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‘सेवा ही सर्वोच्च धर्म’ के सिद्धांत पर सशक्त युवा, विकसित भारत बनाने के उत्सव की मेजबानी करेगी उत्तर प्रदेश की सरकार

डायमंड जुबली जंबूरी: जब एशिया-पैसिफिक के प्रतिनिधि चखेंगे बनारसी खाने का स्वाद और देखेंगे भारतीय हस्तकला परंपरा और तकनीक का संगम: 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी युवाओं में राष्ट्रीय सेवा और वैश्विक भाईचारे की भावना करेगी मजबूत सांस्कृतिक गौरव का उत्सव: लखनऊ में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का महाकुंभ, 75वीं वर्षगांठ का भव्य समारोह लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 61 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत स्काउट्स और गाइड्स के महाकुम्भ की मेज़बानी के लिए पूरी तरह तैयार है। योगी सरकार 23 से 29 नवंबर तक 19वें राष्ट्रीय जम्बूरी कार्यक्रम का आयोजन कर रही है, जो भारतीय संस्कृति और एकता में विविधता का एक भव्य उत्सव होगा। "सशक्त युवा विकसित भारत" थीम पर आधारित इस "डायमंड जुबली" कार्यक्रम में देश भर से लगभग 30,000 स्काउट-गाइड और यूनिट लीडर्स के साथ 1500 विदेशी प्रतिभागियों समेत कुल 33,000 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। यह आयोजन न केवल स्काउटिंग परंपरा का उत्सव है, बल्कि युवाओं में सेवा, अनुशासन और नेतृत्व कौशल को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है। काशी के घाटों पर आस्था और संस्कृति का संगम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर, आयोजन स्थल को 'लघु भारत' का भव्य स्वरुप दिया जा रहा है, जहाँ देश के हर कोने की पहचान एक साथ जीवंत होगी। इस सांस्कृतिक समागम का मुख्य आकर्षण काशी के घाटों का प्रतिरूप होगा। विश्व भर से आए प्रतिभागियों के समक्ष सातों दिन काशी के घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की शानदार प्रस्तुति की जाएगी। यह प्रस्तुति विश्व पटल पर भारत के आध्यात्मिक गौरव और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाएगी। देशभर के स्वाद और कला का अनुभव यह जम्बूरी 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को साकार करती हुई, प्रतिनिधियों को देश की विविधता का प्रत्यक्ष अनुभव कराएगी। वाराणसी के कंटीजेंट लीडर आशु कुमार वर्मा के अनुसार, फूड प्लाजा में न केवल बनारसी पान का स्टाल लगेगा, बल्कि बनारसी चाट, पूड़ी-कचौड़ी और जलेबी का स्वाद भी विश्वभर से आए मेहमान चख सकेंगे। इसके साथ ही, हस्तकला में वेस्ट मटेरियल से हस्तशिल्प और मिट्टी को आकार देकर कलाकृतियाँ बनाई जाएंगी, जो भारत की कलात्मक विरासत को प्रदर्शित करेंगी। नवाचार और भविष्य का नेतृत्व युवाओं में नवाचार और नेतृत्व कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए, आयोजन स्थल पर एक विशेष आईटी एवं एआई हब स्थापित किया जा रहा है। यहाँ डिजिटल लर्निंग, इनोवेशन और लीडरशिप से जुड़े वर्कशॉप आयोजित होंगे। स्काउट्स को शिक्षा, रोबोटिक्स और साइंस एक्सपो के माध्यम से आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे विकसित भारत के लिए सक्षम नेतृत्वकर्ता बन सकें। यह जम्बूरी युवाओं को "सेवा ही सर्वोच्च धर्म" के आदर्श से प्रेरित करेगी। 61 वर्षों के बाद उत्तर प्रदेश में हो रहा यह भव्य आयोजन, युवा नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना का प्रतीक बनकर, देश और विदेश में एक अमिट छाप छोड़ेगा।

आजीविका मिशन की मदद से ग्रामीण महिलाओं का समूह तैयार कर रहा एलईडी बल्ब

झांसी में ग्रामीण महिलाओं का समूह एलईडी बल्ब बनाने और मार्केटिंग का खुद कर रहा काम झांसी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित कर रही है। महिलाओं के कई समूहों ने अभिनव पहल करते हुए प्रेरणा देने वाली मिसाल कायम की है। ऐसा ही एक उदाहरण प्रस्तुत किया है झांसी जिले के चिरगांव ब्लॉक के ग्राम जरियाई की जय मां रतनगढ़ वाली महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने। इन महिलाओं ने उद्यमिता की राह पर कदम बढ़ाते हुए एलईडी बल्ब बनाने का काम शुरू किया है। महिलाओं का समूह बल्ब बनाकर इस एलईडी बल्ब को अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में बिक्री करता है। जय मां रतनगढ़ वाली महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष अंजना के अनुसार ने उनके समूह से 12 महिलाएं जुड़ी हैं। लगभग 8 महीने पहले एलईडी बल्ब बनाने का काम उनके समूह ने शुरू किया है। महिलाओं के समूह ने इस काम को शुरू करने के लिए दस हजार रूपये जुटाए और उससे जरूरी सामान मंगवाए। समूह की महिलाओं ने लोन भी लिया। योगी सरकार ने महिलाओं को बल्ब निर्माण का प्रशिक्षण दिलाया। समूह की महिलाओं को बल्ब बनाने के लिए रॉ मैटेरियल प्रदान किया जाता है। महिलाएं इस मैटेरियल से एलईडी बल्ब बनाकर बिक्री का काम करती हैं। समूह की महिलाएं हर रोज 150 से अधिक बल्ब तैयार करती हैं और उसकी बिक्री की रणनीति भी खुद तैयार करती हैं।  चिरगांव ब्लॉक की बीएमएम कल्पना के अनुसार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को समूह का गठन कराने के बाद संबंधित काम का प्रशिक्षण दिलाया गया। इन उत्पादों की बिक्री के लिए प्रदर्शनियों और मेलों में सरकार की ओर से निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराया जाता है। महिलाओं के समूह ने इस पहल के माध्यम से आजीविका अर्जित करने की ओर कदम बढ़ाया है।

बिहार की राजनीति में नई हलचल: JDU के बिना सरकार गठन पर संजय झा ने क्या कहा?

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली ऐतिहासिक जीत और 200 से अधिक सीटों का जादुई आंकड़ा पार करने के बाद राजनीतिक हलचल तेज है। इसबार के चुनावी आंकड़ों को देखने के बाद कयासों का बाजार भी गर्म है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि बिहार की 243 सीटों में से सबसे ज्यादा बीजेपी ने 89 सीटें जीती हैं। वहीं सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड को 85 सीटें मिली हैं। सीटों की संख्या में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके बाद से कुछ लोगों का दावा है कि भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। हालांकि, जेडीयू ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ऐसे तमाम अटलकों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए एकजुट है। भाजपा और जेडीयू के अलावा एनडीए में शामिल चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास ) को 19 सीटें मिली हैं। वहीं, जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) को पांच सीटें, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा चार सीटें जीतने में सफल रही है। ऐसे में यह संख्या 202 तक पहुंच जाती है। इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। लालू यादव की पार्टी को सिर्फ 25 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। वहीं सहयोगी दल कांग्रेस को छह सीटें मिली हैं। इसके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन को दो सीटें मिली हैं। असदुद्दीन औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम पांच सीटें जीतने में कामयाब रही है। इसके अलावा इंडियन इन्क्लुसिव पार्टी (IIP), माकपा और बहुजन समाज पार्टी को एक-एक सीट मिली है। संख्या को देखते हुए कयासों का बाजार गरमाया हुआ है। नीतीश के बिना भाजपा के सरकार चलानी की अटकलें लगाई जा रही हैं। एक थ्योरी यह भी गढ़ी जा रही है कि नीतीश कुमार और विपक्ष के तमाम दलों के साथ सरकार बन सकती है। उसमें ओवैसी का भी साथ रहे। इन तमाम अटकलों को लेकर संजय झा से सवाल पूछे गए। उनसे पूछा गया कि क्या बिना जेडीयू के भी सरकार बना सकती है बीजेपी? क्या नीतीश ही पांच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे? संजय झा ने साफ शब्दों में जवाब देते हुए कहा, “मैं इस तरह की अटकलों पर टिप्पणी नहीं कर सकता। समय आने पर सब स्पष्ट हो जाएगा। एनडीए के भीतर किसी तरह का कोई भ्रम नहीं है।” एनडीए की अंदरूनी राजनीति पर क्या असर पड़ेगा? इस सवाल के जवाब पर संजय झा ने कहा “डायनमिक्स वही रहेंगे। हम सब मिलकर काम कर रहे हैं और हमारे बीच बेहतरीन तालमेल है। इतनी बड़ी जीत के बाद हमारा फोकस सिर्फ यह है कि हम जनता के लिए डिलीवरी करें। केंद्र और राज्य के बीच संबंध पहले से ही बहुत अच्छे हैं।” उन्होंने कहा, “यह जीत एनडीए के एकजुट होकर लड़ने का नतीजा है। इसमें चिराग पासवान भी शामिल हैं। अगर सभी गठबंधन साझेदार एकसाथ नहीं होते, तो 200 का आंकड़ा पार करना संभव नहीं था।”  

साउथ अफ्रीका का धमाका: 30 रनों से टीम इंडिया को हराकर किया बड़ा उलटफेर

नई दिल्ली टेंबा बवुमा की अगुवाई वाली साउथ अफ्रीका की टीम ने कोलकाता टेस्ट में बड़ा उलटफेर करते हुए टीम इंडिया को 30 रनों से धूल चटाई। साउथ अफ्रीका ने भारत के सामने जीत के लिए 124 रनों का टारगेट रखा था, मगर इस स्कोर के सामने पूरी भारतीय टीम 93 रनों पर ही ढेर हो गई। कप्तान शुभमन गिल चोटिल होने की वजह से दूसरी पारी में भी बैटिंग करने नहीं आए।  वॉशिंगटन सुंदर ने 92 गेंदों पर 31 रनों की पारी जरूर खेली, मगर दूसरे छोर से उन्हें किसी का साथ नहीं मिला। साउथ अफ्रीका के लिए जीत के हीरो साइमन हार्मर रहे, जिन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर 8 विकेट चटकाए। बता दें, साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 159 रन बनाए थे, जिसके जवाब में टीम इंडिया ने 30 रनों की बढ़त हासिल करते हुए 189 रन बनाए थे। साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी 153 पर सिमटी थी। टेंबा बावुमा ने 55 रनों की शानदार पारी खेली थी। दो मैच की इस सीरीज में अब साउथ अफ्रीका 1-0 से आगे है। साउथ अफ्रीका 30 रनों से जीता केशव महाराज ने मोहम्मद सिराज को आउट कर भारतीय पारी को 93 रनों पर समेट दिया है। साउथ अफ्रीका ने बड़ा उलटफेर करते हुए इस टेस्ट मैच को 30 रनों से अपने नाम किया।

स्टार्टअप संस्कृति को और मजबूत बनाया जाए, प्रशिक्षण, परीक्षण और मार्केट लिंकेज की हर जरूरत पूरी हो: मुख्यमंत्री

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, कहा; निवेशकों को इंसेंटिव के लिए न करनी पड़े प्रतीक्षा सेमीकंडक्टर परियोजनाओं पर तेजी से कार्य, 02 नई परियोजनाओं के लिए भारत सरकार से सतत संवाद बनाए रखें: मुख्यमंत्री आईटी और आईटीईएस सेक्टर में युवाओं की प्रत्यक्ष सहभागिता बढ़ाई जाए: मुख्यमंत्री नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा में नए लैंड बैंक विकसित किए जाएं: मुख्यमंत्री 08 वर्षों में यूपी का इलेक्ट्रॉनिक निर्यात 3,862 करोड़ से बढ़कर 44,744 करोड़ के पार आईटी निर्यात ₹82,055 करोड़ और डाटा सेंटर में ₹21,342 करोड़ का निवेश आया 06 एसटीपीआई सेंटर संचालित, तीन नए प्रस्तावित मुख्यमंत्री ने उभरती तकनीकों में रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इसे और सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण, परीक्षण और मार्केट लिंकेज की सभी जरूरतों को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को तकनीक आधारित नई अर्थव्यवस्था से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आईटी और आईटीईएस सेक्टर में अधिक युवाओं को जोड़ने के लिए प्रायोगिक प्रशिक्षण मॉडल विकसित किए जाएं और इसके लिए इयान रियलिटी जैसी संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाया जाए। शनिवार को सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी और आईटीईएस सेक्टर से जुड़े निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध अनुमति व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र निवेशकों को प्रोत्साहन राशि के लिए प्रतीक्षा नहीं करनी पड़े और इस संबंध में विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण में उत्तर प्रदेश की स्थिति लगातार मजबूत हुई है। अब लक्ष्य इसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में शीर्ष श्रेणी में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक परियोजना स्वीकृत हो चुकी है जबकि दो अन्य प्रस्तावों के लिए भारत सरकार से सतत संवाद बनाए रखा जाए। उन्होंने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा में नए लैंड बैंक विकसित करने का निर्देश भी दिया। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017-18 में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्यात ₹3,862 करोड़ था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर ₹44,744 करोड़ तक पहुंच गया। इसी अवधि में आईटी निर्यात ₹55,711 करोड़ से बढ़कर ₹82,055 करोड़ हो चुका है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति 2020 के तहत 67 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें ₹15,477 करोड़ के निवेश और 1,48,710 रोजगार की संभावनाएं हैं। अब तक ₹430 करोड़ की प्रोत्साहन धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है और मार्च 2026 तक 25 अन्य प्रस्तावों के आगे बढ़ने की संभावना है। डाटा सेंटर नीति के अंतर्गत हीरानंदानी समूह, एनटीटी ग्लोबल, वेब वर्क्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और एसटी टेलीमीडिया सहित कई कंपनियों ने ₹21,342 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे लगभग 10 हजार नए रोजगार सृजित हो रहे हैं। स्टार्टअप नीति के तहत भी निरंतर प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में जहां ₹274 लाख की धनराशि स्टार्टअप प्रोत्साहन के लिए जारी की गई थी, वहीं जनवरी 2025 तक यह मूल्य बढ़कर ₹2,600 लाख तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप फंड के प्रभावी उपयोग और निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे रक्षा मंत्री व सीएम योगी

वीरांगना ऊदा देवी पासी का बलिदान दिवस रविवार 16 नवम्बर को स्वाभिमान समारोह का भी उद्घाटन करेंगे रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री  रविवार को सेक्टर-19 वृंदावन कॉलोनी, पासी चौराहा लखनऊ में होगा आयोजन लखनऊ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। शौर्य, त्याग व बलिदान की प्रतिमूर्ति वीरांगना ऊदा देवी पासी का रविवार को बलिदान दिवस है। इस दौरान स्वाभिमान समारोह का भी उद्घाटन होगा। यह आयोजन रविवार सुबह 10 बजे सेक्टर-19 वृंदावन कॉलोनी, पासी चौराहे पर होगा। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि वीरांगना ऊदा देवी पासी ने 1857 के प्रथम भारतीय स्वाधीनता संग्राम में अपने अदम्य साहस व पराक्रम से 36 अंग्रेज सैनिकों को मौत के घाट उतारकर वीरगति का वरण किया था। इसलिए वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान दिवस पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

जिला स्तर पर आर्थिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग के लिए उन्नत तकनीक का हो इस्तेमालः प्रमुख सचिव नियोजन

-सांख्यिकीय अधिकारियों के सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित विशेष कार्यशाला में प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव व निर्देश कार्यशाला में जनपदीय/ मंडलीय अधिकारियों को ओ.टी.डी. सेल की बैठकों की समीक्षा कराते हुए अपेक्षित सुधार की आवश्यकता पर दिया गया बल जनपद स्तर पर तैयार किये जा रहे ‘जिला आर्थिक प्रतिवेदन’ को विकास तथा समावेशी बनाने की आवश्यकता को किया गया रेखांकित जिला घरेलू उत्पाद (DDP) अनुमान, जिला ओ.टी.डी. सेल, डी.डी.पी. टूलकिट एवं वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण की उपयोगिता के विषय में कराया गया अवगत कार्यशाला में नियोजन विभाग के महत्त्व को रेखांकित करते हुए दायित्वों के तत्परता से निर्वहन के लिए अधिकारियों को किया गया निर्देशित लखनऊ प्रदेश को 'वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी' बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार ने सांख्यिकीय अधिकारियों के सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। शनिवार को योजना विभाग द्वारा योजना भवन, कक्ष संख्या 111, लखनऊ में 'फ्रॉम डाटा टू डेवलपमेंटः स्ट्रेंदनिंग डिस्ट्रिक्ट लेवल इकॉनमिक लाइट' विषय पर एकदिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, नियोजन आलोक कुमार द्वारा की गई तथा उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण सुझाव व निर्देश दिए। कार्यशाला का शुभारंभ अतिथि एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के स्वागत से हुआ, जिसके बाद निदेशक, अर्थ एवं संख्या, अलका बहुगुणा ढौंडियाल ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए अवगत कराया कि बदलते परिवेश में नीतियों के प्रभावी एवं सटीक निर्धारण के लिए सांख्यिकीय आंकड़ों की विश्वसनीयता, गुणवत्ता, समयबद्धता तथा उनके समुचित उपयोग का सुनिश्चित होना अत्यंत आवश्यक है।  जिला स्तर पर आर्थिक आंकड़ों की भूमिका पर बल प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने अपने मुख्य वक्तव्य में जिला स्तर पर आर्थिक आंकड़ों की भूमिका और उनके प्रभावी उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नवीन पद्धतियों एवं सुसंगत आंकड़ों के प्रयोग से जनपद/ मण्डल स्तर पर विकास को वांछनीय गति देने के लिए जिला/ मंडल प्रशासन को अवगत कराने तथा आवश्यकतानुसार उन्हें सकारात्मक हस्तक्षेप के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। साथ ही, प्रमुख सचिव द्वारा जनपदीय/ मंडलीय अधिकारियों से अपेक्षा की गयी कि ओ.टी.डी. सेल की बैठकों में तथ्यपरक समीक्षा कराते हुए अपेक्षित सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। प्रमुख सचिव द्वारा ओ.टी.डी. मिशन को आर्थिक विकास मिशन के रूप में देखते हुए अपेक्षित कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया।  ‘जिला आर्थिक प्रतिवेदन’ से समावेशी विकास की राह होगी सुनिश्चित कार्यशाला में जनपद स्तर पर तैयार किये जा रहे ‘जिला आर्थिक प्रतिवेदन’ के माध्यम से जनपद में कुशल नीतियों के निर्माण से विकास के साथ ही उसके समावेशी होने की प्रबल आवश्यकता को रेखांकित किया। जिला घरेलू उत्पाद (DDP) अनुमान, जिला ओ.टी.डी. सेल, डी.डी.पी. टूलकिट एवं वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण की जनपदीय विकास हेतु उपयोगिता को तथ्यपरक रूप में अवगत कराया। आलोक कुमार ने कहा कि जनपद स्तर पर सटीक आंकड़ों के प्रयोग से जनपद की विकास में सक्षम भागीदारी से प्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे राष्ट्रीय विकास की अवधारणा साकार होगी। प्रमुख सचिव ने नियोजन विभाग के महत्त्व को रेखांकित करते हुए प्रदेश के चौमुखी विकास में आंकड़ों के महत्त्व तथा अर्थ एवं संख्या प्रभाग के अति महत्वपूर्ण दायित्व के तत्परता से निर्वहन के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों के लिए सजग रहने का निर्देश  सचिव, नियोजन मासूम अली सरवर द्वारा सभी अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों के लिए सजग एवं सचेत रहते हुए शासन की प्राथमिकता की योजनाओं को आंकड़ों के माध्यम से लागू किये जाने की अपेक्षा से अवगत कराते हुए सभी अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही, उन्हें भविष्य में आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण/ वर्कशॉप के माध्यम से अपने को भिज्ञ एवं प्रासंगिक बनाए रखने पर विशेष बल दिया। प्रदेश के डिजिटल पद्धति से आंकड़ों के एकत्रीकरण की प्रशंसा आशीष कुमार, सेवानिवृत्त महानिदेशक, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम मंत्रालय द्वारा अपने उद्बोधन में प्रदेश के डिजिटल पद्धति से आंकड़ों के एकत्रीकरण जैसे नवाचार की प्रशंसा की एवं आंकड़ों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पर्यवेक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उनके द्वारा जिला घरेलू उत्पाद अनुमान की बहुचर्चित उत्तर प्रदेश की पुस्तिका की भी प्रशंसा करते हुए अवगत कराया गया उत्तर प्रदेश अनेक प्रदेशों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। उनके द्वारा आगामी समय में संख्याविदों की सेवाओं की बढ़ती जिम्मेदारियों के प्रति सजग कराया गया। तकनीकी सत्रों के माध्यम से कई विषयों पर की गई चर्चा कार्यशाला में तकनीकी सत्रों के माध्यम से जिला घरेलू उत्पाद (DDP) अनुमान, जिला ओ.टी.डी. सेल, डी.डी.पी. टूलकिट, वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक, PLFS/ASUSE सर्वेक्षण, महिला आर्थिक सशक्तिकरण सूचकांक (WEE Index) एवं "विकसित उत्तर प्रदेश @2047" जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला में आशीष कुमार, सेवानिवृत्त महानिदेशक, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम मंत्रालय, भारत सरकार, मासूम अली सरवर, सचिव नियोजन/ महानिदेशक, अर्थ एवं संख्या प्रभाग, उत्तर प्रदेश, अक्षत वर्मा, विशेष सचिव, नियोजन विभाग, अलका बहुगुणा, निदेशक, अर्थ एवं संख्या प्रभाग, संजय कुमार श्रीवास्तव, अपर निदेशक, श्री आर.के. मिश्रा, अपर निदेशक एवं क्षेत्रीय उप निदेशक (अर्थ एवं संख्या) एवं अर्थ एवं संख्याधिकारी उपस्थित रहे।  

सड़क दुर्घटना में बड़ी जनहानि: श्रद्धालुओं से भरा टेंपो ट्रक से भिड़ा, छह की मौत

जोधपुर जोधपुर-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बालेसर थाना क्षेत्र में रामदेवरा दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरा टेंपो सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से जा भिड़ा। भीषण टक्कर में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का उपचार एमडीएम अस्पताल, जोधपुर में चल रहा है। मृतक और घायल सभी गुजरात के साबरकांठा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसा सुबह करीब 5:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-125 पर खारी बेरी गांव के पास हुआ। बालेसर थाना प्रभारी मूल सिंह भाटी ने बताया कि बाजरे की बोरियों से भरा ट्रक तेज गति में अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे टेंपो से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेंपो का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया, जबकि ट्रक भी आगे जाकर पलट गया। टेंपो में आगे बैठे महेंद्र ने बताया कि सभी श्रद्धालु गुजरात के साबरकांठा जिले से रामदेवरा के दर्शन के लिए निकले थे। हादसे के बाद तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो ने जोधपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दुर्घटना के तुरंत बाद हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों ने अपने वाहन रोककर घायलों की मदद की और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। बालेसर, आगोलाई और हाईवे सेवा की तीन एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को पहले बालेसर सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जोधपुर रेफर किया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को बालेसर सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया है और ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद स्थल पर चीख-पुकार मच गई थी, और आसपास के वाहन चालकों ने भी बचाव कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फिलहाल हादसे की जांच जारी है।  

समग्र और सुव्यवस्थित विकास का ख़ाका खींच कर योगी सरकार काशी को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर तेजी से उभार रही है

प्राचीन काल से ही काशी अपनी संस्कृति, धर्म, अध्यात्म और विरासत के लिए विश्वभर में रही है ख्यातिप्राप्त वाराणसी प्राचीन संस्कृति,आध्यात्मिक चेतना और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध काशी जिसे दुनिया "वाराणसी" और 'बनारस' के नाम से भी जानती है। अब ये शहर एक बार फिर अपने पुराने वैभव की ओर लौट रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में चल रहे सतत विकास कार्यों के चलते यह नगरी न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनी हुई है, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भी नई चमक के साथ उभर रही है। योगी सरकार द्वारा 2017 में प्रदेश की बागड़ोर संभाले के बाद वाराणसी के पर्यटन विकास को प्राथमिकता मिली। आठ सालों के दौरान 35,705.07 लाख रुपये की लागत से 79 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ । इन परियोजनाओं में से कई कार्य पूर्ण हो चुका हैं, जबकि कई पर्यटन विकास कार्यो पर काम तीव्र गति से चल रहा हैं। काशी के समग्र और सुव्यवस्थित विकास का ख़ाका खींच कर योगी सरकार काशी को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर तेजी से उभार रही है। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि पिछले करीब 8 सालों में 19219.57 लाख की लागत से 49 पर्यटन के विकास कार्यो को कराया जा चुका है। जबकि 30 पर्यटन विकास के महत्वपूर्ण विकास कार्यों को 16485.5 लाख रूपये की लागत तेजी से कराया जा रहा है।   19219.57 लाख की लागत से पूर्ण हुए प्रमुख पर्यटन विकास के कार्य  गलियों का शहर कहे जाने वाली काशी की गलियों के सौंदर्यीकरण को आधुनिक तरीके से विकसित किया गया है। घाटों का सौंदर्यीकरण कर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाया गया है। काशी की चार धाम यात्रा,काशी विष्णु यात्रा,द्वादश आदित्य यात्रा, नव दुर्गा, अष्ट भैरव, नव गौरी, विनायक, द्वादशज्योतिर्लिंग के लिए पावन पथ का निर्माण कार्य, पंचक्रोशी यात्रा के पांच पड़ाव के पर्यटन विकास का कार्य एवं अन्य कई धार्मिक यात्राओ और मार्ग में पड़ने वाले मंदिरो का विकास, रोहनिया, पिंडरा, शिवपुर आदि क्षेत्रो के ग्रामीण इलाकों में प्राचीन आस्था के केंद्र, मंदिरो, तालाबों, कुंडो आदि का कार्य, सामने घाट एवं रामनगर में शास्त्रीय घाट का पक्के घाट के रूप में निर्माण।  मांर्कण्डये महादेव मंदिर, सारंग नाथ तालाब, शूलटंकेश्वर मदिर गंगा घाट व अन्य मंदिरो और घाटों, सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो, बुद्धा थीम पार्क, संत शिरोमणि रविदास जी के जन्म स्थली पर जन सुविधा के कार्य,  क्रूज़ बोट का संचालन, लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर पर्यटन सूचना केंद्र, नरसिंह मठ, शंकुलधारा मठ, राजघाट पर चेंजिंग रूम, पिंडरा में माँ भद्रकाली मंदिर का सौंदर्यीकरण आदि कार्य है।  16485.5 लाख की लागत से  प्रमुख से गतिमान पर्यटन विकास के कार्य  टूरिज्म डेवलपमेंट के योजना के अंतर्गत, जैन तीर्थंकर चंद्रप्रभु की जन्मस्थली चंद्रावती, सारनाथ के सारंग नाथ मंदिर का पर्यटन विकास, मणिकर्णिका घाट सतुआ बाबा आश्रम का पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण एवं डोमरी स्थित आश्रम में यात्री निवास, पर्यटन आवास गृह परेड कोठी व राही पर्यटक आवास गृह का उच्चीकरण मनारी रोड पर सरफेस पार्किंग, संत रविदास पार्क सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार, तेलियाना घाट पर निषादराज की प्रतिमा, मांडवी कुंड व गणेश मंदिर, हेलीपोर्ट, सात प्रमुख घाटों पर 7 जेटी चेंजिंग रूम, गुरुधाम मंदिर का पर्यटन विकास, थाईवट टेम्पल (बुद्धा स्टेचू ) पर फसाद लाइट, करखियाँव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पार्क का निर्माण, लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद के घर को संग्रहालय के रूप में विकसित करना, बौद्ध परिपथ में साइनेज, नगवा स्थित संत रविदास पार्क का सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार, मांडवी कुंड का सौंदर्यीकरण, संत कबीर प्राकट्य स्थल का पर्यटन विकास आदि पर्यटन विकास के कई कार्य निर्माणाधीन है।  काशी में पर्यटन विकास पर लोगों की राय  "योगी सरकार ने काशी  का चौतरफा विकास कराया है,जिसमे छोटे से लेकर बड़े पर्यटन स्थल का जीर्णोद्धार हुआ है। जिसको देखने के लिए पर्यटकों अब अधिक दिन तक काशी प्रवास कर रहे है। इससे होटल उद्योग को लाभ हो रहा है।"   होटल व्यवसायी , विकास अग्रवाल  "पहले पर्यटकों श्री काशी विश्वनाथ धाम, घाट ,सारनाथ  आदि स्थानों तक सिमित रहते थे , योगी सरकार ने पिछेल साढ़े आठ सालो में पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास कराया है। इन स्थलों तक आसानी से पहुंचना ,अच्छी सुविधा होना ,और रख-रखाव अच्छा होने से पर्यटकों का आवागमन बढ़ रहा है। जिससे काशी के पर्यटन उद्योग को काफी फायदा हों रहा है।"   अभिषेक शर्मा, गवर्मेंट एप्रूव्ड गाइड, यूपी टूरिज्म

हाईवे हादसा: फॉर्च्यूनर ट्रैक्टर में घुसी, पांच लोगों की मौके पर दर्दनाक मौत

ग्वालियर ग्वालियर-झांसी हाईवे पर सुबह 6.30 बजे भीषण हादसा हो गया। मालवा कॉलेज के ठीक सामने रेत से भरे ट्रैक्टर में एक फॉर्च्यूनर कार जा घुसी। हादसा इतना गंभीर था कि फॉर्च्यूनर में सवार पाँच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे में मृत लोगों के नाम क्षितिज उर्फ प्रिंस राजावत, राज पुरोहित, कौशल सिंह भदौरिया, आदित्य उर्फ राम जादौन और अभिमन्यु सिंह तोमर हैं। यह सभी ग्वालियर के ही रहने वाले हैं, छात्र हैं। क्षितिज के पिता उमेश बिल्डर हैं, गाड़ी इसके पिता की ही थी। क्षितिज ही गाड़ी चला रहा था। जानकारी के मुताबिक फॉर्च्यूनर (एमपी 07 सीजी 9006) झांसी की ओर से आ रही थी। मालवा कॉलेज के सामने जैसे ही गाड़ी गुजरी, मोड़ से रेत से भरा ट्रैक्टर निकला। फॉर्च्यूनर तेज रफ्तार में थी, जिससे चालक गाड़ी संभाल नहीं पाया और वाहन ट्रैक्टर ट्रॉली में घुस गया। कार का आधा हिस्सा ट्रॉली के नीचे चला गया और पांचों की मौके पर ही मौत हो गई। शव ट्रैक्टर ट्रॉली और कार के बीच फंसे हुए थे। कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों की मदद से कटर से गाड़ी काटकर शवों को निकालने का प्रयास शुरू किया गया। पुलिस ने क्या कहा एसएसपी, धर्मवीर सिंह ने कहा कि "झांसी रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत मलवा कॉलेज के सामने बड़ा हादसा हुआ है। पाँच लोगों की मौत हुई है। मौके पर फोर्स भेजी है।"