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याचिका पर भड़का सुप्रीम कोर्ट: क्या हर मामला अब कोर्ट ही निपटाएगा?

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को वकीलों के पहनने वाले बैंड्स से जुड़ी एक याचिका पहुंची। इसमें कहा गया था कि इस्तेमाल के बाद इन बैंड्स के निपटान के लिए एक समान व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं। खास बात है कि शीर्ष न्यायालय ने याचिका पर विचार से इनकार कर दिया है। साथ ही बेंच ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या अब रुमालों का कैसे उपयोग किया जा रहा है, इसपर भी हम नजर रखें?   याचिकाकर्ता साक्षी विजय ने जनहित याचिका दाखिल की थी। उन्होंने मांग की थी कि इन बैंड्स को इकट्ठा करने और निपटान के लिए एक समान और ईको-फ्रैंडली व्यवस्था बनाई जाए। CJI यानी भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही थी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, याचिका देख अदालत ने कहा, 'हमारा काम फिर कहां खत्म होगा? इसकी निगरानी करना कि रुमालों का इस्तेमाल कैसे हो रहा है? या गांव में कचरे का किया जा रहा है?… हमें रिट कहां जारी करनी चाहिए।' याचिकाकर्ता जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। याचिका में क्या थी मांग याचिकाकर्ता का कहना था कि उन्हें कोर्ट के बाहर कचरे के डिब्बे के पास, फुटपाथ के पास सिंथैटिक बैंड्स पड़े मिले थे। इसमें कहा गया है कि हालात पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं और पेशे की गरिमा को दिखाती हैं। याचिका में इस बात पर जोर दिया गया था कि सफेद बैंड्स के सम्मान के साथ निपटान की कोई नीति नहीं है। साथ ही पर्यावरण के लिहाज से भी मौजूदा हालात पर सवाल उठाए गए थे। …तो 200 साल से ज्यादा समय लगेगा याचिका में कहा गया कि पहले के समय में वकील कॉटन के बैंड्स का इस्तेमाल करते थे, जो धुलकर दोबारा इस्तेमाल किए जा सकते थे। जबकि, मौजूदा स्थिति में बैंड्स सिंथैटिक के हैं और नॉन बायोडिग्रेडेबल हैं। ये 10 रुपये के आते हैं और कई वकील एक बार के इस्तेमाल के बाद इन्हें फेंक देते हैं। याचिका में कहा गया कि ऐसे हजारों बैंड्स रोज फेंके जा रहे हैं, जिन्हें डिकम्पोज होने में 200 साल से ज्यादा का समय लगेगा। याचिका में पर्यावरण (सुरक्षा) कानून, 1986 का हवाला दिया गया था। उनकी मांग की थी कि भारतीय बार काउंसिल और संबंधित सरकारी मंत्रालयों को बैंड डिस्पोजल बिन लगाने के निर्देश दिए जाएं।  

उत्तर बस्तर कांकेर : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 2025-26 : सहकारी समिति प्रबंधक, खरीदी केन्द्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

उत्तर बस्तर कांकेर धान खरीदी कार्य को गंभीरता से नहीं लेने के कारण जिले की सहकारी समितियों के 02 प्रभारी प्रबंधक एवं 02 कम्प्यूटर ऑपरेटर और 01 धान खरीदी केन्द्र प्रभारी के विरूद्ध थाना पखांजूर एवं थाना नरहरपुर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कार्यालय उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जिला कांकेर के निर्देश पर सहकारी निरीक्षकों एवं शाखा प्रबंधक द्वारा पुलिस थाना पखांजूर एवं नरहरपुर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उपायुक्त सहकारिता जिला कांकेर से मिली जानकारी के अनुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित पखांजूर विकासखण्ड कोयलीबेड़ा के प्रभारी प्रबंधक वासुदेव दास एवं उपार्जन केन्द्र पी.व्ही. 24 के कम्प्यूटर ऑपरेटर रविशंकर मंडल के विरूद्ध थाना पखांजूर और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित उमरादाह विकासखण्ड नरहरपुर के प्रभारी प्रबंधक भूषण पटेल तथा उपार्जन केन्द्र नावडबरी के धान खरीदी प्रभारी शिवप्रसाद नाग एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर तेज सिन्हा के विरूद्ध थाना नरहरपुर में छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा एक्ट) के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विपणन वर्ष 2025-26 की संपूर्ण धान खरीदी अवधि तक धान खरीदी कार्य में संलग्न समस्त कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा एक्ट) लागू किया गया है।

रायपुर : मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा के विशेष सत्र में पूर्व सदस्यों का किया पुण्य स्मरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ की रजत यात्रा में योगदान देने वाले तीन प्रमुख जनप्रतिनिधियों मती रजनी ताई उपासने,  बनवारी लाल अग्रवाल और  राधेश्याम शुक्ल का पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर की पहली महिला विधायक मती रजनी ताई उपासने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की प्रेरक व्यक्तित्व थीं, उनका निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।  बनवारी लाल अग्रवाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष, दो बार के विधायक रहे और उनके जनसेवा से जुड़े कार्य, संगठन और समाज के प्रति समर्पण हम सब के लिए अनुकरणीय है।  मुख्यमंत्री ने  राधेश्याम शुक्ल के बारे में कहा कि वे अनुशासित एवं कर्मनिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में याद किए जाएंगे। उनका पूरा जीवन जनसेवा को समर्पित रहा, उनके निधन से प्रदेश ने एक प्रतिबद्ध नेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री  साय ने तीनों दिवंगत विभूतियों की आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

बड़ौली का आरोप: राहुल को नहीं दिखती गरीबों की पीड़ा

चंडीगढ़  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल एक अमीर घर में पैदा हुए हैं, इसलिए गरीब के दुख-दर्द को नहीं समझ सकते। सोनीपत में मीडिया से बातचीत करते हुए बड़ौली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबी को करीब से देखा है, इसलिए वह गरीब जनता की पीड़ा को समझते हैं और उसी भाव से देश की नीतियां तैयार करते हैं। इस दौरान, प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार कटारिया भी मौजूद रहे। बड़ौली ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को हरियाणा दौरे पर कुरुक्षेत्र आ रहे हैं। वे गुरु तेगबहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस और गीता जयंती महोत्सव में हिस्सा लेंगे। साथ ही हरियाणा को कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। उन्होंने कहा कि पीएम के आगमन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं और संगठनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा मोदी का भव्य और दिव्य स्वागत करेगा। फरीदाबाद में हुई केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर बड़ौली ने बताया कि इस बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी कार्यक्रम का हिस्सा बने। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बड़ौली के अनुसार मोदी सरकार इन क्षेत्रों में लगातार गंभीरता से काम कर रही है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मुद्दाविहीन हो चुकी है और बहानेबाजी करके अपनी राजनीति चमकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी जैसे आरोप लगाकर कांग्रेस जनता को गुमराह नहीं कर पाएगी। बड़ौली ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह अंत्योदय की भावना से हर वर्ग का ख्याल रख रहे हैं और उनके नेतृत्व में हरियाणा तेजी से विकास कर रहा है। बिहार चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए बड़ौली ने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री मोदी पर जनता के विश्वास की जीत है। बिहार ने जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति को खारिज कर राष्ट्रवाद के पक्ष में मतदान किया है।

मान सरकार की पहल: बच्चों को साइबर सुरक्षा के रक्षक बनाने में जुटी पंजाब पुलिस

चंडीगढ़ पंजाब के स्कूलों में एक खामोश क्रांति हो रही है। यह किताबों में नहीं लिखी, न ही सिर्फ पारंपरिक शिक्षकों द्वारा पढ़ाई जा रही है। यह एक ऐसी क्रांति है जहां मलेरकोटला की एक बच्ची ऑनलाइन खतरों से खुद को बचाना सीख रही है, पठानकोट का एक लड़का समझ रहा है कि दादी की बैंकिंग जानकारी क्यों गुप्त रखनी चाहिए, और पूरी पीढ़ी को डर से नहीं बल्कि जागरूकता से लैस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व में, पंजाब पुलिस की ‘सांझ’ पहल ने पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर विश्वास, साझेदारी और सक्रिय सामुदायिक जुड़ाव का एक पुल बना दिया है जो अब पंजाब के बच्चों का भविष्य गढ़ रहा है। पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन द्वारा शुरू की गई ‘साइबर जागो’ पहल प्रतिक्रियात्मक पुलिसिंग से निवारक शिक्षा की ओर एक बड़ा बदलाव दर्शाती है, जो पंजाब के हर कोने में पहुंच रही है जहां युवा मन जटिल डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ रहे हैं। पहले प्रशिक्षण कार्यशाला में 75 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया और पंजाब भर के 3,968 सरकारी हाई स्कूलों को कवर करने की योजना बनाई गई है।  यह सिर्फ एक और सरकारी कार्यक्रम नहीं है – यह मान सरकार द्वारा पंजाब के सबसे कीमती संसाधन यानी इसके बच्चों के चारों ओर बुनी जा रही एक सुरक्षा कवच है। इस पहल का भावनात्मक महत्व तब स्पष्ट हो जाता है जब हम जानते हैं कि 14-16 वर्ष की आयु के 76 प्रतिशत बच्चे अब सोशल मीडिया के लिए स्मार्टफोन का उपयोग करते है, जो उन्हें साइबर बुलिंग, पहचान की चोरी और ऑनलाइन शोषण के प्रति संवेदनशील बनाता है। आप सरकार के तहत पंजाब पुलिस के दृष्टिकोण को जो चीज़ अनोखा बनाती है, वह है ‘सांझ’ शब्द में निहित गहरी सहयोगी भावना – जिसका अर्थ है साझेदारी। सांझ परियोजना ने पूरे राज्य में ज़िला सामुदायिक पुलिस संसाधन केंद्र, 114 उप-मंडल सामुदायिक पुलिसिंग सुविधा केंद्र और 363 पुलिस स्टेशन आउटरीच केंद्र स्थापित किए है, एक अभूतपूर्व नेटवर्क बनाया है जहां पुलिस अधिकारी केवल कानून लागू नहीं करते बल्कि आने वाली पीढ़ियों के मार्गदर्शक, गाइड और रक्षक बनते हैं। हर हफ्ते, पंजाब पुलिस के जवान स्कूलों में अधिकार की डराने वाली वर्दी में नहीं, बल्कि बड़े भाई-बहन और शिक्षकों के रूप में जाते है जो देखभाल और चिंता की भाषा बोलते है। साइबर क्राइम डिवीजन की प्रमुख स्पेशल डीजीपी वी. नीरजा ने ज़ोर देकर कहा कि “डिजिटल सामग्री की व्यापक उपलब्धता के साथ, बच्चे ऑनलाइन अवसरों और खतरों दोनों का सामना कर रहे हैं,” यह उजागर करते हुए कि कोविड महामारी ने बच्चों के डिजिटल विसर्जन को कैसे तेज किया, जो अक्सर उनके माता-पिता की समझ से आगे निकल गया। मान सरकार ने इस कमज़ोरी को जल्दी पहचाना और एक व्यापक रणनीति के साथ जवाब दिया। साइबर जागो के तहत प्रशिक्षित शिक्षक केवल साइबर स्वच्छता नहीं सिखाते – वे छात्रों को संभावित खतरों की पहचान करने, एआई से संबंधित खतरों को समझने और ऑनलाइन बाल यौन शोषण का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए सशक्त बनाते है। साझ पहल की खूबसूरती पंजाब के ‘साझे चूल्हे’ की सांस्कृतिक भावना के साथ इसकी भावनात्मक प्रतिध्वनि में निहित है – वह साझा चूल्हा जो सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। शक्ति हेल्पडेस्क कार्यक्रमों के माध्यम से, पंजाब पुलिस श्री मुक्तसर साहिब और एसबीएस नगर जैसे जिलों के स्कूलों में जागरूकता सेमिनार आयोजित करती है, छात्रों को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श, बाल शोषण, नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरों और हेल्पलाइन नंबर 112/1098 के बारे में शिक्षित करती है। मान सरकार ने सुनिश्चित किया है कि पंजाब में हर बच्चा जानता है कि उनकी पुलिस बल में एक रक्षक है। इस पहल को पुलिसिंग से एक सामाजिक आंदोलन में बदलने वाली चीज़ है प्रौद्योगिकी का मानवीय संवेदनशीलता के साथ एकीकरण। पीपीसाझ मोबाइल एप्लिकेशन नागरिकों को डिजिटल रूप से पुलिस सेवाओं तक पहुंचने, एफआईआर की प्रतियां प्राप्त करने और पंजाब में कहीं से भी सत्यापन प्रक्रिया करने की अनुमति देता है, जबकि एक साथ ही पुलिस कर्मी स्कूलों में आमने-सामने सत्र आयोजित करते है। सीएम भगवंत मान के शासन दर्शन के तहत, पुलिस दूर के प्रवर्तक नहीं बल्कि सामुदायिक कल्याण में सुलभ भागीदार है। जब एक 14 वर्षीय छात्र ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बारे में सीखता है, तो वह ज्ञान दादा-दादी को यूपीआई घोटालों से बचाने के लिए घर जाता है। जब एक लड़की अपने डिजिटल अधिकारों को समझती है, तो वह अपने दोस्तों की सुरक्षा की वकालत करने वाली बन जाती है। जैसा कि डीजीपी नीरजा ने कहा, यह एक बार की मुहिम नहीं बल्कि साइबर सुरक्षा को पंजाब की स्कूली संस्कृति का हिस्सा बनाने के दीर्घकालिक प्रयास की शुरुआत है। मान सरकार का विजन स्पष्ट है: एक ऐसी पीढ़ी बनाना जो डिजिटल रूप से साक्षर, सामाजिक रूप से जागरूक और खुद को और दूसरों की रक्षा करने में सशक्त हो। आप सरकार के तहत सांझ की सफलता शासन दर्शन में एक मौलिक बदलाव को दर्शाती है – ऊपर से नीचे के निर्देशों से लेकर नीचे से ऊपर की साझेदारी तक। प्रत्येक साझ केंद्र पुलिस-जनता समितियों के साथ एक स्वायत्त पंजीकृत सोसायटी के रूप में संचालित होता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सामुदायिक आवाज़ें पुलिसिंग प्राथमिकताओं को आकार दे। सीएम मान द्वारा समर्थित इस लोकतांत्रिक दृष्टिकोण ने पुलिस की सार्वजनिक धारणा को प्रवर्तकों से सक्षमकर्ताओं में, अधिकार के आंकड़ों से अधिवक्ताओं में बदल दिया है।  

लालू यादव का संदेश: परिवार विवाद के बीच विधायकों को समझाया, दिया विश्वास

नई दिल्ली  लालू प्रसाद यादव यूपीए सरकार के दौर में अपने राजनीतिक करियर के शीर्ष पर थे। करीब दो दशकों तक उनका जलवा कायम रहा, लेकिन अब वह अपनी पार्टी आरजेडी की खराब हालत देखने को विवश हैं। आरजेडी का नेतृत्व भले ही वह राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर कर रहे हैं, लेकिन कामकाज तेजस्वी यादव ही संभालते हैं। इस बीच बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार मिली है तो पार्टी से लेकर परिवार तक कलह मच गई है। बेटी रोहिणी आचार्य, बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने खुलकर तेजस्वी पर निशाना साधा है और उन्हें हार का जिम्मेदार बताया है। वहीं सोमवार को आरजेडी के विधायकों की मीटिंग में तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुन लिया गया।   यह मीटिंग भी घटनापूर्ण रही और कई मसले उठे। सबसे पहले तो तेजस्वी यादव ही भावुक हो गए और उन्होंने विधायकों से नेतृत्व से हटने तक की पेशकश कर दी। तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि विधायक चाहते हैं कि मैं हट जाऊं तो मैं इसके लिए तैयार हूं और किसी अन्य व्यक्ति को नेता चुना जा सकता है। इस दौरान लालू यादव खुद सामने आए और उन्होंने विधायकों से कहा कि वे तेजस्वी को नेता बने रहने के लिए मनाएं। इसके बाद लालू यादव ने विधायकों से यह भी कहा कि वे पार्टी को मजबूत करने पर फोकस करें। उन्होंने कहा कि परिवार का झगड़ा आंतरिक मसला है और इसे वह सुलझा लेंगे। लालू यादव ने नेताओं से कहा कि परिवार का विवाद आतंरिक मसला है और मैं इसे सुलझा लूंगा। उन्होंने विधायकों से कहा कि वे फिलहाल संगठन को मजबूत करने पर फोकस करें। बता दें कि बिहार चुनाव की हार ने आरजेडी के आतंरिक झगड़े को सरेआम कर दिया है। तेजस्वी यादव के करीबियों पर बहन रोहिणी आचार्य ने ही हमला बोला है। रोहिणी के अलावा बेटे तेजप्रताप भी खिलाफ, तेजस्वी पर क्या कहा था उन्होंने संजय यादव और रमीज नेमत खान पर हमला किया था। उनका कहना था कि मैंने पार्टी और परिवार को छोड़ने का फैसला किया है। ऐसा ही करने के लिए मुझसे संजय यादव और रमीज खान ने कहा था। इसके साथ ही रोहिणी ने खुद पर चप्पल उछालने का भी आरोप लगाया था। वहीं इस मामले में हमला करते हुए तेजप्रताप ने तो अपने छोटे भाई को फेलस्वी करार दिया।

मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना को आगामी 5 वर्षों तक संचालित करने की स्वीकृति

प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में संशोधन की स्वीकृति मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना को आगामी 5 वर्षों तक संचालित करने की स्वीकृति प्रदेश के 13 जिलों के आयुष चिकित्सालयों में 373 नवीन पदों की स्वीकृतिे मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में भर्ती के लिए सेवा शर्ते एवं नियम 2025 अनुमोदित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में सिंचाई के लिये सोलर पम्प स्थापना की योजना में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। संशोधन अनुसार कृषकों को स्वीकृत सोलर पम्प स्थापना क्षमता से एक क्षमता अधिक तक का विकल्प प्रदाय किया जायेगा। अब 3 एच.पी. के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 5 एच.पी. और 5 एच.पी. के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 7.5 एच.पी. का सोलर पंप प्रदाय करने का विकल्प दिया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में अस्थायी विद्युत कनेक्शन संयोजन वाले किसानों अथवा अविद्युतीकृत किसानों को सोलर पम्प का लाभ दिया जाएगा। योजना अनुसार 7.5 एचपी क्षमता तक का सोलर पम्प पम्प लगाने के लिए अस्थाई विद्युत कनेक्शन धारी कृषक का अंश 10% रहेगा। शासन द्वारा 90% की सब्सिडी दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की कुसुम-ब योजना को प्रदेश में "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" नाम से 24 जनवरी 2025 से लागू किया गया है। इसका क्रियान्वयन राज्य में मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा किया जा रहा है। इस निर्णय से सोलर पंप की स्थापना से विद्युत पंपों को विद्युत प्रदाय के लिए राज्य सरकार पर अनुदान के भार को सीमित किया जा सकेगा एवं विद्युत वितरण कम्पनियों की वितरण हानियों को कम किया जा सकेगा। मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना संचालित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत गैर संस्थागत सेवा योजना यथा स्पॉन्सरशिप, फॉस्टर केयर, आफ्टर केयर को आगामी 5 वर्षों तक प्रदेश के समस्त जिलों में संचालित करने की स्वीकृति दी गयी है। योजना के तहत पात्र बच्चे को 4 हजार रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जायगी। इसके साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर बाल देखभाल संस्थान छोड़ने वाले बच्चों को ऑफटर केयर के माध्यम से रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जायेगा। योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त माता के बच्चे, अनाथ एवं विस्तारित परिवार के साथ निवासरत बच्चे, असाध्य बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, बच्चे की शारीरिक और आर्थिक रूप से देखभाल करने में असमर्थ माता पिता के बच्चे, किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुसार देख रेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे (बेघर, प्राकृतिक आपदा से पीड़ित, बाल श्रमिक, बाल वेश्यावृति के शिकार, एड्स पीड़ित, बाल भिक्षुक, सड़क पर रहने वाले, घर से भागे, निर्योग्यत वाले, लापता, शोषण और दुर्व्यवहार के शिकार श्रेणी के बच्चे) लाभान्वित होंगे। मिशन वात्सल्य योजना क्रियान्वयन के लिए कुल 1,022 करोड़ 40 लाख रुपये का व्यय होगा। इसमें राज्यांश 408 करोड़ 96 लाख रुपये और केंद्रांश 613 करोड़ 44 लाख रुपये होगा। इससे प्रदेश के 33 हजार 346 बच्चे लाभान्वित होंगे। यदि योजना अन्तर्गत निर्धारित स्वीकृत अवधि में भारत सरकार द्वारा योजना मापदण्डों में कोई परिवर्तन किए जाते है तो उक्त अवधि में परिवर्तित मापदण्ड प्रभावशील होंगे। आयुष चिकित्सालयों में 373 नवीन पदों की स्वीकृतिे मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के 12 जिलों भोपाल, इन्दौर, नरसिंहपुर, मण्डलेश्वर (खरगौन), बालाघाट, गुना, भिण्ड, सीहोर, अमरकंटक (अनूपपुर), पन्ना, श्योपुर एवं शुजालपुर (शाजापुर) में 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सलयों एवं बड़वानी जिले में 30 बिस्तरीय चिकित्सालय के संचालन के लिए 373 पद एवं 806 मानव संसाधन सेवाएं ऑन कॉल की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत नवीन पदों में प्रथम श्रेणी के 52 पद, द्वितीय श्रेणी के 91 और तृतीय श्रेणी के 230 पद शामिल है। नियमित पदों पर वार्षिक वित्तीय भार 25 करोड़ 57 लाख रूपये आयेगा। इसके साथ ही स्वीकृत मानव संसाधन सेवाओं मे द्वितीय श्रेणी के 91, तृतीय श्रेणी के 117 और चतुर्थ श्रेणी के 598 पद शामिल है। मानव सेवाओं का प्रबंधन भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन से किया जायेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में भर्ती के लिए सेवा शर्ते एवं नियम अनुमोदित मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्के वैज्ञानिकों/अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भर्ती एवं सेवा शर्तें नियम 2025 का अनुमोदन प्रदान किया गया।विज्ञान, तकनीकी, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में वर्तमान समय में हो रहे अनुप्रयोगों के दृष्टिगत् प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की गतिविधियों में सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र, ग्रामीण प्रौद्योगिकी उपयोग केन्द्र, मौसम परिवर्तन अनुसंधान केन्द्र, अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान केन्द्र एवं उन्नत शोध एवं उपकरण सुविधा केन्द्र कार्यरत् है, के लिए उत्कृष्ट वैज्ञानिकों की आवश्यकता बनी रहती है। निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में गैर वैज्ञानिक संवर्ग के लिए, सेवा संरचना एवं भर्ती नियमों को अंगीकृत किया गया है। वैज्ञानिक संवर्ग के लिए चूंकि केडर का प्रावधान नहीं होने एवं वैज्ञानिक संवर्ग के पदों को भविष्य में होने वाले वैज्ञानिक, तकनीकी, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधानों के हुए मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में वैज्ञानिक संवर्ग के केडर का उन्नयन किया जायेगा। इससे वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार के लिए योग्य वैज्ञानिकों की सेवाएं प्रदेश को प्राप्त हो सकेगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 11 मई, 2015 द्वारा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में नवीन पदों की भर्ती पर लगाई गई रोक हटाये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षेत्र में वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् नोडल एजेन्सी के रूप में कार्यरत है। मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को पुनरीक्षित (सातवें) वेतनमान का वास्तविक लाभ प्रदान किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को पुनरीक्षित वेतनमान (सातवां वेतनमान) का वास्तविक लाभ लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के संवर्ग के समान 1 जनवरी 2016 से प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। शासन के समस्त विभागों में पुनरीक्षित वेतनमान (सातवां वेतनमान) का वास्तविक लाभ 1 जनवरी 2016 से प्रदान किया गया है। उसी अनुक्रम में मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को भी लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया है। लाभ दिये जाने पर एरियर राशि का अनुमानित वित्तीय भार 93 लाख रुपये आएगा। प्रदेश … Read more

पीके का नीतीश पर बड़ा हमला: कहा– JDU की जीत धनबल का नतीजा, संन्यास की बात से किया किनारा

पटना  जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के सुप्रीमो प्रशांत किशोर बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के 25 से ज्यादा सीट जीतने पर राजनीति से संन्यास लेने की बात से पलट गए हैं। चुनाव नतीजों में जन सुराज पार्टी को 0 और जेडीयू को 85 सीट मिलने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए प्रशांत किशोर ने कहा कि वो जन सुराज में किसी पद पर नहीं हैं, जिससे वो इस्तीफा दे दें। पीके के नाम से मशहूर चुनावी रणनीतिकार ने कहा कि उन्होंने यह नहीं कहा था कि वो बिहार छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि आगे भी वो बिहार में ही रहेंगे और यहीं घूमते रहेंगे। चुनाव से पहले प्रशांत जेडीयू को 25 से कम सीट मिलने का दावा करते थे और कहते थे कि जन सुराज या तो अर्श पर रहेगी या फर्श पर रहेगी। दूसरी बात सही हुई। प्रशांत किशोर ने जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चुनाव से पहले 10 हजार रुपये नकद देने को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत से जोड़ते हुए कहा कि नीतीश ने पैसे देकर वोट खरीदे हैं। उन्होंने अब कहा है कि अगर योजना के प्रावधान और नियमों के तहत 6 महीने के बाद सरकार उन महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 2-2 लाख रुपये दे देती है तो वो राजनीति और बिहार छोड़ देंगे। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो यह समझा जाएगा कि उन्होंने वोट खरीदने के लिए सरकारी योजना के नाम पर नकद पैसा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले 40 हजार करोड़ की योजनाओं का ऐलान किया। प्रशांत किशोर को ओवैसी, मायावती, माले से ज्यादा वोट बिहार चुनाव में जन सुराज पार्टी 238 सीटों पर लड़ी थी, जिसमें 236 कैंडिडेट की जमानत जब्त हो गई। हालांकि जन सुराज पार्टी को 1 सीट जीतने वाली मायावती की बीएसपी या आईपी गुप्ता की आईआईपी या सीपीएम, 2 सीट जीतने वाली मजबूत वामंपथी पार्टी सीपीआई-एमएल और 5 सीट जीतने वाली एआईएमआईएम से ज्यादा वोट और वोट शेयर मिला है, लेकिन ऐसा बहुत सीटें लड़ने के कारण हुआ है। जन सुराज को 3.4 परसेंट जबकि बीएसपी और एआईएमआईएम को 2 परसेंट से कम और सीपीआई-माले को 3 परसेंट से कम वोट मिला है। जन सुराज के प्रदर्शन में गौर करने वाली बात यह है कि उसके कैंडिडेट 1 सीट पर दूसरे, 129 सीट पर तीसरे, 73 सीट पर चौथे, 23 सीट पर पांचवें, 8 सीट पर छठे, 2 सीट पर सातवें, 1 सीट पर आठवें, 1 सीट पर नौवें और 5 सीट पर दसवें नंबर पर रहे।  

फर्जी वर्दी वाला दूल्हा! अमीर परिवार में शादी का सपना दिखाकर करता था ठगी, हुआ गिरफ्तार

शाहजहांपुर यूपी के शाहजहांपुर जिले में पुलिस ने एक फर्जी दारोगा को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दिक्षा भवरे ने बताया कि खुटार थाना क्षेत्र में सोमवार रात वाहनों के निरीक्षण के दौरान पुलिस ने एक कार में दारोगा का बैज लगी वर्दी टंगी देखी। उनके अनुसार, संदेह होने पर कार चला रहे गौरव शर्मा से पूछताछ की गयी, तो उसने बताया कि वह लखीमपुर खीरी में दारोगा के पद पर तैनात है। जांच में हुआ खुलासा  लखीमपुर खीरी पुलिस से इस बारे में पड़ताल किये जाने पर खुलासा हुआ कि शर्मा झूठ बोल रहा है। उन्होंने बताया कि इसके बाद शर्मा को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में शर्मा ने बताया कि वह मथुरा का मूल निवासी है और खुटार में किराये पर रह रहा है। उसकी शादी नहीं हो रही थी इसीलिए उसने दारोगा की वर्दी बनवाई और उसे पहनकर लोगों को रौब दिखाने लगा ताकि लोग समझें कि वह सरकारी नौकरी में है और उसकी किसी अमीर परिवार में शादी हो जाए। जब भी जरूरत होती पहल लेता वर्दी  पुलिस ने कहा कि आरोपी ने यह भी बताया कि जब भी उसे जरूरत होती थी, वह वर्दी पहन लेता था। इससे उसके टोल टैक्स की भी बचत हो जाती थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी गौरव शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है। 

रायपुर : कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा ने आसानी से किया धान विक्रय

रायपुर : कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाए समिति में सभी सुविधाएं दुरुस्त रायपुर, कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाएकृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और किसान-कल्याण की प्राथमिकता को धरातल पर उतारती हुई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना आज किसानों के लिए वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। बेहतर समर्थन मूल्य, पारदर्शी एवं सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसे सुधारों ने धान विक्रय प्रक्रिया को सहज, तेज और भरोसेमंद बनाया है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ सीमांत कृषक से लेकर बड़े किसानों तक समान रूप से पहुंच रहा है और कृषक अधिक उत्साह और विश्वास के साथ उत्पादन बढ़ा रहे हैं।             महासमुंद जिला के विकासखंड के ग्राम मोंगरा निवासी श्री लक्ष्मण ध्रुव अपने 54 कट्टा धान का विक्रय करने ग्रामीण सेवा सहकारी समिति झालखम्हरिया उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे 3 दिन पूर्व टोकन कटवाया है, जिससे उन्हें समय पर धान विक्रय की सुविधा मिली। शासन की पारदर्शी टोकन व्यवस्था और त्वरित पंजीयन ने उनकी प्रक्रिया को सहज बनाया। उनके पास एक एकड़ खेती है। इसी तरह मोंगरा निवासी श्री खोरबहारा साहू ने बताया कि वे अपने 42 डिसमिल कृषि भूमि में 8.80 क्विंटल धान उत्पादन किया है। उन्होंने सतत देखभाल और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेते हुए अपने फसल का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि धान बेचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं मोंगरा निवासी श्री छगन लाल साहू ने अपने पिताजी पुनीत राम साहू के नाम पंजीकृत 10 एकड़ कृषि भूमि में इस वर्ष 250 कट्टा धान का उपार्जन किया है।          सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। मोंगरा निवासी लक्ष्मण ध्रुव, खोरबाहरा साहू और छगन लाल साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।