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बच्चों को संक्रमित खून देने का मामला: झारखंड HC ने सरकार से की कड़ी पूछताछ

  रांची झारखंड उच्च न्यायालय ने खून चढ़ाने से 5 बच्चों के कथित रूप से एचआईवी से संक्रमित हो जाने पर राज्य सरकार को रक्त आधान के लिए मानक संचालन प्रक्रिया का पालन नहीं करने को लेकर फटकार लगाई। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस विषय का जनहित याचिका के रूप में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह को फटकार लगाई। कहा, खबर है कि चाईबासा जिले में पांच बच्चों को खून चढ़ाया गया और इसके बाद वे एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। ये बच्चे थैलेसीमिया के मरीज थे और चाईबासा के सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे थे। इलाज के तहत उन्हें खून चढ़ाया गया। इस साल अगस्त और सितंबर में अलग-अलग तारीखों पर इन बच्चों को रक्त चढ़ाया गया था। खंडपीठ ने कहा कि सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। अदालत ने स्वास्थ्य सचिव को एक हलफनामा दाखिल कर राज्य के सरकारी और निजी अस्पतालों में आयोजित रक्तदान शिविरों का विवरण पीठ को बताने का निर्देश दिया। अदालत ने अस्पतालों में रक्त की मांग और ‘ब्लड बैंकों' द्वारा उपलब्ध कराई गई मात्रा के बारे में भी जानकारी मांगी। अदालत ने विभाग को राष्ट्रीय रक्त नीति के अनुसार तैयार की जाने वाली मानक संचालन प्रक्रिया पीठ के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान, पीठ ने सरकार को यह बताने का आदेश दिया कि अस्पतालों में ‘न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (एनएटी)' करने के लिए उन्नत स्क्रीनिंग मशीनें क्यों नहीं लगाई गई हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अतुल गेरा ने अदालत को बताया कि किसी मरीज को रक्त चढ़ाने से पहले उसकी गुणवत्ता निर्धारित करने और एचआईवी की उपस्थिति का पता लगाने के लिए एनएटी आवश्यक है। इससे पहले, अदालत ने थैलेसीमिया से पीड़ित एक बच्चे के माता-पिता द्वारा लिखे गए पत्र के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका की सुनवाई शुरू की थी। इस बच्चे को कथित रूप से संक्रमित रक्त चढ़ाया गया था। कथित तौर पर, बच्चे को दूषित रक्त के माध्यम से एचआईवी संक्रमण हुआ था, जिसके बाद उसके पिता ने मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा था। मुख्य न्यायाधीश ने इसे एक जनहित याचिका में बदल दिया था। झारखंड सरकार ने 26 अक्टूबर को पश्चिमी सिंहभूम के सिविल सर्जन और अन्य संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर दिया था, जब यह बात सामने आई कि चाईबासा में थैलेसीमिया से पीड़ित पांच बच्चों को रक्त चढ़ाने के बाद उनकी एचआईवी जांच पॉजिटिव आई थी।  

मध्यप्रदेश में हैरान करने वाला खुलासा! संचालक बेच रहा था फर्जी डेथ सर्टिफिकेट ऑनलाइन

बुरहानपुर खकनार तहसील में चाौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। तहसील मुख्यालय में फोटोकापी और एमपी ऑनलाइन सेंटर चलाने वाला युवक अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र बांट रहा था। नायब तहसीलदार कविता सोलंकी की शिकायत पर खकनार थाना पुलिस ने आरोपित संचालक विनोद पवार निवासी पांगरी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। हालांकि शुक्रवार शाम तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। दरअसल बिजौरी निवासी गोवर्धन पुत्र ताराचंद ने पंचायत सचिव दीपक आम्बेकर को अपने काका गोकुल पुत्र हीरा का मृत्यु प्रमाण पत्र दिया था। सचिव ने जांच करने के लिए जब प्रमाण पत्र का आरएस नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर डाला तो पता चला कि उसी नंबर का एक प्रमाण पत्र एक अक्टूबर को तहसीलदार जितेंद्र अलावा के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हो चुका है। गोवर्धन द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र तीन अक्टूबर का था और उसमें नायब तहसीलदार के हस्ताक्षर व सील लगी हुई थी। फर्जीवाड़े का पता चलने पर सचिव ने नायब तहसीलदार को सूचना दी। जांच में मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया।   आरोपित ने ढाई हजार रुपये लिए गोवर्धन ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि 29 सितंबर को वह काका गोकुल का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने लोकसेवा केंद्र खकनार गया था। वहां उससे शपथ पत्र बनवा कर लाने के लिए कहा गया। इसके बाद वह रोहन फोटोकापी और आनलाइन सेंटर पहुंचा। जहां संचालक विनोद पवार ने ढाई हजार रुपये में प्रमाण पत्र बनवा कर देने की बात कही। गोवर्धन ने 600 रुपये अग्रिम दिए। तीन दिन बाद उसने 19 सौ रुपये लिए और गोवर्धन को प्रमाण पत्र दे दिया। उसे इस बात की जानकारी ही नहीं हुई कि जो प्रमाण पत्र दिया गया है, वह फर्जी है। इस फर्जीवाड़े में तहसील का भी कोई कर्मचारी शामिल है य नहीं और अब तक ऐसे कितने प्रमाण पत्र बना कर बांटे जा चुके हैं इसकी जांच की जा रही है।

महिलाओं के विकास की नई गाथा लिख रहा देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं की उन्नति के बिना समग्र विकास की कल्पना अधूरी है। महिलाओं की कठिनाइयों को दूर करने के साथ उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार के प्रयास निरंतर जारी रहना बेहद जरूरी है। महिलाओं के स्वास्थ्य, उपचार, पोषण और कल्याण की दिशा में मध्यप्रदेश में विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की हर बेटी, हर महिला पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े, हर बहन सशक्त बने, यही हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी दिशा में हमने देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन प्रारंभ किया है। यह मिशन प्रदेश की बहनों को हर स्तर पर नई ताकत और नये अवसर प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार के लिए भी हमारी सरकार ने विभिन्न प्रयास किए हैं। इनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल, सुरक्षा सहित कायिक शुचिता और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार द्वारा ‘सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना’ चलाई जा रही है। योजना के अंतर्गत छात्राओं को सेनेटरी पैड्स क्रय के लिए सहायता राशि सीधे इनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश की 20 लाख से अधिक बेटियों को 118 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि इनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के हित में ऐसा कदम उठाने वाला हमारा मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। हमारी बहनें है समाज की शक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बहनें समाज की शक्ति हैं। देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन उनके जीवन में नई ऊर्जा और अवसर लेकर आया है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर बहन को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मान मिले। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में यह हमारा संकल्प है और महिलाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। राज्य की महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए ही यह मिशन प्रारंभ किया गया है। मिशन के अंतर्गत महिलाओं को कौशल विकास, उद्यमिता, शासकीय योजनाओं का लाभ, नेतृत्व प्रशिक्षण और सुरक्षा व अधिकार संरक्षण जैसी सेवाएं और सुविधाएं एकीकृत रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। हमारी सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने शासकीय नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दी है। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के मानदेय में 20 प्रतिशत की वृद्धि कर इन्हें समुचित सम्मान और प्रोत्साहन दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वस्त्र उद्योग में कार्यरत महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार ने कदम उठाए हैं। हमने रेडिमेड गारमेंट्स इंडस्ट्री में कार्यरत हर महिला श्रमिक को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। इससे महिलाएं और अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी। इसके साथ ही प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रक्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं के लिए आश्रय गृह (वर्किंग वुमन हॉस्टल्स) की सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश के 47 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। इनका कुशल नेतृत्व यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश की अनवरत विकास यात्रा में हमारी बहनें अभूतपूर्व योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आधी आबादी को उनका पूरा हक दिलाने के लिए हमारी सरकार कोई कमी नहीं रखेगी। महिलाएं ही प्रदेश के चहुंमुखी विकास का नया अध्याय लिखेंगी, यह निश्चित है। 

SHO भूषण कुमार पर शिकंजा कसने की तैयारी! फिल्लौर पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

जालंधर जालंधर में बाल आयोग के चेयरमैन कंवरदीप सिंह ने आज फिल्लौर के पूर्व SHO भूषण कुमार के मामले को लेकर एसएसपी हरविंदर विर्क से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में SHO के खिलाफ सभी संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया जा चुका है। कंवरदीप सिंह ने कहा कि इस मामले में पुलिस की देरी को लेकर एसएसपी से बात की गई है। उन्होंने कहा कि पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में पुलिस को अपनी जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता है। चेयरमैन ने थाना इंचार्ज द्वारा पीड़िता के साथ हुई घटना की निंदा की और बताया कि यह मामला उच्च अधिकारियों के ध्यान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में देरी को लेकर बड़ी कार्रवाई की जाएगी, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किन अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। कंवरदीप सिंह ने माना कि इस मामले में किसी द्वारा SHO को बचाने की कोशिश की जा रही है, जिस कारण जांच धीमी चल रही है। चेयरमैन ने कहा कि पुलिस पीड़िता की सुरक्षा करने में नाकाम रही और SHO के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि SHO की गिरफ्तारी अभी बाकी है, लेकिन जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा, हालांकि उन्होंने कोई तारीख नहीं बताई। 

सरकार की कमाल की फिस्कल मैनेजमेंट: आधे साल में घाटा सिर्फ 36.5% तक सीमित

नई दिल्ली  भारत का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर अवधि) में 5.73 लाख करोड़ रुपए रहा है, जो कि पूरे वर्ष के लिए बजट में निर्धारित लक्ष्य का 36.5 प्रतिशत है। यह जानकारी शुक्रवार को सरकार की ओर से जारी किए गए डेटा में दी गई। आंकड़ों के मुताबिक, राजकोषीय घाटा फिलहाल नियंत्रण में है और इससे अर्थव्यवस्था के लिए स्थिर वृद्धि का रास्ता तैयार होता है। अप्रैल से सितंबर के दौरान कुल प्राप्तियां 17.30 लाख करोड़ रुपए रही हैं, जबकि कुल व्यय 23.03 लाख करोड़ रुपए रहा। यह 2025-26 के बजट में निर्धारित लक्ष्य का क्रमशः 49.5 प्रतिशत और 45.5 प्रतिशत था। राजस्व प्राप्तियां 16.95 लाख करोड़ रुपए रही हैं, जिनमें से कर राजस्व 12.29 लाख करोड़ रुपए और गैर-कर राजस्व 4.66 लाख करोड़ रुपए रहा। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा केंद्र सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपए का लाभांश स्वीकृत किए जाने से गैर-कर राजस्व में वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष के ट्रांसफर 2.11 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। इससे केंद्र सरकार को अपने राजकोषीय घाटे को और कम करने में मदद मिलेगी। कुल सरकारी खर्च अप्रैल-सितंबर अवधि में 23 लाख करोड़ रुपए रहा है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 21.1 लाख करोड़ रुपए था। यह राजमार्गों, बंदरगाहों और रेलवे क्षेत्रों में बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर सरकार के बढ़ते खर्च को दर्शाता है, जो भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिकी टैरिफ उथल-पुथल से उत्पन्न बढ़ती आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच देश में आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025 के बजट में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.9 प्रतिशत रखा है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 5.6 प्रतिशत था। घटता राजकोषीय घाटा अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इससे सरकार की उधारी में कमी आती है, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में कॉर्पोरेट और उपभोक्ताओं को ऋण देने के लिए अधिक धनराशि बचती है, जिससे आर्थिक विकास में तेजी आती है।

सीमा पर संकट! अधूरे पुल के बीच फंसे लोग — गोलियों और लहरों के साए में गुजर रही ज़िंदगी

अखनूर अखनूर विधानसभा क्षेत्र के परगवाल इलाके में पुल निर्माण का मुद्दा एक बार फिर विधानसभा में गूंज उठा है। पाकिस्तान की सीमा से सटे इस क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर पाकिस्तान की सीमा और दूसरी ओर बहती चिनाब नदी इन दोनों के बीच फंसी करीब 25,000 की आबादी को रोजमर्रा की जिंदगी में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी पाकिस्तान की ओर से फायरिंग या सीजफायर उल्लंघन होता है, तो गांव के निवासियों के पास सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं होता। कई बार फायरिंग में ग्रामीण घायल भी हो चुके हैं। इसके साथ ही, चिनाब नदी में बाढ़ आने पर हालात और बिगड़ जाते हैं। पानी घरों में घुस जाता है, रास्ते टूट जाते हैं और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। गांव के लोगों ने अब सरकार से पुल निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके और आपात स्थितियों में आवाजाही के लिए एक सुरक्षित मार्ग उपलब्ध हो सके। 

भक्तों के लिए खुशखबरी! हंसराज रघुवंशी ने श्याम खाटू बाबा को समर्पित नया गीत किया जारी

नई दिल्ली, ‘मेरा भोला है भंडारी’ फेम सिंगर हंसराज रघुवंशी अपने भक्ति गीतों के लिए जाने जाते हैं। सिंगर के भक्ति गीत फैंस के दिलों को छू जाते हैं। क्योंकि उनके भक्ति गीतों में सिर्फ भक्ति ही नहीं बल्कि आस्था की एक कहानी भी छिपी होती है, जो भक्त को उनके आराध्य के साथ जोड़ती है। अब बाबा खाटू श्याम के जन्मोत्सव से पहले हंसराज रघुवंशी ने अपना नया भक्ति गीत रिलीज कर दिया है, जो आते ही छा गया है। हंसराज रघुवंशी का नया भक्ति गीत “श्याम बाबा का जन्मदिन” रिलीज कर दिया है। गीत में हंसराज रघुवंशी धोबी का किरदार निभा रहे हैं और वे जहां भी इस्त्री किए कपड़े देने जाते हैं, वहां बाबा खाटू श्याम का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। ये देखकर हंसराज बहुत खुश होते हैं और अपनी छोटी सी झोपड़ी में बाबा का जन्मदिन मनाते हैं। गीत के अंत में बहुत अच्छा मैसेज दिया गया है, जिस पर लिखा है “खाटू श्याम के दरबार में कोई बड़ा या छोटा नहीं होता है, सिर्फ प्रेम और भक्ति का रंग होता है।” गीत रिलीज के साथ ही फैंस को पसंद आ रहा है। एक यूजर ने खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “वाह रघुवंशी जी, आपके गीत ने जन्मोत्सव की खुशी को दोगुना कर दिया है। हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा।” एक अन्य ने लिखा, “आपकी आवाज में जादू है, ऐसा लग रहा है कि खुद बाबा श्याम ने आप पर खास कृपा की है।” बता दें कि बाबा खाटू श्याम का जन्मदिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है और इस बार एकादशी 1 नवंबर को सुबह 09 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी और 2 नवंबर की सुबह 07 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। ऐसे में बाबा श्याम का जन्मदिन देशभर के मंदिरों में 1 नवंबर को मनाया जाएगा, लेकिन देवउठनी एकादशी का व्रत 2 नवंबर को रखा जाएगा। इसके पीछे के दो कारण हैं। पहला, एकादशी कभी भी दशमी युक्त नहीं होनी चाहिए। दशमी युक्त एकादशी को शुभ नहीं मानते हैं, जबकि दूसरा, एकादशी या कोई भी हिंदू त्योहार उदया तिथि के हिसाब से मनाया जाता है। ऐसे में देवउठनी एकादशी की उदया तिथि 2 नवंबर को है, इसलिए व्रत भी 2 नवंबर को ही रखा जाएगा।    

CBSE ने बड़ी घोषणा की! 10वीं-12वीं बोर्ड एग्जाम की डेटशीट 110 दिन पहले जारी, जानें पूरा शेड्यूल

चंडीगढ़  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा की परीक्षा की तारीखें जारी कर दी हैं। अधिसूचना के मुताबिक 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक होगी। वहीं, बारहवीं की परीक्षा 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 तक होगी। दोनों परीक्षाएं केवल एक शिफ्ट सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित कराई जाएंगी।  110 दिन पहले जारी की डेटशीट  सीबीएसई के मुताबिक, पहली बार डेटशीट परीक्षा शुरू होने से 110 दिन पहले जारी की गई है। इससे बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों और स्कूलों को कई लाभ होंगे। जैसे छात्र परीक्षा की तैयारी पहले शुरू कर सकेंगे, जिससे उन्हें अपना प्रदर्शन बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही सभी स्कूल बोर्ड कक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से योजना बना सकेंगे। दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। पूरी डेटशीट सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट www.cbse. gov.in पर देखी जा सकती है। इस साल करीब 42 लाख बच्‍चे CBSE बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। 

खेसारी लाल यादव ने खोली RJD की पोल: कहा—2 करोड़ नहीं, 50 लाख नौकरी भी नहीं मिलेगी!

पटना  जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी के साथ राजनीतिक लड़ाई तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में छपरा विधानसभा सीट (Chhapra Assembly seat) से महागठबंधन के प्रत्याशी और गायक-अभिनेता खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) ने एक बार फिर एनडीए सरकार पर हमला बोला। साथ ही राजद के 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के दावे की पोल खोल दी। एनडीए सिर्फ जंगलराज का डर दिखाती है  खेसारी लाल यादव ने कहा, "अगर हम 2 करोड़ रोजगार नहीं भी देंगे, तो कम से कम 50 लाख रोज़गार तो देंगे ही। कम से कम हमारे नेता रोज़गार देने की बात तो कर रहे हैं। एनडीए सरकार तो वादे भी नहीं करती, सिर्फ़ जंगलराज की बात करती है। वो हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर बात करेंगे… वो सिर्फ़ उन मुद्दों पर बात करेंगे जिनका आपकी ज़िंदगी से कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि हाल ही में आरजेडी ने बिहार में 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की थी। इससे पहले खेसारी लाल यादव ने कहा कि छपरा की जनता ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, छपरा की जो भी समस्याएं हैं, मैं अपने हुनर ​​और ताकत से जो भी कर सकता हूं, करने की कोशिश करूंगा। हमारी कोशिश होगी कि शिक्षा का स्तर ऊंचा हो, अस्पताल की व्यवस्था दूसरे शहरों से बेहतर हो…छपरा को बेहतर दिशा में ले जाएं।" गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जायेगी। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।  

‘मैंने अभी सब कुछ हासिल नहीं किया’, लोकप्रियता को लेकर सोनम बाजवा ने जाहिर की अपनी राय

मुंबई,  पंजाबी और हिंदी दोनों फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुकी अभिनेत्री सोनम बाजवा अपने करियर को लेकर हमेशा जमीन से जुड़ी नजर आती हैं। भले ही सोनम आज अपनी लोकप्रियता के चरम पर हों, लेकिन वह खुद इसे पूर्ण सफलता नहीं मानती। वह हमेशा अपनी उपलब्धियों के लिए ईश्वर का धन्यवाद करती हैं। सोनम बाजवा ने अपनी फिल्मी यात्रा और अपने अनुभवों के बारे में आईएएनएस से खुलकर बातचीत की। अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें लगता है कि उन्होंने अभी सब कुछ हासिल नहीं किया है। उनके लिए हर दिन मेहनत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अभी मुझे बहुत मेहनत करनी होगी। अगर मैं पंजाब की बात करूं, तो मैंने वहां बहुत सारी फिल्में की हैं। लेकिन हर फिल्म से पहले, मैं उतनी ही उत्साहित होती हूं जितनी साथ ही साथ नर्वस भी होती हूँ। उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि अभी मुझे बहुत मेहनत करनी होगी। अगर मैं पंजाबी इंडस्ट्री की बात करूं, तो मैंने बहुत सारी फिल्मों में काम किया है, लेकिन हर नई फिल्म से पहले मेरा उतना ही उत्साह होता है जितना मैं नर्वस महसूस करती हूं। उत्साह और नर्वसनेस दोनों ही मेरे काम का हिस्सा हैं और यह मुझे अपने काम को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करता है।” सोनम ने बताया कि वह हमेशा सोचती रहती हैं कि कैसे वह अपने काम को और अच्छा बना सकती हैं, कैसे किसी फिल्म को और सफल बना सकती हैं। उन्होंने कहा, ”मेरे लिए हर फिल्म एक नई चुनौती होती है और इसे सफल बनाने की कोशिश मेरे काम का अभिन्न हिस्सा है। केवल लोकप्रियता या प्रशंसा से सफलता का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। असली सफलता तब है जब मैं खुद अपने काम से संतुष्ट हूं और लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती रहूं।” सोनम बाजवा ने आगे कहा, ”मुझे नहीं पता कि लोग मुझे कैसे देखते हैं, लेकिन मैं अपने काम में काफी आत्मविश्वासी हूं। फिर भी, हमेशा लगता है कि मैं और बेहतर कर सकती थी। हर नई भूमिका मेरे लिए एक चुनौती होती है और मैं इसे पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निभाती हूं। नर्वसनेस और उत्साह मुझे लगातार प्रेरित करते हैं। इसी वजह से मैं कभी भी नहीं मानती कि मैंने पूर्ण सफलता हासिल कर ली है।” अपने करियर को लेकर सोनम का मानना है कि उन्हें जो कुछ भी मिला है, वह उनकी मेहनत के साथ-साथ ईश्वर की कृपा का भी परिणाम है। अभिनेत्री कहती हैं कि वह हर कदम पर शुक्रगुजार रहती हैं और अपने काम को और बेहतर बनाने की कोशिश करती रहती हैं।