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पार्कों की बदहाली पर मेयर सुमन सख्त, मौके पर ही सुपरवाइज़र को दी कड़ी चेतावनी

यमुनानगर  यमुनानगर नगर निगम द्वारा सभी 22 वार्डों में करोड़ों की लागत से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। इन विकास कार्यों की गुणवत्ता को देखने के लिए यमुनानगर की मेयर समय-समय पर निरीक्षण कर रही है। यमुनानगर की मेयर ने नगर निगम हॉर्टिकल्चर के अधिकारियों के साथ सेक्टर 18 में बने तीन पार्कों का निरीक्षण किया और वहां के रखरखाव और RWA संस्थाओं द्वारा मेनटेन किए जा रहे पार्कों की व्यवस्थाओं को देखा।  वहीं तिकोनी पार्क में चल रहे ट्रैक के कार्य में खामियां देखते ही मेयर ने मौके पर मौजूद एजेंसी के सुपरवाइजर की लगा दी क्लास। मेयर ने  कहा कि जनता के पैसों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो नियम अनुसार जुर्माना भी किया जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह दोबारा भी उसका निरीक्षण करेंगी।  इस दौरान मेयर सुमन बहमनी ने नगर निगम के अधिकारियों को भी गुणवत्ता बनाए रखने और समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेक्टर-18 एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और तत्काल समाधान के निर्देश दिए।  

राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत करने की पहल: सीएम ने फायर सेफ्टी के लिए 30 नए अधिकारी पद स्वीकृत किए

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के बड़े अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित 30 नए अग्नि सुरक्षा अधिकारी पदों को वित्त विभाग से स्वीकृति मिल गई है। इस फैसले के बाद अब प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों में स्थायी फायर सेफ्टी अधिकारी तैनात रहेंगे, जिससे मरीजों और आमजन को अधिक सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने इस निर्णय को सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर उन्नयन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल में हाल ही में हुई आग की घटना के बाद सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी के तहत अस्पतालों में स्थायी अग्नि सुरक्षा ढाँचा स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में हर वर्ष लगभग 4 करोड़ मरीज ओपीडी सेवाएँ प्राप्त करते हैं। इन अस्पतालों में करीब 42,000 इनडोर बेड, प्रतिदिन 12,500 मेडिकल गैस सिलेंडर का उपयोग और 60,000 से अधिक चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में फायर सेफ्टी विशेषज्ञों की नियुक्ति अत्यावश्यक है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सरकार के इस फैसले के तहत 6 पद पे लेवल-11 और 24 पद पे लेवल-8 पर स्वीकृत किए गए हैं। ये अधिकारी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा की देखरेख, नियमित फायर ऑडिट, मासिक मॉक ड्रिल, आईसीयू और ऑक्सीजन सिस्टम की निगरानी, फायर अलार्म व स्प्रिंकलर सिस्टम के रखरखाव और आपात स्थिति में राहत कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी निभाएंगे। शासन सचिव ने यह भी बताया कि भर्ती प्रक्रिया 15 दिसंबर 2025 तक प्रारंभ की जाएगी। चयनित अधिकारियों को एनआईएफएसए (NIFSA) और एडीआरएफ (ADRF) जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं से विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल कर्मियों और मेडिकल छात्रों के लिए अग्नि सुरक्षा जागरूकता मॉड्यूल भी तैयार किया जाएगा, ताकि फायर सेफ्टी संस्कृति को संस्थागत रूप दिया जा सके। अतिरिक्त निदेशक नरेश गोयल ने इस कदम को राज्य में आपदा प्रबंधन की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि इससे अस्पतालों में एक एकीकृत फायर सेफ्टी मॉडल विकसित होगा, जो न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि राजस्थान को ‘सुरक्षित अस्पताल एवं सुरक्षित जीवन’ की दिशा में देश का अग्रणी राज्य बनाएगा।

ढाका में कूटनीतिक हलचल: शेख हसीना के इंटरव्यू पर बांग्लादेश का विरोध

ढाका  बांग्लादेश ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हालिया इंटरव्यू को लेकर तल्ख प्रतिक्रिया दी है। भारतीय मीडिया के साथ पूर्व पीएम हसीना का एक इंटरव्यू सामने आया है। इसे लेकर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने नाराजगी जाहिर की। इसके साथ ही बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने ढाका में भारतीय उप उच्चायुक्त पवन बधे को तलब किया। बांग्लादेशी मीडिया ने यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि विदेश मंत्रालय ने ढाका में भारतीय उप उच्चायुक्त पवन बधे को तलब कर औपचारिक रूप से नाराजगी जाहिर की। बांग्लादेशी मीडिया ने राजनयिक सूत्र के हवाले से बताया कि भारतीय राजनयिक से नई दिल्ली को बांग्लादेश के उस अनुरोध से अवगत कराने को कहा गया था, जिसमें हसीना की मीडिया तक पहुंच रोकने की बात कही गई थी। बांग्लादेशी मीडिया ने बताया कि हाल ही में एएफपी, रॉयटर्स और द इंडिपेंडेंट (यूके) ने पूर्व पीएम शेख हसीना का इंटरव्यू लिया था। बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हुआ। इस दौरान बांग्लादेश में भारी हिंसा देखने को मिली। पूर्व पीएम शेख हसीना को 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश छोड़कर भागना पड़ा। उस समय से पूर्व पीएम भारत में ही रह रही हैं। वहीं, बांग्लादेश में शेख हसीना के ऊपर अपराध और नरसंहार समेत अन्य कई आरोपों में मामला दर्ज है। हसीना ने बीते कुछ समय में अंतर्राष्ट्रीय मीडिया को भी इंटरव्यू दिए हैं। अपने इंटरव्यू के दौरान शेख हसीना ने बांग्लादेश की अंतरिम यूनुस सरकार को जमकर घेरा। बांग्लादेश की सरकार का कहना है कि शेख हसीना के हालिया इंटरव्यू से देश में बवाल मच सकता है। शेख हसीना और दो अन्य के खिलाफ पिछले साल जुलाई-अगस्त में हुए विद्रोह के दौरान मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के मामले में इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल ने सजा सुनाने की तारीख पर फैसला सुनाया है। आईसीटी-1 ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ सजा सुनाने की तारीख 17 नवंबर तय की है। जस्टिस मोहम्मद गुलाम मुर्तुजा मजूमदार, जस्टिस मोहम्मद शफीउल आलम महमूद, और जस्टिस मोहम्मद मोहितुल हक इनाम चौधरी की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय बेंच ने यह तारीख तय की।

सिनर ने एटीपी फ़ाइनल्स के सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की की

तूरिन (इटली) गत चैंपियन यानिक सिनर ने घरेलू दर्शकों के अपार समर्थन के बीच अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-4, 6-3 से हराकर एटीपी फाइनल्स टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। सिनर ने इनडोर हार्ड कोर्ट पर अपनी जीत का सिलसिला 28 मैचों तक बढ़ा दिया है। यह सिलसिला दो साल पहले इस प्रतियोगिता के फाइनल में नोवाक जोकोविच से मिली हार के बाद शुरू हुआ था। यह सिनर की ज्वेरेव पर लगातार पांचवीं जीत है, जिसमें इस वर्ष का ऑस्ट्रेलियाई ओपन का फाइनल भी शामिल है। ⁠ सिनर दो जीत के साथ ब्योर्न बोर्ग ग्रुप में शीर्ष पर पहुंच गए हैं, जबकि ज्वेरेव और फेलिक्स ऑगर अलियासिमे ने एक-एक जीत हासिल की है। बेन शेल्टन अभी तक एक भी मैच नहीं जीत पाए हैं। एक अन्य मुकाबले में आठवीं वरीयता प्राप्त ऑगर अलियासिमे ने शेल्टन को 4-6, 7-6 (7), 7-5 से हराकर प्रतियोगिता में अपनी पहली जीत दर्ज की।  

उपचुनाव रिजल्ट 2025: 7 राज्यों की 8 सीटों पर कल खुलेगा मतगणना का पिटारा

नई दिल्ली देश के सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आठ विधानसभा सीटों पर मंगलवार (11 नवंबर) को उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था। अब 14 नवंबर (शुक्रवार) को इन चुनावों के नतीजे घोषित किए जाएंगे। जिन सीटों पर मतदान हुआ उनमें जम्मू-कश्मीर की बडगाम और नगरोटा, झारखंड की घाटशिला, पंजाब की तरनतारन, राजस्थान की अंता, तेलंगाना की जुबली हिल्स, मिजोरम की डम्पा और ओडिशा की नुआपाड़ा विधानसभा सीट शामिल हैं। झारखंड की इस सीट पर आएंगे उपचुनाव के नतीजे झारखंड की घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को उपचुनाव हुआ था। इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प है, क्योंकि यहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार सोमेश सोरेन, जो पूर्व विधायक रामदास सोरेन के बेटे हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन के बीच सीधी टक्कर है। इस उपचुनाव में कुल 13 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर की बडगाम और गांदेरबल विधानसभा सीट उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में बडगाम और गांदेरबल दो सीटों से जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने बडगाम सीट से इस्तीफा दे दिया, जिस वजह से इस सीट पर अब उपचुनाव कराया गया है। वहीं, नगरोटा सीट बीजेपी विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के कारण खाली हुई थी। राजस्थान की अंता सीट राजस्थान की अंता सीट पर उपचुनाव इसलिए हुए हैं क्योंकि बीजेपी नेता कंवर लाल मीणा को 2005 के एक पुराने मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया था। हैदराबाद की जुबली हिल्स विधानसभा सीट हैदराबाद की जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर कांग्रेस, बीआरएस और बीजेपी के बीच महामुकाबला है। कल यानी 13 नवंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच नतीजे आने की उम्मीद है। कहां देखें उपचुनाव के नतीजे? उपचुनाव के नतीजे और अपडेट आप चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, एबीपी न्यूज की वेबसाइट या फिर एबीपी न्यूज के यूट्यूब चैनल पर लाइव देख सकते हैं.     ECI की वेबसाइट: (https://www.eci.gov.in/)     एबीपी न्यूज की वेबसाइट: (https://lalluram.com/)  

कार ब्लास्ट की गुत्थी सुलझी? डॉक्टर मोहम्मद आरिफ यूपी ATS की गिरफ्त में

नई दिल्ली/कानपुर  दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में एक और संदिग्ध, डॉक्टर मोहम्मद आरिफ, को हिरासत में लिया गया है। मोहम्मद आरिफ कार्डियोलॉजी से पढ़ाई कर रहा था। उत्तर प्रदेश एटीएस ने उसे कानपुर से पकड़ा है। सामने आया है कि डॉक्टर परवेज से कड़ी पूछताछ के बाद एटीएस ने कानपुर में दबिश दी और मोहम्मद आरिफ को हिरासत में ले लिया। वहीं, देर रात एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम डॉक्टर परवेज को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई। उत्तर प्रदेश एटीएस ने मंगलवार शाम को डॉक्टर परवेज को हिरासत में लिया था। वह संदिग्ध आतंकवादी डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी का भाई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान डॉक्टर परवेज से तीन कीपैड फोन मिले। जांच एजेंसियों को डॉक्टर परवेज के पास से कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और धारदार हथियार भी बरामद हुए, जिससे आतंकी मॉड्यूल में उसकी अहम भूमिका की आशंका जताई गई है। फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड के समय डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी हुई थी। जांच एजेंसियों ने 10 नवंबर को बड़ी कार्रवाई के दौरान लगभग 2900 किलो विस्फोटक बरामद किया था। इसी आतंकी मॉड्यूल के तार दिल्ली कार ब्लास्ट से जुड़े हैं। यह शक्तिशाली विस्फोट सोमवार शाम लगभग 6:52 बजे हुआ। यह विस्फोट भारत के सबसे प्रतिष्ठित स्मारकों में से एक लाल किले के पास हुआ। फिलहाल, आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हाथों में है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को यह जांच सौंपी थी। शुरुआती जांच से पता चला है कि कार में उच्च-स्तरीय इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) लगे थे। जांच टीमें अब विस्फोटकों के स्रोत का पता लगा रही हैं और विस्फोट से पहले के दिनों में उमर उन नबी की गतिविधियों का पता लगाने की भी कोशिशें जारी हैं। आतंकी उमर उन नबी दिल्ली कार ब्लास्ट में मारा जा चुका है। डीएनए परीक्षण से पुष्टि हुई है कि लाल किले के पास विस्फोट करने वाला व्यक्ति उमर उन नबी ही था।

लाखों पेंशनधारकों के लिए खुशखबरी: पंजाब सरकार की नई स्कीम से बढ़ेगा फायदा

मोहाली पंजाब सरकार के आदेशों के अनुसार जिला कोष कार्यालय मोहाली में 13 नवंबर यानी आज से 15 नवंबर तक “पेंशनर सेवा मेला” लगाया जा रहा है। आज से पेंशन धारकों को बड़ी सुविधाएं मिलने जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य जिले के सभी पेंशनरों को आवश्यक ई-केवाईसी प्रक्रिया से संबंधित सुविधा प्रदान करना है ताकि वे नए शुरू किए गए “पेंशनर सेवा पोर्टल” पर अपनी रजिस्ट्रेशन करवा सकें। इस संबंध में मोहाली की जिला कोष अधिकारी रेनुका कटियाल ने बताया कि सरकार ने 3 नवंबर को सभी पेंशन संबंधी सेवाओं के लिए एक वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया था। पेंशनरों के लिए पोर्टल पर अपनी रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य है। उन्होंने जिले के सभी पेंशनरों से अपील की कि वे अपनी रजिस्ट्रेशन करवाने और सरल डिजिटल पेंशन सेवाओं का अनुभव करने के लिए मेले के दौरान जिला प्रशासनिक परिसर, सेक्टर-76 मोहाली की पहली मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 257 में पहुंचें। इस पोर्टल के माध्यम से शुरुआत में पेंशनरों को 6 मुख्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इनमें “जीवन प्रमाण” मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करवाना, पेंशन को पारिवारिक पेंशन में बदलने के लिए आवेदन देना, लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) के लिए आवेदन देना, पेंशन से संबंधित शिकायतें दर्ज करवाना और पेंशनरों के व्यक्तिगत विवरण को अपडेट या बदलना शामिल है। पेंशनर इस पोर्टल पर उपलब्ध आधार प्रमाणीकरण सुविधा के माध्यम से ई-केवाईसी पूरी कर “पेंशनर सेवा पोर्टल” पर रजिस्टर हो सकते हैं। एक बार रजिस्टर होने के बाद वे अपने मोबाइल फोन, कंप्यूटर या लैपटॉप का उपयोग करके पोर्टल पर अपनी लॉगिन आईडी से घर बैठे ही इन सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। सरकार की ओर से पेंशनरों की शिकायतों के समाधान के लिए निदेशालय स्तर पर तीन समर्पित हेल्पलाइन नंबर — 18001802148, 01722996385 और 01722996386 जारी किए गए हैं, जो सभी कार्यदिवसों में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सक्रिय रहेंगे। 

ईडन गार्डन्स में बढ़ेगी मुश्किलें! इस तिकड़ी से सतर्क रहना होगा टीम इंडिया को

नई दिल्ली  साउथ अफ्रीका के बेहतरीन स्पिन अटैक के सामने टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाजों के कौशल की असली टेस्ट होगा, जब दोनों टीमें दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में शुक्रवार से कोलकाता के ईडन गार्डेंस में आमने-सामने होंगी। भारत को पिछले साल न्यूजीलैंड ने भारत में ही 3-0 से हराया था और कीवी स्पिनरों ऐजाज पटेल, मिचेल सेंटनेर और ग्लेन फिलिप्स ने मिलकर तीन टेस्ट में 36 विकेट चटकाये थे। साउथ अफ्रीका का गेंदबाजी आक्रमण इस समय स्पिनरों पर निर्भर है और ऐसे में मेजबान टीम को धीमे गेंदबाजों के खिलाफ अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। मौजूदा विश्व टेस्ट चैम्पियन साउथ अफ्रीका आम तौर पर अच्छे तेज गेंदबाजों के लिए जानी जाती रही है, लेकिन इस समय उसके पास धुरंधर स्पिनर हैं। पाकिस्तान के खिलाफ हाल ही में उसने सीरीज 1-1 से ड्रॉ खेली। इसमें केशव महाराज, साइमन हार्मर और सेनुरान मुथुस्वामी ने 39 में से 35 विकेट लिए। ऐसे में भारत के लिए स्पिनर इस बार चुनौती पेश करेंगे। भारत के सहायक कोच रियान टेन डोइशे ने साउथ अफ्रीका के गेंदबाजी आक्रमण को ‘उपमहाद्वीप की शैली‘ वाला बताया। उन्होंने कहा ,‘‘ उनके पास चार स्पिनर हैं जिनमे से वे तीन को उतार सकते हैं। ऐसा लग रहा है कि हम उपमहाद्वीप की किसी टीम के खिलाफ खेलने वाले हैं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ हमने इस पर बात की है। हमने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज से सबक लिया है।’’ छत्तीस वर्ष के हार्मर 1000 प्रथम श्रेणी विकेट ले चुके हैं और भारत के हालात से अनभिज्ञ नहीं हैं। दस साल पहले हाशिम अमला की कप्तानी में उन्होंने मोहाली और नागपुर में दो टेस्ट खेलकर चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा और रिधिमान साहा के विकेट लिए थे। एक दशक बाद भी वह उतने ही चतुर गेंदबाज हैं। उन्होंने रावलपिंडी में पिछले महीने टेस्ट में आठ विकेट चटकाकर साउथ अफ्रीका को जीत दिलाई और सीरीज ड्रॉ भी कराई। वहीं, महाराज आधुनिक क्रिकेट के सबसे सटीक और आक्रामक स्पिनरों में से एक हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों और साउथ अफ्रीका के स्पिनरों के बीच मुकाबला रोचक रहने वाला है। भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक और कप्तान शुभमन गिल कई बार पिच का मुआयना कर चुके हैं। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने आश्वासन दिया है कि यह टर्निंग पिच नहीं होगी। इससे जसप्रीत बुमराह जरूर आहलादित होंगे जो आम तौर पर शुरूआत में मूवमेंट और बाद में रिवर्स स्विंग देने वाली पिच पर भारत के ट्रंपकार्ड साबित हो सकते हैं। भारत दो तेज गेंदबाजों को उतार सकता है और घरेलू हालात की जानकारी होने से आकाश दीप को तरजीह मिल सकती है। पिछले 15 साल में तेज गेंदबाजों ने यहां टेस्ट में 61 प्रतिशत विकेट लिये हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने इस साल इंग्लैंड में सीरीज 2 . 2 से ड्रॉ खेली लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार उसे अभी भी कचोट रही होगी। वेस्टइंडीज की कमजोर टीम को 2-0 से हराने पर उसे डब्ल्यूटीसी चक्र में ज्यादा मदद नहीं मिलेगी। ऋषभ पंत की वापसी और ध्रुव जुरेल के बतौर बल्लेबाज खेलने से भारत का मध्यक्रम संतुलित लग रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में 16 विकेट लेने वाले वॉशिंगटन सुंदर भी उपयोगी साबित होंगे। दूसरा और आखिरी टेस्ट 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जायेगा। टीमें इस प्रकार हैं भारत : शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, साइ सुदर्शन, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रविंद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, आकाश दीप, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, देवदत्त पडिक्कल साउथ अफ्रीका : तेम्बा बावुमा (कप्तान), एडेन माक्ररम, रियान रिकेलटन, ट्रिस्टन स्टब्स , काइल वेरेने , डेवाल्ड ब्रेविस, जुबैर हमजा, टोनी डि जोर्जी, कोर्बिन बोश, वियान मूल्डर, मार्को यानसेन, केशव महाराज, सेनुरान मुथुस्वामी , कैगिसो रबाडा, साइमन हार्मर  

भोपाल में 2000 एकड़ क्षेत्र में बनेगी नॉलेज एंड एआई सिटी

साइंस सिटी प्रोजेक्ट के लिये 25 एकड़ भूमि होगी आवंटित मध्यप्रदेश, भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का बनेगा हब 15 हजार 896 करोड़ का निवेश और 64 हजार से अधिक के रोजगार के अवसर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत में तकनीकी विकास का प्रारंभ हुआ स्वर्णिम युग एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में उद्योगपतियों ने निवेश के प्रति जताई रूचि भोपाल  एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक नई उड़ान भरने जा रहा है। हम बहुत जल्द स्पेस टेक पॉलिसी-2025 लागू करने जा रहे हैं, जिससे राज्य में सैटेलाइट डेटा, रिमोट सेंसिंग और स्पेस स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन मिलेगा। भोपाल में 2000 एकड़ भूमि पर नॉलेज एण्ड एआई सिटी विकसित की जायेगी। यह सिटी आधुनिक हाईटेक सिटी और सायबर सिटी की तर्ज पर बनाई जायेगी। यहां विश्वस्तरीय संस्थान, अनुसंधान केन्द्र और स्टार्ट-अप्स एक साथ आएंगे जिससे मध्यप्रदेश भारत का एआई हब बन जायेगा। साइंस सिटी प्रोजेक्ट के लिये 25 एकड़ भूमि आवंटित्‍की जा रही है। यहां विज्ञान, नवाचार, और तकनीकी अनुसंधान के लिये अत्याधिक सुविधाएं विकसित की जायेंगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में हमारे युवाओं और विद्यार्थियों के लिये ज्ञान और प्रयोग का केन्द्र बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में शामिल निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में तकनीकी विकास का स्वर्णिम युग प्रारंभ हुआ है। इस दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र को नई गति देने के लिये मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन इंदौर में किया है। यह आयोजन प्रदेश को भारत में उभरते टेक्नालॉजी मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाने में की दिशा में ऐतिहासिक कदम सिद्ध हुआ है। राज्य सरकार की प्रगतिशील नीतियां, सुदृढ़ बुनियादी ढांचा, निवेश अनुकूल वातावरण और कुशल मानव संसाधन ने मध्यप्रदेश को ग्लोबल निवेशकों के लिये आकर्षण का केन्द्र बना दिया है। आईटी, एआई, सेमी कंडक्टर, ड्रोन, फिनटेक, क्लाउड और इएसबीएम जैसे क्षेत्रों में प्रदेश की प्रगति तीव्र गति से हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्दौर में मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में कुल 68 कार्य हुए जिनमें उद्घाटन, भूमि-पूजन, आवंटन-पत्र वितरण, एग्रीमेंट, एमोयू, नीति एवं पोर्टल लॉन्च सहित उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग हुई। इनसे प्रदेश में कुल 15 हजार 896 करोड़ का निवेश आएगा साथ ही 64 हजार 85 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह आयोजन प्रदेश की तकनीकी और औद्योगिक प्रगति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट से अप्रेल 2025 में हुए टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 1.0 तक लगभग 99 निवेश प्रस्ताव हुए थे, जिससे लगभग 34 हजार करोड़ रूपये के निवेश और 2 लाख लोगों के लिये रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। इसमें 27 प्रोजेक्ट, जमीन आवंटन के साथ अन्य कार्यप्रगतिरत है। साथ ही 8 प्रोजेक्ट साइट विजिट के चरण में है, जो प्राप्त प्रस्तावों का 47 प्रतिशत है। मात्र 8 महिने में लगभग 6 हजार करोड़ का निवेश एवं 50 हजार लोगों का रोजगार का सपना साकार हुआ है। यह मध्यप्रदेश की टेक ड्रिवन ग्रोथ का सकारात्मक परिणाम है। 9 कंपनियों को प्रदाय किए भूमि आवंटन के आशय-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में निवेश और उद्योग संवर्धन लिए 9 कंपनियों को भूमि आवंटन के लिये आशय पत्र जारी किए गए। इन इकाइयों से प्रदेश में कुल 10.61 करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 740 नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। इन आशय पत्रों से विभिन्न टेक्नोलॉजी, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की कंपनियों को निवेश के लिए आवश्यक भूमि और संसाधन उपलब्ध कराए जाएँगे जिससे मध्यप्रदेश में उद्यमिता और औद्योगिक विकास को और मजबूती मिलेगी। टॉस, इजीसॉफ्ट कंपनी, ओम्निस बिल्डकेयर एलएलपी, फ्लैट ट्रेडब्रोकिंग सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, असिस्ट क्लिक प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिमोंक, मैमथ एग्जॉस्ट्स इंडिया, एमपी ऑनलाइन, रिद्धि एंटरप्राइज को भूमि आवंटन पत्र जारी किए गए हैं। एमओयू पर हस्ताक्षर कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में 7 महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इन एमओयू से प्रदेश में लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश होगा तथा 10 हजार 500 से अधिक नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। ये एमओयू सिलिकॉन वेफर विनिर्माण संयंत्र, आईटी पार्क विकास, टेक्नोलॉजी रिसर्च, गेमिंग, स्किल डेवलपमेंट एवं नवाचार जैसे उभरते क्षेत्रों से जुड़े हैं। इस पहल में सोमवेदा एंटरप्राइज, डीएवीवी आईटी पार्क, एएनएसआर, गेम डेवलपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया, इंडस आंत्रप्रेन्योर्स राजस्थान, मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग महू, कोडयोगी फाउंडेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। राज्य सरकार एवं भारतीय सेना के मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के मध्य सायबर सुरक्षा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र और नागरिक तकनीकी क्षेत्र के बीच सहयोग को सुदृढ़ करते हुए अत्याधुनिक तकनीकों के विकास, नवाचार और कौशल वृद्धि को बढ़ावा देना है। यह पहल मध्यप्रदेश को उभरते तकनीकी क्षेत्रों में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  निवेश के लिये हुए एग्रीमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 85.51 करोड़ निवेश के महत्वपूर्ण एग्रीमेंट् पर हस्ताक्षर हुए। इसमें आईआईएसईआर भोपाल के सहयोग से एआई-संचालित ड्रोन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना शामिल है, जिसमें उन्नत प्रयोगशालाएँ और स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की जाएगी। एल एंड टी एड्यूटेक के साथ मिलकर प्रदेश में स्किल ट्रेनिंग हेतु मास्टर सर्विस एग्रीमेंट किया जाएगा, इससे नये तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अंतर्गत एलएनसीटी कॉलेज, ओरिएंटल ग्रुप, बंसल कॉलेज, सेज यूनिवर्सिटी, आईईएस यूनिवर्सिटी शामिल हैं। सायबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने सीआईएसओ पोर्टल किया लांच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरकारी विभागों में सायबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सीआईएसओ पोर्टल की शुरुआत की। यह सुरक्षित और केंद्रीकृत प्लेटफ़ॉर्म रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, थ्रेट इंटेलिजेंस और अनुपालन प्रबंधन को सक्षम बनाएगा, जिससे सरकारी प्रणालियों में सुरक्षा, पारदर्शिता और दक्षता में अभूतपूर्व सुधार होगा। ड्रोन डेटा रिपॉज़िटरी का हुआ शुभारंभ “डिजिटल मध्यप्रदेश” की परिकल्पना को सशक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव  ने ड्रोन डेटा रिपॉज़िटरी (DDR) का भी शुभारंभ किया। यह पहल भूमि प्रबंधन, शहरी नियोजन, वन संरक्षण, सिंचाई और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ड्रोन-आधारित डेटा के उपयोग … Read more

बीजेपी पर बरसे सचिन पायलट, कहा— लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही केंद्र सरकार

जयपुर कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन मतदाता सूची की निष्पक्षता को लेकर सजग हैं, लेकिन जिस तरह से निर्वाचन आयोग काम कर रहा है, वह गंभीर सवाल खड़े करता है। सचिन पायलट ने कहा, “हम सब चाहते हैं कि वोटर लिस्ट की छंटनी हो और गलत नाम उसमें न जोड़े जाएं, लेकिन आज जिस जल्दबाजी और मंशा के साथ यह प्रक्रिया चलाई जा रही है, वह संदेह पैदा करती है। बिहार में जो हुआ था, वही अब अन्य राज्यों में दोहराया जा रहा है।” कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि दुर्भाग्यवश भारतीय जनता पार्टी संवैधानिक संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर रही है। निर्वाचन आयोग को आगे रखकर जिंदा लोगों को मरा हुआ दिखाया जा रहा है, मरे हुए लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं और एक ही मकान में सैकड़ों वोट बनवाए जा रहे हैं। यह मिलीभगत का काम है और कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं, विधायकों और नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे क्षेत्रों में जाकर मतदाता सूची की जांच करें, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। पायलट ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा हरियाणा और महाराष्ट्र में हुई ‘वोट चोरी’ के प्रमाण निर्वाचन आयोग को सौंपे गए हैं, लेकिन आयोग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा राहुल जी से एफिडेविट मांगा जा रहा है, जबकि जांच करना आयोग की जिम्मेदारी है। सचिन पायलट ने यह भी बताया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चला रही है, जिसका समापन इस महीने के अंत में दिल्ली में एक बड़े आयोजन के साथ होगा। उन्होंने कहा, “हमारा संदेश स्पष्ट है, वोट चोर गद्दी छोड़।”