samacharsecretary.com

एमपी ट्रांसको में बड़ी उपलब्धि, प्रोटेक्शन सेल पूरी तरह डिजिटल हुआ: ऊर्जा मंत्री

एम.पी. ट्रांसको का प्रोटेक्शन सेल 100 प्रतिशत डिजिटल : ऊर्जा मंत्री  तोमर तकनीकी मजबूती के साथ बढ़ी ट्रांसमिशन नेटवर्क की रियल-टाइम सुरक्षा भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि भारत सरकार के डिजिटल इंडिया विजन के तहत मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के प्रोटेक्शन सेल अब पूरी तरह डिजिटल हो। प्रदेश में 42 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी ट्रांसमिशन लाइनों, 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सब स्टेशनों के 1000 से अधिक पॉवर ट्रांसफार्मरों की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य अब पूर्णतः डिजिटली संचालित हो रहा है। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने एम.पी. ट्रांसको को यह बड़ी उपलब्धि हासिल करने पर बधाई देते हुये इसे तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया है। मोबाइल, गूगल सीट का हो रहा उपयोग एम.पी. ट्रांसको के  मुख्य अभियंता अमर कीर्ति सक्सेना  ने बताया कि प्रोटेक्शन सेल के डिजिटल होने के बाद सभी फाल्ट रिपोर्ट, इवेंट डेटा, डिस्टर्बेंस रिकॉर्ड, ट्रेकिंग फाइलें तथा एनालिटिकल रिपोर्ट अब मोबाइल, ईमेल या गूगल शीट के माध्यम से तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं। किसी भी लाइन-फाल्ट, उपकरण फेल्यूअर या ओवर-लोडिंग की स्थिति में रियल-टाइम अलर्ट सीधे संबंधित अभियंताओं तक पहुँचने से निर्णय लेने की गति बढ़ी है और ट्रिपिंग एवं ब्रेक डाउन की स्थिति को नियंत्रित किया जा सका है। इस पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने से फॉल्ट लोकेशन की सटीक पहचान अब कुछ ही मिनटों में संभव है। प्रोटेक्शन सेल और फील्ड टीमें अब इंटीग्रेटेड डिजिटल नेटवर्क से जुड गई है। डेटा एनालिटिक्स के आधार पर प्रीवेंटिव मेंटेनेंस अधिक व्यवहारिक हो गया है, जिससे प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता और स्थिरता को सुदृढता प्राप्त हुई है।  

पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा में भारत की एकता पर जोर, जात-पात को त्यागने का दिया संदेश

शिवपुरी   बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा की शुरुआत शिवपुरी के नर्सरी ग्राउंड में हुई. गुरुवंदना और कथा की पारंपरिक आरती के बाद बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने कृष्ण भजन के साथ अपने मुखारविंद से श्रीमद् भागवत गीता के पाठ की गंगा प्रवाहित की. इस दौरान उन्होंने वैचारिक हिंदू राष्ट्र की बात पर जोर दिया और यह भी कहा कि जो राम का नहीं वो हमारा नहीं. विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए धीरेंद्र शास्त्री कथा शुरू होने से पहले शास्त्री करैरा पहुंचे, जहांसाध्वी चित्रलेखा की कथा के अंतिम दिन उन्होंने बगीचा वाली काली मां और बगीचा वाले हनुमान के दर्शन किए. यहां उन्होंने कहा कि वह एक वर्ष के भीतर करैरा में पुनः कथा करने आएंगे. इसके बाद वे शिवपुरी कथा स्थल पहुंचे, जहां प्रथम दिन की आरती में वाल्मीकि समाज को मंच दिया गया. राम का विरोध करने वालों को त्यागना जरूरी शहर में पहली हो रही श्रीमद् भागवत पुराण कथा कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वैचारिक रूप से हिंदू राष्ट्र बनाना जरूरी है और इसके लिए वह दिन रात काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, '' जो राम का नहीं उसे त्यागना जरूरी है और वह हमारा नहींअगर हम त्यागी बनना चाहते हैं तो राम का विरोध करने वालों को त्यागना जरूरी है.'' उन्होंने कहा कि हमें जब तक चैन नहीं मिलेगा तब तक हम अपने घर को सुरक्षित नहीं कर लेंगे. जात-पात, ऊंच-नीच नहीं, अखंड भारत को सोचो : धीरेंद्र शास्त्री उन्होंने मध्य प्रदेश को अपना घर बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का हर जिला जब तक हिंदू राष्ट्र की पहल नहीं होगी तब तक हम भारत को अखंड भारत और हिंदू राष्ट्र बनाने के मिशन में सफल नहीं होंगे. शिवपुरी के नर्सरी ग्राउंड में हो रही श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने उन तमाम मुद्दों का जिक्र किया जिनके लिए वह जाने जाते हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' हमें जाती-पाती और ऊंच नीच से ऊपर उठकर भारत को अखंड भारत के साथ हिंदू राष्ट्र में बदलने के लिए एक साथ खड़े होने की जरूरत है.'' बगीचा वाले सरकार पर माथा टेका पंडित धीरेंद्र शास्त्री पहले शिवपुरी जिले के करेरा में स्थित प्रख्यात हनुमान मंदिर बगीचा वाले सरकार पर पहुंचे और उन्होंने वहां माथा टेकाइस दौरान वहां करैरा में चल रही चित्र लेखा जी भागवत कथा के अंतिम अध्याय का श्रवण करते हुए उन्होंने अपनी कथा का शिवपुरी पहुंचकर आगाज किया धमाके होते रहे और हम चलते रहे- शास्त्री कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' हम कोई प्रोटोकॉल लेकर नहीं चलते बिल्कुल साधारण इंसान हैं और एक मानव होने के नाते मानवता के लिए काम कर रहे हैं. हम फरीदाबाद में हुए धमाकों से डरे नहीं बल्कि चलते रहे और अपनी यात्रा को पूरा करने की कोशिश में लग रहे.'' पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' वह लगातार अपने मिशन में आगे बढ़ रहे हैं और लाखों लाखों लोग भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए संकल्पित हो रहे हैं, जो उनके प्रयास की सफलता का प्रमाण है.

रतलाम के भक्तों की अद्भुत कलाकारी: 38 करोड़ राम नाम से सजा अयोध्या धाम, रिकॉर्ड की तैयारी

रतलाम  राम जानकी विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर अयोध्या में भगवान रामलला के मंदिर पर धर्म ध्वजा की स्थापना की गई. इस शुभ अवसर पर रतलाम के अयोध्या धाम में भक्तों द्वारा कागज पर 38 करोड़ बार 'राम' नाम लिखकर अद्भुत साज-सज्जा की गई है. राम जानकी के मंदिर को राम नाम लिखे रंग-बिरंगे पन्नों से सजाया गया है. इन पर राम नाम को लिखने और सजाने का कार्य रतलाम और आसपास के क्षेत्र के राम भक्तों ने किया है. इस सजावट को देखने और प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ी थी. नोटों से नहीं राम नाम की दौलत से सजाया मंदिर रतलाम के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर को धनतेरस पर नोटों के बंदनवार से सजाया जाता है. इसी तरह भगवान राम के मंदिर को 'राम' नाम के धन के वैभव से सजाया गया है. अयोध्या धाम मंदिर समिति के शैलेंद्र सोनी के अनुसार, 38 करोड़ से अधिक राम नाम लिखे रंग-बिरंगे कागजों से मंदिर की साज-सज्जा की गई है. इसके लिए श्रद्धालुओं ने दिन रात मेहनत कर रंग-बिरंगे राम नाम लिखे पन्नों से बंदनवार बनाने और सुंदर कलाकृतियां बनाने का काम किया. शैलेंद्र सोनी ने बताया कि "यह विश्व में ऐसा पहला आयोजन है. इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी आवेदन किया गया है. उम्मीद है कि यह अनोखा राम नाम का विश्व कीर्तिमान जरूर बनेगा." राम जानकी विवाह पंचमी के मौके पर विशेष आयोजन राम जानकी विवाह पंचमी के पावन अवसर पर अयोध्या में भगवान राम लाल के मंदिर पर ध्वजा स्थापित करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में संपन्न हुआ. देश के अन्य राम मंदिरों में भी अलग-अलग आयोजन हो रहे हैं. इस अवसर पर रतलाम के अमृत सागर गढ़ कैलाश स्थित अयोध्या धाम मंदिर में विशेष आयोजन किया गया और राम नाम की अनोखी सज्जा भी की गई है. इस खास आयोजन और राम नाम लिखे पन्नों से बनी कलाकृतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे.

जाफ़र एक्सप्रेस पर हथियारबंदों की फायरिंग, डेढ़ महीने में छह हमले—पाक रेल में बढ़ा ख़तरा

पेशावर  पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित बोलान पास में जाफ़र एक्सप्रेस पर एक बार फिर हमला हुआ है। क्वेटा से पेशावर जा रही ट्रेन पर आब-ए-गुम के पास हथियारबंद लोगों ने फायरिंग की। ट्रेन में मौजूद रेलवे पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, डेढ़ महीने में यह छठा हमला है। 7 अक्टूबर को शिकारपुर में पटरी पर हुए धमाके में 7 लोग घायल हुए थे, जबकि 24 सितंबर को मस्तुंग के स्पिज़ेंड क्षेत्र में बम धमाके में 12 यात्री घायल हुए थे। इससे पहले मार्च 2025 में BLA की मेजीद ब्रिगेड ने इसी ट्रेन को बोलान पास में हाईजैक कर 400 यात्रियों को बंधक बना लिया था। उग्रवादियों ने 20 सुरक्षा कर्मियों की हत्या का दावा भी किया था। लगातार हमलों ने इस रूट की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

गुवाहाटी टेस्ट में संकट! शुरुआती झटकों के बाद टीम इंडिया को जीत के लिए 522 रन चाहिए

गुवाहाटी  साउथ अफ्रीका के खिलाफ बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में जारी दूसरे टेस्ट के चौथे दिन तक भारतीय टीम दबाव की स्थिति में है। टीम इंडिया ने अपनी दूसरी पारी में 15.5 ओवरों के खेल तक 2 विकेट खोकर 27 रन बना लिए हैं। यहां से भारत को जीत के लिए 522 रन की दरकार है। साउथ अफ्रीकी टीम ने अपनी दूसरी पारी 260/5 के स्कोर पर घोषित की। इसी के साथ भारत को जीत के लिए 549 रन का टारगेट मिला। साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनते हुए अपनी पहली पारी में 489 रन बनाए। इस पारी में सेनुरन मुथुसामी ने 206 गेंदों में 109 रन की पारी खेली, जिसमें 2 छक्के और 10 चौके शामिल रहे। उनके अलावा, मार्को जानसेन ने 93 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। ट्रिस्टन स्टब्स ने 49 रन, जबकि कप्तान टेंबा बावुमा ने 41 रन टीम के खाते में जोड़े। भारत की तरफ से कुलदीप यादव ने सर्वाधिक 4 विकेट हासिल किए, जबकि जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और रवींद्र जडेजा ने 2-2 विकेट निकाले। इसके जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी में महज 201 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने 58 रन का योगदान टीम के खाते में दिया, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने 48 रन जुटाए। साउथ अफ्रीका की तरफ से मार्को जानसेन ने 6 विकेट निकाले। साइमन हार्मर ने 3 विकेट प्राप्त किए। टीम इंडिया को सस्ते में समेटने के बाद साउथ अफ्रीकी टीम ने अपनी दूसरी पारी 260/5 के स्कोर पर घोषित की। इस पारी में ट्रिस्टन स्टब्स ने 94 रन बनाए, जबकि टोनी डी जोरजी ने 49 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। भारत की तरफ से इस पारी में रवींद्र जडेजा ने सर्वाधिक 4 विकेट हासिल किए। वॉशिंगटन सुंदर ने 1 विकेट निकाला। विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम चौथे दिन की समाप्ति तक 2 विकेट गंवाकर सिर्फ 27 रन ही बना सकी। इस पारी में यशस्वी जायसवाल 13, जबकि केएल राहुल 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। दिन की समाप्ति तक साईं सुदर्शन 2 और कुलदीप यादव 4 रन बनाकर नाबाद रहे। साउथ अफ्रीका की ओर से मार्को जानसेन और साइमन हार्मर ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। साउथ अफ्रीकी टीम कोलकाता में खेले गए सीरीज के पहले मैच को 30 रन से अपने नाम कर चुकी है। ऐसे में टीम इंडिया गुवाहाटी टेस्ट को जीतकर सीरीज 1-1 से बराबरी पर खत्म करना चाहेगी।

धुंध के बीच PMO का एक्शन मोड: इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को मिलेगी नई रफ़्तार

नई दिल्ली  दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के बीच सरकार कई कदम उठा रही है। कुछ दिन पहले ही राजधानी में GRAP-III लागू किया गया है। अब PMO ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। PMO ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए अधिकारियों को दोहरी रणनीति पर काम करने का निर्देश दिया है। PMO ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने की और प्रदूषण से निपटने के लिए कई सख्त निर्देश जारी किए। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राजधानी की हवा की गुणवत्ता चिंता का विषय बनी हुई है। PMO ने अधिकारियों को दो मुख्य मोर्चों पर तेज़ी से काम करने का निर्देश दिया है। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि प्रदूषण फैलाने वाले और उत्सर्जन मानदंडों का उल्लंघन करने वाले सभी वाहनों की जाँच और उन पर कार्रवाई को तेज़ किया जाए। दिल्ली में EV विस्तार की कही बात केंद्र सरकार दिल्ली की सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाना चाहती है, इसलिए चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ईवी पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार पर केंद्रित था।PMO ने अधिकारियों को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग स्टेशन और सब्सिडी पर तेज़ी से प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। PMO ने यह भी निर्देश दिया है कि पारंपरिक पेट्रोल और डीज़ल वाहनों पर निर्भरता कम की जाए। यह कदम दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत दिल्ली के परिवहन को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। PMO का यह सक्रिय रुख दिखाता है कि सरकार राजधानी की हवा को साफ करने के लिए कठोर और त्वरित उपाय लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

रायपुर : माकड़ी ब्लॉक में 100 पीएम सूर्य घर का सफल इंस्टालेशन

रायपुर : माकड़ी ब्लॉक में 100 पीएम सूर्य घर का सफल इंस्टालेशन कोण्डागांव जिला बन रहा सौर ऊर्जा का नया हब रायपुर   सोलर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। कोंडागांव जिले का माकड़ी ब्लॉक आज पूरे बस्तर संभाग में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया केन्द्र बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “हर घर सोलर” विज़न को वास्तविक रूप देने वाली पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने इस क्षेत्र में न केवल सुलभ ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित की है, बल्कि इससे ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव आया है। डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर मॉकडी ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 100 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम को सफलतापूर्वक ग्रिड से सिंक्रोनाइज करके एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है, जो साबित करती है कि दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भी सौर ऊर्जा अपनाने की जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अब तक जिले में कुल 284 घरों में सोलर पैनल लग चुका है, जिसमें 50 से अधिक इंस्टॉलेशन सिर्फ ग्राम माकड़ी में ही किए गए हैं।     उक्त योजना के तहत घरों की छतों पर स्थापित सोलर पैनल से घरेलू खपत की पूर्ति में सक्षम होते हैं और बिजली की अतिरिक्त उत्पादन से आय भी प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल की सबसे बड़ी बात यह है कि केंद्र और राज्य शासन की संयुक्त सब्सिडी ने ग्रामीण परिवारों के लिए सोलर सिस्टम लगवाना बेहद आसान कर दिया है। केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली बड़ी सब्सिडी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य शासन भी अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान करता है। यह सब्सिडी सीधे डीबीटी के माध्यम से उपभोक्ता के बैंक खाते में जमा होती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद बन गई है।     माकड़ी ब्लॉक में सौर ऊर्जा अपनाने के बाद परिवारों के जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन आए हैं। बिजली बिलों में भारी कमी आई है, कई घरों में मासिक बिल लगभग शून्य होने लगा है। ग्रिड-कनेक्शन होने की वजह से ग्रामीणों को दिन-रात स्थिर बिजली उपलब्ध हो रही है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।      यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के विज़न और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में की जा रही सक्रिय पहल का परिणाम है। जिला प्रशासन, बिजली विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के सक्रिय सहभागिता ने माकड़ी ब्लॉक को सौर ऊर्जा का उभरता हुआ केन्द्र बना दिया है।

डॉक्टरों ने रचा इतिहास: मां की किडनी से 11 वर्षीय बच्चे का देश का पहला ट्रांसप्लांट

नई दिल्ली दिल्ली के वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल ने अपनी किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा में बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है. 19 नवंबर 2025 को यहां पहली बार एक बच्चे का सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट किया गया. यह न सिर्फ सफदरजंग अस्पताल में पहला बाल चिकित्सा (पेडियाट्रिक) किडनी ट्रांसप्लांट है बल्कि किसी भी केंद्रीय सरकारी अस्पताल में होने वाला ऐसा पहला ऑपरेशन भी है. 11 साल के बच्चे को बचाया गया मरीज 11 साल का बच्चा था जो बाइलैटरल हाइपोडिसप्लास्टिक किडनी नामक एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित था. ये स्थिति करीब डेढ़ साल पहले पता चली थी, जब उसे गंभीर हालत में सफदरजंग अस्पताल लाया गया था और इलाज के दौरान उसे कार्डियक अरेस्ट तक हो गया था. जांच में पता चला कि उसकी किडनियां फेल हो चुकी थीं और तब से वो अस्पताल में नियमित डायलिसिस पर था. मां ने दी किडनी, बच्चे की सेहत में तेजी से सुधार डॉ. पवन वासुदेवा ने बताया कि बच्चों का किडनी ट्रांसप्लांट बेहद चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि बच्चे के शरीर में बड़े वेसल्स से किडनी जोड़ने और वयस्क किडनी के लिए उचित जगह बनाने जैसे कठिन कदम शामिल होते हैं. मरीज को किडनी उसकी 35 साल की मां ने दी. डॉक्टरों के अनुसार किडनी अच्छी तरह काम कर रही है, बच्चा अब डायलिसिस से मुक्त है और जल्द ही घर भेज दिया जाएगा. गरीब परिवार के लिए जीवनदान डॉ. संदीप बंसल ने कहा कि बच्चे का परिवार उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से है और उसके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं. निजी अस्पताल में यह ऑपरेशन करीब 15 लाख रुपये का आता इसलिए परिवार करीब-करीब उम्मीद छोड़ चुका था.अस्पताल प्रशासन ने ये भी बताया कि ट्रांसप्लांट के बाद लगने वाली महंगी इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं भी अस्पताल बच्चे को मुफ्त उपलब्ध कराएगा. ये उपलब्धि न सिर्फ अस्पताल बल्कि देश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है.अस्पताल के निदेशक डॉ. संदीप बंसल ने बताया कि ये उपलब्धि अस्पताल की मेडिकल टीम की कड़ी मेहनत और समर्पण का नतीजा है. इस टीम ने किया ऑपरेशन  सर्जिकल ट्रांसप्लांट टीम का नेतृत्व यूरोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट विभाग के प्रमुख डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. पवन वासुदेवा ने किया. उनके साथ प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार भी टीम में शामिल थे. बच्चे का इलाज कर रही बाल रोग (पेडियाट्रिक) टीम का नेतृत्व डॉ. शोभा शर्मा ने किया. उनके साथ डॉ. श्रीनिवासवरदन और विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप के देबता भी जुड़े रहे. एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. सुशील ने किया, जिनके साथ डॉ. ममता और डॉ. सोनाली थीं.

घरेलू और छोटे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को ब्याज माफी व भारी छूट का लाभ

लखनऊ उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने घरेलू तथा छोटे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत प्रदान करने के उद्देश्य से ‘बिजली बिल राहत योजना 2025-26’ की शुरुआत की है। यह योजना 1 दिसंबर 2025 से 28 फ़रवरी 2026 तक संचालित होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि किसी भी उपभोक्ता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े और हर परिवार को सुगम विद्युत सेवा मिले। पॉवर कॉर्पोरेशन ने इसी भावना के अनुरूप व्यापक राहत पैकेज तैयार किया है। योजना के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ता (02 किलोवाट तक) तथा दुकानदार उपभोक्ता (01 किलोवाट तक) को उनके लंबित बिजली बकाया में विशेष छूट दी जाएगी। उपभोक्ता पहली बार 100% ब्याज माफी के साथ मूलधन पर 25% तक की भारी छूट प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, छोटे-छोटे बकायों के निस्तारण हेतु उपभोक्ताओं को आसान मासिक किश्तों में भुगतान की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जिससे वे बिना किसी दबाव के देय राशि का समायोजन कर सकें। सिस्टम में त्रुटियों या  तकनीकी कारणों से बढ़े हुए बिलों का निस्तारण भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे बिलों को कॉर्पोरेशन के तकनीकी सिस्टम द्वारा औसत खपत के आधार पर स्वतः कम किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को बिल संशोधन के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ ही, बिजली चोरी से जुड़े मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राहत एवं समझौते का अवसर उपलब्ध रहेगा, जिससे लंबित मुकदमों के समाधान में तेजी आएगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता www.uppcl.org, UPPCL Consumer App, विभागीय कार्यालय, फिनटेक एजेंट, मीटर रीडर या जनसेवा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण शुल्क ₹2000 है, जिसे उपभोक्ता के बिल में ही समायोजित कर दिया जाएगा। पावर कॉर्पोरेशन ने सभी पात्र उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस सीमित अवधि की योजना का जल्द से जल्द लाभ उठाएँ और अधिकतम आर्थिक राहत प्राप्त करें। अधिक जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।

पंजाब के 3 शहरों के लिए राहत भरी खबर, CM मान ने किया बड़ा ऐलान

चंडीगढ़  आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित 'सरबत दे भले दी अरदास' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमृतसर, आनंदपुर साहिब तलवंडी साबो के लिए एक और बड़ा ऐलान किया है। श्री आनंदपुर साहिब में एक वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी में संगत से सलाह करके विषयों पर फैसले लिए जाएंगे। इसमें एक चेयर बनाई जाएगी। लोगों को गुरुओं की शिक्षाओं से ज्यादा से ज्यादा जोड़ा जाएगा और साथ ही, गुरुओं की बाणी की दुनिया भर की भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो में गुरुधामों के दर्शन के लिए ई-रिक्शा, मिनी बसें और दूसरी ट्रांसपोर्टेशन सुविधाएं सभी के लिए फ्री होंगी। इनका पूरा खर्च पंजाब सरकार उठाएगी। गौरतलब है कि कल इन शहरों को पवित्र दर्जा दिया गया था। उन्होंने कहा कि समागम के दौरान सफाई से लेकर मेडिकल सुविधाएं, टेंट सिटी रिहायश, प्रबंध एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस अफसर साहिबान, वर्कर साहिबान सब सेवा में लगे हुए हैं। सी.एम. मान ने कहा कि अगर इसके बावजूद सेवा में कोई कमी रह गई तो माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि यहां कोई मंत्री, मुख्यमंत्री नहीं सेवादार हैं। यहां स्टार नहीं चलते। उन्होंने कहा कि गुरुओं की कुर्बानी की आगे वह धूल का तिनका भी नहीं। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने एक पैसे की भी बेईमान की है तो उन्हें सजा मिले।