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माटी के लाल की चमक अब दिखेगी आसमान में — ‘सूर्यकिरण’ बनेगा छत्तीसगढ़ का गौरव

नवा रायपुर नवा रायपुर के नीले आसमान में मंगलवार दोपहर जब नौ हॉक जेट त्रिशूल बनाकर उड़ान भरेंगे तो सबसे आगे कॉकपिट में बैठा पायलट कोई शहर का अमीरजादा नहीं, महासमुंद के अर्जुनी गांव का किसान-पुत्र गौरव पटेल होगा. 32 साल का यह जांबाज पायलट छत्तीसगढ़ के रजत जयंती समारोह में Suryakiran Aerobatic Team के लीड विंगमैन के तौर पर शौर्य बिखेरेगा गौरव कहते है कि कभी पांचवीं क्लास में दादा श्याम कुमार पटेल के NCC बैज को छूते वक्त थी. “सर, सपना था कि एक दिन अपनी धरती के ऊपर फाइटर जेट उड़ाऊं. 5 नवंबर को वो सपना सच हो रहा है.” उनकी आवाज में अभी भी गांव की मिट्टी की सोंधी खुशबू घुली हुई है. पिता कमल किशोर पटेल आज भी सुबह चार बजे खेत पर धान की नर्सरी देखते हैं. मां घर संभालती हैं. 90 साल के दादाजी कहते हैं, “मैंने गौरव को सिर्फ एक बात सिखाई – देश से बड़ा कुछ नहीं.” उसी एक बात ने पिथौरा के प्राइमरी स्कूल से NDA, फिर Air Force Academy तक का सफर तय कर दिया. 2013 में हैदराबाद से विंग्स लगे तो गांव में ढोल बजे थे. आज जब गौरव थाईलैंड, UAE, श्रीलंका और UK में 700+ air-shows कर चुका है, तब भी गांव की गलियों में लोग उसे “कमल किशोर का लाल” ही कहते हैं.  4 नवंबर को दोपहर 3 बजे से 3:30 तक सेन्ध झील के ऊपर Rehearsal होगा. 5 नवंबर को ठीक 11 बजे Main show शुरू होगा. गौरव पटेल Journey कैसी रही? Class 5 – Sainik School Rewa 2009 – NDA written + SSB crack 2013 – Air Force Academy Hyderabad 11 साल, 1,800 flying hours, 7 countries

यामी गौतम धर ने बताया ‘हक़’ और अपनी फिल्मों को चुनने का असली मकसद

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम धर ने फिल्म ‘हक’ और अपनी अन्य फिल्मों को चुनने का असली मकसद बताया है। यामी गौतम एक ऐसी अभिनेत्री हैं जिनकी फिल्मों की लिस्ट उनके शानदार परफॉर्मेंस की रेंज और सोच-समझकर चुने गए किरदारों को दिखाती है। सालों से उन्होंने कई यादगार परफॉर्मेंस दी हैं, जिससे दर्शक, आलोचक और फिल्ममेकर्स सभी उनके कायल हैं। कई हिट और सराही गई फिल्मों के बाद, यामी गौतम अब अपनी आने वाली फिल्म ‘हक़’ में एक और दमदार और इमोशनल परफॉर्मेंस के लिए तैयार हैं। फिल्म में वह शाह बानो का किरदार निभा रही हैं। कहानी सर्वोच्च न्यायालय के चर्चित मोहम्मद अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम केस से जुड़ी है। यामी गौतम ने कहा कि ‘हक़’ का मकसद बहस नहीं, बल्कि बातचीत शुरू करना है ताकि दर्शकों को ऐसा सिनेमा मिले जो उनके दिल को छू जाए। फिल्म ‘हक़’ की स्क्रिप्ट चुनने को लेकर यामी गौतम ने कहा, “हमारा मकसद किसी बहस को शुरू करना नहीं, बल्कि बातचीत को आगे बढ़ाना है। हमारा इरादा सिर्फ एक प्रोजेक्ट बनाने का नहीं, बल्कि एक सच्ची और दिल से निकली फिल्म बनाने का है। हम वही दिखाना चाहते हैं, जिस पर हम सच्चे दिल से यकीन करते हैं, ताकि दर्शक थिएटर में वापस आएं और उन्हें लगे कि उनका समय और पैसा दोनों ही सही जगह पर खर्च हुए हैं।” ‘हक़’ में यामी गौतम ‘बानो’ के किरदार में नज़र आएंगी, जबकि इमरान हाशमी उनके पति का रोल निभा रहे हैं। सुपर्ण वर्मा के निर्देशन और विनीत जैन के प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘हक़’ एक ऐसी महिला की कहानी दिखाती है जो अपनी इज़्जत और बराबरी के लिए लड़ती है। यह फिल्म उसके जज़्बात और समाज से लड़ने की हिम्मत को गहराई से दिखाती है। फिल्म ‘हक़’ सात नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।  

नवंबर में बढ़ेगी ठिठुरन? बिहार के लिए IMD ने जारी की बड़ी Weather Report

पटना बिहार में winter season की दस्तक इस बार थोड़ा देर से हुई है। आमतौर पर अक्टूबर के शुरूआती हफ्ते में ही ठंड की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस साल Cyclone Montha (मोंथा तूफान) की वजह से अक्टूबर के आख़िरी दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों ने सीजन की पहली ठंड महसूस की, जिससे मौसम में ठहराव सा देखने को मिला। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज से पहला Western Disturbance एक्टिव होने जा रहा है। हालांकि, इसका असर बिहार के मौसम पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर में ठंड की शुरुआत जरूर होगी, लेकिन इस बार mild winter in Bihar देखने को मिल सकता है। दिन में हल्की धूप, सुबह कोहरे की चादर नवंबर के पहले सप्ताह में मौसम का मिजाज mixed pattern वाला रहेगा। 9 नवंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। सुबह के वक्त dense fog देखने को मिल सकता है। दिन के समय मीठी धूप लोगों को राहत देगी। IMD के मुताबिक, राज्य के ज्यादातर इलाकों में partial cloud cover रहेगा। पछुआ हवाएं लगभग 30 km/h की रफ्तार से चलेंगी।     न्यूनतम तापमान: 18°C से 22°C     अधिकतम तापमान: 26°C से 30°C के बीच रहने की संभावना  नवंबर में कम पड़ेगी ठंड, IMD ने दी जानकारी पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस बार नवंबर में cold temperature in Bihar सामान्य से थोड़ा अधिक रहेगा।  बिहार में ठंड की शुरुआत पर एक नजर     अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से गिरने लगा तापमान     नवंबर के पहले हफ्ते में नहीं होगी बारिश     पछुआ हवाओं की रफ्तार से बदलेगा मौसम     दिन में हल्की धूप और रात में बढ़ेगी ठंडक     दिसंबर से बढ़ सकती है ठंड की तीव्रता  

शिवराज सिंह चौहान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप जीत पर दी बधाई

भोपाल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विश्व कप फाइनल में ऐतिहासिक जीत पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बधाई दी। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए रविवार को एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर अपनी पहली आईसीसी ट्रॉफी जीती। चौहान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “हमारी बेटियां चैंपियन हैं, बेटियों ने दिल भी जीता है और दुनिया भी। यह जीत इस बात की गवाह है कि भारत की बेटियों की उड़ान आसमान से भी ऊंची है।” उन्होंने कहा, “दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारत अब महिला क्रिकेट में भी विश्व विजेता बन गया है! देशवासियों को और हमारी बेटियों को हार्दिक बधाई।” यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बेटियों ने लहराया भारत का परचम। आईसीसी महिला विश्वकप 2025 भारत के नाम कर मां भारती को गौरवान्वित करने वाली महिला खिलाड़ियों को बधाई और हार्दिक अभिनंदन।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘यह विजय नए भारत की नारी शक्ति की नई उड़ान है।’’  

आखिरकार सबके लिए खुल गए दरवाज़े

लखनऊ ‘हेरिटेज ऑफ अवध‘ नामक ट्रस्ट द्वारा एक नाटक ‘दरवाज़े खोल दा‘ का मंचन इंटीग्रल युनिवर्सिटी,कुर्सी रोड,लखनऊ में किया गया । जिसमें विभिन्न किरदारों ने अपनी कला से र्दशकों को लगातार नाटक से जोड़े रखा । देश में करोड़ो लोग रोज़ी-रोटी की तलाश में एक शहर से दूसरे शहर में जाते रहते है । इस दौरान जो सबसे बड़ी समस्या से सबको गुज़रना पड़ता है वह है सही किराये में और सही जगह पर एक अदद मकान की । जिसमें वह व्यक्ति अपने परिवार के साथ सुकून से रह सके । इसी किराये के मकान की तलाश में आने वाली दिक्कतों को इस नाटक में अच्छी तरह से दिखाया गया है । नाटक में कई मकानों के मालिक गुरुदत्त पांडे ने रामदयाल के रुप में अच्छा प्रदर्शन किया जिसमें वह किरायेदारों के इंटरव्यू लेते दिखते हैं और किसी न किसी वजह से वह किसी को भी मकान नहीं देते हैं । किरायेदारों के रुप में कई परिवार रामदयाल से मकान लेने आते हैं जिसमें मुख्य रुप से पहले किरायेदार कृपा राम भारद्वाज व उनकी पत्नी सावित्री देवी नकली नाम से आते हैं लेकिन जब उनकी असलियत पता लगती है कि वह मुसलमान हैं तो पंडित रामदयाल काफी नाराज़ होकर उनको घर से भगा देते है। दूसरे किरायेदार के रुप में मुन्नन(रोहित श्रीवास्तव) आते है जो लखनऊ के कायस्थ फैमिली से होते है इनको भी पंडित रामदयाल मकान इस वजह से मकान नहीं देते हैं कि यह उर्दू बोलते हैं और मांस मछली खाते है । तीसरे किरायेदार हिन्दू पठान आफताब रॉय (सौरभ शुक्ला)आते है । उनको भी रामदयाल मकान नहीं देते है क्योंकि वह भी मांस मछली खाते है और शराब और मुजरे के भी शौकीन है ।  चौथे किरायेदार के रुप में दक्षिण भारतीय वेल्लू (जावेद अहमद)आता है जो कि काफी बड़ा आदमी है लेकिन बाद में पता चलता है कि वह दलित है इस कारण पंडित रामदयाल उनसे बहुत नाराज ़होते है। और कहते हैं कि हम किसी दलित को मकान नहीं देेंगे । अन्त में एक क्रिशिचियन डाक्टर और उनकी बेटी आते है पंडित रामदयाल उनको भी मकान देने से इस वजह से मना करते है कि यह तो अंग्रेज है यह तो सब कुछ खाते होंगे । लेकिन यहीं पर पंडित रामदयाल को अचानक दिल का दौरा पड़ जाता है । पंडित रामदयाल को दौरा पड़ने के कारण उनका बेटा कमलकान्त डाक्टर कोएलू (बी डी नकवी)से खुशामद करता है कि वह उसके पिता जी को देख लें वह मरने वाले है तब डाक्टर कोएलू राज़ी होते हैं पंडित रामदयाल को चेक करते है और उनको दवा देते है जिससे रामदयाल सही हो जाते है । रामदयाल दोबारा जीवित होते हैं तब उनकी आत्मा भी जीवित हो जाती जिससे उनका मन भी बदल जाता है । पंडित रामदयाल कहते है कि मुझे रास्ते में मेरी आत्मा मिली जिसने मुझसे कहा कि इस रास्ते पर चलकर ना तुम कभी मंजिल पर पहुंच सकोगे न मैं। क्योंकि यह रास्ता पुराना हो गया है । अब यह रास्ता कहीं नहीं जाता। मैंने पूछा तो आगे जाने की तरकीब क्या है? वह बोली आगे वही लोग जाते हैं जो अपने घर के दरवाजे खुले रखते हैं । यह घर जैसे हिंदू मुसलमान सिख ईसाई पारसी यहूदी ने मिलकर बनाया है । अगर यह सब मिलकर इस घर में नहीं रहेंगे तो यह घर कैसे आबाद होगा । और कैसे तरक्की करेगा । और कैसे इसका झंडा आसमान पर बुलंद होगा। इस बेहतरीन नाट्य रूपांतर को देखने के लिए इंटीग्रल यनिवर्सिटी के प्रोफेसर व बड़ी तादाद में स्टूडेन्ट व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।नाटक का निद्रेशन बी0डी0नकवी (रिटायर्ड जज) , सहायक निद्रेशक रियाज़ अल्वी,जावेद एवं विनीता सिंह, कार्यशाला निद्रेशक रहमान खान , प्रोडयूसर मुजतबा खान व म्यिुजिक डायरेक्टर धीरेन्द्र, सेट डिजाइन-शकील अहमद मेकअप-सोनी , स्टेज इंचार्ज -तारिक़ खान , डांस डायरेक्टर -नावेद ने हिस्सा लेकर इस नाटक को कामयाब बनाने में अपना योगदान दिया ।

सरकारी अस्पतालों में घटिया दवाइयों का मामला: मंत्री जायसवाल ने दिए जांच के आदेश

रायपुर सरकारी अस्पतालों में अमानक दवाइयां मिलने के मामले पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि पिछले 5 सालों में CGMSC के सिस्टम में जंग लग गया था, उन सभी बीमारियों को हमने ठीक करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी जांच या कार्रवाई होती है, तो हम उसे जनता के सामने रखते हैं। जो भी गलत पाया जा रहा है, उस पर हम कार्रवाई कर रहे हैं। अमानक दवाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि हाल ही में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। रायपुर स्थित ड्रग वेयरहाउस ने सभी प्रमुख शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया है कि “ऑफ्लॉक्सासिन ऑर्निडाजोल टैबलेट ” के एक विशेष बैच का उपयोग तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए। कांग्रेस के हस्ताक्षर अभियान पर बयान वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस के 20 लाख लोगों के हस्ताक्षर अभियान पर बयान देते हुए मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य की आबादी का 10 प्रतिशत भी हस्ताक्षर नहीं हुआ है। कितने हस्ताक्षर बैठकर किए गए, यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है।

महिलाओं के लिए हैं ये योगासन, पीसीओडी से मिलेगा छुटकारा

पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम या पीसीओडी एक ऐसी बीमारी है जिसके तहत ओवरी में मल्टीपल सिस्ट हो जाते हैं। ये सीस्ट खास किस्म के तरल पदार्थ की थैलियां होती हैं। सिस्ट होने की असली वजह मासिक धर्म में अनियमतता को बताया जाता है। मासिक धर्म में अनियमतता के कारण ओवरी का साइज बढ़ जाता है नतीजतन एंड्रोजेन और एस्ट्रोजेनिक नामक हारमोन भारी मात्रा में प्रोड्यूस होते हैं। पॉलिसिस्टिक ओवरी नार्मल ओवरी की तुलना में आकार में काफी बड़े होते हैं। इसे स्टीन लिवंथन सिंड्रोम भी कहा जाता है। पीसीओडी के कारण गर्भास्था, मासिक धर्म, डायबिटीज जैसी बीमारी में परेशानियों का इजाफा करता है। पीसीओडी के लक्षण : पीसीओडी के लक्षण बेहद खतरनाक ढंग से देखे जा सकते हैं। दरअसल इससे महिलाओं के शरीर में बाल बढ़ जाते हैं, स्तन का साइज छोटा हो जाता है, आवाज में फर्क महसूस होने लगता है, वजन बढ़ जाता है, सिर के बाल पतले होने लगते हैं। इतना ही नहीं जो महिलाएं पीसीओडी से पीड़ित होती हैं, उनमें एंग्जाइटी, डिप्रेशन, वजन बढ़ना जैसी समस्या भी देखने को मिलती है। इन दिनों पीसीओडी वयस्क महिलाओं की कम उम्र की युवतियों में देखने को मिल रही है। इसकी असली वजह काम का तनाव, अस्वस्थ खानपान, एंग्जाइटी, डिप्रेशन, व्यायाम न करना है। साथ ही जो युवतियां कम सोती हैं, उन्हें भी पीसीओडी होने का खतरा रहता है। जो महिलाएं अपनी जीवनशैली के कारण पीसीओडी का शिकार हो रही हैं, वे चाहें तो कुछ आसनों की मदद से स्वस्थ जीवन जी सकती हैं। उनमें पीसीओडी का खतरा भी कम हो जाता है। कपालभाती : कपालभाती शब्द दो शब्दों को जोड़कर बनाया गया है। एक कपाल यानी माथा और भाती यानी चमकना। माना जाता है कि नियमित व्यायाम करने से चेहरे पर ग्लो आता है और शरीर स्वस्थ रहता है। कपालभाती वास्तव में एक शत क्रिया है। यह एक तरह शरीर की क्लीनिंग प्रक्रिया है जिसकी मदद से शरीर से जहरीले पदार्थों को निकाला जाता है। इसके तहत आपको योगिक आसन में बैठना होता है और फिर पूरी प्रक्रिया सांसों के लेने और छोड़ने पर निर्भर करती है। योनि मुद्रा : यह एक ऐसा योगासन है जिसे करते हुए महिला किसी भी रूप में बाहरी दुनिया से जुड़ाव महसूस नहीं करती। इसलिए इसे योनि मुद्रा कहा जाता है। यह हमें अपनी अंदरूनी दुनिया से जोड़ता है इसलिए इसे योनि मुद्रा कहा जाता है। यह गर्भाशय में शिशु के होने का आभास कराता है। पवनमुक्त आसन : पवनमुक्त आसन हमारे पेट के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी आसन है। साथ ही यह हमारी पाचन क्रिया को भी बेहतर करता है। पवनमुक्त आसन से एब्डोमिनल और पीठ की मसल्स को मजबूती मिलता है साथ ही रक्त संचार का प्रवाह भी बेहतर होता है। हलासन : हल एक तरह का जमीन जोतने के लिए इस्तेमाल होने वाला उपकरण है जिसे किसान द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। हलासन को सर्वांगासन के बाद ही किया जाता है जो वास्तव में कंधों से जुड़ा हुआ आसन है। यह आसन भी पीसीओडी में राहत देने में मदद करता है। धनुर्सान : यह आसन टेंशन और डिप्रेशन को दूर भगान के लिए किया जाता है। अतः यदि किसी महिला में पीसीओडी के जरा भी लक्ष्ण दिखें या उन्हें जबरदस्त तनाव होता है तो उन्हें यह आसन अवश्य करना चाहिए। इससे पीसीओडी के आशंका में काफी कमी आती है।  

लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद के मेलों में बढ़ी खरीदारों की उत्साही भागीदारी

योगी सरकार ने पारंपरिक माटीकला को प्रोत्साहन करने के लिए बोर्ड गठन सहित किए हैं कई अभिनव प्रयास लखनऊ, उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में आयोजित माटीकला मेलों में प्रदेश के कारीगरों व हस्तशिल्प उत्पादों के विपणन में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। इस अवधि में बोर्ड ने 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव, 07 दिवसीय क्षेत्रीय माटीकला मेले और 03 दिवसीय लघु माटीकला मेले आयोजित किए। इन सभी मेलों में कुल 691 दुकानें लगाई गईं और ₹4,20,46,322 की बिक्री हुई। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में दर्ज कुल बिक्री ₹3,29,28,410 की तुलना में ₹91,17,912 अधिक है, जो लगभग 27.7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सबसे ज्यादा फोकस परंपरागत शिल्पों व उद्योगों में कार्यरत कारीगरों की उन्नति पर है। प्रदेश समेत देश-विदेश में उनके उत्पादों को वृहद स्तर पर खरीदार मिलें, इसके लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं और माटीकला बोर्ड इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। 70 जनपदों में बड़े स्तर पर हुई खरीदारी लखनऊ के खादी भवन में 10 से 19 अक्टूबर 2025 तक आयोजित 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव में 56 दुकानों द्वारा ₹1,22,41,700 की बिक्री हुई। गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद में 13 से 19 अक्टूबर तक आयोजित 07 दिवसीय क्षेत्रीय मेलों में 126 दुकानों ने ₹78,84,410 का विक्रय किया। इसी क्रम में प्रदेश के 70 जनपदों में 17 से 19 अक्टूबर तक आयोजित 03 दिवसीय लघु माटीकला मेलों में 509 दुकानों के माध्यम से ₹2,19,20,212 की बिक्री दर्ज की गई। सहयोग व उत्पादों की गुणवत्ता बनी सकारात्मक परिणाम की कुंजी वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजित मेलों में कुल 878 दुकानों द्वारा ₹3,29,28,410 की बिक्री हुई थी। यद्यपि इस वर्ष कुल दुकानों की संख्या कम रही, फिर भी विक्रय में वृद्धि यह दर्शाती है कि उत्पादों की गुणवत्ता, प्रदर्शनी की व्यवस्था और विपणन सहयोग अधिक प्रभावशाली रहा। इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि माटीकला उत्पादों के प्रति आमजन में जागरूकता और आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है। माटीकला बोर्ड का लक्ष्य है कि निरंतर मेलों, उन्नत प्रदर्शनी प्रबंधन, प्रशिक्षण, डिजाइन विकास व ब्रांडिंग गतिविधियों के माध्यम से कारीगरों को दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान किया जाए। आने वाले सत्रों में अधिक उपभोक्ता आधारित कार्यक्रमों के आयोजन से कारीगरों की उत्पादकता, विपणन दक्षता तथा आय वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। योगी सरकार के प्रयासों से संरक्षित हो रही परंपरागत कला परंपरागत कारीगरों और शिल्पियों की कला को संरक्षित व संवर्धित करने, उनकी सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सुदृढ़ता, तकनीकी विकास और विपणन सुविधा बढ़ाने तथा नवाचार के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड का गठन किया है। इस पहल के माध्यम से न केवल पारंपरिक माटीकला को नई पहचान मिली है, बल्कि हजारों परिवारों को आत्मनिर्भरता का नया आधार भी प्राप्त हुआ है। योगी सरकार ने प्रजापति समुदाय के उन सभी लोगों के लिए, जो माटीकला उद्योग से जुड़े हैं, एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान की है कि गांव के तालाबों से मिट्टी निकालने की व्यवस्था निःशुल्क कर दी गई है। इससे कारीगरों को उत्पादन की मूल सामग्री सुलभ हुई है और उनकी लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। ये कदम दर्शाते हैं कि योगी सरकार परंपरागत शिल्प को केवल संरक्षित ही नहीं कर रही, बल्कि उसे आधुनिक विपणन, प्रशिक्षण और नवाचार के माध्यम से वैश्विक मंच तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। योगी सरकार के समग्र समर्थन से लाभान्वित हो रहे कारीगर सीईओ खादी एवं ग्रामोद्योग माटीकला बोर्ड के महाप्रबंधक ने बताया कि योगी सरकार के समग्र समर्थन और बोर्ड के लक्षित प्रयासों के परिणामस्वरूप कारीगरों को सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मेलों में आए खरीदारों ने स्थानीय शिल्प व पारंपरिक उत्पादों को उत्साहपूर्वक अपनाया, जिससे कारीगरों की आय में वृद्धि हुई है तथा माटीकला उत्पादों की ब्रांड वैल्यू मजबूत हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी वर्षों में इन मेलों के दायरे का विस्तार कर और अधिक जिलों में इस तरह के आयोजन किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के माटीकला उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ सकें।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, बसों में अनधिकृत बदलाव पर सख्ती – डिप्टी सीएम बैरवा

अजमेर राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा रविवार को अजमेर पहुंचे, जहां वे एक निजी होटल में आयोजित विवाह समारोह में शामिल हुए। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने प्राइवेट बस संचालकों को चेताया कि वे अपनी बसों को परिवहन विभाग के निर्धारित नियमों के अनुरूप ही संचालित करें। बैरवा ने कहा कि मनमर्जी से बसों को मॉडिफाई करना गलत है। सरकार यात्रियों की जान की परवाह करती है, इसलिए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है। डिप्टी सीएम ने कहा कि अगर बस संचालक नियमों का पालन करेंगे, तो किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। यात्रियों की सुरक्षा और सुरक्षित यात्रा सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट बस मालिकों ने भले हड़ताल की हो लेकिन यदि वे तय मानकों का पालन करें तो हड़ताल जैसी स्थिति नहीं बनेगी। बैरवा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में मात्र 600 बसें संचालित थीं, जबकि वर्तमान सरकार के दौरान अब राज्य में 3200 बसें चल रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले रोडवेज की एक बस रोजाना कंडम हो जाती थी लेकिन अब नई बसें खरीदी गई हैं और आगे भी खरीद जारी रहेगी। सरकार ने गांवों को भी बस सेवा से जोड़ा है, जिससे रोडवेज संचालन से प्रतिदिन साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये का राजस्व बढ़ा है। एसआईआर प्रणाली पर पूछे गए सवाल के जवाब में बैरवा ने कहा कि इससे सही मतदाता का ही वोट डाला जाएगा। उन्होंने इसे चुनाव आयोग का स्वागत योग्य कदम बताया, जो फर्जी वोटिंग पर रोक लगाएगा और सही मतदाता को ही बचाएगा। राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे तब भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी, जो आज चौथे स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा बिना विजन के कोई काम नहीं करती जो कहती है, वह करती है। बैरवा ने विश्वास जताया कि अंता उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ही विजयी होगा।  

इन वस्तुओं से घर में आती है नकारात्मक ऊर्जा — क्या आपके घर में भी हैं ये?

वास्तु शास्त्र कहता है कि घर भाग्य का आईना होता है। अगर घर में नकारात्मक वस्तुएं होंगी तो जीवन में सुख और सफलता टिक नहीं पाएंगे। इसलिए आज ही अपने घर को देखें और इन चार दोषों को तुरंत दूर करें। याद रखें, स्वच्छ घर ही शुभता का आधार है और सकारात्मक ऊर्जा ही सच्चा सौभाग्य है। वास्तु शास्त्र क्या कहता है? वास्तु शास्त्र सिर्फ दिशा ज्ञान नहीं है, बल्कि यह आपके घर की ऊर्जा का विज्ञान है। घर में रखी हर वस्तु चाहे वह सजावट का सामान हो या पुराना कचरा आपके जीवन पर सीधा प्रभाव डालती है। अगर कुछ चीजें वास्तु के अनुसार नहीं हैं, तो वे समृद्धि, शांति और भाग्य को नष्ट कर सकती हैं। ऐसी वस्तुएं घर में नकारात्मक ऊर्जा  बढ़ाती हैं और जीवन में रुकावटें, बीमारी और असफलता लाती हैं। छत पर रखा कूड़ा-करकट बहुत से लोग पुराने या टूटे सामान को छत पर रख देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार यह सबसे बड़ा वास्तु दोष है। छत पर रखा कचरा सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकता है, जिससे घर में तनाव, आर्थिक संकट और मानसिक अस्थिरता बढ़ती है। घर की छत हमेशा साफ-सुथरी और हल्की रखनी चाहिए क्योंकि छत ही घर का सिर होती है और अगर सिर पर बोझ है, तो भाग्य रुक जाता है।  बंद पड़ी घड़ी वास्तु के अनुसार घड़ी समय और जीवन की गति का प्रतीक है। अगर आपके घर में बंद या टूटी घड़ी पड़ी है, तो यह जीवन की उन्नति को रोक देती है। ऐसी घड़ियां घर के सदस्यों के कैरियर, व्यापार और रिश्तों में ठहराव लाती हैं। उपाय: बंद घड़ी को तुरंत ठीक करवा लें या घर से बाहर कर दें। हमेशा चलती हुई घड़ी को उत्तर या पूर्व दिशा में रखें। मृत परिजनों के वस्त्र वास्तु और धर्म दोनों के अनुसार, मृत आत्माओं से जुड़ी वस्तुएं घर में नहीं रखनी चाहिए। मृत परिजनों के कपड़े या सामान ऊर्जा के प्रवाह को बाधित करते हैं और अशांति, डर या बीमारियों को आमंत्रित करते हैं। ऐसे कपड़ों को या तो दान कर दें या पवित्र नदी में प्रवाहित करें, ताकि आत्मा को शांति मिले और घर में सौभाग्य बना रहे। जंग लगी लोहे की चीजें वास्तु शास्त्र के अनुसार जंग लगा लोहा दरिद्रता और दुर्भाग्य का प्रतीक है। यह शनि दोष को बढ़ाता है और धन हानि या बाधाएं उत्पन्न करता है। अगर घर में टूटी या जंग लगी लोहे की वस्तुएं हैं जैसे पुराना ताला, टूटा गेट या औजार हैं तो उन्हें तुरंत हटा दें या नष्ट कर दें। स्वच्छ और चमकदार धातुएं ही घर में सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखती हैं। सकारात्मक ऊर्जा के लिए उपाय हर सुबह घर में गौमूत्र या गंगाजल का छिड़काव करें। उत्तर-पूर्व दिशा को साफ और हल्का रखें, वहीं से सुख-शांति का प्रवेश होता है। शाम के समय दीपक और कपूर जलाएं, इससे नकारात्मकता तुरंत समाप्त होती है। घर में तुलसी का पौधा उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं, यह धन और स्वास्थ्य दोनों लाता है।