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पाकिस्तान में सनसनी: हाफिज सईद के खास शेख मोइज को सरेआम गोलियों से भुना गया

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। संगठन के एक वरिष्ठ नेता और हाफिज सईद के करीबी सहयोगी शेख मोइज मुजाहिद की कसूर शहर में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्टों के मुताबिक, शेख मोइज मुजाहिद अपने घर के बाहर मौजूद था, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल मुजाहिद को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुजाहिद को लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख कमांडर और हाफिज सईद का भरोसेमंद साथी माना जाता था। सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में पाकिस्तान में कई आतंकियों की इसी तरह रहस्यमयी परिस्थितियों में हत्याएं हुई हैं। खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अब तक इस हत्या पर कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं, स्थानीय पुलिस भी हमलावरों की पहचान करने में नाकाम रही है।विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान में आतंकियों पर हो रहे ये लगातार हमले किसी “साइलेंट वार” की ओर इशारा करते हैं, जिसमें कई बड़े नाम एक-एक कर खत्म किए जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में आधा दर्जन से अधिक मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की हत्या हो चुकी है, लेकिन अभी तक किसी भी मामले में एक भी हमलावर को गिरफ्तार नहीं किया गया। इससे देश में आतंकियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल फैल गया है। 

घट गए LPG के दाम, जानिए अब कितने रुपए में मिलेगा गैस सिलेंडर

राहत की खबर: आज से सस्ता हुआ LPG सिलेंडर, देखें आपके शहर में क्या हैं नए दाम घट गए LPG के दाम, जानिए अब कितने रुपए में मिलेगा गैस सिलेंडर गैस सिलेंडर हुआ सस्ता! आज से लागू हुए LPG के नए रेट्स, जानिए नए रेट्स नईदिल्ली  देश में एलपीजी सिलेंडर के दाम में आज से बदलाव हुआ है. तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के दाम घटा दिए हैं. यह कटौती 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में हुई है. यह सिलेंडर 5 रुपये सस्‍ता हुआ है . नई कीमत 1 नवंबर 2025 यानी आज से लागू हो चुकी हैं.  IOCL की वेबसाइट के मुताबिक,  19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की रिवाइज्ड कीमत दिल्‍ली में 1590.50 रुपये हो गई है, जो पहले 1595.50 रुपये थी. हालांकि रसोई गैस सिलेंडर या 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमतों पर कोई असर नहीं हुआ है.  आपके शहर में कितनी है कीमत इससे पहले कमर्शिय एलपीज सिलेंडर की कीमत में बदलाव अक्‍टूबर में हुआ था. अक्‍टूबर में 19 केजी वाले सिलेंडर की कीमतों में 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. हालांकि अब 5 रुपये कम किए गए हैं. इस कटौती के बाद 1 नवंबर से कमर्शियल LPG की नई कीमत मुंबई में 1542 रुपये, कोलकाता में 1694 रुपये और चेन्नई में 1750 रुपये होगी. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का इस्‍तेमाल होटल, रेस्‍टोरेंट, ढाबा और अन्‍य व्‍यावसायि जगहों पर होता है.  IOCL की वेबसाइट के अनुसार, पटना में अब 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर 1876 रुपये, नोएडा में 1876 रुपये, लखनऊ में 1876 रुपये, भोपाल में 1853.5 रुपये और गुरुगाम में 1607 रुपये में दिया जाएगा.  सोई गैस की कीमतें नहीं बदलीं देश में रसोई गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. 14.2 किलो के LPG सिलेंडर की कीमत में आखिरी बार 8 अप्रैल 2025 को बदलाव हुआ था, तबसे लेकर अभी तक इसमें कोई प‍रिवर्तन नहीं किया गया है. सिर्फ कमर्शियल गैस के दाम में बदलाव हुआ है.  आपके शहर में कितनी है रसोई गैस की कीमत  दिल्ली में रसोई गैस की कीमत अभी 853 रुपये है. कोलकाता में रसोई गैस की कीमत 879 रुपये, मुंबई में इसकी कीमत 852.50 रुपये, चेन्नई में यह प्राइस 868.50 रुपये, लखनऊ में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 890.50 रुपये, अहमदाबाद में इसकी कीमत 860 रुपये, हैदराबाद में यह प्राइस 905 रुपये, वाराणसी में 916.50 रुपये और पटना में 951 रुपये है.  हवाई फ्यूल के दाम भी बदले lpg सिलेंडर के साथ ही एटीएफ के दाम में भी बदलाव हुआ है. आईओसीएल की वेबसाइट के मुताबिक, डोमेस्टिक रन के लिए हवाई फ्यूल दिल्‍ली में 94,543.02 रुपये प्रति किलो है. इसी तरह, इंटरनेशनल रन के लिए हवाई फ्यूल दिल्‍ली में 817.01 डॉलर प्रति किलो है.   

पाकिस्तान पर तालिबान का तंज! आर्मी चीफ की बेइज्जती कर कहा– कश्मीर का सपना छोड़ दो

काबुल  काबुल से पाकिस्तान तक हलचल मचाने वाला बयान अफगान तालिबान के वरिष्ठ अधिकारी कारी सईद खोस्ती ने पाकिस्तानी सेना की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना अपनी जनता को झूठे दावों और प्रोपेगैंडा से गुमराह करती है। खोस्ती ने खुले शब्दों में कहा कि अगर पाकिस्तानी जनरलों में सच में दम होता, तो वे 75 साल में कश्मीर क्यों नहीं ले पाए? खोस्ती, जो अफगान तालिबान के सूचना मंत्री के सलाहकार हैं, ने पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा को दिए एक ऑनलाइन इंटरव्यू में कहा कि पाक फौज का एक वर्ग मीडिया के जरिए यह भ्रम फैलाता है कि उसने अमेरिका और रूस जैसी महाशक्तियों को हराया। उन्होंने कहा “अगर तुमने अमेरिका और रूस को हराया है, तो फिर कश्मीर की कुछ किलोमीटर जमीन क्यों नहीं ले सके?” खोस्ती ने पाकिस्तानी फौज पर आरोप लगाया कि उन्होंने रूस और अमेरिका के खिलाफ लड़ी गई जंग से अरबों डॉलर कमाए और अपनी दौलत बढ़ाई। उनके मुताबिक, “इन जनरलों ने जंग नहीं जीती, बल्कि बंगले और जजीरे खरीदे।” उन्होंने दावा किया कि यह सब अफगान लोगों की लड़ाई थी, जिसमें पाकिस्तान ने सिर्फ मुनाफा कमाया। खोस्ती की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान और तालिबान के बीच सीमा संघर्ष के बाद तनाव चरम पर है। हाल ही में इस्तांबुल में हुई वार्ता में युद्धविराम पर सहमति तो बनी, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कटुता अब भी बरकरार है।   

पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर केंद्र का बड़ा फैसला जारी, छात्रों और स्टाफ पर पड़ेगा असर

चंडीगढ़ पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत 59 साल पुरानी सीनेट और सिंडिकेट को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। अब यूनिवर्सिटी का संचालन वाइस चांसलर की अध्यक्षता में बने एक “बोर्ड ऑफ गवर्नर्स” द्वारा किया जाएगा। इस बोर्ड में केंद्र सरकार, यूजीसी (UGC) और चंडीगढ़ प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। केंद्र सरकार के आदेशों के बाद अब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव नहीं होंगे और ग्रेजुएट वोटरों को कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा। पहले 91 सदस्यीय सीनेट और 15 सदस्यीय सिंडिकेट यूनिवर्सिटी की नीतियां और बजट तय करते थे, लेकिन अब यह सभी शक्तियां नए गठित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को सौंप दी जाएंगी।   

स्ट्रेच मार्क्स पर नारियल तेल का असर: मिथ या सच? जानिए विशेषज्ञ की राय

क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो स्ट्रेच मार्क्स से छुटकारा पाने के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल करते हैं? अगर हां, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है! कई लोगों का मानना है कि नारियल तेल लगाने से स्ट्रेच मार्क्स पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं, लेकिन डर्मेटोलॉजिस्ट इस बारे में कुछ और ही कहते हैं। आइए, जानते हैं सच्चाई क्या है। क्यों होते हैं स्ट्रेच मार्क्स? स्ट्रेच मार्क्स तब होते हैं जब हमारी त्वचा बहुत तेजी से खिंचती है। इससे त्वचा की अंदरूनी परत थोड़ी फट जाती है। ऐसा अक्सर प्रेग्नेंसी, जवानी  और भारी वजन उठाने के दौरान होता है। नारियल तेल लगाने से क्या फायदा? नारियल तेल हमारी त्वचा को नमी देता है, उसे मुलायम बनाता है और हाइड्रेट रखता है। यह त्वचा को पोषण देता है, लेकिन यह स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह से खत्म नहीं कर सकता क्योंकि ये त्वचा की अंदरूनी परत में बनते हैं। नारियल तेल सिर्फ स्किन को हेल्दी रखने में मदद करता है ताकि नए स्ट्रेच मार्क्स न बनें। क्या है स्ट्रेच मार्क्स का असली इलाज? डर्मेटोलॉजिस्ट का कहना है कि अगर आप स्ट्रेच मार्क्स से परेशान हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना सबसे अच्छा है। इसके इलाज के लिए कुछ खास तकनीके अपनाई जा सकती हैं:     पीआरपी के साथ माइक्रोनीडलिंग : यह इलाज त्वचा की मरम्मत में मदद करता है।     फ्रैक्शनल लेजर्स : CO2 और एर्बियम ग्लास लेजर जैसे लेजर्स स्ट्रेच मार्क्स को हल्का करने में मदद करते हैं।     मॉर्फियस 8 : यह भी एक आधुनिक उपचार है जो स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में असरदार है। कुछ डर्मेटोलॉजिस्ट खास तरह की क्रीम भी देते हैं, जो स्ट्रेच मार्क्स को हल्का कर सकती हैं, लेकिन पूरी तरह से गायब नहीं करती। याद रखें, आप जितनी जल्दी इनका इलाज शुरू करेंगे, रिजल्ट उतना ही बेहतर होगा।  

फिल्म ‘हक़’ से वर्तिका सिंह का पोस्टर रिलीज

मुंबई,  पूर्व मिस यूनिवर्स इंडिया और सुपरमॉडल वर्तिका सिंह की आने वाली फिल्म हक से उनका पहला पोस्टर रिलीज हो गया है।वर्तिका सिंह फिल्म हक से बॉलीवुड में डेब्यू कर रही हैं।जारी किए गए पोस्टर में वर्तिका एक शांत लेकिन गहराई से प्रभावशाली पल में नजर आती हैं मिट्टी के रंगों में लिपटी, उनका चेहरा स्थिर है, पर उनकी आंखों में एक कोमलता और आग दोनों झलकती हैं। यह झलक उनके किरदार की नाज़ुकता और ताकत दोनों को बयां करती है। अपनी भूमिका के लिए वर्तिका ने कई हफ्तों तक वर्कशॉप्स में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने इमोशनल मेमोरी तकनीकों के ज़रिए किरदार को भीतर से गढ़ा। लखनऊ से ताल्लुक रखने वाली वर्तिका ने फिल्म के कई अहम दृश्य अपने ही शहर में शूट किए। वर्तिका सिंह ने कहा,“हक़ एक ऐसी कहानी है जिसने मेरे भीतर कुछ गहराई से हिलाया। इस सफर ने मुझे अपने अंदर झाँकने और हर पल में सच्चाई खोजने पर मजबूर किया। मैंने अपने वो हिस्से देखे जिनके बारे में मुझे पहले पता भी नहीं था। मैं जंगली पिक्चर्स की बेहद आभारी हूँ कि उन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे यह मौका दिया। बस यही चाहती हूँ कि यह फिल्म लोगों के दिल तक वैसे ही पहुँचे, जैसे यह मेरे दिल तक पहुँची।” हक़ में इमरान हाशमी और यामी गौतम धर की अहम भूमिका है।जंगली पिक्चर्स, इंसोम्निया फिल्म्स और बवेजा स्टूडियोज के सहयोग से बनी हक़ सात नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।  

क्यों कहते हैं खाटू श्याम को ‘हारे का सहारा’? जानें उनके पूजन की दिव्य कथा

   भारत भूमि आस्था और श्रद्धा की धरोहर है. यहां प्रत्येक देवता की कथा किसी न किसी प्रेरणा से जुड़ी होती है. ऐसी ही एक अद्भुत कथा है खाटू श्याम बाबा की जिन्हें हारे का सहारा कहा जाता है. मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से श्याम बाबा का नाम लेता है, उसकी नैया पार लगती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाटू श्याम जी वास्तव में कौन हैं और क्यों भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें खुद से पहले पूजे जाने का वरदान दिया था? इस साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी 1 नवंबर को खाटू श्याम बाबा का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा, तो आइए इस खास मौके पर जानते हैं बर्बरीक से खाटू श्याम बनने की कहानी. कौन थे वीर बर्बरीक? खाटू श्याम जी वास्तव में महाभारत काल के वीर बर्बरीक थे. उनका संबंध पांडव कुल से था.वे भीम के पौत्र थे. और उनके पिता घटोत्कच और माता का नाम मोरवी था.बर्बरीक बचपन से ही अत्यंत बलशाली और तेजस्वी थे. उन्हें देवी चंडिका से तीन दिव्य और अचूक बाण प्राप्त हुए थे. ये बाण पलभर में तीनों लोकों को नष्ट करने की क्षमता रखते थे और लक्ष्य को भेद कर वापस उनके पास आ जाते थे. इसी कारण उन्हें ‘तीन बाण धारी’ भी कहा जाता है. शीश दान की महान गाथा जब महाभारत का युद्ध शुरू होने वाला था, तब बर्बरीक ने भी इसमें शामिल होने का निर्णय लिया. युद्ध में जाने से पहले उन्होंने अपनी माता को वचन दिया था कि वह हमेशा ‘हारे हुए पक्ष’ का साथ देंगे.भगवान श्रीकृष्ण यह जानते थे कि बर्बरीक की शक्ति इतनी अपार है कि उनके तीन बाणों के बल पर, यदि वह हारे हुए पक्ष (कौरवों) का साथ देंगे, तो युद्ध का परिणाम बदल जाएगा. युद्ध में पांडवों की जीत सुनिश्चित करने के लिए श्रीकृष्ण ने एक योजना बनाई. ब्राह्मण रूप में श्रीकृष्ण श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण का वेश धारण किया और बर्बरीक को रोककर उनसे दान मांगा. बर्बरीक ने वचन दिया कि वे जो भी मांगेंगे, वह अवश्य देंगे. तब श्रीकृष्ण ने उनसे दक्षिणा के रूप में उनका शीश (सिर) मांग लिया. बर्बरीक ने बिना किसी संकोच या मोह के, अपने वचन का पालन करते हुए, अपना सिर काटकर श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित कर दिया. इस महान त्याग और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया. श्रीकृष्ण ने क्यों दिया ‘श्याम’ नाम से पूजे जाने का वरदान? वीर बर्बरीक के इस अद्वितीय बलिदान से भगवान श्रीकृष्ण बहुत ही प्रसन्न हुए. साथ ही, बर्बरीक ने अपनी इच्छा व्यक्त की थी कि वह अपनी आंखों से महाभारत के पूरे युद्ध को देखना चाहते हैं. बर्बरीक ने अपने वचन और धर्म की रक्षा के लिए बिना किसी संकोच के अपना शीश दान कर दिया. उनके इस महान त्याग और श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति से प्रभु भावुक हो गए. श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग के आगमन पर वह ‘श्याम’ (जो कि श्रीकृष्ण का ही एक नाम है) के नाम से जाने और पूजे जाएंगे.श्रीकृष्ण ने यह भी कहा कि जो भी भक्त उनके नाम का स्मरण करेगा, उसके सभी कष्ट दूर होंगे और उसे धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होगी. इसके साथ ही, उन्हें यह आशीष भी दिया कि वह हमेशा हारे हुए और निराश भक्तों को सहारा देंगे.

किन्नर विधायक को ठहरने नहीं दिया! — MP के गेस्ट हाउस में SDM की हरकत पर मचा बवाल

दतिया  यह किसी विडंबना से कम नहीं कि जिस अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन की वे मुख्य अतिथि थीं, उसी सम्मेलन में शामिल होने आईं देश की पहली किन्नर विधायक शबनम मौसी को ठहरने की जगह नहीं मिली। शबनम मौसी को दतिया के रेस्ट हाउस में ठहरने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके चलते उन्हें कई घंटे असुविधा झेलनी पड़ी। जानकारी के अनुसार, शबनम मौसी 22 से 31 अक्टूबर तक रामजी वाटिका में आयोजित किन्नर महासम्मेलन में शामिल होने दतिया पहुंचीं थीं। उन्होंने एसडीएम संतोष तिवारी से विश्राम गृह में रुकने की अनुमति मांगी, लेकिन एसडीएम ने अधिकृत लेटर पैड पर आवेदन की मांग की। शबनम मौसी ने बताया कि वे पूर्व विधायक हैं और वर्तमान में उनके पास कोई अधिकृत लेटर पैड नहीं है। उन्होंने सादे कागज पर हस्ताक्षर सहित आवेदन देने की बात कही, लेकिन अनुमति नहीं दी गई। कई घंटे तक प्रयासों के बावजूद जब रेस्ट हाउस में प्रवेश नहीं मिला, तब स्थानीय कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के हस्तक्षेप के बाद उन्हें रेस्ट हाउस में ठहरने की अनुमति दी गई। गौरतलब है कि शबनम मौसी वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश के शहडोल से देश की पहली किन्नर विधायक चुनी गई थीं। वे सामाजिक समानता और तीसरे लिंग के अधिकारों की आवाज़ बनकर लंबे समय से सक्रिय हैं। इस पूरे प्रकरण पर एसडीएम संतोष तिवारी का कहना है कि शबनम मौसी द्वारा विधिवत लेटर पैड या पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया था। ऐसे में नियमों के तहत रेस्ट हाउस खुलवाना संभव नहीं था। बाद में जानकारी मिलने पर उन्हें ठहरने की अनुमति दे दी गई।  

आंध्र प्रदेश में बड़ा हादसा: वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ से 10 लोगों की जान गई, कई घायल

श्रीकाकुलम  आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर से भगदड़ की बड़ी घटना सामने आई है। इस भगदड़ में 10 श्रद्धालुओं की मौत हुई, जबकि कुछ लोग घायल भी हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ घायलों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। एकादशी के पावन पर्व पर हादसा यह भयानक हादसा कार्तिक मास की एकादशी के पावन अवसर पर हुआ, जब मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। अब तक सामने आई  रिपोर्ट्स के अनुसार मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार के पास अचानक लोगों का दबाव बढ़ गया। इससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। कई लोग नीचे गिर पड़े और उनके ऊपर भीड़ चढ़ती चली गई, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। राहत और बचाव कार्य हुआ शुरू हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को पास के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। ज़िला प्रशासन ने स्थिति पर नज़र बनाए रखी है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि हालात पर पूरी तरह काबू पाया जा सके।चश्मदीदों ने बताया कि सुबह से ही भीड़ काफी ज्यादा थी, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण में कमी के कारण हालात बेकाबू हो गए। स्थानीय प्रशासन ने घटना की जाँच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चूक कहाँ हुई।   मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, "काशी बुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।" मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को सर्वोत्तम संभव उपचार प्रदान किया जाए। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को घटनास्थल का दौरा करने और राहत कार्यों की निगरानी करने के लिए भी कहा है।  

जनरल द्विवेदी बोले सतना में: ऑपरेशन सिंदूर जारी, धार्मिक स्थलों पर हमले से हमेशा बचते हैं

सतना  थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी शनिवार को सतना के कृष्ण नगर स्थित सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे. यहां पर वह छात्र-छात्राओं के परिचर्चा कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उनका विद्यालय प्रबंधन द्वारा शॉल, श्रीफल और मोमेंटो देकर सम्मान किया गया. जनरल उपेंद्र द्विवेदी इसी विद्यालय के पूर्व छात्र भी हैं. यहां उन्होंने कक्षा चौथी तक पढ़ाई की. उनकी यादें इस विद्यालय से जुड़ी हैं. स्कूल पहुंचकर अपने बचपन को याद किया थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को बड़ा और कामयाब अभियान बताया. उन्होंने विद्यालय में अध्ययन करने का अनुभव साझा किया. इसके साथ ही सतनावासियों के लिए संदेश दिया "आप चाहे वर्दी में हों या सिविल ड्रेस में हों, राष्ट्रप्रेम और देश निर्माण के लिए लगातार कार्य करते रहिए. विकसित भारत में हम सबको साथ मिलकर मेहनत करनी है. तब जाकर विकसित भारत का सपना 2047 में साकार हो सकेगा. " ऑपरेशन सिंदूर से देश एकजुट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा "ऑपरेशन सिंदूर का नाम ही पूरे देश को एक साथ जोड़ देता है. भारतीय संस्कृति में सिंदूर का बहुत महत्व है. जब बहन या बेटी सिंदूर लगाती है तो वह हमेशा अपने सैनिकों को याद करती है. जो सरहद पर दिन-रात तैनात रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर इसलिए सफल हुआ, क्योंकि हमने सैद्धांतिक और टेक्निकल कंबाइंड करके लड़ाई की. इस दौरान हमने ये भी तय किया कि किसी नागरिक का नुकसान न हो. केवल आतंकियों के खिलाफ ये मुहिम थी."  आर्मी चीफ बोले- ऑपरेशन सिंदूर ने देश को बांधा आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा, इस अभियान ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधा। सिद्धांत और तकनीक के संयोजन से मिशन सफल हुआ। पाकिस्तान को साफ संदेश दिया कि हम धर्म युद्ध के अनुयायी हैं और आगे भी यही नीति अपनाएंगे। 'स्कूल से मिली निर्णय लेने की क्षमता' उन्होंने कहा कि स्कूल के दिनों में सीखी निर्णय क्षमता ने उन्हें सेना में कई सफलताएं दिलाईं। चौथी कक्षा में यहीं से निर्णय लेने की क्षमता मिली, इसी ने ऑपरेशन सिंदूर में निर्णायक सफलता दिलाई। उन्होंने आगे बताया कि यह वही स्कूल है, जिसने उनके व्यक्तित्व और राष्ट्र सेवा के संकल्प को मजबूत किया। आर्मी चीफ ने छात्रों को सफलता का मंत्र दिया जनरल द्विवेदी ने छात्रों से कहा, सफलता की नींव विद्यार्थी जीवन में ही रखी जाती है। उन्होंने सफलता का मंत्र Three-A (Attitude, Adaptibility, Ability) बताया। उन्होंने कहा कि Attitude से सकारात्मक दृष्टिकोण और पॉजिटिविटी आती है। Adaptibility से आप अपने अंदर समय के साथ बदलाव ला सकते हैं और Ability आपको हर क्षेत्र में सफलता दिलाएगी। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम करने वाला ही भविष्य में देश का निर्माण करता है। आप वर्दी में हों या सिविल ड्रेस में, राष्ट्र सेवा में अपना योगदान दें। यह देश हमारा है। जब हम सब मिलकर काम करेंगे तभी 2047 का विकसित भारत बनेगा। सरस्वती स्कूल के अनुभव शेयर किए अपने स्कूल सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन करने के अनुभव के बारे में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया "जब आप बालक होते हैं और छोटे होते हैं तो आप उस उम्र में जो भी सीखते हैं, वह आपके साथ जिंदगी भर रहता है. यह स्कूल किस तरीके से आगे बढ़ गया है, यहां से कितने आईपीएस, आईएएस, फौजी और कितने डॉक्टर और इंजीनियर निकले हैं, ये सब देख रहे हैं." वहीं, थल सेनाध्यक्ष के दौरे को देखते हुए सेना की टीमों ने डॉग स्क्वाड सहित अत्याधुनिक मशीनरी के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. इस दौरान उनके बारे में महापौर योगेश ताम्रकार ने भी उन्हें सहपाठी बताया.