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ट्रंप की योजना पर भारत-पाक की संयुक्त चुनौतियां, अमेरिका की चाल फेल करने का प्रयास

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अफगानिस्तान को धमकी दे रहे थे. इस धमकी के खिलाफ अब भारत तालिबान के साथ खड़ा हो गया है. अफगानिस्तान को लेकर यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा मोड़ दिखाता है. भारत ने तालिबान, पाकिस्तान, चीन और रूस के साथ मिलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस मांग का विरोध किया है, जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस को अमेरिका को वापस सौंपने की बात कही थी. यह फैसला उस समय आया है जब तालिबान शासित अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी इस हफ्ते भारत की ऐतिहासिक यात्रा पर आने वाले हैं. मॉस्को में आयोजित ‘मॉस्को फॉर्मेट कंसल्टेशन ऑन अफगानिस्तान’ की सातवीं बैठक में भारत, ईरान, कजाकिस्तान, चीन, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान सहित 10 देशों ने हिस्सा लिया. बेलारूस के प्रतिनिधि भी अतिथि के रूप में मौजूद रहे. बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में किसी देश का नाम लिए बिना कहा गया, ‘प्रतिभागियों ने अफगानिस्तान या उसके पड़ोसी देशों में किसी भी देश की ओर से सैन्य ढांचे की तैनाती के प्रयासों को अस्वीकार्य बताया, क्योंकि यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के खिलाफ है.’ यह बयान सीधे तौर पर ट्रंप की योजना की आलोचना के रूप में देखा जा रहा है. ट्रंप और तालिबान भिड़े अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में मांग की थी कि तालिबान अमेरिका को बागराम एयरबेस वापस सौंप दे. यह वही बेस है, जहां से अमेरिका ने 2001 के बाद ‘वॉर ऑन टेरर’ यानी आतंकवाद के खिलाफ युद्ध अभियान चलाया था. 18 सितंबर को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, ‘हमने वह बेस उन्हें मुफ्त में दे दिया, अब हम उसे वापस चाहते हैं.’ उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर भी लिखा था- ‘अगर अफगानिस्तान ने बाग्राम एयरबेस वापस नहीं किया तो नतीजे बुरे होंगे.’ तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने ट्रंप की मांग को खारिज करते हुए कहा, ‘अफगान किसी भी हाल में अपनी जमीन किसी और को नहीं देंगे. हम अगले 20 साल युद्ध लड़ने को तैयार हैं.’ मॉस्को फॉर्मेट वार्ता के नए संस्करण में, देशों के समूह ने अफगानिस्तान में समृद्धि और विकास लाने के तौर-तरीकों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। इन देशों ने अफगानिस्तान और पड़ोसी देशों में सैन्य बुनियादी ढांचे तैनात करने के कुछ देशों के प्रयासों को 'अस्वीकार्य' बताया, क्योंकि यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के हितों की पूर्ति नहीं करता है। तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने पहली बार मॉस्को फॉर्मेट वार्ता में भाग लिया। कुछ हफ्ते पहले, ट्रंप ने कहा था कि तालिबान को बगराम एयरबेस अमेरिका को सौंप देना चाहिए, क्योंकि इसे वॉशिंगटन ने स्थापित किया था।मॉस्को में हुई बातचीत में भाग लेने वाले देशों ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दोनों स्तरों पर आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया। बयान में कहा गया, 'उन्होंने जोर देकर कहा कि अफगानिस्तान को आतंकवाद को खत्म करने और इसे जल्द से जल्द जड़ से मिटाने के लिए ठोस कदम उठाने में मदद दी जानी चाहिए, ताकि काबूल की धरती का इस्तेमाल पड़ोसी देशों और अन्य जगहों की सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में न हो।' इसमें कहा गया कि इन देशों ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद अफगानिस्तान, क्षेत्र और व्यापक विश्व की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत, रूस और चीन के अलावा, इस बैठक में ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान ने भी भाग लिया। इन देशों ने इस क्षेत्र और इससे आगे के देशों के साथ अफगानिस्तान के आर्थिक संबंधों की आवश्यकता पर जोर दिया। मुत्ताकी की यात्रा क्यों है खास भारत का इस मुद्दे पर तालिबान के साथ खड़ा होना कई मायनों में ऐतिहासिक है. मुत्ताकी पहली बार भारत की यात्रा पर आ रहे हैं, जिसके लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने उन्हें 9 से 16 अक्टूबर तक यात्रा की अनुमति दी है. क्योंकि मुत्ताकी UNSC की प्रतिबंधित सूची (Resolution 1988) में शामिल हैं, इसलिए उन्हें विशेष मंजूरी मिली है. बगराम क्यों चाहता है अमेरिका? काबुल से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित बाग्राम एयरबेस अफगानिस्तान का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है. इसमें दो बड़े रनवे हैं, जिसमें से एक 3.6 किमी और दूसरा 3 किमी लंबा. पहाड़ी इलाके के कारण अफगानिस्तान में बड़े विमानों की लैंडिंग मुश्किल होती है, ऐसे में बगराम एक रणनीतिक केंद्र माना जाता है.  

गूगल के एआई में बग खोजो, पाओ 26 लाख रुपये तक का इनाम

गूगल ने बड़े-बड़े हैकर्स और एक्सपर्ट्स को चैलेंज दिया है कि वो उसके AI सिस्टम में खामियां खोजकर दिखाएं। सिस्टम को और सुरक्षित बनाने के लिए एक नया बग बाउंटी प्रोग्राम शुरू किया गया है। इस प्रोग्राम में सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स और एथिकल हैकर्स को गूगल के AI सिस्टम में बग खोजने के लिए आमंत्रित किया गया है। अगर कोई गंभीर खामी मिलती है, तो गूगल इसके लिए 30 हजार डॉलर यानी करीब 26 लाख तक का ईनाम दे सकती है। यह प्रोग्राम गूगल के पुराने Vulnerability Reward Program का हिस्सा है, लेकिन अब इसका ध्यान AI की दुनिया पर है। यह पहली बार नहीं है जब गूगल ऐसा कर रहा है, इससे पहले कई रिसर्चर खामी खोजकर 4 लाख 30 हजार डॉलर कमा चुके हैं। किस तरह का AI बग खोजना है? गूगल ने यह भी बताया है कि किस तरह की खामियां खोजने पर ईनाम मिलेगा। मसलन, अगर कोई हैकर गूगल होम को धोखा देकर स्मार्ट दरवाजे का ताला खोल देता है या कोई छुपी हुई कमांड इस्तेमाल करके जीमेल से किसी के ईमेल की समरी निकालकर तीसरे व्यक्ति को भेज देता है। उसे एक गंभीर AI बग माना जाएगा। गूगल ऐसी खतरनाक खामियों को पहले से ढूंढना चाहता है ताकि इनका असल दुनिया में गलत इस्तेमाल न हो। एआई को लेकर कंपन‍ियां क‍ितनी गंभीर हैं, इसका पता गूगल के चैलेंज से चलता है। दुन‍िया की द‍िग्‍गज कंपन‍ियां अपने एआई सिस्‍टम को मजबूत बनाना चाहती हैं। एआई में भव‍िष्‍य बनाकर आप भी संवार सकते हैं अपनी क‍िस्‍मत। NBT Upskill AI से करियर ग्रोथ वर्कशॉप में रजिस्टर करें। इतने डॉलर कमा सकते हैं आप गूगल ने अपने मेन प्रोडक्ट्स जैसे- गूगल सर्च, जीमेल, ड्राइव और जेमिनी ऐप्स में खामियां ढूंढने के लिए सबसे ज्यादा ईनाम रखा है, जो 20 हजार डॉलर तक हो सकता है। अगर कोई रिपोर्ट बहुत खास या नई तरह की हो, तो बोनस के साथ यह राशि 30 हजार डॉलर तक पहुंच सकती है। गूगल का कहना है कि पिछले दो सालों में रिसर्चर्स ने AI से जुड़े खतरों को उजागर करके 4 लाख 30 हजार डॉलर से ज्यादा कमा लिए हैं। गूगल लाया कोडमेंडर टूल इस प्रोग्राम के साथ-साथ गूगल ने एक नया AI टूल लॉन्च किया है, जिसका नाम है कोडमेंडर। यह टूल ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर में सिक्योरिटी खामियों को अपने आप ढूंढता और ठीक करता है। अब तक कोडमेंडर ने 70 से ज्यादा खामियों को ठीक किया है। गूगल का कहना है कि इस तरह के टूल दिखाते हैं कि AI न सिर्फ खतरों को ढूंढ सकता है, बल्कि तकनीक को और सुरक्षित बनाने में भी मदद कर सकता है।

भारत की जीत का अनोखा जश्न: ‘इनविज़िबल ट्रॉफी’ किसके दिमाग की उपज थी? हुआ खुलासा

नई दिल्ली  एश‍िया कप 2025 का फाइनल 28 स‍ितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया. जहां टीम इंड‍िया ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर 9वीं बार यह ख‍िताब अपने नाम किया. लेकिन भारत को एश‍िया कप जीतने के बावजूद ट्रॉफी या मेडल नहीं म‍िला, जिसके बाद टीम ने अदृश्य ट्रॉफी के साथ मॉक सेल‍िब्रेशन किया.  आख‍िर इसका आइड‍िया किसका था. किसने भारतीय टीम को ऐसा करने की सलाह दी थी. इस बारे में द‍िलचस्प खुलासा टीम इंड‍िया के म‍िस्ट्री स्प‍िनर वरुण चक्रवर्ती ने किया.  स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने मंगलवार (7 अक्टूबर) को CEAT अवॉर्ड्स में खुलासा किया कि भारत की एशिया कप जीत के बाद की सेल‍िब्रेशन अदृश्य ट्रॉफी संग मॉक सेलिब्रेशन का प्लान‍िंग तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का आइडिया था. दरअसल, भारतीय टीम को एशिया कप ट्रॉफी नहीं दी गई क्योंकि खिलाड़ियों ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. भारत ने ट्रॉफी किसी अन्य अधिकारी से लेने का अनुरोध किया था, लेकिन यह मंजूर नहीं हुआ. नतीजतन, टीम को न तो विजेता मेडल मिले और न ही ट्रॉफी. इसके बाद दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में एक अनोखा नजारा देखने को मिला जब प्रेजेंटेशन सेरेमनी असफल हो गई, लेकिन भारतीय खिलाड़ी मैदान पर ही सेल‍िब्रेशन मनाने से नहीं रुके. अधिकारियों के चले जाने के बाद टीम ने पोडियम पर जाकर अपनी खुशी जताई. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने ट्रॉफी उठाने का अंदाज अपनाया और रोहित शर्मा के टी20 वर्ल्ड कप सेलिब्रेशन को भी रिपीट किया.  ट्रॉफी का इंतजार किया और फ‍िर ऐसे हुआ सेलिब्रेशन  वरुण चक्रवर्ती ने CEAT अवॉर्ड समारोह में खुलासा किया कि इस सेल‍िब्रेशन का आइडिया अर्शदीप का था. वरुण ने कहा- वास्तव में यह आइडिया अर्शदीप का था. हम ट्रॉफी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन हम सब जानते हैं कि वह कैसे हुआ. उन्होंने हंसते हुए कहा- मैं वहीं खड़ा था, उम्मीद कर रहा था कि ट्रॉफी आएगी, हम सब इंतजार कर रहे थे. लेकिन मेरे पास जो एकमात्र कप था, वह केवल कॉफी का कप था.  इसी समारोह में मेन्स T20I बैटर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड पाने वाले संजू सैमसन ने भी वरुण की भावनाओं को र‍िपीट किया. उन्होंने माना कि बिना ट्रॉफी के जश्न मनाना अजीब लगा, लेकिन टीम की सकारात्मकता ने माहौल को शानदार बना दिया.  सैमसन ने कहा- थोड़ा अजीब जरूर लगा, बिना ट्रॉफी के सेल‍िब्रेशन करना, लेकिन हमारे ड्रेसिंग रूम में बहुत पॉजिटिव माहौल है, अगर हमारे पास कुछ नहीं है, तब भी हम सेल‍िब्रेशन करते हैं जैसे हमारे पास सब कुछ हो, और हमने वही किया.  टीम इंड‍िया ने जब ट्रॉफी के साथ शेयर की थी फोटो भारतीय टीम ने एश‍िया कप जीतने के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अधिकारियों पर हल्का तंज करते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर अपनी जीत की तस्वीरें पोस्ट कीं. जिसमें वास्तविक ट्रॉफी की जगह ट्रॉफी इमोजी का इस्तेमाल किया गया. 

सेहत से खिलवाड़: राजस्थान में दवा में साल्ट गायब, जानलेवा टैबलेटों की बिक्री जारी

जयपुर  कफ सिरप से बच्चों के मौत का मामला इस वक्त सुर्खियों में है. लेकिन इसी बीच लोगों की सेहत से जुड़ी एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है. अकेले राजस्थान में एक साल के अंदर कई बड़ी बीमारियों की दवाओं के सैंपल फेल पाए गए. लेकिन उससे पहले ही इन दवाओं की हजारों गोलियां बेची जा चुकी हैं. जिन दवाओं के सैंपल फेल हैं उनमें एंटी बायोटिक से लेकर कार्डियक अरेस्ट जैसे गंभीर बीमारियों की टैबलेट शामिल हैं. इन दवाओं का बड़े पैमाने पर लोग उपयोग कर रहे हैं. वहीं, सैंपल में कई दवाओं से साल्ट भी गायब मिले. अधिकारियों का कहना है कि दवा नियंत्रण क़ानून में कई ख़ामियां हैं. जिसका फ़ायदा उठाकर आम लोगों के जीवन से खेलने का ये कारोबार चल रहा है. दवाइयों के सैंपल फेल होने का मामला राजस्थान के औषधि नियंत्रण विभाग की जांच में सामने आया. आजतक ने जब राजस्थान के औषधि नियंत्रण विभाग के कामकाज को खंगालना शुरू किया तो पता चला कि यहां लेबोरेटरी में जांच तो हो रही है और नतीजे भी आ रहे हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर गड़बड़झाला चल रहा था. राजस्थान ड्रग कंट्रोलर विभाग के अनुसार सैकड़ों दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं. इन दवाओं के सैंपल हुए फेल एंटीबायोटिकः जांच में इमोक्सीसिलन, क्लेवूलेनिक एसिड टैबलेट, सिफ्रोफ्लोक्सासिन, सेफपोडॉक्सिन, सेफट्राइजोन इंजेक्शन के 6 बैच फेल पाए गए. जांच से पहले मेडिरिच लिमिटेड की 1 लाख से अधिक दवाइयां बिक चुकी थीं. स्टेराइडः बीटामेथॉसॉन के 3 बैच फेल पाए गए. 5 दिसम्बर को रिपोर्ट आई. तब तक मेडिवेल बायोटिक की 30 हजार दवा बिक चुकी थी. एंटीएलर्जिकः-लिवोसिट्रोजिन, मोंटेलुकास्ट के 4 बैच सैंपल में फेल मिले. इसकी रिपोर्ट 5 दिसम्बर को आई. लेकिन तब तक थेराविन फार्माल्यूसेशन की 35 हजार दवाएं बिक चुकी थीं. एंटी डायबिटीक- ग्लिमिप्राइड, पायोग्लीटाजोन के 3 बैच फेल. रिलीफ बायोटेक की 18 हजार से अधिक दवाइयां बिक गईं. इसके अलावा पेनकिलर- एसीक्लोफिनेक, पेरासिटामॉल के 3 बैच फेल पाए. इसकी रिपोर्ट 11 दिसम्बर को आई. लेकिन तब तक 20 हजार दवा बिक चुकी थी. गैस और कैल्शियम की भी दवाएं सैंपल में फेल कैल्शियम, विटामिन डी3 के सप्लीमेंट के 8 बैच के सैंपल भी फेल पाए गए. जबकि पेट गैस की पीपीआई के 3 बैच फेल पाए गए. इनकी भी कई हजार गोलियां बिक चुकी हैं.  वहीं, कार्डियक में काम आने वाली लोसरटान के 2 बैच फेल मिले. इसकी दवा बनाने वाली एमेक्स फार्मा के 10 हजार से अधिक टेबलेट बिक चुके हैं. दवाओं से साल्ट भी गायब सैंपल में यह भी पाया गया कि पेट दर्द की दवा से लेकर नाक-कान तक की दवा में साल्ट ग़ायब हैं. इंजेक्शन से लेकर फ़्लूइड तक इंफ़ेक्शियस पाए गए हैं. राजस्थान के कमिश्नर औषधि नियंत्रक टी शुभमंगलन ने कहा कि अगले दो दिनों में हम राजस्थान के 65 दवा बनाने वाली कंपनियों में सघन जांच करने जा रहे हैं. अमानक दवाइयों को लेकर हम गंभीर हैं. नियम के अनुसार इन नक़ली दवाओं के सैंपल फेल होने पर कोर्ट केस होना चाहिए था, मगर ज़्यादातर मामलों नहीं हुआ है. इन कंपनियों के सैंपल कोलकाता के सेंट्रल लेबोरेटरी से जांच करवाकर राष्ट्रीय स्तर पर इन पर पाबंदी लगाने के लिए लिखना था. मगर राजस्थान के स्पेंडेड ड्रग कंट्रोलर रिपोर्ट लेकर बैठे रहे. हर बीमारी की बाजार में नकली दवा उपलब्ध ऐसी कोई बिमारी नहीं है कि जिसकी नक़ली दवा बाज़ार में बिकती हुई नहीं पकड़ी गई हो. नक़ली और अमानक दवा के प्रति सरकार का रवैया इतना लचर है कि जब तक जांच होकर रोक लगाने की बात होती है, तबतक लाखों लोग उसका उपयोग कर चुके होते हैं. ज़्यादातर दवाइयां दूसरे राज्यों में बन रही हैं जिसके लिए केंद्र और दूसरे राज्य की सहयोग की ज़रूरत होती है. जिसका फ़ायदा दवा कंपनियां उठा रही हैं.

राज्य की 58 हजार शालाओं का सामाजिक अंकेक्षण शुरू, शिक्षा गुणवत्ता पर सरकार का फोकस

रायपुर राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत शालाओं का सामाजिक अंकेक्षण प्रारंभ किया गया है। इस अंकेक्षण का आयोजन राज्य के सभी 58 हजार शालाओं में 6 से 8 अक्टूबर 2025 तक किया जा रहा है।  स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने प्रदेश के सभी जिला एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सामाजिक अंकेक्षण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह बच्चों की शिक्षा की वास्तविक स्थिति जानने और उसे सुधारने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी और शिक्षक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समुदाय की भागीदारी सक्रिय हो और अंकेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाया जाए। शिक्षा मंत्री  यादव ने यह भी कहा कि यह अभियान शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी अपेक्षित है।  राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन पर फोकस इस अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के घटकों का त्वरित क्रियान्वयन कर बच्चों की सीखने की उपलब्धियों में सुधार लाना है। सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित कर शिक्षा की गुणवत्ता पर ठोस प्रभाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम सभा से मिली सहमति, बनी सामाजिक अंकेक्षण टीमें 2 अक्टूबर 2025 को आयोजित ग्राम सभा में विद्यालयों में सामाजिक अंकेक्षण के आयोजन के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। इसके बाद प्रत्येक शाला के लिए सामाजिक अंकेक्षण टीमों का गठन किया गया है, जिनमें निकटवर्ती विद्यालय के शिक्षक को टीम लीडर तथा स्थानीय समुदाय से शिक्षा में रुचि रखने वाले सदस्यों को शामिल किया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की भूमिका सामाजिक अंकेक्षण हेतु प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं हाई-हायर सेकेंडरी स्तर पर प्रश्नावली तैयार करने और प्रशिक्षण देने का कार्य राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा किया गया है। समग्र शिक्षा इस कार्यक्रम के नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है। 20 प्रमुख प्रश्नों पर स्कूलों का मूल्यांकन सामाजिक अंकेक्षण के दौरान समुदाय से कुल 20 प्रश्नों पर जानकारी एकत्र की जा रही है। इसमें बच्चों की पठन क्षमता, गणितीय कौशल, शिक्षकों की उपस्थिति, पुस्तकालय उपयोग, परीक्षा परिणाम, स्थानीय भाषा के उपयोग जैसे पहलू शामिल हैं। इसी के साथ समुदाय से प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर विद्यालयों की स्थिति का विश्लेषण किया जाएगा। समुदाय की भागीदारी और न्यौता भोज की परंपरा विद्यालयों द्वारा सामाजिक अंकेक्षण की तिथि तय कर समुदाय के सदस्यों को उपस्थिति हेतु आमंत्रित किया गया है। विशेष रूप से, यदि कोई परिवार अपने सगे-संबंधी की स्मृति में “न्यौता भोज” आयोजित करना चाहे तो वह भी इसी दिन किया जा सकता है। जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान समुदाय की उपस्थिति और आयोजित न्यौता भोजों की संख्या को भी आकलन में शामिल किया जाएगा। ऑनलाइन प्रविष्टि और समीक्षा प्रक्रिया अंकेक्षण के बाद भरे गए प्रपत्रों पर समुदाय के हस्ताक्षर लेकर उन्हें विकासखंड स्तर पर जमा किया जाएगा, जहाँ ऑनलाइन प्रविष्टि की जाएगी। विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर कमजोर प्रदर्शन करने वाली शालाओं की सूची तैयार की जाएगी। इन शालाओं का निरीक्षण जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा ताकि आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। सुधार कार्यों में समुदाय का सहयोग सामाजिक अंकेक्षण के दौरान जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता पाई जाएगी, वहाँ समुदाय से इच्छुक प्रतिभागियों की सूची बनाकर उनके सहयोग से सुधार कार्य आरंभ किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त शिक्षकों की क्षमता वृद्धि तथा बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। 20 अक्टूबर तक उपलब्ध होगी रिपोर्ट सामाजिक अंकेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर 20 अक्टूबर 2025 तक जिलों को कमजोर प्रदर्शन करने वाली शालाओं की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके आधार पर संबंधित अधिकारियों को स्कूल आबंटित किए जाएंगे ताकि वे सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कर सकें। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत किया जा रहा यह सामाजिक अंकेक्षण न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह समुदाय को भी विद्यालयों की प्रगति में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करता है।

रायपुर में वित्त मंत्री का बयान – घटती GST दरों का फायदा जनता को मिलना चाहिए

रायपुर : आम जनता को मिले जीएसटी की घटी दरों का लाभ – वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने ली ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की विशेष समीक्षा बैठक रायपुर वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने ली ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की विशेष समीक्षा बैठकनवा  रायपुर में आयोजित ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की विशेष समीक्षा बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री  ओ. पी. चौधरी ने राज्य के नागरिकों को जीएसटी की घटी दरों का त्वरित लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ सीधे आम जनता तक पहुँचना चाहिए, ताकि हर परिवार को वास्तविक बचत और व्यापारियों को राहत मिल सके। वित्त मंत्री  चौधरी ने बैठक में राज्य के सभी बाजारों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जीएसटी दरों में की गई कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पारदर्शी रूप से पहुँचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “जीएसटी 2.0” के अंतर्गत दरों में ऐतिहासिक कमी की गई है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को राहत देना और व्यापार को सुगमता प्रदान करना है। यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि इस सुधार का लाभ समयबद्ध और ईमानदारीपूर्वक जनता तक पहुँचे। गौरतलब है कि आम उपयोग की वस्तुओं की दरों में व्यापक कमी की गई है — लगभग 99 प्रतिशत वस्तुएँ अब 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में लाई गई हैं। इस निर्णय से उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष रूप से बड़ी बचत हो रही है। उदाहरण के तौर पर, ट्रैक्टर जैसी कृषि मशीनरी पर 60,000 रुपये से 1,20,000 रुपये तक की बचत संभव हुई है। वहीं, कपड़ों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे आमजन का वार्षिक खर्च काफी घटेगा। उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर 2025 से लागू हुए जीएसटी 2.0 सुधारों का उद्देश्य आम भारतीय परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाना है। इन सुधारों के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण राहत दी गई है। व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम अब जीएसटी मुक्त हैं, जिससे परिवारों को सालाना हजारों रुपये की बचत होगी. अधिकांश दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और डायग्नोस्टिक किट पर जीएसटी दर 12% से 5% कर दी गई है, जबकि कई जीवनरक्षक दवाइयाँ पूरी तरह टैक्स मुक्त कर दी गई हैं। इन सुधारों से न केवल आम नागरिकों को स्वास्थ्य खर्च में राहत मिली है, बल्कि घरेलू बजट पर सकारात्मक असर भी पड़ा है। वित्त मंत्री  चौधरी ने सभी जिलों के जीएसटी अधिकारियों से कहा की वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी वस्तु पुरानी दरों पर न बेची जाए। यदि कोई पुराना स्टॉक उपलब्ध हो, तो उस पर नई संशोधित दरें अंकित की जाएँ और वस्तुएँ केवल नई दरों पर ही बेची जाएँ, ताकि जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचे। उन्होंने यह भी कहा कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी और राज्य स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा वे स्वयं करेंगे, ताकि “जीएसटी 2.0” सुधारों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुँच सके। यह बैठक वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री  ओ. पी. चौधरी, वित्त सचिव  मुकेश बंसल तथा आयुक्त, राज्य कर  पुष्पेन्द्र मीणा की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में विभाग के सभी वरिष्ठ एवं क्षेत्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।

राम नगरी अयोध्या में दिव्यता की नई झलक, राम की पैड़ी पर बन रहे हैं 6 विशाल दीपक

अयोध्या  भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक और धार्मिक भव्यता की मिसाल बनने जा रही है. दीपावली से पूर्व आयोजित होने वाले दीपोत्सव को इस बार और भी दिव्य और अद्भुत स्वरूप देने की तैयारी जोरों पर है. विशेष आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं राम की पैड़ी पर बन रहे छह विशालकाय दीपक, जो इस आयोजन को एक नई पहचान देंगे.  बिहार के कुशल शिल्पकारों द्वारा इन पत्थर के दीपों का निर्माण किया जा रहा है. ये दीपक बिजली से प्रज्वलित करने की तकनीक से भी लैस होंगे. निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है और इन्हें 10 अक्टूबर तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है, जिससे दीपोत्सव में ये आकर्षण का केंद्र बन सकें.  इन दीपों को विशेष रूप से इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि ये अयोध्या में होने वाले भव्य दीपोत्सव का स्थायी प्रतीक बन जाएं. हालांकि, बिजली से जलाने के लिए आवश्यक प्रोजेक्टरों की स्थापना फिलहाल समय की कमी के चलते संभव नहीं दिख रही है, इसलिए उच्चस्तरीय चर्चा के बाद इन्हें फिलहाल तेल से प्रज्वलित किए जाने की योजना बनाई जा रही है.  राम की पैड़ी का हो रहा भव्य सौंदर्यीकरण इन दीपों के निर्माण के साथ-साथ राम की पैड़ी का भी भव्य सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. यूपीपीसीएल द्वारा करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से सीढ़ियों, घाटों और आसपास की संरचनाओं को सजाया जा रहा है. यह क्षेत्र न केवल धार्मिक महत्त्व रखता है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आभार का केंद्र भी है.  इस बार पैड़ी के किनारे ऐसी सीढ़ियां बनाई जा रही हैं जिन्हें ओपन थियेटर के रूप में भी उपयोग किया जा सकेगा. इससे भविष्य में सांस्कृतिक और धार्मिक प्रस्तुतियों के लिए स्थायी मंच उपलब्ध होगा. हालांकि, कुछ निर्माण कार्य जैसे छत्री, राम-लक्ष्मण-सीता के स्तंभ दीपोत्सव से पूर्व पूर्ण नहीं हो पाएंगे, लेकिन इन्हें उत्सव के बाद पूरा किया जाएगा.  ये है खास प्लान  इस बार का दीपोत्सव 2025 नए विश्व रिकॉर्ड बनाएगा. क्योंकि, दीपोत्सव में 26 लाख से ज्यादा मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे. 2,100 श्रद्धालुओं द्वारा भव्य आरती की जाएगी. साथ ही साथ 1,100 ड्रोन से हवाई प्रदर्शन भी होगा. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि दीपोत्सव 2025 अब तक का सबसे भव्य उत्सव बने.   विशेष राम परिक्रमा यात्रा दीपोत्सव से पूर्व 12 अक्टूबर को एक विशेष राम परिक्रमा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है जिसकी अगुवाई राम जन्मभूमि ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास करेंगे. यह आयोजन निर्मोही अखाड़ा द्वारा किया जा रहा है जिसमें देशभर से डेढ़ हजार से अधिक संत भाग लेंगे.  रामकोट बैरियर से शुरू होकर यह परिक्रमा पूरे अयोध्या क्षेत्र में भ्रमण करेगी, जिसमें आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे. इस परिक्रमा का उद्देश्य अयोध्या को फिर से रामराज्य की भावना से जोड़ना और दीपोत्सव के आध्यात्मिक पक्ष को मजबूत करना है.  महंत राम दिनेश आचार्य ने दीपोत्सव के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि जब भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे थे, तो नगरवासियों ने उनके स्वागत में घर-घर दीप जलाकर नगर को आलोकित किया. तभी से यह परंपरा दीपावली के रूप में मनाई जाती है.  दीप जलाना केवल रोशनी करना नहीं बल्कि अंधकार पर प्रकाश की विजय, अज्ञान पर ज्ञान की जीत, और भक्ति की अभिव्यक्ति है. सनातन धर्म में दीपक जलाकर पूजा आरंभ करने की परंपरा इसका प्रमाण है. अयोध्या में इस वर्ष का दीपोत्सव न केवल भक्ति और आस्था का प्रतीक होगा बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक चेतना का उत्सव भी बनेगा. राम की पैड़ी पर बन रहे विशाल दीप भव्य परिक्रमा और रामनगरी की चमक यह दर्शाते हैं कि अयोध्या केवल एक स्थान नहीं बल्कि आस्था ऊर्जा और परंपरा की जीवंत प्रतीक है. 

तीन की बजाय पांच दिन का होगा छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का आयोजन, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

 रायपुर  छत्तीसगढ़ का राज्योत्सव इस बार बेहद खास होगा. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अबकी बार 3 दिन की जगह 5 दिनों का आयोजन होगा. इसकी शुरुआत एक नवंबर से होगी. राज्योत्सव का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, वहीं 5 नवंबर को समापन समारोह में उपराष्ट्रपति शामिल होंगे. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में जांजगीर में डकैती मामले में एनएसयूआई नेता की संलिप्तता पर कहा कि जांजगीर ही नहीं, जहां-जहां अपराध हुए वहां कांग्रेस की संलिप्तता मिली है. एक विधायक का रेत माफिया से वसूली का ऑडियो आया है. एक विधायक बलौदाबाजार आगजनी कांड में सहभागी रहे. एक विधायक शराब घोटाला मामले में जेल में बंद हैं. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस अपराध की पटकथा लिख रही है. मै कांग्रेस के विपक्ष में हूं, तो मैं खिलाफ में तो बयान दूंगा ही, लेकिन आंकड़े भी सच्चाई कह रहे हैं, जो किसी से छिपा नहीं है. वहीं व्यापारी हेमंत चंद्राकर प्रकरण पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के ट्वीट पर विजय शर्मा ने कहा कि उनके कार्यकाल में क्या-क्या हुआ, वो भूल गए. पुलिस अधिकारियों को तक नहीं छोड़ा गया, फर्जी प्रकरण बनाए गए. छत्तीसगढ़ में वर्किंग कल्चर ही खत्म हो गया था, इसलिए अब इन्हें हर चीज गलत दिखती है. विष्णुदेव सरकार में किसी अधिकारी पर जबरन काम का दबाव नहीं बनाया गया, अगर हुआ है तो एक उदाहरण बताएं. प्रशासन का काम प्रशासन और शासन का काम शासन कर रहा है.

जिलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में करें प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिले की औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं का अध्ययन कर बनायें कार्ययोजना: मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में करें प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक निवेश, रोजगार और स्थानीय उत्पादों को दिया जाये बढ़ावा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार्मिक पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा से रोजगार सृजन की दिशा में करें प्रयास जिलों की बंद औद्योगिक इकाइयों के प्रकरणों का हो शीघ्र निराकरण स्व-सहायता समूहों को एमएसएमई सेक्टर से जोड़ें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोजगार, उद्योग एवं निवेश संवर्धन सत्र को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि जिले की औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं का गहराई से अध्ययन कर ठोस कार्ययोजना बनायें। ऐसे प्रयास हों कि जिले में उद्योगों के साथ रोजगार के अवसर सृजित हों, जिससे जिले आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल करें और स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित किया जाए जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा को भी रोजगार से जोड़ने की बात कही जिससे युवाओं के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हों। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में "रोजगार, उद्योग एवं निवेश संवर्धन" सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की जेसी मिल, रतलाम की सज्जन मिल और उज्जैन की विनोद मिल से संबंधित समस्याओं का समाधान जिस तत्परता से किया गया है उसी तरह अन्य जिलों में बंद औद्योगिक इकाइयों का भी शीघ्र निराकरण किया जाए। मुरैना जिले की कैलारस स्थित शुगर मिल से जुड़े मामले का समाधान भी प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के औद्योगिक विज़न को ज़मीनी स्तर पर साकार करने में कलेक्टर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिलों की सक्रियता और विभागों के समन्वित प्रयास ही मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर, नवोन्मेषी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध अनुपयोगी भूमि का उपयोग कर लैंड बैंक विकसित किए जाएं। जिलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और स्व-सहायता समूहों को एमएसएमई सेक्टर से जोड़ने की दिशा में प्रभावी पहल की जाए जिससे स्थानीय उत्पादन और विपणन गतिविधियों में वृद्धि हो। प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास एवं निवेश प्रोत्साहन  राघवेंद्र कुमार सिंह, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग तथा एमएसएमई विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से प्रेजेंटेशन दिया गया। राज्य सरकार के वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित, औद्योगिक और रोजगार-समृद्ध प्रदेश के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए कि जिला निवेश सुविधा केंद्र (IFC) को सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाया जाए। औद्योगिक भूमि की पहचान कर अतिक्रमण मुक्त किया जाए तथा विभिन्न विभागों द्वारा समयबद्ध अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला कौशल समिति को सक्रिय कर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और वैकल्पिक रोजगार अवसरों से जोड़ा जाए। उद्योगों को पीएम विश्वकर्मा और अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया जाए। कलेक्टर्स से यह भी कहा गया कि एक जिला-एक उत्पाद के तहत उत्पादों की पहचान, ब्रांडिंग और विपणन पर प्रभावी कार्य किया जाए। टैग किए गए उत्पादों को योजनाओं जैसे PMFME और DEH-OSOP से जोड़ा जाए और एमएसएमई इकाइयों को डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा ई-कॉमर्स माध्यमों से जोड़ा जाए। बंद रेशम केंद्रों का पुनर्जीवन कर खादी, हस्तशिल्प और रेशम उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए स्थानीय मेलों और प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाए। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत उपकरण स्वीकृति और वितरण की सतत मॉनिटरिंग की जाए। इसके साथ ही, वित्तीय समावेशन और बैंकिंग सहयोग के क्षेत्र में DLCC एवं DLRC बैठकों का समय पर आयोजन करने, जन धन, मुद्रा और अटल पेंशन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा वार्षिक लक्ष्य पूर्ति हेतु बैंकों की सक्रिय भूमिका तय करने के निर्देश भी दिए गए।  

रात में गूंजा भयानक धमाका, 10 KM तक सुनाई दी आवाज, 200 गैस सिलेंडर फटे

जयपुर जयपुर-अजमेर हाइवे मंगलवार रात जिंदा लपटों का मैदान बन गया और इसका पूरा मंजर CCTV कैमरे में कैद हो गया. दूदू के पास सांवरदा इलाके में हुए इस हादसे का CCTV फुटेज अब सामने आया है, जिसमें कुछ ही सेकंड में पूरा ट्रक आग के गोले में बदलता दिखाई दे रहा है. यही नहीं, ट्रक में रखें गैस सिलेंडरों में इस कदर विस्फोट हुआ कि आसपास के होटलों में अफरा-तफरी मच गई. दरअसल, LPG सिलेंडरों से भरा ट्रक सड़क किनारे अवैध कट से मुड़ने की कोशिश कर रहा है, तभी पीछे से आ रहा तेज रफ्तार ट्रेलर उसे जोरदार टक्कर मारता है. टक्कर के साथ ही जोरदार धमाका होता है, फिर पूरा ट्रक आग की लपटों में घिर जाता है. इसके बाद शुरू होता है सिलेंडरों के फटने का सिलसिला, जो CCTV में एक-एक कर जलते और फटते नजर आते हैं.  रात के सन्नाटे में करीब 200 सिलेंडरों के धमाके, जिनकी आवाज़ें 10 किलोमीटर दूर तक गूंजीं. यही नहीं, आसपास के खेत और होटलों में ब्लास्ट हुए सिलेंडर के सिर्फ परखच्चे ही नहीं, बल्कि सिलेंडर के सिलेंडर उछल कर आ गिरे. फुटेज में दिखाई दे रहा है कैसे सड़क के दोनों तरफ लोग जान बचाने को भाग रहे हैं और आसपास के होटल आग की लाल रोशनी में डूब जाते हैं. करीब 3 घंटे तक धमाकों का तांडव चलता रहा और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचती दिखीं, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि तब तक 5 वाहन पूरी तरह स्वाहा हो गए.  वहीं, हादसे में एक व्यक्ति जिंदा जल गया, जिसका सिर्फ कंकाल मिला है और कई लोग झुलस गए हैं. दुर्घनाग्रस्त ट्रक में 330 सिलेंडर थे, जिसमें से करीब 200 फटे, बाकी खेतों में बिखर गए.  बता दें कि ठीक 10 महीने पहले इसी जयपुर-अजमेर हाइवे पर भांकरोटा अग्निकांड हुआ था, जिसमें 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और बीती रात वाला मंजर भी कुछ ऐसा ही था, लेकिन गनीमत रही की ज्यादा जनहानि नहीं हुई.