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जल संरक्षण में उत्कृष्ट पहल के लिए गुना नगरीय निकाय को राष्ट्रीय सम्मान, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

जल संचय के क्षेत्र में श्रेष्ठ पहल पर गुना नगरीय निकाय को मिला पुरस्कार राष्ट्रपति करेंगी 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में गुना को पुरस्कृत भोपाल गुना नगरीय निकाय को जल संचय के क्षेत्र में जन भागीदारी के साथ श्रेष्ठ कार्य करने पर देश की चयनित 50 नगरीय निकाय में स्थान मिला है। राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु 18 नवम्बर को नई दिल्ली में गुना नगरीय निकाय को पुरस्कृत करेंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोडवें ने गुना नगर पालिका परिषद एवं उनकी टीम को श्रेष्ठ नगरीय निकायों की श्रेणी में चयन होने पर बधाई दी है। लक्ष्य से अधिक तैयार की गई पुनर्भरण जल संरचनाएँ केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने देश में जनभागीदारी से जल संचय की बेहतर पहल के लिये प्रशासन तंत्र में हर स्तर पर पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की थी। गुना नगर पालिका परिषद ने जल संचय के लिये कार्ययोजना बनाकर नगरीय क्षेत्र में 2 हजार 231 रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जिया टैग फोटो पोर्टल पर अपलोड किये। यह तय लक्ष्य से अधिक है। इसी के साथ गुना शहरी क्षेत्र में उपलब्ध कुंओं का भी जीर्णोद्वार कर उनका पुनर्जीवन का कार्य किया गया। दल का गठन गुना नगर पालिका ने जल संचय के कार्य को करने के लिये दल का गठन किया था। गठित दल ने इस वर्ष मई माह के दौरान शासकीय और निजी परिसर, स्कूल, कॉलेज, छात्रावास और मल्टी स्टोरी बिल्डिंगस, निजी कॉलोनियाँ, कुंआ और बावड़ी का सर्वे कराया। सर्वे रिपोर्ट के बाद जनभागीदारी से 2 हजार 231 रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को तैयार किये गये और पहले से उपलब्ध सिस्टम की मरम्मत सुनिश्चित की गई।  

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया रक्तदान, मेगा ब्लड डोनेशन महाअभियान की हुई शुरुआत

रांची  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित मेगा रक्तदान शिविर में रक्तदान कर स्वैच्छिक रक्तदान महा अभियान का शुभारंभ किया। झारखंड की 25वीं वर्षगांठ के अव सर पर रक्तदान शिविर महाअभियान पूरे राज्य में 28 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने रक्तदान महादान का संदेश देते हुए कहा कि आपका दिया रक्त जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने के काम आ सकता है। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान महा अभियान के तहत आयोजित होने वाले शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य की 25वीं वर्षगांठ एक नए संकल्प के साथ हमारा राज्य आगे बढ़ाने को तैयार है। अब पूरा राज्य जीवनदान का केंद्र बनेगा. इस बाबत स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा 12 से 28 नवंबर तक पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर स्वैच्छिक रक्तदान अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अलग-अलग स्थान पर विशेष रक्त दान शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोग स्वैच्छिक रक्तदान कर सकेंगे। इस अभियान का उद्देश्य राज्य में रक्त की कमी को पूरा करना और हर जरूरतमंद तक सुरक्षित रक्त पहुंचाना है। अस्पताल में रक्त की कमी से किसी की जिंदगी की सांसे थमे नहीं, इसे सुनिश्चित करना हम सभी का परम उत्तरदायित्व है। ऐसे में हम सभी मिलकर झारखंड को जीवनदायिनी राज्य बनाने ला संकल्प लें। स्वैच्छिक रक्तदान महा अभियान के शुभारंभ के मौके पर मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री हफीजुल हसन, मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो, मंत्री सुदिव्य कुमार, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

नवीन तालाब बना गांव की जीवनधारा

राधारमण नगर के ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान रायपुर, ग्राम पंचायत सोनवर्षा के ग्राम राधारमणनगर के ग्रामीणों के लिए नया तालाब किसी वरदान से कम नहीं है। कभी जहां गर्मियों में बूंद-बूंद पानी के लिए लोगों को मीलों पैदल चलना पड़ता था, वहीं आज यह तालाब ग्रामीणों की प्यास बुझाने के साथ-साथ खेती और आजीविका का आधार बन चुका है। यह परिवर्तन संभव हुआ है महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत कराए गए नवीन तालाब निर्माण कार्य से, जिसकी लागत 12.80 लाख रुपए रही। जल संकट से जूझते गांव में जल जीवन का नया अध्याय राधारमणनगर गांव लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या से गुजर रहा था। यहां का भूमिगत जल स्तर लगभग 450 फीट से नीचे चला गया था, जिससे हैंडपंप सूख जाते थे और गर्मियों में ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता था। ऐसे में ग्राम पंचायत सोनवर्षा द्वारा खदान के पास जल संरक्षण और संचयन के उद्देश्य से नया तालाब बनवाया गया। यह तालाब अब वर्षा जल को सुरक्षित रखता है और साल भर ग्रामीणों के उपयोग के लिए जल उपलब्ध कराता है। तकनीकी दृष्टि से मजबूत निर्माण – हर बूंद का संरक्षण तालाब निर्माण के दौरान तकनीकी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया। इसके बांध की चौड़ाई और ऊंचाई को इस तरह मापा गया कि वर्षा का पानी सुरक्षित रूप से जमा रहे और बांध को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। साथ ही, तालाब की गहराई को अधिक रखा गया ताकि जल लंबे समय तक टिक सके। कार्य का क्रियान्वयन पूरी तरह महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत के मार्गदर्शन में किया गया, जिससे न केवल जल संरक्षण हुआ बल्कि निर्माण के दौरान ग्रामीणों को रोजगार भी मिला। परिवर्तन की दिशा में मील का पत्थर तालाब निर्माण के बाद गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां खेत सूख जाते थे और फसलें मुरझा जाती थीं, वहीं अब तालाब के आसपास की जमीन में नमी बनी रहती है। इससे खेतों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसानों के चेहरों पर अब संतोष की मुस्कान है क्योंकि उनकी मेहनत अब फसल के रूप में रंग ला रही है। आजीविका का नया साधन – मछली पालन से बढ़ी आय तालाब केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसने ग्रामीणों को नई आय का स्रोत भी प्रदान किया है। ग्राम राधारमणनगर के ग्रामीण बाबू सिंह, जीत नारायण (जॉब कार्ड नं. 001/29) तथा श्री एक्का प्रसाद और रविशंकर (जॉब कार्ड नं. 001/79) ने मिलकर तालाब में 3000 मछली बीज छोड़े हैं। इन ग्रामीणों द्वारा तालाब का नियमित रूप से रखरखाव किया जा रहा है। मछली पालन से उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है। साथ ही, तालाब का पानी अब सिंचाई के लिए भी उपयोग में लाया जा रहा है, जिससे खेतों में सालभर हरियाली बनी रहती है। ग्रामीणों की जुबान – अब पानी की नहीं कोई कमी ग्राम के निवासी श्री बाबू सिंह कहते हैं कि पहले गर्मियों में हमें पानी के लिए बहुत परेशानी होती थी। तालाब बनने से अब न केवल पीने और निस्तार का पानी मिलता है बल्कि खेतों की सिंचाई भी आसानी से हो जाती है। मछली पालन से हमें अतिरिक्त आमदनी का साधन मिला है। यह तालाब हमारे लिए अमृत सरोवर से कम नहीं। स्थायी विकास की मिसाल बना राधारमण नगर आज सोनवर्षा-राधारमण नगर गांव का यह तालाब जल संरक्षण, संचयन और आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बन गया है। इस कार्य ने यह साबित कर दिया है कि यदि सामूहिक प्रयास और तकनीकी समझदारी के साथ योजनाओं को क्रियान्वित किया जाए, तो किसी भी क्षेत्र में जल संकट जैसी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। ग्राम पंचायत सोनवर्षा का यह प्रयास मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जल प्रबंधन का एक आदर्श मॉडल बन चुका है, जो अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। हर बूंद में समाई उम्मीद राधारमण नगर का यह नवीन तालाब सिर्फ पानी का भंडार नहीं, बल्कि गांव की खुशहाली का प्रतीक बन चुका है। इससे न केवल जल संरक्षण सुनिश्चित हुआ है, बल्कि रोजगार, कृषि और मछली पालन के माध्यम से ग्रामीणों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह कहानी बताती है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो हर बूंद से बदलाव संभव है, और यही तालाब उस परिवर्तन का साक्षी है जिसने गांव को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर किया है।

आचार संहिता प्रभावी: पटना में नहीं बजेगा डीजे, 16 नवंबर तक जश्न पर सख्त मनाही

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों से पहले पटना जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को काबू में रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर पटना जिले में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) को 16 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। इस दौरान किसी भी तरह के विजय जुलूस, राजनीतिक सभा, रैली या डीजे बजाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि मतगणना के दिन या उसके बाद किसी भी तरह की भीड़भाड़ या उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पटना जिले की 14 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना 14 नवंबर को एएन कॉलेज में होगी। इसी को देखते हुए जिला दंडाधिकारी (DM) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि 16 नवंबर तक किसी भी राजनीतिक सभा, जुलूस, प्रदर्शन या धरने पर रोक रहेगी। साथ ही लाउडस्पीकर और साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लागू की गई है। कानून व्यवस्था से समझौता नहीं होगा: डीएम पटना डीएम पटना ने सख्त लहजे में कहा कि, “कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी व्यक्ति या पार्टी नियमों का उल्लंघन करेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।” इसके साथ ही प्रशासन ने सभी उपमंडलीय अधिकारियों (SDO) और पुलिस अधिकारियों (SDPO) को कानून व्यवस्था पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया है। वहीं डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम (0612-2219810 / 2219234) को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके

पराली जलाने पर सख्ती: फतेहाबाद में पुलिस के 4 कर्मचारी निलंबित, 23 के खिलाफ कार्रवाई शुरू

फतेहाबाद  पराली जलाने के मामलों को लेकर बीती सायं जिला प्रशासन के अफसरों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद बृहस्पतिवार को जिला प्रमुख एक्शन मोड में आ गए हैं। एक तरफ कृषि विभाग ने उपमंडल स्तर से ग्रामीण स्तर के 18 कर्मचारियों को नोटिस जारी किए हैं, जबकि एसपी सिद्धांत जैन ने 4 पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड तथा 23 पुलिस कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा जिले के तीनो उपमंडलों में नियुक्त एस डी एम ने अपने अपने उपमंडल में पराली जलाने की रोकथाम के लिए ड्यूटी पर लगे दर्जनों कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है।

रेलवे अलर्ट: छत्तीसगढ़ में कई ट्रेनों के रूट में बदलाव, 3 रद्द और 2 प्रभावित — जारी हुई सूची

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल अंतर्गत बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य जारी है. इसके चलते सारागांव स्टेशन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा, जिसकी वजह से 13 से 17 नवंबर तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और प्रभावित ट्रेनों की सूची जारी की है. प्रभावित रहने वाली ट्रेनें:     68738/68737 बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68736 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू पैसेंजर 13 से 16 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68735 रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू अब केवल बिलासपुर तक ही चलेगी.     68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू का परिचालन बिलासपुर से शुरू होगा. रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले समय सारिणी और ट्रेन की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें.

शीतलहर का कहर: राजस्थान के 9 शहर ठिठुरे, सिरोही में सबसे कम तापमान दर्ज

जयपुर राजस्थान में बर्फीली हवाओं के कारण सर्दी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश में ठंड का यही दौर जारी रहने की संभावना है। सीकर में पहले से चल रही शीतलहर का प्रभाव अब झुंझुनूं तक पहुंच गया है। दोनों जिलों में सुबह-शाम तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने सीकर और झुंझुनूं के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। नौ शहरों में तापमान सिंगल डिजिट में पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के 9 शहरों का न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। सबसे अधिक ठंड सिरोही में रही, जहां का तापमान 7.5°C रिकॉर्ड किया गया। अन्य शहरों में तापमान इस प्रकार रहा : फतेहपुर (सीकर) – 8.8°C, नागौर – 8.7°C, सीकर – 8.3°C, अलवर – 9.2°C, वनस्थली (टोंक) – 9.4°C, चूरू – 9.5°C, बारां – 9.3°C व करौली में  9.6°C न्यूनतम तापमान रहा। सीकर और आस-पास के इलाकों में सुबह-शाम हल्की शीतलहर और घनी ठंड का असर महसूस किया गया। दिन में धूप से राहत सुबह और शाम की ठंड के बावजूद दिन में लोगों को तेज धूप से राहत मिल रही है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 28°C से 31°C के बीच दर्ज किया गया। बुधवार को सबसे अधिक तापमान 32.9°C बाड़मेर में रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान के प्रमुख शहरों का तापमान अजमेर में अधिकतम 29.8 और न्यूनतम 12.2 डिग्री सेल्सियस, वनस्थली (टोंक) में 30.6 और 9.4, अलवर में 28.8 और 9.2, जयपुर में 29.2 और 13.6, पिलानी में 31.2 और 10.5, सीकर में 27.8 और 8.3, कोटा में 29.5 और 13.6, चित्तौड़गढ़ में 30.2 और 11.7, उदयपुर में 28.6 और 12.3, बाड़मेर में 32.9 और 17, जैसलमेर में 31.4 और 15, जोधपुर में 31 और 12.7, बीकानेर में 30.2 और 13.6, चूरू में 30.9 और 9.5, गंगानगर में 28.2 और 12.5, नागौर में 29.7 और 8.7, बारां में 29.1 और 9.3, हनुमानगढ़ में 27.7 और 12, जालौर में 30.9 और 11.6, सिरोही में 23.3 और 7.3, फतेहपुर में 29.1 और 8.8, करौली में 28.5 और 9.6, दौसा में 29.7 और 8.8, तापगढ़ में 27.8 और 13.4 तथा झुंझुनूं में 29.1 और 10.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट होगी तथा रातें और अधिक ठंडी होंगी।

IPL Auction: 30 करोड़ की पर्स लेकर उतरेगी CSK, बड़े नाम हो सकते हैं रिलीज

नई दिल्ली  IPL 2026 Auction में चेन्नई सुपर किंग्स बड़े पर्स के साथ उतरेगी। सीएसके के मैनेजमेंट की इच्छा होगी कि टीम को फिर से बनाया जाए, क्योंकि कई बड़े खिलाड़ियों को रिलीज करने का फैसला चेन्नई सुपर किंग्स ने कर लिया है। इनमें न्यूजीलैंड के रचिन रविंद्र और डेवोन कॉनवे जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के अलावा कई भारतीय खिलाड़ियों का भी नाम है। हालांकि, चेन्नई की टीम मथीशा पथिराना के साथ बनी रहेगी और नैथन एलिस को भी रिलीज या ट्रेड नहीं करेगी। कई टीमों ने उनके ट्रेड के लिए संपर्क किया है।   क्रिकइंफो की रिपोर्ट की मानें तो चेन्नई सुपर किंग्स के पास ऑक्शन में 30 करोड़ रुपये का पर्स हो सकता है। रचिन और कॉनवे के अलावा कई भारतीय खिलाड़ियों को टीम रिलीज करेगी तो जाहिर तौर पर पर्स में रकम बचेगी, जिसका इस्तेमाल टीम का सपोर्ट स्टाफ ऑक्शन में कर सकता है। चेन्नई सुपर किंग्स से नैथन एलिस को ट्रेड के जरिए कई टीमों ने मांगा है, लेकिन सीएसके ने सीधे तौर पर मना कर दिया है। अश्विन रिटायर हो चुके हैं। दीपक हुड्डा और राहुल त्रिपाठी को भी टीम रिलीज कर सकती है। वहीं, रविंद्र जडेजा और सैम करन की ट्रेड राजस्थान रॉयल्स के साथ हो सकती है, जहां से संजू सैमसन सीएसके में आ सकते हैं। विजय शंकर को भी सीएसके रिलीज कर सकती है। इस तरह मोटा पर्स सीएसके के पास ऑक्शन में होगा। हालांकि, युवा खिलाड़ियों के साथ फ्रेंचाइजी बने रहना पसंद करेगी। एमएस धोनी भी इस सीजन खेलने वाले हैं तो विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी वही संभालेंगे। सैमसन अगर सीएसके जाते हैं तो वह आने वाले सीजन में विकेटकीपर नहीं होंगे। कप्तान भी ऋतुराज गायकवाड़ बने रहेंगे। धोनी का आखिरी सीजन चेन्नई सुपर किंग्स उन खिलाड़ियों पर दांव खेल सकती है, जो डोमेस्टिक क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और जो खिलाड़ी विदेशी हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धमाल मचा रहे हैं। एमएस धोनी का संभावित तौर पर यह आखिरी सीजन होगा। ऐसे में फ्रेंचाइजी चाहेगी कि एक दमदार टीम बनाई जाए और धोनी को विजयी तोहफा देकर विदा किया जाए। इससे आगे एमएस धोनी के खेलने की संभावना बिल्कुल नजर नहीं आती है। धोनी की उम्र 44 साल हो चुकी है।  

सीएम योगी का बड़ा बयान: यूपी में जनजातीय संरक्षण को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातियों के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। पहले नौकरी में उनको उचित भागीदारी नहीं मिल पाती थी। उनके कोटे की पूरी सीटें नहीं भर पाती थीं। हमने पुलिस की 60244 भर्तियां की तो इसमें आरक्षित कोटे की सभी सीटें अनुसूचित जातियों और जनजातियों से ही भरी। यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं में उनको उचित भागीदारी मिल रही है। उनकी शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है।   उन्होंने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का जीवन सबके लिए प्रेरणादायी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को पूरा देश जान सके, यह अवसर जनजातीय गौरव पखवाड़ा के माध्यम से पूरे देश को उपलब्ध कराया है। मुख्यमंत्री इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में जनजातीय भागीदारी महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सोमवार को जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरव के रंगों में सराबोर रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ करते हुए न सिर्फ ढोलक की थाप से कार्यक्रम की शुरुआत की, बल्कि कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जिसने हजारों वर्षों तक प्रकृति और परंपरा के संतुलन को बनाए रखा। यह विशेष उत्सव भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जो 13 से 18 नवंबर 2025 तक चलेगा। इसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनजातीय समूहों के लोक कलाकार, कारीगर, छात्र और प्रतिनिधि अपनी कला, संस्कृति और परंपरा का प्रदर्शन करेंगे।  

योगी सरकार के सक्रिय प्रयासों से अब किसान फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों की ओर हो रहे अग्रसर

मुख्यमंत्री योगी के सख्त निर्देशों का असर, उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में आई उल्लेखनीय कमी योगी सरकार के सक्रिय प्रयासों से अब किसान फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों की ओर हो रहे अग्रसर 20 प्रमुख जनपदों में पराली जलाने की घटनाओं में स्पष्ट कमी दर्ज की गई है एटा, कौशांबी, सीतापुर और उन्नाव जैसे जनपदों में सबसे कम पराली जलाने की घटनाएं लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों और सतत मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। राज्य सरकार के सक्रिय प्रयासों से अब किसान फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। कम हुई पराली जलाने की घटनाएं मथुरा, पीलीभीत, सहारनपुर, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, कौशांबी, एटा, हरदोई, जालौन, फतेहपुर, महराजगंज, कानपुर देहात, झांसी, मैनपुरी, बहराइच, इटावा, गोरखपुर, अलीगढ़, उन्नाव और सीतापुर जैसे कुल 20 जनपदों में पराली जलाने की घटनाओं में स्पष्ट कमी दर्ज की गई है। इसमें भी एटा, कौशांबी, सीतापुर और उन्नाव जैसे जनपदों में सबसे कम पराली जलाने की घटनाएं हुई हैं। यह स्थिति बताती है कि मुख्यमंत्री योगी के निर्देशों का जमीनी असर दिखाई देने लगा है। सेटेलाइट से की जा रही निगरानी सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देशित किया था कि पराली जलाने की घटनाओं की सेटेलाइट से निगरानी की जाए। साथ ही किसानों को वैकल्पिक उपायों के प्रति जागरूक किया जाए। प्रशासन द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों, कंपोस्टिंग तकनीक और बायो-डीकंपोजर के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जुर्माने और जिम्मेदारी की सख्त व्यवस्था राज्य सरकार ने पराली जलाने वालों के खिलाफ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क तय किया है। इसके अनुसार, दो एकड़ से कम क्षेत्र पर ₹2,500, दो से पांच एकड़ तक ₹5,000, पांच एकड़ से अधिक पर ₹15,000 क्षतिपूर्ति शुल्क लगेगा। साथ ही प्रत्येक 50 से 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जा रही है, जो अपने क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करेंगे।