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टेक्सटाइल फैक्ट्री में लगी भारी आग से मचा हड़कंप, पानीपत के बलाना में दमकल की छह गाड़ियाँ तैनात

पानीपत पानीपत के इसराना क्षेत्र के बलाना गांव में शुक्रवार सुबह एक टेक्सटाइल यूनिट में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री इसकी चपेट में आ गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लंबे समय तक आग बुझाने का प्रयास करती रहीं। CRG Cotex Private Limited नाम की टेक्सटाइल यूनिट में सुबह अचानक आग भड़क उठी। आग ने कुछ ही समय में फैक्ट्री में रखे कच्चे माल और तैयार प्रोडक्ट को अपनी गिरफ्त में ले लिया। फैक्ट्री में मौजूद मजदूर जान बचाने के लिए तुरंत बाहर भागे और फायर विभाग को सूचना दी।   सूचना मिलने के बाद छह फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। फायर सेफ्टी ऑफिसर गुरमेल सिंह के अनुसार, दमकल कर्मी लगातार आग पर काबू पाने में जुटे रहे। घटना में फैक्ट्री की इमारत को भी काफी नुकसान हुआ है। स्थिति नियंत्रण में लाने का प्रयास जारी समाचार लिखे जाने तक फायर फाइटर्स आग पर काबू पाने की कोशिश में लगे हुए थे। फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आग के कारण भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी, आबू में पारा 1 डिग्री दर्ज

जयपुर उत्तर भारत से चल रही सर्द हवाओं का असर अब राजस्थान में धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसके चलते सीकर, चूरू, झुंझुनूं और माउंट आबू सहित कई शहरों में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हिल स्टेशन माउंट आबू में गुरुवार को तापमान जमाव बिंदु से ऊपर दर्ज हुआ। मौसम केन्द्र जयपुर ने अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके अनुसार प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा, आसमान साफ रहेगा और तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। गुरुवार को माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नागौर में 6.2, फतेहपुर में 6.1, सिरोही में 7.2, सीकर में 7.5, अलवर में 9.5, उदयपुर में 9.2, चित्तौड़गढ़ और चूरू में 9, बारां व करौली में 9.9, जालोर में 8, जयपुर में 12.3, अजमेर में 10.8, वनस्थली (टोंक) में 10.3, बाड़मेर व जैसलमेर में 13.8, जोधपुर में 10.9, बीकानेर में 12.8 और गंगानगर में 11.7°C दर्ज किया गया। सीकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठंडी हवाओं से राहत महसूस की गई। अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव सर्द हवाओं के कमजोर होने से कई जिलों में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। चित्तौड़गढ़, कोटा, अलवर और जालोर में दिन का तापमान करीब 1 डिग्री बढ़ा, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में गिरावट रही।सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बाड़मेर में 32.5°C रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर और बीकानेर में 31.2, जोधपुर में 31, फलोदी में 29.2, जालौर में 30.2, नागौर में 29.7, चूरू और चित्तौड़गढ़ में 29.4, अलवर में 28.8 और जयपुर में 27.5°C दर्ज हुआ। सिरोही 23.6°C के साथ सबसे ठंडा रहा। अगले दो सप्ताह मौसम रहेगा शुष्क मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 4 दिसंबर तक दिन का तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि रात का तापमान सामान्य से 2–3 डिग्री कम रह सकता है। पूरे प्रदेश में अगले दो हफ्तों तक आसमान साफ रहेगा और दिन के समय तेज धूप मिलेगी।  

तालिबान मंत्री का US पर निशाना: कहा- भारत ने रोके अरबों डॉलर, अब अफगानिस्तान शुरू करेगा कार्गो फ्लाइट

नई दिल्ली  अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री अल-हज नूरुद्दीन अजीजी ने गुरुवार को नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान अमेरिका पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने अमेरिका द्वारा फ्रीज किए गए अफगानिस्तान के लगभग 9 अरब डॉलर के विदेशी भंडार को तत्काल लौटाने की मांग की। साथ ही उन्होंने अमेरिका से मांग करते हुए कहा कि वह भारत के आधीन ईरानी चाबहार पोर्ट पर प्रतिबंधों से छूट दे। अजीजी ने कहा- अमेरिका ने हमारे 9 अरब डॉलर वापस नहीं किए हैं, पाकिस्तान के साथ बॉर्डर बंद है और जब हम म के रास्ते नया रास्ता ढूंढते हैं, तो वे बैन लगा देते हैं। चाबहार के लिए बैन में छूट मिलनी चाहिए। भारत-अफगनिस्तान के लिए जरूरी है पोर्ट ईरान के दक्षिण-पूर्वी सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित चाबहार पोर्ट भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करता है। क्योंकि यह पाकिस्तान के रास्ते से पूरी तरह बचता है। भारत ने 2016 में ईरान और अफगानिस्तान के साथ त्रिपक्षीय समझौते के तहत शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को विकसित करने के लिए 500 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है और 2024-25 तक भारत पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) ने 120 मिलियन डॉलर अतिरिक्त निवेश की घोषणा भी की है। इस पोर्ट के जरिए भारत अफगानिस्तान को गेहूं, दालें, दवाइयां और मशीनरी जैसी जरूरी वस्तें भेजता है, जबकि अफगानिस्तान से सूखे मेवे (बादाम, पिस्ता, अंजीर), कालीन और लैपिस लाजुली जैसे उत्पाद भारत आते हैं। भारत और अफगानिस्तान के बीच कार्गो फ्लाइट की घोषणा भारत और अफगानिस्तान के बीच हवाई माल ढुलाई यानी कार्गो फ्लाइट सेवाएं बहुत जल्द शुरू होंगी। भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अफगानिस्तान के तालिबान सरकार के व्यापार मंत्री अल-हज नूरुद्दीन अजीजी की भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव आनंद प्रकाश ने कहा- मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि काबुल-दिल्ली और काबुल-अमृतसर मार्गों पर हवाई माल ढुलाई गलियारा सक्रिय हो गया है। इन क्षेत्रों पर मालवाहक उड़ानें बहुत जल्द शुरू होंगी। उन्होंने कहा कि इससे उनके बीच संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा हमारे व्यापारिक एवं वाणिज्यिक संबंध और मजबूत होंगे।’’ अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार सहयोग की निगरानी और समर्थन के लिए एक-दूसरे के दूतावास में एक व्यापार अताशे की नियुक्ति पर भी बृहस्पतिवार को सहमत हुए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भारत और अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए व्यापार, वाणिज्य एवं निवेश पर संयुक्त कार्य समूह को पुनः सक्रिय किया जाएगा। विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव ने कहा- द्विपक्षीय व्यापार लगभग एक अरब डॉलर का है। हालांकि, इसमें और वृद्धि की पर्याप्त गुंजाइश बनी हुई है। इस संदर्भ में हमने व्यापार, वाणिज्य और निवेश पर संयुक्त कार्य समूह को पुनः सक्रिय करने का निर्णय लिया है। इस विशेष संयुक्त कार्य समूह की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारत एवं अफगानिस्तान व्यवसायों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होगी।

जीवन के 100 कर्म, 94 पर अधिकार: मृत्यु उपरांत स्वर्ग प्राप्ति हेतु किए जाने वाले कर्मों का महत्व

मृत्यु सबसे बड़ा और अंतिम सत्य है. जो भी इस धरती पर आया है, उसको एक न एक दिन इसे छोड़कर जाना ही पड़ता है, लेकिन मृत्यु के बाद मरता सिर्फ शरीर है. आत्मा अमर है. वो मृत्यु लोक को त्यागने के बाद अपनी अगली यात्रा पर चली जाती है. अंतिम संस्कार करने के बाद एक बहुत अजीब सी परंपरा निभाई जाती है. चिता जलने के बाद उसकी राख में 94 अंक लिखा जाता है. राख में 94 अंक लिखने के पीछे एक रहस्य है. आइए जानते हैं इस अंक को लिखने के पीछे का रहस्य. चिता की राख पर 94 लिखने की परंपरा अंतिम संस्कार यानी चिता के जलने के बाद राख ठंडी हो जाती है. फिर उस राख को गंगा में विसर्जित किया जाता है, लेकिन चिता की राख को गंगा में विसर्जित करने से पहले राख पर उंगली से 94 अंक लिखा जाता है. यह परंपरा पुजारी और मृतक के परिजन निभाते हैं. गीता में मनुष्य के कर्मों का उल्लेख जीवन का सबसे बड़ा और अंतिम सत्य मृत्यु है. मृत्यु के बाद आत्मा के कर्मों के आधार पर उसकी स्वर्ग और नरक की यात्रा शुरू होती है. गीता में मनुष्य के कर्मों का उल्लेख किया गया है. मनुष्य के जीवन में 100 कर्म होते हैं, जिनसे मृत्यु के बाद उसके परलोक पर असर पड़ता है. कहा जाता है कि 100 में 94 कर्मों पर मनुष्य का नियंत्रण होता है. इसमें नैतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कर्म हैं. इसलिए लिखी जाती है ये संख्या वहीं अन्य 6 कर्म जीवन, मृत्यु, यश, अपयश, लाभ और हानि भगवान के हाथ में है. मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के बाद मनुष्य के 94 कर्म जलकर राख हो जाते हैं. इसके बाद आत्मा के मोक्ष की यात्रा शुरू होती है. चिता की राख पर 94 अंक लिखना एक मुक्ति मंत्र माना जाता है. चिता की राख पर 94 लिखकर ये कहा जाता है कि मनुष्य अपने 94 कर्मों से मुक्त हो चुका है और अब उसे मोक्ष की चाहत है.

संजौली चौक पर प्रदर्शन, मस्जिद में पढ़ी गई नमाज; सुक्खू सरकार ने हिंदू संगठनों की बात मानी

शिमला हिमाचल प्रदेश में शिमला के संजौली में मस्जिद को लेकर विवाद फिर बढ़ गया. दो दिन से देवभूमि संघर्ष समिति के सदस्य अनशन पर बैठे थे. संगठन ने कल संजौली में बड़े पैमाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी. समिति के लोगों ने कहा कि प्रशासन ने अभी तक उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया, जिसके बाद अनशन खत्म हो गया. अब इस मामले को लेकर 29 नवंबर को मीटिंग होनी है. हिमाचल प्रदेश के शिमला के संजौली में एक बार फिर से हिंदू संगठनों ने अवैध मस्जिद के विरोध में प्रदर्शन किया. हिंदू समाज के लोग अवैध मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ने का विरोध कर रहे थे. हालांकि, पुलिस और प्रशासन के बीच प्रदर्शनकारियों की बीती रात को वार्ता हुई औऱ मांगों पर सहमति बन गई. हालांकि लिखित में आश्वासन ना मिलने के बाद असमंजस की स्थिति बनी रही. उधर, मस्जिद में शुक्रवार को लोगो की आवाजाही होती रही और चर्चाएं हैं कि यहां नमाज पढ़ी गई. हालांकि, मौलवी ने इंकार किया है. दरअसल, हिंदू संघर्ष समिति ने संजौली में शुक्रवार को प्रदर्शन का ऐलान किया था. इस दौरान सुबह तो संजौली में अधिक हलचल नहीं दिखी. लेकिन बाद में संजौली थाने के बाद चल पर आमरण अनशन में प्रदर्शनकारी पहुंचे. इस दौरान लगातार भूखहड़ताल पर बैठे विजय शर्मा की तबीयत खऱाब हो गई और उन्हें फिर आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. उधर, प्रदर्शनकारी प्रशासन की ओर से लिखित में मांगें मानने का इंतजार करते रहे. 50 के करीब प्रदर्शनकारियों ने संजौली थाने के बाहर ही खाना खाया औऱ फिर नारेबाजी शुरू कर दी. आश्वासन मिलने के बाद खत्म किया अनशन हिंदू संघर्ष समिति और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की जॉइंट कमेटी बनाई गई है. इस मामले में अगली मीटिंग 29 नवंबर को होगी. आमरण अनशन पर बैठे लोगों ने एडमिनिस्ट्रेशन के भरोसे के बाद अनशन तोड़ दिया है. हिंदू संघर्ष समिति के कमल गौतम ने कहा कि हमें एडमिनिस्ट्रेशन से भरोसा मिला है. एक कमेटी बन गई है और अब अगली मीटिंग 29 नवंबर को होगी. तब तक हम मस्जिद की तरफ नहीं बढ़ेंगे और न ही प्रोटेस्ट करेंगे. हम इस मस्जिद का बिजली और पानी का कनेक्शन कटवाने और ढांचे को गिराने की अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. हिंदू लोगों की बनेगी कमेटी हिंदू रक्षा मंच के अध्यक्ष कमल गौतम ने बताया कि प्रशासन के साथ हुई बातचीत पूरी तरह सकारात्मक रही. प्रशासन ने सभी मांगें सुनी हैं और उन्हें लागू करने के लिए प्रशासन और हिंदू संघर्ष समिति की संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी. इस कमेटी की बैठक 29 तारीख को होगी. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि तीन मुख्य मांगों पर कार्रवाई की जाएगी और सभी विषयों पर सहमति बन गई है. इन्हें जल्द पूरा करने का भरोसा दिया गया है. उन्होंने कहा कि आज आमरण अनशन समाप्त कर दिया जाएगा, लेकिन क्रमिक अनशन जारी रहेगा, प्रदर्शन स्थल पर लोग फिलहाल बैठे रहेंगे, जब तक कि निर्णायक निर्णय नहीं आ जाता. कमल गौतम ने बताया कि 29 तारीख की बैठक पहली और अंतिम होगी. कुछ निर्णय पहले ही लागू किए जाएंगे, जिन पर अभी चर्चा संभव नहीं है. ये थी प्रदर्शनकारियों की मांगें दरअसल, हाल ही में नमाज पढ़ने से रोका था. इस पर छह लोगों पर केस दर्ज किया था. प्रदर्शनकारियों की  मुख्य मांगों में अवैध ढांचों को बिजली-पानी सप्लाई काटना, लोगों पर दर्ज की गई झूठी FIR को तुरंत निरस्त करना और कोर्ट द्वारा अवैध निर्माण हटाने के आदेश को जल्द लागू करना शामिल है. उन्होंने कहा कि प्रशासन का रुख सकारात्मक रहा और जल्द कार्रवाई की उम्मीद है. मस्जिद में होती रही नमाज उधर, हिंदू संगठन के लोग मस्जिद से करीब 100 मीटर दूर संजौली थाने के पास प्रदर्शन करते रह गए. वहींस संजौली मस्जिद में जुमे की नमाज होती रही. मुस्लिम लोगों का यहां पर आना जाना लगा रहा.  मस्जिद के मौलवी ने कहा कि प्रशासन या पुलिस की तरफ से उन्हें को निर्देश नहीं मिला था. अब सिलसिलेवार पढ़े क्या है पूरा मामला…     2 गुटों में लड़ाई से सुर्खियों में आया था मामला: बीते साल 31 अगस्त को शिमला के मैहली में 2 गुटों में लड़ाई के बाद सुर्खियों में आया। इसके बाद, पूरे प्रदेश में बवाल मचा। मारपीट करने वाले एक समुदाय के लोग संजौली मस्जिद में छिप गए। इससे गुस्साए लोगों ने 1 सितंबर को मस्जिद के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद शिमला के अन्य स्थानों पर भी हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। शिमला के बाद प्रदेश के अलग- अलग क्षेत्रों में भी लोग सड़कों पर उतरे।     11 सितंबर 2024 को संजौली में उग्र प्रदर्शन: 11 सितंबर को शिमला के संजौली में फिर उग्र प्रदर्शन हुआ। जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने बल प्रयोग और पानी की बौछार की। इससे हिंदू संगठन भड़क गए। संजौली में मस्जिद तोड़ने की मांग उठने लगी। इस बीच 12 सितंबर को संजौली मस्जिद कमेटी खुद निगम कमिश्नर कोर्ट पहुंची और अवैध हिस्सा तोड़ने की पेशकश की। इसके बाद मामला शांत हुआ।     निगम आयुक्त ने पहले तीन मंजिल तोड़ने के आदेश दिए: बीते साल 5 अक्टूबर को निगम आयुक्त ने मस्जिद की ऊपर की तीन मंजिल तोड़ने के आदेश दिए। इसके बाद, मस्जिद को तोड़ने का काम शुरू हुआ। ऊपर की दो मंजिल तोड़ दी गई।     इस साल 3 मई को पूरी मस्जिद गिराने के आदेश: 3 मई 2025 को निगम आयुक्त ने पूरी मस्जिद को अवैध करार देते हुए पूरा ढांचा तोड़ने के आदेश दिए। 17 मई 2025 को वक्फ बोर्ड और संजौली मस्जिद कमेटी ने मस्जिद तोड़ने के नगर निगम आयुक्त के आदेशों को जिला अदालत में चुनौती दी। 30 अक्टूबर को जिला अदालत ने वक्फ बोर्ड और संजौली मस्जिद कमेटी की याचिका को खारिज किया और नगर निगम आयुक्त के आदेशों को सही ठहराया।     14 नवंबर को मुस्लिमों को मस्जिद जाने से रोका: बीते 14 नवंबर को मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग मस्जिद में नमाज पढ़ने पहुंचे। मगर देवभूमि संघर्ष समिति ने बाहरी राज्यों से आए मुस्लिमों को मस्जिद में जाने से रोका। इस पर पुलिस ने छह लोगों पर … Read 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ओंकारेश्वर में पीएम हेली पर्यटन सेवा शुरू, सांसद पाटिल और विधायक पटेल ने यात्रियों का स्वागत किया

ओंकारेश्वर में पीएम हेली पर्यटन सेवा का हुआ शुभारंभ सांसद  पाटिल एवं विधायक  पटेल ने उज्जैन से ओंकारेश्वर पहुंचे यात्रियों का किया स्वागत ओंकारेश्वर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने और पर्यटकों को त्वरित, सुगम और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर भोपाल से “पीएम हेली पर्यटन सेवा” का शुभारंभ किया था। इसके तहत ओंकारेश्वर में शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से उज्जैन से 5 तीर्थ यात्रियों का आगमन खण्डवा के ग्राम कोठी के हेलीपैड पर हुआ। खंडवा सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल और मांधाता विधायक  नारायण पटेल ने हेलीकॉप्टर से आने वाले सभी तीर्थ यात्रियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। हेलीकॉप्टर से आए 5 तीर्थ यात्रियों ने ओंकारेश्वर मंदिर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। "पीएम हेली पर्यटन सेवा" के शुभारंभ अवसर पर सांसद  पाटिल ने कहा कि आज का दिन खंडवा जिले और ओंकारेश्वर के नागरिकों के लिए गौरव का दिन है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गत 11 वर्षों में उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं। देश के 12 ज्योतिर्लिंग को टूरिस्ट सर्किट और हवाई यात्रा सुविधा से जोड़ा गया है। इस सुविधा के प्रारंभ होने से तीर्थ यात्री कम समय में ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो यात्री समय के अभाव में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन नहीं कर पाते थे, वे हेलीकॉप्टर सेवा से ओंकारेश्वर और उज्जैन आकर मध्यप्रदेश के दोनों ज्योतिर्लिंग के दर्शन आसानी से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में ओंकारेश्वर में विकास कार्य लगातार जारी हैं। ओंकारेश्वर में एकात्म धाम विकसित हो रहा है, नर्मदा किनारे घाटों का सौंदर्यीकरण का कार्य लगातार जारी है। सिंहस्थ-2028 प्रारंभ होने से पहले ओंकारेश्वर फोरलेन सड़क से तो जुड़ ही जाएगा, साथ ही ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन भी शीघ्र ही प्रारंभ होगा, जिससे रेल मार्ग से आने वाले यात्रियों को सुविधा होगी। उन्होंने पीएम हेली पर्यटन सेवा प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। विधायक  पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर समुदाय और हर वर्ग के लिए विकास योजनाएं प्रारंभ की हैं। ओंकारेश्वर अब हवाई मार्ग से भी जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर में हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए भविष्य में हेलीकॉप्टर सेवा के राउंड बढ़ाए जाएंगे, जिससे अधिक यात्री इस सुविधा का लाभ ले सकें। विधायक  पटेल ने कहा कि ओंकारेश्वर में विकास कार्यों के लगातार होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे स्थानीय व्यवसायियों की आय भी बढ़ रही है। अपर कलेक्टर मती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने इस अवसर पर बताया कि इस नई सुविधा से पर्यटकों को कम समय में अधिक गंतव्यों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। इस सेवा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग तक की यात्रा अब मात्र 20 से 40 मिनट में संभव होगी। इंदौर से उज्जैन तक 20 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 5 हजार रूपये, उज्जैन से ओंकारेश्वर तक 40 मिनट की उड़ान का किराया 6500 और ओंकारेश्वर से इंदौर लौटने का किराया लगभग 5500 रूपये रखा गया है। पीएम हेली पर्यटन सेवा का लाभ लेकर श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के दर्शन आसानी से कर सकेंगे।  

एकाग्रता और समर्पण से मिलती सफलता : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल पटेल का बयान—श्रेष्ठ कार्य करने वालों को मिलता है सम्मान अच्छे व्यक्तियों को सदैव मिलता है सम्मान : राज्यपाल  पटेल एकाग्रता और समर्पण से मिलती सफलता : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल से मिले प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि  हर समय, हर समाज में अच्छे व्यक्तियों का सदैव सम्मान होता है। संवेदनशीलता पूर्वक किए सेवा कार्यों से आत्मिक आनंद मिलता है। भौतिक सुविधाओं का सुख क्षणिक होता है। पूरी एकाग्रता और समर्पण के साथ सीखना ही भावी जीवन की सफलताओं का आधार है। प्रशिक्षण के दौरान छोटी सी चूक भविष्य की बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को राजभवन में आए आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रकृति के जीवों में सबसे शक्तिशाली मानव है, जिसे बुद्धि और वाणी के रूप में अद्वितीय शक्ति मिली है। इन शक्तियों के सार्थक उपयोग से व्यक्ति उतरोत्तर बेहतर बनता है। आवश्यकता, बुद्धि के सकारात्मक और वाणी के शालीन उपयोग की है। उन्होंने कहा कि भावी जीवन में सदैव सीखने और अनुभवों से समझने का भाव रहना चाहिए। महत्वपूर्ण उपयोगी व्यवहारिक ज्ञान समाज के सबसे वंचित, पिछड़े और गरीब व्यक्तियों से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सिविल सेवक सरकार और जनता के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। सुशासन का आधार होते हैं। सुशासन की प्राथमिक आवश्यकता है कि अधिकारी संवेदनशीलता, विवेक, न्यायोचित व्यवहार और तथ्यों के आधार पर निर्णय करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं का निर्माण वंचित, गरीब और पिछड़े व्यक्तियों, समुदायों की मदद और उत्थान के उद्देश्यों से होता है। योजना की मंशा के भाव, भावनाओं और हितग्राही की परिस्थितियों को समझे बिना उनके स्वरूप के निर्धारण और क्रियान्वयन से समस्याएं उत्पन्न होती है। उन्होंने नल-जल और आवास योजनाओं के प्रसंग के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को क्रियान्वयन की जमीनी हकीक़तों से परिचित कराया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रशासनिक सफलता कमरों में रहकर कार्य से नहीं मिलती। क्षेत्र का सघन भ्रमण जरूरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि योजना को कार्यालय में नहीं धरातल पर जाकर समझा जा सकता है। राज्यपाल श्री पटेल को आर.सी.व्ही.पी. प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी के संचालक श्री मुजीबुर्रहमान खान ने प्रशिक्षण के स्वरूप और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 19 दिसम्बर तक के लिए आयोजित परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 24 डिप्टी कलेक्टर शामिल है। मैदानी चुनौतियों और स्वच्छ प्रशासन के लिए नियमों, प्रावधानों और सॉफ्ट सिकल, अंतर्विभागीय समन्वय के विभिन्न आयाम प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। प्रशिक्षार्थियों को पुलिस ट्रेनिंग, भू-सर्वेक्षण और विकासात्मक गतिविधियों से परिचित कराने प्रदेश के विभिन्न जिलों और तेलंगाना राज्य का भ्रमण भी कराया गया है। राज्यपाल के समक्ष प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर सुश्री कविता यादव और श्री निशांत भूरिया ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। आभार प्रदर्शन सह-प्रशिक्षण संचालक सुश्री रुचि जैन ने किया। राज्यपाल को अकादमी संचालक ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।      

23 नवंबर से फ्लिपकार्ट सेल का धमाका, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उत्पादों पर भारी डिस्काउंट

मुंबई  कार्ट की ब्लैक फ्राइडे सेल में स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी, होम एंटरटेनमेंट, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर सहित कई प्रोडक्ट्स भारी छूट देखने को मिलेगी। इस सेल में बैंक डेबिट/क्रेडिट कार्ड व UPI से एक्स्ट्रा डिस्काउंट भी मिल जायेगा। वहीं अमेजन भी जल्द ब्लैक फ्राइडे सेल की घोषणा कर सकती है। Flipkart Black Friday Sale 2025 की तारीख और तैयारी Flipkart ने घोषणा की है कि उनकी Black Friday Sale 2025 की शुरुआत 23 नवंबर 2025 से होगी। उम्मीद है कि डिस्काउंट और बैंक ऑफर्स इस बार पहले से भी आकर्षक होंगे। Microsite पर टैगलाइन दी गई है “Bag The Biggest Deals" जिसका संकेत है कि सीमित स्टॉक में बम्पर छूट हो सकती है। कौन-कौन से प्रोडक्ट पर मिलेगी तगड़ी छूट इस सेल में प्रमुख रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स पर जोर है जैसे स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, टीवी, लैपटॉप, पीसी, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर आदि पर 70% तक की बड़ी छूट मिलेगी। इसके अलावा, होम डेकोर, एप्पेयरल, डेली एसेन्शल्स भी डिस्काउंट के दायरे में होंगे। स्मार्टफोन-लैपटॉप की डील पर फोकस हालांकि ट्रेंडिंग गैजेट्स की डील्स हमेशा आकर्षित करती हैं, लेकिन इस साल के Black Friday में खास तौर पर स्मार्टफोन और लैपटॉप मॉडल्स पर विशेष छूट देखी जा सकती है। Microsite में ‘Asus Chromebook’ जैसी लिस्टिंग पहले ही दिखी है। खरीददारों को सलाह है कि नये या पिछले जनरेशन के मॉडल्स पर नजर रखें क्योंकि बैंक ऑफर्स और डिस्काउंट मिलकर कीमत को काफी कम कर सकते हैं। Home Appliances पर सेल सर्दियों के मद्देनज़र, हीटर, गीजर, वाशिंग मशीन जैसे होम एप्लायंस की डिमांड बढ़ जाती है। Flipkart ने बताया है कि इस बार ऐसे प्रोडक्ट्स को भी सेल में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ घरेलू जरूरतों की चीजों में भी बजट-फ्रेंडली अवसर मिल सकते हैं।

किसे मिला कौन-सा विभाग? नीतीश के नए मंत्रिमंडल का पूरा ब्योरा

पटना बिहार में नीतीश सरकार के गठन के बाद अब मंत्रियों के विभाग का भी बटवारा कर दिया गया है. विभाग बटवार से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद बिहार कैबिनेट के सभी विभागों का मंत्रियों में बांट दिया गया. इस सूची को राज्यपाल को भी सौंपा गया है. मिली जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास गृहमंत्रालय है जबकि विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व, खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. खास बात यह है कि विभागों के आवंटन में वरिष्ठता, अनुभव और क्षेत्रीय एवं जातीय संतुलन को बड़ा ध्यान में रखा गया है. आइए जानते हैं कि विभाग बटवारे में किस को क्या मिला है? मुख्य चेहरे और उनकी जिम्मेदारियां – सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम) को गृह मंत्रालय की कमान मिली है, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक मौजूदगी और भरोसे का संकेत है. – विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम) को भूमि एवं राजस्व के साथ-साथ खान एवं भू-तत्व मंत्रालय सौंपा गया है- यह उनके प्रशासकीय अनुभव और क्षेत्रीय दायित्व को दिखाता है. – विजय कुमार चौधरीजल संसाधन और भवन मंत्रालय संभालेंगे, जो विकास एवं अवसंरचना दोनों के लिए अहम हैं. – वहीं दिलीप जायसवाल को उद्योग मंत्री बनाया गया है, जिससे बिहार की आर्थिक वृद्धि और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. – श्रवण कुमारग्रामीण विकास कार्य और परिवहन विभाग की कमान संभालेंगे, ग्रामीण इलाकों में बेहतर संपर्क और विकास को उनकी जिम्मेदारी दी गई है. – अशोक चौधरीग्रामीण कार्य मंत्रालय में रहेंगे, जिससे स्थानीय सुदृढीकरण और सरकारी योजनाओं की पहुंच बनी रहेगी. – मदन सहनीसमाज कल्याण मंत्री होंगे, उनका ध्यान कमजोर वर्गों की सेवा पर रहेगा. – रमा निषाद पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग का नेतृत्व करेंगी, जिससे समाज में समानता और अवसरों का विस्तार सुनिश्चित हो सके. – लखेन्द्र पासवान को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्रालय मिला है, जो सामाजिक न्याय को और मजबूत करेगा. अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय – मंगल पांडेय स्वास्थ्य एवं विधि विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. उनकी जिम्मेदारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानूनी सुधार दोनों पर रहेगी. – लेशी सिंह खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगी, जो खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों के लिए अहम है. – नितिन नवीन पथ निर्माण, नगर विकास और आवास विभाग देखेंगे, जिससे शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार को बल मिलेगा. – सुनील कुमार शिक्षा मंत्री होंगे, जो विद्यार्थियों की शिक्षा-ज्‍यादा अपनत्व सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे. – रामकृपाल यादव हरित क्रांति को आगे बढ़ाते हुए कृषि मंत्रालय का नेतृत्व संभालेंगे. – जमा खान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री होंगे, समुदायों के सशक्तिकरण पर ध्यान देंगे. – संजय टाइगर श्रम संसाधन मंत्री होंगे, रोजगार और मजदूरों के हितों की रक्षा करेंगे. – अरुण शंकर प्रसाद पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय देखेंगे, जिससे सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. – सुरेन्द्र मेहता पशु एवं मत्स्य विभाग संभालेंगे, जो कृषि से जुड़े पशु-उत्पादन को सुदृढ़ बनाएगा. – नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय में काम करेंगे- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की जिम्मेदारी उनकी होगी. – श्रेयसी सिंह सूचना और खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी लेंगी, जिससे खेल और संचार दोनों को बढ़ावा मिलेगा. – प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सहकारिता, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को संभालेंगे, जो सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है. – दीपक प्रकाश और संजय पासवान को भी मंत्री बनाया गया है, हालांकि उनके विभागों की भूमिका अभी विस्तृत नहीं की गई है. राजनीतिक संतुलन और चुनौतियां इस विभाग-वितरण ने यह दर्शाया है कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली नई सरकार में अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को बराबर महत्व मिला है. वरिष्ठ मंत्रियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र में रखा गया है, जबकि सामाजिक न्याय और विकास मंत्रालयों में पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को भी भरोसे का दायित्व सौंपा गया है. अब अगला कदम नई कैबिनेट की पहली बैठक होगी, जिसमें सरकार की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी और नई नीतिगत दिशा का खाका तैयार किया जाएगा.

अचानक आए भूकंप झटकों से ठहरा मुकाबला, कुछ देर बाद फिर शुरू हुआ खेल

नई दिल्ली  बांग्लादेश और आयरलैंड के बीच मीरपुर में चल रहे टेस्ट मैच को शुक्रवार सुबह भूकंप की वजह से कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। हालांकि झटके बहुत तेज नहीं थे तो जल्द ही मैच बहाल हो गया। शुक्रवार को बांग्लादेश और भारत के पूर्वी हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारत में पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारतीय समयानुसार सुबह 10:08 पर झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.7 मापी गई है। बांग्लादेश में भूकंप से जान-माल का नुकसान भी हुआ है। अभी तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।   भूकंप के झटके जब महसूस हुए तब बांग्लादेश में सुबह के 10 बजकर 38 मिनट हो रहे थे। मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में हो रहे टेस्ट के तीसरे दिन का पहला सत्र चल रहा था। भूकंप जब आया तब आयरलैंड की पारी का 56वां ओवर चल रहा था। बांग्लादेश के मेहिदी हसन मिराज ने ओवर की दूसरी गेंद फेंकी ही थी कि मैदान पर झटके महसूस हुए। उसके बाद खेल को कुछ देर के लिए रोक दिया गया। ये व्यवधान 1 मिनट भी नहीं चला और सिर्फ 30 सेकंड बाद खेल फिर शुरू हो गया। मीरपुर टेस्ट की बात करें तो बांग्लादेश ने पहली पारी में 476 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया है। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक उसने आयरलैंड की आधी टीम को आउट भी कर दिया था। हालांकि तीसरे दिन मेहमान टीम ने अच्छी शुरुआत की। स्टीफन डोहिनी और लोरकान टकर ने छठे विकेट के लिए 82 रन की शानदार साझेदारी की। डोहिनी 46 रन बनाकर आउट हुए। उसके बाद एंडी मैकब्रिन बिना खाता खोले आउट हुए। बाद जॉर्डन नील और टकर के बीच आठवें विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी हुई। नील सिर्फ एक रन से अर्धशतक से चूक गए। आयरलैंड की पहली पारी 265 रन पर सिमटी। टकर अंत तक आउट नहीं हुए और उन्होंने 75 रन की जबरदस्त पारी खेली।