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नवनियुक्त मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात की

जयपुर नवनियुक्त मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात की। कागज़ों में इसे भले शिष्टाचार भेंट कहा गया हो, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में यह वह अहम मोड़ माना जाता है जहां सरकार और नौकरशाही अपने नए अध्याय की रूपरेखा तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री के लिए यह अवसर था नए मुख्य सचिव की कार्यशैली और उनकी प्राथमिकताओं को समझने का। वहीं वी. श्रीनिवास के लिए यह मुलाकात सरकार की विकास योजनाओं और शासन की दिशा का पहला संकेत थी। हल्के व्यंग्य में कहें तो तस्वीरों में मुस्कान भले सौम्य रही हो, लेकिन भीतर दोनों तरफ़ दिमाग़ आने वाले महीनों की रणनीति पर तल्लीनता से काम कर रहा था—कौन-सा विभाग प्राथमिकता पर, किन योजनाओं की रफ्तार तेज़ होनी है और किन फाइलों की धूल झाड़नी है। हालांकि मुलाकात का सकारात्मक संदेश स्पष्ट है—सरकार और प्रशासन के बीच तालमेल को नए सिरे से मजबूत करने का यह शुरुआती संवाद आने वाले समय में तेज़ फैसलों और परिणामों की जमीन तैयार करता हुआ दिखाई देता है।

थरूर का PM मोदी पर बड़ा बयान, पार्टी में बढ़ी बेचैनी

नई दिल्ली  कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की खुलकर सराहना की है। दिल्ली में एक निजी कार्यक्रम में पीएम मोदी के भाषण से प्रभावित थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर उनकी तारीफ की। यह कोई पहला मौका नहीं है जब थरूर ने पीएम मोदी की प्रशंसा की हो, इससे पहले भी कई बार उनकी तारीफ करने पर कांग्रेस के अंदर उनके खिलाफ असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। भारत उभरता हुआ मॉडल शशि थरूर ने बताया कि उन्हें दिल्ली में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, जहां प्रधानमंत्री ने “विकास के लिए भारत की रचनात्मक अधीरता” और उत्तर-औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति पर विस्तार से बात की। थरूर के अनुसार, पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब सिर्फ एक ‘उभरता हुआ बाजार’ (emerging market) नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक ‘उभरता हुआ मॉडल’ (emerging model) बन गया है। थरूर ने पीएम के हवाले से लिखा, “लोग मुझ पर हर समय ‘चुनावी मोड’ में रहने का आरोप लगाते हैं, लेकिन असल में मैं जनता की समस्याओं के समाधान के लिए ‘भावनात्मक मोड’ में रहता हूं।”   मैकाले की गुलामी मानसिकता को पलटने का आह्वान प्रधानमंत्री के भाषण का सबसे प्रमुख हिस्सा ब्रिटिश शिक्षा नीति के जनक थॉमस बेबिंगटन मैकाले की 200 साल पुरानी “गुलामी मानसिकता” को पूरी तरह उलटने पर केंद्रित था। पीएम मोदी ने भारत की अपनी विरासत, भाषाओं और प्राचीन ज्ञान प्रणालियों पर फिर से गौरव बहाल करने के लिए अगले 10 वर्षों को “राष्ट्रीय मिशन” बनाने की अपील की। थरूर ने इसे आर्थिक दृष्टिकोण के साथ-साथ सांस्कृतिक आह्वान बताया, जिसमें राष्ट्र को प्रगति के लिए बेचैन रहने का संदेश दिया गया। सर्दी-जुकाम से जूझते हुए भी कार्यक्रम में मौजूद रहने की बात करते हुए थरूर ने लिखा, “प्रधानमंत्री के संबोधन से प्रभावित हुआ। दर्शकों के बीच रहकर खुशी हुई!” कांग्रेस के साथ बढ़ता तनाव शशि थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच संबंध पिछले कुछ महीनों से लगातार खराब हो रहे हैं। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद सरकार ने मित्र देशों को भेजे गए संसदीय प्रतिनिधिमंडलों में थरूर को विपक्ष की ओर से शामिल किया था। उन्होंने अमेरिका सहित पांच देशों के दौरे का नेतृत्व किया था। इसके बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पीएम मोदी की “ऊर्जा, गतिशीलता और वैश्विक जुड़ाव की इच्छा” की सार्वजनिक तारीफ करने पर पार्टी के अंदर उनकी आलोचना और तेज हो गई थी। कांग्रेस के कई नेताओं का मानना है कि थरूर बार-बार पीएम मोदी की तारीफ करके पार्टी लाइन से अलग व्यवहार कर रहे हैं, जिससे उनके और पार्टी हाईकमान के बीच दूरी बढ़ती जा रही है।  

बच्चों के लापता होने की बढ़ती घटनाएँ: सुप्रीम कोर्ट ने कहा—स्थिति बेहद गंभीर

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने देश में बच्चों के लापता होने से संबंधित एक रिपोर्ट पर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत में हर आठ मिनट में एक बच्चा लापता हो जाता है। इस पर सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने इसे बेहद चिंताजनक बताया। गोद लेने की प्रक्रिया बेहद कठिन – सुप्रीम कोर्ट जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि उन्होंने अखबार में पढ़ा है कि इतनी अधिक संख्या में बच्चे गायब हो जाते हैं, और यदि यह सच है तो स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश में गोद लेने की प्रक्रिया इतनी कठिन और लंबी है कि लोग इसका अवैध विकल्प खोजने लगते हैं, जो स्थिति को और खराब करता है। केंद्र को 9 दिसंबर तक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से मौजूद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने राज्यों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इतनी लंबी अवधि देने से इंकार कर दिया और 9 दिसंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। पहले भी दिए जा चुके हैं निर्देश 14 अक्टूबर को अदालत ने केंद्र सरकार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लापता बच्चों के मामलों को देखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया था। साथ ही, इन अधिकारियों के नाम और संपर्क विवरण 'मिशन वात्सल्य' पोर्टल पर उपलब्ध कराने को भी कहा गया था ताकि किसी बच्चे की गुमशुदगी की जानकारी तुरंत साझा की जा सके। लापता बच्चों के लिए अलग पोर्टल का सुझाव सुप्रीम कोर्ट पहले ही केंद्र को गृह मंत्रालय के तहत एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल बनाने का सुझाव दे चुकी है। अदालत का मानना है कि राज्यों के बीच पर्याप्त समन्वय नहीं होने से बच्चों की तलाश में देरी होती है। एक केंद्रीकृत पोर्टल से यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। NGO ने उठाया था मामला यह मामला तब सामने आया जब एनजीओ 'गुरिया स्वयंसेवी संस्थान' ने बच्चों की तस्करी और अपहरण के मामलों में कार्रवाई न होने का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया। याचिका में बताया गया कि कई राज्यों में बच्चों को अपहरण के बाद बिचौलियों के नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्यों में तस्करी किया जा रहा था।  

DKS अस्पताल को मिली नई मंजूरी, रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग होंगे शुरू

रायपुर  रायपुर के DKS सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग खोलने की अनुमति मिल गई है। इस फैसले के साथ DKS अस्पताल छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी संस्थान बन जाएगा, जहां गठिया, डायबिटीज, थायरॉइड और हार्मोनल समस्याओं का सुपर स्पेशियलिटी स्तर पर इलाज एक ही जगह उपलब्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और DKS अस्पताल की स्वशासी समिति की सामान्य सभा में यह निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि दोनों विभागों के लिए अस्पताल में 10-10 बेड के नए वार्ड बनाए जाएंगे, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके। रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी दोनों ही सुपर स्पेशियलिटी विभाग हैं, जिनमें संयुक्त दर्द, गठिया, ऑटोइम्यून समस्याएं, डायबिटीज, थायरॉइड और हार्मोनल विकार जैसे मामलों का विशेषज्ञ इलाज संभव होगा। वर्तमान में ऐसे मरीजों का इलाज जनरल मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक्स विभाग द्वारा किया जा रहा है, जबकि रुमेटोलॉजी DM/DNB सुपर स्पेशियलिटी श्रेणी में आती है और राज्य में इसकी गंभीर कमी है। समझिए इससे मरीजों को क्या फायदा होगा रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी सुपर स्पेशियलिटी विभाग हैं। गठिया और हार्मोन संबंधी बीमारियों का स्पेशलिस्ट से इलाज होगा। संयुक्त दर्द, गठिया, थायरॉइड, हार्मोनल समस्याओं और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज विशेषज्ञ करेंगे। अस्पताल में दोनों विभागों के लिए 10-10 बेड के नए वार्ड को मंजूरी मिली है। सचिव ने निरीक्षण के बाद मांगा था प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित कटारिया ने 22 सितंबर को अस्पताल का निरीक्षण किया था।निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने दोनों विभाग शुरू करने की मांग रखी थी। इसके बाद सचिव ने इसका विस्तृत प्रस्ताव बनाने और भेजने के निर्देश दिए थे। राज्य में सरकारी स्तर पर स्पेशलिस्ट की कमी छत्तीसगढ़ के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ मौजूद नहीं हैं। अंबेडकर अस्पताल में एक DM एंडोक्राइनोलॉजी डॉक्टर हैं, लेकिन वे सिर्फ बच्चों का इलाज करते हैं। चर्चा है कि विभाग शुरू होने पर उन्हें DKS में शिफ्ट किया जा सकता है, हालांकि पहले भी 5 साल पहले ऐसा प्रयास असफल हुआ था। डॉक्टर ने प्रस्तावित OPD में बैठने से इनकार कर दिया था। डायबिटीज और हार्मोनल बीमारियों में तेजी से बढ़ोतरी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अब 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज मिलने लगी है। छोटे बच्चों में टाइप-1 यानी जेनेटिक डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। हार्मोनल समस्याओं, थायरॉइड और अन्य बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञों की भारी कमी है। वहीं जोड़ों के दर्द, गठिया और ऑटोइम्यून बीमारियों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में ऐसे मरीजों का इलाज जनरल मेडिसिन और आर्थोपेडिक्स विभाग संभाल रहा है, जो सुपर स्पेशियलिटी की श्रेणी में नहीं आता। रुमेटोलॉजी DM/DNB सुपर स्पेशियलिटी कोर्स है, जिसकी राज्य में कमी है। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित कटारिया ने 22 सितंबर को DKS अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने दोनों विभाग प्रारंभ करने की मांग रखी थी, जिसके बाद सचिव ने प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए थे। अब इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। राज्य में सरकारी स्तर पर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है। छत्तीसगढ़ के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में रुमेटोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। अंबेडकर अस्पताल में एक DM एंडोक्राइनोलॉजी डॉक्टर हैं, जो फिलहाल सिर्फ बच्चों का इलाज करते हैं। चर्चा है कि विभाग शुरू होने के बाद उन्हें DKS अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है, हालांकि पहले भी पांच वर्ष पूर्व ऐसा प्रयास असफल रहा था। रायपुर सहित पूरे प्रदेश में डायबिटीज और हार्मोनल विकारों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अब 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों में भी टाइप-2 डायबिटीज के मामले सामने आने लगे हैं, जबकि छोटे बच्चों में टाइप-1 जेनेटिक डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही जोड़ों के दर्द, गठिया और ऑटोइम्यून बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में सुपर स्पेशियलिटी विभागों की शुरुआत मरीजों को बड़ा लाभ देगी और इलाज की गुणवत्ता में सुधार लाएगी।  

ट्रंप की आलोचना: अमेरिकियों पर सवाल, चिप उत्पादन तक में असफल

वाशिगटन   अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने एक और बड़ा बयान दिया है. इस बार, उन्‍होंने अमेरिकी इंडस्‍ट्री को चिप मेकिंग्‍स को लेकर खूब खरी-खोटी सुनाई. इसके अलावा, उन्‍होंने एच-1बी प्रवासी श्रमिकों के प्रति अपने समर्थन का बचाव करते हुए भी कहा कि अमेरिकियों को 'माइक्रोचिप बनाना नहीं आता'.  ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका अपने घरेलू सेमीकंडक्‍टर चिप के पुननिर्माण का प्रयास कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी वर्कफोर्स में सेमीकंडक्‍टर विनिर्माण के लिए आवश्‍यक तकनीक कौशल का अभाव है. यह एक महत्‍वपूर्ण उद्योग है. ट्रंप का दावा है कि इस सेक्‍टर में अमेरिका बड़े स्‍तर पर वापसी करेगा.  ताइवान के कंट्रोल में पूरी इंडस्‍ट्री ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब ज्‍यादा चिप का निर्माण नहीं करता है, लेकिन अगर आप चिप बनाने जा रहे हैं तो हमें अपने लोगों को चिप बनाने की ट्रेनिंग देनी होगी, क्‍योंकि हमने चिप वाला कारोबार ताइवान के हाथों बहुत ही मूर्खतापूर्ण तरीके से गंवा दिया है.  जल्‍द उबरेगा अमेरिका का चिप मार्केट  ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी चिप मार्केट जल्‍द ही उबर जाएगा और उन्‍होंने कुछ और सालों के भीतर घरेलू उत्‍पादन में ग्रोथ का अनुमान लगाया है. हालांकि उन्होंने 2022 चिप्स अधिनियम को खारिज कर दिया, जिसका उद्देश्य अमेरिकी विनिर्माण को बढ़ावा देना था.  चिप बनाने में सबसे आगे होगा अमेरिका  ट्रंप ने कहा कि चिप्‍स एक्‍ट एक आपदा थी. सभी चिप बनाने वाली कंपनियां वापस आ रही हैं और शायद दुनिया में ज्‍यादातर चिप निर्माण अमेरका में ही होगा. ट्रंप का यह बयान उनके रिपब्लिकन सहयोगियों की बढ़ती आलोचना के बीच आया है. ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका में सियासत गरमा गई है. फ्लोरिडा के गवर्नर डेसेंटिस ने 13 नवंबर को एक पोस्ट कहा कि कांग्रेस में रिपब्लिकन बहुमत में हैं और वे H1B को समाप्त करने के लिए कानून बना सकते हैं. उन्‍होंने कहा कि यहां शब्दों का नहीं, बल्कि कार्यों का महत्व है.   एक और अधिकारी ने कहा कि माइक्रोचिप का आविष्कार करने का श्रेय जिन दो लोगों को दिया जाता है, उसमें जैक किल्बी और रॉबर्ट नॉयस हैं, जो अमेरिकी इंजीनियर थे और अमेरिका की धरती पर काम कर रहे थे. फिर भी ट्रंप को अपनी इंडस्ट्री नजरिए पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा, 'अच्छी खबर यह है कि सब कुछ वापस आ रहा है। यह तो हमेशा से यहीं होना चाहिए था.'

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का संदेश: लक्ष्य तय करें और कठिनाइयों को अवसर बनाएं

रायपुर : 'लक्ष्य तय करें, कठिनाइयों को अवसर में बदलें' : पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल नवा रायपुर में बच्चों संग प्रेरक संवाद, बच्चों के रोचक सवालों का मंत्री ने दिया जवाब रायपुर नवा रायपुर स्थित सरकारी आवास पर आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने रयान इंटरनेशनल स्कूल, रायपुर के बच्चों से आत्मीय मुलाकात की। यह मुलाकात केवल शिष्टाचार भर नहीं रही, बल्कि जीवन मूल्य, लक्ष्य निर्धारण, संघर्ष, शिक्षा के महत्व और छत्तीसगढ़ के पर्यटन पर गहन और प्रेरक संवाद का अवसर बन गई। बच्चों ने बड़े ध्यान से मंत्री जी की बातों को सुना और इसे अपने स्कूली व आगामी जीवन के लिए महत्वपूर्ण सीख बताया। 'लक्ष्य तय करें, कठिनाइयों को अवसर में बदलें' : पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल     मंत्री  अग्रवाल ने बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य और अनुशासन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘‘हर छात्र को अपने अंदर स्वच्छता, संस्कार और अनुशासन का बीज बोना चाहिए। आपका लक्ष्य जितना स्पष्ट होगा, उतनी जल्दी आप सही दिशा में आगे बढ़ेंगे। कठिनाइयाँ हर जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उनमें छिपे अवसर को पहचानना ही असली सफलता है। शिक्षा केवल अंकों के लिए नहीं, बल्कि अच्छे चरित्र और मजबूत व्यक्तित्व के निर्माण के लिए होती है।’’ बच्चों के सवाल, मंत्री के जवाब     संवाद के दौरान एक छात्र ने मंत्री  अग्रवाल से पूछा कि उन्हें राजनीति में आने की प्रेरणा कहाँ से मिली। इस पर  अग्रवाल ने कहा, ‘‘मुझे राजनीति में आने की सबसे बड़ी प्रेरणा मेरे पिताजी से मिली। बचपन से ही उन्हें लोगों की मदद करते, समाज के लिए काम करते देखता था। वहीं से मन में भावना आई कि जीवन ऐसा हो, जिससे अधिक से अधिक लोगों का भला हो सके। राजनीति मेरे लिए सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम है।’’     एक अन्य छात्र ने सवाल किया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र में क्या संभावनाएँ हैं। इस पर  अग्रवाल ने जवाब देते हुए कहा कि ‘‘छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं।  हमारे यहाँ प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपात, गुफाएँ, पुरातात्विक धरोहरें, आदिवासी संस्कृति और लोक कला की अनूठी विरासत है। हमारी कोशिश है कि छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान मिले। इस क्षेत्र में हम उत्कृष्ट कार्य करेंगे, ताकि आप जैसी नई पीढ़ी अपने राज्य पर गर्व महसूस कर सके।’’ शिक्षा, लक्ष्य और आत्मविश्वास पर जोर      अग्रवाल ने बच्चों को समझाया कि ‘‘पढ़ाई का महत्व केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की दिशा तय करती है। उन्होंने कहा कि हर विषय को ध्यान से पढ़िए, केवल रटने के लिए नहीं बल्कि समझने के लिए। सवाल पूछने से कभी संकोच मत कीजिए। यही आदत आगे चलकर आपको अलग पहचान दिलाएगी। कठिन समय में घबराने के बजाय समाधान खोजिए, तब आप हर चुनौती को अवसर में बदल पाएँगे।‘‘     मंत्री  अग्रवाल ने भी बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ‘‘आप सभी हमारे राज्य और देश का भविष्य हैं। ईमानदारी, मेहनत और अनुशासन को अपना मंत्र बनाइए, फिर जीवन में कोई भी लक्ष्य दूर नहीं रहेगा।     स्कूली छात्रों ने मंत्री  अग्रवाल से आटोग्राफ लिया व उनके साथ फोटोग्राफ भी खिंचवाई। मंत्री से मुलाकात पर स्कूली बच्चों ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमे मंत्री जी से बात कर बहुत अच्छा लगा व उनसे बहुत कुछ सीखने मिला, अब हम अपना लक्ष्य तय करेंगे और उन्हें पाने के लिए मेहनत भी उतनी ही ईमानदारी से करेंगे। पढ़ाई सिर्फ नंबर लाने के लिए नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनने के लिए भी ज़रूरी है। पहली बार किसी मंत्री से इतने करीब बैठकर बातचीत करने का मौका मिला है। रयान इंटरनेशनल स्कूल के इन बच्चों और पर्यटन मंत्री के बीच हुआ यह संवाद सकारात्मकता, प्रेरणा और आत्मविश्वास से भरा रहा। यह मुलाकात बच्चों के लिए केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और भविष्य की दिशा तय करने वाली एक महत्वपूर्ण सीख साबित हुई।

रायपुर : नवंबर में विशेष अभियान, पेंशनर अब किसी भी बैंक में जमा कर सकेंगे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र

रायपुर : नवंबर में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के लिए विशेष अभियान: अब पेंशनर किसी भी बैंक में जमा कर सकेंगे DLC रायपुर राज्य शासन द्वारा पेंशनरों की सुविधा के लिए नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate-DLC) जमा करने हेतु विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत पेंशनरों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए अपने मूल बैंक शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे किसी भी बैंक में जाकर या घर बैठे "Jeevan Pramaan" मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट https://jeevanpramaan.gov.in/ के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, नई दिल्ली तथा संचालनालय, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार यह सुविधा राज्य के सभी पेंशनरों के लिए उपलब्ध कराई गई है। संचालक, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़, रायपुर, श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने सभी बैंकों एवं जिला कोषालयों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि नवंबर माह में पेंशन वितरण की तिथि से पूर्व अधिकतम संख्या में पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएं, ताकि किसी भी पेंशनर की पेंशन बाधित न हो। इन निर्देशों के पालन में भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों द्वारा "डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र मिशन 4.0" (Digital Life Certificate Mission 4.0) के अंतर्गत विभिन्न शहरों में विशेष कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैम्पों में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से पेंशनरों से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएंगे। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अब सभी बैंक अपनी शाखाओं में आने वाले प्रत्येक पेंशनर का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करने के लिए उत्तरदायी होंगे, चाहे पेंशनर का खाता किसी भी बैंक या शाखा में हो।सभी पेंशनरों से अपील की गई है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाकर समय पर अपना जीवन प्रमाणपत्र (Life Certificate) प्रस्तुत करें, ताकि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रह सके।

पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने ट्रेनों के समय पालन क्षमता बढ़ाने के लिए किया संशोधन

इंदौर आने वाले दिनों में अगर आप ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो ये खबर आपके काम की है। जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इंदौर-देवास-उज्जैन रेल मार्ग पर ट्रेनों की समय पालन क्षमता सुधारने के लिए तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों के समय में आंशिक बदलाव किए हैं। इसलिए जो भी पैसेंजर यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं उन्हें पहले चेक करना जरूरी होगा। यह संशोधित समय-सारणी अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम ट्रेनों के सुचारु संचालन और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इन ट्रेनों की बदली रहेगी टाइमिंग -गाड़ी संख्या 19343 इंदौर-नैनपुर पेंचवैली एक्सप्रेस ट्रेन 22 नवंबर से अगले आदेश तक इंदौर से 13:15 बजे प्रस्थान करेगी। गाड़ी संख्या 20917 इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन 25 नवंबर से अगले आदेश तक इंदौर से 15:05 बजे चलेगी। देवास स्टेशन पर इसका आगमन 15:31 बजे तथा प्रस्थान 15:33 बजे निर्धारित किया गया है। -गाड़ी संख्या 22191 इंदौर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन 22 नवंबर से अगले आदेश तक इंदौर से 19:35 बजे रवाना होगी। देवास स्टेशन पर इसका आगमन 20:01 बजे तथा प्रस्थान 20:03 बजे रहेगा।

E-Passport आया भारत में: नई चिप तकनीक के साथ—जानें पुराने पासपोर्ट धारकों के लिए नियम

नई दिल्ली     पासपोर्ट सिस्टम को अपग्रेड करते हुए भारत नेक्स्ट जेनरेशन ई-पासपोर्ट को रोलआउट कर रहा है. ये पासपोर्ट कटिंग एज सिक्योरिटी फीचर्स से लैस होगा. इसमें इंटरलॉकिंग माइक्रोलेटर्स, रीलिफ टिंट्स और RFID चिप लगी होगी. इस चिप में एन्क्रिप्टेड बायोमैट्रिक्स डेटा और दूसरी जानकारी होंगी.  रोलआउट के तहत सभी नए पासपोर्ट्स अब ई-पासपोर्ट होंगे. वहीं मौजूदा नॉन-इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट्स एक्सपायर डेट तक वैध रहेंगे. सरकार जून 2025 तक पूरी तरह से ई-पासपोर्ट में ट्रांजिट करने की योजना में है.  हाई-टेक फीचर्स से लैस होगा नया पासपोर्ट सभी ई-पासपोर्ट रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन चिप और एटिना के साथ आएंगे. इनमें यूजर्स का बायोमैट्रिक्स और पर्सनल डेटा एन्क्रिप्शन के साथ स्टोर होगा. इसमें यूजर्स की फोटो और फिंगरप्रिंट जैसी डिटेल्स स्टोर होंगी. कॉन्टैक्टलेस डेटा रीडिंग क्षमताओं की वजह से इमिग्रेशन काउंटर पर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तेज होगी.  साथ ही फ्रॉड और टेम्परिंग के मामलों में कमी आएगी. अब तक विदेश मंत्रालय ने 80 लाख ई-पासपोर्ट भारत में जारी कर चुका है. जबकि विदेश स्थित भारतीय मिशनों के माध्यम से 60,000 से अधिक ई-पासपोर्ट जारी किए हैं.  फ्रॉड्स को रोकना होगा आसान विदेश मंत्रालय ने एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए सिस्टम की वजह से पासपोर्ट फ्रॉड के मामलों में कमी आएगी. साथ ही ऐसे मामलों को रोका जा सकेगा, जिसमें एक ही शख्स के पास एक से अधिक पासपोर्ट होते हैं. अगर किसी के पास पहले से पासपोर्ट मौजूद है, तो मौजूदा सिस्टम तुरंत उसे डिटेक्ट कर लेगा.  मई 2025 में शुरू हुए पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम वर्जन 2.0 (PSP V2.0) के तहत अब 37 रिजनल पासपोर्ट ऑफिस, 93 पासपोर्ट सेवा केंद्र और 451 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र काम कर रहे हैं. इस प्रोग्राम के ग्लोबल वर्जन GPSP V2.0 को 28 अक्टूबर 2025 में लॉन्च किया गया है. इस सिस्टम की वजह से लोगों को बेहतर पासपोर्ट एक्सपीरियंस मिलेगा. नया सिस्टम AI चैटबॉट और वॉयस बॉट एप्लिकेशन के साथ आएगा. बेहतर सिक्योरिटी के लिए AI का इस्तेमाल किया जाएगा. इस सिस्टम को DigiLocker, Aadhaar और PAN के साथ डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए इंटीग्रेट किया जा सकेगा.

रिकॉर्ड बना, अब विवाद! लिम्का बुक में दर्ज धौज गांव फिर सुर्खियों में

फरीदाबाद  अल-फलाह यूनिवर्सिटी में एक टेरर मॉड्यूल मामले के सामने आने के बाद धौज गांव चर्चा में है, लेकिन इसी के साथ गांव की छवि को नुकसान पहुंचने की बात भी जोर पकड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि 2001 में धौज गांव का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है। रिटायर्ड एडिशनल सेशन जज अब्दुल माजिद ने भी पुलिस और खुफिया विभाग पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि जब थाना महज एक किलोमीटर दूरी पर है, तो फिर पुलिस को इस टेरर मॉड्यूल की कोई जानकारी क्यों नहीं मिली? ग्रामीणों ने बताया कि धौज गांव में सभी बिरादरी के लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं और गांव में इससे पहले कभी भी इस तरह की कोई घटना नहीं हुई। लोगों का कहना है कि कुछ व्यक्तियों की गतिविधियों के आधार पर पूरे गांव को बदनाम करना ठीक नहीं है। जांच में सामने आया नाम हाजी मद्रासी का भी ग्रामीणों ने बचाव किया। जानकारी के अनुसार, हाजी मद्रासी ने मुजम्मिल को किराए पर कमरा दिया था, लेकिन उन्हें उसके बारे में केवल इतना पता था कि वह एक बड़ा डॉक्टर है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी व्यक्ति के पेशे या उससे मिलने-जुलने वाले लोग उसके किसी अवैध गतिविधि से जुड़े हों, यह मान लेना गलत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और गांव की छवि को बिना वजह धूमिल न किया जाए।