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क्रिकेट के बड़े मुकाबले में 16 नवंबर को भारत-पाक आमने-सामने, भारतीय टीम का ऐलान

नई दिल्ली  सीनियर मेंस सिलेक्शन कमिटी ने कतर में होने वाले एशियन क्रिकेट काउंसिल के राइजिंग स्टार्स एशिया कप के लिए भारत ‘ए’ टीम का चयन किया है. यह टूर्नामेंट 14 से 23 नवंबर 2025 तक दोहा के वेस्ट एंड इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. राइजिंग स्टार्स एशिया कप के लिए भारत ए की टीम: प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, नेहल वढेरा, नमन धीर (उपकप्तान), सूर्यांश शेडगे, जितेश शर्मा (कप्तान और विकेटकीपर) रमनदीप सिंह, हर्ष दुबे, आशुतोष शर्मा, यश ठाकुर, गुरजापनीत सिंह, विजय कुमार वैश्य, युद्धवीर सिंह चरक, अभिषेक पोरेल (विकेटकीपर) और सुयश शर्मा स्टैंड-बाय खिलाड़ी: गुरनूर सिंह बराड़, कुमार कुशाग्र, तनुश कोटियन, समीर रिजवी और शेख रशीद. 16 नवंबर को भारत-पाक टक्कर, 23 को फाइनल ग्रुप ए में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, हांगकांग और श्रीलंका हैं, जबकि ग्रुप बी में भारत, ओमान, पाकिस्तान और यूएई को रखा गया है. भारत-पाकिस्तान के बीच हाईवोल्टेज मुकाबला 16 नवंबर को होगा. दोनों सेमीफाइनल एक ही दिन यानी 21 नवंबर को निपटा दिए जाएंगे. फाइनल मैच 23 नवंबर, रविवार को होगा. सिर्फ एक ही बार जीत पाया है भारत इस टूर्नामेंट को पहले एसीसी इमर्जिंग एशिया कप के नाम से जाना जाता था. इस टूर्नामेंट की शुरुआत साल 2013 में हुई थी. अब तक इसके छह एडिशन खेले जा चुके हैं. टूर्नामेंट की शुरुआत अंडर-23 के रूप में हुई थी और बाद में इसे ‘ए’ टीमों की प्रतियोगिता में बदल दिया गया. पाकिस्तान और श्रीलंका ने इसे दो-दो बार जीता है, जबकि भारत और अफगानिस्तान ने इसे एक-एक बार जीता है. 2024 में श्रीलंका को हराकर अफगानिस्तान डिफेंडिंग चैंपियन है. अपनी मेन टीम के साथ उतरेगी तीन एसोसिएट टी-20 फॉर्मेट में खेले जाने वाले इमर्जिंग एशिया कप में भारत-पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान की ‘ए’ टीम के अलावा तीन एसोसिएट टीम यानी हांगकांग, ओमान और यूएई अपनी मुख्य टीम लेकर उतरेगी.

महादेव ऐप विवाद: रवि उप्पल गिरफ्तार होने के बाद भी UAE में सुरक्षित, भारत में चिंता

रायपुर महादेव ऑनलाइन बुक ऐप का को-फाउंडर रवि उप्पल को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सौरभ चंद्राकर के साथ मिलकर अवैध सट्टेबाजी के जरिए हजारों करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोपी रवि उप्पल गायब हो गया है। इंटरपोल रेड नोटिस के बाद दिसंबर 2023 में दुबई में गिरफ्तार किया गया उप्पल खाड़ी देश से किसी अज्ञात स्थान पर चला गया है। अधिकारियों ने हिन्दुस्तान टाइम्स को यह जानकारी दी है। यूएई अथॉरिटीज ने भारत को उसके 'एग्जिट रूट या गंतव्य' की जानकारी नहीं दी है, लेकिन प्रत्यर्पण प्रक्रिया को बंद करने की शुरुआत कर दी है। रवि उप्पल का भागना इस मामले की जांच कर रहीं एजेंसियों के लिए झटका है। ईडी, सीबीआई और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए चिंता और चुनौती बढ़ गई है, जिन्हें आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर ठगी के शिकार हुए लाखों लोगों को न्याय दिलाना है। दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंधों को देखते हुए भारतीय एजेंसियों को उम्मीद थी कि उप्पल और चंद्राकर को दुबई से प्रत्यर्पित किया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं किए जाने की शर्त पर बताया, 'हमें आधिकारिक चैनल के जरिए बताया गया है कि रवि उप्पल UAE को छोड़कर अज्ञात स्थान पर चला गया है। वहां किस रास्ते निकला या कहां गया, इसको लेकर दुबई ने कोई जानकारी नहीं दी है, जबकि उसके खिलाफ रेड नोटिस अभी भी एक्टिव है।' अधिकारी ने बताया कि यूएई ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया को भी बंद करने की बात कही है। 50 से कम उम्र का उप्पल चंद्रकार के साथ 6000 करोड़ के फ्रॉड का आरोपी है। 2018 में दोनों ने मिलकर इस सट्टेबाजी ऐप की शुरुआत की थी। ईडी ने अपनी एक चार्जशीट में दावा किया कि सट्टेबाजी का यह साम्राज्य कम से कम 3,200 पैनल्स में अलग-अलग शहरों में संचालित होता था और प्रतिदिन करीब 240 करोड़ की कमाई थी। उप्पल और चंद्रकार ने दुबई में अपने करीब 3500 स्टाफ के लिए 20 बंगले रेंट पर लिए थे। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी इस केस में आया है।

किसानों और राइस मिलर्स के लिए बड़ी खबर, योगी सरकार ने दी 1% रिकवरी छूट

लखनऊ  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चावल मिलों को नॉन-हाइब्रिड धान की कुटाई पर 1% रिकवरी छूट देने का ऐलान किया है. इस फैसले से प्रदेश के लाखों अन्नदाता किसानों और 2000 से अधिक राइस मिलर्स को सीधा फायदा होगा, जिससे निवेश और रोजगार को भी प्रोत्साहन मिलेगा. सरकार इस कदम के तहत ₹167 करोड़ की प्रतिपूर्ति देगी.  लाखों किसानों और मिलर्स को सीधी राहत इस महत्वपूर्ण फैसले से प्रदेश के लगभग 13 से 15 लाख किसानों और 2000 से अधिक राइस मिलर्स को सीधा लाभ मिलेगा. 1% रिकवरी छूट मिलने से राइस मिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे धान की सरकारी खरीद प्रक्रिया और भी ज्यादा तेज हो सकेगी.  सरकार का यह कदम प्रदेश में 2 लाख रोजगार के अवसरों को भी सुदृढ़ करेगा. यह निर्णय स्पष्ट रूप से रोजगार और निवेश को बढ़ावा देगा. साथ ही सरकारी खरीद प्रक्रिया को तेज करेगा और राष्ट्रीय स्तर पर चावल की बचत सुनिश्चित करेगा.   चावल की बचत और सरकारी प्रतिपूर्ति का लेखा-जोखा यह फैसला राष्ट्रीय स्तर पर चावल की बचत सुनिश्चित करेगा, क्योंकि अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए बाहर से चावल की रैक मंगाने की आवश्यकता नहीं होगी. योगी सरकार इस नई छूट के लिए राइस मिलर्स को ₹167 करोड़ की प्रतिपूर्ति देगी. बता दें कि सरकार हाइब्रिड धान की कुटाई पर पहले से ही 3% रिकवरी छूट देती है, जिसके लिए प्रतिवर्ष लगभग ₹100 करोड़ की प्रतिपूर्ति की जाती है.

लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद के मेलों में बढ़ी खरीदारों की उत्साही भागीदारी

माटीकला मेलों में बिक्री का बना रिकॉर्ड, ₹4.20 करोड़ का आंकड़ा पार लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद के मेलों में बढ़ी खरीदारों की उत्साही भागीदारी 70 जनपदों में आयोजित लघु माटीकला मेलों में ₹2.19 करोड़ की उल्लेखनीय बिक्री हुई दर्ज, पिछले वर्ष से ₹91 लाख अधिक विक्रय संपन्न कारीगरों को सीधे उपभोक्ता से जोड़ने का सफल रहा प्रयास योगी सरकार ने पारंपरिक माटीकला को प्रोत्साहन करने के लिए बोर्ड गठन सहित किए हैं कई अभिनव प्रयास लखनऊ  उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में आयोजित माटीकला मेलों में प्रदेश के कारीगरों व हस्तशिल्प उत्पादों के विपणन में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। इस अवधि में बोर्ड ने 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव, 07 दिवसीय क्षेत्रीय माटीकला मेले और 03 दिवसीय लघु माटीकला मेले आयोजित किए। इन सभी मेलों में कुल 691 दुकानें लगाई गईं और ₹4,20,46,322 की बिक्री हुई। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में दर्ज कुल बिक्री ₹3,29,28,410 की तुलना में ₹91,17,912 अधिक है, जो लगभग 27.7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सबसे ज्यादा फोकस परंपरागत शिल्पों व उद्योगों में कार्यरत कारीगरों की उन्नति पर है। प्रदेश समेत देश-विदेश में उनके उत्पादों को वृहद स्तर पर खरीदार मिलें, इसके लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं और माटीकला बोर्ड इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। 70 जनपदों में बड़े स्तर पर हुई खरीदारी लखनऊ के खादी भवन में 10 से 19 अक्टूबर 2025 तक आयोजित 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव में 56 दुकानों द्वारा ₹1,22,41,700 की बिक्री हुई। गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद में 13 से 19 अक्टूबर तक आयोजित 07 दिवसीय क्षेत्रीय मेलों में 126 दुकानों ने ₹78,84,410 का विक्रय किया। इसी क्रम में प्रदेश के 70 जनपदों में 17 से 19 अक्टूबर तक आयोजित 03 दिवसीय लघु माटीकला मेलों में 509 दुकानों के माध्यम से ₹2,19,20,212 की बिक्री दर्ज की गई। सहयोग व उत्पादों की गुणवत्ता बनी सकारात्मक परिणाम की कुंजी वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजित मेलों में कुल 878 दुकानों द्वारा ₹3,29,28,410 की बिक्री हुई थी। यद्यपि इस वर्ष कुल दुकानों की संख्या कम रही, फिर भी विक्रय में वृद्धि यह दर्शाती है कि उत्पादों की गुणवत्ता, प्रदर्शनी की व्यवस्था और विपणन सहयोग अधिक प्रभावशाली रहा। इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि माटीकला उत्पादों के प्रति आमजन में जागरूकता और आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है। माटीकला बोर्ड का लक्ष्य है कि निरंतर मेलों, उन्नत प्रदर्शनी प्रबंधन, प्रशिक्षण, डिजाइन विकास व ब्रांडिंग गतिविधियों के माध्यम से कारीगरों को दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान किया जाए। आने वाले सत्रों में अधिक उपभोक्ता आधारित कार्यक्रमों के आयोजन से कारीगरों की उत्पादकता, विपणन दक्षता तथा आय वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। योगी सरकार के प्रयासों से संरक्षित हो रही परंपरागत कला परंपरागत कारीगरों और शिल्पियों की कला को संरक्षित व संवर्धित करने, उनकी सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सुदृढ़ता, तकनीकी विकास और विपणन सुविधा बढ़ाने तथा नवाचार के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड का गठन किया है। इस पहल के माध्यम से न केवल पारंपरिक माटीकला को नई पहचान मिली है, बल्कि हजारों परिवारों को आत्मनिर्भरता का नया आधार भी प्राप्त हुआ है। योगी सरकार ने प्रजापति समुदाय के उन सभी लोगों के लिए, जो माटीकला उद्योग से जुड़े हैं, एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान की है कि गांव के तालाबों से मिट्टी निकालने की व्यवस्था निःशुल्क कर दी गई है। इससे कारीगरों को उत्पादन की मूल सामग्री सुलभ हुई है और उनकी लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। ये कदम दर्शाते हैं कि योगी सरकार परंपरागत शिल्प को केवल संरक्षित ही नहीं कर रही, बल्कि उसे आधुनिक विपणन, प्रशिक्षण और नवाचार के माध्यम से वैश्विक मंच तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। योगी सरकार के समग्र समर्थन से लाभान्वित हो रहे कारीगर सीईओ खादी एवं ग्रामोद्योग माटीकला बोर्ड के महाप्रबंधक ने बताया कि योगी सरकार के समग्र समर्थन और बोर्ड के लक्षित प्रयासों के परिणामस्वरूप कारीगरों को सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मेलों में आए खरीदारों ने स्थानीय शिल्प व पारंपरिक उत्पादों को उत्साहपूर्वक अपनाया, जिससे कारीगरों की आय में वृद्धि हुई है तथा माटीकला उत्पादों की ब्रांड वैल्यू मजबूत हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी वर्षों में इन मेलों के दायरे का विस्तार कर और अधिक जिलों में इस तरह के आयोजन किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के माटीकला उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ सकें।

नई जिम्मेदारी संभाली: लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास बने आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल के कमांडेंट

नई जिम्मेदारी संभाली: लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास बने आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल के कमांडेंट कानपुर का गौरव: लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास ने नई दिल्ली में आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल की कमान संभाली नई दिल्ली कानपुर निवासी प्रतिष्ठित ई.एन.टी. सर्जन लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास, जिन्होंने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं में लगभग चार दशकों तक अनुकरणीय सेवाये दी हैं, ने नई दिल्ली स्थित सशस्त्र बलों के प्रसिद्ध एवं महत्वपूर्ण अस्पताल, 'आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल' (आर एंड आर हॉस्पिटल) के कमांडेंट के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है।  लेफ्टिनेंट जनरल दास का सैन्य चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है। अपने सेवा काल के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल दास द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के साथ-साथ प्रशासनिक एवं कमांड पदों पर रहते हुये महत्वपूर्ण कार्य किया गया है।  पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज से स्नातक लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास ने नई दिल्ली स्थित आर्मी के बेस हॉस्पिटल एवं कमांड हॉस्पिटल लखनऊ में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। कमांडेंट, सी.एच. (एन.सी.) रहते हुए उन्होंने कमांड हॉस्पिटल, उधमपुर को नए अत्याधुनिक एवं सुसज्जित अस्पताल भवन में स्थानांतरित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने दीर्घ और विशिष्ट करियर के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल दास ने असाधारण नेतृत्व और सेवा भावना का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्हें चीफ आफ आर्मी स्टाफ (सी.ओ.ए.एस.), चीफ ऑफ इंटिग्रेटेड स्टाफ कमेटी (सी.आई.एस.सी.) तथा जी.ओ.सी. इन सी. प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित किया जा चुका है। 'आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल' के कमांडेंट के रूप में उनकी नियुक्ति से अस्पताल में उत्कृष्टता के मानकों में और वृद्धि होने की अपेक्षा है, जिससे सशस्त्र बलों के साथ – साथ नागरिक समुदाय को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी। कमांडेंट के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल दास का उद्देश्य अस्पताल की गौरवशाली परंपरा को बनाए रखते हुए चिकित्सा सेवा, अनुसंधान तथा शिक्षण के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता के उच्चतम स्तर को सुनिश्चित करना है। वे अस्पताल की सामर्थ्य को और सुदृढ़ बनाने, अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को विकसित करने तथा चिकित्सा उत्कृष्टता एवं नवाचार की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। *

कटेझिरिया जंगल में पुलिस-नक्सली मुठभेड़, नक्सली अभी भी फरार, सर्च ऑपरेशन जारी

बालाघाट:  देश के गृह मंत्री अमित शाह के एलान के बाद लगातार नक्सलियों पर एक्शन जारी है. छत्तीसगढ़ में आए दिन नक्सलियों को या तो खत्म किया जा रहा है, या फिर वे खुद सरेंडर कर रहे हैं. अमित शाह ने नक्सलवाद को मार्च 2026 तक जड़ से खत्म करने की डेडलाइन फिक्स की है. जिसके बाद नक्सलवाद वाले राज्यों में जवानों द्वारा नक्सलियों पर नकेल कसने का काम जारी है. वहीं बालाघाट में एक बार फिर सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर आई है. बताया जा रहा है कि रूपझर थाना क्षेत्र के पचामा जंगल में सोमवार देर रात से ये यह मुठभेड़ जारी है. देर रात हुई फायरिंग एएसपी आदर्शकांत शुक्ला के अनुसार, देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच सर्चिंग टीम को पांच नक्सली दिखे। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी गोलीबारी की। इस मुठभेड़ में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है। मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की तलाश के लिए पुलिस ने जंगल में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को उतारकर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। 14 जून को चार नक्सलियों को मारा था उल्लेखनीय है कि कटेझिरिया का यह वही जंगल है जहां बीते 14 जून को सुरक्षाबलों ने 14-14 लाख रुपए के चार इनामी नक्सलियों – रीता उर्फ तुब्बी श्रीरांगु हिडामी (पति चंदू उर्फ देवचंद), रवि, तुलसी उर्फ विमला उर्फ ईमला और सुमन को मार गिराया था। एक ने किया था सरेंडर हाल ही में, 1 नवंबर को तीन राज्यों (छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश) की मोस्ट वांटेड, 14 लाख रुपए की इनामी नक्सली सुनीता आयाम ने बालाघाट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। बालाघाट में जवानों और नक्सलियों के बीच फायरिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्श कांत शुक्ला ने ईटीवी भारत को बताया कि "पचामा जंगल में देर रात से जवानों और नक्सलियों के बीच एक्सचेंज ऑफ फायर जारी है. जंगल में 800 से अधिक जवान तैनात हैं. जवानों ने सर्च ऑपरेशन को और भी तेज कर दिया है. हालांकि उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी भी नक्सली के हताहत होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है." महिला नक्सली के सरेंडर के बाद मुठभेड़ जानकारी के लिए बताते चलें कि दो दिन पहले यानि रविवार को ही छत्तीसगढ़ के बीजापुर की रहने वाली महिला नक्सली ने बालाघाट में आत्मसमर्पण किया है. उसके दूसरे ही दिन नक्सलियों ने गोलाबारी शुरू कर दी. जिसमें सुरक्षा बल के जवानों की तरफ से देर रात से लगातार जवाबी कार्रवाई जारी है. अपने महिला साथी के आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों की यह बौखलाहट दूसरे ही दिन सामने आई है. लगातार अपनी पकड़ बालाघाट में कमजोर होते देख नक्सलियों में अब निराशा और हताशा है. 12 साल बाद 2 नवंबर को नक्सली ने किया आत्मसमर्पण हालांकि रविवार को महिला नक्सली ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का फैसला लिया. मध्य प्रदेश नक्सली पुर्नवास सह रात नीति 2023 के तहत महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण किया था. जिस महिला नक्सली सुनीता ने आत्मसमर्पण किया है, वह नक्सली गार्ड के रूप में काम करती थी. उस पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था. बालाघाट में 12 साल बाद किसी नक्सली ने सरेंडर किया है. इससे पहले साल 2013 में एक नक्सली ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था. ज्ञात हो कि इसी पचामा के जंगल में सुरक्षा बल के जवानों ने इसी साल जून में 4 नक्सलियों को मार गिराया था. जिनमे तीन महिलाएं शामिल थीं. जिनके पास से विस्फोटक और हथियार भी बरामद किये गए थे.

रायपुर में सीएम साय ने युवाओं को दी ट्रैफिक नियमों की सीख, बाइक चलाकर दिया संदेश

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को दिया सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश रजत जयंती वर्ष के अवसर पर रायपुर में होगा एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप 2025 का भव्य आयोजन रायपुर रजत जयंती वर्ष के अवसर पर रायपुर में होगा एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप 2025 का भव्य आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राजधानी रायपुर का बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम आगामी 8 और 9 नवम्बर को रफ्तार, रोमांच और युवाओं के उत्साह का मंच बनेगा। रजत जयंती समारोह की श्रृंखला में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की नई ऊर्जा, नवाचार भावना और युवा सामर्थ्य का प्रतीक होगा। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैम्पियनशिप 2025 का यह भव्य आयोजन न केवल रोमांचक मोटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं को सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट पहनने और सड़क पर रेसिंग से बचने जैसे सामाजिक संदेश देने का भी माध्यम बनेगा। कार्यक्रम से पूर्व आज मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को “सेफ ड्राइविंग” का संदेश दिया। उन्होंने आगामी 8-9 नवंबर को आयोजित नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप के सफल आयोजन के लिए अपनी  शुभकामनाएं देते हुए कहा, "युवाओं में अपार ऊर्जा है, और उस ऊर्जा को सही दिशा देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।" मुख्यमंत्री  साय ने युवाओं को सेफ ड्राइविंग का संदेश देते हुए कहा कि जीवन अनमोल है इसीलिए दुपहिया चलाते समय हमेशा हेलमेट पहने और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ।सड़क पर रेसिंग बिल्कुल ना करें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रजत जयंती वर्ष छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ ही नई पीढ़ी में अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ का युवा केवल गति से नहीं, बल्कि संयम और संकल्प से पहचाना जाए। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष  उज्जवल दीपक ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने कहा,"हम चाहते हैं कि रफ्तार जुनून बने, जोखिम नहीं — यही इस चैम्पियनशिप की असली सोच है।” इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि रेसिंग सड़क पर नहीं, बल्कि विशेष रूप से निर्मित सुरक्षित रेसिंग ट्रैक पर होगी, जहाँ सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस दो दिवसीय सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप में देश के शीर्ष राइडर्स हिस्सा लेंगे। एमआरएफ के सहयोग से आयोजित यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ को देश के मोटर स्पोर्ट्स मानचित्र पर एक नई और सम्मानजनक पहचान दिलाने जा रही है।

वित्त मंत्री चौधरी ने रायगढ़ में किया जिला स्तरीय राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ

रायपुर : राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर है अग्रसर-वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी वित्त मंत्री  चौधरी ने रायगढ़ में किया जिला स्तरीय राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ शिक्षा, स्वास्थ्य सहित बुनियादी सुविधाओं में लगातार हो रहे विकास- वित्त मंत्री  चौधरी  वित्त मंत्री  चौधरी ने रायगढ़ में किया जिला स्तरीय राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ, रजत जयंती की दी बधाई स्कूली बच्चों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर रायगढ़ जिला मुख्यालय स्थित शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने सभी को रजत जयंती की हार्दिक बधाई दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त  मंत्री  चौधरी ने कहा कि यह हमारे प्रदेश के लिए गर्व और आत्मगौरव का क्षण है कि छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि इस राज्य की स्थापना का श्रेय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की दूरदृष्टि और संकल्प को जाता है, जिनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ एक समृद्ध और प्रगतिशील राज्य के रूप में उभर सका है। यह रजत जयंती वर्ष प्रदेश की विकास यात्रा का प्रतीक है। स्कूली बच्चों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति वित्त मंत्री  चौधरी ने प्रदेशवासियों से विजन 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, तब छत्तीसगढ़ भी उसी संकल्प के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।  चौधरी ने बताया कि विगत दिवस प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान सात घंटे प्रदेश में व्यतीत कर अनेक विकास कार्यों की सौगात दी, जो हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण से पहले छत्तीसगढ़ की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, हमारे लौह अयस्क और वन संपदा का लाभ हमें नहीं मिल पाता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। वित्त मंत्री  चौधरी ने बताया कि जब छत्तीसगढ़ का गठन हुआ तब प्रदेश में एकमात्र शासकीय मेडिकल कालेल था, आज यह संख्या बढ़कर 14 हो चुकी है और जल्द ही 20 से अधिक होने जा रही है। एमबीबीएस सीटें 100 से बढ़कर 2000 तक पहुंचने वाली हैं। स्कूली बच्चों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि आज प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, आईआईआईटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के अनेक संस्थान संचालित हैं, जो छत्तीसगढ़ की शैक्षणिक प्रगति के प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में रायगढ़ जिला लगातार विकास की ओर अग्रसर है। रायगढ़ में उद्योग के साथ-साथ शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है। नालंदा परिसर का निर्माण लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। संस्कृत महाविद्यालय, नर्सिंग कॉलेज, उद्यानिकी महाविद्यालय और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। वित्त मंत्री  चौधरी ने बताया कि रायगढ़ में ऑक्सीजोन पार्क, एथलेटिक ट्रैक, स्विमिंग पूल, क्रिकेट व फुटबॉल ग्राउंड सहित नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण एवं नगरीय विकास के कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष  दीपक सिदार, सभापति  डिग्रीलाल साहू, नगर पालिका अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधि, प्रशानिक अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।  स्कूली बच्चों ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति राज्योत्सव समारोह के प्रथम दिन आज शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में स्कूली बच्चों ने शानदार मनमोहक प्रस्तुति दी। जिसमें मती सोमादास एवं ग्रुप द्वारा गणेश वंदना, डॉ.दीपिका सरकार एवं ग्रुप द्वारा शिव स्त्रोत नृत्य, कुमारी मानवी अग्रवाल द्वारा कथक, कार्मेल कन्या स्कूल के विद्यार्थियों ने मराठी लोकनृत्य सहित अन्य स्कूली बच्चों ने कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।

रायपुर में छायाचित्र प्रदर्शनी ने खींचा जनसैलाब, कैबिनेट मंत्री और प्रतिनिधियों ने किया अवलोकन

रायपुर : छायाचित्र प्रदर्शनी ने लोगों को किया आकृष्ट,कैबिनेट मंत्री सहित जनप्रतिनिधियों ने किया अवलोकन व खिंचवाई सामूहिक फोटो रायपुर, छत्तीसगढ़ रजत जयंती राज्योत्सव का तीन दिवसीय जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन बलौदाबाजार 2 से 4 नवंबर 2025 तक पंडित चकरपाणी शुक्ल शासकीय हाई स्कूल मैदान में किया जा रहा हैं। इस अवसर पर जनसम्पर्क विभाग द्वारा 25 वर्षो की उपलब्धियों पर आधारित आकर्षक छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई हैं। राज्योत्सव में आने वाले लोग छायाचित्र प्रदर्शनी की ओर बरबस ही खींचे चले आते हैं और  शौक से फोटो भी खिचवाते हैं। राज्योत्सव क़े शुभारम्भ अवसर पर जिले क़े प्रभारी व स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं सामूहिक फोटो भी खिचवाई। छायाचित्र प्रदर्शनी में 25 वर्ष की प्रगति को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया हैं जिसमें किसानों क़ा सम्मान, ऊर्जा आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण, आवास और सामाजिक सुरक्षा,सुगम आवागन,शिक्षा, स्वास्थ्य,रोजगार, उद्योग, मोदी की गारंटी अंतर्गत 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति, कृषक उन्नति योजना, रिक्त शासकीय पदों पर भर्ती, शक्तिपीठ परियोजना,तेन्दु पत्ता पारिश्रमिक दर वृद्धि,  प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, नई रेल लाईन, ई -बस सेवा, आदि शामिल हैं। इसके साथ ही विभाग द्वारा प्रकाशित जानकारी से भरपूर पत्रिका, ब्रोशर, पम्पलेट का भी वितरण लोगों को किया जा रहा है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, डॉ सनम जांगड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की प्रगति पर डॉ. रमन सिंह का भरोसा, बोले – हम सबसे तेजी से विकास कर रहे हैं

रायपुर : छत्तीसगढ़ देश में सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज नवा रायपुर अटल नगर में चल रहे छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तीसरे दिन के मुख्य अतिथि के रूप कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य निर्माण से पहले छत्तीसगढ़ पलायन, कुपोषण और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था। अब 25 वर्ष में छत्तीसगढ़ ने तेजी से विकास किया है और छत्तीसगढ़, देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने इस अवसर पर पडवानी गायक पद्म उषा बारले, सूफी गायक  राकेश शर्मा, छत्तीसगढ़ गायक  कुलेश्वर ताम्रकर एवं पार्श्व गायक सु भूमि त्रिवेदी को सम्मानित किया। इस मौके पर राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा और विधायक धरसीवां  अनुज शर्मा भी शामिल रहे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता श्रद्धेय अटल जी का स्मरण करते हुए कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए छत्तीसगढ़ को पृथक से राज्य बनाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य बना है। आज छत्तीसगढ़ भारत के आधे राज्यों को चावल प्रदान करता है, देश में हर पांचवे सीमेंट की बोरी छत्तीसगढ़ की है, हर पांचवा छड़ छत्तीसगढ़ का है, छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है।   विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि अब बस्तर से सरगुजा तक सड़कों का जाल बिछ चुका है। राज्य में आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपलआईटी, हिदायतुल्लाह लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स, 15 मेडिकल कॉलेज, 84 नर्सिंग कॉलेज जैसी संस्थाएं खुल गयीं हैं। ये छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर है। उन्होंने कहा कि आने वाला कल छत्तीसगढ़ का है छत्तीसगढ़ के युवाओं के संकल्प में वो ताकत है कि 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बनेगा तब छत्तीसगढ़ देश के सबसे विकसित राज्यों में शीर्ष पर होगा।  राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि राज्य का निर्माण जिन उद्देश्यों को लेकर किया गया था आज उसे पूरा करते हुए तीव्र गति से विकास कर रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इसके विकास की गति दुगुनी हो गयी है। विधायक  अनुज शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी संस्कृति और संसाधनों में देश में विशिष्ट स्थान रखता है। उन्होंने रजत महोत्सव पर राज्य के निर्माताओं को नमन भी किया। इस अवसर पर साहित्य अकादमी संस्कृति परिषद के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, फिल्म विकास निगम अध्यक्ष सु मोना सेन,  तिमलेंदु शेखर  विक्रम सिसोदिया, संस्कृति विभाग के सचिव  रोहित यादव, संचालक संस्कृति विभाग  विवेक आचार्य सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।