samacharsecretary.com

गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए सिंचाई परियोजनाओं के कार्य में लाएँ गति: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने ली जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हों तथा निर्माण कार्यों की गति में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश देते हुए कहा कि जल संसाधन परियोजनाएँ प्रदेश के सर्वांगीण विकास की धुरी हैं। उन्होंने कहा कि जनता को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सिंचाई परियोजनाओं का निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री को पावर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से प्रदेश की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सुप्रीम कोर्ट की चिंता: आवारा कुत्तों के बढ़ते हमले से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि दांव पर

 नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के अस्पतालों, शैक्षणिक केंद्रों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन जैसे क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन समेत विभिन्न परिसरों में कुत्तों के हमले का जिक्र किया है। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि ये आवारा कुत्ते विदेशी नागरिक पर भी हमला कर रहे हैं, जिससे देश की छवि पर असर पड़ रहा है।  कोर्ट ने अपने आदेश में एनडीटीवी की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि अदालत के संज्ञान में यह भी लाया गया है कि भारत आने वाले विदेशी नागरिक भी अकारण आवारा कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं। बेंगलुरु में हुई ऐसी ही एक घटना में, सुबह की दौड़ के दौरान एक वेल्श उद्यमी को आवारा कुत्ते ने काट लिया। यह घटना इस बात पर जोर देती है कि यह समस्या न तो ग्रामीण या घनी आबादी वाले इलाकों तक सीमित है और न ही केवल असुरक्षित नागरिकों तक सीमित है, बल्कि इसने ऐसे रूप धारण कर लिए हैं जो जन सुरक्षा, पर्यटन और वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देश की छवि पर भी असर डाल रहे हैं। आदेश में कोर्ट ने कहा, 'इस न्यायालय को विभिन्न समाचार रिपोर्टों और मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड/डिपो (अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों सहित) और रेलवे स्टेशनों, यानी संस्थागत क्षेत्रों में कुत्तों के काटने की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि के बारे में अवगत कराया गया है। स्कूल परिसरों में बच्चों पर हमले, अस्पताल परिसरों में मरीजों और तीमारदारों को काटने, खेल स्टेडियमों में आवारा कुत्तों द्वारा एथलीटों और अधिकारियों पर हमला करने और बस स्टैंड/डिपो और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों/यात्रियों पर आवारा कुत्तों द्वारा हमला करने की घटनाएं इस न्यायालय के संज्ञान में आई हैं।' अदालत ने आगे कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति, विशेष रूप से शिक्षण, उपचार और मनोरंजन के लिए बने संस्थागत स्थानों में, न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि इन परिसरों को रोके जा सकने वाले खतरों से सुरक्षित रखने में प्रणालीगत विफलता को भी दिखाती है। यह स्थिति भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों, विशेषकर बच्चों, मरीजों और खिलाड़ियों के जीवन और सुरक्षा के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करती है। सर्वोच्च न्यायालय ने कुत्तों के काटने की घटनाओं में खतरनाक वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को आदेश दिया कि वे सभी शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, सार्वजनिक खेल परिसरों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों आदि से सभी आवारा कुत्तों को हटाना सुनिश्चित करें। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए इन सभी संस्थानों और स्थानों की उचित बाड़ लगाई जानी चाहिए।  

नया रायपुर में एनटीपीसी स्थापना दिवस-2025 उत्साहपूर्वक मनाया गया

रायपुर  एनटीपीसी स्थापना दिवस, 7 नवंबर, 2025 को एनटीपीसी नया रायपुर में मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि, श्री दिवाकर कौशिक, सीईओ (एनएसपीसीएल) और क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (डब्ल्यूआर-II) ने एनटीपीसी ध्वज फहराया, जिसके बाद सभी ने एनटीपीसी गीत गाया। सभा को संबोधित करते हुए, श्री कौशिक ने पिछले 50 वर्षों के दौरान एनटीपीसी के गौरवशाली इतिहास और देश के विकास में इसके योगदान पर प्रकाश डाला। “एनटीपीसी भारत की सबसे बड़ी बिजली कंपनी के रूप में उभरी है, जिसका विजन है ‘विश्व की अग्रणी बिजली कंपनी बनना, भारत के विकास को ऊर्जा प्रदान करना’। आज, 84.8 गीगावाट की स्थापित क्षमता और तापीय, जलविद्युत, सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों के विविध पोर्टफोलियो के साथ, एनटीपीसी देश को विश्वसनीय, सस्ती और टिकाऊ बिजली उपलब्ध कराने के लिए समर्पित है। कंपनी हरित भविष्य के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है,” श्री कौशिक ने कहा। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने पर केंद्रित एनटीपीसी की नई पहलों और उपलब्धियों पर भी बात की। अपने भाषण में, मुख्य अतिथि ने प्रचालन सेवाओं, वाणिज्यिक, एकीकृत साझा सेवा केंद्र (यूएसएससी), स्टेशन इंजीनियरिंग, कॉर्पोरेट संचालन सेवाओं, नई पहलों आदि के क्षेत्र में उपलब्धियों पर भी बात की। श्री कौशिक ने पश्चिमी क्षेत्र-II में एनटीपीसी विद्युत संयंत्रों (कोरबा, सीपत, लारा, गाडरवारा और खरगोन) के प्रदर्शन के साथ-साथ आगे के अवसरों और चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने एनटीपीसी नवा रायपुर के साथ-साथ क्षेत्र के पावर स्टेशनों द्वारा ग्रीन टाउनशिप, राख उपयोग, स्क्रैप निपटान, सुरक्षा, सीएसआर और अन्य पहलों के क्षेत्र में किए गए प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर, गणमान्य व्यक्तियों ने केक काटा और इस अवसर को चिह्नित करने के लिए गुब्बारे उड़ाए। बाद में, सभी एनटीपीसी सीएमडी के संबोधन के लाइव प्रसारण में शामिल हुए। इस अवसर पर श्री राम भजन मलिक, कार्यकारी निदेशक (राख प्रबंधन और एनआई); श्री नीरज जलोटा, कार्यकारी निदेशक (यूएसएससी); श्री बिद्या नंद झा, कार्यकारी निदेशक (प्रचालन सेवाएँ); अर्पिता महिला समिति के पदाधिकारी; एनटीपीसी के अधिकारी और उनके परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

पोलिंग पार्टियों के ठहरने की व्यवस्था बदली, रात में बूथ पर रुकने पर लगी रोक

घाटशिला घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में कुछ ही दिन बचे हैं। घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को मतदान हैं। वहीं, मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। 11 नवंबर की सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। जानकारी के मुताबिक 10 नवंबर को घाटशिला विस क्षेत्र के 300 बूथों में से 262 बूथों की पोलिंग पार्टियां अपने-अपने बूथों पर ही रुकेगी जबकि बाकी 38 बूथों की पोलिंग पार्टियां रात में इंटरमीडिएट स्ट्रांग रूम (आईएसआर) में रुकेंगी और तड़के मतदान वाले दिन बूथ पर पहुंचेगी क्योंकि ये सभी बूथ नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पड़ते हैं। इसलिए ये बूथ पर न रुक कर इंटरमीडिएट स्ट्रांग रूम में रुकेंगी। वहीं, निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान से पहले तड़के साढ़े पांच बजे से डेढ़ घंटे तक मॉक पोल कराया जायेगा। मतदान के बाद 300 में से 297 बूथों की पोलिंग पार्टियां उसी रात तक ईवीएम लेकर को-ऑपरेटिव कॉलेज में स्थित स्ट्रांग रूम पहुंच जायेंगी, जबकि शेष तीन बूथों की पोलिंग टीम 12 नवंबर की सुबह वहां पहुंचेगी। बता दें कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन, झामुमो के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के उम्मीदवार रामदास मुर्मू के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है। चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस निर्वाचन क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से लगभग पांच प्रतिशत अधिक है। 2,56,252 मतदाताओं में से 1,31,180 महिलाएं और 1,25,078 पुरुष मतदाता हैं।  

जेल से लौटे आजम खान की पहली राजनीतिक चाल! अखिलेश से मिलकर बोले– ‘मेरा मुकाबला जंगलराज से’

लखनऊ   समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान ने शुक्रवार को लखनऊ में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब 45 मिनट तक चली, जिसमें आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम भी मौजूद थे। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में आजम खान ने बिहार विधानसभा चुनाव और अपने निजी अनुभवों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह अब भी 'जिंदा और मजबूत' हैं, लेकिन 'जंगलराज' में नहीं जाना चाहते। 'मैं जंगलराज में नहीं जाना चाहता' – बिहार चुनाव पर आजम का बयान बिहार चुनाव में प्रचार को लेकर पूछे गए सवाल पर आजम खान ने कहा कि जाना चाहता हूं, पर असुरक्षित नहीं जाना चाहता। जंगलराज में नहीं जाना चाहता। उन्होंने आगे कहा कि बिहार में बादशाह से लेकर वजीर तक कह रहे हैं कि वहां जंगलराज है। जंगल में इंसान नहीं रहते। अगर मैं वहां अकेला चला गया तो शायद लौट न सकूं। मैं जबरदस्ती रेल की पटरी पर सिर नहीं रखूंगा। आजम खान ने यह भी कहा कि लोगों का कहना है बिहार में बदलाव आने वाला है — 'लोग कहते हैं तो ठीक ही कहते होंगे।' 'हमारे समाज का हाल वही है, मेरा वादा अब भी कायम है' आजम खान ने अपने जीवन के हालात बताते हुए कहा कि मेरे घर में कल भी जनरेटर नहीं था, आज भी नहीं है। और जब तक मेरे समाज के हर व्यक्ति के घर में जनरेटर नहीं होगा, मैं अपने घर में नहीं रखूंगा। उन्होंने कहा कि 50 साल की राजनीति के बाद भी वह अपनी सादगी नहीं छोड़ेंगे। मैं बस यह बताने आया था कि आज भी इस धरती पर कुछ लोग जिंदा हैं, जिनकी सहनशक्ति किसी पत्थर या पहाड़ से कम नहीं। 'अगर मैं लिखने बैठ गया तो कोई पढ़ नहीं पाएगा' – जेल के अनुभव पर आजम जेल में बीते समय पर सवाल पूछे जाने पर आजम खान ने कहा कि अगर मुझे वक्त मिला कि मैं कुछ लिख सकूं, तो दावे से कहता हूं — आप पढ़ नहीं पाएंगे। अखिलेश यादव से दूरी के सवाल पर उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब दिल ही कहां रह गया है… कई लोग मुझसे मिलने के बाद रोए हैं। अब हम बिना दिल के काम कर रहे हैं।   'तनखइया' से लेकर 'मुर्गी चोरी' तक का तंज आजम खान ने अपने ऊपर दर्ज मामलों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर तनखइया कहने पर मेरी सदस्यता जा सकती है, अगर मुर्गी चोरी के आरोप में 21 साल की सजा और 30 लाख का जुर्माना हो सकता है, तो दूसरे लोग क्यों माहौल खराब कर रहे हैं?  

फसलों को अब नहीं पड़ेगी प्यास: हरियाणा में शुरू होने जा रहा है खास सिंचाई प्रोग्राम

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार करीब 5,700 करोड़ रुपये की लागत से  ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा’ नामक एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इस प्रोजेक्‍ट में करीब 4,000 करोड़ रुपये यानी 500 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद वर्ल्‍ड बैंक से मिलेगी. वर्ल्‍ड बैंक प्रोग्राम फॉर रिजल्ट्स (पीएफओआर) फ्रेमवर्क के तहत इस प्रोजेक्‍ट को आर्थिक मदद मुहैया कराएगा। यह एक छह साल तक चलने वाला कार्यक्रम है जिसकी शुरुआत साल 2026 में शुरू होने की उम्मीद है, जो वर्ष 2032 तक चलेगा. राज्‍य सरकार का कहना है कि यह इंटीग्रेटेड डेटा बेस्‍ड और परफॉर्मेंस ओरियंटेड प्रोग्राम प्रदेश के सिंचाई और वॉटर मैनेजमेंट सिस्‍टम को बदलने में कारगर होगा।   गुरुवार को राज्‍य के अनुराग रस्तोगी ने वर्ल्‍ड बैंक के अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की. इस मीटिंग में इस कार्यक्रम को हरियाणा की वॉटर मैनेजमेंट पॉलिसी में एक 'परिवर्तनकारी कदम' बताया।उन्होंने कहा कि इस पहल से साल 2032 तक राज्य को देश का पहला पूरी तरह से जल सुरक्षित प्रदेश बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में निर्णायक मदद मिलेगी। मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्‍ट में सहभागी सिंचाई प्रबंधन (पार्टिसिपेटरी इरिगेशन मैनेजमेंट) का एक खास हिस्‍सा शामिल किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने वर्ल्‍ड बैंक टीम से अनुरोध किया कि वह इस सिलसिले में अपने सुझाव  साझा करें।     वर्ल्‍ड बैंक के एक सीनियर ऑफिशियल ने इस पहल को सिर्फ एक सिंचाई परियोजना ही नहीं बल्कि हरियाणा को देश का पहला जल सुरक्षित राज्य बनाने वाला बड़ा कदम बताया है। यह कार्यक्रम 18 जिलों में फैले 14 रणनीतिक सिंचाई क्लस्टरों में सीधे तौर पर लागू किया जाएगा, जो कुल 3,63,546 हेक्टेयर कृषि योग्य कमांड एरिया (सी सी ए) को कवर करेगा।इसी तर्ज पर बाकी जिलों को नाबार्ड, राज्य बजट या बाकी एजेंसियों के जरिये से शामिल किया जाएगा. हालांकि फिजिकल इंटरफियरेंस खास क्लस्टर्स पर ही केंद्रित रहेंगे, लेकिन योजना और संस्थागत सुधार  के लाभ सभी 22 जिलों तक पहुंचेंगे।   ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा’ कार्यक्रम को एक समग्र, बहु विभागीय पहल के रूप में तैयार किया गया है. सरकार का कहना है कि यह एक मॉर्डन इनफ्रास्‍ट्रक्चर, सस्‍टेनेबल कृषि पद्धतियों और समुदाय की भागीदारी को जोड़ता है। इसके तहत 14 रणनीतिक सिंचाई क्लस्टर्स से करीब 1,798 किलोमीटर नहरों का आधुनिकीकरण किया जाएगा. इसमें रियल टाइम डेटा एक्विजिशन सिस्टम (आरटीडीएएस) और सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (एससीएडीए) जैसी आधुनिक ऑटोमेटेड सिस्‍टम शामिल होंगे।दक्षिण हरियाणा के विभिन्न जिलों में लगभग 80 जल संरचनाओं को पुनर्जीवित किया जाएगा ताकि भूजल पुनर्भरण को सुदृढ़ किया जा सके। जींद, कैथल और गुरुग्राम के प्रमुख सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जल को फिर से प्रयोग करके करीब 11,500 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई की जाएगी।क्लस्टर बेस्‍ड माइक्रोइरीगेशन सिस्‍टम और जलमार्ग पुनर्वास कार्य वाटर यूजर एसोसिएशनों (डब्ल्यूयूए) की सक्रिय भागीदारी से किए जाएंगे।सिंचाई विभाग और मिकाडा संयुक्त रूप से किसानों के साथ परामर्श बैठकें आयोजित करेंगे ताकि सामूहिक और स्थायी परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।

शिक्षकों को अब रोज़ देनी होगी ऑनलाइन उपस्थिति, MP शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश

भोपाल मध्य प्रदेश के तीन लाख से अधिक शिक्षकों व अतिथि शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी पर सख्ती शुरू हो गई है। जबलपुर हाई कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने फिर से सभी जिलों में आदेश कर ऑनलाइन हाजिरी को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों को आदेशित किया गया है कि अगर इस महीने हमारे शिक्षक ऐप से उपस्थिति नहीं लगाई गई तो वेतन में कटौती होगी। प्रदेश के तीन लाख शिक्षकों पर ई-अटेंडेंस की सख्ती शुरू हो गई है। अब नवंबर पेड दिसंबर माह में वेतन शिक्षकों को ई-अटेंडेंस के आधार पर ही मिलेगा। जिन शिक्षकों की ई-अटेंडेंस नहीं लगेगी, उनका वेतन काटा जाएगा। प्रदेश के शिक्षकों की ई-अटेंडेंस प्रणाली को जुलाई से हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से लागू किया है। शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर शिक्षक संगठनों ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई है। इसी को लेकर गेस्ट टीचर को-र्डिनेशन कमेटी ने भी हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। सिंह ने 20 जून 2025 को राज्य सरकार द्वारा जारी उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत एक जुलाई 2025 से पूरे प्रदेश में शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई थी।   याचिकाकर्ता की ओर हाईकोर्ट में लगी गेस्ट टीचर को-आर्डिनेशन कमेटी ने पीआईएल वापस लेते हुए यह दलील दी गई थी कि ग्रामीण और अंचल क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी में गंभीर कठिनाइयां आ रही हैं। इसके अतिरिक्त कई शिक्षक स्मार्टफोन खरीदने में असमर्थ हैं, जिससे उनके लिए ई-अटेंडेंस दर्ज करना व्यावहारिक रूप से कठिन हो जाता है। विभाग ने आदेशित किया कि ऑनलाइन उपस्थिति नहीं तो वेतन कटौती की जाएगी। बता दें कि प्रदेश के 53 प्रतिशत शिक्षक ही ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे हैं। वहीं 51 प्रतिशत प्राचार्य ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे हैं। वहीं 90 प्रतिशत से अधिक अतिथि शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस कारण विभाग ने सख्ती दिखाई है। भोपाल जिले में ई-अटेंडेंस को लेकर जारी हुए आदेश भोपाल जिले के स्कूलों के ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता की सख्ती पर जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने आदेश जारी किए है। जारी आदेश में प्राचायों से कहा गया है कि आपके अपने अधीनस्थ सभी शिक्षकों को ई-अटेंडेंस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराया जाना सुनिश्चित करें। साथ में प्रतिदिन ई-अटेंडेंस की प्रगति की समीक्षा करें। आगामी माह का वेतन ई-अटेंडेंस के आधार पर ही आहरित किया जाए। शिक्षकों की उपस्थिति के लिए संकुल प्राचार्य एवं संबंधित शिक्षक उत्तरदायी होंगे।

प्रशासन में हड़कंप! पंजाब में ADC सस्पेंड, मामला पहुंचा सरकार तक

मोगा जिले की डिप्टी कमिश्नर पर सख्त एक्शन लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब सरकार ने मोगा की एडीसी और नगर कमिश्नर  चारुमिता पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जमीन से जुड़े गबन के आरोपों के बाद पंजाब सरकार ने कार्रवाई करते हुए डीसी चारुमिता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।  सरकारी आदेशों के अनुसार  उप मंडल मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज.), मोगा और नगर निगम कमिश्नर मोगा को पंजाब सिविल सेवाएं (सजा एवं अपील) नियम 1970 के नियम 4(1) (a) के तहत सरकारी सेवा से सस्पेंड किया गया है। जानकारी के मुताबहिक, सस्पेंड अवधि में अधिकारी को पंजाब सिविल सेवा नियम, भाग I, धारा 1 के नियम 7.2 के प्रावधानों के अनुसार भत्ते प्राप्त होंगे। निलंबन की अवधि के दौरान, अधिकारी का मुख्यालय चंडीगढ़ रहेगा और वह सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। 

कट्टा राज की चेतावनी! तेजस्वी यादव पर पीएम मोदी का बड़ा तंज

औरंगाबाद  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव पर तंज कसा है। उन्होंने आरजेडी और महागठबंधन की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये अभी से बच्चों को रंगदार बनाने की बात कर रहे हैं। पीएम ने आरोप लगाया- ये खुलेआम घोषणा कर रहे हैं कि भैया की सरकार आएगी तो कट्टा, दोनाली, फिरौती, रंगदारी, यही सब चलेगा। औरंगाबाद में शुक्रवार को एनडीए की चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने ये बातें कहीं।   पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लोगों को विपक्ष से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “बिहार को कट्टा सरकार नहीं चाहिए। बिहार को कुशासन सरकार नहीं चाहिए। बिहार को भाजपा-एनडीए पर भरोसा है। क्योंकि एनडीए ने बिहार को जंगलराज से बाहर निकाला। बिहार को विश्वास है कि एनडीए ही बिहार को विकसित बनाकर रहेगा। इसलिए बिहार एनडीए के ईमानदार संकल्प पत्र पर भरोसा करता है।” प्रधानमंत्री मोदी ने महागठबंधन में फूट का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तक को अपमानित किया। उन्होंने आरोप लगाए कि आरजेडी ने कांग्रेस को वही सीटें दीं, जहां से वो 35-40 साल से नहीं जीत पाई। साथ ही अपने पुराने बयान को दोहराते हुए पीएम ने कहा कि कांग्रेस की कनपट्टी पर कट्टा रखकर आरजेडी ने मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी भी चोरी कर ली। आज भी अनेकों सीटों पर राजद-कांग्रेस आमने सामने है। जो अपने साथियों को धोखा दे सकते हैं, वो किसी के सगे नहीं हो सकते हैं। मोदी ने आरोप लगाया कि राजद और कांग्रेस सिर्फ अपमान और गाली-गलौज की राजनीति करते हैं। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस के 'शाही परिवार के नामदार' ने छठी मैया की पूजा को ड्रामा कहा। ये लोग महाकुंभ को भी फालतू कहते हैं। इन्हें हमारे हर पर्व त्योहार से चिढ़ है। हमारी आस्था को अपमानित करते रहते हैं। पीएम ने कहा कि छठ महापर्व पर माताएं-बहनें पानी तक नहीं पीती हैं। इसे ड्रामा कहना छठी मैया का अपमान है। जिन लोगों ने इस महातपस्या का अपमान किया है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने लोगों से कहा कि वोट से इन्हें सजा देनी है। मोदी ने दावा किया कि एनडीए की अब तक की सबसे बड़ी विजय इस चुनाव में होगी। उन्होंने 14 नवंबर को विजय उत्सव की तैयारी करने की भी बात कही।  

SC का बड़ा आदेश: ED, CBI और पुलिस को गिरफ्तारी से पहले बताना होगा कारण

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक आदेश जारी करते हुए कहा कि अब किसी भी नागरिक की गिरफ्तारी से पहले पुलिस, ED, CBI या कोई भी जांच एजेंसी आरोपी को लिखित रूप से गिरफ्तारी का कारण बताएगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी मनमाने ढंग से नहीं हो सकती, बल्कि उसके पीछे ठोस, स्पष्ट और कानूनी आधार होना जरूरी है। अदालत ने कहा कि गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति को यह जानने का संवैधानिक अधिकार है कि उसे किस मामले में और किस धारा के तहत गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही एजेंसी को गिरफ्तारी के समय लिखित नोटिस/गिरफ्तारी मेमो देना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पुलिस, ईडी, सीबीआई सहित सभी जांच एजेंसियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने से पहले या गिरफ्तार करने के तुरंत बाद, उसे उसकी समझ में आने वाली भाषा में लिखित रूप से गिरफ्तारी का कारण बताना अनिवार्य होगा। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि यदि गिरफ्तारी की वजह आरोपी को उसकी भाषा में लिखित रूप से नहीं बताई गई, तो ऐसी गिरफ्तारी और उसके बाद की रिमांड दोनों को अवैध माना जाएगा। बता दें कि यह फैसला जुलाई 2024 में मुंबई में हुए बहुचर्चित बीएमडब्ल्यू हिट-एंड-रन केस से जुड़े ‘मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र सरकार’ मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने इस मामले में सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि गिरफ्तार व्यक्ति को उसकी गिरफ्तारी से पहले या तुरंत बाद उसकी समझ में आने वाली भाषा में लिखित रूप से गिरफ्तारी का कारण बताना आवश्यक है। इस फैसले में न्यायमूर्ति मसीह ने 52 पन्नों का विस्तृत निर्णय लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी देना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता की मौलिक सुरक्षा है।अदालत ने यह भी कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति को कारणों की जानकारी ‘यथाशीघ्र’ दी जानी चाहिए, ताकि आरोपी को अपने अधिकारों और कानूनी स्थिति का स्पष्ट ज्ञान हो सके। अदालत ने अपने फैसले में निम्न प्रमुख बिंदु निर्धारित किए हैं गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी के आधार बताना संविधान का आदेश है, और यह किसी भी परिस्थिति में टाला नहीं जा सकता। गिरफ्तारी का कारण लिखित रूप में दिया जाना अनिवार्य होगा, और वह भाषा वही होनी चाहिए जिसे आरोपी समझ सके। यदि गिरफ्तारी के समय अधिकारी तत्काल लिखित कारण देने में असमर्थ हो, तो पहले मौखिक रूप से कारण बताए जाएं, और बाद में लिखित नोटिस, रिमांड के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किए जाने से कम से कम दो घंटे पहले, आरोपी को सौंपा जाना चाहिए। यदि गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में नहीं बताए गए, तो गिरफ्तारी और उसके बाद की रिमांड दोनों को अवैध माना जाएगा, और आरोपी को रिहा होने का अधिकार होगा। देशभर में लागू होगा आदेश सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस आदेश की प्रति देश के सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, तथा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजी जाएगी। इससे सुनिश्चित होगा कि यह फैसला पूरे भारत में तुरंत प्रभाव से लागू हो।