samacharsecretary.com

4 नवम्बर 2025 राशिफल: मकर राशि के लिए दिन रहेगा खास, बाकी राशियों पर कैसा रहेगा असर

मेष: 4 नवंबर के दिन आपका पार्टनर सुख-दुःख, दोनों में आपके साथ रहेगा। ऑफिस में अपनी मेहनत का परिचय दें। आर्थिक रूप से आज आप अच्छे रहेंगे। सेहत भी पॉजिटिव रहेगी। ऑफिस में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के आपके प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। धन मिलने का भी योग है। आप ट्रैवल कर सकते हैं। वृषभ: 4 नवंबर के दिन अपने प्रेम जीवन में मधुरता बनाए रखने पर ध्यान दें। आज प्रोफेशनल जीवन में स्टेबिलिटी बनी रहेगी। आपको बातचीत के मामले में अधिक रुचि दिखाने की जरूरत है। कोई बड़ी आर्थिक समस्या आपको परेशान नहीं करेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेमी की पसंद के प्रति सेंसिटिव रहें। मिथुन: 4 नवंबर के दिन प्रेम जीवन में शानदार पलों की तलाश करें। दफ्तर को रचनात्मक और उत्पादक बनाएं। अपने दोस्तों के साथ आर्थिक मसले सुलझाएं। ज्यादा बचत करने पर विचार करें। आज तेल युक्त भोजन से बचें और खूब पानी पिएं। कर्क: 4 नवंबर के दिन साथ समय बिताते हुए अपने पार्टनर को नाराज न करें। ऑफिस में होने वाली समस्याओं को लेकर भी आपको सतर्क रहना चाहिए। आर्थिक समस्याएं हो सकती हैं। आज बेफिजूल में खर्च करने से बचें। आपका स्वास्थ्य नॉर्मल रहेगा। सिंह: 4 नवंबर के दिन अपने प्रेम जीवन में अनबन दूर करें और साथ में ज़्यादा समय बिताएं। ऑफिस में आने वाली समस्याओं को समझदारी से सॉल्व करें। आर्थिक फैसलों में सावधानी बरतें। सेहत और फिटनेस पर गौर करें। कन्या: 4 नवंबर के दिन दयालु बने रहें और जो आपके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है, उसकी ओर लगातार कदम बढ़ाएं। बातचीत के माध्यम से लव लाइफ को मजबूत बनाए रखें। काम पर चुनौतियों पर विचार करें। तुला: 4 नवंबर के दिन प्रेम-संबंधी हर मुद्दे को बेहद सावधानी से संभालें। दफ्तर में नई चुनौतियां आपकी सिचूऐशन को मजबूत करेंगी। निवेश से जुड़ी दिक्कतें आ सकती हैं। आज हेल्थ नॉर्मल रहेगी। वृश्चिक: 4 नवंबर के दिन ध्यान केंद्रित करें, कार्यों की लिस्ट बनाएं। हर दिन लिए गए छोटे-छोटे विकल्पों से प्रगति होती है। आज आपको ऐसे आसान उपाय मिलेंगे, जो छोटे-छोटे दरवाजे खोल सकते हैं। खुद पर भरोसा रखें। धनु: 4 नवंबर के दिन तनाव पर फोकस करें। मेडिटेशन करें। एक मजबूत प्रेम संबंध बनाएं, जहांआप दोनों एक साथ ज्यादा समय बिताएं। पेशेवर चुनौतियों का समाधान करें। आज स्वास्थ्य और धन दोनों आपके साथ रहेंगे। मकर: 4 नवंबर के दिन स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी। नए प्रेम संबंध को अपना सकते हैं। प्रोफेशनल चुनौतियों से उबरें। आर्थिक रूप से आप अच्छी स्तिथि में रहेंगे। हेल्दी रहने के लिए आप एक सुरक्षित लाइफस्टाइल पसंद करते हैं। कुंभ: 4 नवंबर के दिन धन को मैनेज सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। नौकरी में जोखिम उठाने से बचें और अपने प्रेमी/प्रेमिका के साथ मधुर संबंध बनाए रखें। सुरक्षित वित्तीय निर्णय लें। मीन: 4 नवंबर के दिन एक शांत और केंद्रित रवैया आपको अवसरों को पहचानने में मदद करता है। छोटे-छोटे एफर्ट्स अब अपना असर दिखाएंगे। अपने साथ नरमी से पेश आएं। क्लियर एक्शन प्लान बनाएं।

कांग्रेस नेता बाजवा का हमला: पंजाब में सिर्फ भगवंत मान और केजरीवाल ही सुरक्षित

  चंडीगढ़, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कपूरथला में कांग्रेस नेता हरजिंदर सिंह पर हुए जानलेवा हमले के बाद राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में अब भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के अलावा कोई भी सुरक्षित नहीं है। प्रताप सिंह बाजवा ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सुल्तानपुर लोधी की घटना दिल दहला देने वाली है। कपूरथला जिला परिषद के उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेता हरजिंदर सिंह जिंदा, शाहजहांपुर गांव में अपने घर के बाहर गोलियों की बौछार में बाल-बाल बचे।” उन्होंने आगे कहा, “आम आदमी पार्टी सरकार में राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पंजाब में अब भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के अलावा कोई भी सुरक्षित नहीं है।” बताया जाता है कि कांग्रेस नेता हरजिंदर सिंह पर दो नकाबपोश हमलावरों ने फायरिंग की थी। इस ताबड़तोड़ गोलीबारी में उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। कांग्रेस नेता पर यह हमला घर के नजदीक हुआ था। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। हालांकि, फायरिंग के कारण और हमलावरों के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इससे पहले भी कांग्रेस की पंजाब इकाई ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाए कि पंजाब में दिन-प्रतिदिन बिगड़ती कानून-व्यवस्था के कारण गैंगवार और गोलीबारी की घटनाएं आम हो गई हैं और बदलाव के बड़े-बड़े नारे लगाने वाली झाड़ू पार्टी के मंत्री हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। आम आदमी पार्टी को पंजाब की जनता ने अपनी सुरक्षा के लिए चुना था, इस खून-खराबे के लिए नहीं। कांग्रेस इकाई ने मानसा, जालंधर, जगराओं, मोहाली और अमृतसर की हालिया घटनाओं का उदाहरण दिया। अमृतसर में मेडिकल शॉप और मानसा में आरटीआई कार्यकर्ता की दुकान पर गोलीबारी हुई थी। जालंधर में सुनार की दुकान को बंदूक के बल पर लूटा गया। जगराओं में कबड्डी खिलाड़ी की गोली मारकर हत्या की गई थी। इसके अलावा, मोहाली में रियल एस्टेट व्यापारी पर फायरिंग की घटना हुई थी।  

बिहार की हॉट सीट मोकामा: बाहुबलियों के गढ़ में दांव पर नीतीश की साख

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक चर्चा मोकामा सीट की हो रही है. पटना जिले के अंदर आने वाला मोकामा इसबार हॉट सीट होगा, ये तभी तय हो गया था जब जेडीयू से चुनाव लड़ रहे बाहुबली अनंत सिंह के खिलाफ इलाके के दूसरे बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को आरजेडी ने मैदान में उतार दिया. दो बाहुबलियों का मोकामा में आमने–सामने आना इस बात का संकेत था कि इस बार का बिहार चुनाव खास होगा. वोटिंग से ठीक 6 दिन पहले दुलारचंद यादव की हत्या हुई तो मोकामा एकबार फिर सुर्खियों में आ गया. दुलारचंद की हत्या का आरोप अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर लगा. अब इसी मामले में अनंत सिंह जेल के अंदर हैं. जिस दुलारचंद यादव की हत्या हुई वह जन सुराज पार्टी के समर्थक बताए जा रहे हैं. उनकी हत्या के बाद लगभग 36 घंटे तक मोकामा से लेकर बाढ़ तक के इलाके में बवाल होता रहा. यह बवाल शांत नहीं होता अगर अनंत सिंह की गिरफ्तारी नहीं की जाती. दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने मोकामा में चुनावी हिंसा को नियंत्रित करने का प्रयास किया है. राज्य के डीजीपी खुद कह रहे हैं कि इस मामले में दूसरे पक्ष के आरोपियों की भी गिरफ्तारी होगी. मोकामा मानी जाती है भूमिहार बहुल सीट दुलारचंद यादव की हत्या के बाद मोकामा में जो तूफान मचा था उसको नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने भले ही कदम उठाए हों, लेकिन चुनावी हिंसा के बाद मोकामा में जातीय समीकरण नई तस्वीर गढ़ सकता है. मोकामा को भूमिहार बहुल सीट माना जाता है. शायद यही वजह है कि आजादी के बाद से लेकर अब तक हर विधानसभा चुनाव में यहां से जीत का सेहरा भूमिहार जाति से आने वाले किसी न किसी नेता के माथे पर ही बंधा है. मोकामा में कुल मतदाताओं का 30 फीसदी भूमिहार जाति से हैं. इस सीट पर लगभग 82 हजार भूमिहार वोटर्स हैं. यहां जाति के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी संख्या यादवों की है. मोकामा में 20 फीसदी यादव यानी लगभग 61 हजार वोटर्स हैं. यहां निर्णायक भूमिका में हैं धानुक वोटर्स अन्य सवर्ण जातियों में राजपूत और ब्राह्मण वोटर्स की संख्या को मिला दें तो उनकी तादाद लगभग 28 हजार है. मोकामा में तीसरी बड़ी आबादी कुर्मी और उसकी ही उपजाति कहे जाने वाली धानुक वोटर्स की है. कुर्मी और धानुक वोटर्स की तादाद यहां लगभग 47 हजार है. माना जाता है कि धानुक जाति के वोटर्स मोकामा में निर्णायक भूमिका अदा करते हैं. इसके अलावा दलित–महादलित वोटर्स तकरीबन 25 से 28 हजार और मुस्लिम वोटर्स की संख्या लगभग 11 हजार है. पिछले 20 साल से मोकामा विधानसभा सीट पर बाहुबली अनंत सिंह का कब्जा रहा है. दो दशक में अनंत सिंह जेडीयू के टिकट पर चुनाव जीते और निर्दलीय भी. उनकी पत्नी नीलम देवी ने पिछले उपचुनाव में आरजेडी के टिकट से जीत हासिल की थी. अनंत सिंह और वीणा देवी के बीच टक्कर अनंत सिंह एक बार फिर से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. मोकामा में अनंत सिंह जिस जातीय समीकरण को साधते हुए लगातार जीत हासिल करते रहे हैं उसके पीछे भूमिहार और धानुक जाति के वोटर के गठजोड़ के अलावे अति पिछड़ी जातियों की गोलबंदी बड़ी वजह मानी जाती है. यही वजह है कि अनंत सिंह के खिलाफ भूमिहार जाति से आने वाले दूसरे उम्मीदवारों को हार का मुंह देखना पड़ता है. मोकामा में इस बार अनंत सिंह और सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी के बीच टक्कर है. ये दोनों भूमिहार जाति से आते हैं. दो भूमिहार उम्मीदवारों की टक्कर के बीच जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी की एंट्री ने जातीय समीकरण को ट्वीस्ट दे दिया है. एक तरफ सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी अनंत सिंह को जहां आरजेडी के आधार वोट के जरिए चुनौती दे रही हैं, वहीं दूसरी तरफ धानुक जाति के वोट बैंक में पीयूष प्रियदर्शी भी सेंध लगा सकते हैं. दुलारचंद यादव पीयूष प्रियदर्शी को समर्थन दे रहे थे और अब उनकी हत्या के बाद मोकामा में नए जातीय समीकरण बनने की आशंका है. बिहार का चुनावी इतिहास बताता है कि यादव और धानुक जाति के वोटर कभी जातीय गोलबंदी के साथ एकजुट होकर मतदान नहीं करते हैं. यादवों का समर्थन जिस तरफ होता है, धानुक जाति के वोटर्स उसके खिलाफ ही वोटिंग करते रहे हैं. यही वजह है कि बिहार में नीतीश कुमार गैर यादव पिछड़ा और अति पिछड़ा मतदाताओं की गोलबंदी के सहारे दो दशक से शासन में हैं. नीतीश की सोशल इंजिनियरिंग में धानुक जाति के मतदाताओं की भूमिका बेहद खास रही है. नीतीश के विरोधी भी इस बात को भली भांति समझते हैं और यही वजह रही कि तेजस्वी यादव ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कुछ नए प्रयोग के जरिए नीतीश के इस सोशल इंजीनियरिंग को साधने की कोशिश की थी. लव-कुश समीकरण को तोड़ने की कोशिश नीतीश के लव-कुश समीकरण को तोड़ने के लिए तेजस्वी यादव ने बीते लोकसभा चुनाव में कुशवाहा जाति के कई उम्मीदवार मैदान में उतारे थे. तेजस्वी ने यह प्रयोग इसबार भी जारी रखा है. आरजेडी ने कई कुशवाहा उम्मीदवारों को टिकट दिया है. तेजस्वी की नजर बीते लोकसभा चुनाव में भी धानुक वोटर्स को नीतीश से अलग करने की थी. इसीलिए मुंगेर लोकसभा सीट पर आरजेडी ने धानुक जाति के मतदाताओं को साधने के लिए अशोक महतो की पत्नी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन ललन सिंह ने नीतीश की सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर चलते हुए तेजस्वी के इस प्रयोग को विफल कर दिया था. धानुक वोटर्स को साधने में तेजस्वी भले ही फेल रहे थे लेकिन इस बार प्रशांत किशोर ने शायद उनका काम आसान कर दिया. जन सुराज पार्टी ने मोकामा जैसी सीट पर धानुक जाति से आने वाले पीयूष प्रियदर्शी को उम्मीदवार बनाकर एनडीए के जातीय समीकरण को तोड़ने की कोशिश की है. हालांकि दुलारचंद यादव की हत्या के बाद अगर धानुक वोटर्स वाकई अनंत सिंह का साथ छोड़ते हैं तो इसका फायदा प्रशांत किशोर के उम्मीदवार से ज्यादा आरजेडी के उम्मीदवार को मिल सकता है. दुलारचंद यादव की हत्या के बाद मोकामा में जातीय गोलबंदी के लिए यह … Read more

झारखंड में ‘मोंथा’ तूफान शांत, अब बढ़ेगी सर्द हवाओं की सिहरन

रांची झारखंड में चक्रवाती तूफान‘मोंथा'का प्रभाव अब लगभग समाप्त हो चुका है। पिछले तीन दिनों से राज्य में लगातार बारिश हो रही थी, लेकिन अब बारिश के बादल छंट चुके हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि आज यानी 4 नवंबर से रांची और आसपास का आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा। वहीं, अगले सात दिनों तक सुबह के समय धुंध और कोहरा सामान्य रहेगा। दिन के समय धूप खिली रहेगी और शाम को ठंड बढ़ने लगेगी और लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेंगे। पिछले 24 घंटों में राज्य के बड़े जिलों में बारिश नहीं हुई है। साथ ही, शाम को ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आएगी। मौसम विभाग ने संभावना जताया है कि आने वाले दिनों में झारखंड में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड के मौसम की औपचारिक शुरुआत मानी जाएगी। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर के महीने में ठंड में तेज वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में 1 नवंबर को न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो उस वर्ष का सबसे कम तापमान था। वर्ष 2024 में भी 1 नवंबर को न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा था, जिससे ठंड का असर जल्दी दिखा था। अगले कुछ दिन झारखंड में ठंडक बढ़ने के संकेत हैं। इस दौरान सुबह के समय धुंध और शाम को ठंडी हवाओं के साथ ठंड में वृद्धि अनुभव की जाएगी। इस मौसम में गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना आवश्यक हो गया है।

5 तारीख को एयर शो: ट्रैफिक और फ्लाइट पर असर, जानिए आपका नया रूट प्लान

रायपुर राज्य स्थापना के 25 साल पूरे होने पर राज्योत्सव के अंतिम दिन 5 नवंबर को नवा रायपुर में एयर शो का आयोजन किया जा रहा है. सेंध तालाब के ऊपर एयरफोर्स की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम एयर शो करेगी. सुबह 10 से 12 बजे के मध्य एक-एक घंटे का कार्यक्रम होगा. पहले वायुसेना के चुनिंदा लड़ाके हेलीकॉप्टर पर करतब दिखाएंगे. जवानों द्वारा 8 हजार फीट की ऊंचाई से पैरा जंपिंग की जाएगी. इसके बाद एयरोबेटिक शो होगा. सेंध तालाब के आसपास एक लाख दर्शकों के लिए तैयारियां की जा रही है. 4-5 को डिले हो सकती है आधा दर्जन से ज्यादा फ्लाइट- पांच नवंबर के एयर शो के लिए चार नवंबर को रिहर्सल किया जाएगा. इसलिए दोनों दिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के मध्य की आधा दर्जन फ्लाइट डिले होने की आशंका है. हालांकि अभी इसकी अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है. दो नवंबर को एयरफोर्स की तकनीकी टीम पहुंची और एयरपोर्ट का निरीक्षण किया गया. जहां से नौ विमान और दो हेलीकॉप्टर एयर शो के लिए उड़ान भरेंगे. तकनीकी जांच की वजह से पांच फ्लाइट्स की आवाजाही पर असर पड़ा. लखनऊ रायपुर की फ्लाइट सवा नौ के बजाय एक घंटे पहले सवा आठ बजे पहुंची. हैदराबाद, भुवनेश्वर और दिल्ली की दो फ्लाइटें भी प्रभावित हुई. एयर शो करने वाले बेड़े में नौ एयरक्राफ्ट और दो हेलीकॉप्टर शामिल हैं. वीवीआईपी, वीआईपी एवं आम नागरिकों के लिए अलग-अलग रूट आयोजन में शामिल होने सेंध तालाब क्षेत्र में पहुंचने के लिए तीन रूट तय किए गए हैं. पहला रूट वीवीआईपी, दूसरा रूट वीआईपी और तीसरा रूट आम नागरिकों के लिए होगा. वीवीआईपी जैनम तिराहा, विमानतल तिराहा से सत्य साईं हॉस्पिटल के सामने से कार्यक्रम स्थल सेंध जलाशय पहुंचेंगे. वीआईपी को माना विमानतल एवं सेरीखेड़ी ओवरब्रिज की ओर से विमानतल तिराहा, स्टेडियम तिराहा से दाहिने मुड़कर, कोटराभाठा कबीर चौक से सेक्टर 12 सेक्टर 9-सेक्टर 4 होते हुए सेंध जलाशय पहुंचना होगा और पार्किंग व्यवस्था क्रिकेट स्टेडियम के आसपास की की गई है. आम दर्शकों के लिए माना विमानतल एवं सेरीखेड़ी ओवरब्रिज की ओर से विमानतल तिराहा, स्टेडियम तिराहा, सेक्टर 12 सेक्टर 9 सेक्टर 4 से अविनाश उपवन मैदान पार्किंग तक पहुंचना होगा. इसी तरह अभनपुर की ओर से आने वाले मॉटफोर्ट स्कूल तिराहा ऊपरवारा चौक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक, कबीर चौक सेक्टर 12 सेक्टर 9 सेक्टर 4 से दाहिने मुड़कर अविनाश उपवन पार्किंग तक पहुंचेंगे. मंदिर हसौद एवं आरंग की ओर से जाने वाले नवागांव स्टेडियम टर्निंग से नवागांव रेलवे क्रॉसिंग होते हुए परसदा एवं कोसा मैदान में पहुंचकर वाहन पार्क करेंगे. चार को रिहर्सल भी देख पाएंगे लोग एरोबेटिक टीम और लड़ाके 4 नवंबर को रिहर्सल करेंगे. इस रिहर्सल को भी आम लोग सेंध तालाब के आसपास से देख पाएंगे. जिला प्रशासन के मुताबिक वायुसेना की विश्व प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम अपने अद्भुत हवाई करतबों से दर्शकों को रोमांच, गर्व, उत्साह और देशभक्ति से भर देगी. 4-5 को डिले हो सकती है आधा दर्जन से ज्यादा फ्लाइट पांच नवंबर के एयर शो के लिए चार नवंबर को रिहर्सल किया जाएगा. इसलिए दोनों दिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के मध्य की आधा दर्जन फ्लाइट डिले होने की आशंका है. हालांकि अभी इसकी अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है. दो नवंबर को एयरफोर्स की तकनीकी टीम पहुंची और एयरपोर्ट का निरीक्षण किया गया. जहां से नौ विमान और दो हेलीकॉप्टर एयर शो के लिए उड़ान भरेंगे. तकनीकी जांच की वजह से पांच फ्लाइट्स की आवाजाही पर असर पड़ा. लखनऊ-रायपुर की फ्लाइट सवा नौ के बजाय एक घंटे पहले सवा आठ बजे पहुंची. हैदराबाद, भुवनेश्वर और दिल्ली की दो फ्लाइटें भी प्रभावित हुई. एयर शो करने वाले बेड़े में नौ एयरक्राफ्ट और दो हेलीकॉप्टर शामिल हैं.

घाटशिला उपचुनाव: झामुमो का तीर या भाजपा का कमल — जनता किसका देगी साथ?

घाटशिला घाटशिला उपचुनाव नजदीक है। 11 नवंबर को घाटशिला सीट पर चुनाव कराया जाएगा। वहीं, बता दें कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन, झामुमो के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के उम्मीदवार रामदास मुर्मू के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है जिससे घाटशिला विधानसभा उपचुनाव दिलचस्प बन गया है। बता दें कि कुल 13 प्रत्याशी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगे। 13 में से 9 प्रत्याशी पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच है। एक तरफ झामुमो अपने दिवंगत नेता रामदास सोरेन की विरासत पर भरोसा जता रहे है तो दूसरी ओर, भाजपा नेता चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन मोदी सरकार की योजनाओं के दम पर मैदान में उतरे हैं, लेकिन झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रत्याशी रामदास मुर्मू ने मैदान में उतरकर इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए इसकी संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपाई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं। ज्ञात हो कि रामदास सोरेन एक साल से ज्यादा समय से किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका 15 अगस्त को एक अस्पताल में निधन हो गया था। इसी के कारण घाटशिला सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी जिसके लिए 11 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस निर्वाचन क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से लगभग पांच प्रतिशत अधिक है। 2,56,252 मतदाताओं में से 1,31,180 महिलाएं और 1,25,078 पुरुष मतदाता हैं।  

राजस्थान में बढ़ी सर्दी की आहट, कई जिलों में बारिश का अंदेशा

जयपुर राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने आज सोमवार को प्रदेश के 11 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, मंगलवार 4 नवंबर को इस सिस्टम के और अधिक प्रभावी होने की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों में राज्य के अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहा। जयपुर, अजमेर, कोटा, जोधपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा में दिनभर धूप खिली रही और तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जैसलमेर सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दिन के तापमान में बाड़मेर 35.5°, बीकानेर 35.2°, जोधपुर 34.5°, नागौर 33.3°, अजमेर 31.8° और जयपुर 31° सेल्सियस दर्ज किया गया। कई शहरों में दिन के समय हल्की उमस भी महसूस की गई। रात में आसमान साफ रहने के कारण ठंड का असर बढ़ गया है। न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। नागौर सबसे ठंडा शहर रहा, जहां रात का पारा 12.5 डिग्री तक गिरा। सीकर, फतेहपुर, जालोर और सिरोही में भी तापमान 13 से 15 डिग्री के बीच रहा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी, जबकि रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। 5 नवंबर से तापमान में और गिरावट मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है-  3 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से एक बार पुनः जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में 3-4 नवंबर को मेघगर्जन के साथ हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बीकानेर संभाग के क्षेत्रों में भी आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है।  राज्य के अधिकांश भागों में 5 नवंबर से आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहने तथा उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री से. गिरावट होने की प्रबल संभावना है। 24 घंटों में तापमान की स्थिति अजमेर 31.0 और 14.7, भीलवाड़ा 31.4 और 19.8, जयपुर 31 और 19.7, अलवर 31.5 और 17.2,  कोटा 31.1 और 26.6, सीकर 30 और 14, पिलानी 33.1 और 16.2, चित्तौड़गढ़ 31.4 और 20.0, डबोक 28.4 और 22.6, बाड़मेर 35.5 और 19.8, जैसलमेर 36.1 और 19.7,  जोधपुर 34.5 और 16.2, फलोदी 34.8 और 22.4, बीकानेर 35.2 और 18.5, चूरू 34.1 और 15.4, श्रीगंगानगर 34.4 और 17.1, नागौर 33.3 और 12.5, फतेहपुर 32.1  और 12.9, झुंझुनू 32.1 और 15.6 तापमान दर्ज किया गया।  

जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिए लगाए होर्डिंग्स को अदालत की हरी झंडी, पादरियों के प्रवेश बैन पर राहत नहीं

बिलासपुर कांकेर जिले के कई गांवों में पादरियों और धर्मांतरित ईसाइयों के प्रवेश पर बैन के खिलाफ लगाई गई जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रलोभन या गुमराह कर जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए होर्डिंग्स लगाना असंवैधानिक नहीं है। ऐसा लगता है कि ये होर्डिंग्स संबंधित ग्राम सभाओं ने स्थानीय जनजातियों और सांस्कृतिक विरासत के हितों की रक्षा के लिए एक एहतियाती उपाय के रूप में लगाए हैं। डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ताओं को पेसा नियम 2022 के तहत ग्राम सभा और संबंधित अधिकारी के पास जाने का निर्देश दिया है। मामले में चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। बता दें कि कांकेर के रहने वाले दिग्बल टांडी और जगदलपुर के रहने वाले नरेंद्र भवानी ने हाईकोर्ट में अलग-अलग जनहित याचिकाएं लगाई थी। याचिका में बताया गया कि जिले के कुदाल, परवी, बांसला, घोटा, घोटिया, मुसुरपुट्टा और सुलंगी जैसे गांवों में ग्राम पंचायतों ने पेसा एक्ट का हवाला देकर होर्डिंग्स लगाए हैं। जिसमें लिखा है कि गांव पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है और ग्राम सभा संस्कृति की रक्षा के लिए पादरियों और धर्मांतरितों को धार्मिक कार्यक्रम या धर्मांतरण के लिए प्रवेश की अनुमति नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि ग्राम पंचायतों ने पेसा एक्ट का हवाला देकर होर्डिंग्स लगाए हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 19(1)(डी) और 25 का उल्लंघन हैं। उनका यह भी आरोप है कि राज्य सरकार के 14 अगस्त 2025 के सर्कुलर से प्रेरित होकर ये होर्डिंग्स लगाए गए हैं। जवाब में राज्य सरकार ने कहा, कि याचिकाएं सिर्फ आशंका पर आधारित हैं। राज्य सरकार के सर्कुलर में कहीं भी धार्मिक नफरत फैलाने या होर्डिंग्स लगाने का निर्देश नहीं है। यह सर्कुलर केवल अनुसूचित जनजातियों की पारंपरिक संस्कृति की रक्षा के लिए है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि होर्डिंग्स जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए हैं, यह सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है।

‘इक्क कुड़ी’ मेरे लिए सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि एक भावना: शहनाज गिल

मुंबई, अपनी सादगी, जोश और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री, फिल्म निर्माता शहनाज गिल की पहली फिल्म बतौर निर्माता ‘इक्क कुड़ी’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। यह फिल्म न सिर्फ उनके करियर में एक नया अध्याय जोड़ती है, बल्कि उनके दिल के बेहद करीब भी है। शहनाज का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है, आगे उन्हें बहुत कुछ हासिल करना है। मीडिया से चर्चा में शहनाज गिल ने कहा, “‘इक्क कुड़ी’ मेरे लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक भावना है। यह मेरे जीवन का वो सफर है जिसे मैं हमेशा याद रखूंगी। इस फिल्म ने मुझे एक कलाकार के साथ-साथ एक निर्माता के रूप में भी परखा है।” बतौर निर्माता अपनी जिम्मेदारी पर बात करते हुए शहनाज ने कहा कि इस नए अनुभव ने उन्हें कई तरह से विकसित किया है। उन्होंने बताया, “निर्माता बनने के साथ कई जिम्मेदारियां आती हैं कहानी का चयन, पूरी टीम का प्रबंधन और प्रोजेक्ट की दिशा तय करना। जब मैंने ‘इक्क कुड़ी’ की कहानी सुनी, तो मुझे यह इतनी सच्ची और दिल छू लेने वाली लगी कि मैंने तय किया कि इस फिल्म को खुद प्रोड्यूस करूंगी। यह एक ऐसी कहानी थी जिसे पर्दे पर आना जरूरी था।”शहनाज ने आगे कहा कि उन्होंने इस फिल्म पर एक तरह का ‘दांव’ खेला है और अब वह दर्शकों की प्रतिक्रिया को लेकर उत्साहित हैं। अपने करियर में सिंगिंग, एक्टिंग और रियलिटी शो से लेकर अब प्रोडक्शन तक का सफर तय करने वाली शहनाज का कहना है, “अभी तो मैंने शुरुआत की है, अभी तो बहुत कुछ बाकी है।” उनके अनुसार, हर नया अनुभव कुछ सिखाता है, लेकिन ‘इक्क कुड़ी’ उनके लिए सबसे भावनात्मक प्रोजेक्ट है। शहनाज ने कहा, “मैंने कई बार अलग-अलग क्षेत्रों में नई शुरुआत की, लेकिन इस फिल्म को मैं अपने करियर का सबसे खास और निजी अध्याय मानती हूं। यह मेरे दिल के बहुत करीब है।” ‘इक्क कुड़ी’ की कहानी एक ऐसी लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपने लिए सही जीवनसाथी की तलाश में है। इस फिल्म के लेखक और निर्देशक अमरजीत सिंह हैं।  

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा — सरकार को मदरसों के शिक्षकों की पूरी जानकारी लेनी चाहिए

इंदौर  मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मदरसों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मदरसों से जुड़े केंद्रों में अवैध गतिविधियां सामने आ रही है। वे खंडवा जिले के मदरसे में 20 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए जाने के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अब बाहर के लोग आकर मदरसा में काम करने लगे है। उनकी गतिविधियां कई बार संदिग्ध रहती है। वे अवैध गतिविधियां भी कर रहे हैं। मदरसा में जो लोग पढ़ाते है। उन सब की जानकारी सरकार को हासिल करना चाहिए। सरकार को मदरसों की गतिविधियों पर भी ध्यान देना चाहिए। मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करुंगा, ताकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में मदरसे चल रहे है। उसे लेकर एक नीति बनना चाहिए। विजयवर्गीय ने अन्य सवालों के जवाब भी दिए।   विजयवर्गीय सोमवार को सिटी बस कार्यालय में शहरी विकास से जुड़ी बैठक में शमिल होने गए थे। वहां पर उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा की। आपको बता दें कि खंडवा के जुबेर उसके एक साथी को मालेगांव पुलिस ने नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों के पास दस लाख रुपये के नकली नोट मिले। पुलिस को पता चला कि जुबेर खंडवा के पैठियां गांव के मदरसे में रहता है। बाद में खंडवा पुलिस ने मदरसे पर छापा मारा तो वहां पर भी एक बैग में नकली नोट बरामद हुए। बैग में पांच-पांच सौ के नकली नोट बरामद हुए थे। मदरसे से बीस लाख के नकली नोट मिले।