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म्युनिख ओलंपिक 1972 कांस्य पदक विजेता हॉकी गोलकीपर फ्रेडरिक का निधन

नई दिल्ली भारतीय पुरूष हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर और म्युनिख ओलंपिक 1972 की कांस्य पदक विजेता टीम के सदस्य मैनुअल फ्रेडरिक का शुक्रवार को सुबह बेंगलुरू में निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे और उनके परिवार में दो बेटियां हैं। वह पिछले दस महीने से प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे थे। ⁠ केरल के कन्नूर में 20 अक्टूबर 1947 को जन्मे फ्रेडरिक ओलंपिक पदक जीतने वाले प्रदेश के पहले खिलाड़ी थे। उनके अलावा केरल से पी आर श्रीजेश ने तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीता है और वह भी हॉकी गोलकीपर रहे हैं। काफी पहले बेंगलुरू में आ बसे फ्रेडरिक एक साल पहले पत्नी शीतला के निधन के बाद से अवसाद में भी थे। उनकी बेटी फ्रेशना ने कहा, ‘‘डैड का सुबह निधन हो गया। वह पिछले दस महीने से कैंसर से जूझ रहे थे और एक साल पहले मां के जाने के बाद से अवसाद में भी थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने बहुत कोशिश की लेकिन उन्हें पीलिया भी हो गया था जिससे उनका लिवर प्रभावित हुआ और उनकी हालत बिगड़ गई।’ फ्रेडरिक को 2019 में खेलों में आजीवन उपलब्धियों के लिये मेजर ध्यानचंद पुरस्कार भी दिया गया था।  

रतिका सीलान नार्थ कोस्ट ओपन स्क्वाश के क्वार्टर फाइनल में

नई दिल्ली भारत की रतिका एस सीलान आस्ट्रेलिया में नॉर्थ कोस्ट ओपन स्क्वाश के महिला वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई। सातवीं वरीयता प्राप्त तमिलनाडु की इस खिलाड़ी ने 6000 डॉलर ईनामी राशि के टूर्नामेंट में कीवी मैडेन ली को को प्री क्वार्टर फाइनल में 9-11 11-8 11-8 11-2 से हराया। अब वह तीसरी वरीयता प्राप्त हांगकांग की बोबो लैम से खेलेंगी। इस बीच अंडोरा में पीएसए चैलेंजर 12 पियरे और वाकांस टूर्नामेंट में तन्वी खन्ना को तीसरी वरीयता प्राप्त नूर खफागी ने क्वार्टर फाइनल में हराया।   

DDA Housing Scheme 2025: अब राजधानी में मिलेगा ‘अपना घर’, कीमत मात्र ₹11.8 लाख से शुरू!

नई दिल्ली  दिल्ली जैसी महंगी राजधानी में घर खरीदना आज किसी सपने से कम नहीं। रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की पहुंच से छत को लगभग दूर कर दिया है। लेकिन अब वही सपना दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) हकीकत में बदलने जा रहा है। डीडीए ने अपनी जन साधारण आवास योजना 2025 (फेज-2) लॉन्च की है, जिसके तहत सिर्फ ₹11.8 लाख से शुरू होने वाले किफायती फ्लैट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस स्कीम का मकसद है – उन परिवारों को घर देना जो दिल्ली में रहते और काम तो करते हैं, पर ऊंची संपत्ति दरों के कारण अपना घर नहीं खरीद पाते। किसके लिए है यह योजना? यह योजना मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लोगों के लिए बनाई गई है। इसका फोकस उन परिवारों पर है जो किराए की ऊँची लागत से परेशान हैं और स्थायी घर की तलाश में हैं। यह कोई लग्ज़री प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि ज़रूरतमंदों के लिए व्यावहारिक और सुलभ आवास विकल्प है। कीमत और बजट में बड़ा फर्क DDA स्कीम की सबसे बड़ी खासियत इसकी कीमत है — EWS फ्लैट्स की शुरुआती कीमत केवल ₹11.8 लाख LIG फ्लैट्स की कीमत ₹32.7 लाख तक जाती है दिल्ली-एनसीआर के प्रॉपर्टी मार्केट में जहां छोटे अपार्टमेंट भी ₹40–90 लाख से ऊपर मिलते हैं, वहीं यह स्कीम मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए राहत की सांस है। कहां-कहां मिलेंगे ये फ्लैट किफायती दाम का मतलब अब दूर-दराज इलाकों से नहीं है। DDA ने इस बार अपने फ्लैट्स बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं वाले इलाकों में बनाए हैं — EWS फ्लैट्स: नरेला, रोहिणी, रामगढ़ कॉलोनी और शिवाजी मार्ग LIG फ्लैट्स: रोहिणी सेक्टर 34–35 और जहांगीरपुरी के पास रामगढ़ कॉलोनी इन सभी स्थानों से मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन आसानी से उपलब्ध हैं।   बुकिंग कब और कैसे जन साधारण आवास योजना 2025 के दूसरे चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया 7 नवंबर 2025 से शुरू होगी। बुकिंग 'पहले आओ, पहले पाओ' (First Come, First Serve) के आधार पर होगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित होंगी। क्यों खास है यह योजना डीडीए की यह पहल सिर्फ एक हाउसिंग स्कीम नहीं, बल्कि दिल्ली में बढ़ते किराया संकट का समाधान भी है। ऐसे समय में जब राजधानी में जमीन और मकान की कीमतें आम नागरिक की पहुंच से बाहर हो चुकी हैं, यह योजना “अपना घर” के सपने को फिर से जिंदा करने वाली साबित हो सकती है।  

इन यूजफुल एप्स की मदद से बच्चे रहेंगे सेफ

पैरेंट्स को आजकल के असुरक्षित माहौल में हर वक्त बच्चों की चिंता लगी रहती है। बच्चों को लेकर पैरेंट्स हमेशा फिक्रमंद रहते हैं। वह घर की जिम्मेदारियों के बीच भी बच्चों की अच्छी परवरिश करने की पूरी कोशिश करते हैं। लेकिन फिर भी उनकी सुरक्षा और व्यवहार को लेकर परेशान रहते हैं। कई बार बच्चे पैरेंट्स से बातें छिपाते हैं, जिनका पता होना बहुत जरूरी होता है। लेकिन पैरेंट्स चाहें तो टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर बच्चों को लेकर टेंशनफ्री हो सकते हैं।   लाइफ 360-फुट प्रिंट:- यह दोनों ऐसे एप हैं, जिन के जरिए आप अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रख सकती हैं। लाइफ 360 के जरिए आप जीपीआरएस की मदद से एक ग्रुप बना सकती हैं, जिसमें आप अपने बच्चों को जोड़ कर एक दायरा निर्धारित कर सकती हैं। जैसे ही आपका बच्चा आपके द्वारा निर्धारित दायरे से बाहर जाता है या जब वो उस दायरे में वापस आता है, तो एक मैसेज आप के फोन पर आ जाता है, जिससे आपके लिए जानना आसान हो जाता है कि बच्चा कहां है। इसी तरह फुट प्रिंट भी एक ऐसा एप है, जिससे आप बच्चे की लोकेशन ट्रैक डाउन कर फैमिली और फ्रेंड्स के साथ बांट सकती हैं। इस तरह आप बच्चे पर आसानी से नजर रख सकती हैं। इस एप के जरिए आप पता लगा सकती हैं कि आप का बच्चा इस वक्त कहां है और पहले कहां था?   एंटी सोशल:- अगर आप का बच्चा दिन भर इंटरनेट ब्राउजिंग करता है और आप उसकी इस आदत से परेशान हो चुकी हैं, तो आप इस एप का इस्तेमाल कर सकती हैं। इस एप की मदद से आप एक समय तय कर सकती हैं। जिसके बाद इंटरनेट अपने आप बंद हो जाएगा। इस एप का इस्तेमाल कर आप अपने बच्चे की आदत में सुधार ला सकती हैं और चिंता मुक्त हो सकती हैं।   इग्नोर नो मोर:- अगर आप अपने बच्चे की फोन न उठाने की आदत से परेशान हैं, तो आप इस एप का इस्तेमाल कर सकती हैं। अगर आपका बच्चा आप का फोन नहीं उठाएगा, तो इस एप की वजह से उसका फोन लॉक हो जाएगा और फोन को दोबारा से अनलॉक करने के लिए बच्चे को आपके सेलेक्टेड नंबर्स पर फोन करना होगा। इस एप के जरिए आप बच्चों की फोन न उठाने की आदत को सुधार सकती हैं।   टीनसेफ:- यह एक तरह से सर्विलॉन्स एप है। यह आपको अपने बच्चों के मोबाइल पर नजर रखने में मदद करता है। इसकी मदद से आप बिना बच्चों की जानकारी में आए, उनके फोन पर नजर रख सकती हैं। यह एप बच्चे के फोन पर आने-जाने वाले मैसेज पढ़ने में मदद करता है। इस एप की मदद से आप डिलीट मैसेज भी पढ़ सकती हैं। आप उनके कॉल लॉग, फेसबुक और इंस्टाग्राम फीड्स पर भी पूरी नजर रख सकती हैं। इस एप के जीपीआरएस की मदद से बच्चे की पल-पल की हरकतों पर भी नजर रख सकती हैं।  

सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत को एकसूत्र में बांधा : मंत्री परमार

एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने में सभी की सहभागिता आवश्यक : मंत्री  परमार सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत को एकसूत्र में बांधा : मंत्री  परमार मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर रन फॉर यूनिटी को झंडी दिखाकर किया रवाना राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के संकल्प की शपथ दिलाई भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि भारत में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हर निर्णय ऐसे हो रहे हैं जैसे सरदार वल्लभ भाई पटेल ही फिर से भारत का नेतृत्व करने के लिए खड़े हों। प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विश्व का सबसे समृद्ध एवं विकसित देश बनने का संकल्प लिया है। भारत 'वसुधैव कुटुंबकम्' के अपने दृष्टिकोण के साथ विश्वमंच पर पुनः आगे बढ़ रहा है। मंत्री  परमार ने कहा कि भारत पुनः विश्वगुरु बनेगा और हर विधा-हर क्षेत्र में विश्वभर में सिरमौर देश बनेगा। स्वाभिमान के साथ देश को वैश्विक मंच पर सिरमौर बनाने की संकल्पना में सहभागिता करने की आवश्यकता है। मंत्री  परमार ने शुक्रवार को 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती 'राष्ट्रीय एकता दिवस' पर शाजापुर जिले के शुजालपुर स्थित माँ शारदा सांदीपनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'रन फॉर यूनिटी' (एकता दौड़) को झंडी दिखाकर रवाना किया और प्रेरक संबोधन दिया। मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय एकता-अखंडता एवं सुरक्षा के संकल्प की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में पौध-रोपण भी किया। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने कार्यक्रम में सहभागी बनने को गौरवपूर्ण बताते हुए प्रदेशवासियों को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान का स्मरण करना और 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। मंत्री  परमार ने सभी को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके पुरुषार्थ पर प्रकाश डाला। मंत्री  परमार ने बताया कि स्वतंत्रता के उपरांत सभी रियासतों के एकीकरण में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया और सभी रियासतों का भारत में विलीनीकरण कर देश को एक सूत्र में पिरोया। कार्यक्रम में  अशोक नायक,  विजय बैस, शुजालपुर महाविद्यालय जनभागीदारी समिति अध्यक्ष  आलोक खन्ना सहित नागरिक और अधिकारी उपस्थित थे।  

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: जनता के लिए आसान होंगी 56 सरकारी सेवाएं, CM भगवंत मान ने दी सौगात

जालंधर  पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य में ट्रांसपोर्ट विभाग से जुड़ी सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार और दलालों के नैक्सस को खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। सरकार के नए आदेशों के तहत अब आरटीओ कार्यालयों की 56 सेवाएं राज्य भर के सेवा केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस फैसले का उद्देश्य आम लोगों को पारदर्शी, सुगम और दलाल-मुक्त सेवाएं मुहैया कराना है। वहीं सोमवार से सेवाएं पूरी तरह से चालू होंगी। उल्लेखनीय है कि पहले ट्रांसपोर्ट विभाग की जो 28 सेवाओं की सुविधा सेवा केंद्रों पर दी जा रही थी, उनकी संख्या को अब बढ़ाकर 56 किया गया है। इसके लिए सभी सेवा केंद्र कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे नागरिकों को निर्बाध और प्रभावी सेवाएं दे सकें। जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स में स्थित टाइप-ए सेवा केंद्र में आज इन नई सेवाओं की शुरुआत के साथ ही लोगों ने उत्साहपूर्वक इसका लाभ उठाना शुरू कर दिया। सेवा केंद्र के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर बहादुर सिंह ने बताया कि वर्तमान में कुछ सेवाएं तकनीकी कारणों से अस्थायी रूप से रुकी हुई है, क्योंकि सिस्टम और सॉफ्टवेयर अपडेट किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले सोमवार से सभी 56 सेवाएं पूरी तरह से चालू कर दी जाएंगी। जनता का अनुभव, पारदर्शी सेवाओं से दलालों से मुक्ति मिलने की उम्मीद सेवा केंद्र पर ट्रांसपोर्ट विभाग से संबंधित काम करवाने पहुंचे गौतम कपूर ने बताया कि यह नई व्यवस्था नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। उन्होंने कहा कि पहले जहां लोगों को दलालों के चक्कर में पड़ना पड़ता था, वहीं अब निर्धारित शुल्क देकर सभी सेवाएं सीधे सेवा केंद्र से मिल रही हैं। कपूर ने कहा कि सभी दस्तावेज़ अब ऑनलाइन सिस्टम में अपलोड किए जाते हैं, जिससे फाइल प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी हो गई है। अब दलालों से निजात मिलने की उम्मीद बनी है।   सेवा केंद्र के आर.टी.ओ. काऊंटरों पर उमड़ी भीड़ जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स स्थित टाइप-ए सेवा केंद्र में आज आर.टी.ओ. से संबंधित कामों को लेकर 2 विशेष काऊंटर स्थापित किए गए, जिन पर पूरे दिन लोगों की भारी भीड़ देखी गई। लोगों ने लाइसैंस, वाहन पंजीकरण, स्वामित्व परिवर्तन, और चालान निपटान जैसी सेवाएं काऊंटरों पर ली। वहीं, आर.टी.ओ. कार्यालय में आज सार्वजनिक खिड़कियां बंद रहीं, सिर्फ ए.आर.टी.ओ. की पब्लिक सर्विस विंडो खुली रखी गई, जहां नागरिकों ने अपने ऑनलाइन ट्रैफिक चालानों का भुगतान किया। कई लोग जो पुराने ढर्रे के अनुसार सीधे आर.टी.ओ. पहुंचे थे, उन्हें सरकार के नए फैसले की जानकारी देकर सेवा केंद्र भेजा गया।

सरकारी अस्पतालों में दवाओं की किल्लत, सौरभ भारद्वाज बोले—‘प्रणाली को ठीक करना जरूरी’

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी के नेताओं ने रियलिटी चेक कर दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया कि दिल्ली में भाजपा सरकार आने के बाद सरकारी अस्पतालों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। मुफ्त दवा, टेस्ट और सर्जरी जैसी मूलभूत सुविधाएं अब केवल नाम मात्र की रह गई हैं। 'आप' दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने बीते गुरुवार को राजीव गांधी अस्पताल का निरीक्षण किया था, वहीं शुक्रवार को कोंडली के विधायक कुलदीप कुमार ने लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने दावा किया कि यहां मरीजों को निर्धारित दवाइयों का आधा हिस्सा भी अस्पताल से नहीं मिल रहा है और ज्यादातर महंगी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। कुलदीप कुमार ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा मरीजों को 8 से 10 दवाइयां लिखी जा रही हैं, लेकिन अस्पताल से केवल 1 या 2 सस्ती दवाइयां ही दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति भाजपा सरकार की नाकामी को उजागर करती है। केजरीवाल सरकार के समय में महंगी से महंगी दवाइयां, टेस्ट और सर्जरी पूरी तरह मुफ्त हुआ करती थीं। आम आदमी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान कई मरीजों ने अपनी शिकायतें बताईं। एक बुजुर्ग मरीज ने कहा कि उन्हें केवल दो दवाइयां दी गईं, जबकि बाकी पर ‘कट’ लगाकर बाहर से लाने को कहा गया। एक अन्य मरीज ने शिकायत की कि सात दवाइयों में से केवल एक मिली, बाकी छह बाहर से खरीदनी पड़ीं। कुछ मरीजों ने यह भी बताया कि पहले सभी दवाइयां अस्पताल में मिल जाती थीं, पर अब 'बाहर से लो' कहकर भेज दिया जाता है। कुलदीप कुमार ने कहा कि इमरजेंसी में भी दवाइयों की भारी कमी है और मरीजों को जन औषधि केंद्र की ओर भेजा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इन दुकानों को अस्पतालों के बाहर जानबूझकर खुलवाया है ताकि गरीब मरीजों से पैसे वसूले जा सकें। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा राज में सरकारी अस्पताल खुद बीमार हो गए हैं। प्रदूषण से बढ़ती बीमारियों और अस्पतालों में दवाइयां नहीं मिलने से दिल्लीवासियों पर दोहरी मार पड़ रही है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार में मरीजों को दवा, टेस्ट और सर्जरी सब कुछ मुफ्त मिलता था, जबकि अब वर्तमान सरकार ने गरीबों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि जमीनी सच्चाई यह है कि मरीजों को न दवाइयां मिल रही हैं, न टेस्ट फ्री हो रहे हैं। गरीब लोग सुबह से लाइन में लगते हैं और दोपहर तक दवा के लिए भटकते रहते हैं। 

इन सीटों पर ‘भूमिहार ब्रिगेड’ का दबदबा कायम, पार्टी कोई भी हो—जीतते हैं बस वही

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election 2025) में जातीय समीकरण (Caste equation) एक बार फिर चर्चा में हैं। लेकिन यहां एक ऐसी जाति है, जिसका राजनीति में हमेशा से प्रभाव रहा है। हम बात कर रहे हैं कि भूमिहार जाति की….इस बार कई विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां NDA और महागठबंधन दोनों ने भूमिहार उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इन सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होगा और जीत चाहे महागठबंधन की हो या एनडीए की…लेकिन विजेता भूमिहार उम्मीदवार ही होगा।  इन सीटों पर होगा भूमिहार Vs भूमिहार का दिलचस्प मुकाबला-  1. मोकामा विधानसभा सीट: अनंत सिंह Vs वीणा देवी  मोकामा सीट पर बाहुबलियों की जंग है। यहां जदयू ने आनंत सिंह को मैदान में उतारा है तो राजद की ओर से वीणा देवी (सूरजभान सिंह की पत्नी) चुनाव लड़ रही हैं। दोनों ही भूमिहार समुदाय से आते हैं। यह सीट लंबे समय से बाहुबली राजनीति का केंद्र रही है।  2. हिसुआ विधानसभा सीट (नवादा): नीतू देवी Vs अनिल सिंह  नवादा की हिसुआ विधानसभा सीट पर कांग्रेस से नीतू देवी (पूर्व मंत्री आदित्य सिंह की बहू) और BJP) से अनिल सिंह चुनावी मैदान में हैं। दोनों उम्मीदवार भूमिहार हैं और दोनों का मजबूत जनाधार है। नीतू सिंह पिछली बार 2020 के चुनाव में हिसुआ की विधायक चुनी गई थीं। यह सीट इस बार महिला बनाम पुरुष और सत्ता बनाम संगठन की लड़ाई के रूप में देखी जा रही है।  3. बिक्रम विधानसभा सीट (पटना): सिद्धार्थ सौरव Vs अनिल कुमार  बिक्रम विधानसभा सीट पर भाजपा BJP ने पूर्व कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ सौरव को टिकट दिया है तो वहीं कांग्रेस ने अनिल कुमार को मैदान में उतारा है। दोनों भूमिहार उम्मीदवारों के बीच यह मुकाबला राजनीतिक पाला बदलने की कहानी भी बयां करता है। 2015 और 2020 में यहां से कांग्रेस के टिकट पर सिद्धार्थ सौरव ने जीत दर्ज की।    4. मटिहानी विधानसभा सीट (बेगूसराय): बोगो सिंह Vs राजकुमार सिंह  इस सीट पर राजद RJD से बोगो सिंह (पूर्व JDU विधायक) और जदयू JDU से राजकुमार सिंह (पूर्व LJP विधायक) चुनावी लड़ रहे हैं। यह सीट नेताओं के दल-बदल और जातीय प्रभाव दोनों के लिए चर्चा में है। दोनों उम्मीदवार भूमिहार हैं।  5. परबत्ता विधानसभा सीट (खगड़िया): डॉ. संजीव Vs बाबूलाल शौर्य  परबत्ता सीट पर राजद (RJD) के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार (पूर्व JDU विधायक) हैं और LJP (रामविलास) से बाबूलाल शौर्य चुनावी मैदार में हैं। दोनों उम्मीदवार भूमिहार समुदाय से हैं और इलाके में मजबूत पकड़ रखते हैं।  6. बरबीघा विधानसभा सीट (शेखपुरा): कुमार पुष्पंजय Vs त्रिशूलधारी सिंह  बात करें बरबीघा विधानसभा सीट की तो यहां भी भूमिहार Vs भूमिहार के बीच दिलचस्प मुकाबला होगा। यहां JDU से कुमार पुष्पंजय और कांग्रेस से त्रिशूलधारी सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों ही संपन्न घरों से आते हैं।  

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव: पांच दिनों तक झूमेगा संस्कृति का रंगारंग संगम

  रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत महोत्सव में देश एवं प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। एक नवम्बर से 5 नवम्बर तक मुख्यमंच के अलावा शिल्पग्राम मंच पर भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। राज्योत्सव में इस बार छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कलाकारों के साथ ही देश के जाने-माने कलाकार, श्री हंशराज रघुवंशी, श्री आदित्य नारायण, श्री अंकित तिवारी, श्री कैलाश खेर, सुश्री भूमि त्रिवेदी अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे। राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर नवा रायपुर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वाणिज्य एवं व्यापार परिसर में बनाये गए मुख्यमंच से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत सुबह 11 बजे सुश्री ऐश्वर्या पंडित के गायन से होगी। इसके बाद श्री पीसी लाल यादव, सुश्री आरू साहू, श्री दुष्यंत हरमुख, श्रीमती निर्मला ठाकुर तथा शाम 8 बजे राष्ट्रीय कलाकार श्री हंशराज रघुवंशी की प्रस्तुति होगी। इसी प्रकार 2 नवम्बर को सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक श्री आदित्य नारायण प्रमुख आकर्षण के केन्द्र होंगे। उनके द्वारा गीतों की प्रस्तुति रात्रि 9 बजे से दी जाएगी। इस दिन सांस्कृति कार्यक्रमों की शुरूआत शाम 6.30 बजे से होगी। सबसे पहले श्री सुनील तिवारी, सुश्री जयश्री नायर चिन्हारी द गर्ल बैंड, पद्मश्री डोमार सिंह कंवर नाचा दल का कार्यक्रम होगा। इसी प्रकार 3 नवम्बर को पार्श्व गायिका सुश्री भूमि त्रिवेदी रात्रि 9 बजे से प्रस्तुति देंगी। इस दिन सांस्कृति संध्या में शाम 6 बजे से पद्मश्री उषा बारले पण्डवानी, श्री राकेश शर्मा सूफी-भजन गायन, श्री कुलेश्वर ताम्रकार लोकमंच की प्रस्तुति होगी तथा 4 नवम्बर को रात्रि 9 बजे पार्श्व गायक श्री अंकित तिवारी प्रस्तुति देंगे। इस दिन शाम 6 बजे कला केन्द्र रायपुर बैण्ड, श्रीमती रेखा देवार की लोकगीत, श्री प्रकाश अवस्थी की प्रस्तुति होगी। इसी प्रकार 5 नवम्बर को रात्रि 9 बजे पार्श्व गायक श्री कैलाश खेर अपनी प्रस्तुति देंगे। सांस्कृतिक संध्या में शाम 6 बजे से श्रीमती पूनम विराट तिवारी, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का कार्यक्रम होगा। शिल्पग्राम मंच की प्रस्तुतियां- शिल्पग्राम मंच में 1 नवम्बर को श्री मोहम्मद अनस पियानो वादन, श्रीमती बासंती वैष्णव द्वारा कत्थक, सुश्री रमादत्त जोशी और श्रीमती सोनाली सेन का गायन, सुश्री स्वीटी पगारिया कत्थक, श्री मंगलूराम यादव की बांसगीत, सुश्री चारूलता देशमुख भारत नाट्य, श्री दुष्यंत द्विवेदी की पण्डवानी, श्री लोकेश साहू की भजन, श्रीमती बॉबी मंडल की लोक संगीत तथा श्री चन्द्रभूषण वर्मा लोकमंच की प्रस्तुति होगी। 2 नवम्बर को श्रीमती रेखा जलक्षत्रीय की भरथरी, श्री ईकबाल ओबेराय की म्यूजिक ग्रुप, श्री बसंतबीर उपाध्याय मानस बैंड, संश्री दीपाली पाण्डेय की कत्थक, श्री लिलेश्वर सिंहा की लोक संगीत, सुश्री अंविता विश्वकर्मा भारतनाट्यम, सुश्री आशिका सिंघल कत्थक, श्री प्रांजल राजपूत भरथरी, सुश्री प्रसिद्धि सिंहा कत्थक, श्री जीवनदास मानिकपुरी लोकमंच एवं श्री जितेन्द्र कुमार साहू सोनहा बादर की प्रस्तुति होगी। 3 नवम्बर को श्री सुरेश ठाकुर भजन, डॉ. आरती सिंह कत्थक, श्रीमती राखी राय भरतनाट्यम, श्री पुसउराम बंजारे पण्डवानी, सुश्री इशिका गिरी कत्थक, श्री गिरवर सिंह ध्रुव भंुजिया नृत्य, सुश्री राधिका शर्मा कत्थक, श्रीमती शांतिबाई चेलक पण्डवानी, श्री दुष्यंतकुमार दुबे सुआ नृत्य, श्रीमती गंगाबाई मानिकपुरी पण्डवानी, सुश्री संगीता कापसे शास्त्रीय नृत्य, श्री महेन्द्र चौहान की चौहान एव बैंड तथा श्री घनश्याम महानंद फ्यूजन बैंड की प्रस्तुति होगी। 4 नवम्बर को सुश्री भुमिसूता मिश्रा ओडिसी, श्री चैतुराम तारक नाचा दल, सुश्री आशना दिल्लीवार कत्थक, सुश्री पुष्पा साहू लोक संगीत, श्री महेन्द्र चौहान पण्डवानी, सुश्री प्रिति गोस्वामी कत्थक, सुश्री पृथा मिश्रा शास्त्रीय गायन, श्री महेश साहू लोकमंच, श्री विजय चंद्राकर लोक संगीत तथा श्री तिलक राजा साहू लोकधारा की प्रस्तुति होगी। 5 नवम्बर को सुश्री दुर्गा साहू पण्डवानी, सुश्री डाली थरवानी कत्थक, श्री संजय नारंग लोकसंगती, सुश्री सारिका शर्मा कत्थक, सुश्री महेश्वरी सिंहा लोकमंच, श्री चंद्रशेखर चकोर की लोक नाट्य, श्री नीतिन अग्रवाल लोकसंगीत, श्री द्वारिकाप्रसाद साहू की डंडा नृत्य, सुश्री महुआ मजुमदार की लोकसंगीत तथा श्री नरेन्द्र जलक्षत्रीय लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे।

बिहार की धरती से मुगल बादशाह हुमायूं को भी जान बचाकर भागना पड़ा

बिहार के भोजपुर जिले की अगिआंव विधानसभा सीट के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी जनसभा को किया संबोधित  – जैसे गधे के सिर से सींग गायब हो गये वैसे ही भारत ही नहीं दुनिया से कम्युनिस्टों का पत्ता साफ हो गया – आरजेडी, माले, कांग्रेस ये सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे – आरजेडी का लालटेन यहां पर अंधियारा लेकर आया था, लालटेन बंद करके डकैती डाली जाती थी – पहले गरीबों को राशन तो मिलता नहीं था, उलटे पशुओं का चारा भी खा लिया जाता था – विपक्ष के लोग बात गरीबों की करेंगे और गरीबों की गटई को दबाने का काम भी करेंगे – जो राम का नहीं वो हमारे किसी काम का नहीं, जो राष्ट्र का विरोधी उसे राष्ट्र से बाहर का रास्ता दिखाना है भोजपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बिहार के अगिआंव विधान सभा क्षेत्र में एनडीए प्रत्याशी महेश पासवान के पक्ष में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए विरोधी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कम्युनिस्टों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत ही नहीं दुनिया से कम्युनिस्टों का पत्ता साफ हो गया है। जिस बिहार ने देश को 'स्वर्णयुग' दिया वहां अब लाल सलाम नहीं बल्कि जय श्रीराम का नारा गूंजेगा। योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों आरजेडी, कांग्रेस और भाकपा माले पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे सब गरीबों के राशन पर डकैती डालने का प्रयास कर रहे हैं।  ये वही बिहार है जिसने भारत को स्वर्णयुग दिया उन्होंने कहा कि जैसे गधे के सिर से सींग गायब हो गये वैसे ही भारत ही नहीं दुनिया से कम्युनिस्टों का पत्ता साफ हो गया। ये वही बिहार है जिसने भारत को स्वर्णयुग दिया। महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर का यहां जन्म हुआ, इस धरा ने वीर बाबू कुंवर सिंह को जन्म दिया, जिन्होंने 1857 में अंग्रेजों को नाको चने चबाने पर मजबूर किया। वीर कुंवर सिंह ने आरा से आजमगढ़ तक अंग्रेजों को पीछे ढकेलने का काम किया था। इस क्षेत्र को अंग्रेजों से स्वतंत्र घोषित कर दिया था। यही नहीं इस भूमि से मुगल बादशाह हुमायूं को भी जान बचाकर भागना पड़ा। इस धरती ने भारत के पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद को दिया। देश के दूसरे उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवनराम को दिया, देश की आजादी के बाद जब भारत के लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश की गई तब बिहार के नौजवानों को एकजुट करने वाले जय प्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर को जन्म दिया था।  विकसित बिहार की आधारशिला तैयार, अब होगा मजबूत इमारत का निर्माण  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब बिहार विकसित होगा, तभी भारत विकसित होगा। विकसित बिहार के लिए 20 साल में नितीश बाबू के नेतृत्व में सुशासन की आधारशिला रखी गई है। अब इसमें मजबूत इमारत का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि अब ये जनता की अग्निपरीक्षा है, क्योंकि कमल कीचड़ में ही खिलता है। उन्होंने कहा कि आरजेडी का लालटेन यहां पर अंधियारा लेकर आया था। लालटेन बंद करके डकैती डाली जाती थी। गरीबों के हक पर डाका पड़ता था। सड़क नहीं थी, नौकरी नहीं थी, उद्योग-धंधे नहीं थे। मगर, आज अयोध्या की तर्ज पर सीतामढ़ी में सीता मइया का भव्य मंदिर बन रहा है। रेल, मेट्रो, सड़क कनेक्टिविटी, फोर लेन एक्सप्रेसवे बन रहे हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। तमाम कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीब जनता उठा रही है। यह एनडीए की मोदी जी के नेतृत्व की सरकार और नितीश बाबू ने किया है।  नौकरी के नाम पर हड़पी जाती थी गरीबों की जमीन  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो इंडी गठबंधन यहां कांग्रेस, माले और आरजेडी के नाम पर आया है, ताकि गरीबों के राशन पर डकैती डाला जा सके। इसमें उनका पुराना अनुभव है। पहले गरीबों को राशन तो मिलता नहीं था, उलटे पशुओं का चारा भी खा लिया जाता था। ये लोग बात गरीबों की करेंगे और गरीबों की गटई को दबाने का काम करेंगे। नौकरी नहीं देंगे, नौकरी के नाम पर जमीनों को हड़पेंगे। किसानों को पलायन के लिए मजबूर करेंगे। बिहार में माफियाराज लाकर व्यापारियों, बहन बेटियों और नौजवानों के सामने पहचान, सुरक्षा और सम्मान का संकट खड़ा कर दिया गया था। आज बिहार में नौकरी है, निवेश है, विकास है, आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।  आरजेडी, माले, कांग्रेस ये सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आरजेडी, माले, कांग्रेस ये सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं। ये सब भारत की विरासत का विरोध करते हैं। गुलामी की मानसिकता का समर्थन करते हैं। आक्रांताओं को आमंत्रित करते हैं। अयोध्या में राममंदिर का विरोध करते हैं। सीतामढ़ी में सीता मइया के मंदिर का विरोध करते हैं। भारत के नागरिकों को लड़ाने का काम करते हैं। पर्व त्योहार के पहले दंगा कराने की कोशिश करते हैं। मगर, यूपी में आप सबने देखा होगा, वहां अब दंगा नहीं, बल्कि सब चंगा है। माफिया गायब हो चुके हैं, उनका जहन्नुम का टिकट काट दिया गया है।  जो राम का विरोध कर रहा है वो राष्ट्र का विरोध कर रहा  मुख्यमंत्री ने काशी की चर्चा करते हुए कहा कि पहले काशी विश्वनाथ मंदिर बहुत संकरा था, मगर अब 50 हजार लोग एक साथ दर्शन कर सकते हैं। 10 लाख श्रद्धालु एक साथ काशी और अयोध्या में दर्शन करते हैं। कांग्रेस कहती थी कि राम हुए ही नहीं। आरजेडी राम मंदिर का रथ रोकते थे। सपा वाले रामभक्तों पर गोलियां चलाते थे और कम्युनिस्ट तो किसी दूसरे लोक के बारे में ही सोचते हैं। उन्होंने कहा कि जो राम का नहीं वो हमारे किसी काम का नहीं। जो राम का विरोध कर रहा है वो राष्ट्र का विरोध कर रहा है। जो राष्ट्र का विरोध कर रहा है वो हमारे किसी काम का नहीं, उसे राष्ट्र से बाहर का रास्ता दिखाना है।