, कैपिटल इकॉनॉमिक्स और एसबीआई जैसी बड़ी वित्तीय संस्थाओं ने रेट कट की संभावना जताई है। उनका कहना है कि विकास दर पर दबाव और महंगाई की नरमी, कटौती के पक्ष में माहौल बना रही है। इस साल की शुरुआत से अब तक RBI ने 100 बेसिस प्वाइंट की दरों में कटौती की है, लेकिन इसके बावजूद निजी निवेश कमजोर बना हुआ है। अगस्त पॉलिसी मीटिंग में RBI ने दरों को स्थिर रखते हुए 'न्यूट्रल स्टांस' बनाए रखा था, जिसके बाद वित्तीय हालात और सख्त हो गए। एनालिस्ट की राय सिटी इकॉनॉमिस्ट्स ने लिखा कि अक्टूबर की बैठक फिर से 'लाइव' हो गई है। RBI एक 'इंश्योरेंस रेट कट' का विकल्प चुन सकता है ताकि बाहरी झटकों से अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सके, या फिर डोविश पॉज लेकर संकेत दे सकता है कि आने वाले समय में कार्रवाई की जाएगी। भारत की अर्थव्यवस्था ने जून तिमाही में 7.8% की बेहतर-से-उम्मीद ग्रोथ दर्ज की। हालांकि, कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह आंकड़ा महंगाई के समायोजन के बाद वास्तविक मजबूती से अधिक दिख रहा है। बता दें कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए आयकर राहत और जीएसटी दरों में कटौती जैसे कदम उठाए हैं। लेकिन बढ़े हुए टैरिफ और रुपये की कमजोरी ने आर्थिक दृष्टिकोण को अनिश्चित बना दिया है। अमेरिका के साथ व्यापार तनाव बढ़ने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव की आशंका गहराई है। अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लगा दिया है और वीजा फीस बढ़ाई है, जिससे सेवाओं के व्यापार पर और सख्त कदम उठाए जाने की चिंताएं बढ़ गई हैं। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि रिजर्व बैंक पूरी स्थिति का असर देखने का इंतजार करने की बजाय पहले ही कदम उठा सकता है। कैपिटल इकॉनॉमिक्स के मुताबिक, “अमेरिकी टैरिफ से जीडीपी ग्रोथ को झटका लग सकता है। वहीं, महंगाई का स्तर अभी भी नियंत्रित है। ऐसे में RBI एक बार फिर से रेट कट चक्र शुरू कर सकता है।” संस्था ने अनुमान जताया है कि RBI अगले हफ्ते दरों में कटौती कर सकता है और दिसंबर में एक और कटौती संभव है।  

ट्रंप की नई योजना से गाज़ा का भूगोल बदला, बफर ज़ोन और रंगबिरंगे मैप का विश्लेषण

गाज़ा  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा युद्ध को खत्म करवाने के लिए नया प्लान तैयार किया है. उन्होंने व्हाइट हाउस में इस प्लान को जारी किया. ट्रंप ने यह भी कहा है कि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतान्याहू इस प्लान से सहमत हैं. इसके साथ ही ट्रंप ने गाजा का नया नक्शा तैयार किया है. इस नक्शे के अनुसार गाजा और इजरायल के बीच अब हमेशा के लिए एक बफर जोर रहेगा. यानी कि इस रेखा के पार न तो इजरायली सैनिक जा सकेंगे, न ही फिलीस्तीन के लोग आ सकेंगे.  ट्रंप ने कहा कि इजरायल और अन्य देशों ने उनके द्वारा बताई गई रूपरेखा को स्वीकार कर लिया है. ट्रंप ने कहा, "अगर हमास इसे स्वीकार कर लेता है, तो इस प्रस्ताव में सभी शेष बंधकों को तुरंत रिहा करने का प्रावधान है, लेकिन किसी भी स्थिति में 72 घंटे से ज़्यादा समय नहीं लगेगा." इस प्रावधान के तहत हमास को सभी जीवित और मृत बंधकों को रिहा करना होगा. इजरायल-गाजा बॉर्डर पर बफर जोन राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा जारी नक्शे में तीन लाइनें हैं. नीली, पीली और लाल. इसके बाद बफर जोन है. नीली वो रेखा है जहां तक अभी इजरायली रक्षा बलों का नियंत्रण है.  ये रेखा खान यूनुस के पास है.  इसके बाद राफा से होकर पीली रेखा गुजरती है. इसे फर्स्ट विदड्राअल लाइन कहा गया है. इस पीली रेखा का मतलब है कि बंधकों के छोड़े जाने के साथ ही इजरायली सेना पीली रेखा तक आ जाएगी.  इसके बाद सेकेंड विदड्राअल लाइन है. ये लाल रेखा है. यानी कि सेकेंड विदड्राअल के बाद इजरायल की सेना यहां आकर रूक जाएगी.   इसके बाद बफर जोन शुरू होता है. इजरायल के सैनिक थर्ड विदड्राअल के बाद यहीं आकर रुक जाएंगे.    हमास को चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, "मुझे उम्मीद है कि हम शांति के लिए एक समझौता करेंगे, और अगर हमास इस समझौते को अस्वीकार कर देता है, जो हमेशा संभव है, तो इस डील से सिर्फ वे ही बच जाएंगे.  अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए कहा, "बाकी सभी ने इसे स्वीकार कर लिया है. लेकिन मुझे लगता है कि हमें एक सकारात्मक जवाब मिलेगा. लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो जैसा कि आप जानते हैं बीबी (इजरायली पीएम), आपको जो करना होगा, उसके लिए हमारा पूरा समर्थन है." प्रस्ताव में कहा गया है, "इजरायली सेना बंधकों की रिहाई की तैयारी के लिए सहमत रेखा पर वापस लौट जाएगी." इस प्लान  में यह भी कहा गया है कि गाजा का "गाजा के लोगों के लाभ के लिए पुनर्विकास" किया जाएगा, और "यदि दोनों पक्ष इस प्रस्ताव पर सहमत होते हैं, तो युद्ध तुरंत समाप्त हो जाएगा." इजरायल रिहा करेगा 250 कैदी हमास द्वारा सभी बंधकों को रिहा कर दिए जाने के बाद इजरायल 250 आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों को रिहा करेगा, साथ ही 7 अक्टूबर 2023 के बाद हिरासत में लिए गए 1,700 गाजावासियों को भी रिहा करेगा. इजरायल रिहा किए गए प्रत्येक इज़रायली बंधक के बदले, 15 मृत गाजावासियों के अवशेष भी रिहा करेगा.  गाजा छोड़ने को स्वतंत्र होंगे हमास सदस्य सभी बंधकों की वापसी के बाद, शांति की राह पर चलने को इच्छुक हमास के सदस्यों को माफी दे दी जाएगी. इसके लिए उन्हें अपने हथियार सरेंडर करने होंगे. गाज़ा छोड़ने के इच्छुक हमास सदस्यों को उनके गंतव्य देशों तक सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जाएगा.  गाजा में हमास का नहीं होगा कोई रोल  हमास और अन्य गुट इस बात पर सहमत हैं कि वे गाजा के शासन में प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या किसी भी रूप में कोई भूमिका नहीं निभाएंगे. सुरंगों और हथियार उत्पादन सुविधाओं सहित सभी सैन्य, आतंकवादी और आक्रामक बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया जाएगा और उनका पुनर्निर्माण नहीं किया जाएगा.    

रायपुर में शिक्षक सम्मान समारोह, मुख्य आतिथ्य में रहे कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन

रायपुर : कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन के आतिथ्य में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित कोरबा जिले के राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित, सेवानिवृत्त एवं नवाचारी शिक्षको का किया गया सम्मान गुरु का दर्जा भगवान से ऊपर, बेहतर समाज निर्माण में निभाते है अहम भूमिका-मंत्री  लखन लाल देवांगन रायपुर वाणिज्य,  उद्योग, श्रम,  आबकारी एवं सार्वजिक उपक्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आज सोमवार को कोरबा स्थित कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक, सेवानिवृत्त शिक्षक एवं नवाचारी शिक्षकों को पुष्पमाला एवं तिलक लगाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महापौर मती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह,  नगर निगम सभापति  नूतन सिंह ठाकुर , निगम आयुक्त  आशुतोष पांडेय, सीईओ जिला पंचायत  दिनेश नाग, डीईओ  टी पी उपाध्याय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं शिक्षा  विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री  देवांगन ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य में रजत जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का सम्मान हम सभी के लिए गौरव का विषय है, हमारी संस्कृति में शिक्षक का दर्जा भगवान से ऊपर है। शिक्षक बेहतर समाज का निर्माण में अहम भूमिका निभाते है, बच्चों को सच्चाई का मार्ग दिखाकर कर उनका भविष्य उज्ज्वल बनाते है। आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक जैसे बड़े से बड़े पद पर प्रतिष्ठित अधिकारियों का भी भविष्य किसी शिक्षक द्वारा ही तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत 2047 की संकल्पना तभी साकार होगी जब देश का हर बच्चा शिक्षित हो, देश की तरक्की में अपना योगदान दें, अच्छे नागरिक होने के सारे कर्तव्यों का पालन करें।  देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विकास के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का सतत प्रयास जारी है। जिले में डीएमएफ से शिक्षा के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए है। मद से जिले के सभी प्राइमरी एवं मिडिल स्कूलों में सबेरे पौष्टिक नास्ता वितरण किया जा रहा है, शिक्षकों की आवश्यकता वाले शालाओं में मानदेय शिक्षकों की नियुक्ति, पहाड़ी कोरवा व बिरहोर वर्ग के शिक्षित युवाओं को अतिथि शिक्षक व भृत्य के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है। अनेक स्थानों में नए शाला भवन के निर्माण की स्वीकृति दी गई है एवं मेधावी छात्रों को निःशुल्क नीट जेईई की तैयारी भी डीएमएफ से की गई है। महापौर मती राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह सहित अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम में सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी। साथ ही मानव जीवन  में शिक्षकों की भूमिका की जानकारी देते हुए उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में मंत्री  देवांगन सहित अन्य अतिथियों द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए विशिष्ट कार्याे हेतु सम्मानित शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया  गया। सम्मान के क्रम में राज्यपाल द्वारा सम्मानित हुए शिक्षक डॉ फरहाना अली, डॉ सुशील तिवारी,  शिवराज शर्मा, डॉ धरम लहरे, डॉ गीता देव हिमधर, डॉ जगन्नाथ हिमधर,  कामता जायसवाल,  राकेश टण्डन,   गौरव शर्मा,  वीरभर्द सिंह पैंकरा,  नोहर चन्द्रा,  गोकुल प्रसाद मार्बल, मती वसुंधरा कुर्रे,  भूपेंद्र सिंह राठौर, मती मधुलिका दुबे, मती प्रिया दुबे,  सर्वेश सोनी,   मुकुंद केशव उपाध्याय, मती  कौशिल्या खुराना एवं   जितेंद्र कुमार साहू शील्ड व प्रमाण पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार जीके के सेवानिवृत्त शिक्षक  राजेश्वर प्रसाद कश्यप,  शिवनारायण पात्रे,  जमुना सिंह कंवर,  रमन लाल बंजारे,   भरत लाल नेटी,  पन्नालाल साहू,   ज्वाला प्रसाद कौशले, मती कल्याणी शुक्ला,  संत राम कंवर,  अशोक उपाध्याय,  छत्रपाल शांडिल्य ,  नोहर सिंह राज,  संग्राम सिंह राज, मती कमला भाटिया,  अनूप कुमार कौशिक,  नवाचारी शिक्षक अंतर्गत  जगजीवन केवर्त,  लोकनाथ सेन, कुमारी मंजू लता प्रधान,  महेंद्र कश्यप,  ललित कुमार यादव, मती प्रिया दुबे,  अश्विनी चौहान,  अशोक राठिया,  ईश्वर पड़वार, सु योगिता साहू,  रूपेश कुमार कश्यप, मती माया साहू,  नवीन कुमार  खोब्रागढ़े एवं मती कुसुमलता साहू सम्मानित हुए।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया 19.60 करोड़ की पेयजल आपूर्ति कार्यों का भूमिपूजन

रायपुर : ‘दीक्षा नगर और आसपास के रहवासियों की वर्षों पुरानी पानी की समस्या का होगा समाधान‘ उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने किया 19.60 करोड़ की पेयजल आपूर्ति कार्यों का भूमिपूजन 2 करोड़ 37 लाख से अधिक की लागत से उच्च स्तरीय पानी टंकी का होगा निर्माण दीक्षा नगर सहित 13 बस्तियों के एक हजार घरों तक पहुंचेगा नल कनेक्शन रायपुर   रायपुर शहर के दीक्षा नगर एवं आसपास की 13 बस्तियों की वर्षो पुरानी पानी की समस्या जल्द ही ठीक हो जाएगी। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के ठक्कर बापा वार्ड अंतर्गत दीक्षा नगर स्थित गीतांजलि सोसायटी (उद्यान) में 19 करोड़ 60 लाख 74 हजार रुपए की लागत से बनने वाली पेयजल आपूर्ति परियोजना का भूमिपूजन किया। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने भूमिपूजन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना है। आज हुए भूमिपूजन वाले विकास कार्य के पूर्ण होने से दीक्षा नगर और आसपास के क्षेत्रों की वर्षों पुरानी पानी की समस्या का स्थायी समाधान बनेगी। दीक्षा ने कहा कि पिछले 20 महीने में 462 करोड़ रुपए विकास की राशि मिली है। यह केवल एक नगरीय निकाय से स्वीकृत हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी की एक-एक गारंटी को पूरा करते जा रहे हैं। नगरीय निकाय के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नहीं आएगी। लोक निर्माण विभाग से कई सौ करोड़ के विकास कार्य हो रहे हैं। सभी विकास के कार्य जनता की मांग अनुसार कराए जा रहे है। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि रायपुर नगर निगम के विकास के लिए जो भी प्रस्ताव आयेगा, उसके लिए सभी वार्डों को 50-50 लाख रुपए दिए जाएंगे। सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकास कार्यों की नई शुरुआत हो रही है। आज पानी टंकी का भूमि पूजन हुआ और दो साल में सबके घर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। सड़कों का विकास तेजी से हो रहा है, चौड़े-चौड़े सड़क बन रहे हैं। आज बाहर के लोग कहते हैं रायपुर की पहचान और तस्वीर बदल गई है।  अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास के नए आयाम गढ़ रही है।  राजेश मूणत ने कहा कि स्वच्छ पेयजल बहुत बड़ी जरूरत है। सरकार तय सीमा में सभी कार्यों को पूरा करेगी। रायपुर के लिए सौगात की श्रृंखला शुरू हो गई है। जनता की मंशा के अनुरूप विकास कार्य हो रहे हैं। महापौर मती मीनल चौबे ने कहा कि यह भूमिपूजन लंबे समय से हो रही पेयजल की समस्या से आमजनों को निजात दिलाएगी। स्वच्छ और नियमित पानी की सप्लाई हो सकेगी। पांच हजार से अधिक की आबादी होगी लाभान्वित गौरतलब है कि परियोजना के अंतर्गत 200 किलोलीटर क्षमता की उच्च स्तरीय पानी टंकी (25 मीटर स्टेजिंग) का निर्माण 2 करोड़ 37 लाख 14 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा। 600 मीटर आर.एम.टी. डीआई के-09 पाइपलाइन से रॉ वाटर पम्पिंग एवं राइजिंग मेन कार्य 81 लाख 13 हजार रुपए में होगा। डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने का कार्य 40,000 मीटर लंबाई में किया जाएगा, जिस पर 14 करोड़ 61 लाख 05 हजार रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा 1000 घरों तक घरेलू नल कनेक्शन और उतनी ही संख्या में वाटर मीटर लगाए जाएंगे, जिस पर 1 करोड़ 57 लाख 82 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। पेयजल आपूर्ति प्रणाली को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए पी.एल.सी. स्काडा ऑटोमेशन तकनीक भी लगाई जाएगी, जिसकी लागत 23 लाख 60 हजार रुपए होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने पर करीब पांच हजार से अधिक की आबादी को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  राजेश मूणत,  मोतीलाल साहू,महापौर मती मीनल चौबे,पार्षद मती प्रमिला बल्ला साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।