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नई बिहार सरकार में बीजेपी ने जेडीयू को पीछे छोड़ा, मंत्रियों की संख्या में हासिल बढ़त

 नई दिल्ली बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए सरकार बन गई है. नीतीश कुमार ने सीएम, तो सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली. नीतीश कैबिनेट में दोनों डिप्टी सीएम सहित 26 मंत्री बनाए गए हैं, जिसमें जेडीयू से ज्यादा बीजेपी कोटे से मंत्री बने हैं. इस तरह मंत्रिमंडल के नंबर गेम में फिलहाल बीजेपी आगे निकल गई है. क्या मंत्रियों को विभागों के बंटवारे में भी बीजेपी अपनी गठबंधन सहयोगी जेडीयू पर भारी पड़ेगी या फिर नीतीश कुमार का रहेगा होल्ड? नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी एनडीए सरकार में फिलहाल 26 मंत्री बनाए गए हैं. बीजेपी कोटे से 14 मंत्री, जेडीयू से 8 मंत्री, एलजेपी (आर) के 2, आरएलएम और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा से एक-एक मंत्री बने हैं. ऐसे में कैबिनेट के गठन में जेडीयू से करीब दोगुना मंत्री बीजेपी के बनाए गए हैं. हालांकि, नीतीश सरकार में 9 मंत्री पद अभी भी खाली है, जिन्हें बाद में भरा जाएगा. बिहार में एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब बारी मंत्रालय के विभागों के बंटवारे की है. नीतीश सरकार में कौन सा मंत्रालय किस मंत्री को मिलेगा, इस पर लोगों की निगाहें लगी हुई हैं. खासकर गृह, वित्त, ऊर्जा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण जैसे मंत्रालय को हाईवेट माना जाता है. बीजेपी मंत्रियों के नंबर गेम में जिस तरह से आगे निकली है, क्या उसी तरह से विभागों के बंटवारे में भी उसका वर्चस्व बरकरार रहेगा? अध्यक्ष पद के लिए जेडीयू और बीजेपी के बीच खींचतान कई दिनों तक चलती रही. बाद में स्पीकर पोस्ट बीजेपी के हिस्से में जाने की बात सामने आई है. माना जा रहा है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार को स्पीकर बनाया जा सकता है, क्योंकि उन्होंने गुरुवार को मंत्री पद की शपथ नहीं ली. अब बारी मंत्रालय के विभागों के बंटवारे की है. ऐसे में सबसे ज्यादा निगाहें गृह और वित्त मंत्रालय पर है. नीतीश क्या गृह मंत्रालय अपने पास रखेंगे नीतीश कुमार बिहार की सत्ता जब से संभाल रहे हैं, तब से गृह मंत्रालय अपने पास रखे हुए हैं. विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद से ही गृह विभाग को लेकर बीजेपी और जेडीयू दोनों ही दावे कर रही हैं. 2024 में नीतीश महागठबंधन से नाता तोड़कर दोबारा से एनडीए के साथ आए थे तो उस समय शपथ ग्रहण के पांच दिनों के बाद तक विभागों का बंटवारा नहीं हो सका था. बीजेपी की लाख कोशिश के बावजूद नीतीश कुमार गृह विभाग अपने पास रखने में कामयाब रहे थे. गृह मंत्रालय के जरिए ही नीतीश कुमार ने सुशासन बाबू वाली अपनी छवि बनाने में कामयाब रहे. नीतीश कुमार इसी यूएसपी के सहारे आरजेडी के जंगल राज के तिलिस्म को तोड़ा. कानून-व्यवस्था,पुलिस प्रशासन और भ्रष्टाचार नियंत्रण जैसे मामलों पर सीधी पकड़ रखने के लिए गृह विभाग को छोड़ना नहीं चाहते हैं. बीजेपी की नजर लंबे समय से इसी गृह विभाग पर है, जिसे लेकर 2024 में जेडीयू के साथ कई दिनों तक बार्गेनिंग करती रही. उस समय बात नहीं बनी, लेकिन अब देखना है कि इस बार गृह मंत्रालय किसे मिलता है. स्वास्थ्य, वित्त और शिक्षा मंत्रालय पर नजर गृह मंत्रालय ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य, वित्त, शिक्षा और लोक निर्माण जैसे हाईवेट मंत्रालय पर भी लोगों की नजर है. नीतीश कुमार 2005 से ही गृह मंत्रालय अपने पास रखते हैं तो वित्त मंत्रालय बीजेपी कोटे से बनने वाले डिप्टीसीएम को देती रही है. पहले सुशील मोदी के पास रहा और उसके बाद तारकिशोर प्रसाद और फिर सम्राट चौधरी को मिला. हालांकि, महागठबंधन सरकार के दौरान वित्त मंत्री का जिम्मा जेडीयू के विजय चौधरी के पास रहा. 2024 में नीतीश दोबारा से एनडीए में वापसी किए तो माना जा रहा है था कि वित्त जेडीयू के खाते में रहेगा और बदले में शिक्षा बीजेपी के पास रहेगी. बीजेपी ने वित्त विभाग को प्राथमिकता दी और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को वित्त मंत्रालय मिला था. ऐसे में वित्त मंत्रालय पर बीजेपी और जेडीयू दोनों की नजर है, लेकिन सियासी पैटर्न देखें तो बीजेपी के हिस्से में जा सकता है. बीजेपी-जेडीयू के पास कौन-कौन मंत्रालय थे बिहार की एनडीए सरकार में बीजेपी के पास वित्त, नगर विकास और आवास, स्वास्थ्य, खेल, पंचायती राज, उद्योग, पशु एवं मत्सय संसाधन,विधि, सहकारिता, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पर्यटन, कृषि, पथ निर्माण, भूमि सुधार, गन्ना उद्योग, खान एवं भूतत्व, श्रम संसाधन, कला, संस्कृति और युवा, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण जैसे विभाग थे. वहीं, जेडीयू के पास फिलहाल सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, जल संसाधन, संसदीय कार्य, भवन निर्माण और परिवहन, शिक्षा, सूचना और जन संपर्क, ऊर्जा, योजना और विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, ग्रामीण कार्य, अल्पसंख्यक कल्याण, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्रालय थे. जीतनराम मांझी की पार्टी को सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग मिला था. कैबिनेट में किसे मिलेगा कौन सा विभाग नीतीश कुमार ने अपनी सरकार में जेडीयू कोटे से भी पुराने और अनुभवी चेहरों को मंत्री बनाया है जबकि बीजेपी ने अपने कई पुराने चेहरे को ड्राप करके उनकी जगह नए फेस को मंत्री बनाया है. ऐसे में हाई प्रोफाइल मंत्रालय पर जेडीयू अपना दावा करेगी. अभी तक के पैटर्न के लिहाज से राजस्व, सहकारिता, पशु एवं मत्स्य संसाधन, विधि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण,उद्योग, पर्यटन और पथ निर्माण बीजेपी को मिल सकता है. जेडीयू के खाते में कृषि, खान एवं भूतत्व, जल संसाधन, संसदीय कार्य, ऊर्जा, योजना एवं विकास, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण जैसे मंत्रालय मिल सकते हैं. हालांकि, बीजेपी चाहती है कि गृह और शिक्षा उसके पास आ जाए, इसके बदले वह स्वास्थ्य और वित्त जैसे विभाग छोड़ने को तैयार है. ऐसे में देखना होगा कि बिहार के बदले हुए माहौल में कौन मंत्रालय का जिम्मा किसे मिलता है?

सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश: लग्ज़री पेट्रोल-डीजल वाहनों पर पाबंदी, EV नीति होगी सख्ती से लागू

नई दिल्ली Ban on Luxury Petrol-Diesel Cars: दिल्ली की हवा जब नवंबर आते-आते धुएँ की चादर ओढ़ लेती है, तब सिर्फ इंसान नहीं, नीतियों की भी सांस फूलने लगती है. ऐसे वक्त में सुप्रीम कोर्ट का एक सुझाव ने देश के लग्जरी कार के मालिकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. अदालत का कहना है अब समय आ गया है कि लग्ज़री पेट्रोल-डीजल लग्जरी कारें धीरे-धीरे सड़क से हटाई जाएं. सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव देते हुए कहा है कि, पेट्रोल और डीजल से चलने वाली लग्जरी कारों पर चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लगाने पर विचार होना चाहिए. यह सुझाव उस समय आया है जब देश इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की दिशा में तेज़ी से बढ़ तो रहा है, लेकिन लग्ज़री सेगमेंट में अब भी ज़्यादातर लोग पारंपरिक इंजन वाली (पेट्रोल-डीजल) कारों को ही प्राथमिकता देते हैं. यह सुझाव सेंटर फॉर पब्लिक इंट्रेस्ट लिटिगेशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसका प्रतिनिधित्व वकील प्रशांत भूषण कर रहे थे. याचिका में मांग की गई है कि सरकार की मौजूदा ईवी नीतियों को ज़मीन पर सख्ती से लागू किया जाए, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को वास्तव में बढ़ावा मिल सके. क्या है कोर्ट का सुझाव? 13 नवंबर 2025 को हुई सुनवाई में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की बेंच ने कहा कि, शुरुआत लग्ज़री इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) यानी पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों पर पाबंदी से हो सकती है. अदालत के मुताबिक, बड़ी इलेक्ट्रिक कारें अब आसानी से उपलब्ध हैं और उन्हीं सुविधाओं के साथ आती हैं जिन्हें VIP और बड़े कॉरपोरेट घराने अपने वाहन चुनते समय देखते हैं. ऐसे में इन लग्जरी मॉडलों को चरणबद्ध तरीके से हटाने से आम जनता प्रभावित नहीं होगी. बेंच ने यह भी सुझाव दिया कि बड़े महानगरों में पायलट प्रोजेक्ट चलाकर लोगों को पेट्रोल-डीजल वाहनों के बजाय EV की ओर प्रोत्साहित किया जा सकता है. बेंच का कहना है कि जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ेगी वैसे ही चार्जिंग स्टेशनों की मांग भी बढ़ेगी. साथ ही चार्जिंग इंफ्रा को बेहतर होनी शुरू हो जाएगी. क्या समीक्षा लायक हो चुकी है EV पॉलिसी सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों पर केंद्र सरकार के 13 मंत्रालय काम कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को सभी नीतियों, नोटिफिकेशन और डेवलपमेंट की एक विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है. अदालत ने यह भी पूछा कि क्या मौजूदा EV पॉलिसी, जो 5 साल से अधिक पुरानी हैं, अब समीक्षा लायक हो चुकी हैं. अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी, जिसमें विस्तृत रिपोर्ट पेश की जानी है. लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों की मांग भारत में लग्जरी सेगमेंट में इलेक्ट्रिक (EV) की हिस्सेदारी लगभग 12 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जबकि आम बाजार में यह सिर्फ 2–3 प्रतिशत है. यही वजह है कि इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में BMW और Mercedes-Benz जैसी कंपनियों ने जबरदस्त इलेक्ट्रिक कार बिक्री दर्ज की है. दिलचस्प बात यह है कि 1 करोड़ रुपये से ऊपर की इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ भी अब पहले से कहीं तेज़ी से बिक रही हैं. यानी ऐसे लोग जो वाहन पर ज्यादा पैसा खर्च करने में सक्षम है वो इलेक्ट्रिक कारों को एक बेहतर विकल्प के तौर पर देख रहे हैं.  टॉप 5 लग्ज़री कार ब्रांड्स की सालाना बिक्री (यूनिट में) क्रम         ब्रांड            वित्त वर्ष 24                 वित्त वर्ष 25 1.     मर्सिडीज-बेंज        18,123                    18,928 2.       बीएमडब्ल्यू           15,420                15,995 3.     जगुआर लैंडरोवर      4,436                   6,183 4.      ऑडी                    7,049                  5,993 5.     वोल्वो                    2,150                   1,750 इन आंकड़ों से साफ दिखता है कि वित्त वर्ष 25 में मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है, जबकि ऑडी और वोल्वो की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है. जगुआर लैंडरोवर ने सबसे अधिक तेजी दिखाई है और FY24 के मुकाबले FY25 में अच्छी ग्रोथ हासिल की है. कुल मिलाकर, मार्केट में जर्मन ब्रांड्स का दबदबा कायम है और Mercedes-Benz अभी भी लग्ज़री सेगमेंट की सबसे अधिक बिकने वाली कार ब्रांड बनी हुई है. कितनी कारों पर पड़ेगा असर भारत में पैसेंजर व्हीकल सेग्मेंट में लग्ज़री कारों का मार्केट शेयर बहुत ही कम है. ये देश में बेची वाली कुल कारों का तकरीबन 1% है. जो साल 2030 तक बढ़कर 4-5% पहुंचने की उम्मीद है. लग्ज़री कारों की मार्केट प्रेजेंस का अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि, बीते अक्टूबर में टाटा नेक्सन बेस्ट सेलिंग कार बनी और इसके कुल 22,083 यूनिट बेचे गए थे. जो मर्सिडीज-बेंज की सालान बिक्री (18,928) से भी ज्यादा है. खैर, 37-38.8%. मार्केट शेयर के साथ मर्सिडीज-बेंज लग्ज़री कार सेग्मेंट की लीडर बनी हुई है. दूसरी ओर तकरीबन 32% बाजार पर बीएमडब्ल्यू का कब्ज़ा है. जगुआर और ऑडी के बीच थर्ड पोजिशन को लेकर खींचतान जारी है, जिसमें FY25 में जगुआर आगे है. वाहनों के इस बिक्री के आंकड़ों में इन ब्रांड्स के इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हैं.  ये कार ब्रांड्स होंगे प्रभावित अगर यह प्रतिबंध लागू होता है तो इसका सीधा असर उन लग्ज़री कार ब्रांड्स के खरीदारों पर पड़ेगा जो इलेक्ट्रिक विकल्प होने के बावजूद पेट्रोल या डीजल वाली लग्जरी कारें चुनते हैं. भारत में कई लग्जरी ब्रांड अपने इलेक्ट्रिक मॉडल बेच रहे हैं, लेकिन ग्राहकों का बड़ा हिस्सा अब भी पुराने पावरट्रेन को ही तरजीह देता है. ऐसे में यह बदलाव पूरी तरह इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर धकेल सकता है और कंपनियों को अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करने पड़ सकते हैं. इस सुझाव पर अमल किया जाता है तो, इससे मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, जगुआर लैंडरोवर और ऑडी जैसे ब्रांड्स सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे. हालांकि इन ब्रांड्स ने भी इंडियन मार्केट में इलेक्ट्रिक कारों का पोर्टफोलियो बढ़ाना शुरू कर दिया है. लेकिन अभी भी महंगी और लग्ज़री कार खरीदारों के बीच पेट्रोल-डीजल … Read more

एशेज में स्टार्क का जलवा: 100 विकेट लेकर बने इतिहास पुरुष, पहली बार हुआ ऐसा कारनामा

  पर्थ  ऑस्ट्रेल‍िया और इंग्लैंड के बीच ऑप्टस स्टेडियम में एशेज सीरीज 2025-26 का पहला टेस्ट मैच हुआ. इस टेस्ट के पहले दिन (21 नवंबर) को म‍िचेल स्टार्क ने गजब का स्पेल फेंका. उन्होंने महज 39 रन के स्कोर पर इंग्लैंड के 3 विकेट धड़ाम कर द‍िए.  जो रूट (0) का म‍िचेल स्टार्क ने मार्नस लाबुशेन के हाथों कैच आउट किया करवाया जो उनका एशेज में 100वां व‍िकेट रहा. वह ऐसा करने वाले 21वें गेंदबाज रहे.  इसके साथ ही उन्होंने एक और अनोखी उपलब्ध‍ि हास‍िल कर ली. वह एशेज मे ऐसा करने पहले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बन गए. एशेज में 100 विकेट लेने वाले वो ऑस्ट्रेलिया के 13वें गेंदबाज बन गए.  अनफिट पैट कमिंस और चोटिल जोश हेजलवुड की गैरमौजूदगी में स्टार्क ने स्कॉट बोलैंड, डेब्यू कर रहे ब्रेंडन डॉगेट के साथ पेस अटैक की ज‍िम्मेदारी संभली. वहीं स्टार्क के पास पाकिस्तान के वसीम अकरम का रिकॉर्ड तोड़ने का भी मौका होगा, जो लेफ्ट-आर्म पेसर के रूप में सबसे ज्यादा 414 टेस्ट विकेट के साथ टॉप पर हैं. जो इस सीरीज में वो पूरा कर लेंगे.  इसके साथ ही उन्होंने एक और अनोखी उपलब्ध‍ि हास‍िल कर ली. वह एशेज मे ऐसा करने पहले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बन गए. एशेज में 100 विकेट लेने वाले वो ऑस्ट्रेलिया के 13वें गेंदबाज बन गए.  अनफिट पैट कमिंस और चोटिल जोश हेजलवुड की गैरमौजूदगी में स्टार्क ने स्कॉट बोलैंड, डेब्यू कर रहे ब्रेंडन डॉगेट के साथ पेस अटैक की ज‍िम्मेदारी संभली. वहीं स्टार्क के पास पाकिस्तान के वसीम अकरम का रिकॉर्ड तोड़ने का भी मौका होगा, जो लेफ्ट-आर्म पेसर के रूप में सबसे ज्यादा 414 टेस्ट विकेट के साथ टॉप पर हैं. जो इस सीरीज में वो पूरा कर लेंगे.  पर्थ टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग XI: उस्मान ख्वाजा, जेक वेदरल्ड, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ (कप्तान), ट्रेविस हेड, कैमरन ग्रीन, एलेक्स कैरी (विकेट कीपर), मिचेल स्टार्क, नाथन लियोन, ब्रेंडन डॉगेट, स्कॉट बोलैंड पर्थ टेस्ट में  इंग्लैंड की प्लेइंग XI: बेन डकेट, जैक क्रॉउली, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), गस एटकिंसन, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर, मार्क वुड  एशेज सीरीज का शेड्यूल (2025–26)     पहला टेस्ट: 21–25 नवंबर, पर्थ     दूसरा टेस्ट: 4-8 दिसंबर, गाबा, ब्रिस्बेन (D/N), 9.30 बजे     तीसरा टेस्ट: 17-21 दिसंबर, एडिलेड ओवल, सुबह 5 बजे     चौथा टेस्ट: 26-30 दिसंबर, मेलबर्न, सुबह 5 बजे     पांचवां: 4-8 जनवरी, सिडनी, सुबह 5 बजे     (भारतीय समयानुसार सभी मैचों की टाइमिंग )  

मुकेश भट्ट के साथ लीक कॉल में दिव्या खोसला ने खुद को बताया माफिया

मुंबई  बॉलीवुड एक्ट्रेस दिव्या खोसला कुमार अक्सर अपनी खूबसूरती को लेकर अक्सर ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रहती हैं. इसके अलावा वो अपने बेबाक बयानों के लिए भी काफी फेमस हैं. इस बीच एक्ट्रेस फिल्म 'सावी' और 'जिगरा' के बीच अनबन को लेकर फिर चर्चा में आ गई हैं. जिसे मुकेश भट्ट ने प्रोड्यूस किया था. अब इसे लेकर बात इतनी बड़ी कि दिव्या खोसला ने सोशल मीडिया पर एक फोन कॉल रिकॉर्डिंग शेयर कर दी. दरअसल एक्ट्रेस दिव्या खोसला ने आलिया भट्ट की फिल्म जिगरा को सावी की कॉपी बताया था. जिसके बात कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि मुकेश भट्ट ने दिव्या के इस स्टेटमेंट को पब्लिसिटी स्टंट बताया और कहा, 'आलिया को कॉपी की जरूरत नहीं है.' एक्ट्रेस ने शेयर की कॉल रिकॉर्डिंग मीडिया रिपोर्ट्स को मानते हुए दिव्या, मुकेश भट्ट के बयान से काफी भड़क गई. जिसके बाद उन्होंने मुकेश भट्ट संग हुई कॉल को लीक कर दिया. खास बात ये रही कि ये ऑडियो रिलीज एक्ट्रेस के बर्थडे के दिन हुआ. दिव्या खोसला ने मुकेश भट्ट संग ये फोन कॉल अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की है. जिसमें वो मुकेश से पूछती हैं कि 'सावी' और 'जिगरा' के विवाद पर आपने मेरे खिलाफ बात क्यों की, क्या आपने ऐसा कहा कि मैंने कोई छिछोरी हरकत की, ये सब पब्लिसिटी स्टंट  के लिए मैंने किया? इसपर मुकेश ने कहा, 'मैंने इस बारे में किसी से बात नहीं की और ना ही किसी ने मुझसे पूछा. ये सारी प्लानिंग की गई है. मैं ऐसी हरकत क्यों करूंगा? ये तुम्हारे बर्थडे के दिन ही क्यों हुआ? इस चीज से मेरे और तुम्हारे रिलेशनशिप पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. तुम किसी की भी बातों में मत आना. आप मुझे जानते हैं, मैं ऐसा क्यों करूंगा.' दिव्या ने निकाली भड़ास दिव्या ने इस ऑडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, 'मैं इस खुलासे से काफी हैरान हूं. हाल ही में मुझे जो पता चला, वो परेशान करने वाला और दिल दहला देने वाला है. भारी मन से मुझे लगता है कि इस सच्चाई को जनता के सामने लाना जरूरी है. खासकर उन कलाकारों और फैंस के लिए जिन्होंने हमारी फिल्म इंडस्ट्री में लॉबिंग और गेटकीपिंग का दंश झेला है.' एक्ट्रेस ने आगे लिखा, 'बदकिस्मती से, मेरे पास मिस्टर मुकेश भट्ट और मेरे बीच हुई टेलीफोन पर हुई बातचीत को सबके सामने लाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है, ताकि लोग खुद सुन सकें कि कैसे कुछ ग्रुप करियर खराब करने और असली टैलेंट को बाहर निकालने की कोशिश करते हैं. यह बर्ताव मंज़ूर नहीं है और इसे नॉर्मल नहीं किया जा सकता. अब समय आ गया है कि हम आवाज उठाएं. अब समय आ गया है कि हम इंडस्ट्री माफिया को सामने लाएं.'

लोहा नगर परिषद चुनाव में बीजेपी की रणनीति—एक ही परिवार के छह उम्मीदवार मैदान में

मुंबई  महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव हो रहे हैं. निकाय चुनावों के बीच सत्ताधारी महायुति में रार खुलकर सामने आ गई है. इस रार की वजह बनी है नांदेड़ जिले की लोहा नगर परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने नांदेड़ की इस नगरपालिका परिषद के चुनाव में एक ही परिवार के छह सदस्यों को उम्मीदवार बना दिया है. इसे लेकर अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) ने अपने सहयोगी दल के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है. एनसीपी (एपी) के विधायक प्रताप पाटिल चिखलिकर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि एक ही परिवार के छह सदस्यों को टिकट देना उम्मीदवारों की उपलब्धता पर सवाल खड़े करता है. उन्होंने तंज करते हुए कहा है कि बड़े नेता जब उपयुक्त उम्मीदवार नहीं खोज पाते हैं, तब ऐसा ही होता है. नांदेड़ में पत्रकारों से बात करते हुए चिखलिकर ने कहा कि जब राज्य और जिले का खुद को बड़ा नेता मानने वाले लोग उम्मीदवार नहीं ढूंढ पाते, तब छह नहीं तो 10 लोग एक ही परिवार के खड़े कर दिए जाते हैं. उन्होंने बिलोली नगर परिषद में कोई उम्मीदवार नहीं उतारने के बीजेपी के फैसले पर भी सवाल खड़े किए हैं. गौरतलब है कि परिवारवाद के मुद्दे पर विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाने वाली बीजेपी ने काउंसिल प्रेसिडेंट से पार्षद तक, एक ही परिवार के छह लोगों को उम्मीदवार बनाया है. ऐसा तब है, जब लोहा नगर परिषद के कुल 10 वार्ड के लिए 20 सदस्य चुने जाने हैं. गजानन सूर्यवंशी को बीजेपी ने काउंसिल प्रेसिडेंट कैंडिडेट बनाया है. गजानन सूर्यवंशी की पत्नी गोदावरी वार्ड 7ए, भाई सचिन वार्ड 1ए, भाभी सुप्रिया वार्ड 8ए, रिश्तेदार वाघमारे वार्ड 7बी, भतीजे की पत्नी व्याहारे वार्ड 3 से चुनाव लड़ रहे हैं. महाराष्ट्र में 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए चुनाव हो रहे हैं. 2 दिसंबर को मतदान होना है और नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे. नांदेड़ कांग्रेस से बीजेपी में आए पूर्व सीएम अशोक चव्हाण का गृह जिला है और इस बार के निकाय चुनाव में उनकी साख दांव पर है.

पहला सेशन बना एशेज का ब्लॉकबस्टर—इंग्लैंड की तेज शुरुआत, ऑस्ट्रेलिया की टॉप ऑर्डर धराशायी

पर्थ  ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज 2025-26 का पहला टेस्ट मैच शुरू हो गया है. इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने मैच में टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया.  इंग्लैंड टीम की ओर से इस समय बेन स्टोक्स और हैरी ब्रूक बल्लेबाजी कर रहे हैं. इस मैच की लाइव कवरेज और स्कोरकार्ड के लिए इस पेज को र‍िफ्रेश करते रहें. अब लंच के बाद खेल शुरू हुआ है.  उट करवा द‍िया. स्टार्क ने कुल म‍िलाकर पहले घंटे में ही इंग्लैंड की कमर तोड़ दी.  रूट का व‍िकेट स्टार्क का एशेज में 100वां व‍िकेट रहा. यह मुकाम हासिल करने वाले कुल 21वें बॉलर और पहले लेफ्ट-आर्म सीमर रहे. उनका 44.8 का स्ट्राइक रेट इन 21 बॉलर्स में अब तक का सबसे अच्छा है.  रूट के आउट होने के बाद ओली पोप और हैरी ब्रूक ने मोर्चा संभाला और तेजी से रन बनाए. इसके बाद कंगारू टीम के अंतर‍िम कप्तान स्टीव स्म‍िथ ने एक चाल चली और कैमरन ग्रीन को ओवर थमाया. उन्होंने अपने पहले ही ओवर में खतरनाक द‍िख रहे ओली पोप को lBW आउट क‍िया. पोप ने 58 गेंदों पर 46 रन बनाए.   इंग्लैंड टीम का स्कोरकार्ड पहली पारी ख‍िलाड़ी     व‍िकेट     रन  जैक क्रॉउली     c ख्वाजा b स्टार्क      00 बेन डकेट      LBW स्टार्क      21 ओली पोप      LBW ग्रीन     46 जो रूट      c लाबुशेन b स्टार्क     00 हैरी ब्रूक      नाबाद      28 बेन स्टोक्स      नाबाद      04 विकेट पतन: 1-0 (जैक क्रॉउली, 0.6 ओवर), 2-33 (बेन डकेट, 6.4 ओवर), 3-39 (जो रूट, 8.5 ओवर), 4-94 (ओली पोप, 19.6 ओवर) ऑस्ट्रेलिया दौरे पर इंग्लैंड की पहली ओपनिंग पार्टनरशिप (2010/11 के बाद से) 0 – स्ट्रॉस & कुक, ब्रिस्बेन 2010/11 28 – कुक & कारबेरी, ब्रिस्बेन 2013/14 2 – कुक & स्टोनमैन, ब्रिस्बेन 2017/18 0 – बर्न्स & हसीब हमीद, ब्रिस्बेन 2021/22 0 – क्रॉली & डकेट, पर्थ 2025/26 स्टार्क के डेब्यू के बाद से पारी के पहले ओवर में सबसे ज्यादा विकेट 24 – मिचेल स्टार्क (स्ट्राइक रेट 42.0) 19 – जेम्स एंडरसन (स्ट्राइक रेट 70.7) 10 – केमार रोच (स्ट्राइक रेट 52.8) डकेट Vs स्टार्क: 8 पारियां, 112 गेंदें, 98 रन, 4 बार आउट, औसत: 24.50 शोएब बशीर को नहीं मिला मौका, अंग्रेजों ने उतारे 4 पेसर  पैट कमिंस चोटिल होने के चलते पहले टेस्ट से बाहर हैं, ऐसे में कंगारू टीम की ओर से कप्तानी की बागडोर स्टीव स्मिथ संभाल रहे हैं.  इस मुकाबले में ऑस्ट्रेल‍िया की प्लेइंग 11 में दो प्लेयर्स जेक वेदरल्ड और ब्रेंडन डॉगेट का डेब्यू हुआ है. वहीं इंग्लैंड ने इस मुकाबले में 4 पेसर्स उतारे हैं. शोएब बशीर टीम में नहीं हैं, जबकि वो 12 सदस्यीय स्क्वॉड में थे.  एशेज में किसका पलड़ा भारी ऑस्ट्रेलिया 2017-18 से लगातार एशेज अपने पास रखे हुए है. इंग्लैंड ने आखिरी बार 2015 में एशेज जीती थी. पिछली बार जब इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया गया था, तो उसे 0-4 से करारी हार मिली थी. वैसे भी 2010-11 के बाद इंग्लिश टीम ऑस्ट्रेलियाई धरती पर एशेज सीरीज नहीं जीत पाई है. दोनों के बीच आखिरी सीरीज साल 2023 में इंग्लैंड में हुई थी, जो 2-2 से बराबरी पर छूटी थी. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच यह 74वीं एशेज सीरीज है. 73 में से ऑस्ट्रेलिया ने 34 सीरीज जीती है. वहीं इंग्लैंड के खाते में 32 सीरीज जीत गई. सात सीरीज ड्रॉ पर भी छूटी. ऑस्ट्रेलिया में खेली गई 36 सीरीज में से मेजबान ने 20, जबकि इंग्लैंड ने 14 सीरीज जीती. पिछली 5 सीरीज की बात करें तो, ऑस्ट्रेलिया ने 2 और इंग्लैंड ने एक में जीत हासिल की. 2 सीरीज बराबरी पर छूटी. डॉन ब्रैडमैन के नाम पर एशेज में सबसे ज्यादा रन (5028) हैं. वहीं शेन वॉर्न 195 विकेटों के साथ सबसे कामयाब बॉलर रहे हैं. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेल‍िया के बीच कितने टेस्ट हुए? ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच अब तक 361 टेस्ट मैच खेले गए हैं. इस दौरान कंगारू टीम ने 152 मैचों में जीत हासिल की. जबकि इंग्लैंड ने 112 मुकाबले जीते. 97 टेस्ट मैच ड्रॉ पर भी छूटे. यानी आंकड़ों में ऑस्ट्रेलियाई टीम का पलड़ा भारी रहा है. वैसे भी ऑप्टस स्टेडियम में इंग्लैंड ने अब तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है. वहीं इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड शानदार है. ऑस्ट्रेलिया ने इस मैदान पर 5 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उसने चार में जीत हासिल की और एक में हार मिली. एशेज सीरीज का भारत में टीवी पर सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क कर रहा है. जबकि जियोहॉटस्टार और उसके वेबसाइट पर भी मुकाबलों की लाइव स्ट्रीमिंग हो रही. पहला टेस्ट भारतीय समयानुसार सुबह 7.50 बजे से शुरू होगा. वहीं दूसरे टेस्ट की टाइमिंग भारतीय समय के मुताबिक सुबह 9.30 बजे रखी गई है. बाकी के तीन टेस्ट मैच भारतीय समयानुसार सुबह 5 बजे से शुरू होंगे. ऑस्ट्रेलिया vs इंग्लैंड (H2H) कुल टेस्ट मैच: 361 ऑस्ट्रेलिया ने जीते: 152 इंंग्लैंड ने जीते: 112 ड्रॉ: 97 ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग XI: उस्मान ख्वाजा, जेक वेदरल्ड, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ (कप्तान), ट्रेविस हेड, कैमरन ग्रीन, एलेक्स कैरी (विकेट कीपर), मिचेल स्टार्क, नाथन लियोन, ब्रेंडन डॉगेट, स्कॉट बोलैंड इंग्लैंड की प्लेइंग XI: बेन डकेट, जैक क्रॉउली, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), गस एटकिंसन, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर, मार्क वुड 

रायपुर: 73,868 निर्माण श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की राशि वितरित

रायपुर : 73,868 निर्माण श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं की राशि डी.बी.टी. से की गई वितरण श्रम मंत्री  देवांगन ने श्रमिको के खाते में डीबीटी के जरिये राशि अंतरित की रायपुर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के संचालक मण्डल की बैठक में आज श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने 16 विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 73 हजार 868  निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को 25 करोड़ 65 लाख 90 हजार 402 रूपये की राशि डी.बी.टी. के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में अंतरित किया गया। इस मौके पर सचिव सह श्रमायुक्त, श्रम विभाग,  हिम शिखर गुप्ता, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के सचिव  गिरिश रामटेके उपस्थित थे।  इस पारदर्शी प्रक्रिया से न केवल श्रमिकों को त्वरित लाभ मिल रहा है, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता भी सुनिश्चित हुई है।  विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई है। इनमें दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 23 लाभार्थियों को कुल 23 लाख रुपए की सहायता दी गई, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना में 7 बच्चों को 3 लाख 5 हजार रुपए प्रदान किए गए। निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी हेतु सहायता राशि योजना के तहत 31754 बच्चों को 4 करोड़ 18 लाख 62 हजार रुपए वितरित किए गए। मिनीमाता महतारी जतन योजना में 2436 हितग्राहियों को 4 करोड़ 87 लाख 20 हजार रुपए की सहायता दी गई। इसी प्रकार मुख्यमंत्री निर्माण मज़दूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना में 1080 श्रमिकों को 16 लाख 20 हजार रुपए शामिल है। इसी तरह मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत 47 लाभार्थियों को 47 लाख रुपए स्वीकृत किए गए, जबकि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना में 2 लाभार्थियों को 40 हजार रुपए प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 220 श्रमिकों को कुल 2 करोड़ 20 लाख रुपए की सहायता मिली। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 655 विद्यार्थियों को 55 लाख 1 हजार 176 रुपए प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के माध्यम से 2461 हितग्राहियों को 4 करोड़ 92 लाख 20 हजार रुपए वितरित किए गए। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 32248 बच्चों को 6 करोड़ 47 लाख 61 हजार 500 रुपए की राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना में 1961 श्रमिकों को 67 लाख 82 हजार 238 रुपए का लाभ मिला। इसके अलावा मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना में 326 श्रमिकों को कुल 65 लाख 20 हजार रुपए दिए गए। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 585 लाभार्थियों को 21 लाख 66 हजार 588 रुपए की सहायता दी गई। वहीं मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना में 1 लाभार्थी को 7 हजार 900 रुपए मिले। अंत में, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना के तहत 56 श्रमिकों को 84 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई।      श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन एवं अध्यक्ष बी.ओ.सी.डब्लू. डॉ. रामप्रताप सिंह ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों को योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी तरीके से सीधे उनके हाथों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। श्रम विभाग द्वारा यह पहल रजत जयंती वर्ष में श्रमिक वर्ग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और समर्पण का प्रतीक है।

मध्यप्रदेश में बड़े बदलाव की तैयारी: इंदौर से लॉन्च होगी 10,000 बसों की सुगम परिवहन योजना

भोपाल मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत मध्य प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी नियंत्रण वाली यात्री बसें अप्रैल, 2027 तक संचालन में आ जाएंगी। इस योजना के अंतर्गत कुल 10,879 बसें चलाई जाएंगी। ये बसें निजी ऑपरेटरों की होंगी, लेकिन इनके संचालन, प्रबंधन और किराया संरचना पर पूरा नियंत्रण शासन के पास रहेगा। योजना की शुरुआत अप्रैल, 2026 से इंदौर के आठ अंतर्शहरी और 24 उपनगरीय मार्गों पर की जाएगी। संचालन कार्य में देरी न हो, इसलिए हर चरण और गतिविधि की स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी गई है। बसों का किराया शुरुआती एक किलोमीटर के लिए सात रुपये तथा उसके बाद प्रति किमी 1.25 रुपये निर्धारित है। इसी दर से 50 किमी का किराया 70 रुपये बनता है, जबकि वर्तमान में निजी बस संचालक 50 प्रतिशत तक अधिक किराया वसूल रहे हैं।   CM की अध्यक्षता में हुई बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में बस सेवा को चरणबद्ध ढंग से पूरे प्रदेश में लागू करने की रूपरेखा तय की गई। तय कार्यक्रम के अनुसार सेवा शुरू होने के एक वर्ष के भीतर सभी जिलों में सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध होगी। फिलहाल इंदौर, उज्जैन, सागर और जबलपुर के लिए यात्रियों की संख्या एवं मार्ग सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। परिवहन विभाग ने इंदौर संभाग के जिलों के मार्ग 15 दिसंबर, 2025 तक और उज्जैन क्षेत्र के मार्ग 26 नवंबर से पहले निर्धारित करने का लक्ष्य रखा है। बसों के व्यवस्थापन के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिसमें व्हीकल लोकेशन, ट्रैकिंग, किराया संग्रहण और अलर्ट जैसे 18 मॉड्यूल शामिल हैं। हालांकि ITMS सॉफ्टवेयर का पूर्ण निर्माण मई, 2026 तक संभव होगा। किराया संरचना (रुपये में)     10 किमी – 19 रुपये     20 किमी – 32 रुपये     30 किमी – 45 रुपये     40 किमी – 57 रुपये     50 किमी – 70 रुपये किस चरण में कहां शुरू होगी सेवा: प्रथम चरण – इंदौर शहर से 50 किमी दायरे के शहरी व अंतर्शहरी रूट रूट: 32 बसें: 310 समय सीमा: अप्रैल, 2026 द्वितीय चरण – इंदौर संभाग के सभी जिले रूट: 771 बसें: 1706 समय सीमा: जून, 2026 तृतीय चरण – भोपाल व उज्जैन शहर से 50 किमी दायरे वाले रूट रूट: भोपाल 50, उज्जैन 23 बसें: भोपाल 152, उज्जैन 127 समय सीमा: जुलाई, 2026 चौथा चरण – उज्जैन संभाग के सभी जिले रूट: 386 बसें: 1318 समय सीमा: नवंबर, 2026 पांचवां चरण – सागर एवं जबलपुर संभाग रूट: 1228 बसें: 2635 समय सीमा: दिसंबर, 2026 छठा चरण – भोपाल व नर्मदापुरम संभाग रूट: तय नहीं बसें: 1843 समय सीमा: अप्रैल, 2027 सातवां चरण – रीवा एवं शहडोल संभाग रूट: निर्धारित नहीं बसें: 1470 समय सीमा: अप्रैल, 2027 आठवां चरण – ग्वालियर एवं चंबल संभाग रूट: निर्धारित नहीं बसें: 1318 20 वर्ष बाद फिर शुरू होगी सरकारी परिवहन सेवा साल 2005 में 700 करोड़ रुपये से अधिक घाटे के कारण मप्र राज्य सड़क परिवहन निगम बंद हो गया था। इसके बाद से बस संचालन पूरी तरह निजी क्षेत्र पर निर्भर था, जिससे मनमाना किराया, वाहनों की खराब फिटनेस और क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाने जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करने के बाद दोबारा सरकारी सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह योजना लागू की जा रही है।

रायपुर: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसकला ब्रांड और डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया शुभारंभ

रायपुर : केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने किया छत्तीसकला ब्राण्ड एवं डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया विमोचन रायपुर छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में  दिन ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को नई ऊर्जा देने वाला दिन रहा। जहां प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त के राज्य स्तरीय वितरण कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति में बहुप्रतीक्षित एकीकृत राज्य ब्राण्ड छत्तीसकला तथा डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का विमोचन किया। केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने किया छत्तीसकला ब्राण्ड एवं डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया विमोचन ग्रामीण महिला उत्पादों को मिला राज्य का पहला एकीकृत ब्राण्ड ‘छत्तीसकला’       राज्य की ग्रामीण गरीब महिलाओं द्वारा निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को एक ही पहचान और एकीकृत बाजार मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ने 'छत्तीसकला' ब्राण्ड की शुरुआत की है। इस ब्रांड के अंतर्गत वर्तमान में मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पाद, चाय, अचार, स्नैक्स, हैंडलूम एवं हस्तशिल्प निर्मित ढोकरा आर्ट, बांस शिल्प, मिट्टी एवं लकड़ी उत्पाद, अगरबत्ती एवं पूजा सामग्री जैसे विविध उत्पादों पर मानकीकरण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की योजना है। केंद्रीय मंत्री  चौहान ने कहा कि छत्तीसकला ब्रांड ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। यह ब्राण्ड उनके उत्पादों को राज्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाएगा। 48 बीसी सखियों की सफलता की गाथा का डिजिटल फाइनान्स बुकलेट का हुआ विमोचन          कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री  चौहान ने डिजिटल फायनान्स बुकलेट का भी विमोचन किया गया,  जिसमें राज्यभर की 48 बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट सखियों (बीसी सखियों) की प्रेरणादायक सफलताओं को दर्ज किया गया है।  3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप  बैंकिंग सेवाएँ दे रही        वर्तमान छत्तीसगढ़ में कुल 3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप से घर-घर बैंकिंग सेवाएँ दे रही हैं और पिछले चार वर्षों में 3033.48 करोड़ से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो महिलाएँ कभी घरों से बाहर निकलने में संकोच करती थीं, आज वही महिलाएँ गाँव-गाँव वित्तीय सेवाएँ पहुँचाकर सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन की राह बना रही हैं। हजारों स्व-सहायता समूह को मिला वित्तीय सशक्तिकरण      इस भव्य कार्यक्रम से ग्रामीण महिला समूहों को बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत 1080 स्व-सहायता समूहों को 1.62 करोड़ रुपए की रिवॉल्विंग निधि एवं 8340 स्व-सहायता समूहों को 50.04 करोड़ रूपए की सामुदायिक निवेश निधि, बैंक लिंकेज के रूप में 229.74 करोड़ रूपये प्रदान किये गए। इसके साथ ही 1533 महिला उद्यमियों को 6.23 करोड़ रुपए का उद्यमिता ऋण भी प्रदान किया गया है। इन वित्तीय प्रावधानों से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि एवं नए उद्यमों की स्थापना और आर्थिक स्वावलंबन को मजबूती मिलेगी। ग्रामीण समृद्धि, महिला नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की नई दिशा         धमतरी में हुआ यह आयोजन न केवल आर्थिक सहायता का वितरण था, बल्कि ‘आत्मनिर्भर ग्रामीण छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। 'छत्तीसकला' ब्राण्ड, बीसी सखी मॉडल और व्यापक वित्तीय समर्थन तीनों मिलकर ग्रामीण आजीविका की दशा और दिशा बदलने वाले साबित होंगे।

देवांगन का बयान: नई औद्योगिक नीति से राज्य में विकास को मिलेगा नया आयाम

रायपुर : नई औद्यागिक नीति से प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण –  देवांगन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  देवांगन ने किया सीआईआई के कॉनक्लेव का शुभारंभ किया रायपुर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने आज राजधानी रायपुर में कॉन्फेडरेसन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ एमएसएमई कॉनक्लेव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर  देवांगन ने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति से प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण हो रहा है। जब नई औद्योगिक नीति तैयार हो रही थी उस समय देश के अन्य राज्यों की नीति का भी अध्ययन किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में अब 7 लाख 75 हजार करोड़ रूपए की निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके है। निश्चित तौर पर आप सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ नया अध्याय लिखने जा रहा है, प्रदेश में नये उद्योग धंधें स्थापित होंगे तो यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में अनेक रियायतें दी गई है। उद्यमियों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो प्रणाली लागू की गई है। ताकि किसी भी उद्योगपतियों को उद्योग लगानें में कठिनाई न हो।  देवांगन ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय नई दिल्ली की संचालक सु अंकिता पांडे छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के निवासी है। जो इस कार्यक्रम में शामिल हो रही है। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल ने कहा कि दो दिवसीय कॉनक्लेव का लाभ उद्यमियों को मिलेगा। इस कॉनक्लेव में उद्यमियांे द्वारा विभिन्न सुझाव दिए गये इससे प्रदेश में औद्योगिक वातावरण का निर्माण होगा। प्रदेश सरकार द्वारा उद्यमियांे को आकर्षित करने के लिए देश के महानगरों में इनवेस्टर कनेक्ट का आयोजन किया गया। हाल ही में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय गुजरात में आयोजित कार्यक्रम में निवेशकों को आमंत्रित किया।  सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय नई दिल्ली की संचालक सु अंकिता पांडे ने कहा कि हमारा मंत्रालय देश के विभिन्न राज्यों में लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर रहता है। आज की इस कॉनक्लेव से उद्यमियों को लाभ मिलेगा।  इस अवसर पर सीआईआई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष  संजय जैन उपाध्यक्ष बजरंग गोयल सहित सीआईआई के प्रतिनिधि उपस्थित थें।