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पंजाब सरकार 25 नवंबर से करेगी रक्तदान अभियान की शुरुआत, गुरु साहिब की शहादत को समर्पित

चंडीगढ़  श्री आनंदपुर साहिब में 23 नवंबर से शुरू होने जा रहा श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस का भव्य समागम पूरे पंजाब में श्रद्धा और भावनाओं का एक अद्भुत माहौल बना चुका है. 23 नवंबर से शुरू होने वाले समागम का 25 नवंबर को अंतिम दिन होने वाला है, जिसका कार्यक्रम अपने आप में बहुत गहरा संदेश ले कर आता है. पंजाब सरकार ने इस दिन को सिर्फ आध्यात्मिक नहीं, बल्कि मानव सेवा, प्रकृति संरक्षण और “सरबत दा भला” की असली भावना के रूप में तैयार किया है. 25 नवंबर की सुबह मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में अखंड पाठ साहिब का भोग होगा. यह भोग तीन दिन की उस निरंतर अरदास का प्रतीक है जो श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को सम्मान और श्रद्धा के साथ समर्पित है. यह पल लाखों लोगों के लिए बेहद भावनात्मक होने वाला है, क्योंकि अखंड पाठ का भोग सिख इतिहास में पूर्णता, सम्मान और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. इसके तुरंत बाद शुरू होगा पंजाब सरकार का एक ऐतिहासिक प्रयास राज्यव्यापी रक्तदान अभियान. गुरु साहिबान की शिक्षाएँ सिखाती हैं कि मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं. रक्तदान, जीवनदान है, और 25 नवंबर को पूरे पंजाब में एक साथ होने वाला यह अभियान इस बात का जीवंत स्वरूप है कि सिख पंथ आज भी मानव सेवा की उसी परंपरा पर चल रहा है. फिर आएगी पर्यावरण संरक्षण की बारी 3.50 लाख पौधों के राज्यव्यापी पौधारोपण अभियान की. यह सिर्फ पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को गुरु साहिबान के संदेश “प्रकृति और सृष्टि का सम्मान” से जोड़ने का एक बड़ा कदम है. पंजाब सरकार ने इस समागम को सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज, पर्यावरण और इंसानियत के उत्थान से जोड़कर इसे और अधिक सार्थक बनाया है. गुरबानी कीर्तन से लेकर “सरबत दा भला एकता केंद्र” तक के कार्यक्रम इस दिन की आध्यात्मिक गहराई को और बढ़ा देंगे. “सरबत दा भला” सिख धर्म की वह मूल आत्मा है जिसमें पूरे मानव समाज की भलाई की कामना की जाती है. इसी भावना के तहत 25 नवंबर को एक बड़ा राज्यव्यापी अंगदान प्रतिज्ञा अभियान रखा गया है. यह समाज को वह संदेश देता है कि दूसरों को जीवन देना ही सबसे बड़ा धर्म है. शाम को विरासत-ए-खालसा में होने वाला भव्य ड्रोन शो इस तीन दिवसीय समागम का सुंदर समापन करेगा. रोशनी और तकनीक के माध्यम से गुरु साहिब की शहादत, खालसा पंथ की विरासत और पंजाब की परंपरा को आधुनिक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा. जनभावना साफ है, पंजाब सरकार ने इस समागम को सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता, सेवा, प्रकृति, इतिहास और आध्यात्मिकता का एक विशाल संगम बनाया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान की नेतृत्व क्षमता की हर तरफ तारीफ हो रही है कि उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को दुनिया भर में सम्मान दिलाने के लिए इतने व्यापक और प्रभावशाली कार्यक्रमों की योजना बनाई. 25 नवंबर के कार्यक्रम यह दिखाते हैं कि सिख संस्कृति सिर्फ पूजा और परंपरा तक सीमित नहीं यह इंसानियत, बलिदान, सेवा, दान, प्रकृति और संपूर्ण मानव समाज की भलाई का महा संदेश है. पंजाब सरकार ने इस संदेश को जिस भव्यता और गंभीरता के साथ पेश किया है, उसने पूरे समागम को ऐतिहासिक बना दिया है.  

सोयाबीन का मॉडल रेट 4282 रुपये: भावांतर योजना में किसानों को बड़ी राहत

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 23 नवंबर को 4282 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

अयोध्या में ध्वजारोहण कार्यक्रम से महिला स्वंय सहायता समूहों का सशक्तिकरण, कार्यक्रम में महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी

•    अयोध्या के विकास में महिला स्वयं सहायता समूह का योगदान, स्थानीय उत्पादों की मिल रही पहचान •    महिलाओं के स्वाभिमान, सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नयन के लिए योगी सरकार दृढ़संकल्पित  लखनऊ अयोध्या में ध्वजारोहण समारोह केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि विकास की एक अनवरत यात्रा है। विकास की इस यात्रा में महिला स्वंय सहायता समूह और युवा स्वयंसेवक भी भागीदार बन रहे हैं। ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने से लेकर आगंतुकों की सहायता में भी महिला स्वयं सहायता समूह और युवा स्वयंसेवक अपना योगदान दे रहे हैं। महिलाएं घर की चारदीवारी से निकलकर अब अयोध्या के विकास में अपना योगदान कर रही हैं और अपनी आजीविका भी चला रही हैं।   ध्वजारोहण कार्यक्रम में महिला स्वयं सहायता समूह का योगदान अयोध्या में श्रीराम मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवा ध्वज फहराएंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विशिष्ठ अतिथि भी आ रहे हैं। इनके स्वागत के लिए भी महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता ली जा रही है। आसपास के जिलों में संचालित स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे है सामाग्रियों को भी इस समारोह में बाजार मिल रहा है। हस्तशिल्प, हथकरघा, प्रसाद, माला, बैग, गमछा, मूर्तियां जैसे अनेक उत्पाद इनके द्वारा बेंचे जा रहे हैं। इससे इनको धनार्जन भी हो रहा है और महिला सशक्तिकरण को बल मिल रहा है। अयोध्या की राधा लक्ष्मी बनी मिसाल मिल्कीपुर में डिवहारिन माई महिला स्वयं सहायता से जुड़ी राधा लक्ष्मी ने अपने प्रयासों से न केवल अपने परिवार को आर्थिक तौर पर मजबूत किया बल्कि अयोध्या के विकास में भी अपना योगदान दिया। राधा लक्ष्मी ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का फायदा उठाया और बीसी सखी के रूप में काम करने लगी। इनकी मासिक कमाई 40000 से 50000 के बीच है। जिले में ऐसी कई महिलाएं हैं जो राधा लक्ष्मी की तरह अपनी आजीविका चला रही हैं। विविध महिला सूक्ष्म उद्यम से रोजगार अयोध्या में एचडीएफसी बैंक के पीपुल्स एक्शन फॉर नेशनल इंटीग्रेशन (PANI-‘पानी’) कार्यक्रम ने ग्रामीण समुदायों, विशेषकर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए, समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम (HRDP) शुरू किया है। महिलाओं के समूह बनाने और व्यक्तियों और महिलाओं के समूहों के सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने वाले इस कार्यक्रम ने अयोध्या जिले के अमानीगंज ब्लॉक के गरीब परिवारों की मदद की है। सफल व्यवसाय चलाने से इन महिलाओं को अपने परिवारों और समुदायों में निर्णय लेने का हिस्सा बनने का आत्मविश्वास मिलता है। अयोध्या में क्रांति दीदी का कमाल अयोध्या जिले के मसौधा ब्लॉक के ग्राम पंचायत हाजीपुर सिंहपुर में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बन रहा है। अवधपुरी महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य क्रांति दीदी ने सीसीएल से 50,000 रुपये का ऋण लिया है। इस ऋण से उन्होंने अपनी आजीविका में वृद्धि की है। इसके माध्यम से महिलाओं को रोजगार देने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को ऋण और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। इससे वे अपनी आजीविका में सुधार कर रही हैं। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा बनाकर धनार्जन अयोध्या में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महिला स्वयं सहायता समूहों ने 'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत 2.5 लाख राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए थे। जिले के 300 स्वयं सहायता समूहों की 1080 महिलाओं ने एकजुट होकर राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए। इन तिरंगों को स्वंतत्रता दिवस पर सरकारी भवनों पर फहराया गया था। इसके लिए प्रति तिरंगा 20 रुपये का भुगतान महिलाओं को किया गया था। इससे न केवल उन्होंने कमाई की बल्कि महिला उत्थान का एक बेहतर उदाहरण पेश किया। अयोध्या का विकास और महिला स्वयं सहायता समूह एक दूसरे के पूरक हैं। अयोध्या के विकास से जहां महिलाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं वहीं महिलाएं स्वरोजगार से अयोध्या के विकास में योगदान दे रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों का ही परिणाम है कि महिलाओं को उनका उचित स्थान और सम्मान मिल रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित ‘दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव’ में की शिरकत

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीमद्भगवदगीता के 18 अध्यायों के 700 श्लोक को भारत का हर सनातन धर्मावलंबी जीवन का मंत्र मानकर आदर भाव के साथ आत्मसात करने का प्रयास करता है। श्रीमद्भगवदगीता नई प्रेरणा देती दिखाई देती है। श्रीमद्भगवदगीता धर्म से ही शुरू होती है और अंत में भी उसी मर्म के साथ विराम लेती है। श्रीमद्भगवदगीता धर्म की वास्तविक प्रेरणा है। भारत की मनीषा ने धर्म को कर्तव्य के साथ जोड़कर देखा है। हमने धर्म को उपासना विधि मात्र नहीं माना है। उपासना विधि उसका छोटा सा भाग है। हर व्यक्ति अपने पंथ, संप्रदाय, उपासना विधि के अनुरूप आस्था को तय कर लेता है, लेकिन मुख्य रूप से धर्म हमारे यहां जीवन जीने की कला है। हमने इसे ही ‘वे ऑफ लाइफ’ के रूप में कहा है। मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित ‘दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव’ में रविवार को यह बातें कहीं। हमने हर कर्तव्य को पवित्र भाव के साथ माना, सब कुछ होते हुए भी कभी श्रेष्ठता का डंका नहीं पीटा सीएम योगी ने कहा कि श्रीमद्भगवदगीता भगवान की दिव्य वाणी है। सीएम ने श्लोक ‘धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः’ को सुनाया। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी ऐसा नहीं होता होगा, जहां युद्ध का मैदान धर्म क्षेत्र के रूप में जाना जाता हो, लेकिन हमने हर कर्तव्य को पवित्र भाव के साथ माना है। अच्छा करेंगे तो पुण्य और गलत करेंगे तो पाप के भागीदार बनेंगे। यह मानकर हर सनातन धर्मावलंबी अच्छा करने का प्रयास करता है। भारत ने विश्व मानवता को प्राचीन काल से ही संदेश दिया है। हमने कभी नहीं कहा है कि जो मैं कह रहा हूं, वही सब कुछ है या हमारी उपासना विधि सर्वश्रेष्ठ है। सब कुछ होते हुए भी हमने कभी श्रेष्ठता का डंका नहीं पीटा। जो भी आया, उसे शरण दिया। जिसके ऊपर भी विपत्ति और चुनौती आई, सनातन धर्मावलंबी उसके सहयोग के लिए खड़ा हो गया। जहाँ धर्म और कर्तव्य होगा, वहां जय ही होनी है सीएम योगी ने कहा कि भारत की भूमि ने जियो और जीने दो की प्रेरणा दी। ‘अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्’ की प्रेरणा भी भारत की धरती ने ही दी है। हमने पूरी भारत की धरती को धर्म क्षेत्र माना, इसलिए युद्ध का मैदान भी हमारे लिए धर्म क्षेत्र है। यह कर्तव्यों से जुड़ा हुआ क्षेत्र है, क्योंकि धर्म क्षेत्र में युद्ध भी कर्तव्यों के लिए लड़ा जा रहा है। सीएम ने कहा कि अंत में धृतराष्ट्र पूछ ही पड़ते हैं कि बताओ तो क्या होने जा रहा है। इस युद्ध का क्या परिणाम है तो उन्हें बताया जाता है कि युद्ध का परिणाम तो पहले से तय है: यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः। तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम॥ हम मानते रहे हैं कि यतो धर्मस्ततो जयः—जहाँ धर्म और कर्तव्य होगा, वहीं जय होनी है। अधर्म के मार्ग पर चलने वाले की कभी विजय नहीं हो सकती। यही भारत के सनातन धर्म की परंपरा व प्रकृति का अटूट नियम है। भगवान श्रीकृष्ण ने दी निष्काम कर्म की प्रेरणा सीएम योगी ने आज के समय के लिए दो उदाहरण भी दिए। कहा कि ‘स्वधर्मे निधनं श्रेयः, परधर्मो भयावहः’ यानी अपने धर्म और कर्तव्य पर चलकर मृत्यु को वरण करना श्रेयस्कर है, लेकिन स्वार्थ के लिए कर्तव्य से च्युत होना पतन का कारण बनेगा। कभी भी धोखे से यह मत करना। भगवान ने कर्म की प्रेरणा दी, वह कर्म, जिसमें फल की इच्छा न हो। सीएम ने कहा कि बीज लगते ही हम फल की इच्छा करते हैं। बीज सही लगेगा तो पेड़ फलेगा और फल दे ही देगा। भगवान श्रीकृष्ण ने भी निष्काम कर्म की प्रेरणा दी। निष्काम कर्म के प्रेरणास्रोत हैं सरसंघ चालक जी सीएम योगी ने मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत को निष्काम कर्म का प्रेरणास्रोत बताया। बोले-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी महोत्सव के कार्यक्रम से जुड़ रहा है। दुनिया से आए अंबेसडर, हाई कमिश्नर्स हमसे पूछते हैं कि आप लोगों का आरएसएस से जुड़ाव है, तब हम कहते हैं कि हां! हमने स्वयंसेवक के रूप में कार्य किया है। वे इसकी फंडिंग का पैटर्न पूछते हैं, तब हम बताते हैं कि यहां ओपेक के देश या इंटरनेशनल चर्च पैसा नहीं देता। यहां संगठन समाज के सहयोग से खड़ा हो रहा है और समाज के लिए हर क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य करता है। किसी भी पीड़ित की जाति, मत-मजहब, क्षेत्र, भाषा की परवाह किए बिना हर स्वयंसेवक उसकी सेवा को ही अपना कर्तव्य मानता है। आरएसएस ने सेवा के साथ सौदेबाजी नहीं की, लेकिन कुछ लोगों ने सेवा को ही सौदे के माध्यम बना लिया सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ हर पीड़ित संग खड़ा होना (जो भारत को परम वैभव तक ले जाने में सहायक हो सकता है) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा है। आरएसएस ने पिछले 100 वर्षों में सेवा के साथ कोई सौदेबाजी नहीं की, लेकिन कुछ लोगों ने दुनिया व भारत में सेवा को ही सौदे के माध्यम बनाया है। वे लोभ, लालच और दबाव से भारत की डेमोग्राफी को बदलने के लिए छल व छद्म का सहारा लेकर अपना ताना-बाना बदलकर भारत की आत्मा पर प्रहार करने का प्रयास कर रहे हैं। इन स्थितियों में भगवान की वाणी श्रीमद्भगवदगीता नई प्रेरणा बन सकती है। 140 करोड़ भारतवासियों के लिए दिव्य मंत्र है श्रीमद्भगवदगीता सीएम ने स्वामी ज्ञानानंद का अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्होंने जिओ गीता को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इसे बहुत छोटे-छोटे उदाहरण के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। श्रमिक, किसान, महिला, छात्र, नौजवान, नौकरीपेशा, चिकित्सक, अधिवक्ता, व्यापारी, योद्धा, सैनिक के लिए गीता की प्रेरणा क्या है, उन्होंने इसे जिओ गीता के माध्यम से प्रस्तुत किया है। उनकी छोटी-छोटी पुस्तकें अत्यंत प्रेरणादाई होती हैं। श्रीमद्भगवदगीता केवल जेल के कैदियों के लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों के लिए दिव्य मंत्र है। यह जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करने के साथ ही जीवन जीने की कला का मार्ग है। हर व्यक्ति को इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। इस दौरान मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक डॉ. मोहन … Read more

गाज़ा में बढ़ी तबाही: महिलाओं-बच्चों सहित 24 की जान गई

गाजा इजराइल की सेना ने शनिवार को कहा कि उसने हमास आतंकवादियों के खिलाफ हवाई हमले किए हैं। वहीं, गाजा में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इजराइली हमले में कम से कम 44  लोग मारे गए और बच्चों सहित 80 लोग घायल हो गए। शिफा अस्पताल के प्रबंध निदेशक रामी महन्ना ने बताया कि गाजा शहर के रिमल इलाके में एक वाहन को निशाना बनाकर किये गए हमले में सात फलस्तीनी मारे गए और 18 अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  अस्पताल के निदेशक मोहम्मद अबू सेल्मिया ने बताया कि घायलों में ज़्यादातर बच्चे हैं। मध्य गाजा में अल-अवदा अस्पताल के पास एक मकान को निशाना बनाकर किए गए एक अन्य हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। अस्पताल के अधिकारी ने बताया कि मध्य गाजा के नुसेरात शिविर में एक मकान पर हुए हमले में एक बच्चे की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। अल-अक्सा अस्पताल के अनुसार, मध्य गाजा के दीर अल-बलाह में एक मकान को निशाना बनाकर किए गए हमले में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इजराइली सेना ने एक बयान में कहा कि उसने हमास के खिलाफ हमले शुरू कर दिए हैं, क्योंकि एक ‘‘सशस्त्र आतंकवादी'' इजराइली नियंत्रण वाले इलाके में घुस आया और दक्षिणी गाजा में सैनिकों पर गोलीबारी की। बयान में कहा गया कि किसी भी सैनिक को चोट नहीं आई। सेना ने कहा कि आतंकवादी ने उस सड़क का इस्तेमाल किया, जिससे मानवीय सहायता क्षेत्र में पहुंचाई जाती है। एक अलग बयान में, इजराइल की सेना ने कहा कि उसके सैनिकों ने रफा क्षेत्र में तीन ‘‘आतंकवादियों'' को मार गिराया तथा दो अलग-अलग घटनाओं में उत्तरी गाजा में इजराइली कब्जे वाले क्षेत्रों में घुसकर सैनिकों की ओर बढ़ने वाले चार लोगों पर गोलीबारी की, जिसमें दो हमलावर मारे गए।    

चुलकाना धाम में नई चमक लाने की तैयारी, पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने किया बड़ा अपडेट

पानीपत  श्री नवयुवक खाटूश्याम मित्र मंडल के सौजन्य एवं भजन सम्राट कन्हैया मित्तल के नेतृत्व में पानीपत से चुलकाना धाम तक रविवार को आयोजित श्री श्याम भव्य निशान यात्रा में पर्टयन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा शामिल हुए। पदयात्रा में खाटू नरेश की जय, हारे के सहारे की जय, तीन बाणधारी की जय, शीश के दानी की जय के जयकारों के बीच मंत्री ने श्याम भक्तों को संबोधित किया। शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार चुलकाना धाम को देव दर्शन योजना के तहत चमकाएगी। उन्होंने कहा कि भजन सम्राट कन्हैया मित्तल और श्याम भक्तों द्वारा पानीपत से चुलकाना श्री श्याम भव्य निशान यात्रा न केवल सनातन धर्म को मजबूत करेगी, अपितु राष्ट्रीय एकता की भावना को भी सशक्त बनाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आस्था के बड़े केंद्र चुलकाना धाम पर आने वाले भक्तों को बेहतर सड़कें और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। शर्मा ने कहा कि बाबा श्याम के चरणों मे चुलकाना धाम निरन्तर आने का उन्हें भी सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के केंद्र चुलकाना धाम को देव दर्शन योजना के तहत विकसित करते हुए बेहतरीन सड़कें व अन्य सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि बाबा श्याम का आदेश है, श्रद्धालुओं के लिए हम सब मिलकर चुलकाना धाम को चमकाएंगे।पदयात्रा में समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना भी शामिल हुए।

ब्रैम्पटन हादसा: मकान में आग लगने से तीन पंजाबियों की दर्दनाक मौत, तीसरी मंजिल से कूदे कई लोग

वैंकूवर  कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में बानस वे (Banis Way) स्थित एक किराये के घर में गुरुवार देर रात लगी भीषण आग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि गर्भवती महिला समेत चार लोगों ने तीसरी मंजिल से छलांग लगाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक और घायल सभी एक ही पंजाबी मूल के परिवार के बताये जा रहे हैं। परिवार के दो सदस्य अभी भी लापता हैं। आग में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके इस घर का मालिक भी पंजाब का रहने वाला बताया जा रहा है। अग्निशमन विभाग को रात करीब ढाई बजे आग लगने की सूचना मिली। जब फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची, तो घर की ऊपरी मंजिल पूरी तरह आग की चपेट में थी। अधिकारियों ने तुरंत आसपास के घर खाली करवाए और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। मलबे से एक बच्चे सहित दो लोगों के शव बरामद हुए। गर्भवती महिला व एक 5 वर्षीय बच्चे सहित चार अन्य लोग तीसरी मंजिल की खिड़की से कूदकर बाहर निकले, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। अग्निशमन कर्मी शुक्रवार शाम तक भी मलबे में तलाश अभियान चलाते रहे, ताकि लापता दो परिजनों का पता लगाया जा सके। आग से जुड़े हुए जड़वा (सेमी-डिटैच्ड) घर को भी भारी नुकसान हुआ है। ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने जानकारी दी कि घर के विदेशी मालिक ने वर्ष 2020 में इसमें सब-यूनिट बनाने के लिए आवेदन किया था। निरीक्षण के लिए अधिकारी कई बार पहुंचे, लेकिन भीतर रहने वाले लोगों ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक यह घर करीब छह वर्ष पहले भारत में रहने वाले व्यक्ति ने एक रियल्टर के माध्यम से खरीदा था और कभी स्वयं यहां नहीं आया। घर की देखभाल और किराये की जिम्मेदारी उसने ब्रैम्पटन में रहने वाले एक परिचित को सौंप रखी थी। पड़ोसियों ने बताया कि पीड़ित परिवार मालिक के बारे में पूछने पर जानकारी देने से बचता था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। जांच एजेंसियां विदेशी मालिक के संपर्क सूत्रों की पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार घर का मालिक पंजाब सरकार का एक अधिकारी है। ओंटारियो के मुख्यमंत्री ने हादसे में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। पीड़ित परिवार की आधिकारिक पहचान अभी जारी नहीं की गई है। स्थानीय समुदाय इस त्रासदी से स्तब्ध है और जांच पूरी होने का इंतजार कर रहा है।

पंजाब BJP की सक्रियता बढ़ी, जाखड़ की शाह से मुलाकात में बिल वापसी मुद्दा प्रमुख

नई दिल्ली  चंडीगढ़ को अन्य केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में शामिल करने वाले प्रस्तावित बिल को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने स्पष्ट किया है कि वे शीघ्र ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बिल पर पुनर्विचार कर वापस लेने का अनुरोध करेंगे। विशेष बातचीत में जाखड़ ने कहा कि चंडीगढ़ पर पंजाब की भावनाओं को नज़रअंदाज़ करके केवल प्रशासनिक सुगमता के आधार पर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा, “पंजाब के लिए चंडीगढ़ केवल भौगोलिक इकाई नहीं है, यह हमारी भावनाओं से जुड़ा शहर है। ऐसे किसी भी प्रयास को वापस लिया जाना चाहिए। हम केंद्र से समय मांगकर यह मुद्दा उठाएंगे और बिल को वापस लेने की मांग करेंगे।”   BJP पंजाब कोर कमेटी की बैठक रविवार सुबह पंजाब बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें केंद्र के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। इसमें यह राय बनी कि बिल का समय बेहद संवेदनशील है और इससे पंजाब में अनावश्यक अविश्वास का माहौल बन सकता है। बैठक के बाद जाखड़ ने कहा, “चंडीगढ़ पंजाब का अभिन्न हिस्सा है। चंडीगढ़ या पानी के मुद्दे पर पंजाब बीजेपी राज्यहितों के साथ मजबूती से खड़ी है। जो भी भ्रम पैदा हुआ है, उसे हम केंद्र से बातचीत कर दूर करेंगे। एक पंजाबी होने के नाते मैं आश्वस्त करता हूं कि हमारे लिए पंजाब सबसे पहले है।” बैठक में पंजाब बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, संगठन मंत्री मंत्री श्रीनिवासुलु तथा केंद्रीय स्तर पर राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, कोर कमेटी के ज्यादातर सदस्यों ने माना कि प्रस्तावित बिल का समय ठीक नहीं है और इससे पंजाब की “भावनात्मक प्रतिक्रिया” प्रभावित हो सकती है।

कांग्रेस में SIR को लेकर मंथन, उपमुख्यमंत्री साव बोले—बिहार की जनता ने दिखा दिया आईना

रायपुर छत्तीसगढ़ में हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर मंथन को लेकर प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट 24 को रायपुर पहुचेंगे. एसआईआर प्रक्रिया के मंथन में जुटी कांग्रेस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बिहार में कांग्रेस ने एसआईआर को लेकर खूब हल्ला मचाया था. कांग्रेस ने वोट चोरी का आरोप लगाया था, लेकिन बिहार की जनता ने मुंहतोड़ जवाब दिया. इसके बावजूद कांग्रेस बेबुनियाद बातें कर के भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि एसआईआर पहली बार नहीं, बल्कि बरसों से होते आ रहा है. कांग्रेस अपना जनाधार खो चुकी है, इसलिए अब जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है. जैसे बिहार की जनता ने कांग्रेस को जवाब दिया है, उसी तरह अन्य राज्यों की जनता भी उन्हें जवाब देगी. भारत-दक्षिण अफ्रिका का मैच छत्तीसगढ़ के लिए होगा यादगार : उपमुख्यमंत्री रायपुर में 3 दिसंबर को होने वाले भारत बनाम दक्षिण अफ्रिका के दूसरे वनडे मैच को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी मौजूद है. राजधानी रायपुर में इंटनेशनल वनडे मैच होना छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य और गर्व का विषय है. 3 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच का आगाज होगा. ये मैच छत्तीसगढ़ के लिए यादगार होने वाला है. ACB-EOW की रेड, उपमुख्यमंत्री बोले- जांच एजेंसी अपना काम कर रही हैं प्रदेशभर में आबकारी और डीएमएफ घोटाला मामले में लगभग 18 ठिकानों पर एसीबी-ईओडब्ल्यू की रेड कार्रवाई को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दोनों मामलों में लंबे समय से इन्वेस्टिगेशन चल रही है. दोनों ही मामलों की जांच पहले से ही की जा रही. जांच के आधार पर यह कार्रवाई हो रही है. जांच एजेंसी अपना काम कर रही है. ऐतिहासिक होगा डीजी कॉन्फ्रेंस : उपमुख्यमंत्री डीजी कॉन्फ्रेंस को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने डीजी कॉन्फ्रेंस के लिए इस वर्ष छत्तीसगढ़ को चुना है. देशभर के वरिष्ठ अधिकारी एक मंच पर जुटेंगे. आने वाले समय की कार्ययोजना पर चर्चा होगी. यह बहुत ऐतिहासिक कॉन्फ्रेंस होने जा रही है.

आयुक्त विकास मिश्रा ने कहा- शत-प्रतिशत हो जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन

भोपाल  मध्यप्रदेश में विवाह तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री विकास मिश्रा ने सभी जिला कलेक्टर एवं जिला विवाह रजिस्ट्रार को निर्देश दिए हैं। “मध्यप्रदेश विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन नियम-2008”के तहत राज्य में किसी भी विधि या परंपरा से संपन्न हुए सभी विवाहों का पंजीयन अनिवार्य है। व्यवहारिक रूप से सभी विवाह पंजीकृत न हो पाने से विशेषकर महिलाओं को पति की मृत्यु या अन्य कानूनी परिस्थितियों में प्रमाण और अधिकार प्राप्त करने में कठिनाई होती है। इसी समस्या को दूर करने और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जिलों को विशेष कदम उठाने को कहा गया है। महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, परिवार को मिलने वाली वैधानिक सुविधाओं की गारंटी तथा शासन की जनहितकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। आयुक्त श्री मिश्रा ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम जैसे मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री निकाह योजना तथा अन्य सामाजिक आयोजनों में विवाह स्थल पर ही प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों और सार्वजनिक स्थानों पर विवाह पंजीयन के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। शादी हॉल, मैरेज गार्डन और समारोह स्थलों पर विवाह पंजीयन को अनिवार्य बताते हुए सूचनात्मक होर्डिंग लगाने के निर्देश भी जारी किये गये हैं। टेंट हाउस और केटरिंग व्यवसायियों को अपनी रसीदों पर विवाह पंजीयन को बढ़ावा देने वाले स्लोगन—जैसे “विवाह का आठवां वचन—विवाह का हो पंजीयन”और “नारी का सम्मान—विवाह का प्रमाण”अंकित करने के लिए भी कहा गया है। प्रदेश में जन्म-मृत्यु पंजीयन की स्थिति में सुधार के लिए आयुक्त श्री मिश्रा ने कहा कि सभी अनाथालयों, बाल संप्रेषण गृहों तथा बाल सुधार गृहों में रहने वाले बच्चों के जन्म प्रमाण-पत्र तत्काल बनवाए जाएँ। साथ ही महारजिस्ट्रार कार्यालय नई दिल्ली द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन जिले स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले के सभी रजिस्ट्रार और उप-पंजीयक अपने कार्यालयों के बाहर जन्म-मृत्यु पंजीयन संबंधी नियमावली को दीवार पर पेंट करवाकर प्रदर्शित करें, जिससे हर नागरिक को जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में विवाह तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन की दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे न केवल नागरिकों को उनके अधिकार समय पर मिल सकेंगे, बल्कि सरकारी योजनाएँ भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू हो सकेंगी।