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चुनावी मोर्चे पर उत्तर प्रदेश के अफसर तैनात, बिहार में संभालेंगे जिम्मेदारी

लखनऊ  बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Chunav) के लिए एनडीए का सीट बंटवारा हो गया है। एक साथ एनडीए दलों के नेता ने ट्वीट करके बताया है कि बीजेपी और जेडीयू 101-101 यानी बराबर सीट लड़ेगी। चिराग पासवान की लोजपा 29, उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो 6 और जीतनराम मांझी की हम 6 सीट लड़ेगी। यह पहली बार होगा कि बिहार में जेडीयू और भाजपा विधानसभा में बराबर सीट लड़ेगी। जेडीयू हमेशा बीजेपी से ज्यादा सीट लड़कर और बड़े भाई के दर्जा में रही है। दिल्ली में बीजेपी कैंडिडेट के चयन के लिए पार्टी दफ्तर में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई है। आज देर रात या कल सुबह भाजपा अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करना शुरू कर देगी। महागठबंधन में सीट बंटवारा फंसा हुआ है। लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव दिल्ली में हैं क्योंकि सोमवार को लैंड फॉर जॉब केस में सुनवाई के दौरान उनकी पेशी है। तेजस्वी की राहुल गांधी से मुलाकात की अभी कोई खबर नहीं है। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी भी दिल्ली के लिए निकल गए हैं और कहा है कि महागठबंधन बीमार है, दिल्ली में इसका इलाज होगा तो स्वस्थ हो जाएगा। पटना में आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने कहा है कि महागठबंधन में सीट बंटवारे का ऐलान कल हो जाएगा। बाकी दलों में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की दूसरी लिस्ट कल आएगी। पशुपति पारस की पार्टी ने कहा है कि वो परसों तक फैसला करेगी। बताया जा रहा है कि महागठबंधन से 4 सीट का ऑफर मिला था जो पारस को मंजूर नहीं है। अब वो असदुद्दीन ओवैसी और चंद्रशेखर आजाद के साथ गठबंधन की सोच रहे हैं।

योगी सरकार लगाएगी सभी मंडलों में प्रदर्शनी, दिव्यांगजन के हुनर को मिलेगा मंच

वोकल फॉर लोकल के साथ दिव्यांगजन की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में जुटी योगी सरकार लखनऊ इस दीपावली, उत्तर प्रदेश के घर-घर में न केवल मिट्टी के दीये जलेंगे, बल्कि दिव्यांगजन के हुनर और आत्मनिर्भरता की चमक भी समाज को रोशन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी मंडलों में 16-17 अक्टूबर को 'दिव्य दीपावली मेला-2025' का आयोजन होगा, जिसमें दिव्यांगजन द्वारा निर्मित उत्पादों की भव्य प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी।  योगी सरकार की यह पहल न केवल 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के मंत्र को साकार करने से साथ-साथ दिव्यांगजन को आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान का नया मंच भी प्रदान करेगी। मिट्टी के दीपकों से लेकर कृत्रिम आभूषण और खाद्य सामग्री तक, इन प्रदर्शनियों में दिव्यांगजन का कौशल दीपोत्सव की रौनक को दोगुना करेगा। योगी सरकार दिव्यांगजनों के न केवल आर्थिक विकास पर ध्यान दे रही है, बल्कि सामाजिक समावेशिता को भी प्राथमिकता देती है। इस दीपावली, जब घर-घर दीये जलेंगे, तो दिव्यांगजन के हुनर की रोशनी पूरे प्रदेश को नई दिशा देगी।  इन उत्पादों की लगेगी प्रदर्शनी दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा आयोजित इस मेले में हस्तनिर्मित मिट्टी के दीपक, आकर्षक मोमबत्तियां, कृत्रिम आभूषण, हथकरघा उत्पाद, घरेलू सजावटी सामान, पूजा सामग्री, आचार, मुरब्बा, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री प्रदर्शित होंगी। ये उत्पाद विभिन्न दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्रों, स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ के सहयोग से तैयार किए गए हैं।  प्रदेश सरकार ने सभी मंडल मुख्यालयों में प्रदर्शनियों के लिए उचित स्थान चिह्नित करने और व्यापक प्रचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, दिव्यांगजन के उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकें। यह पहल 'वोकल फॉर लोकल' के साथ दीपोत्सव को स्वदेशी रंग देने का प्रयास है। गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ जैसे मंडलों में मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बस्ती, अलीगढ, वाराणसी, झांसी, प्रयागराज, बरेली आदि में भी मेले का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक लोग इन प्रदर्शनियों में शामिल हों और स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं। यह आयोजन दीपावली की रौनक को बढ़ाने के साथ-साथ समाज में संवेदनशीलता का संदेश देगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि योगी सरकार ने दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। 'दिव्य दीपावली मेला-2025' न केवल उनके हुनर को मंच देगा, बल्कि समाज को यह संदेश देगा कि हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा से समाज को रोशन कर सकता है।

आस्था और विकास का संतुलन: इंदौर-इच्छापुर हाईवे के विस्तार में शांतिपूर्ण कार्रवाई

बुरहानपुर शहर से गुजरे इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे पर मौजूद धार्मिक स्थल और पेड़ लंबे समय से सुगम आवागमन में बाधा बने हुए थे। बुधवार को जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सभी 14 धार्मिक स्थलों को हटा दिया। इनमें मजारें और मंदिर शामिल थे। इसके साथ ही सड़क पर मौजूद पेड़ों को भी हटाया गया है। राजपुरा गेट और गुड हास्पिटल के पास मौजूद पीपल के पेड़ों को शिफ्ट करने पर भी विचार किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने बस स्टैंड के पास बेरिकेड लगा कर शिकारपुरा थाने तक के मार्ग को बंद कर दिया था। मजारों और मूर्तियों को ससम्मान वाहनों में रखकर ले जाया गया। हाइवे को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई थी। बड़ी बात यह रही कि इस कार्रवाई का किसी भी पक्ष ने विरोध नहीं किया, बल्कि लोग स्वयं आगे आए और मंदिरों व महारों को तोड़ने में सहयोग दिया। कलेक्टर हर्ष सिंह और एसपी देवेंद्र पाटीदार की सटीक प्लानिंग के कारण कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से निपट गई।   तड़के पहुंच गए थे अफसर-कर्मचारी इस कार्रवाई की पूरी तैयारी पुलिस और प्रशासन ने मंगलवार को ही कर ली थी। बुधवार सुबह साढ़े छह बजे से अधिकारी, कर्मचारी व पुलिस बल अंकिता टाकीज क्षेत्र के पास एकत्र होने शुरू हो गए थे। आसपास के चार जिलों से बुलाए गए पुलिस बल, जिला बल, नगर निगम आदि के कर्मचारियों को मिलाकर 500 से ज्यादा कर्मचारी मैदान में उतरे। मौके पर कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी देवेंद्र पाटीदार, अपर कलेक्टर वीरसिंह चौहान, एडिशनल एसपी अंतर सिंह कनेश, एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, आधा दर्जन थानों के प्रभारियों ने मोर्चा संभाला और कार्रवाई शुरू कर दी। तारवाला बोरवेल के पास स्थित दो मजारों के बाद मंदिर को हटाया गया। इसके बाद राजपुरा गेट के पास मंदिर हटाए गए। प्रशासन की कार्रवाई देख मोमिनपुरा के पास स्थित एक अन्य मजार को लोगों ने स्वयं ही सड़क किनारे से हटा लिया। हाइवे निर्माण को मिलेगी गति उल्लेखनीय है कि आने वाले समय में इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे झिरी के पास से बन रहे बायपास मार्ग से डायवर्ट होकर इच्छापुर में मिलेगा। इसके बाद झिरी से शाहपुर व इच्छापुर तक के करीब 40 किमी के मार्ग को भी सीसी फोरलेन बनाया जाना है। निर्माण एजेंसी को काम के दौरान कोई बाधा न आए, इसलिए हाईकोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि आस्था विकास में बाधा नहीं बनेगी। नागरिकों ने प्रशासन को जिस तरह सहयोग दिया है, वह प्रेरणादायी है। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री दिनेश सुगंधी और प्रदेश प्रवक्ता ओम आजाद ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। सड़क पर ही खोद दिया था बोरवेल प्रशासनिक कार्रवाई के बाद तत्काल विद्युत वितरण कंपनी और नगर निगम ने अपना काम शुरू कर दिया था। सड़क से आधा दर्जन छोटे पेड़ हटाए गए तो पता चला कि नगर निगम के अधिकारियों ने सड़क पर ही बोरवेल भी खोद दिया था। निगम ने इसकी मोटर व पाइप निकलवा कर बोरवेल को बंद किया। विद्युत वितरण कंपनी ने भी टूटे बिजली के तार जोड़े और सड़क पर बिखरे मलबे और टहनियों को हटवाया।

अयोध्या दीपोत्सव में लखीमपुर की मिट्टी बिखेरेगी पवित्र रोशनी

जनसहभागिता और स्वावलंबन का पर्व बना दीपोत्सव अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस बार अयोध्या का दीपोत्सव न सिर्फ भव्यता का बल्कि आत्मनिर्भरता और जनसहभागिता का प्रतीक बन रहा है। लखीमपुर खीरी की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार 25 हजार इकोफ्रेंडली दीए अब अयोध्याधाम की पवित्र भूमि पर रोशनी बिखेरेंगे। यह दीए वहां की मिट्टी और गोबर से बनाए गए हैं, जिनमें जड़ी-बूटियों की प्राकृतिक खुशबू भी समाहित है। लखीमपुर से पहुंचे 25 हजार दीए नगर निगम कार्यालय में धौरहरा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार तिवारी ने महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी को ये दीपक सौंपे। इस अवसर पर महापौर ने लखीमपुर की जिलाधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल और मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार का आभार जताया। जनसहभागिता और स्वावलंबन का उत्सव बना दीपोत्सव महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का दीपोत्सव अब जनसहभागिता, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर की महिलाओं का यह योगदान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी मेहनत और सृजनशीलता से बने दीए अयोध्या की धरती पर आत्मनिर्भर भारत की ज्योति जलाएंगे। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने दीयों को हस्तगत करते हुए लखीमपुर की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि यह महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। इकोफ्रेंडली दीपोत्सव की दिशा में बड़ा कदम बीडीओ संदीप तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इकोफ्रेंडली दीपोत्सव मनाने के संकल्प को साकार करने में लखीमपुर की महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। दो माह की मेहनत से आकांक्षी ब्लॉक धौरहरा की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने 25 हजार दीए तैयार किए हैं। उन्होंने बताया कि सीडीओ अभिषेक कुमार ने विकास भवन परिसर से इन दीयों से भरे वाहन को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या के लिए रवाना किया। महिलाओं की मेहनत से आत्मनिर्भरता की लौ संदीप कुमार ने बताया कि महिलाओं ने कम समय में गोबर और मिट्टी से सुंदर, टिकाऊ और पर्यावरण हितैषी दीए बनाए हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण की यह मिसाल पूरे प्रदेश के लिए अनुकरणीय है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ को मिला श्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन उत्कृष्ट कार्य हुआ है। पिछले जनवरी 2025 तक छत्तीसगढ़ इस योजना के क्रियान्वयन में देश में सबसे पिछले पायदान पर था, लेकिन मुख्यमंत्री साय की सतत मॉनीटरिंग के बाद पिछले नौ माह में छत्तीसगढ़ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में देश में पहले पायदान पर आ गया है। भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ को श्रेष्ठ प्रदर्शन राज्य का सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान राज्य के अथक प्रयासों और स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुकरणीय कार्यशैली का प्रमाण है। सम्मान देने के मुख्य कारण पहचान किए गए सभी मुद्दों पर गहन फील्ड ऑडिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। आयुष्मान योजना के दावा प्रक्रिया में टर्नअराउंड टाइम को उल्लेखनीय रूप से घटाया गया, जिससे लाभार्थियों को त्वरित सेवाएं मिलीं। सभी संबंधित हितधारकों की विस्तृत संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन कर उन्हें जागरूक बनाया गया। सीएम साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को दी बधाई एनएचए की पैनल्ड स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ प्रभावी संचार तंत्र स्थापित कर समन्वय को बेहतर किया गया। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास राज्य के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है। यह योजना सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक देखभाल के लिए है और इसका उद्देश्य परिवारों पर स्वास्थ्य खर्च के बोझ को कम करना है।

नगर निगम का बड़ा फैसला: पटेल चौक में निर्माण मामला अब पूरी तरह उलट!

जालंधर  शहर को सुंदर और हरा-भरा बनाने के लिए जालंधर नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे ब्यूटीफिकेशन अभियान में निगम अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। कुछ दिन पहले नगर निगम अधिकारियों के निर्देश पर पटेल चौक के बीचो-बीच एक बड़ा गड्ढा खोदा गया था और उसके ऊपर एक स्ट्रक्चर बनाए जाने की योजना बनाई गई थी। इस स्ट्रक्चर पर एक अस्पताल का विज्ञापन भी लगाने की योजना थी। इस खुदाई को देखकर लोगों में चर्चा शुरू हो गई कि चौराहों के बीच ऐसे स्ट्रक्चर बनाकर नगर निगम आने वाले समय में ट्रैफिक के लिए दिक्कतें पैदा कर रहा है। जब इस प्रोजेक्ट की मीडिया और सोशल मीडिया में भारी आलोचना हुई, तो नगर निगम को अपनी योजना पर पुनर्विचार करना पड़ा। निगम ने अब स्पष्ट किया है कि पटेल चौक के बीचो-बीच कोई स्ट्रक्चर नहीं बनाया जाएगा और जो खुदाई की गई है, उसे भी जल्द ही रिपेयर कर दिया जाएगा। इस घटना से यह बात स्पष्ट हो गई है कि नगर निगम का ब्यूटीफिकेशन अभियान भी लापरवाही का शिकार हो रहा है और बिना उचित प्लानिंग के ही चौक के बीचों-बीच स्ट्रक्चर खड़ा करने की योजना बनाई गई थी। 

बिग बॉस 19 में मालती चाहर बनाम नेहल: कपड़ों पर तंज से बिगड़ा मामला, घरवाले हुए आगबबूला

मुंबई, टीवी के सबसे चर्चित रियलिटी शो ‘बिग बॉस 19’ में जहां एक तरफ कॉन्ट्रोवर्सी, ड्रामा और टकराव रोजाना देखने को मिलते हैं, वहीं इस बार घर के अंदर एक छोटी सी बात ने बड़ा तूफान ला दिया है। इस बार सूजी का हलवा ही घर के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। ‘हलवे की लड़ाई’ ने बिग बॉस के घर का पूरा माहौल गर्मा दिया है, और इसके बीच वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट मालती चाहर ने विवाद को और भड़का दिया है। शुरुआत में मालती चाहर जब घर में आईं, तो लगा कि शायद माहौल में एक नया रंग आएगा। लेकिन उनके सधे हुए अंदाज ने घर में तूफान खड़ा कर दिया, जिससे घर के कई सदस्य, खासतौर पर फरहाना, नेहल और तान्या, अक्सर उनके खिलाफ नजर आते हैं। पहले भी कई बार उनका विवाद सामने आ चुका है, लेकिन इस बार जो हुआ, उससे पूरे घर में हलचल मच गई। मामला तब और बिगड़ा जब बिग बॉस ने घरवालों को एक टास्क दिया, ‘टेडी डियर’ टास्क। इसमें सभी कंटेस्टेंट्स को एक बड़े टेडी बियर का खास ख्याल रखना था, ताकि वह किसी भी चीज या जमीन पर न गिरे। लेकिन मालती के हाथों ये टास्क उलझ गया। उन्होंने टेडी बियर को संभालने की जगह जमीन पर गिरा दिया, जिसके कारण बिग बॉस ने पूरे घर को कड़ी सजा दी और राशन के 11 आइटम कैंसिल कर दिए। यह खबर सुनते ही गुस्साए घरवाले मालती को सुनाने लगे। मालती ने अपनी गलती स्वीकार की और माफी भी मांगी, लेकिन माफी मांगने के बाद भी चीजें शांत नहीं हुईं। जब नेहल ने मालती की माफी पर सवाल उठाया, तो मालती भड़क गईं। विवाद तब और बढ़ गया जब मालती ने नेहल के कपड़ों पर तंज कसा और कहा, ‘अगली बार कपड़े पहनकर बात करना मुझसे।’ ये बात घर के बाकी सदस्यों को बिलकुल पसंद नहीं आई। कुनिका सदानंद और बसीर अली ने इस बात को लेकर मालती को फटकार लगाई, और बसीर ने तो सीधे उनसे कहा, ‘आप पागलखाने से आई हो…।’ आगे चलकर नेहल ने किचन में घोषणा की कि वे सूजी का हलवा बनाएंगी और कोई भी इसमें बाधा नहीं डालेगा। इस पर मालती ने तंज कसा और कहा कि गंदा हलवा बनेगा। इस टिप्पणी से घर के बाकी सदस्य, खासकर बसीर और कुनिका, और भी ज्यादा नाराज हो गए। इस पूरे विवाद ने बिग बॉस के घर का तापमान इतना बढ़ा दिया है कि अब सबकी निगाहें ‘वीकेंड का वार’ पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सलमान खान इस मुद्दे को किस तरह संभालेंगे।  

66 दिन के लिए रद्द हुई सारनाथ एक्सप्रेस, यात्रियों के लिए अलर्ट

रायपुर रेलवे ने कोहरे की आशंका के कारण सारनाथ एक्सप्रेस को तीन माह में 66 दिन रद्द करने की घोषणा की है. ठंड के दौरान कोहरे की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. सारनाथ एक्सप्रेस 1 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच विभिन्न तिथियों में दोनों दिशाओं की ट्रेन रद्द रहेंगी. इससे प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ जाएगी. प्रयागराज, बनारस और छपरा जाने वाली प्रमुख ट्रेन दुर्ग-छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस के यात्री आने वाले दिनों में परेशान होंगे. रेलवे ने उत्तर भारत में पड़ने वाली कोहरे की आशंका को ध्यान में रखते हुए सारनाथ एक्सप्रेस को 1 दिसबंर से 15 फरवरी तक विभिन्न तिथियों में 66 दिनों के लिए रद्द करने का निर्णय लिया है. उत्तर पूर्व रेलवे द्वारा 15159/15160 छपरा-दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस को घने कोहरे की अग्रिम आशंका को ध्यान में रखते हुए 1 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच विभिन्न तिथियों में ट्रेन का परिचालन स्थगित करने का निर्णय लिया है. रेलवे द्वारा निर्धारित तिथियों के अलावा अन्य दिनों में भी यह ट्रेन अपने पूर्व निर्धारित समय सारिणी अनुसार यथावत चलेगी. छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस इस डेट पर रहेगी रद्द दिसंबर 1, 3, 6, 8, 10, 13, 15, 17, 20, 22, 24, 27, 29, 31 जनवरी- 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17, 19, 21, 24, 26, 28, 31 फरवरी 2, 4, 7, 9, 11,14 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस इस दिन रहेगी स्थगित दिसंबर 2, 4, 7, 9, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28, 30 जनवरी 1, 4, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29 फरवरी 1, 3, 5, 8, 10, 12, 15

8 से 17 अक्टूबर तक जारी विशेष अभियान में अब तक 2993 क्विंटल मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त, 1155 क्विंटल नष्ट

उन्नाव, मथुरा और लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत दर्ज कराई गईं तीन एफआईआर  टोल प्लाजा और हाईवे पर भी चलाया गया अभियान, बड़ी मात्रा में मिलावटी सामग्री की गई जब्त  आम जनता से की गई अपील, संदिग्ध खाद्य सामग्री का इस्तेमाल न करें और सूचना तुरंत विभाग को दें लखनऊ उत्तर प्रदेश में दीपावली के त्योहार को सुरक्षित और स्वास्थ्य के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 08 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक दीपावली विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक प्रदेश भर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने 4621 निरीक्षण, 2085 छापे और 2853 नमूनों की जांच की। अब तक कुल 2993 क्विंटल मिलावटी और अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका अनुमानित मूल्य ₹3.88 करोड़ है। मानव उपभोग के योग्य नहीं होने पर 1155 क्विंटल सामग्री नष्ट की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.75 करोड़ है। उन्नाव, मथुरा और लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत तीन प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं।  आम नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि त्योहारों को सुरक्षित, स्वच्छ और आनंददायक बनाने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश पर पूरे प्रदेश में मिलावटखोरी और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह खाद्य सामग्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। त्योहारों के अवसर पर आम नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र नष्ट होने वाली सामग्री मौके पर ही जब्त और विनष्ट की जाती है, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। विभिन्न जनपदों में हो रही कार्रवाई अभियान में प्रमुख कार्यवाहियों में उन्नाव में 215 किलो खोया जब्त कर नष्ट किया गया और नमूने संग्रहीत कर एक एफआईआर दर्ज की गई। मथुरा में 400 किलो मिलावटी पनीर नष्ट किया गया। लखनऊ में 802 किलो खोया नष्ट किया गया। झांसी में 1200 किलो खोया, हाथरस में 790 किलो मिलावटी आचार जब्त कर 3000 किलो खराब आचार नष्ट किया गया। बुलंदशहर में 3000 किलो मिलावटी रसगुल्ला व गुलाबजामुन, मीरजापुर में 1478 किलो मिलावटी खोया, सहारनपुर में 1100 किलो खोया नष्ट किया गया। इसी प्रकार, हापुड़ में 6000 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त किया गया।  दूध, खोया, पनीर और मिठाई जब्त  कानपुर देहात में 500 लीटर दूध, 400 किलो खोया, 2200 किलो बर्फी, 250 किलो पेड़ा और 358 किलो स्वीट केक नष्ट किए गए। गोरखपुर में 1400 किलो पनीर और खोया जब्त और 1000 लीटर खराब सरसों तेल नष्ट किया गया। मेरठ में 71 लीटर पामोलीन तेल, 20 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर जब्त और 35 किलो रसगुल्ला, 180 किलो पनीर, 2500 किलो खोया नष्ट किया गया। एटा में 340 लीटर सरसों तेल और 900 किलो घी नष्ट किए गए। खीरी में 871 किलो खाद्य सामग्री जब्त और 50 किलो नष्ट की गई। आगरा, अलीगढ़, गाज़ियाबाद, मुजफ्फरनगर में भी लाखों मूल्य की मिलावटी सामग्री नष्ट की गई। टोल प्लाजा और हाईवे पर भी चला अभियान टोल प्लाजा और हाईवे पर भी अभियान की कार्रवाई में बड़ी जब्तियां शामिल हैं। साहिबाबाद टोल पर 750 किलो पनीर, हापुड़ टोल छिजारसी पर 1500 किलो पनीर, एनएच 34, जीटी रोड कानपुर से 4040 किलो खोया, बाराबंकी टोल से 910 कार्टन मिलावटी मिठाई, और कानपुर पनकी रोड से 2450 किलो खोया नष्ट किया गया। आम नागरिक भी कर सकते हैं शिकायत  प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट, नकली उत्पादों का निर्माण या विक्रय अथवा संगठित रूप से मिलावट का कारोबार संचालित होने की जानकारी मिले, तो उसकी गोपनीय सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को दें। इसके लिए विभाग द्वारा विशेष हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं। गोपनीय शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 पर कॉल की जा सकती है। मिलावटी या नकली खाद्य पदार्थ से संबंधित सूचना व्हाट्सएप नंबर 9793429747 पर भेजी जा सकती है। वहीं अगर किसी को नकली या घटिया दवाइयों के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले, तो उसकी सूचना व्हाट्सएप नंबर 8756128434 पर भेजी जा सकती है। सरकार ने कहा है कि ऐसी शिकायतों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वास्तु के अनुसार डाइनिंग टेबल पर क्या न रखें: बचने के टिप्स

घर में यदि आपने डायनिंग टेबल को गलत दिशा में रखा है। या उस पर आप कुछ ऐसी चीजें रखते हैं, जो वहां नहीं रखनी चाहिए, तो इससे वास्तु दोषलगता है। इसकी वजह से घर के सदस्यों का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। आर्थिक परेशानी की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा करियर और वैवाहिक जीवन में भी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। तो देर किस बात की है। चलिए जानते हैं कि डायनिंग टेबल को किस दिशा में रखना चाहिए। उस पर क्या चीजें नहीं रखनी चाहिए। ऐसी जगह लगाएं डायनिंग टेबल     परिवार एकता और सुख-शांति के लिए डाइनिंग टेबल को घर के उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखें।     डाइनिंग टेबल को दीवार से सटाकर नहीं रखना चाहिए। उसके उसके चारों ओर पर्याप्त जगह हो।     खाना खाते समय इस तरह से बैठना चाहिए कि किसी भी सदस्य का मुंह दक्षिण दिशा में नहीं हो।     डाइनिंग टेबल पर हमेशा साफ-सुथरी और स्वच्छ हो और उसके आस-पास कोई भी नकारात्मक ऊर्जा नहीं हो। डाइनिंग टेबल ये चीजें नहीं रखें घर के डाइनिंग टेबल पर  दवाएं नहीं रखना चाहिए। बीमार व्यक्ति के साथ यह घर के अन्य सदस्यों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। इसके अलावा कटलरी सेट को खाने के बाद डायनिंग टेबल से हटा देना चाहिए। नुकीली चीजों जैसे कांटे, कैंची और चाकू को खाने के बाद वहां से हटा देना चाहिए। डाइनिंग टेबल पर चाबियां रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। लिहाजा, उन्हें सही जगह पर वॉरडोब के अंदर या चाभियां टांगने की जगह पर व्यवस्थित तरह से रखें। डाइनिंग टेबल पर बिना उपयोग की चीजें या गंदी चीजें नहीं रखनी चाहिए। इसके अलावा डाइनिंग टेबल पर बाहर से लाया गया सामान जैसे बैग, किताबें, आदि नहीं रखनी चाहिए। क्लीनिंग से जुड़े सामान जैसे डस्टर, पोंछा, आदि को भी डाइनिंग टेबल पर नहीं रखना चाहिए। यदि आप इन छोटी-छोटी लेकिन काम की बातों का ध्यान रखेंगे, तो घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहेगी।