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दिवाली पर सरकारी कर्मचारियों के चेहरे खिले, योगी सरकार ने दिया ₹7,000 बोनस का गिफ्ट

लखनऊ  दीपावली से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा देकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है. मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राज्य कर्मचारियों को बोनस देने की घोषणा की है. त्येक पात्र कर्मचारी को 6,908 रुपए का लाभ होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बोनस कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और योगदान के प्रति राज्य सरकार की ओर से सम्मान का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति और सुशासन व्यवस्था में कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत अहम है. सरकार हर स्तर पर यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जो लोग प्रदेश के विकास के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं, उन्हें समय पर प्रोत्साहन और सहयोग मिले. जारी हुआ आदेश  वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य कर्मचारियों को “उत्पादकता असंबद्ध बोनस” दिया जाएगा. यह बोनस 30 दिनों की परिलब्धियों के आधार पर होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 7,000 रुपए तय की गई है. इसके अनुसार, प्रत्येक पात्र कर्मचारी को 6,908 रुपये का लाभ प्राप्त होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली खुशियों और एकता का पर्व है. यह बोनस कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सुख, आनंद और नए उत्साह का संदेश लेकर आएगा. सरकार चाहती है कि हर कर्मचारी इस पर्व को प्रसन्नता और गर्व के साथ मनाए. इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 14 लाख 82 हजार कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा. वित्त विभाग के अनुसार, इस पर कुल ₹1,022 करोड़ का व्यय भार आएगा. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि बोनस का भुगतान समयबद्ध रूप से किया जाए ताकि दीपावली से पहले कर्मचारियों के खातों में राशि पहुंच सके. पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा लाभ  सरकारी आदेश के अनुसार, इस बोनस का लाभ राज्य सरकार के पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा, जिनके पद वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 (₹47,600 से ₹1,51,100) तक हैं, जो पुराने ग्रेड पे ₹4,800 के समकक्ष है. इसके अलावा, राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों तथा राजकीय विभागों में कार्यरत कार्यप्रभारित एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी इस लाभ के पात्र होंगे. प्रदेश सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब दीपावली की तैयारियां जोरों पर हैं. कर्मचारियों के लिए यह निर्णय किसी “त्योहारी बोनस” से कम नहीं है. सरकारी कार्यालयों से लेकर शिक्षण संस्थानों तक, इस घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है. कई कर्मचारियों ने इसे “योगी सरकार की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता” का उदाहरण बताया है. सभी डीएम को भी आदेश  वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इस निर्णय का असर बाजारों पर भी सकारात्मक पड़ेगा. बोनस राशि के वितरण से उपभोग बढ़ेगा, जिससे दीपावली से पहले व्यापार और खरीदारी को बढ़ावा मिलेगा. इससे न केवल कर्मचारियों की जेब में राहत आएगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बोनस वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए सभी जिलाधिकारियों और विभागीय प्रमुखों को दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं. भुगतान को लेकर कोई देरी न हो, इसके लिए वित्त विभाग ने विशेष निगरानी तंत्र भी बनाया है. योगी सरकार पहले भी समय-समय पर कर्मचारियों के हित में निर्णय लेती रही है. हाल ही में महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि के बाद यह दूसरा बड़ा फैसला है जिससे सरकारी कर्मचारियों को राहत मिली है. एक ओर केंद्र सरकार ने भी बीते 29 सितंबर 2025 को अपने कर्मचारियों के लिए बोनस की घोषणा की थी, वहीं प्रदेश सरकार ने उसी तर्ज पर राज्य के कर्मचारियों को समान लाभ देकर उनके उत्साह को दोगुना कर दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, सरकार का यह प्रयास है कि कोई भी कर्मचारी अपने परिश्रम का फल पाने से वंचित न रहे. प्रदेश की विकास यात्रा में हर कर्मचारी की भूमिका मूल्यवान है. उनके सहयोग से ही ‘समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ का सपना साकार हो रहा है.

पाकिस्तान पर जीत का एलान? तालिबान के दावों और अफगानों के प्रचंड नारे से बढ़ी कड़वाहट

काबुल  पाकिस्तान के साथ खूनी जंग में तालिबानी लड़ाकों ने खुद को विजेता घोषित कर दिया है. अफगानिस्तान के कई शहरों में जनता तालिबानी लड़ाकों के साथ सड़क पर जश्न मना रही है. अफगानिस्तान के आम शहरियों ने कहा है कि अफगानिस्तान की सरजमीं पर पाकिस्तानियों की बुरी नजर बर्दाश्त नहीं है. अफगानिस्तान के खोस्त, नंगरहार, पकीता, पंजशीर और काबुल में इस लड़ाई को पाकिस्तानियों को अफगानियों का जवाब बताया जा रहा है.  अफगानिस्तान की अंग्रेजी वेबसाइट टोलो न्यूज के अनुसार अफगानिस्तान की अवाम का कहना है कि पाकिस्तान के साथ टकराव में उनकी सेना की बहादुरी सराहनीय है और अफ़ग़ानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाली पाकिस्तान की कार्रवाई उनके लिए असहनीय है. अफगानी सेना और तालिबानी लड़ाकों का समर्थन करने के लिए कई शहरों में युवा और कबीलाई नेता जमा हुए. कुनार निवासी दाऊद खान हमदर्द ने कहा, "अगर पाकिस्तान ने हमारे क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया होता, तो अफगानिस्तान को उनके खिलाफ इस तरह के हमले करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता." नंगरहार निवासी मोहम्मद नादेर ने कहा, "हमारी सीमाएं अन्य पड़ोसियों के साथ भी लगती हैं, फिर भी उनके साथ हमारे संबंध खराब नहीं हुए हैं. इससे पता चलता है कि समस्या हमारे साथ नहीं, बल्कि पाकिस्तान के साथ है, क्योंकि वह हमेशा से समस्याओं का स्रोत रहा है." कबायली बुज़ुर्गों,मजहबी विद्वानों ने घोषणा की कि मुल्क के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन उन्हें बर्दाश्त और वे इसके विरुद्ध कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं. कुनार के एक कबायली बुज़ुर्ग तवोस खान अखुंदज़ादा ने कहा, "अफगानिस्तान साम्राज्यों का कब्रिस्तान है. पाकिस्तान को अफगानिस्तान के इतिहास से सीख लेनी चाहिए और अफगानों को परेशान करना बंद करना चाहिए."पक्तिया निवासी मुस्लिम हैदरी ने कहा, "इस्लामिक अमीरात और अफगानिस्तान के लोगों का अपनी जमीन और क्षेत्र के एक-एक इंच की रक्षा करना वैध अधिकार है." अफगान की सुरक्षा पर कमेंट करने वाले एक हैंडल ने लिखा, "डूरंड रेखा पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ हालिया "बदला" अभियान में तालिबान बलों की जीत का जश्न मनाने के लिए लोग सड़कों पर उतर आए हैं. तालिबान लड़ाके झड़पों के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों से कथित तौर पर ज़ब्त किए गए हथियार भी दिखाते नजर आ रहे हैं.  अफगान डिफेंस के एक हैंडल ने लिखा, "अफगान फोर्सेज द्वारा पाकिस्तान को करारी शिकस्त दिए जाने के बाद अफगानी लोग अपने सैनिकों के सम्मान में एकत्रित होकर खुशी का जश्न मना रहे हैं." तालिबान के हमले में 58 सैनिक हुए ढेर, बौखलाए मुनीर ने बुलाई इमर्जेंसी मीटिंग अफगान तालिबान के एक के बाद एक हमलों ने पाकिस्तान की सेना को हिला दिया है. इन हमलों के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में सोमवार देर रात आपातकालीन उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई. सीएनएन-न्यूज18 को शीर्ष खुफिया सूत्रों ने बताया कि यह बैठक डूरंड लाइन (Durand Line) के पास पाकिस्तानी चौकियों पर हुए तालिबान के हमलों के बाद बुलाई गई थी. इन हमलों ने पाक सेना की खुफिया और सीमा सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर कर दिया है. बैठक में कॉर्प्स कमांडर पेशावर लेफ्टिनेंट जनरल उमर अहमद बुखारी, दक्षिणी कमांड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राहत नसीम अहमद खान, चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद अवाइस, DG ISI आसिम मलिक, DGMI मेजर जनरल वाजिद अजीज और DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्लाह सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया. खुफिया सूत्रों के मुताबिक आसिम मुनीर बेहद नाराज नजर आए और उन्होंने अपने कमांडरों से सख्त लहजे में पूछा, ‘पहले से खुफिया जानकारी क्यों नहीं थी? यह इंटेलिजेंस फेल्योर कैसे हुआ? कंटिजेंसी प्लान कहां था?’ मुनीर ने दिया बड़ा आदेश सूत्रों के मुताबिक, मुनीर ने इसे बड़ी रणनीतिक विफलता बताते हुए हर अधिकारी से जवाब मांगा कि तालिबान की इस व्यापक कार्रवाई का कोई पूर्व संकेत क्यों नहीं मिला और फौरन जवाबी कार्रवाई की तैयारी क्यों नहीं थी? उन्होंने सभी वरिष्ठ कमांडरों को निर्देश दिया कि सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपें, जिसमें सभी कमियां, कारण और सुधारात्मक कदम स्पष्ट रूप से बताए जाएं. साथ ही, उन्होंने आदेश दिया कि सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जाए और ‘किसी भी संभावित हमले को रोकने के लिए हर मोर्चे पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय’ किए जाएं. तालिबान के हमले से थर्राया पाकिस्तान मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान अब ‘युद्ध की स्थिति में है. अंदरूनी और बाहरी दोनों मोर्चों पर.’ उन्होंने सवाल किया- ‘हम कब तक एक ‘सॉफ्ट स्टेट’ बने रहेंगे जबकि हमारे जवान और नागरिक लगातार कुर्बान हो रहे हैं? अब वक्त है सख्त कदम उठाने का.’ खुफिया सूत्रों के अनुसार, तालिबान ने सात अलग-अलग मोर्चों अंगूर अड्डा, बाजौर, कुर्रम, दिर, चितराल, वजीरिस्तान (खैबर पख्तूनख्वा) और बहराम चाह व चमन (बलूचिस्तान) से भारी आर्टिलरी से हमला किया. इन हमलों ने पाकिस्तानी चौकियों को अचानक निशाना बनाया और सेना को चौंका दिया. क्यों भिड़े 'बिरादर' अफगानिस्तान और पाकिस्तान पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल की भिड़ंत डुरंज लाइन पर 11-12 अक्टूबर 2025 की रात हुई. इसका मुख्य कारण पाकिस्तान द्वारा 9-10 अक्टूबर को काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका में हवाई हमले थे. अफगानिस्तान पर राज कर रहे तालिबान ने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया. पाकिस्तान ने इन हमलों को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों पर कार्रवाई कहा. पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि इन्हें अफगानिस्तान में पनाह मिलता है.  पाकिस्तानी हमले के जवाब में तालिबान ने जवाबी कार्रवाई में 25 पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर हमला किया. पाकिस्तान ने कहा कि इस हमले में उन्होंने 200 तालिबान लड़ाकों को मार गिराया और उसके 23 सैनिक मारे गए. जबकि तालिबान का दावा है कि 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. अभी दोनों देशों के बीच व्यापार बंद है और टेंशन चरम पर है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि दोनों देशों के बीच लड़ाई कभी भी शुरू हो सकती है. 

15 अक्टूबर को होगा प्रदेश स्तरीय सड़क सुरक्षा सेमिनार, CM डॉ. यादव लेंगे हिस्सा

भोपाल मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और लोक निर्माण विभाग द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के सहयोग से एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय सड़क सुरक्षा सेमिनार का आयोजन मंगलवार 15 अक्टूबर को आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, स्वर्ण जयंती सभागार, भोपाल में होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश स्टेकहोल्डर्स एलायंस मीटिंग फॉर डेटा-ड्रिवन हाईवे लोकेल इंटरवेंशंस के अंतर्गत किया जा रहा है। इस आयोजन में प्रदेशभर के लगभग 500 तकनीकी अधिकारी शामिल होंगे। सेमिनार में सड़क सुरक्षा से जुड़े नवीनतम तकनीकी उपायों, डेटा विश्लेषण आधारित सड़क सुधार रणनीतियों तथा सड़क दुर्घटना नियंत्रण उपायों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। सेमिनार का उद्देश्य सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन को एक साझा मंच पर लाना है जिससे राज्य में सड़क सुरक्षा उपायों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। यह आयोजन प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना और सुरक्षित भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप एक महत्त्वपूर्ण पहल है जो ‘सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित जीवन’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में ठोस कदम साबित होगा।  

ASI की खुदकुशी से मचा हड़कंप, सुसाइड नोट में IPS पूरन कुमार पर गंभीर आरोप

रोहतक  हरियाणा के रोहतक में साइबर सेल में तैनात एक एएसआई ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को घटनास्थल से तीन पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो मैसेज मिला है. मृतक एएसआई ने अपने सुसाइड नोट में दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एएसआई ने लिखा है कि वाई पूरन कुमार भ्रष्टाचार में लिप्त थे और जातिवाद का सहारा लेकर सिस्टम को हाईजैक कर रहे थे. नोट में एएसआई ने कहा कि उसने “भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ शहादत” दी है और इस परिवार के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग की है. सूत्रों के अनुसार, मृतक एएसआई किसी अहम केस की जांच टीम का हिस्सा था, जो आईपीएस वाई पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार से जुड़े मामले से संबंधित थी.  फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है. सुसाइड नोट और वीडियो को फॉरेंसिक टीम ने कब्जे में ले लिया है. सुसाइड नोट में क्या लिखा  अपने सुसाइड नोट में एएसआई ने लिखा, 'संदीप कुमार S/O दयानन्द, गांव- जुलाना, जींद से हूं. मैने अपनी जिंदगी में हमेशा सच्चाई का साथ दिया है. मुझे सच्चा और नेक आदमी बहुत पसंद है मेरे दादाजी और छोटे दादाजी देश के लिए लड़े सेना में रहे. छोटे दादाजी तो 7 साल बर्मा में देश कि लड़‌ाई में कै में रहे. मेरी रगों में देशभक्ति है. देश और समाज से बड़ा कोई नहीं है. मैं भगत सिंह को अपना आदर्श मानता हूं क्योंकि उन्होंने देश कोआजाद करवाने में में जगाया है. लीजेंड थे. अगर भगत सिंह जैसे ना होते तो देश क्या देश आजाद होता? वो भाग सकते थे लेकिन नहीं भागे हमारी नस्लों को प्रेरणा देता है… आज समाज में एक बड़ा मुद्दा है भ्रष्टाचार और जातिवाद. हमेशा सच्चाई और आदर्श में बाधित करते हैं. हरियाणा में IAS अधिकारी और व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार करते हैं परन्तु BJP कि सरकार में कुछ ईमानदार अफसर थे जिन्होंने काफी हद तक भ्रष्टाचार पर लगाम लगा दी है. जो डीजीपी साहब ईमानदार और निडर व्यक्ति हैं. शुरुआत में बहुत ज्यादा कठिनाईयां आई मुझे माहौल में ढलने में. पर मेरा मन हमेशा सत्य के साथ था और रहेगा. इस नोट में उन्होंने आगे लिखा,  'हम अपराध पर लगाम लगाने में बहुत ज्यादा प्रयास किए और काफी हद तक बहुत से अफसरों का सहयोग मिला और अच्छा मार्गदर्शन मिला. सही के लिए प्रेरित किया परंतु आईजी पूरन कुमार का तबादला रोहतक रेंज में होते ही उन्होंने भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की तैनाती आईजी दफ्तर में कर दी और ईमानदार कर्मठ कर्मियों का तबादला कर दिया. उन्होंने जातिवाद का जहर हमारे मुलाजिमों में घोला. मुलाजिमों को आईजी दफ्तर में बुलाकर फाइलों के नाम पर डराकर पैसे लिए. और बिना शिकायत के रोहतक रेंज से फाइलें मंगाकर उनमें छोटी- मोटी कमियां निकालकर उन्हें मेंटली टॉर्चर किया. एसआईएस सुनील, गनमैन सुशील पैसे ऐंठते थे. महिला पुलिस को ऑफिस में बुलाकर ट्रांसफर के नाम पर परेशान करके यौन शोषण किया गया और सामान्य नागरिकों, व्यापारियों को बुलाकर फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया गया और मोटी रिश्वत ऐंठी गई. अपराध को बढ़ावा ही नहीं दिया बल्कि जुल्म की पराकाष्ठा की.' अपने नोट में उन्होंने कहा, 'कोई आवाज उठाने की कोशिश करता तो कहता कि मेरा बाल भी बांका… घरवाली आईएएस है और साला एमएलए है और पूरी फैमिली एससी आयोग में है. मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा. यहीं से आईजी पूरन कुमार को भ्रष्टाचार करने की ताकत मिलती थी और उन्होंने दबाकर भ्रष्टाचार किया. उच्च अधिकारियों और सीएम की जानकारी में यह बात आने पर उनका ट्रांसफर किया गया. ट्रांसफर के बाद एक व्यापारी, जिसे बदमाशों और गुंडों द्वारा पहले भी धमकी दी गई थी, उसको अपने ऑफिस में बुलाकर बेईज्जत किया औऱ मां-बहन की गालियां दी. उनके (व्यापारी) ऑफिस में जाकर गनमैन सुशील कुमार ने पैसे लिए जिसकी सीसीटीवी फुटेज और वॉयस रिकॉर्डिंग पेश करके जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. आईजी साहब का केस में नाम आने पर उन्होंने जातिगत आयोग का सहारा और राजनीतिकरण रंग देने के लिए झूठा सुसाइड नोट तैयार करके आत्महत्या की. जिस बारे में केवल गिरफ्तारी से बचने के लिए यह कदम उठाया और आईएएस वाली ईमानदार अफसरों को टारगेट करने का मौका मिल गया. पूरे हरियाणा में जातिगत जहर घोलकर ईमानदार और कर्मठ अधिकारियों को प्रताड़ित कर रहे हैं.' अंत में संदीप कुमार ने लिखा,  'यह सच्चाई और ईमानदारी की भ्रष्टाचार से लड़ाई है. इसमें सच्चाई सामने आनी चाहिए. आईएएस पत्नी अपना भ्रष्टाचार उजागर ना हो, संपत्ति की जांच ना हो, यह ढोंग कर रही है. परंतु सच्चाई नहीं हारनी चाहिए. यह हमारे देश और समाज के लिए आगे बढ़ने में बहुत ही जरूरी है. हमारे समाज के काले कव्वै और भ्रष्टाचारी इस लड़ाई को कम करने की कोशिश में हैं. यह भूल गए कि हमारी रगों में देशभक्ति कूट-कूटकर भरी हुई है. मेरे जैसे 100 जानें कुर्बान लेकिन देश नहीं झुकेगा और सच्चाई की जीत होगी. इस सच्चाई और ईमानदारी की लड़ाई में मैं पहली आहूति दे रहा हूं.'

भीषण सड़क हादसे से दहला जैसलमेर, बस में आग, दर्जनभर लोगों की जान जाने का खतरा

जैसलमेर  राजस्थान के जैसलमेर में सवारियों से भरी बस में मंगलवार (14 अक्टूबर) को आग लग गई. इस हादसे में 10 से 12 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है. जैसलमेर से जोधपुर जा रही इस बस में 50 से ज्यादा सवारियां बैठी हुईं थी. जानकारी के मुताबिक बस में सवार 15 यात्री गंभीर रूप से झुलसे गए थे इनमें से 10 से 12 यात्रियों की मौत की आशंका जताई जा रही है. इनमें तीन बच्चे और चार महिलाएं हैं. इस प्राइवेट बस में 57 यात्री सवार थे. घटना मंगलवार दोपहर 3:40 पर लगी. हालांकि आग लगने की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है. जैसलमेर से निकलने के बाद कुछ ही दूरी पर इसके पिछले हिस्से में अचानक आग लग गई. कुछ ही पलों में पूरी बस धूं-धूं कर जलने लगी. जानकारी के मुताबिक आगे की तरफ बैठे हुए यात्री किसी तरह कूद गए, लेकिन पीछे के हिस्से में बैठे यात्री झुलस गए बस में आग लगने से अफरा तफरी मच गई. झुलसे हुए लोगों को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है. आग लगने से बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. हादसा जैसलमेर के थईयात गांव के पास हुआ। आग की लपटें और धुआं काफी ऊंचाई तक उठता रहा। बस रोजाना की तरह दोपहर करीब 3 बजे जैसलमेर से जोधपुर के लिए रवाना हुई थी। करीब 20 किलोमीटर दूर रास्ते में थईयात गांव के पास अचानक बस के पिछले हिस्से में धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। राहत कार्य शुरू किया। लोगों ने दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। झुलसे यात्रियों को तीन एंबुलेंस से जैसलमेर के जवाहिर हॉस्पिटल लेकर गए। राहत और बचाव कार्य जारी फिलहाल जिला प्रशासन जैसलमेर की ओर से इस दर्दनाक घटना पर दुख व्यक्त किया गया है। जिला प्रशासन ने कहा कि जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी बस में आज अचानक आग लग जाने की दुखद घटना सामने आई है। जिला प्रशासन घटना की जानकारी मिलते ही सक्रिय हो गया है तथा राहत एवं बचाव कार्य तत्परता से किए जा रहे हैं। प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और यात्रियों की सहायता में जुटी हुई हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी जिला कलक्टर प्रताप सिंह ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है और संबंधित अधिकारियों को तत्काल राहत एवं चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। घायलों का श्री जवाहिर चिकित्सालय में डॉक्टरों के द्वारा तत्परता से उपचार किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने कहा, जनता से अपील की जाती है कि इस घटना से संबंधित वे किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता हेतु हेल्पलाइन नंबरों 9414801400, 8003101400, 02992-252201 और 02992-255055 पर संपर्क करें। जिला प्रशासन स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए है एवं आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं।  

अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा: कनाडा से लौटा युवक हथियारों सहित पकड़ा गया, पाक तस्करों से जुड़ा कनेक्शन

अमृतसर अमृतसर जिला देहाती पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी के नेटवर्क से संबंधित एक तस्कर को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए हैं। आरोपी का नाम अमरबीर सिंह उर्फ अमर, निवासी डेहरीवाल है। आरोपी के कब्जे से 6 पिस्तौल, 11 मैगजीन, .30 बोर के 91 कारतूस और 9 एमएम के 20 कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी हाल ही में कनाडा से लौटा था और पाकिस्तान-आधारित तस्करों के संपर्क में था। पुलिस को शक है कि आरोपी पंजाब में अवैध हथियारों की सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा है, जो सीमापार से तस्करी के जरिए अपराधियों तक हथियार पहुंचाने का काम करता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सीमापार से हथियार और नशे की तस्करी पर सख्त कार्रवाई की दिशा में एक बड़ा कदम है। एसएसपी देहाती मनिंदर सिंह ने कहा कि राज्य में संगठित अपराध और सीमापार तस्करी को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि पंजाब में शांति और सौहार्द बनाए रखा जा सके।   भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से दो एके-47 और कारतूस बरामद सीमा सुरक्षा बल ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से दो एके-47 राइफल और मैगजीन बरामद की हैं। इसके अलावा एक पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। यह सब एक पैकेट में छुपाए गए थे।  डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला कि यह खेप पाकिस्तान से भेजी गई थी। इसके जरिए त्योहार के सीजन में पंजाब में आतंकी साजिश को अंजाम दिया जाना था। बरामद हुए हथियारों को अमृतसर के स्टेट ऑपरेशन सेल को सौंप दिया गया है।  मेहंदीपुर गांव के पास बॉर्डर फेंस से बरामद हथियारों को भारतीय सीमा सुरक्षा ने स्टेट ऑपरेशन सेल को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने कहा कि सीमा पर हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी आतंकी या हथियार तस्करी की कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। ऑपरेशनल विवरण साझा करते हुए एसएसओसी अमृतसर के एआईजी सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि बीएसएफ अधिकारियों को खेमकरण सेक्टर के अंतर्गत भारत-पाक सीमा पर मेहदीपुर गांव के पास सीमा पार से हथियारों की खेप आने की सूचना मिली थी। इस पर कार्रवाई करते हुए गांव के इलाके में एक तलाशी अभियान चलाया और इलाके से हथियारों की एक खेप बरामद की गई।  उन्होंने कहा कि वर्तमान मामले में, बरामद हथियारों के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस अपराध में शामिल आरोपियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए जांच की जा रही है। इस संबंध में पुलिस स्टेशन एसएसओसी अमृतसर में शस्त्र अधिनियम की अलग अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

धर्मेंद्र प्रधान बोले—NDA में सीट बंटवारे पर 99 प्रतिशत सहमति, कुछ सीटों पर चर्चा जारी

पटना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बिहार चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के बीच 99 प्रतिशत सीटों पर यह तय हो गया है कि कौन-सी पार्टी किस सीट से चुनाव लड़ेगी। उनके अनुसार, शेष सीटों पर बहुत जल्द निर्णय लिया जाएगा। NDA के पांचों घटक दलों के बीच बातचीत जारी प्रधान ने यहां एक होटल में भाजपा के मीडिया सेंटर के उद्घाटन के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में कहा, “राजग के पांचों घटक दलों के बीच बातचीत जारी है। लगभग सभी सीटों पर सहमति बन चुकी है।” उन्होंने यह बातें तब कही हैं जब राजग में सीट बंटवारे को लेकर मतभेद के स्वर उभरने लगे हैं। जनता दल यूनाइटेड (जद(यू)) ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी के हिस्से में गई कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह दे दिया है। सूत्रों का कहना है कि राजग में सीट बंटवारे को लेकर सब कुछ ठीक नहीं है, कुछ सीटों को लेकर पेंच फंसा हुआ है। हालांकि राजग में एक जुटता दिखाने के लिए जद(यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, लोकजनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के उपेंद्र कुशवाहा ने ‘एक्स' पर यह जानकारी दी है कि “सीटों की संख्या तय हो गई है, कौन दल किस सीट पर लड़ेगा, इसकी सकारात्मक बातचीत अंतिम दौर में है। मोदी जी और नीतीश जी के नेतृत्व में राजग के सभी दल एकजुटता के साथ पूरी तरह तैयार हैं।” प्रधान ने दावा किया कि विपक्षी दलों को अपनी हार साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा “14 नवंबर के बाद एक बार फिर बिहार में राजग की सरकार बनेगी।” प्रधान ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट मानना है कि पूर्वोत्तर भारत के विकास का मार्ग बिहार से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा, “बिहार देश की राजनीतिक पाठशाला है। बिना बिहार की राजनीति को समझे, कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हो सकता।”

सोयाबीन उत्पादक किसानों को लाभांवित करने भावांतर योजना की स्वीकृति

कोदो-कुटकी का पहली बार उपार्जन किये जाने का निर्णय सोयाबीन उत्पादक किसानों को लाभांवित करने भावांतर योजना की स्वीकृति प्रदेश में "RAMP" योजना को सैद्धांतिक रूप से लागू किये जाने की स्वीकृति राज्य के शासकीय पेंशनर, परिवार पेंशनर को देय मंहगाई राहत की दर में वृद्धि किये जाने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रमुख कोदो-कुटकी उत्पादक जिलों के कृषकों से पहली बार कोदो-कुटकी उपार्जन का किये जाने का निर्णय लिया, जिससे अधिक से अधिक जनजातीय कृषकों को फायदा होगा। इस के लिए रानी दुर्गावती अन्न प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रमुख कोदो-कुटकी उत्पादक जिलों जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाडा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, सीधी एवं सिंगरौली के कृषकों से कोदो-कुटकी का उपार्जन किया जायेगा। साथ ही अन्य जिलों से मांग आने पर उन जिले के कृषकों से भी उपार्जन किये जाने पर विचार किया जायेगा। अन्न उत्पादक जिलों के कृषकों से अन्न कंसोर्टियम ऑफ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (अन्न फेडरेशन) द्वारा कोदो-कुटकी का उपार्जन किया जायेगा। खरीफ 2025 में उत्पादित अन्न कुटकी 3500 रूपये प्रति क्विंटल एवं कोदो 2500 रुपये प्रति क्विंटल के मान से लगभग 30 हजार मेट्रिक टन का उपार्जन किया जायेगा। इसके लिए अन्न फेडरेशन को 80 करोड़ रूपये का ब्याज मुक्त ऋण शासन के मूल्य स्थिरीकरण कोष से प्रदाय किया जायेगा। इसके अतिरिक्त कृषको को प्रोत्साहन राशि के रूप में 1000 रुपये प्रति क्विंटल के मान से संबंधित कृषकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदाय किये जायेंगे। सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा खरीफ वर्ष 2025 में प्रदेश के सोयाबीन के किसानों को लाभांवित किये जाने के लिए भारत सरकार की प्राईज डिफिसिट पेमेन्ट स्कीम लागू की गयी है, जो प्रदेश में भावांतर योजना कहलायेगी। प्रदेश में सोयाबीन भावांतर योजनांतर्गत 24 अक्टूबर, 2025 से 15 जनवरी, 2026 तक सोयाबीन का विक्रय, राज्य की अधिसूचित मंडियों में किया जायेगा। प्रदेश की मंडियों में 14 दिवस के सोयाबीन के विक्रय मूल्य के Weighted औसत के आधार पर सोयाबीन के मॉडल रेट की गणना की जायेगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य से विक्रय दर/मॉडल रेट अंतर की राशि पंजीकृत कृषकों के पोर्टल पर दर्ज बैंक खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से अंतरित की जायेगी। एम.एस.पी 5328 रूपये है। 'रेशम समृद्धि योजना'' के क्रियान्वयन की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार की सिल्क समग्र-2 योजना को 25% राज्यांश के साथ, राज्य में रेशम समृद्धि योजना के रूप में क्रियान्वयन की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। योजना अंतर्गत हितग्राहियों को रेशम उत्पादन संबंधी 23 गतिविधियों में सहायता प्राप्त होगी, जिसमें सामान्य वर्ग के हितग्राही को इकाई लागत की 75 प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 90 प्रतिशत आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इसमें क्रमशः 25 प्रतिशत एवं 10 प्रतिशत हितग्राही अंश रहेगा। योजना के क्रियान्वयन से मलबरी, वन्या और पोस्ट ककून क्षेत्रों में हितग्राहियों की सतत् रोजगार उपलब्ध होने के साथ उनकी आय में वृद्धि होगी। वर्तमान में कुल लागत इकाई राशि रूपये 3.65 लाख होती थी जिसमें 2.0875 लाख राज्य शासन से राज्य सहायता प्राप्त होती थी। रेशम समृद्धि योजना में इकाई की कुल लागत राशि रूपये 5 लाख होगी। उसमें से सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को केन्द्रांश राशि रूपये 2.50 लाख, राज्यांश राशि रूपये 1.25 लाख एवं हितग्राही का अंश राशि रुपये 1.25 लाख तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को केन्द्रांश राशि रूपये 3.25 लाख, राज्यांश राशि रूपये 1.25 लाख एवं हितग्राही का अंश राशि रूपये 0.50 लाख होगा। यह योजना रेशम किसानों के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होगी। प्रदेश में (RAMP)" योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, नई दिल्ली की "Raising and Accelerating MSME Performance" योजना को प्रदेश में सैद्धांतिक रूप से लागू किये जाने की स्वीकृति दी गयी हैं। योजनान्तर्गत प्रदेश के लिए स्वीकृत बजट 105 करोड़ 36 लाख रूपये अन्तर्गत राज्यांश की 30 प्रतिशत राशि 31 करोड़ 60 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। पेंशनर और परिवार पेंशनर को देय मंहगाई राहत की दर में वृद्धि मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य के शासकीय पेंशनरों परिवार पेंशनरों को देय मंहगाई राहत की दर में वृद्धि किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। राज्य के पेंशनरों / परिवार पेंशनरों को वर्तमान में देय मंहगाई राहत सातवें वेतनमान अंतर्गत 53 प्रतिशत एवं छठवें वेतनमान अंतर्गत 246 प्रतिशत में 1 सितम्बर 2025 (भुगतान माह अक्टूबर, 2025) से वृद्धि की जाकर कुल मंहगाई राहत सातवें वेतनमान अंतर्गत 55 प्रतिशत एवं छठवें वेतनमान अंतर्गत 252 प्रतिशत किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। शासकीय पेंशनरों / परिवार पेंशनरों को मंहगाई राहत में वृद्धि करने पर राज्य के कोष पर इस वितीय वर्ष में लगभग 170 करोड़ रूपये का अतिरिक्त व्यय भार आयेगा। छत्तीसगढ़ शासन के पत्र 25 अगस्त 2025 के अनुक्रम में सहमति प्रदान किये जाने के लिए निर्णय लिया गया है। ''सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना 2021 में नए प्रावधान सम्मिलित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा प्रदेश के "सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना वर्ष 2021" के विद्यमान प्रावधानों के साथ अन्य प्रावधानों को सम्मिलित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के 5 हजार युवाओं को विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रतियोगी परीक्षाओं का निःशुल्क परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद् द्वारा आरक्षक (विसबल) 620 अरुण सिंह भदौरिया, 15वीं वाहिनी विसबल, इंदौर को प्रधान आरक्षक (विसबल) के पद पर क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया हैं।  

80 वर्षों में चौथी बार बदला Tata Motors का नाम, डीमर्जर के बाद नई शुरुआत

नई दिल्ली भारत की सबसे भरोसेमंद ऑटोमोबाइल कंपनी Tata Motors ने 80 साल के इतिहास में एक और नया अध्याय जोड़ दिया है. 13 अक्टूबर 2025 को कंपनी का नाम बदलकर 'टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड' कर दिया गया है. यह बदलाव सिर्फ एक नाम का नहीं, बल्कि कंपनी के भविष्य की दिशा तय करने वाला ऐतिहासिक कदम है. यह कदम टाटा ग्रुप की उस दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है जिसके तहत कंपनी अपने पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल बिजनेस को अलग-अलग इकाइयों में बांट रही है. अब जहां पैसेंजर व्हीकल्स, SUVs, इलेक्ट्रिक वाहनों और जगुआर लैंडरोवर के बिजनेस को नई यूनिट टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड (TMPVL) संभालेगी, वहीं ट्रक, बस और पिकअप जैसे कमर्शियल वाहनों की जिम्मेदारी TML Commercial Vehicles Limited (जो जल्द ही अपना नाम टाटा मोटर्स लिमिटेड रखेगी) के पास होगी. टाटा मोटर्स का यह डीमर्जर (विभाजन) 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हो गया है, जिसे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) मुंबई बेंच ने 25 अगस्त 2025 और 10 सितंबर 2025 को पारित आदेशों के माध्यम से मंज़ूरी दी थी. जिन शेयरधारकों के पास टाटा मोटर्स के शेयर 14 अक्टूबर 2025 की रिकॉर्ड डेट पर होंगे, उन्हें अब दोनों नई यूनिट (पैसेंजर व्हीकल और कमर्शियल व्हीकल कंपनियों) में एक-एक शेयर मिलेगा. 80 साल में चौथी बार अगर टाटा मोटर्स का इतिहास पलटकर देखें, तो हर नाम बदलाव के पीछे एक सोच रही है. समय के साथ अपने कारोबार की दिशा को साफ़ परिभाषित करना. 1945: शुरुआत हुई टाटा लोकोमोटिव एंड इजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के रूप में. एक ऐसी कंपनी जो भारत के औद्योगिक भविष्य का सपना देख रही थी. 1960: नाम बदला टाटा इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव कंपनी लिमिटेड (TELCO). जब भारत औद्योगिक क्रांति की दहलीज पर था. 2000: कंपनी ने इंजीनियरिंग पर फोकस बढ़ाते हुए खुद को टाटा इंजीनिरिंग लिमिटेड कहा. 2003: एक निर्णायक मोड़, जब TELCO का नाम बदलकर टाटा मोटर्स लिमिटेड हुआ. उस वक्त रतन टाटा ने कहा था “टाटा मोटर्स उस काम को परिभाषित करता है जो हम वास्तव में करते हैं.” और अब, 2025 में, टाटा मोटर्स ने खुद को दो अलग रास्तों पर विभाजित किया है. ताकि हर सेगमेंट अपने सामर्थ्य के हिसाब से उड़ान भर सके. नया स्ट्रक्चर, नया विज़न     टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड: कार, SUV, EV और लक्ज़री JLR ब्रांड्स का घर बनेगी.     टाटा मोटर्स लिमिटेड (नई यूनिट): ट्रक, बस और कमर्शियल वाहनों का निर्माण करेगी. टाटा का डीमर्जर एक नए युग की शुरुआत है. एक ओर जहां पैसेंजर व्हीकल डिविजन देश के इलेक्ट्रिक ट्रांजिशन की अगुवाई करेगा, वहीं कमर्शियल व्हीकल डिविजन भारत के बुनियादी ढांचे की ताकत बने रहने की दिशा में आगे बढ़ेगा.

ये हैं दिवाली, धनतेरस, नरक चतुर्दशी, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के शुभ समय

दीपावली 2025 केवल दीपों का पर्व नहीं, बल्कि आस्था, परिवार और समृद्धि का प्रतीक है। इन 6 दिनों में प्रतिदिन का पूजा मुहूर्त जानना शुभ फल प्रदान करता है। हर दिन दीप जलाएं, ईश्वर का स्मरण करें और अपने जीवन में प्रकाश फैलाएं। दीपोत्सव 2025 का आरंभ 18 से 23 अक्टूबर तक रहेगा। 5 दिवसीय पर्व इस वर्ष दीपावली उत्सव 6 दिनों तक मनाया जाएगा 18 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2025 तक। पुष्य नक्षत्र में शुभ खरीदारी 14 से 15 अक्टूबर के बीच होगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह काल धन, सौंदर्य और धार्मिक पुण्य का सर्वोत्तम समय माना गया है। धनतेरस 2025 – 18 अक्टूबर त्रयोदशी तिथि: दोपहर 12:18 से अगले दिन 01:51 बजे तक। पूजा मुहूर्त: शाम 07:15 से 08:19 बजे तक। प्रदोष काल: शाम 05:48 बजे से रात्रि 08:19 बजे तक। यम दीपम समय: प्रदोष काल में। धनतेरस खरीदारी का शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:43 से दोपहर 12:29 तक। लाभ का चौघड़िया: अपराह्न 01:32 से 02:57 तक। अमृत का चौघड़िया: अपराह्न 02:57 से 04:23 तक। लाभ का चौघड़िया: शाम 05:48 से 07:23 तक। धनतेरस शुभ योग ब्रह्म- अक्टूबर 18 01:48 ए एम – अक्टूबर 19 01:47 ए एम इन्द्र- अक्टूबर 19 01:47 ए एम – अक्टूबर 20 02:04 ए एम इस दिन धन्वंतरि देव और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। सोना, चांदी या बर्तन खरीदना अत्यंत शुभ माना गया है। उपाय: शाम के समय यम दीपक अवश्य जलाएं। नरक चतुर्दशी – 19 अक्टूबर चतुर्दशी तिथि की शुरुआत: 19 अक्टूबर 2025 को दोपहर 01:51 बजे। चतुर्दशी तिथि का समापन: 20 अक्टूबर 2025 को दोपहर 03:44 बजे। पूजा समय: शाम 05:47 से 08:57 बजे तक। अभ्यंग स्नान मुहूर्त: 20 अक्टूबर सुबह 05:09 से 06:25 तक। पूजा का गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:58 से 06:23 तक। पूजा का निशीथ काल मुहूर्त: मध्य रात्रि 11:41 से 12:31 बजे तक।   नरक चतुर्दशी पर शुभ योग सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन अमृत सिद्धि योग: शाम 05:49 बजे से अगले दिन सुबह 06:25 तक। यह दिन रूप चौदस कहलाता है। इस दिन स्नान, दीपदान और श्रीकृष्ण की आराधना करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। महालक्ष्मी पूजा – 20 अक्टूबर कार्तिक अमावस्या तिथि प्रारम्भ- 20 अक्टूबर 2025 को दोपहर 03:44 बजे से। अमावस्या तिथि समाप्त- 21 अक्टूबर 2025 को शाम 05:54 बजे तक। अमावस्या तिथि: 20 अक्टूबर 03:44 से 21 अक्टूबर 05:54 तक। रूप चौदस का स्नान मुहूर्त: प्रात: 04:46 से 06:25 के बीच। अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 से 12:34 तक। विजय मुहूर्त: दोपहर 02:07 से 02:53 तक। गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:57 से 06:22 तक। संध्या पूजा: शाम 05:57 से 07:12 तक। लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: शाम 07:23 से 08:27 तक। प्रदोष काल- शाम 05:57 से 08:27 के बीच। वृषभ काल- रात्रि 07:23 से 09:22 के बीच। निशीथ काल पूजा : रात्रि 11:47 से 12:36 तक। 20 अक्टूबर 2025 चौघड़िया मुहूर्त: अमृत: प्रात: 06:25 से 07:52 तक। शुभ: सुबह 09:18 से 10:45 तक। लाभ: दोपहर बाद 03:04 से 04:31 तक। अमृत: शाम 04:31 से 05:57 तक। चर: शाम 05:57 से रात्रि 07:31 तक। लाभ: मध्य रात्रि 10:38 से 12:11 तक। नोट: मुहूर्त और चौघड़िया के समय में 2 से 5 मिनट की घट-बढ़ रहती है। प्रदोष और वृषभ काल में की गई पूजा से अक्षय समृद्धि प्राप्त होती है। उपाय: महालक्ष्मी को कमल पुष्प और खीर का भोग लगाएं। गोवर्धन पूजा और अन्नकूट पूजा – 22 अक्टूबर प्रतिपदा तिथि: 21 अक्टूबर शाम 05:54 से 22 अक्टूबर 08:16 तक। सुबह का मुहूर्त: 06:26 से 08:42 तक। गोवर्धन पूजा सायाह्न काल मुहूर्त- अपराह्न 03:29 से शाम 05:44 के बीच। गोवर्धन पूजा गोधूलि मुहूर्त- शाम को 05:44 से 06:10 के बीच। उदया तिथि के अनुसार 22 अक्टूबर 2025 को होगी गोवर्धन एवं अन्नकूट पूजा। इस दिन श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र के अभिमान को शांत किया था। अन्नकूट का भोग लगाने से वर्ष भर भोजन और सुख की वृद्धि होती है। भाई दूज – 23 अक्टूबर द्वितीया तिथि: 22 अक्टूबर रात 08:16 से 23 अक्टूबर रात 10:46 तक। उदया तिथि के अनुसार 23 अक्टूबर 2025 को मनाएंगे भाई दूज का पर्व। तिलक का शुभ समय: 01:13 से 03:28 बजे तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:43 से 12:28 के बीच। विजय मुहूर्त: अपराह्न 01:58 से 02:43 के बीच। बहनें अपने भाइयों की रक्षा और दीर्घायु के लिए तिलक लगाती हैं। उपाय: इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य दें और भाई को मिठाई खिलाएं।