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BLO ट्रेनिंग पूरी, अब 72 हजार बूथों पर एसआईआर के जरिए घर-घर जाएगा टीम

भोपाल  मध्य प्रदेश में मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए बिहार की तर्ज पर आज से सिस्टमैटिक इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट (SIR) का काम शुरू हो रहा है. इसके लिए ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 65 हजार बूथ लेवल अधिकारी (BLO) प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के 72 हजार बूथों पर घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे. इस अभियान में हर वोटर को 2003 के एसआईआर के आधार पर मिली जानकारी से फिर से वेरिफाई किया जाएगा. MP में आज से शुरू होगी SIR दरअसल, बिहार की तर्ज पर आज से मध्य प्रदेश में भी एसआईआर की शुरुआत हो रही है. मध्य प्रदेश के सभी 65,000 बीएलओ का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है. बीएलओ घर-घर जाकर आयोग द्वारा जारी किए गए फॉर्म बाँटेंगे. वे 2003 की एसआईआर के आधार पर मतदाताओं से जानकारी एकत्र करेंगे. बता दें कि राज्य की सभी 230 विधानसभा सीटों के हर बूथ के हर मतदाता का दोबारा सत्यापन किया जाएगा. जब BLO आपके घर पहुंचें तो सबसे पहले क्या करें? चुनाव आयोग ने नागरिकों से बीएलओ के साथ पूरा सहयोग करने की अपील की है, लेकिन कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि घर-घर जाकर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ नहीं लेंगे. अगर सत्यापन के दौरान पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो बीएलओ केवल ईआरओ (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) को सूचित करके ही नागरिकों से ज़रूरी दस्तावेज़ मांग सकते हैं. अगर सत्यापन के दौरान पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो बीएलओ ईआरओ को सूचित करके नागरिकों से ज़रूरी दस्तावेज़ मांग सकते हैं. बीएलओ आयोग द्वारा अधिकृत पहचान पत्र साथ लाएंगे. नागरिक यहां पहचान पत्र देखकर जानकारी साझा कर सकते हैं.  यूपी-एमपी समेत इन 12 राज्यों में होगी SIR की शुरुआत, कब भरा जाएगा फॉर्म? जानें सब कुछ चुनाव आयोग बिहार के बाद अब नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत करने जा रहा है. इसका मंगलवार (4 नवंबर) से आगाज होगा. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ समाप्त होगी. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 51 करोड़ वोटर्स हैं. बिहार के बाद एसआईआर का यह दूसरा चरण है. बिहार में अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई थी. बिहार में करीब 7.42 करोड़ नामों को वोटर लिस्ट में शामिल किया गया था. दूसरे चरण में, जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की कवायद होगी, उनमें अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ दस्तावेज नहीं लेंगे, विवाहित महिलाओं को मायके से मंगानी होगी डिटेल इस व्यवस्था के अंतर्गत वर्ष 2003 में जिन महिलाओं की उम्र 18 साल नहीं थी और एक जनवरी 2003 को जारी एसआईआर के दौरान जो महिलाएं विवाहित नहीं थीं। ऐसी महिलाओं को अब खुद को वोटर साबित करने के लिए मायके से अपना मतदाता क्रमांक और मतदान केंद्र क्रमांक मंगवाना होगा। सीईओ एमपी इलेक्शन ने कहा है कि घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेगा। ऐसे होगा एसआईआर का काम चुनाव आयोग ने वर्ष 2002 से 2008 के बीच देश के सभी राज्यों की एसआईआर कराई है। इसका डेटा चुनाव आयोग की वेबसाइट के अलावा एमपी सीईओ की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसमें वोटर पूरी जानकारी भरकर एमपी में हुई 2003 की एसआईआर के आधार पर अपना मतदाता क्रमांक, मतदान केंद्र क्रमांक और अन्य जानकारी हासिल कर सकते हैं। यह जानकारी उन्हें बीएलओ द्वारा दिए गए फाॅर्म में भरकर देना होगी। नए वोटर्स के लिए फॉर्म 6 भरने को देंगे बीएलओ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने कहा है कि जिन परिवारों में कोई नया सदस्य 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए बीएलओ द्वारा फॉर्म 6 उपलब्ध कराया जाएगा। यदि किसी परिवार सदस्य का निधन हो गया हो या वह अन्यत्र स्थानांतरित हो गया हो, तो उसकी जानकारी भी बीएलओ को दें ताकि सूची से नाम विलोपित किया जा सके। झा ने कहा कि घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेगा। दस्तावेज केवल तभी आवश्यक होंगे जब किसी एंट्री का सत्यापन पूर्ववर्ती रिकॉर्ड से मेल न खाए। ऐसी स्थिति में संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्री अधिकारी (ERO) अलग से सूचना देकर आवश्यक दस्तावेज़ मांगेगा। बीएलओ आयोग द्वारा अधिकृत पहचान पत्र लेकर आएंगे, नागरिक उनसे पहचान पत्र देखकर जानकारी साझा करें। मतदाता ऐसे तलाश सकेंगे अपना नाम     एसआईआर 2003 में वोटर अपना नाम तलाशने के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ ओपन करेंगे।     इसे ओपन करने पर वोटर को जिस राज्य में 2003 में वोटिंग की है या वोटर के माता पिता, परिजन ने वोट डाला है, उस राज्य पर क्लिक करना होगा।     इसके बाद राज्य और संबंधित जिला तथा विधानसभा क्षेत्र पर क्लिक करना होगा।     वोटर या उसके परिजन ने विधानसभा क्षेत्र में जिस गांव, वार्ड के मतदान केंद्र में वोट डाला है, उसे ध्यान कर संबंधित मतदान केंद्र स्थल का नाम तलाशना पड़ेगा।     अगर 2003 में निवास वाले मोहल्ले में आबादी ज्यादा न हो तो आसानी से एक ही क्लिक में संबंधित मतदान केंद्र की वोटर सूची आ जाएगी जिसमें मतदाता क्रमांक और मतदान केंद्र की जानकारी निकालकर उसे बीएलओ द्वारा दिए गए फाॅर्म में भरना होगा।     अगर कोई अपनी जानकारी नहीं दे पाता है तो उसे फाॅर्म में बताए गए 11 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज देना होगा जिसके आधार पर बीएलओ उस मतदाता को वेरिफाई करेगा। 2026 में इन राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. असम में भी 2026 में चुनाव होने हैं, लेकिन वहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण की घोषणा अलग से की जाएगी, क्योंकि राज्य में नागरिकता सत्यापित करने के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में प्रक्रिया चल रही है. साथ ही नागरिकता कानून का एक अलग प्रावधान असम में लागू होता है. एसआईआर को लेकर क्या बोला इलेक्शन कमीशन मुख्य निर्वाचन … Read more

सूचना निदेशक विशाल सिंह के जन्मदिन पर उत्सव, जनप्रियता और योगदान को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री के विज़न को जन-जन तक पहुँचाने वाले लोकप्रिय सूचना निदेशक विशाल सिंह का धूमधाम से मनाया गया जन्मदिन पुष्प गुच्छ व अंगवस्त्र पहनाकर पत्रकारों और कर्मचारियों ने दी सूचना निदेशक को जन्मदिन की बधाई ​ लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों के प्रचार-प्रसार में अतुलनीय योगदान देने वाले, युवा और ऊर्जावान सूचना निदेशक विशाल सिंह (आई.ए.एस.) का जन्मदिन आज सूचना निदेशालय में हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया।पत्रकारों और विभाग के अधिकारियों की भारी उपस्थिति ने समारोह को यादगार बना दिया।पत्रकारों ने निदेशक को पुष्पगुच्छ और अंग वस्त्र भेंट किए और केक काटकर हर्षोल्लास के साथ उनका जन्मदिन मनाया।इस अवसर पर पत्रकारों ने निदेशक के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की।निदेशक विशाल सिंह ने स्वयं केक काटा और सभी उपस्थित लोगों को मिठाई खिलाकर अपना स्नेह और आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त ​पत्रकार एसोसिएशन के महामंत्री अब्दुल वहीद एवं सचिव जुबैर अहमद ने उनकी कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि विशाल सिंह के नेतृत्व में सूचना निदेशालय नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वह पत्रकार हित संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए, मुख्यमंत्री के विज़न को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुँचा रहे हैं, जिससे उन्होंने प्रदेश के मुखिया और मीडिया जगत दोनों का दिल जीत लिया है।​जन्मदिन ​के मौके पर वरिष्ठ पत्रकार शिव शरण सिंह,अब्दुल वहीद,जुबैर अहमद, सय्यद गुलाम हुसैन,देवराज सिंह,नज़्म अहसन,कौसर जहां,अजय सिंह,राघवेंद्र त्रिपाठी,सुनील कुमार,नवीन लाल सूरी जैसे प्रमुख पत्रकारों के साथ-साथ अपर सूचना निदेशक अरविंद मिश्रा,सहायक निदेशक जे पी सिंह,लेखाधिकारी संजय सिंह,परशुराम मौर्या,प्रमोद कपिल सिंह,शालिनी तोमर, अशोक सिंह,प्रमोद,संदीप ओझा,दीपक बाजपेई,अनिल सिंह,राहुल,मनोज यादव आदि मौजूद थे।अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। ​

उज्जैन को मिल रही है आस्था की नई उड़ान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन का एयरपोर्ट बनेगा राज्य का गौरव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को मिल रही है आस्था की नई उड़ान  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बनेगा बाबा महाकाल का अपना एयरपोर्ट  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश सरकार ने बाबा महाकाल को भेंट स्वरूप उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया की आरंभ सिंहस्थ महाकुंभ से पहले एयरपोर्ट का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के आसमान में विकास की उड़ान अब और ऊंची होने जा रही है। बाबा महाकाल की नगरी में बनने वाला एयरपोर्ट उज्जैन को वैश्विक हवाई मानचित्र पर एक नई पहचान देगा। यह एयरपोर्ट राज्य के अंतर्राष्ट्रीय गौरव को और बढ़ाएगा। राज्य सरकार विमानन क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास को योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ा रही है। एयर कनेक्टिविटी के इस विस्तार से न केवल पर्यटन और व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि प्रदेश का हर नागरिक “आसमान से जुड़ने” के सपने को साकार होता हुआ देखेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब सच्चे अर्थों में सभी क्षेत्रों में विकास की नई उड़ान भरने वाला भारत का दिल बन रहा है। हमारी सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति को भी हवाई यात्रा का सुखद अनुभव कराने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां 2 इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित इंटर स्टेट एवं इन्ट्रा स्टेट एयर सर्विसेज वाले एयरपोर्ट्स भी होंगे। उज्जैन में बनने वाला एयरपोर्ट वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले से पहले पूरी तरह तैयार कर लेने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि देश-विदेश से सिंहस्थ स्नान के लिए आने वाले लाखों-करोड़ों धर्मप्रेमी श्रद्धालु बड़ी सुगमता और न्यूनतम समय में बाबा महाकाल की नगरी पहुंच सकें। राज्य सरकार द्वारा सभी जिलों मे एयर स्ट्रिप्स विकसित करने की योजना फलीभूत होने से छोटे विमानों और हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को भी राजधानी और प्रमुख शहरों से जोड़ा जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से ही मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। उज्जैन में एयरपोर्ट का निर्माण केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि यह प्रदेश की श्रद्धा, सेवा और स्वाभिमान का प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में वैमानिकी सुविधाओं के विस्तार के तहत सभी जिलों में एयर स्ट्रिप्स विकसित करने की योजना बनाई गई है। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा, पीएम हवाई पर्यटन एयरप्लेन सर्विस और पीएम हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन से मध्यप्रदेश, देश का पहला इंट्रा-स्टेट एयर सर्विसेज प्रारंभ करने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन का यह एयरपोर्ट न केवल बाबा महाकाल की नगरी को आकाश से जोड़ेगा, बल्कि श्रद्धा, समृद्धि और सुशासन की उड़ान का साक्षी भी बनेगा। अपर मुख्य सचिव, विमानन  संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण के लिए एमओयू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी और एविएशन फैसिलिटी बढ़ाने के लिए अगले चरण में कुछ और जिलों में भी एयरपोर्ट बनाने के लिए शासन स्तर पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पुरानी अवंतिका, नई उज्जयिनी— देश की आध्यात्मिक राजधानी उज्जयिनी जो युगों से धर्म, ज्ञान और शक्ति की धुरी रही है, अब आधुनिक विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मध्यप्रदेश सरकार ने कालों के काल, भूत-भावन भगवान, अवंतिकानाथ बाबा महाकाल को भेंट स्वरूप उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण का निर्णय लिया है। यह एयरपोर्ट न केवल एक हवाई विकास परियोजना है, बल्कि आस्था और सेवा का प्रतीक भी है। सरकार द्वारा एयरपोर्ट निर्माण की प्रारंभिक प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है। राज्य के स्थापना दिवस अवसर पर एक नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  किंजरापु राममोहन नायडू की मौजूदगी में एक बड़ा काम पूरा हुआ। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और तय निर्माण एजेंसी के मध्य उज्जैन जिले की वर्तमान दताना-मताना हवाई पट्टी पर एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए तैयार विकास अनुबंध पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। उज्जैन में बनने वाला हवाई अड्डा प्रदेश का नौंवा एयरपोर्ट होगा। इससे पहले वित्त वर्ष 2023-24 तक मध्यप्रदेश में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो में ही एयरपोर्ट थे। वर्ष 2024-25 के दौरान रीवा, दतिया और सतना में नए एयरपोर्ट बनकर तैयार हुए। अब उज्जैन के एयरपोर्ट की घोषणा के साथ ही राज्य में हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर कुल 9 हो जाएगी। उज्जैन का एयरपोर्ट वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले से पूर्व तैयार कर लेने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों को हवाई मार्ग से सीधे बाबा महाकाल की नगरी में उतरने की विशेष सुविधा मिल जाएगी। राज्य सरकार का यह निर्णय उज्जैन को विमानन और पर्यटन के वैश्विक गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगा।  

नई उड़ान, नया क्षितिज: छत्तीसगढ़ में महतारियों के सशक्तिकरण की प्रेरक कहानी

रायपुर : विशेष लेख : नई उड़ान, नया क्षितिज – छत्तीसगढ़ में महतारियों के सशक्तिकरण की कहानी रायपुर छत्तीसगढ़ अपने विकास-यात्रा के स्वर्णिम पड़ाव पर है। इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनी हैं – राज्य की महिलाएँ, जिन्हें स्नेह व सम्मान से “महतारी” कहा जाता है।बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नीतिगत प्राथमिकता नहीं बनाया, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की धुरी के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज महिलाएँ योजनाओं की लाभार्थी मात्र नहीं, परिवर्तन की वाहक बनकर उभरी हैं। राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार ने विविध योजनाएँ शुरू की हैं। सबसे उल्लेखनीय महतारी वंदन योजना है, जिसके तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को अब तक 12,983 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई है। यह सहायता महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि परिवार व समाज में निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता भी प्रदान करती है। दीदी ई-रिक्शा योजना ने 12,000 महिलाओं को रोजगार के नए अवसर दिए। सक्षम योजना के तहत 32,000 महिलाओं को 3 प्रतिशत ब्याज पर 2 लाख रुपए तक व्यवसायिक ऋण दिया गया, जबकि महतारी शक्ति ऋण ने 50,000 महिलाओं को बिना जमानत ऋण प्रदान कर आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना से 1.15 लाख महिलाएँ घर-परिवार के साथ उत्पादन कार्य से जुड़कर सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कोंडागांव की रतो बाई का जीवन कभी नक्सली भय से घिरा था। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से उन्हें 1.20 रुपए लाख और मनरेगा से 90 दिन का रोजगार मिला। आज वे पक्के घर में सुरक्षित जीवन जीती हैं और सब्ज़ी विक्रय के माध्यम से जीवन यापन करती हैं। उज्ज्वला, नल-जल जैसी सुविधाएँ उनके जीवन में प्रकाश भर रही हैं। दंतेवाड़ा जिले की गंगादेवी SHG की महिलाएँ आज टाटा मैजिक वाहन का संचालन कर 26,000 रुपए मासिक आय अर्जित कर रही हैं। यह उदाहरण बताता है कि ग्रामीण महिलाएँ अवसर मिलने पर कैसे नए व्यवसायों का संचालन कर सकती हैं। सरगुजा की मती श्यामा सिंह ने बिहान योजना के तहत 95,000 रुपए की सहायता से 30 सेंट्रिंग प्लेट से काम शुरू किया। आज उनके पास 152 प्लेट हैं तथा वे 50,000 रुपए प्रतिमाह कमाती हैं। कोरबा की मती मंझनीन बाई को DMF फंड से स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त होकर उन्हें 9,000 रुपए मासिक मानदेय मिलता है। यह न सिर्फ आर्थिक स्थिरता, बल्कि सामाजिक सम्मान भी देता है। कभी नक्सली हिंसा से भयभीत बस्तर आज नए परिदृश्य के साथ उभर रहा है। यह इलाका आत्मनिर्भरता, सम्मान और अवसरों की नई पहचान बन गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कहते हैं कि “बस्तर का पुनर्निर्माण केवल सड़क या पुल बनाना नहीं, यह वहाँ के हर घर में विश्वास का दीप जलाने का संकल्प है।” केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15,000 विशेष आवास स्वीकृत किए, जिनमें से 3,000 बस्तर, सुकमा, कांकेर, बीजापुर और दंतेवाड़ा में बन रहे हैं। अब तक 12,000 से अधिक लोग सुरक्षित आवास पा चुके हैं। छत्तीसगढ़ में महिला SHG की संख्या 2,80,362 है, जिनमें से लगभग 60,000 समूह बस्तर में सक्रिय हैं। वनोपज और हस्तशिल्प आधारित उद्यमों से करोड़ों का कारोबार हो रहा है। “लखपति महिला मिशन” के अंतर्गत 2,000 महिलाएँ सालाना 1 लाख रुपए से अधिक कमाती हैं। ‘जशप्योर’ और बस्तर बेंत उत्पाद राष्ट्रीय पहचान पा चुके हैं। महिलाएँ अब रोजगार पाने तक सीमित नहीं, बल्कि रोजगार-दाता भी बन रही हैं। स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार की उज्ज्वला योजना के अंतर्गत स्वीकृत 25 लाख नए  LPG कनेक्शन में से 1.59 लाख कनेक्शन छत्तीसगढ़ को मिले, जिससे नियद नेल्लानार ग्रामों की महिलाएं भी लाभान्वित हो रही है। मुख्यमंत्री  साय कहते हैं -“स्वच्छ रसोई, स्वस्थ परिवार और सशक्त महिला – यही उज्ज्वला का सार है। छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में सखी वन-स्टॉप सेंटर स्थापित हैं, महिला हेल्पलाइन – 181, डायल – 112, 24’7 कार्यरत हैं। नवाबिहान योजना से कानूनी व परामर्श सहायता दी जा रही है। शुचिता योजना से 3 लाख किशोरियाँ लाभान्वित हो रही हैं। 2,000 स्कूलों में नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाई गई है। इन पहलों ने महिलाओं के मन में सुरक्षा और आत्मविश्वास की नई ऊर्जा भरी है। योजनाएँ महिलाओं को तकनीक-आधारित सशक्तिकरण की ओर ले जा रही हैं। ड्रोन दीदी योजना से महिलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जशप्योर ब्रांड से लगभग 500 महिलाएँ, 10,000 रुपए प्रति माह कमा रही हैं। नवा रायपुर के यूनिटी मॉल में SHG उत्पादों को प्राथमिकता दी जा रही है। ये नारी शक्ति को स्थानीय से राष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने का मार्ग तैयार कर रही हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े कहती हैं कि “नया छत्तीसगढ़ वह होगा जहाँ भय नहीं, विश्वास होगा, जहाँ महिलाएँ आश्रित नहीं, सशक्त होंगी। ”आज छत्तीसगढ़ का हर गाँव, हर घर, हर परिवार में बदलाव की अग्नि प्रज्वलित है। जहाँ पहले भय था – वहाँ आज आत्मनिर्भरता है। जहाँ मजबूरी थी- वहाँ आज सम्मान है। छत्तीसगढ़ की महतारियाँ अब परिवर्तन की राह नहीं देख रहीं- वे स्वयं परिवर्तन की दिशा रच रही हैं।        डॉ. दानेश्वरी संभाकर       उप संचालक, जनसंपर्क विभाग           छत्तीसगढ़ सरकार

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जे.पी. अस्पताल के विकास कार्यों की प्रगति जानी, अधोसंरचना मजबूत करने दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जे.पी. अस्पताल के अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की प्राथमिकता से कार्य पूर्ण कर सेवाओं के संचालन के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में जे.पी. अस्पताल भोपाल के अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल में अधूरी सुविधाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल का कार्य जनसेवा से जुड़ा है, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए तथा अस्पताल परिसर को पूर्ण रूप से क्रियाशील स्थिति में लाया जाए। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि अस्पताल में फायर टैंक, डी.जी./यू.पी.एस. यूनिट, वैक्यूम एवं मेडिकल एयर पंप जैसी आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाओं में कमी है। इसके अतिरिक्त फायर, एमजीपीसी एवं प्रदूषण नियंत्रण विभाग सहित अनापत्तियों (एनओसी) की प्रक्रिया प्रगतिरत है। बताया गया कि अस्पताल में प्रतीक्षालय (वेटिंग रूम) का अभाव है, एक्स-रे एवं सी.टी. स्कैन कक्ष की स्थिति असंतोषजनक है तथा मेडिकल रूम की व्यवस्था अपर्याप्त है। इसके साथ ही चौथी एवं पाँचवीं मंज़िल पर शौचालयों और फर्नीचर की व्यवस्था अधूरी है तथा ब्लड बैंक से संबंधित तकनीकी समस्याएँ भी बनी हुई हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने आवश्यक औपचारिकताओं और अनुमतियों की पूर्ति कर नवीन आधुनिक ऑपरेशन थिएटर को कार्यशील करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधोसंरचना संबंधी कार्यों की दैनिक समीक्षा की जाए और जिम्मेदार एजेंसियाँ तय समय सीमा में सुधारात्मक कार्रवाई करें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि जे.पी. अस्पताल राजधानी का प्रमुख जिला चिकित्सालय है। यहाँ की चिकित्सा सुविधाएँ सर्वोत्तम और पूर्ण रूप से कार्यशील होनी चाहिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, पीआईयू के वरिष्ठ अधिकारी, सिविल सर्जन जे.पी. अस्पताल और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने औपचारिकताओं की प्राथमिकता से पूर्ति कर शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण करने के दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की, पदस्थापना कार्य में तेजी लाने के निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में नर्सिंग भर्ती, काउंसलिंग और पदस्थापना प्रक्रिया की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नर्सिंग एवं सहायक स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता से प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने निर्देश दिए की प्राथमिकता से औपचारिकताओं की पूर्ति कर शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण की जाये। बताया गया कि वर्ष 2023 में आयोजित ए.एन.एम. परीक्षा के आधार पर 515 पदों पर काउंसलिंग एवं पदस्थापना पूर्ण की गई, जबकि वर्ष 2025 में आयोजित ए.एन.एम. परीक्षा के आधार पर 972 पदों पर काउंसलिंग एवं पदस्थापना की प्रक्रिया जारी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत नर्सिंग के लगभग 1260 पदों पर भर्ती के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन संबंधी प्रस्ताव को शीघ्र अनुमोदन के लिए अग्रेषित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग के लगभग 1557 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव विभाग में विचाराधीन है और इसका मांग पत्र शीघ्र ही कर्मचारी चयन मंडल (ई.एस.बी.) को भेजा जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों के 328 पदों पर भर्ती प्रस्ताव को अंतिम रूप देने और ई.एस.बी. को मांग पत्र भेजने के निर्देश दिए। इसी प्रकार मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों के 383 पदों पर भर्ती प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजकर भर्ती नियमों में सम्मिलित करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल सहायकों के लगभग 1200 पदों पर भर्ती के लिये नियमों में संशोधन की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए और कहा कि सभी प्रस्तावों की प्रगति की सतत समीक्षा की जाएगी। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, संचालक लोक स्वास्थ्य सेवाएं  दिनेश वास्तव, उप सचिव लोक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मती शुचिस्मिता सक्सेना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले: जनता की सेवा हमारा धर्म, जनसुविधा बढ़ाने में नहीं होगी कोई कमी

सेवा ही हमारा संकल्प, जनसुविधा बढ़ाने कोई कसर नहीं रखेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित ईंटखेड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ईंटखेड़ी में आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ही हमारा संकल्प है, जनता की सुविधा बढ़ाने में हम कोई कमी नहीं रहने देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते दो वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है और सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ कराई जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आज मध्य प्रदेश का चहुमुखी विकास हो रहा है। राज्य में लगातार आर्थिक गतिविधियां जारी हैं, नए-नए उद्योग और विकास की संभावनाओं पर बल दिया जा रहा है। साथ ही किसानों हितैषी नीतियों के अंतगर्त किसान सम्मान निधि, सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा और लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए राशि पहुंचा जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर बहनें रेडीमेड गारमेंट जैसे रोजगार परक उद्योगों में कार्य करेंगी तो उन्हें सरकार की ओर से प्रतिमाह वेतन के साथ 5000 रुपए की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण के लिए संकल्पित है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैरसिया विधायक  विष्णु खत्री को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। विधायक  खत्री की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईंटखेड़ी में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चाहे कितना भी बड़ा रोग हो या कोई जटिल ऑपरेशन, हमारी सरकार हर ज़रूरतमंद को उपचार के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनसेवा हमारा मूल लक्ष्य है, और हम इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा निरंतर प्रयासों से स्वास्थ्य विभाग में निरंतर नई भर्ती की जा रही है और अस्पतालों की सुविधाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा भोपाल के प्रभारी मंत्री  चेतन कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष मती रामकुंवर नौरंगसिंह गुर्जर, उपाध्यक्ष  मोहन जाट,  तीरथ सिंह मीणा,  गोपाल सिंह मीणा,  पर्वत सिंह पटेल, सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। बताया गया कि इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में दोपहर तक 1500 से अधिक लोगों ने अपनी जांच और इलाज कराया। शिविर से लाभ पाकर क्षेत्र के लोगों ने भारी उत्साह और प्रसन्नता व्यक्त की।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रगति की समीक्षा की, गुणवत्ता पर दिया जोर

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की अनुमोदन एवं निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के विकास, उन्नयन एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक महाविद्यालय में बुनियादी सुविधाएँ, विशेषज्ञ विभाग और उच्च स्तरीय चिकित्सा उपकरण समय पर उपलब्ध हों। उन्होंने निर्देश दिए कि अनुमोदन एवं निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण किया जाए, जिससे इन विभागों का संचालन शीघ्र प्रारंभ हो सके। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सागर चिकित्सा महाविद्यालय में यू.जी. अपग्रेडेशन, बुधनी चिकित्सा महाविद्यालय के अनुबंध पुनरीक्षण, ग्वालियर चिकित्सा महाविद्यालय में सी.टी.वी.एस. (हार्ट बायपास) विभाग की स्थापना, तथा इंदौर चिकित्सा महाविद्यालय में पीडियाट्रिक्स मेडिसिन/नियोनेटलॉजी विभाग की स्थापना से संबंधित कार्यवाहियों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि निर्माण एजेंसियाँ तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करें और कार्य की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अधोसंरचना, उपकरणों की आपूर्ति और मानव संसाधन की नियुक्तियों का कार्य समानांतर रूप से संचालित किया जाए, जिससे निर्माण पूर्ण होते ही चिकित्सा सेवाएँ आरंभ की जा सकें। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, एम.डी. एमपी बी.डी.सी.  सिबी चक्रवर्ती सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

नगरीय विकास मंत्री बोले – अवैध कॉलोनी निर्माण पर जवाबदेही तय होगी, किसी को नहीं मिलेगी छूट

अवैध कॉलोनी का निर्माण होने पर संबंधित अधिकारी की तय होगी जिम्मेदारी : नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय राजस्व में वृद्धि और खर्चों में कमी लाने के लिये तैयार करें कार्य-योजना प्रधानमंत्री आवास योजना में निर्माणाधीन कार्य जल्द हों पूरे भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि नगरीय क्षेत्र में अवैध कॉलोनी का निर्माण होने पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिये जिम्मेदारी तय होगी। उन्होंने अवैध कॉलोनी के निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिये व्यापक स्तर पर अभियान चलाये जाने के भी निर्देश दिये हैं। नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को इंदौर में अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर प्रदेश का पहला आत्मनिर्भर शहर है, जो अपने नवाचारों के माध्यम से निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने इंदौर नगर निगम को राजस्व आय में वृद्धि और खर्च में कमी लाने के लिये ठोस कार्य-योजना बनाने के भी निर्देश दिये। मंत्री विजयवर्गीय ने इंदौर महापौर की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में वर्ष 2040 तक की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए नर्मदा नदी के चौथे चरण की योजना पर कार्य किया जा रहा है। बैठक में इंदौर मेट्रो के खजराना से पलासिया होते हुए बड़ा गणपति तक अंडरग्राउण्ड रूट के प्रस्ताव को सर्व-सम्मति से स्वीकृति दी गयी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इंदौर शहर का ट्रेफिक और ट्रांसपोर्ट प्लान इस तरह से तैयार किया जाये कि इंदौर की आर्थिक तरक्की को इससे और अधिक रफ्तार मिले। बैठक में अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, फ्यूल एफीशिएंशी, इंदौर स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत योजना की बिन्दुवार समीक्षा की गयी। बैठक में नगरीय सीमा में शामिल 29 गाँव में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सड़कों की चौड़ाई सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गयी। बैठक में निर्देश दिये गये कि शहर में अवैध नल कनेक्शन को सख्ती से काटा जाये। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिये टेण्डर प्रक्रिया की समय-सीमा निश्चित की जाये। शहर में रिक्त भूमि को आकर्षक डिजाइन के साथ विकसित करने से नगर निगम की आय में वृद्धि होगी। बैठक में सांसद मती कविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक सर्व मधु वर्मा, महेन्द्र हार्डिया, गोलू शुक्ला और अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग संजय दुबे मुख्य रूप से उपस्थित थे।  

‘सबके लिए रोशनी, सबके लिए प्रगति’ – डॉ. यादव ने बताया राज्य सरकार का विज़न

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समाधान योजना से प्रदेश के 90 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ होगा। यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए राहत का द्वार खोल रही है, जो किसी कारणवश समय पर अपने बिजली बिल नहीं भर पाए। इस योजना में तीन माह या उससे अधिक समय से बिल बकाया रखने वाले घरेलू, गैर घरेलू ,कृषि तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट प्रदान की जाएगी। योजना से बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ ही राज्य की बिजली व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इस कदम से जनता का भरोसा और शासन की पारदर्शिता एक साथ बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर समाधान योजना की शुरूआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पॉवर मैनेजमेंट कंपनी का नया भवन, कंपनियों के प्रबंधन और कार्य क्षमता में वृद्धि में सहायक होगा। नए भवन से ऊर्जा प्रबंधन और जन सामान्य से बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाधान योजना के शुभारंभ और एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की ऑल राउंडर महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर दें संवेदनशीलता का परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "समाधान योजना' 2025-26" से प्रदेश के 90 लाख उपभोक्ताओं का 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक बिजली बिल पर सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना में 3 माह तक का सरचार्ज रखने वाले उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सरचार्ज छूट का लाभ मिलेगा। ऊर्जा विभाग के सोमवार को लोकार्पित भव्य भवन से विभाग में कार्यरत तीनों कंपनियों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह नया भवन ऊर्जा प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और जनसेवा का केन्द्र बनेगा। किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार संकल्पित है। आशा है विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों से सतत् संवाद और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण से अपनी संवेदनशीलता का परिचय देंगे। वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार "सबके लिए रोशनी-सबके लिए प्रगति'' का ध्येय लेकर प्रदेश में गतिविधियां संचालित कर रही है। खेत हो या कारखाने, शहर हो या गांव हर घर में रोशनी इसका प्रमाण है। ऊर्जा विभाग से वर्ष 2024-25 में लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को 18 हजार करोड़ रूपए से अधिक की बिजली सब्सिडी दी गई। राज्य सरकार ने विभिन्न नीतिगत निर्णयों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत् विकास को प्राथमिकता दी। इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी, रिन्यूबल एनर्जी पॉलिसी 2025 और पंप हाइड्रो पॉलिसी-2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए गए हैं। राज्य में 62 गीगावाट सौर, 11 गीगावाट पवन, 4 गीगावाट बॉयोमास और 820 मेगावाट लघु जल विद्युत की क्षमता है। हमारा लक्ष्य 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना में 2.70 रूपये प्रति यूनिट बिजली अब तक की सबसे कम टैरिफ दर पर प्राप्त हुई है। यह अपने-आप में रिकार्ड है। शुभ है स्थापना दिवस उत्सव के दौरान समाधान योजना का आरंभ होना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में तीन दिवसीय स्थापना दिवस महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान समाधान योजना का शुभारंभ और नए भवन का लोकार्पण शुभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केन्द्रित महानाट्य प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और प्रगति पर केन्द्रित प्रदर्शनियों और आयोजनों में सहभागी होने का उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया। समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुंचाना है हमारा लक्ष्य : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सभी स्तर पर ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हम अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की सुविधा को देखते हुए कार्य कर रहे हैं। आज आरंभ हुई समाधान योजना सुशासन और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग से संबंधित प्रस्तावों को डॉ. यादव ने सहजता से स्वीकार किया। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जायेगा। कार्यक्रम में समाधान योजना पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना "जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं'' के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। समाधान योजना दो चरणों में चलेगी। प्रथम चरण 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक होगा, जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में यह योजना एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण कंपनियों यथा म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in, म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर हेतु https://www.mpez.co.in/ एवं म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर हेतु https://www.mpez.co.in/ पर पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र … Read more