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प्रहलाद सिंह पटेल का बड़ा ऐलान: श्मशानों में अतिक्रमण नहीं, पौधरोपण और सुरक्षा होगी प्राथमिकता

भोपाल पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरूवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की तथा आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कांफ्रेंस के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। यह कांफ्रेंस आगामी 24, 25 एवं 26 नवंबर 2025 को भोपाल में आयोजित की जाएगी। मंत्री श्री पटेल ने सम्मेलन के एजेंडे को इस प्रकार तैयार करने के निर्देश दिए जिससे पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण विकास, स्वच्छता, सतत आजीविका, स्थानीय स्वशासन और जनसहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक मंथन हो सके। बैठक में प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों के श्मशानों को व्यवस्थित करने हेतु एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। श्री पटेल ने कहा कि वर्ष 2026 तक प्रदेश के सभी श्मशान स्थलों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए और फेंसिंग, पौधरोपण सहित अप्रोच रोड की सुविधा से जोड़ा जाए ताकि उन्हें स्वच्छ एवं सम्मानजनक स्वरूप प्रदान किया जा सके। मंत्री श्री पटेल ने बताया कि “माँ की बगिया” योजना के अंतर्गत प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना को और गति प्रदान करते हुए अधिकाधिक ग्राम पंचायतों को इससे जोड़ा जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं महिला स्व-सहायता समूहों को सतत आजीविका के अवसर प्राप्त हों। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न योजनाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। 

दुनिया की बड़ी कंपनियाँ पंजाब की तरफ़ क्यों? CM भगवंत मान ने किया खुलासा

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बेंगलुरु में आज प्रमुख उद्योगपतियों के साथ बैठक की. उन्होंने कहा कि आज पंजाब दुनिया के सबसे बेहतरीन निवेश स्थलों में से एक बन गया है. उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब को अपार संभावनाओं की भूमि बताते हुए नामी कंपनियों को राज्य में निवेश करने का निमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि देश के तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में पंजाब में निवेश करके उद्यमियों को बड़े स्तर पर लाभ होगा. भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में आपसी भाईचारे, शांति और सद्भावना का माहौल है, जो राज्य के सर्वांगीण विकास और खुशहाली की मजबूत नींव है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आर्थिक विकास का इंजन है और पंजाब सरकार इसे भलीभांति समझते हुए आवासीय, व्यावसायिक और कृषि—सभी क्षेत्रों को निर्बाध बिजली उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कंपनियों के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने कारोबार के विस्तार के लिए राज्य के मजबूत बुनियादी ढांचे, निर्बाध बिजली, कुशल मानव संसाधन और अनुकूल औद्योगिक वातावरण का अधिकतम लाभ उठाएं. पंजाब को औद्योगिक ऊंचाइयों पर ले जाना है-सीएम मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के छठे संस्करण के लिए आमंत्रित किया और बताया कि यह सम्मेलन 13, 14 और 15 मार्च 2026 को मोहाली (पंजाब) में आयोजित होगा. इस दौरान उद्योगपति, नीति-निर्माता और शोधकर्ता पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अपने विचार साझा करेंगे. उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की विशेषज्ञता और दूरदर्शिता पंजाब के भविष्य को आकार देने में अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह सम्मेलन पंजाब की क्षमता को प्रदर्शित करने, सहयोग के अवसरों को तलाशने और नेटवर्किंग के लिए आदर्श मंच प्रदान करेगा. पंजाब की धरती मेहनतकश और उद्यमियों की- मान आज यहां उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती को उसकी मेहनतकश और उद्यमी भावना तथा अमीर विरासत के लिए सदैव जाना जाता रहा है. उन्होंने कहा कि पंजाब को भारत के अन्न भंडार होने का गौरव प्राप्त है, जो देश के खाद्य उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान देता है. उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव और प्रगति देखने को मिली है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब एक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर चुका है, जो फूड प्रोसेसिंग, वस्त्र, ऑटो पार्ट्स, हैंड टूल्स, साइकिल, आईटी, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी बनकर सामने आया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की औद्योगिक प्रगति ने वास्तव में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, क्योंकि दुनिया भर के निवेशकों ने पंजाब की क्षमता को पहचाना है. उन्होंने बताया कि मार्च 2022 से अब तक पंजाब को 1.23 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 4.7 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है. इस उपलब्धि ने पंजाब को औद्योगिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित किया है. नेस्ले, क्लास, फ्रायडनबर्ग, वरबियो जैसे ब्रांड का हब भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब आज नेस्ले, क्लास, फ्रायडनबर्ग, कारगिल, वरबियो, डैनोन जैसी कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों का घर बन चुका है, जो यहां अपने संचालन के माध्यम से राज्य की आर्थिक प्रगति में बड़ा योगदान दे रही हैं. अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने व्यवसाय के लिए पंजाब की अपार क्षमता और राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए अनुकूल माहौल पर अपनी मुहर लगाई है. उन्होंने बताया कि जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, यूएई, स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस, स्पेन और अन्य देशों के निवेश पंजाब की वैश्विक पहुंच को दर्शाते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि पद संभालने के बाद से ही उन्होंने एक निवेश-अनुकूल माहौल तैयार किया है, जो व्यापार में सुगमता को प्रोत्साहित करता है. राज्य सरकार की उद्योग-पक्षीय नीतियों के कारण आज पंजाब कारोबार की सहजता के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है. उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल की शुरुआत की है, जो भारत का सबसे उन्नत सिंगल-विंडो सिस्टम है. यह पोर्टल एकल प्रवेश और निकास के साथ 150 से अधिक सरकारी-से-व्यवसाय (जी2बी) सेवाएं प्रदान करता है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने ऑफलाइन आवेदन की अनिवार्यता समाप्त कर दी है और पंजाब राइट टू बिज़नेस एक्ट के तहत 125 करोड़ रुपए तक के योग्य प्रोजेक्ट्स को सिर्फ पाँच दिनों में सैद्धांतिक मंजूरी दी जाती है पंजाब में 45 दिनों के भीतर समयबद्ध मंजूरी मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब बड़े नियामक सुधार करने वाला पहला राज्य है, जिसमें 45 दिनों के भीतर समयबद्ध मंजूरी, डीम्ड अप्रूवल, एस्केलेशन तंत्र और प्रमुख लाइसेंसों की वैधता अवधि में वृद्धि शामिल है. उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप अलर्ट, एआई चैटबॉट और कॉल सेंटर के माध्यम से निवेशक सहायता रियल टाइम जवाबदेही सुनिश्चित करती है. इसके अतिरिक्त, डिजिटल सीआरओ रिपोर्ट, फायर एनओसी की बढ़ी हुई वैधता और लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में परिवर्तन जैसी व्यवस्थाएं प्रक्रियाओं को और सरल बना रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और उद्योग के बीच साझेदारी ही सफलता की कुंजी है और राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि औद्योगिक विकास तभी संभव है जब दोनों समान भागीदार के रूप में कार्य करें. उन्होंने बताया कि यही सिद्धांत वर्ष 2022 में प्रस्तुत की गई नई औद्योगिक नीति का मार्गदर्शन करता है. यह नीति उद्योग जगत के विशेषज्ञों और साझेदारों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है ताकि उनकी आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके. भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब राज्य सरकार ने उद्योग क्षेत्र के दिग्गजों की अध्यक्षता में 24 सेक्ट्रल कमेटियां गठित की हैं जो विशेष क्षेत्रों के अनुसार नीतियाँ तैयार करेंगी. समानता, पारदर्शिता और आपसी सहयोग पहचान मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उद्योगों और व्यवसायों के साथ समानता, पारदर्शिता और आपसी सहयोग पर आधारित साझेदारी स्थापित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमियों की कारोबारी यात्रा को सुचारू और सुविधाजनक बनाने के लिए वचनबद्ध है. भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि उद्योग जगत राज्य सरकार को अधिक से अधिक सहयोग देगा जिससे पंजाब में औद्योगिकीकरण की गति और तेज़ होगी. मुख्यमंत्री ने इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर … Read more

2021 जैसी गलती नहीं दोहराएगी BJP, ममता बनर्जी के लिए तैयार है नया चुनावी हथियार

कोलकाता  अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने नई रणनीति के साथ उतरने की तैयारी की है. बीजेपी की रणनीति में बदलाव की वजह पिछले विधानसभा चुनाव से मिले सबक और सीख है.2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपनी रणनीति मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इर्द-गिर्द ही तैयार की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी नेताओं ने चुनाव प्रचार में सीएम ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमले किए जो कि बंगाल के लोगों को पसंद नहीं आए. खासकर एक महिला सीएम के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी को वोटरों ने पसंद नहीं किया, जिसका खामियाजा बीजेपी को चुनाव में उठाना पड़ा. साथ ही ममता बनर्जी पर बीजेपी नेताओं के व्यक्तित्व हमले का फायदा ममता बनर्जी और टीएमसी को ही हुआ. अब पार्टी ने रणनीति में बदलाव करते हुए तय किया है कि ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमले नहीं किए जाएंगे पर सरकार की मुखिया के नाते सत्ताधारी पार्टी और नेताओं-मंत्रियों के भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की नाकामी को मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा और इस पर ममता बनर्जी को निशाने पर रखते हुए जवाब मांगा जाएगा. कानून-व्यवस्था को बनाया जाएगा मुद्दा बीजेपी टीएमसी के उन मंत्रियों और नेताओं के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर जल्द अभियान शुरू करेगी, जिन पर करप्शन के आरोप हैं और जो जेल जा चुके हैं या जेल में हैं. बीजेपी अपने चुनावी अभियान का एक प्रमुख मुद्दा राज्य में कानून-व्यवस्था को बनाना चाहती है. हाल ही में सामने आए बलात्कार के मामले और आरजी कर अस्पताल की घटना को महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के तौर पर उठाया जाएगा. पार्टी ने ये भी तय किया है कि वो पूरा फोकस स्थानीय मुद्दों पर ही रखेगी. पार्टी इस बार चुनावों में दूसरे दलों से नेताओं को शामिल करने पर ज्यादा जोर नहीं देगी बल्कि उन वरिष्ठ और वफादार कार्यकर्ताओं और नेताओं से दोबारा संपर्क साधा जाएगा, जिन्होंने उतार-चढ़ाव के दौर में भी बीजेपी का साथ नहीं छोड़ा. ऐसे ही लोगों को टिकटों में भी प्राथमिकता दी जाएगी. लोगों को बताएगी डबल इंजन सरकार के फायदे बीजेपी अपने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से मिले इनपुट के आधार पर चुनाव प्रचार के मुद्दे और टिकट वितरण तय करेगी. राज्य के सभी बूथों पर सक्रियता जल्द शुरू की जाएगी. चुनावी अभियान में राज्य की संस्कृति और परंपराओं को भी प्रमुखता दी जाएगी. डबल इंजन सरकार के फायदे को खासतौर पर महिलाओं और युवाओं को आकर्षित करने के लिए प्रमुखता से पेश किया जाएगा. इसके अलावा राज्य की अल्पसंख्यक बहुल सीटों के लिए अलग से रणनीति बनाई जाएगी. दरअसल पार्टी की रणनीति है कि राज्य की 83 मुस्लिम बहुल सीटों में उलझने और ज्यादा ताकत लगाने की बजाय टीएमसी और राज्य सरकार के खिलाफ माहौल बनाया जाए. इसकी शुरुआत बीजेपी जल्द ही बिहार चुनाव के बाद टीएमसी नेताओं के मजबूत गढ़ों से की जाएगी. बीजेपी का खास फोकस कोलकात्ता और दक्षिण 24 परगना पर रहेगा, जहां से टीएमसी के कई शीर्ष नेता आते हैं.  

आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में मप्र का देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 17 अक्टूबर को करेंगी मध्यप्रदेश को सम्मानित भोपाल  मध्यप्रदेश को आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन में देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम पांच राज्यों में स्थान मिला है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में आदि कर्मयोगी अभियान पर आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश को सम्मानित करेंगी। प्रमुख सचिव जनजाति कार्य श्री गुलशन बामरा राज्य स्तरीय पुरस्कार ग्रहण करेंगे। वे जनजातीय समुदाय के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों पर प्रस्तुति भी देंगे। पीएम जनमन में शिवपुरी को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जायेगा। आदि कर्मयोगी अभियान में देश स्तरीय उत्कृष्ट जिलों में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले को सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश की उत्कृष्ट मास्टर ट्रेनर श्रेणी में सहायक शोध अधिकारी श्रीमती सारिका धौलपुरिया सम्मानित होंगी। आदि कर्मयोगी अभियान में अन्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों में बैतूल , धार, पूर्वी निमाड़ और बड़वानी का भी विशेष उल्लेख होगा। संबंधित जिलों के कलेक्टर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। राज्य स्तरीय सुपर कोच और मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रदेश के उपायुक्त आदिवासी विकास श्री जेपी यादव को सम्मानित किया जाएगा। एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसियों बड़वानी, बैतूल और शिवपुरी को उल्लेखनीय गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया जाएगा। धरती आबा जन भागीदारी अभियान में गुना, बुरहानपुर और विदिशा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी गुना और एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी विदिशा को उत्कृष्टतम प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि आदि कर्मयोगी अभियान में 14 हजार गांवों के विलेज एक्शन प्लान बन चुके हैं। ग्राम सभा से इनका अनुमोदन कराया गया है। इन गांवों में 13 हजार से ज्यादा आदि सेवा केंद्र स्थापित हो चुके हैं। आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान, जन धन, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज जारी किए गए है। पीएम जनमन योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराने में 100% उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में शिवपुऱी, मैहर, रायसेन, कटनी और भिंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। लंबित जाति प्रमाण पत्र जारी करने में जबलपुर, रायसेन और सिवनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। अधोसंरचनात्मक कार्य जैसे हॉस्टल निर्माण, सड़क निर्माण, आंगनवाड़ी भवन निर्माण, मल्टीपरपज सेंटर निर्माण तेजी से जारी है। राज्य में राज्य स्तरीय 12 मास्टर ट्रेनर, जिला स्तरीय 287 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए जबकि विकासखंड स्तर पर 12 हजार मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं। इसके अलावा संकुल स्तर पर 18150 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं। जनजाति कार्यों के क्रियान्वयन में सहयोग के लिए 1 लाख 41 हजार से ज्यादा आदि सहयोगी तैयार किए गए हैं जिसमें आम नागरिक, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल है। साथ ही एक लाख 92 हजार आदि साथी भी सहयोग कर रहे हैं जिनमें जनजाति समाज के नेतृत्व करने वाला समुदाय शामिल है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान जनजाति समुदायों के सामाजिक आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रारंभ किया गया। इसका उद्देश्य जनजाति क्षेत्र में ग्राम स्तर पर नेतृत्व क्षमता का विकास करना, योजनाओं का प्रभावी अमल सुनिश्चित करना और शासन को और ज्यादा जवाबदेह बनाना है। यह अभियान सेवा, संकल्प और समर्पण जैसे मूल्यों पर आधारित है जो जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

डॉक्टर्स की इमरजेंसी कक्ष में उपस्थिति सुनिश्चित करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय सागर के निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए हैं कि सभी डॉक्टर समय का पालन करते हुए मरीजों का उपचार करें। इमरजेंसी कक्ष में ड्यूटी के अनुसार डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क गर्भवती माताओं की जांच और उपचार समय पर होना चाहिए। प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को आयोजित जांच शिविरों में महिला विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा समुचित परीक्षण किए जाएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई, स्वच्छता और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी शीघ्र पूरी की जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले। उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन व्यवस्था से विशेषज्ञ डॉक्टर्स की सलाह ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही है, जिससे उपचार में पारदर्शिता और गति आई है। उन्होंने यह भी कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कुपोषित बच्चों के पोषण हेतु पोषण पुनर्वास केंद्रों में लक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। निरीक्षण के दौरान विधायक श्री शैलेंद्र जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, बीएमसी डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

स्पेशल ट्रेन से रेवाड़ी आगमन: रेल मंत्री ने दिल्ली-जयपुर रेलवे लाइन का लिया जायजा

रेवाड़ी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीरवार सुबह करीब 8:15 बजे एक स्पेशल ट्रेन से रेवाड़ी जंक्शन पहुंचे। दिल्ली से जयपुर जाते समय उनकी ट्रेन कुछ देर के लिए रेवाड़ी स्टेशन पर रुकी। इस दौरान रेल मंत्री कोच से उतरकर ऑब्जर्वेशन डिब्बे में बैठे और रेलवे अधिकारियों के साथ ट्रैक की स्थिति व अन्य तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। जानकारी के अनुसार, रेल मंत्री दिल्ली से जयपुर के बीच रेलवे लाइन का निरीक्षण कर रहे हैं। माना जा रहा है कि जयपुर पहुंचकर वे रेलवे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेंगे। रेल मंत्री के आगमन को देखते हुए रेवाड़ी जंक्शन पर रेलवे प्रशासन ने विशेष तैयारियां की थीं और सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। रेल मंत्री का यह दौरा रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यात्री सुविधाओं में सुधार लाने के उनके सतत प्रयासों का हिस्सा बताया जा रहा है। रेवाड़ी में कुछ देर रुकने के बाद उनकी स्पेशल ट्रेन जयपुर के लिए रवाना हो गई। उम्मीद है कि इस निरीक्षण से दिल्ली-जयपुर रेलखंड के रखरखाव और अपग्रेडेशन कार्यों को नई गति मिलेगी।  

श्रीशैलम की पवित्रता पर पीएम मोदी का बयान, कहा- हर हिस्से में महसूस की दिव्यता

श्रीशैलम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में स्थित श्री शिवाजी ध्यान मंदिर और श्री शिवाजी दरबार हॉल का दौरा किया। उन्होंने भगवान मल्लिकार्जुन स्वामी और देवी भ्रामरांबिका के दर्शन किए। पीएम मोदी ने कहा कि श्रीशैलम में होना अत्यंत आनंद की बात है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महान छत्रपति शिवाजी महाराज वर्ष 1677 में श्रीशैलम आए थे और यहां श्री मल्लिकार्जुन मंदिर में प्रार्थना की थी। उन्होंने कहा कि "ध्यान मंदिर वह स्थान है, जहां शिवाजी महाराज ने ध्यान किया था और भ्रामराम्बा देवी से आशीर्वाद प्राप्त किया था।" बता दें कि ध्यान मंदिर के चारों कोनों पर चार प्रतिष्ठित किलों (प्रतापगढ़, राजगढ़, रायगढ़ और शिवनेरी) के मॉडल स्थापित हैं। इसके केंद्र में छत्रपति शिवाजी महाराज की गहन ध्यान मुद्रा में एक प्रतिमा है। यह केंद्र श्री शिवाजी स्मारक समिति की ओर से संचालित है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "श्रीशैलम में होना आनंद की बात है। इस पवित्र स्थान के हर कण में दिव्यता व्याप्त है। मैं यहां के लोगों के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए उनका आभारी हूं। श्री भ्रामराम्बिका देवी और मल्लिकार्जुन स्वामी सदैव हमारे राष्ट्र पर कृपा बनाए रखें।" श्री भ्रामराम्बा और मल्लिकार्जुन स्वामी वरला देवस्थानम 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और 52 शक्तिपीठों में से एक है। इस मंदिर की अनूठी विशेषता एक ही मंदिर परिसर में एक ज्योतिर्लिंग और एक शक्तिपीठ का सह-अस्तित्व है, जो इसे पूरे देश में अपनी तरह का एक अनूठा मंदिर बनाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल में आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2047 में आजादी के जब 100 साल होंगे, तब 'विकसित भारत' होकर रहेगा। मैं विश्वास से कहता हूं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की होने वाली है। 21वीं सदी 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की सदी होने वाली है। उन्होंने कहा, "आज दुनिया भारत को 21वीं सदी के नए मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में देख रही है। इस सफलता का सबसे बड़ा आधार आत्मनिर्भर भारत का विजन है। हमारा आंध्र प्रदेश आत्मनिर्भर भारत का प्रमुख केंद्र बन रहा है। हमारी सरकार का विजन नागरिक-केंद्रित विकास है। हम लगातार नए रिफॉर्म के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान बना रहे हैं।"

यात्रियों से टिकिट की नियत राशि से ज्यादा वसूलने वाली बसों पर हो सख्त कार्रवाई : परिवहन मंत्री सिंह

वीडियो कॉन्फ्रेंस से परिवहन अमले को दिये गये निर्देश भोपाल परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने विभागीय अमले को दीपावली त्यौहार को देखते हुए बसों से यात्रियों से नियत टिकिट की राशि से अधिक वसूली करने वाले बस मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने परिवहन विभाग के अमले को सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिये भी कहा है। परिवहन मंत्री श्री सिंह गुरुवार को भोपाल में परिवहन विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सचिव परिवहन श्री मनीष सिंह और आयुक्त परिवहन श्री विवेक शर्मा भी मौजूद थे। मंत्री द्वारा दिये गये निर्देश     बसों की जाँच के दौरान परिवहन जाँच स्टॉफ वर्दी में हों। बॉडीवार्न कैमरे का इस्तेमाल किया जाये। समस्त क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारी उनके जिले में स्थापित एटीएस (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) की नियमित जाँच करना सुनिश्चित करें।     बिना वैध बीमा, ओवरलोडिंग, ओवर स्पीडिंग बस पाए जाने पर उन्हें जारी किये गये परमिट की जाँच हो। स्टेज कैरिज वाहनों में लायसेंस प्राप्त कंडक्टर हो।     स्लीपर कोच में प्रवेश एवं निर्गम निर्धारित मापदण्ड के अनुसार हो। स्लीपर कोच में निर्धारित ले-आउट के अनुसार स्लीपर लगे हों, यह सुनिश्चित हो।     अमले को यह निर्देश दिये गये हैं कि लोक सेवा वाहन में ज्वलनशील पदार्थ का परिवहन न किया जाये। समस्त बसों में पोर्टेबल अग्निशमन यंत्र हों। प्रत्येक बस में प्राथमिक चिकित्सा के उपकरण अनिवार्य रूप से हों।     आल इण्डिया टूरिस्ट परमिट एवं अन्य बसों द्वारा परमिट शर्तों का उल्लंघन करने पर हो सख्त कार्यवाही। बीमा नवीनीकरण और वाहन पंजीकरण की जाँच हो। प्रदेश के सभी वाहनों में हाई सिक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट हो, यह सुनिश्चित किया जाये। वाहन पोर्टल पर माइग्रेट होने के पूर्व जिन वाहनों का मोटर कर और पैनाल्टी की राशि दर्ज न हो, ऐसे प्रकरण का निराकरण 15 दिवस में हो। दो पहिया वाहनों पर चालक हेलमेट पहने, यह सुनिश्चित हो। हेलमेट उपयोग के लिये निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जाए।  

खतरे की घंटी पंजाब में! बॉर्डर पर उड़ रहे हेक्साकॉप्टर ड्रोन, BSF चौकन्ना

अमृतसर एक तरफ जहां भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बीएसएफ ने 203 ड्रोन पकड़ने का आंकड़ा पार कर लिया है लेकिन इसके विपरीत ड्रोन की मूवमेंट कम होने की बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। अब तो अमृतसर के सीमावर्ती इलाकों में बड़े हेक्साकॉप्टर ड्रोन उड़ने शुरू हो गए हैं जो 10 से 15 किलो या इससे भी ज्यादा वजन उठाने में सक्षम रहते हैं। जानकारी के अनुसार बीएसएफ अमृतसर सेक्टर की टीम ने सीमावर्ती गांव राजाताल और कक्कड़ के इलाके में दो हेक्साकॉप्टर ड्रोन जब्त किए हैं। यह ड्रोन खेतों में क्षतिग्रस्त हालत में पड़े मिले हैं। फिलहाल यह ड्रोन किसने मंगवाए और किसको क्या डिलीवर करके आए इसकी जांच शुरू हो गई है। ड्रोन के माध्यम से जिस प्रकार से ग्रेनेड, एक-47 राइफले, 9 mm गलाक और जिगना जैसे अत्याधुनिक पिस्टल मंगवाई जा रही हैं। उससे यह साबित हो रहा है कि पंजाब में बड़ी गैगवार और माहौल खराब करने के लिए हथियार मंगवाए गए हैं। पुलिस की तरफ से भी अकेला सिटी पुलिस की तरफ से पिछले 15 दिनों के दौरान 53 पिस्टल जब्त किए जा चुके हैं जबकि देहाती पुलिस की तरफ से भी लगभग इतने ही पिस्टल जब्त किया जा चुके हैं जिसमें काउंटर इंटेलीजेंस और अन्य एजेंसियों के नाम शामिल है।  

JDU का धमाका! काराकाट में खुद उतारा उम्मीदवार, पवन सिंह और बीजेपी का रास्ता रोक दिया

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के सबसे चर्चित इलाकों में से एक काराकाट सीट पर आखिरकार सियासी सस्पेंस खत्म हो गया है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने बुधवार को इस सीट से महाबली सिंह को उम्मीदवार घोषित कर दिया और इसके साथ ही भोजपुरी स्टार पवन सिंह और उनके समर्थकों की उम्मीदों पर विराम लग गया। एनडीए के भीतर चली लंबी रस्साकशी पिछले कई दिनों से चर्चा थी कि एनडीए पवन सिंह की मां को काराकाट से उतार सकता है। बीजेपी और जेडीयू के बीच सीट को लेकर तगड़ी खींचतान चल रही थी। लेकिन अंत में सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय हुआ और काराकाट जेडीयू के खाते में चली गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भरोसा दिखाते हुए महाबली सिंह को मैदान में उतारने का फैसला किया। पवन सिंह एंड फैमिली बनी थी चर्चा हालांकि पवन सिंह पहले ही साफ कर चुके थे कि वे खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, मगर उनके परिवार की हलचल ने काराकाट को बिहार की सबसे हॉट सीट बना दिया था। हाल ही में उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने टिकट बंटवारे को लेकर खुलेआम नाराजगी जताई थी। इतना ही नहीं, उन्होंने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से भी मुलाकात की थी, जिससे ये अटकलें तेज हो गई थीं कि वो शायद बागी उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर सकती हैं। नीतीश का दांव पर बीजेपी की खामोशी महाबली सिंह की उम्मीदवारी के साथ नीतीश कुमार ने एक तरह से बीजेपी पर दबाव बना दिया है। कहा जा रहा था कि बीजेपी अब इस सीट पर अलग रणनीति बनाने में जुटी है, जबकि एनडीए के भीतर भी जेडीयू की चालाकी की चर्चा जोरों पर है।