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पंजाब में मौसम ने बदला रूख, नवंबर शुरू होने से पहले ही गिरी तापमान की पारा

चंडीगढ़ नवंबर महीने की शुरुआत से पहले ही पंजाब का मौसम बदलने लगा है। इसका मतलब है कि नवंबर के शुरुआती दिनों से ही ठंड पूरी तरह जोर पकड़ लेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, एक नई पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) उत्तरी भारत में सक्रिय हो रही है, जिसका हल्का असर अब पंजाब में भी देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्य में ठंडी हवाओं का असर और बढ़ेगा, तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और कई जगहों पर धुंध (कोहरा) पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, अगले चार से पाँच दिनों में राज्य के कई जिलों में रात का तापमान 2 डिग्री तक गिर सकता है। इससे सुबह और शाम के समय हवा में ठंडक महसूस की जाएगी। अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, बठिंडा और फिरोजपुर जैसे क्षेत्रों में धुंध पड़नी शुरू हो गई है, जिसके चलते सुबह से ही ठंडी हवाएं महसूस हो रही हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग अब सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनने लगे हैं। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को तापमान में आ रहे अचानक बदलाव से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और सुबह की ठंडी हवा से बचने की अपील की गई है। ऐसा लग रहा है कि अब पंजाब में सर्दी की दस्तक हो चुकी है और आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की पूरी संभावना है। 

ऐसे दूर करें कोहनी और घुटनों के कालेपन को

जरा सोचिए! कैसा होगा अगर आपका चेहरा तो चमक रहा है लेकिन आपकी कोहनी और घुटने कालेपन से आपकी खूबसूरती में धब्बा लगा रहे हैं। ऐसे में न क्रीम काम आती है और न ही स्क्राब। कोहनी और घुटने की कालिमा इतनी आसानी से कहां जाती है। अब फिक्र न करें बस कुछ घरेलू उपाय और आपकी ये प्रॉब्लम हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। नींबू और मलाई का पेस्ट: घुटने और कोहनी की सफाई के लिए सबसे लोकप्रिय घरेलू उपाय है नींबू और मलाई का पेस्ट।। नींबू को छील कर उसमें मलाई मिला लें, नींबू रस से त्वचा की गंदगी दूर होती है और आपकी कोहनी का कालापन धीरे-धीरे दूर हो जाएगा। शहद: घुटने और कोहनी की सफाई के लिए शहद एक अच्छात विकल्प है। ऐसे में आप शहद का उपयोग कर सकते हैं। शहद त्वबचा को नरम रखता है, जो बहुत लाभ पहुंचाता है। नारियल का तेल: नारियल का तेल मॉइस्चराइजिंग गुण से समृद्ध होता है और त्वचा के लिए एक अच्छा टॉनिक भी है। नहाने से पहले अपने पूरे शरीर और कोहनी एवं घुटनों पर नारियल तेल लगाएं। एलोवेरा: एलोवेरा भी घुटने और कोहनी की सफाई के लिए लिए एक अच्छाल विकल्पा है, काले पड़े घुटनों और कोहनी पर नियमित रूप से इसके जैल का उपयोग करने से त्वबचा के दाग-धब्बेप भी साफ होते है। स्क्ररबर: स्क्रेबर मृत त्वचा को हटाने में काफी प्रभावशाली होता है। नहाते समय झांवें को गीला करके उससे कोहनी और घुटने की सफाई करें।  

राहत भरी खबर! हरियाणा के लाखों छात्रों के स्कूलों की मान्यता अब अगले साल तक मान्य

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के 1032 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए मान्यता का एक साल का विस्तार प्रदान कर दिया है। इस निर्णय से लगभग 3 लाख विद्यार्थियों को राहत मिली है, जिनकी बोर्ड परीक्षाएं मान्यता न मिलने की स्थिति में प्रभावित हो सकती थीं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से कई बार मुलाकात के बाद निजी स्कूल संचालकों की यह मांग पूरी की गई। इन स्कूलों में अधूरी सुविधाओं और निर्धारित मानकों की अनुपालना न होने के कारण शिक्षा विभाग ने पूर्व में मान्यता रोक दी थी। विभाग का कहना है कि आगामी सत्र तक सभी स्कूलों को निर्धारित मानक पूरे करने होंगे, अन्यथा नए प्रवेश बंद कर दिए जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार, जिन स्कूलों को विस्तार दिया गया है, वे 30 अप्रैल 2003 से पहले स्थापित हुए संस्थान हैं या फिर 30 अप्रैल 2003 से 31 मार्च 2007 के बीच हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से मान्यता प्राप्त कर चुके हैं। सभी स्कूलों को इस विस्तार की शर्तों को स्वीकार करते हुए एक शपथपत्र (एफिडेविट) जमा कराना होगा। प्रदेश में 2003 से अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को हर वर्ष एक-एक वर्ष का विस्तार मिलता आ रहा है। उस समय कुल 3200 स्कूल थे, जिनमें से 2106 संस्थान अब स्थायी मान्यता प्राप्त कर चुके हैं। शेष 1032 स्कूल अभी भी भूमि और अधोसंरचना संबंधी कमी के कारण मानक पूरे नहीं कर पाए हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अस्थायी राहत अंतिम मानी जाए और आगामी शिक्षण सत्र तक सभी संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार पूरे करने होंगे।

सुरक्षा अलर्ट! संवेदनशील इलाके में टोल प्लाजा संचालन पर विवाद, मंत्री ने दिए जांच के आदेश

गुरुग्राम  केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शुक्रवार को स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पंचगांव चौक पर निर्माणाधीन टोल प्लाजा के विषय में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी.एस. ढेसी, डीसी अजय कुमार, SDM मानेसर दर्शन यादव, HSIIDC के AGM राजीव गोयल, NHAI के प्रोजेक्ट निदेशक तिलक राज सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि NHAI के अधिकारी पंचगांव के पास टोल प्लाजा को शिफ्ट करने की प्रक्रिया में स्थानीय ग्रामीणों के सुगम आवागमन और प्रमुख मार्गों पर उनकी सीधी कनेक्टिविटी का विशेष ध्यान रखें। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और NHAI द्वारा टोल प्लाजा के लिए चिन्हित स्थल का नक्शा भी देखा। राव ने बताया कि सहरावन और पंचगांव के बीच चिन्हित स्थान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील क्षेत्र है। जिसको लेकर संबंधित अधिकारियों ने कुछ आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने NHAI को निर्देश दिया कि इन आपत्तियों पर विचार करते हुए उनके निवारण या वैकल्पिक स्थान की दिशा में आगे बढ़ा जाए। केंद्रीय मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि इस विषय में विस्तृत खाका तैयार कर मंगलवार तक उनके कार्यालय में प्रस्तुत करें ताकि केंद्रीय स्तर पर समन्वय बैठक आयोजित की जा सके। मानेसर में फ्लाईओवर निर्माण से पूर्व वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था आवश्यक बैठक में राव ने कहा कि मानेसर में प्रस्तावित एलिवेटेड फ्लाईओवर के निर्माण से पूर्व जिला प्रशासन और NHAI वाहनों के सुगम आवागमन हेतु वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि गुरुग्राम–पटौदी–रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग (352D) के निर्माण पूरा होने के बाद ही फ्लाईओवर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाए। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर यातायात दबाव कम होगा और जनता को असुविधा से राहत मिलेगी। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि किसी भी विकास योजना का उद्देश्य तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसका सीधा लाभ स्थानीय नागरिकों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि योजनाएं केवल निर्माण या ढांचे तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनमें लोगों की सुविधा और क्षेत्र की सुरक्षा का समुचित समावेश होना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना पर निर्णय लेने से पहले ग्रामीणों की आवश्यकताओं, यातायात की सहजता और भविष्य में क्षेत्र के औद्योगिक विस्तार पर उसके प्रभाव का संतुलित मूल्यांकन किया जाए।

कोलेस्ट्रॉल क्या है और शरीर में इसकी क्या भूमिका होती है?

जब भी कोलेस्ट्रोल का नाम आता है तो हम सोचते हैं कि इसका वास्ता दिल से होता है और ये दिल को नुकसान भी पहुंचाता है। लेकिन कोलेस्ट्रोल हमेशा ही बुरा नहीं होता बल्कि एक निर्धारित मात्रा में कोलेस्ट्रोल होना बेहद जरूरी है। जानिए कैसे आपकी सेहत में कोलेस्ट्रोल असर करता है। कोलेस्ट्रोल वैक्स जैसा एक तत्व होता है, जो हमेशा बुरा नहीं होता। शरीर को सामान रूप से काम करने और इसके सिस्टम की बायोकेमिकल प्रक्रियाओं के लिए अच्छे कोलेस्ट्रॉल की हम सबको जरूरत होती है। अच्छा कोलेस्ट्रॉल है-हाई डेंसिटी लीपोप्रोटीन यानी एचडीएल और बुरा कोलेस्ट्रॉल है-लो डेंसिटी लीपोप्रोटीन यानी एलडीएल, ये दोनों ही शरीर में बनते हैं। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल बुरा होता है क्योंकि यह प्लाक बनाता है, एचडीएल कोलेस्ट्रॉल अच्छा होता है क्योंकि यह बुरे कोलेस्ट्रॉल से लड़ता है और इसे हटाता है। खून में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा का बढ़ना एक खतरनाक स्थिति होती है क्योंकि इसका परिणाम स्ट्रोक और हार्ट अटैक के रूप में सामने आ सकता है। बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए खाने में इसकी मात्रा कम करें और अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ाएं। शरीर में एचडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है शारीरिक व्यायाम करना। तो अपने जीवनशैली में बदलाव लाएं-शारीरिक सक्रियता बढ़ाएं, खाने में सैचुरेटेड फैट और जंक फूड की मात्रा घटाएं-इससे आपका दिल स्वस्थ रहेगा।  

घर के बेडरूम की लाइट बदलेगी रिश्तों की मिठास, ये रंग करेगा कमाल

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का हर कोना हमारे जीवन की ऊर्जा और मनोभावों को प्रभावित करता है। खासतौर पर बेडरूम, जो पति-पत्नी के बीच प्रेम, सामंजस्य और सुकून से जुड़ा होता है। अगर आप अपने रिश्ते में प्यार और सकारात्मकता बनाए रखना चाहते हैं, तो बेडरूम की लाइट का रंग बेहद महत्वपूर्ण होता है। सही रंग की रोशनी न सिर्फ माहौल को सुखद बनाती है बल्कि जीवनसाथी के बीच अपनापन और मधुरता भी बढ़ाती है। तो आइए जानते हैं कि कौन-सी लाइट आपके रिश्ते में प्रेम का जादू भर सकती है। क्यों फायदेमंद है इस रंग की लाइट गुलाबी रंग लाइट गुलाबी रंग की रोशनी प्रेम, कोमलता और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक मानी जाती है। यह माहौल को रोमांटिक और सुकून भरा बनाती है। वॉर्म येलो लाइट वॉर्म येलो लाइट घर में गर्मजोशी और स्थिरता लाती है। इससे मन शांत रहता है और रिश्तों में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। बहुत ज्यादा चमकीली या सफेद लाइट से बचना चाहिए, क्योंकि यह मानसिक तनाव और बेचैनी पैदा कर सकती है। वास्तु के अनुसार सही दिशा बेडरूम का स्थान दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना सबसे शुभ माना जाता है। यह दिशा स्थायित्व और भरोसे का प्रतीक है, जो रिश्ते को मजबूत बनाती है।

उमा भारती ने दी चेतावनी, 2029 के लोकसभा चुनाव में हिस्सेदारी पक्की

जबलपुर   मध्यप्रदेश की पूर्व सीएम और भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने 2029 का लोकसभा चुनाव जरूर लड़ने का ऐलान किया है। जबलपुर में गोपाष्टमी पर्व के मौके पर गोसंवर्धन संकल्प सभा में पहुंची थीं और इसी दौरान उन्होंने मंच से ये ऐलान किया। उमा भारती ने कहा कि वो साल 2029 में लोकसभा का चुनाव जरूर लड़ेंगी। क्योंकि सांसद और मंत्री बनने से आम जनता का भला करने का मौका मिलता है। साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने चुनाव लड़ने से उनने कभी इंकार नहीं किया था, बस उसे टाला था। 'लाड़ली बहनों को पैसों के साथ मिले एक-एक गाय' गोसंवर्धन संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उमा भारती ने गाय का जिक्र करते हुए कहा कि गाय सेक्युलेरिज्म के चक्कर में फंस गई है। कई नेता डर के मारे गाय पर बोलने से बचते हैं। क्योंकि उन्हें यह लगता है कि धर्म विशेष का वोटर नाराज हो जाएगा। उमा भारती ने आगे कहा कि लाड़ली बहनों को जो राशि मिल रही है वो तो मिलनी ही चाहिए लेकिन इसके साथ ही लाड़ली बहनों को एक-एक दुधारू गाय भी देनी चाहिए। इससे उनकी आमदनी 3 हजार से बढ़कर 10 हजार तक हो जाएगी। वहीं उन्होंने कहा राम के नाम पर पूरा भारत एक हुआ। लेकिन भगवान के कार्य पूरे नहीं हुए हैं। ललितपुर से चुनाव लड़ने की जता चुकी हैं इच्छा बता दें कि उमा भारती बीते दिनों यूपी के ललितपुर के दौरे पर थीं और तब उन्होंने वहां पर भी 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। तब उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी अनुमति देती है तो वे 'अगला लोकसभा चुनाव झांसी लोकसभा सीट' से लड़ेंगी। उमा ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी । सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा था कि 'अगर पार्टी कहेगी तो मैं चुनाव जरूर लड़ूंगी, लेकिन मैं सिर्फ झांसी से ही चुनाव लड़ूंगी।' तब उन्होंने ये भी कहा था कि उनका बुंदेलखंड क्षेत्र से गहरा जुड़ाव है, और वे चाहेंगी कि आने वाले लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड की जनता एक बार फिर उन्हें लोकसभा तक पहुंचाए।

एआई, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कोडिंग एंड प्रोग्रामिंग जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों में प्रदान किए जाएंगे प्रमाण पत्र

गोरखपुर उद्योग और सेवा क्षेत्र की मांग के अनुसार अद्यतन व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए सैमसंग इंडिया के सहयोग से संचालित सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत गोरखपुर विश्वविद्यालय के 1600 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों को शनिवार को प्रमाण पत्र का वितरण किया जाएगा। योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ विद्यार्थियों को अपने हाथों से प्रमाण पत्र सौंपेंगे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को सीएम योगी से मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा।  सैमसंग इनोवेशन कैंपस प्रमाण पत्र वितरण समारोह में  विशिष्ट अतिथि के रूप में सैमसंग इंडिया के प्रेसिडेंट एवं सीईओ जेबी पार्क तथा इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष विनोद शर्मा की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन करेंगी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 1600 से अधिक विद्यार्थी, जिन्होंने सैमसंग इनोवेशन कैंपस के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कोडिंग एंड प्रोग्रामिंग जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों में प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल आफ इंडिया के सहयोग से तथा स्वदेश (सोशल वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फॉर इम्पॉवर्ड सोसाइटी) संस्था द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन का कहना है कि सैमसंग इनोवेशन कैंपस जैसी पहलें विश्वविद्यालय के ‘स्किल टू एम्प्लॉयमेंट’ मिशन को नई गति देती हैं। इसका लाभ हमारे विद्यार्थियों के साथ-साथ क्षेत्र की युवा पीढ़ी को भी मिलेगा। यह गोरखपुर और पूर्वांचल के लिए डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

SBI क्रेडिट कार्ड से वॉलेट रिचार्ज अब महंगा, 1 नवंबर से लागू होंगे नए नियम

मुंबई  एसबीआई कार्ड अपनी फीस स्ट्रक्चर और दूसरे चार्जेस में बदलाव करने वाला है. ये नए नियम 1 नवंबर 2025 से लागू हो जाएंगे. एसबीआई कार्ड के स्टेटमेंट में साफ कहा गया है कि खासकर एजुकेशन से जुड़े पेमेंट्स और वॉलेट लोड जैसे ट्रांजेक्शंस पर ज्यादा फीस लगेगी. ये बदलाव आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं. राहत की बात ये है कि अगर आप डायरेक्ट इंस्टीट्यूशन को पेमेंट करेंगे, जैसे उनके ऑफिशियल वेबसाइट से या कैंपस पर लगे पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल्स से, तो कोई फीस नहीं लगेगी. एजुकेशन पेमेंट्स पर चार्ज 1 नवंबर से अगर आप थर्ड-पार्टी ऐप्स जैसे एग्रीगेटर्स या पेमेंट ऐप्स से स्कूल, कॉलेज या किसी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को फीस भरेंगे तो ट्रांजेक्शन अमाउंट का 1 प्रतिशत फीस लगेगी. एसबीआई कार्ड की नोटिफिकेशन में साफ है कि ये फीस एजुकेशनल पेमेंट्स पर लागू होगी. वहीं, डायरेक्ट इंस्टीट्यूशन को पेमेंट करेंगे तो ये फीस नहीं लगेगी. यानी कार्ड यूजर्स अगर स्कूल या कॉलेज की ऑफिशियल पेमेंट चैनल्स चुनेंगे तो 1 प्रतिशत से बच जाएंगे. एसबीआई कार्ड की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर 2025 से थर्ड-पार्टी ऐप्स से एजुकेशन पेमेंट्स पर 1 प्रतिशत फीस लगेगी, लेकिन डायरेक्ट कॉलेज या स्कूल की वेबसाइट या पीओएस मशीन से पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. वॉलेट लोड ट्रांजेक्शंस 1000 रुपये से ज्यादा के वॉलेट लोड पर भी 1 प्रतिशत चार्ज लगेगा. यानी हर बार जब आप डिजिटल वॉलेट में 1000 से ऊपर का बैलेंस ऐड करेंगे, तो लोडेड अमाउंट का 1 प्रतिशत कट जाएगा. मिसाल के तौर पर, 2000 रुपये लोड करने पर 20 रुपये की फीस कटेगी. एसबीआई कार्ड वेबसाइट कहती है कि 1 नवंबर 2025 से हर वॉलेट लोड ट्रांजेक्शन जो 1000 रुपये से ज्यादा हो, पर 1 प्रतिशत फीस अमाउंट का लागू होगा. ये छोटा सा चार्ज लग सकता है लेकिन महीने भर में जुड़ जाए तो बोझ बन जाता है. बैंक खातों में अब जोड़ सकेंगे 4 नॉमिनी 1 नवंबर से बैंक खाताधारकों को बड़ी राहत मिलने वाली है। अब एक खाते में 4 तक नॉमिनी जोड़ सकते हैं। अब तक सिर्फ एक ही नॉमिनी जोड़ने की सुविधा मिलती थी लेकिन अब चार लोग जोड़ सकते हैं। नए नियमों के अनुसार ग्राहक चाहें तो सभी नॉमिनियों को एक साथ या क्रमवार तरीके से जोड़ सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि किसी अनहोनी की स्थिति में दावों का प्रोसेस आसान हो जाएगा। हालांकि, बैंक लॉकर के लिए क्रमवार नॉमिनेशन की ही अनुमति होगी। यानी यदि पहला नॉमिनी उपलब्ध नहीं है, तो दूसरा नॉमिनी उसका स्थान लेगा। इससे किसी भी विवाद या देरी की संभावना कम हो जाएगी। एसबीआई के अन्य चार्जेस एसबीआई कैश पेमेंट फीस 250 रुपये है. अगर आपका पेमेंट डिसऑनर हो गया तो डिसऑनर फीस पेमेंट अमाउंट का 2 प्रतिशत लगेगी, न्यूनतम 500 रुपये. इसके अलावा चेक पेमेंट पर 200 रुपये फीस है. कैश एडवांस फीस एसबीआई एटीएम और दूसरे डोमेस्टिक एटीएम पर ट्रांजेक्शन अमाउंट का 2.5 प्रतिशत, न्यूनतम 500 रुपये है. इंटरनेशनल एटीएम पर भी वही 2.5 प्रतिशत, न्यूनतम 500 रुपये है. कार्ड रिप्लेसमेंट फीस 100 से 250 रुपये तक है, लेकिन ऑरम कार्ड्स के लिए 1500 रुपये है. अगर विदेश में इमरजेंसी रिप्लेसमेंट है तो एक्टुअल कॉस्ट, न्यूनतम वीजा के लिए 175 डॉलर और मास्टरकार्ड के लिए 148 डॉलर है. लेट पेमेंट चार्जेस भी स्लैब के हिसाब से हैं. अगर मिनिमम अमाउंट ड्यू (एमएडी) पेमेंट ड्यू डेट तक न चुकाया. 0 से 500 रुपये पर निल चार्ज, 500 से 1000 पर 400 रुपये चार्ज है. वहीं, 1000 से 10000 पर 750 रुपये चार्ज, 10000 से 25000 पर 950 रुपये चार्ज, 25000 से 50000 पर 1100 रुपये, और 50000 से ऊपर पर 1300 रुपये चार्ज है. तो अगर आप भी एसबीआई कार्ड यूज करते हैं तो इन नए चार्ज का ध्यान रखें ताकि आपको परेशानी न हो. यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की अंतिम तिथि 30 नवंबर तक केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में शामिल होने की आखिरी तारीख को 30 नवंबर 2025 तक बढ़ा दिया है। पहले यह लिमिट 30 सितंबर थी।  पेंशनर्स के लिए जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) हर साल की तरह, केंद्रीय और राज्य सरकार के पेंशनर्स को 1 नवंबर से 30 नवंबर 2025 के बीच जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan) जमा करना होगा। यह प्रमाण पत्र ऑनलाइन (डिजिटल) या बैंक या पोस्ट ऑफिस जाकर जमा किया जा सकता है। इसे समय पर जमा करने से पेंशन का पेमेंट बिना रुकावट जारी रहता है। 80 साल या उससे अधिक उम्र वाले पेंशनर्स को यह सुविधा पहले ही 1 अक्टूबर से दी गई है।

जबलपुर में 12 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, 16 करोड़ की संपत्ति जब्त, धान खरीदी में 43 करोड़ का घोटाला

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर में करोड़ों के घोटाले में सरकारी खजाने का जो नुकसान हुआ है उसको पूरा करने के लिए अब अधिकारी-कर्मचारियों की संपत्ति को नीलाम किया जाएगा. जबलपुर कलेक्टर ने 12 कर्मचारियों की संपत्ति कुर्की के आदेश जारी किए हैं. आरोप है कि, इन लोगों की मिली भगत से जबलपुर में एक धान खरीदी में घोटाला हुआ था. जिसमें सरकार को लगभग 43 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था. फिलहाल अधिकारी-कर्मचारियों से 16 करोड़ रुपए की वसूली की जा रही है. 43 करोड़ के धान घोटाले का पर्दाफाश जबलपुर में पिछले साल लगभग 43 करोड़ रुपए का धान घोटाला किया गया था. आरोप है कि, इसमें कई मिल मालिकों ने जबलपुर के सरकारी गोदाम से धान मिलिंग के लिए ली थी, लेकिन उतना चावल वापस नहीं किया. कई स्थानों पर तो अच्छी धान को गोदाम से उठाया गया था, लेकिन उसे मिलिंग के लिए ना भेज कर सीधे बाजार में बेच दिया गया. उसके बदले बाजार से खराब किस्म का चावल खरीद कर नागरिक आपूर्ति में जमा करवा दिया गया. सरकार से ट्रांसपोर्टेशन और मिलिंग का पैसा ले लिया गया. इस दौरान जिन गाड़ियों से ट्रांसपोर्टेशन दिखाया गया था, उस गाड़ियों का नंबर स्कूटर और कहीं कार का पाया गया था. 16 मिल मालिक और 12 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ केस जब इस मामले में जांच शुरू की गई तो 43 राइस मिलर्स के अकाउंट में गड़बड़ी पाई गई. जिसमें करीब 43 करोड़ रुपए का धान घोटाला हुआ. सरकार को चूना लगाने के साथ ही कई किसानों के साथ भी धोखाधड़ी की गई और उन्हें पैसा नहीं दिया गया. तत्कालीन कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जब इस मामले की बारीकी से जांच करवाई तो 16 मिल मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. वहीं 12 अधिकारी कर्मचारियों को भी दोषी पाया गया. इन लोगों के खिलाफ भी गबन का मुकदमा दर्ज किया गया. क्योंकि इन अधिकारी कर्मचारियों की भी इस पूरे फर्जीवाड़े में मिलीभगत थी. सहकारी समिति के 4 कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज इस मामले में सरकार को लगभग 43 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. जिसमें से 16 करोड़ रुपए की वसूली अधिकारी कर्मचारी से किया जाना है. जबलपुर के वर्तमान कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं और उनकी चल अचल संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है. इसी को बेचकर सरकार अपना नुकसान पूरा करेगी और किसानों को भुगतान करेगी. इस मामले में चार सहकारी समिति के कर्मचारियों को और अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं. अधिकारी और सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी धान खरीदी जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि "पूर्व के अनुभव अच्छे नहीं हैं. इसलिए इस बार खरीदी में ज्यादातर स्वयं सहायता समूह को आगे लाया जा रहा है, उनकी ट्रेनिंग की जा रही है. खरीदी का पूरा काम सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा. पहले स्तर पर सर्वेयर, नोडल ऑफिसर और सीसीटीवी कैमरे के बावजूद भी दूसरे अधिकारियों की भी ड्यूटी लगा रहे हैं. जो इस पूरी धान खरीदी को अपने निगरानी में करवाएंगे. धान खरीदी की रिपोर्ट प्रतिदिन तैयार की जाएगी." सरकारी घाटे या नुकसान को इसी तरीके से अधिकारी कर्मचारियों के व्यक्तिगत चल अचल संपत्ति के माध्यम से बेचकर वसूला जाएगा. तो दूसरे अधिकारी कर्मचारियों में भी इस बात की दहशत होगी कि यदि वे गड़बड़ करते हैं तो कल इसी तरह की कार्यवाही उनके खिलाफ भी हो सकती है.