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प्रदेश में अब चैनमैन भी बन सकेंगे लेखपाल, नई नियमावली को मंजूरी

वृद्धावस्था पेंशन के लिए लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं, विभाग खुद करेगा सम्पर्क फैमिली आईडी ‘एक परिवार-एक पहचान’ प्रणाली से पात्र लाभार्थियों का होगा स्वतः चिन्हीकरण 10 वर्ष तक के किरायेदारी पर स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में बड़ी राहत बागपत में पीपीपी मोड पर बनेगा मेडिकल कॉलेज, निःशुल्क मिलेगी 5.07 हेक्टेयर भूमि अब चैनमैन भी बन सकेंगे लेखपाल, नई नियमावली को मंजूरी  प्रदेश दुकान और वाणिज्य अधिष्ठान कानून में बड़ा संशोधन, अब पूरे प्रदेश में लागू होगा अधिनियम लखनऊ उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य में वृद्धावस्था पेंशन को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि फैमिली आईडी ‘एक परिवार-एक पहचान’ प्रणाली से पात्र लाभार्थियों का स्वतः चिन्हीकरण होगा और उनकी सहमति मिलने पर पेंशन सीधे स्वीकृत की जाएगी। वर्तमान में 67.50 लाख वरिष्ठ नागरिक इस योजना का लाभ ले रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो प्रक्रिया पूरी न कर पाने के कारण पेंशन से बाहर रह जाते हैं। नया फैसला इसी समस्या को हल करने पर केंद्रित है। नई व्यवस्था में फैमिली आईडी के आधार पर उन नागरिकों की सूची स्वतः तैयार होगी, जिनकी आयु अगले 90 दिनों में 60 वर्ष होने जा रही है। यह सूची एपीआई के माध्यम से समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल पर भेजी जाएगी। विभाग सबसे पहले एसएमएस, व्हाट्सऐप और फोन कॉल जैसे डिजिटल माध्यमों से पात्र नागरिकों से सहमति लेगा। जिनकी सहमति डिजिटल रूप से नहीं मिलेगी, उनसे ग्राम पंचायत सहायक, कॉमन सर्विस सेंटर या विभागीय कर्मचारी भौतिक रूप से संपर्क करेंगे। दोनों स्तरों पर सहमति न मिलने पर ऐसे नाम प्रक्रिया से हटा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सहमति मिलने के बाद योजना अधिकारी 15 दिनों के भीतर डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से पेंशन स्वीकृत करेंगे और स्वीकृति पत्र लाभार्थी को डाक से भेजा जाएगा। भुगतान सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा और हर किस्त की जानकारी एसएमएस द्वारा उपलब्ध होगी। सरकार एक मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराएगी, जिसमें लाभार्थी पासबुक की तरह अपने सभी भुगतान देख सकेंगे। 10 वर्ष तक के किरायेदारी पर स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में बड़ी राहत  प्रदेश सरकार ने राज्य में किरायेदारी को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने 10 वर्ष तक की अवधि के किरायानामा विलेखों पर स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट मंजूर कर दी है। इसका उद्देश्य यह है कि भवन स्वामी और किरायेदार दोनों किरायानामा लिखित रूप में तैयार करें और रजिस्ट्री कराएं, जिससे विवाद कम हों और किरायेदारी विनियमन अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वर्तमान नियमों के अनुसार एक वर्ष से अधिक अवधि की किरायेदारी विलेख की रजिस्ट्री अनिवार्य है, लेकिन आमतौर पर अधिकांश किरायानामे मौखिक होते हैं या यदि लिखित होते भी हैं तो उनकी रजिस्ट्री नहीं कराई जाती। ऐसे मामलों का पता आमतौर पर जीएसटी विभाग और बिजली विभाग जैसी एजेंसियों की पत्रावलियों की जांच में चलता है और बाद में कमी स्टाम्प शुल्क की वसूली की कार्रवाई करनी पड़ती है। यह भी अनिवार्य है कि किरायेदारी विलेख की रजिस्ट्री हो या न हो, उस पर सही स्टाम्प शुल्क हर हाल में जमा होना चाहिए। सरकार का मानना है कि यदि शुल्क अधिक होता है तो लोग विलेख लिखने और रजिस्ट्री कराने से बचते हैं। इसी वजह से मानक किरायेदारी विलेख को बढ़ावा देने और 10 वर्ष तक की अवधि के रेंट एग्रीमेंट को औपचारिक बनाने के लिए शुल्क में व्यापक छूट देने की जरूरत महसूस की गई। इस छूट प्रणाली के तहत किरायेदारी विलेख पर अधिकतम स्टाम्प शुल्क और अधिकतम रजिस्ट्रेशन फीस अब निश्चित राशि से अधिक नहीं ली जाएगी। साथ ही औसत वार्षिक किराया तय करते समय अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये रखी गई है। टोल संबंधी पट्टे और खनन पट्टों को छूट से बाहर रखा गया है ताकि राजस्व हानि न हो। स्टाम्प एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने बताया कि  नई व्यवस्था के अनुसार अधिकतम स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्री शुल्क की सीमा तय कर दी गई है। यह सीमा किरायेदारी की अवधि और औसत वार्षिक किराए के आधार पर लागू होगी। इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा क्योंकि अब किरायेदारी विलेख पर भारी स्टाम्प शुल्क भरने की बाध्यता नहीं रहेगी और लोग अधिक सहजता से रजिस्ट्री करा सकेंगे। 10 वर्ष तक के किरायेदारी पर स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में बड़ी राहत •    औसत वार्षिक किराया ₹ 2,00,000 रुपये तक:- 01 वर्ष तक 500 रुपये, 1 से 5 वर्ष 1500 रुपये, 5 से 10 वर्ष 2000 रुपये •    औसत वार्षिक किराया ₹ 2,00,001 से ₹ 6,00,000 रुपये 01 वर्ष तक 1500 रुपये, 1 से 5 वर्ष 4500 रुपये, 5 से 10 वर्ष 7500 रुपये •    औसत वार्षिक किराया ₹ 6,00,001 से 10,00,000 रुपये 01 वर्ष तक 2500 रुपये, 1 से 5 वर्ष 6000 रुपये, 5 से 10 वर्ष 10000 रुपये   अब चैनमैन भी बन सकेंगे लेखपाल, नई नियमावली को मंजूरी   प्रदेश कैबिनेट ने लेखपाल सेवा नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए चैनमैन के लिए लेखपाल पद पर पदोन्नति का मार्ग खोल दिया है। वित्त मंत्री सुरेशा खन्ना ने बताया कि पंचम संशोधन नियमावली 2025 के तहत अब लेखपाल के कुल पदों में से दो प्रतिशत पद योग्य चैनमैन को पदोन्नति के आधार पर दिए जा सकेंगे। यह पहली बार है जब चैनमैन को सीधी भर्ती व्यवस्था से बाहर निकलकर लेखपाल पद तक प्रमोशन का अवसर मिलेगा। वर्तमान में लेखपाल के सभी पदों पर भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से की जाती है। प्रदेश में कुल 30837 स्वीकृत पदों में से 21897 पर तैनाती है, जबकि 8940 पद रिक्त हैं। नई व्यवस्था के तहत वे चैनमैन पदोन्नति के लिए पात्र होंगे जो मौलिक रूप से इसी पद पर नियुक्त हों, भर्ती वर्ष के पहले दिन तक छह वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हों और इंटरमीडिएट या समकक्ष परीक्षा पास कर चुके हों। इन पात्र चैनमैन का चयन चयन समिति की सिफारिश पर किया जाएगा। सरकार का कहना है कि अनुभवी चैनमैन को … Read more

उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन संबंधी जानकारी अब व्हाट्सएप पर

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की पहल – व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा से अब परिवहन सेवाएं होंगी और आसान उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन संबंधी जानकारी अब व्हाट्सएप पर उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग की डिजिटल पहल: घर बैठे पाएँ सभी जरूरी सेवाएँ जनसुविधा के लिए तकनीक का नया उपयोग – परिवहन विभाग की स्मार्ट सेवा लखनऊ   मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश के आम नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल की है। विभाग ने व्हाट्सएप आधारित चैटबॉट सेवा (मोबाइल नंबर: 8005441222) के माध्यम से अब लोग घर बैठे ही परिवहन संबंधी अनेक सेवाओं एवं सूचनाओं का लाभ सहजता और पारदर्शिता के साथ प्राप्त कर सकते हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरल, सुलभ एवं पारदर्शी सेवाएं प्रदान करना है। इस चैटबॉट के माध्यम से उपयोगकर्ता अपने मोबाइल पर ही ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, कर भुगतान, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, और अन्य सेवाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अब नागरिकों को किसी भी परिवहन कार्यालय में अनावश्यक रूप से जाने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल मोबाइल नंबर 8005441222 को अपने व्हाट्सएप में सेव करें और “Hi” या “नमस्ते” लिखकर संदेश भेजें। चैटबॉट स्वतः ही आगे की प्रक्रिया में सहायता करेगा और संबंधित जानकारी कुछ ही क्षणों में उपलब्ध करा देगा। परिवहन विभाग ने बताया कि यह सेवा 24×7 उपलब्ध रहेगी और उपयोगकर्ताओं को डिजिटल माध्यम से तेज, सुरक्षित एवं विश्वसनीय जानकारी प्रदान करेगी। यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के अनुरूप नागरिक सेवाओं को तकनीक के माध्यम से अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इस नई व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपने अनुभवों से विभाग को अवगत कराएं ताकि इस सेवा को और बेहतर बनाया जा सके।

योगी आदित्यनाथ ने महिला क्रिकेट टीम को विश्वकप विजय पर सराहा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वनडे विश्वकप जीत पर बधाई लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को वनडे विश्वकप में मिली ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी गई। बैठक में टीम के जज़्बे, अनुशासन और शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा गया कि खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह जीत न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है बल्कि देश की युवा बेटियों के लिए प्रेरणा का भी स्रोत है। दिल्ली में हाल की आतंकी घटना की निंदा और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रदेश कैबिनेट ने दिल्ली में हाल ही में हुई आतंकी घटना की कड़ी निंदा की है। बैठक में कहा गया कि यह घटना देश की शांति और सुरक्षा पर हमला है। मुख्यमंत्री और कैबिनेट ने हमले में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

ओडीओपी ने दिखाई ताकत, बरेली की जरदोजी की यूरोप और अरब देशों के बाजारों में बढ़ रही डिमांड

इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर 2025 अंर्तराष्ट्रीय बाजार में चमकेगी बरेली की सुनहरी कढ़ाई, आईआईटीएफ में योगी मॉडल की धमाकेदार एंट्री ओडीओपी ने दिखाई ताकत, बरेली की जरदोजी की यूरोप और अरब देशों के बाजारों में बढ़ रही डिमांड योगी सरकार की लोकल टू ग्लोबल उड़ान: बरेली की जरी जरदोजी के हुनरमंद कारीगरों को मिला आसमान -दिल्ली में आयोजित हो रहे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में बरेली के हुनर को मिलेगा बाजार, लगेंगे स्टॉल बरेली  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की 'लोकल टू ग्लोबल' आर्थिक रणनीति तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है। कभी गलियों तक सीमित रहने वाली बरेली की जरी-जरदोजी की सुनहरी कढ़ाई अब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रही है। दिल्ली में होने वाले भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश का झंडा गर्व से लहराएगा और इसी मंच पर बरेली की जरी-जरदोजी पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित करेगी। सुनहरी कढ़ाई करने वाले बरेली के हुनरमंद कारीगरों की कला को यूरोप और अरब देशों के बाजारों में खूब पसंद किया जा रहा है। यही वजह है कि बरेली से 40 देशों को जरी-जरदोजी उत्पादों का निर्यात किया जाता है। योगी सरकार का विजन: 'लोकल टू ग्लोबल' की सफल उड़ान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाने, कामगारों को आत्मनिर्भर बनाने और निवेश को बढ़ाने के लिए ओडीओपी की शुरुआत की थी। बरेली की जरी-जरदोजी को इस योजना में शामिल किए जाने के बाद ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात-तीनों ही क्षेत्रों में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज हुई है। औद्योगिक उपायुक्त विकास यादव ने इस विषय में बताया कि आज बरेली का हुनर ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और खाड़ी देशों के बाजारों में अपनी जगह बना चुका है। लेदर जैकेट, बैग, क्लच, दुपट्टों और पार्टी वियर गाउन्स पर जरी–जरदोजी की कढ़ाई विदेशी ग्राहकों की पहली पसंद बनती जा रही है। आईआईटीएफ दिल्ली में लगेंगे आकर्षक स्टॉल योगी सरकार के प्रोत्साहन और ओडीओपी के तहत मिलने वाली सुविधाओं के बाद बरेली के प्रमुख उद्यमी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में धूम मचाने के लिए तैयार हैं। बरेली मंडल से नवाब जरी आर्ट, रश्मि जरी आर्ट, सनम जरी आर्ट, शिखा एंटरप्राइजेज, कमल ट्रेडर्स (शालू सक्सेना), अमन अटायर प्राइवेट लिमिटेड (आतिफ खान),  एमए इंटरनेशनल, कादरी एंड संस, साकिब जरी आर्ट, कुमकुम जरी-जरदोजी समेत इन सभी उद्यमियों ने अपने उत्पादों को ग्लोबल डिमांड के अनुसार तैयार कर लिया है। उम्मीद है कि इस वर्ष निर्यात के नए करार होंगे और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बरेली की पहचान और मजबूत होगी।

धमाकेदार कामयाबी की ओर एनडीए, साय कैबिनेट में उत्सव, मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को दी बधाई

रायपुर बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत एनडीए की ऐतिहासिक प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पूरा कैबिनेट जश्न मना रहा है. आज हो रही अहम कैबिनेट की बैठक के पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के तमाम सदस्यों को मिठाई खिलाकर एनडीए के प्रदर्शन पर बधाई दी. बता दें कि दोपहर डेढ़ बजे तक बिहार विधानसभा चुनाव में सामने आए रुझान में एनडीए को 201 सीटों पर बढ़त बना चुकी है, वहीं राष्ट्रीय जनता दल नीत महागठबंधन 36 सीटों पर संघर्ष कर रही है, जिसमें से राजद 27 सीटों पर, कांग्रेस 4 सीटों पर अन्य 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.

कांग्रेस ने बिहार परिणामों पर साधा निशाना: ‘हार के पीछे चुनाव आयोग और उसका SIR’

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अपने अंतिम चरण में है। मतगणना के शुरुआती रुझान में महागठबंधन बुरी तरह से पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है, जबकि एनडीए के बार फिर से सत्ता पर अपनी पकड़ को मजबूत बनाता हुआ दिख रहा है। कांग्रेस पार्टी ने अपनी इस हालत के लिए चुनाव आयोग और एसआईआर को जिम्मेदार बताया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा की चुनाव की मतगणना के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह चुनाव उनके और बिहार की जनता के बीच सीधी लड़ाई बन गया है।   एएनआई से बात करते हुए खेड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि इस मुकाबले में उनकी बढ़त बिहार की जनता पर भारी पड़ रही है। रुझानों को लेकर उन्होंने कहा, "यह तो अभी शुरुआती रुझान हैं, हम थोड़ा इंतजार कर रहे हैं। शुरुआती रुझान साफतौर पर बता रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार बिहार की जनता पर बढ़त बनाते हुए दिख रहे हैं। मैं बिहार की जनता को कम नहीं मानता। उन्होंने एसआईआर और वोट चोरी के बावजूद मुकाबला किया। यह मुकाबला सीधे तौर पर बिहार की जनता और भारत के चुनाव आयोग के बीच है, अब देखते हैं कौन जीतता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि एक किताब है ‘प्रेम से सेवा करना’। ज्ञानेश कुमार अब प्रधानमंत्री मोदी के लिए भी यही किताब लिख रहे हैं। पवन खेड़ा के अलावा कांग्रेस के दूसरे नेता उदित राज ने बिहार चुनाव में कांग्रेस और महागठबंधन की हार के लिए चुनाव आयोग और एसआईआर को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "यह भाजपा या एनडीए की नहीं, बल्कि एसआईआर की जीत है; यह एकतरफ़ा प्रतीत होता है। हमने एसआईआर का लगातार विरोध किया है और जवाब माँगा है, लेकिन चुनाव आयोग ने निर्देशानुसार जवाब दिया। चुनाव आयोग अब भी दावा कर रहा है कि उसे कोई आपत्ति नहीं मिली।" आपको बता दें कांग्रेस नेता की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब बिहार चुनाव की मतगणना में कांग्रेस पार्टी और उनका गठबंधन बुरी तरह से पिछड़ रहा है। वहीं, दूसरी और भाजपा और उनका गठबंधन एक बार फिर से सत्ता की तरफ बढ़ता दिख रहा है।

स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के माध्यम से आम जनता को लाभान्वित करने वाले राज्यों में अग्रणी है उत्तर प्रदेश

विकसित उत्तर प्रदेश, समर्थ उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में डाटा आधारित गवर्नेंस व डिजिटल इनोवेशन रख रहे प्रशासनिक पारदर्शिता की नींव स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के माध्यम से आम जनता को लाभान्वित करने वाले राज्यों में अग्रणी है उत्तर प्रदेश  प्रदेश में एसएमएस, व्हाट्सऐस व लाइव डैशबोर्ड जैसी पहले के माध्यम से शिकायतों का किया जा रहा है त्वरित निस्तारण योगी सरकार में सरकारी योजनाओं को लागू करने में भविष्य आधारित तकनीकों का प्रयोग कर पारदर्शिता के साथ प्रभावी निगरानी को किया जा रहा सुनिश्चित  लखनऊ  उत्तर प्रदेश को विकसित, समर्थ और सक्षम उत्तर प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार ने डाटा आधारित गवर्नेंस व डिजिटल इनोवेशन के माध्यम से प्रशासनिक पारदर्शिता की नींव रखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहां समावेशी विकास को भविष्य आधारित तकनीकों के इस्तेमाल से धरातल पर उतारा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि चाहें बात स्मार्ट पुलिसिंग की हो, मेडिकल इनोवेशन की हो या फिर एग्रिकल्चरल व एजुकेशनल रिफॉर्म्स की, उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के साथ ही आधुनिक तकनीक के समावेश से समाज के अंतिम पायदान पर स्थित लोगों तक सरकार की लाभदायक योजनाओं के प्रसार को सुनिश्चित कर रहा है।   प्रदेश में डाटा-आधारित प्रशासन ने सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी, त्वरित और जवाबदेह बनाया है। वहीं, तकनीक के व्यापक उपयोग से सेवाओं की वास्तविक समय में निगरानी संभव हुई है, जिससे आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ सीधे और बिना देरी मिल रहा है। स्मार्ट गवर्नेंस ने यूपी को अनुकरणीय मॉडल के रूप में किया स्थापित राज्य में स्मार्ट गवर्नेंस के तहत डिजिटल प्रक्रियाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। विभिन्न सरकारी विभागों में ऑनलाइन मॉनिटरिंग, डिजिटल फाइल ट्रैकिंग और डाटा-आधारित फैसलों ने प्रशासनिक दक्षता को नई ऊँचाई दी है। इन पहलों ने ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाओं की सुगमता सुनिश्चित की है, जिससे यूपी देशभर में डिजिटल गवर्नेंस का एक उल्लेखनीय मॉडल बनकर उभरा है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और लाइव डैशबोर्ड से त्वरित समाधान सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, स्कूलों के प्रदर्शन, शिकायत निस्तारण और सेवा उपलब्धता की निगरानी में एसएमएस, व्हाट्सऐप और लाइव डैशबोर्ड का उपयोग निर्णायक साबित हुआ है। इन माध्यमों के जरिए स्कूलों में शैक्षिक गैप की पहचान, योजनाओं की डिलीवरी की पुष्टि और शिकायतों का तत्काल समाधान संभव हुआ है। त्वरित संचार और रियल-टाइम डाटा ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के साथ ही निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए जवाबदेह भी बनाया है। क्यूआर कोड व डिजिटल टूल्स से बढ़ी पारदर्शिता मिड-डे मील कार्यक्रम में क्यूआर कोड, गूगल शीट्स, एक्सेल, यूडीआईएससी, टेलीग्राफ तथा गूगल फॉर्म जैसे डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल से व्यवस्था अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद हुई है। इन साधनों से भोजन वितरण की निगरानी, उपस्थिति सत्यापन और गुणवत्ता नियंत्रण का डाटा तुरंत उपलब्ध हो जाता है, जिससे अनियमितताओं पर अंकुश लगा है। तकनीकी नवाचारों ने यह सुनिश्चित किया है कि बच्चों को लाभ समय पर और सही रूप में मिल रहा है।

एनडीए की प्रचंड बढ़त पर ओपी चौधरी का बयान– बिहार में एनडीए की सुनामी

रायपुर बिहार चुनाव 2025 के शुरुआती रुझानों में एनडीए गठबंधन की बढ़त पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होने कहा कि यह सिर्फ एनडीए की बढ़त ही नहीं आंधी और सुनामी भी है. बिहार की जनता ने एनडीए को आशीर्वाद दिया. एनडीए विकसित भारत की नींव डाल रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता भी समझ रही हैं कि भाजपा और उनके सहयोगियों की सरकार बेहतर हैं. भाजपा और एनडीए को आशीर्वाद मिल रहा है. वहां सुशासन स्थापित किया जा रहा है. कांग्रेस पर वित्तमंत्री चौधरी ने साधा निशाना कांग्रेस के वोट चोरी वाले अभियान को लेकर मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कांग्रेस डूबती नांव हैं. महागठबंधन को जनता ने महठगबंधन करार दिया है. उनकी पार्टी के लोग अपनी जान बचाने इधर उधर भाग रहे हैं. इन्हें देश की जनता सबक सिखा रही है. जनता के बीच ये लोग नकारात्मक एजेंडा लेकर जाते हैं, अनर्गल आरोप लगाते हैं, जिसका जवाब जनता दे रही हैं.

बिहार चुनाव में RJD-कांग्रेस की हार पर दिग्विजय सिंह का बयान, शक हुआ सच

भोपाल बिहार चुनाव नतीजों में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए भारी जीत दर्ज करने की ओर है। आलम यह है कि भाजपा शानदार स्ट्राइक रेट के साथ अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज करने की ओर है। भाजपा 80 से अधिक विधानसभा सीटों पर बढ़त के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। BJP ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा था। वहीं 140 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने वाली राजद 40 से भी कम सीटों पर बढ़त बनाए है। कांग्रेस जिसने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 10 सीटों से कम पर आगे है। बिहार में RJD-कांग्रेस की हार पर दिग्विजय सिंह का तगड़ा बयान सामने आया है? कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मेरा शक था सही निकला। एसआईआर में 62 लाख वोट कटे 20 लाख वोट जुड़े। यही नहीं 5 लाख वोट बिना SIR फॉर्म भरे बढ़ा दिए गए। अधिकांश वोट गरीबों के दलितों के अल्प संख्यक वर्ग के कटे। इसके बावजूद ईवीएम पर शंका बनी हुई है। दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि कांग्रेस को अपने संघटन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आज के दौर में चुनाव मतदान केंद्र पर सघन जनसंपर्क का है ना कि रैलियों और जनसभाओं का। विजयी प्रत्याशियों को बधाई एवं शुभकामनाएं।

ग्रुप-D कर्मचारियों को बड़ी राहत: हरियाणा सरकार ने बदला पूरा सिस्टम, एक ही प्राधिकरण लेगा सभी फैसले

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने ग्रुप-डी कर्मचारियों से जुड़े मामलों को तेज़ और पारदर्शी ढंग से निपटाने के लिए एक बड़ी प्रशासनिक पहल की है। हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी (भर्ती एवं सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2018 और हरियाणा सरकारी राजपत्र (21 दिसंबर, 2023) के आधार पर जारी नए निर्देशों के तहत अब मानव संसाधन विभाग के महानिदेशक को नियुक्तिकर्ता प्राधिकरण घोषित किया गया है। यानी ग्रुप-डी कर्मियों की नियुक्ति, त्यागपत्र, स्थानांतरण और अनुशासनात्मक कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण निर्णय अब इसी प्राधिकरण से होकर गुजरेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मानवीय आधार पर नियुक्ति के सभी प्रकरणों की जांच हरियाणा मानवीय आर्थिक सहायता अथवा नियुक्ति नियम, 2019 के अनुसार की जाएगी। हर केस का सत्यापन एचएसएएस (हरियाणा प्रशासनिक सेवा) कैडर के अधिकारी द्वारा किया जाएगा। साथ ही, संबंधित विभागाध्यक्ष की विस्तृत सिफारिश भी आवश्यक होगी। सरकार ने कहा है कि बिना समुचित दस्तावेज़ और तस्दीक के कोई भी मानवीय आधार पर नियुक्ति का मामला आगे नहीं भेजा जाएगा। 28 मार्च, 2018 या उसके बाद नियुक्त हुए सभी कॉमन कैडर ग्रुप-डी कर्मचारियों के त्यागपत्र वाले प्रकरणों को नियंत्रण अधिकारी या विभाग के माध्यम से सीधे मानव संसाधन विभाग तक भेजा जाएगा। सरकार ने चेतावनी दी है कि अनावश्यक देरी वाले मामलों की जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय पर तय होगी। अनुशासनात्मक मामलों में संपूर्ण रिकॉर्ड अनिवार्य अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े मामलों में सरकार ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि कि मामले का पूरा दस्‍तावेज़ी रिकॉर्ड, तथ्यात्मक रिपोर्ट तथा विभागीय टिप्पणियां और सुझाव सभी अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं। सरकार ने साफ कहा है कि बिना पूर्ण रिकॉर्ड के अनुशासनात्मक प्रकरण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। विभागों को सख्त हिदायत जारी पत्र में सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इन नए नियमों को पत्र और भावना दोनों रूपों में लागू किया जाए। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था ग्रुप-डी कर्मचारियों से जुड़े मामलों को एक समान, पारदर्शी और तेज़ गति से निपटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और पूरे राज्य में समान प्रक्रिया लागू करने में मदद करेगी।