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दशहरे पर बारिश का अलर्ट: MP में अगले 4 दिन हल्की बरसात और तेज हवा का अनुमान

भोपाल  विदाई के बीच इस सप्ताह मध्यप्रदेश में मानसूनी बारिश की एक और झड़ी लगेगी। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इससे दशहरे के दिन भी कई जिलों में बारिश हो सकती है। दक्षिणी हिस्से में ज्यादा असर रहेगा। फिलहाल हल्की बारिश का अलर्ट।  मध्यप्रदेश में इस बार बारिश के बीच रावण दहन होगा। नए सिस्टम की वजह से मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस वजह से वाटरप्रूफ पुतलों की डिमांड बढ़ गई है। भोपाल में सजे रावण के पुतलों की मंडी यानी, बाजार में वाटरप्रूफ पुतले की मांग की जा रही है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अगले 4 दिन तक प्रदेश में हल्की बारिश होने का अनुमान है। गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति भी बनी रही। पांचवें दिन से तेज बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है। इससे पहले सोमवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। ग्वालियर से मानसून लौट गया है, लेकिन सोमवार को यहां 9 घंटे में सवा इंच पानी बरस गया। भोपाल, दतिया, खरगोन, बड़वानी, नर्मदापुरम, मंडला, सागर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। साल 2022 में भी यही स्थिति बनी थी। भोपाल में पेट्रोल छिड़ककर पुतले जलाने पड़े थे। हालांकि, ग्वालियर-उज्जैन समेत प्रदेश के 12 जिलों से मानसून पूरी तरह से लौट चुका है, लेकिन 1 अक्टूबर से एक्टिव हो रहे नए सिस्टम का असर इन जिलों में भी देखने को मिल सकता है। पिछले 3 दिन से यहां हल्की बारिश हो रही है। इधर, लिंक रोड नंबर-2 पर ही वन विभाग का मुख्यालय भी है। इसके ठीक सामने रावण के पुतलों का बाजार सजा है। ऐसे में सोमवार दोपहर में बाजार हटाने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। कई कारीगर ऑफिस के बाहर पहुंचे और दुकान हटाने का विरोध करने लगे। पुलिस भी मौके पर पहुंची। हालांकि, बाद में मामला शांत हो गया। बड़वानी जिला मुख्यालय से 11 किलोमीटर दूर तलवाड़ा बुजुर्ग गांव के खेतों में बारिश का पानी घुस गया। स्थानीय किसान राकेश मुकाती ने कहा- तीन हेक्टेयर खेत में लगी भिंडी और मक्के की फसल खराब हो गई है। करीब 80 हजार रुपए का नुकसान हुआ। वहीं, खरगोन में नमी की वजह से कपास की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। मंडी में नीलामी एक सप्ताह के लिए रोक दी गई है। किसान अपने घरों में तो जिनिंग संचालक फैक्ट्री परिसर में कपास सुखा रहे हैं। केके फायबर्स के संचालक प्रितेश अग्रवाल ने कहा- जिनिंग फैक्ट्री में सूखने के लिए रखा 700 क्विंटल कपास गीला होकर बह गया। बारिश के कारण किसान खेतों से कपास की चुनाई नहीं करा पा रहे हैं। गीला कपास पौधों से टूटकर गिर रहा है।  भोपाल में 40 फीट तक ऊंचे पुतले भोपाल के बांसखेड़ी, तुलसी नगर, ईंटखेड़ी समेत कई स्थानों पर करीब 300 कारीगर पुतले तैयार कर रहे हैं। बाजार में 5 फीट से लेकर 40 फीट तक ऊंचे पुतले हैं। जिनकी कीमत 50 हजार रुपए तक है। शहर में छोटे-बड़े करीब 7 हजार पुतलों का दहन होगा। कारीगर वैदिक कुमार वंशकार ने बताया, बारिश की वजह से मार्केट धीमा है। अभी 10 से 12 ऑर्डर ही आए हैं। पिछले साल ज्यादा आए थे। वॉटरप्रूफ पुतले की डिमांड तो है, लेकिन उसकी लागत अधिक आती है। पुतलों पर प्लास्टिक पेंट भी कर रहे हैं। कारीगर प्रेम बंसल ने बताया, बारिश की वजह से पुतलों को सहेजना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि अब तक लोग पुतले लेकर नहीं गए हैं। दशहरे को सिर्फ 3 दिन बचे हैं। यदि बारिश होती है तो ज्यादा दिक्कतें होंगी। इस बार महंगे हैं पुतले कारीगर प्रेम ने बताया कि इस बार पुतले की लागत बढ़ी है। बांस, कपड़ा, धागा समेत अन्य सामग्री के रेट बढ़ गए हैं। जो पुतले हम ग्राहक को देते हैं, वे बिना पटाखों के होते हैं। यदि कोई पुतलों में पटाखे रखवाना चाहेंगे तो उसकी कीमत बढ़ जाएगी। दो साल से दशहरे पर बारिश का दौर बता दें कि 2022 में 5 अक्टूबर को दशहरा था। इस समय प्रदेश से मानसून की वापस हो रही थी। इस वजह से कई जिलों में तेज बारिश हुई थी। इससे मध्यप्रदेश में दशहरे पर रावण के पुतले को श्रीराम के बाण से पहले ही इंद्र के बाणों का सामना करना पड़ा था। बारिश की वजह से राजधानी में भी रावण के पुतले भीग गए थे। बांसखेड़ी इलाके में कारीगरों को पुतले बस स्टॉप में रखना पड़े थे। इससे उन्हें खासा नुकसान हुआ था। एक सप्ताह बाद से विदाई शुरू होगी नया सिस्टम बनने की वजह से प्रदेश में मानसून की विदाई फिलहाल नहीं होगी। एक सप्ताह के बाद मानसून लौटने लगेगा। बता दें कि अब तक प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम भी शामिल हैं। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की माने तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है। बता दें कि इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश बता दें, प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 45.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

माखनलाल विश्वविद्यालय के छात्र पर फर्जी खातों का आरोप, पुलिस ने बिहार से किया गिरफ्तार

भोपाल  माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष अमन कुमार को बिहार की मोतिहारी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अमन पिछले दो साल से फर्जी बैंक खातों का जाल फैला रहा था। उसने न सिर्फ बिहार के लोगों के नाम पर खाते खुलवाए बल्कि भोपाल में भी खाते खोले। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि अमन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का छात्र था, लेकिन कम हाजिरी के चलते उसे छह महीने पहले ही विश्वविद्यालय से अलग कर दिया गया था।  

ग्रामसभाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक ग्रामसभा स्थल पर पोस्टर चस्पा करने के दिए निर्देश

एमसीबी : जिले में 02 अक्टूबर को सभी ग्राम पंचायतों में होगी ग्रामसभा का आयोजन ग्रामसभाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक ग्रामसभा स्थल पर पोस्टर चस्पा करने के दिए निर्देश ग्रामसभा में पंचायत की आय-व्यय एवं  योजनाओं की प्रगति और मनरेगा कार्यों की होगी विशेष समीक्षा एमसीबी छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा-6 के प्रावधान तथा शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 24 मार्च 2008 के निर्देशानुसार मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं उनके आश्रित ग्रामों में 02 अक्टूबर 2025 को ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा। निर्धारित तिथियों 23 जनवरी, 14 अप्रैल, 20 अगस्त एवं 02 अक्टूबर के अतिरिक्त प्रतिवर्ष जून और नवम्बर माह में भी ग्रामसभा आयोजित की जाती है। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने समय सीमा की बैठक के दौरान जानकारी दी कि 02 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक ग्राम सभा स्थल पर पोस्टर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामसभा कार्यवाही में पंचायत की आय-व्यय समीक्षा, योजनाओं की प्रगति, मनरेगा कार्यों की स्थिति, सामाजिक अंकेक्षण, खाद्यान्न वितरण, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, पंचायत कर निर्धारण, आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) स्कोर सहित अनेक विषयों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही एचआईवी/एड्स जागरूकता, धान उपार्जन हेतु  Agristack Portal पंजीयन, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, राष्ट्रीय पोषण माह 2025 और अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष से जुड़े बिंदुओं को भी एजेंडे में शामिल किया गया है। इस बार आयोजित होने वाली ग्रामसभा में ग्रामसभा की पूर्व बैठक में पारित संकल्पों के क्रियान्वयन संबंधी प्रतिवेदन, पंचायतों के विगत तिमाही आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, पिछली वर्ष की योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की स्थिति, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत रोजगार की मांग और उपलब्धता की समीक्षा तथा आगामी कार्यों की सूची का वाचन किया जाएगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत पेंशन योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण एवं हितग्राहियों का सत्यापन, जरूरतमंद व्यक्तियों हेतु खाद्यान्न वितरण और लाभान्वितों की सूची का वाचन, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन से संबंधित प्रकरणों की जानकारी, मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं चिकित्सकीय सुविधाओं पर चर्चा भी इस बैठक का हिस्सा होगी। ग्राम पंचायतों में कर अधिरोपण एवं संग्रहण को ऑनलाइन करने हेतु समर्थ पंचायत पोर्टल का उपयोग और वर्तमान वित्तीय वर्ष हेतु कर दर निर्धारण पर विचार, पंचायत पदाधिकारियों तथा अधिकारियों/कर्मचारियों से लेखा-हिसाब और बकाया राशि की जानकारी का वाचन, राज्य की सड़कों पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रभावी व्यवस्था, जनजागरूकता और संकल्प पारित करने पर भी चर्चा होगी। साथ ही पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) 1.0 परिणामों में सुधार के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और भागीदारी योजना को बढ़ावा देने हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय प्रदर्शन डेटा भी साझा किया जाएगा। अन्य विभागीय एजेण्डा में एचआईवी के कारणों, बचाव उपायों और एचआईवी/एड्स एक्ट 2017 की जानकारी, गर्भवती महिलाओं को एचआईवी एवं सिफलिस जांच हेतु प्रोत्साहित करने पर चर्चा होगी। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु कृषकों के  Agristack Portal एवं एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन से जुड़ी कार्यवाही, ग्रामवार धान के रकबा एवं कृषकवार डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी विवरण का पठन एवं पंचायत भवन में चस्पा कराने की कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह 2025, भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाने तथा सहकार से समृद्धि पहल की जानकारी और सहकारी समितियों की सदस्यता से अधिकतम संख्या में जुड़ने पर भी चर्चा होगी। ग्रामसभा में लिये गये निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कर  "ग्राम सभा निर्णय" मोबाइल एप में अपलोड किया जाएगा। भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित  "समासार" पोर्टल का उपयोग कर जिले की न्यूनतम 10 पंचायतों की कार्यवाही का एआई आधारित विवरण तैयार किया जाएगा। साथ ही ग्राम सभा की गतिविधियों को  Vibrant Gram Sabha Portal (https:@@meetingonline-gov-in)  एवं  GPDP  पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपलोड करना सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर, जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त विषय भी इस ग्राम सभा के एजेण्डा में शामिल किये जा सकेंगे।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 1140.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1140.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1562.9 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 527.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।   रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1030.6 मि.मी., बलौदाबाजार में 920.5 मि.मी., गरियाबंद में 1096.9 मि.मी., महासमुंद में 958.8 मि.मी. और धमतरी में 1057.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1132.4 मि.मी., मुंगेली में 1113.3 मि.मी., रायगढ़ में 1334.9 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1074.5़ मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1351.2 मि.मी., सक्ती में 1241.9 मि.मी., कोरबा में 1117.0 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1038.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 884.8 मि.मी., कबीरधाम में 808.0 मि.मी., राजनांदगांव में 974.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1415.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 874.1 मि.मी. और बालोद में 1251.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 760.2 मि.मी., सूरजपुर में 1142.5 मि.मी., बलरामपुर में 1520.0 मि.मी., जशपुर में 1056.5 मि.मी., कोरिया में 1195.1 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1075.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1531.1 कोंडागांव जिले में 1100.3 मि.मी., कांकेर में 1321.9 मि.मी., नारायणपुर में 1397.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1552.8 मि.मी., और सुकमा जिले में 1205.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

उत्तर बस्तर कांकेर: कलेक्टर ने दिए निर्देश, बस्तर विकास प्राधिकरण के निर्माण कार्य जल्द करें पूर्ण

उत्तर बस्तर कांकेर : बस्तर विकास प्राधिकरण के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करें : कलेक्टर समय-सीमा की बैठक लेकर लंबित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की उत्तर बस्तर कांकेर कलेक्टर  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक लेकर विभिन्न विभागों में लंबित, अपूर्ण एवं अप्रारंभ निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर विकास प्राधिकरण के तहत स्वीकृत कार्यों का निर्माण अब तक अपूर्ण एवं लंबित होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इन्हें शीघ्रता से पूरा करने हेतु निर्देशित किया। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज सुबह 10.30 बजे से आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे निर्माण कार्य जो काफी समय से लंबित हैं, उन्हें निरस्त करने की कार्यवाही तत्काल करें। उन्होंने आंगनबाड़ी भवन और पीडीएस सेंटर निर्माण कार्यों में भी उपरोक्तानुसार कार्यवाही करने हेतु संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके अलावा डीएमएफ मद के तहत निर्माण कार्यों की भी क्रमवार समीक्षा करते हुए जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में कलेक्टर ने एग्रीस्टैक और गिरदावरी की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने आगामी 02 अक्टूबर को सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाली ग्रामसभा में गिरदावरी का वाचन रकबा सहित राजस्व अमलों की उपस्थिति में कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों द्वारा दी गई फसल का वास्तविक रकबे की जानकारी सभी को मिल सके। इस दौरान आदि कर्मयोगी अभियान के तहत सभी संबंधित विभागों को शासन के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुए पोर्टल में ऑनलाइन एंट्री करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा ई-ऑफिस के माध्यम से सभी फाईलों को मूवमेंट स्वयं करने और अधीनस्थ कार्यालयों को इस आशय के निर्देश जारी करने के लिए कहा। इसी तरह उन्होंने एलडब्ल्यूई सर्वे, नियद नेल्लानार योजनांतर्गत सर्वे, सामाजिक अंकेक्षण, पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना के अलावा पोषण पुनर्वास केन्द्र की स्थिति और अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अलावा विभिन्न एजेण्डों की प्रगति की भी साप्ताहिक समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ  हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर द्वय  जितेन्द्र कुमार कुर्रे एवं  ए.एस. पैकरा सहित अनुविभागीय अधिकारी तथा जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।

यूनाइटेड स्पिरिट्स की जमीन पर जांच शुरू, ईओडब्ल्यू ने विजय माल्या से जुड़े मामले को लिया निशाने पर

भोपाल   सहारा समूह की बेशकीमती जमीन के गड़बड़झाले के बाद अब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने विजय माल्या के आधिपत्य वाली यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के जमीन से जुड़े मामले की जांच शुरू की है। रातीबड़ के किसानों ने ईओडब्ल्यू से 20.16 एकड़ जमीन से जुड़े मामले को लेकर शिकायत की थी। ईओडब्ल्यू (EOW) ने माल्या की कंपनी के बेंगलूरु दफ्तर को नोटिस भेजा है। आरोप है कि जमीन विटारी डिस्लरी की है। माल्या की कंपनी अपना बता बेचने का प्रयास कर रही है। प्राथमिक पड़ताल में सामने आया है कि हर्ष पैकेजिंग की ओर से भोपाल की इस जमीन पर कब्जा जताया जा रहा है। दावा है कि उन्होंने जमीन बोली के जरिए खरीदी। बेचने वाली यूनाइटेड स्पिरिट्स खुद इस जमीन का कागजों में मालिकाना हक नहीं रखती। जांच के लिए ईओडब्ल्यू ने हर्ष पैकेजिंग को नोटिस जारी कर किया है। ऐसे समझिए विवाद – 1999 में विटारी डिस्टलरीज ने 20 एकड़ जमीन खरीदी। चार एकड़ में प्लांट और 16 एकड़ में किसान खेती के लिए थी। – मई 2001 में विटारी का माल्या की मैगडॉवल स्पिरिट्स लि. में कोर्ट के जरिए विलय हो गया, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में जमीन विटारी के नाम रही। – 2019 में नामांतरण की फाइल बढ़ाई तो जिला डिप्टी रजिस्ट्रार ने स्टाम्प शुल्क पेनल्टी सहित 3.50 करोड़ तय किए। – 26 मार्च 2023 को कंपनी ने 1.59 स्टाम्प शुल्क जमा किया तो तहसीलदार ने 20 जून 2023 को यूनाइटेड स्पिरिट्स के रिकॉर्ड में दर्ज किया। – 2023 में शुल्क बदलकर 1.59 करोड़ कर दिया। इस पर काफी विवाद हुआ। – किसानों ने कब्जे को लेकर विवाद किया तो 12 जुलाई 2023 को यूनाइटेड स्पिरिट्स का नामांतरण निरस्त कर दिया गया। – 21 अक्टूबर 2024 को तहसीलदार ने फिर से यूनाइटेड स्पिरिट्स का नामांतरण दर्ज कर दिया। बिना रजिस्ट्री के बेचने नियुक्त किए दो प्रतिनिधि जमीन 1999 में विटारी डिस्लरी प्रालि. ने खरीदी। बाद में विलय मेसर्स मैगडॉवल स्पिरिट्स लि. में हो गया। 2006 में केंद्र ने मैगडॉवल से यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमि. कर दिया। रिकॉर्ड में जमीन विटारी के नाम रही। माल्या के प्रतिनिधि गुलाम, राकेश सिन्हा ने कलेक्टर न्यायालय ऑफ स्टाम्प में आवेदन कर नामांतरण का प्रयास किया।

बालोद : आवास प्लस सर्वे 2.0 के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति हेतु श्रीमती फुलकुंवर बाई का नाम शामिल, प्राथमिकता क्रम पर मिलेगा लाभ

बालोद : आवास प्लस सर्वे 2.0 के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति हेतु श्रीमती फुलकुंवर बाई का नाम शामिल, प्राथमिकता क्रम पर मिलेगा लाभ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने दी जानकारी बालोद प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम कसहीकला की श्रीमती फुलकुंवर बाई को प्राथमिकता क्रम में योजना का लाभ दिलाया जाएगा। जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2025 में आवास प्लस सर्वे 2.0 द्वारा छुटे हुए पात्र परिवारों का नाम जोड़ने का कार्य आवास प्लस ऐप द्वारा किया गया है। जिसमें श्रीमती फुलकुंवर बाई पति गैंद लाल का नाम सूची में जोड़ने की कार्यवाही हो चुकी है एवं भविष्य में शासन के निर्देशानुसार नियमानुसार प्राथमिकता क्रम में योजना का लाभ श्रीमती फुलकुंवर बाई को दिया जाएगा।

BMW ड्राइवर गगनप्रीत जमानत पर, CCTV ने दिखाया पुलिस की कमज़ोरी

नई दिल्ली  दिल्ली के चर्चित BMW हादसे में आरोपी गगनप्रीत कौर को अदालत ने जमानत दे दी है। 27 सितंबर को आए फैसले में अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष की कहानी और सबूतों में विरोधाभास हैं। कोर्ट ने कहा कि घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज ने शुरुआती आकलन को बदल दिया है, कलपेबल होमिसाइड (जानबूझकर की गई गलती जिसमें किसी की जान चली जाए) के आरोपों को कमजोर किया और इससे पता चलता है कि यह मामला लापरवाही से गाड़ी चलाने का है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि FIR में दर्ज आरोप CCTV फुटेज से साबित नहीं होते। फुटेज में दिखा कि कार ने नियंत्रण खोया, डिवाइडर से टकराई, पलटी और इसी दौरान मोटरसाइकिल और बस से टकराई। कोर्ट के मुताबिक, 'फुटेज से यह नहीं लगता कि बाइक को जानबूझकर तेज रफ्तार में टक्कर मारी गई। यह घटना रैश और लापरवाह ड्राइविंग का मामला ज्यादा लगती है, न कि जानबूझकर की गई हत्या।' कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस यह साबित नहीं कर पाई कि कार कितनी तेज चल रही थी, जबकि सड़क पर स्पीड कैमरे लगे थे। इससे अभियोजन की कहानी और कमजोर हो गई। 14 सितंबर को बीएमडब्ल्यू हादसे में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी नवजोत सिंह की जान चली गई थी। नवजोत अपनी पत्नी संदीप कौर के साथ बाइक से घर जा रहे थे। रास्ते में टक्कर के बाद नवजोत सिंह की मौत हो गई। उनकी पत्नी का दावा है कि तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू से टक्कर के बाद गगनप्रीत वहां से करीब 20 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर के अस्पताल में उन्हें ले गई जिसकी वजह से उनके पति की जान नहीं बची। एंबुलेंस स्टाफ की भूमिका पर सवाल कोर्ट ने एंबुलेंस स्टाफ के व्यवहार को अत्यंत गैर-पेशेवर और अनैतिक बताया। अदालत ने कहा कि फुटेज में दिखा कि हादसे के तुरंत बाद पहुंचे एंबुलेंस कर्मियों ने न तो पीड़ित की नब्ज देखी, न ही कोई प्राथमिक उपचार दिया और 40 सेकंड में ही चले गए। कोर्ट ने यह भी कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी दाखिल नहीं हुई है, जिससे मौत का सही समय और कारण पता चल सकेगा। अदालत ने कहा कि आरोपी ने पीड़ित की मदद करने की कोशिश की या सिर्फ खुद के पक्ष में सबूत जुटाने की, यह जांच और ट्रायल में तय होगा।

दिग्विजय बोले- NSA एक्शन आपत्तिजनक, पूरी कांग्रेस पार्टी सोनम वांगचुक के साथ खड़ी

भोपाल  MP के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की कड़ी निंदा की है. सिंह ने इसे बेहद आपत्तिजनक बताया और कहा कि पूरी कांग्रेस पार्टी वांगचुक के साथ खड़ी है. 24 सितंबर को लद्दाख के लेह में लेह एपेक्स बॉडी (LAB) द्वारा आहूत बंद के दौरान लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के विस्तार की मांगों पर केंद्र के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई. इस घटना में 40 पुलिसकर्मियों सहित 80 अन्य लोग घायल हुए. इसी हिंसा के बाद वांगचुक को गिरफ्तार किया गया था. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने हिंदी में X पर एक पोस्ट में कहा, "सोनम वांगचुक जी के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करना बेहद आपत्तिजनक है. हम इसकी निंदा करते हैं. पूरी कांग्रेस पार्टी सोनम वांगचुक जी के साथ खड़ी है." सोनम  वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया था और वह वर्तमान में राजस्थान के जोधपुर की एक जेल में बंद हैं.

अश्विनी चौबे की सलाह या चुनौती? प्रशांत किशोर के आरोप PM तक क्यों हैं अहम

पटना बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पुराने नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के सूत्रधार प्रशांत किशोर को एक ऐसी चुनौती भरी सलाह दे दी है, जो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आरोपों की बौछार झेल रहे नेताओं के लिए मुसीबत बढ़ा भी सकती है। अश्विनी चौबे ने कहा है कि प्रशांत किशोर सिर्फ आरोप लगाकर बड़े राजनेता नहीं बन सकते। चौबे ने कहा है कि बात सिर्फ पेपर (अखबार) तक ही क्यों सीमित है, कागज को तो राज्यपाल, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक जाना चाहिए। अश्विनी चौबे ने भाजपा के नेताओं पर लगे आरोपों को लेकर एक डिजिटल चैनल से बातचीत में कहा- “प्रशांत किशोर आरोप लगाकर बड़े राजनेता नहीं हो सकते। पेपर तक ही क्यों सीमित हैं। आप जाइए ना। कोर्ट है, राज्यपाल का दरवाजा है, राष्ट्रपति का दरवाजा है, प्रधानमंत्री का दरवाजा है। उनके पास क्यों नहीं जा रहे हैं आप। वो कागज वहां तक तो जाना चाहिए। जाइए, आपको कौन मना किया है।” उन्होंने कहा कि भाजपा में गलत लोग और जो आयातित चेहरे हैं, वो सदा के लिए पार्टी की चाबी नहीं हैं। कुछ दिन के लिए भले गलत काम हो जाए किसी से, सदा के लिए नहीं। इन आरोपों पर पार्टी नेतृत्व के संज्ञान के सवाल पर चौबे ने कहा- “केंद्रीय नेतृत्व की निगाह हर चीज पर रहती है। बिहार में चुनाव हो रहा है तो एक-एक सूक्ष्म चीज पर नेतृत्व की पैनी निगाह है। वो सब कुछ देख रहे हैं, उनको सब कुछ मालूम है। जो सही होगा, अंत में वो आएगा।” चौबे ने कहा कि जिन पर आरोप लगे हैं, उन्होंने सफाई दी है। उनकी सफाई या इनका आरोप, कौन सही है, ये न्यायालय तय कर सकता है, गवर्नर कर सकते हैं, जज कर सकते हैं, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कर सकते हैं। याद दिला दें कि प्रशांत किशोर ने भाजपा के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री मंगल पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और सांसद संजय जायसवाल पर अलग-अलग तरह के आरोप लगाए हैं। चुनाव से पहले इन आरोपों ने पटना के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा रखा है। अश्विनी चौबे ने भागलपुर से 2015 में विधानसभा चुनाव लड़े और हारे अपने बेटे अर्जित शाश्वत को टिकट देने का खुद ही विरोध करने की बात भी बताई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी कोर ग्रुप में तब के पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अर्जित को भागलपुर से लड़ाने की बात कही तो उन्होंने इसका विरोध किया और कहा कि इससे उनकी बदनामी होगी। चौबे ने बताया कि अमित शाह ने कहा कि अर्जित ने बिहार में सबसे ज्यादा मेंबरशिप की है और इसको चुनाव लड़ाया जाएगा, चाहे वो आपका बेटा ही क्यों ना हो। चौबे ने कहा कि उन्होंने तब सलाह दी कि भागलपुर अगर इतना महत्वपूर्ण है तो सुशील मोदी को लड़ा दीजिए।