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संस्कृति की रंगो-महक से फिर गुलज़ार होगा ‘विश्व रंग’

 म.प्र. के राज्यपाल और मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति 27 नवंबर को करेंगे सातवें महोत्सव का शुभारंभ    भोपाल जाड़े की गुलाबी दस्तक के साथ एक बार फिर भोपाल की वादियाँ विश्व रंग से गुलज़ार हो रही हैं। टैगोर अन्तरराष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव अपनी सातवीं पादान तय करता चार दिनों तक विभिन्न गतिविधियों का अनूठा ताना-बाना लिए रवीन्द्र भवन के विशाल परिसर में आयोजित होगा। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, विश्वरंग फाउण्डेशन और उसके सहयोगी केन्द्रों की पहल पर म.प्र. शासन संस्कृति विभाग सहित देश-विदेश की पचास से भी अधिक संस्थाओं की भागीदारी से यह विशाल समागम आकार ले रहा है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों के मूर्धन्य चिंतकों, विचारकों और विशेषज्ञों के साथ ही विश्व के 35 से भी अधिक देशों के प्रतिनिधि यहाँ साझा संस्कृति की मिसाल पेश करेंगे। किसी भी अशासकीय संस्था के संयोजन में होने वाला यह एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कुंभ है। 27 से 30 नवंबर के दरमियान इस महोत्सव में अस्सी से भी अधिक सत्र संवाद, विचार, विमर्श और कलात्मक अभिव्यक्ति का खुला मंच साबित होंगे।  यह जानकारी विश्व रंग के महानिदेशक तथा रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने प्रेस वार्ता में दी। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री चौबे ने बताया कि 2019 में शुरू हुई विश्व रंग की यात्रा अपने सातवें चरण पर और भी व्यापक, विस्तृत और बहुरंगी हो गयी है। भोपाल से शुरू हुआ यह कारवाँ मॉरिशस, श्रीलंका, नई दिल्ली और मुंबई होता हुआ नई उर्जा और नए आत्मविश्वास से भरकर पुनः भोपाल लौटा है। 27 नवंबर को रंगारंग विश्व रंग शोभा यात्रा के बाद शाम 6 बजे म.प्र. के राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में इस महोत्सव का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, म.प्र. के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और रबीन्द्रनाथ टैगोर वि.वि. के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।  पत्रकार वार्ता को विश्व रंग के सहनिदेशक तथा स्कोप स्किल ग्लोबल युनिव्हर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आईसेक्ट ग्रुप ऑफ़ युनिव्हर्सिटी की निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, मध्यप्रदेश संस्कृति संचालनालय डॉ पूजा शुक्ला, प्रवासी साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट तथा टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने भी संबोधित किया। श्री चौबे ने बताया कि देश-दुनिया के एक हज़ार से भी अधिक भाषाविद्, साहित्यकार, शिक्षा शास्त्री, विज्ञान-तकनीकी विशेषज्ञ, आलोचक, संस्कृतिकर्मी, पर्यावरणविद् सहित मीडिया, कला, सिनेमा और मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियाँ विश्व रंग का हिस्सा बनेंगी। विरासत और आधुनिकता के इस अद्वितीय संगम में ज्ञान-विज्ञान की नई दिशाओं की ओर बढ़ते विश्व की नई इबारतों को पढ़ना दिलचस्प होगा। विश्व रंग इस अर्थ में संवाद का एक विशाल मंच तैयार कर रहा है। विश्व रंग के सहनिदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि इस महोत्सव की लोकप्रियता का ग्राफ उत्तरोत्तर बढ़ता गया है। सातवें संस्करण से जुड़ने के लिए विश्व रंग पोर्टल पर हज़ारों लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। इस आकर्षण की वजह विश्व रंग की लोकतांत्रिक छवि है। यहाँ हर पीढ़ी की रूचि, जिज्ञासा और मनोरंजन के अनुकूल गतिविधियाँ हैं। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि विश्व रंग जितना पारंपरिक है उतना ही अपने नवाचार में आधुनिक भी। नए विषय और नए विशेषज्ञों की भागीदारी इसे अपने समय में प्रासंगिक बना रही है। उन्होंने फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, राधाकृष्ण पिल्लै, प्रिया मलिक, नीलोत्पल मृणाल, सौरभ द्विवेदी, देवदत्त पटनायक, सुमित अवस्थी, पुष्पेष पंत आदि का जि़क्र करते हुए कहा कि इन शख़्सियतों ने विश्व रंग के आमंत्रण को आत्मीयता से स्वीकार किया है। ये आज के युवाओं के मोटीवेटर और मेंटर हैं। विश्व रंग के बहुरंगी विन्यास की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ साझा करते हुए सहनिदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने बताया कि शुभारंभ संध्या 27 नवंबर का प्रमुख आकर्षण श्रीकृष्ण लीला का भव्य मंचन है। इसे नई दिल्ली के श्रीराम कला केन्द्र के कलाकारों की बड़ी टीम लाईट एण्ड साउण्ट के स्पेशल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करेगी। समापन दिवस 30 नवंबर को राजमाता अहिल्याबाई की जीवन गाथा पर केन्द्रित महानाट्य ‘अहिल्या रूपेण संस्थिता’ का मंचन रवीन्द्र भवन के अंजनी सभागार में होगा। प्रयास रंग समूह नागपुर के पचास से भी अधिक कलाकारों ने इसे प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रियंका शक्ति ठाकुर के निर्देशन में तैयार किया है। इसके अलावा जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’ में पारंपरिक शिल्पों, नृत्य-संगीत तथा हेरीटेज फ़िल्मों- चंदेरी, गणगौर और संजा के प्रदर्शन होंगे।  प्रवासी साहित्य तथा संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्णावट ने ‘विश्व रंग’ में प्रतिभागी देशों और उनकी प्रस्तुतियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि कनाडा, अमेरिका, बेल्जियम, नीदरलैंड, यूक्रेन, इटली, स्वीडन, यूके, कुवैत, म्यांमार, इंडोनेशिया, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, आर्मेनिया, रूस, जापान, बांग्लादेश, त्रिनिदाद, गयाना, इजिप्ट, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, वियतनाम, थाईलैंड, साउथ अफ्रीका, सूरीनाम स्लोवाक, रोमानिया, कतर आदि 35 से अधिक देशों के 60 प्रतिनिधि विश्व रंग में सम्मिलित होंगे। यूक्रेन का आठ विद्यार्थियों का दल हिंदी नाटक प्रस्तुत करेगा। वहीं गिरमिटिया देश में भारतीयों की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी 'कुली से कुलीन' तक को देखना दुर्लभ अनुभव होगा। इसे शोधार्थी दीप्ति अग्रवाल ने संयोजित किया है।  टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने विश्व रंग के सांस्कृतिक प्रकल्प ‘मंगलाचरण’ और ‘पूर्वरंग’ की गतिविधियाँ साझा की। उन्होंने बताया कि ध्रुपद गुरूकुल संस्थान द्वारा ध्रुपद वृन्द, अनिरूद्ध जोशी द्वारा सितार पर लोक संगीत, उमेश तरकसवार के संयोजन में स्वाधीनता संग्राम के गीतों पर आधारित ‘देश राग‘ और राजीव सिंह द्वारा ‘सतवाणी’ अध्यात्मिक संगीत की प्रस्तुतियाँ भारतीय संस्कृति की सुरम्य विरासत का जीवंत साक्ष्य बनेंगी। गुरूदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की सरज़मीं के बांग्ला संगीत की अनुगूँजों को समेटे कोलकाता के शुभव्रत सेन उपस्थित रहेंगे, तो मध्यप्रदेश बुंदेलखंड और मालवा की मटियारी चहक-महक लिए लोक कलाकारों के दल भी विश्व रंग के आंगन को रौशन करेंगे।  विश्व रंग मानद अलंकरण  हिन्दी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में श्रेष्ठ सृजन करने और विश्व स्तर पर अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज करने वाली छः विभूतियों को विश्व रंग मानद अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। इस बार के चयनित साहित्यकारों में श्रीमती ममता कालिया (हिन्दी), श्री हरीश मीनाश्रु (गुजराती), श्री चन्द्रभान खयाल (उर्दू), श्री एच. एन. शिवप्रकाश (कन्नड़), श्री लक्ष्मण गायकवाड़ (मराठी) और श्री परेश नरेन्द्र कामत (कोंकणी) शामिल हैं। 27 नवंबर की शाम विश्व रंग के उद्‌घाटन सत्र में अलंकरण … Read more

रायपुर : मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित रूप से जारी

रायपुर : मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित रूप से जारी घर-घर गणना चरण का कार्य 04.11.2025 से 04.12.2025 तक ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशम 09.12.2025 दावा आपत्ति करने की अवधि: 09.12.2025 से 08.01.2026 नोटिस चरण सुनवाई और सत्यापन: 09.12.2025 से 31.01.2026 मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 07.02.2026 रायपुर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का कार्य पूरे प्रदेश में सुचारू रूप से जारी है। इस क्रम में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं द्वारा भरे गए गणना फॉर्मों को एकत्र कर रहे हैं। BLO आवश्यक दस्तावेजों के साथ गणना फॉर्म की एक प्रति अपने पास रखेंगे और आवेदक को दिए जाने के लिए गणना फॉर्म की दूसरी प्रति पर फॉर्म की प्राप्ति की पावती देंगे। यदि कोई मतदाता भरे हुए फॉर्म को दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन अपलोड करता है, तो बीएलओ (BLO) मतदाता के घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करेगा। तत्पश्चात, बीएलओ इन फॉर्मों और संलग्न दस्तावेजों को बीएलओ/ईसीआईनेट मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अपलोड करेगा। इसके बाद, बीएलओ रिकॉर्ड के उद्देश्य से संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO)/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) को एकत्र किए गए सभी गणना फॉर्माे को उनके दस्तावेजों के साथ जमा करेगा। ARO।AERO को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी पात्र नागरिक छूटा नहीं है और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल नहीं है। प्रारूप मतदाता सूची में उन सभी मौजूदा मतदाताओं के नाम शामिल होंगे जिन्होंने बीएलओ को विधिवत भरा हुआ गणना फॉर्म जमा कर दिया है या जो घर-घर गणना अवधि के दौरान ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं और बीएलओ द्वारा सत्यापित किए गए हैं। अन्य मतदाताओं के नाम, जिनके गणना फॉर्म प्राप्त नहीं हुए हैं, प्रारूप सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) उन सभी मतदाताओं को शामिल करते हुए प्रारूप मतदाता सूची तैयार करेंगे जिनके गणना फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। प्रारूप प्रकाशन (9) दिसंबर 2025) के बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों के दौरान दाखिल किए गए गणना फॉर्मों पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा निराकरण/निर्णय लिया जाएगा। दावा आपत्ति करने की अवधि- 1. यदि किसी मतदाता के सम्बन्ध में गणना प्रपत्र में दिए गए पिछले SIR निर्वाचक नामावली के विवरण उपलब्ध नहीं हैं या डेटाबेस से मेल नहीं खाते हैं, तो ERO (Electoral Registration Officer) ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी करेगा। अपने विधानसभा क्षेत्र के ERO/AERO से नोटिस प्राप्त होने पर मतदाता को निम्नलिखित श्रेणियों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे – यदि जन्म 01.07.1987 से पहले भारत में हुआ है स्वयं के लिए आयोग द्वारा निर्दिष्ट सूची में से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। यदि जन्म 01.07.1987 से 02.12.2004 के बीच भारत में हुआ है स्वयं के लिए आयोग द्वारा निर्दिष्ट सूची में से से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। पिता या माता के लिए भी नीचे दी गई सूची से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो उनकी जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। यदि जन्म 02.12.2004 के बाद भारत में हुआ है स्वयं के लिए नीचे दी गई सूची से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। पिता के लिए नीचे दी गई सूची से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करें। जो उनकी जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। माता के लिए नीचे दी गई सूची से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करें। जो उनकी जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। यदि किसी पिता/माता में से कोई भारतीय नागरिक नहीं है, तो आपके जन्म के समय उसका वैध पासपोर्ट और वीज़ा की प्रति संलग्न करें। 2. यदि कोई मतदाता निर्दिष्ट समय के भीतर अपने भरे हुए गणना फॉर्म को जमा करने में असमर्थ रहता है, तो वे नाम जोड़ने के लिए दावों और आपत्तियों की अवधि के दौरान निर्धारित घोषणा फॉर्म के साथ अपने विधानसभा क्षेत्र के ERO/AERO के पास फॉर्म 6 जमा कर सकते हैं। यदि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का कोई मतदाता फॉर्म 6 में नया नाम जोड़ने के लिए प्रस्तुत किसी आवेदन पर आपत्ति दर्ज कराना चाहता है या पूर्व से पंजीकृत किसी मतदाता के नाम को विलोपित कराना चाहता हो तो फॉर्म 7 में आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है कोई भी मतदाता सूची में दर्ज अपनी प्रविष्टियां में संशोधन या एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण की स्थिति में फॉर्म 8 में घोषणा पत्र के साथ आवेदन कर सकता है निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) फॉर्म -5 में ड्राफ्ट प्रकाशन करते समय 01 अक्टूबर 2026 की आगामी अर्हता तिथि के लिए भी अग्रिम आवेदन भी आमंत्रित करेंगे। ड्राफ्ट का प्रकाशन 09 दिसंबर को किया जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) /सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) अनुच्छेद 326 और आरपीए 1950 की धारा 16 और 19 के तहत मतदाताओं की अर्हता के अनुसार उनकी पात्रता की जाँच करेंगे। ऐसा करने के लिए, ERO/AERO प्रस्तुत दस्तावेजों और क्षेत्र रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेंगे। किसी भी मामले में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO)/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) प्रस्तावित मतदाता की पात्रता पर संदेह करते हैं (दस्तावेजों की कमी या अन्य कारणों से), तो वे स्वतः संज्ञान में लेकर जांच शुरू करेंगे और प्रस्तावित मतदाता को नोटिस जारी करेंगे कि उसका नाम क्यों नहीं जोड़ा जाना चाहिए या क्यों नहीं विलोपित किया जाना चाहिए। मौके पर जांच, दस्तावेजों के परीक्षण या अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ERO/AEROअंतिम मतदाता सूची में नाम जोड़ने या न जोड़ने का निर्णय लेंगे। ERO फॉर्म 9, 10, 11, 11A और 11B में दावों और आपत्तियों की सूची तैयार करेंगे और प्रत्येक कार्य दिवस पर अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर ऐसी सूचियों की एक प्रति प्रदर्शित करेंगे। तथा यह सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा करेंगे ERO साप्ताहिक आधार पर राजनीतिक दलों के साथ दाबों और आपत्तियों की सूची साझा करेंगे। प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की सूची भी CEO (मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी) की वेबसाइट पर डाल दी जाएगी ताकि नागरिक सूची देख सकें और संबंधित ERO के पास आपत्ति दर्ज करा सकें। CEO कार्यालय साप्ताहिक आधार पर पुनरीक्षण के दौरान ECINET में दावों और आपत्तियों के निपटान की … Read more

बिहार में औद्योगिक और तकनीकी विकास की तैयारी, नीतीश सरकार का बड़ा रोजगार योजना

पटना  बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के युवाओं के लिए एक बड़े लक्ष्य की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि सरकार ने अगले पांच वर्षों, यानी 2025 से 2030 के बीच, 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना शुरू से ही उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है। उन्होंने दावा किया कि सात निश्चय-2 के तहत 2020-25 के बीच 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार दिया गया है। अब इस लक्ष्य को दोगुना करते हुए नई कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया गया है। ‘नीतीश सरकार का प्लान विकसित बिहार’ अगले 5 साल में 1 करोड़ नौकरी, औद्योगिक विकास और टेक्नोलॉजी हब बनाने का खाका किया तैयार टेक्नोलॉजी और उद्योग पर फोकस नीतीश कुमार ने बताया कि राज्य में ‘न्यू ऐज इकोनॉमी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जो प्रौद्योगिकी और सेवा आधारित नवाचारों पर केंद्रित होगी। इस विजन को साकार करने के लिए बिहार को पूर्वी भारत के नए ‘टेक्नोलॉजी हब’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत राज्य में कई बड़ी परियोजनाओं की स्थापना की योजना है, जिनमें शामिल हैं:     डिफेंस कॉरिडोर     सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क     ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स     मेगा टेक सिटी     फिनटेक सिटी सरकार का लक्ष्य बिहार को एक ‘वैश्विक बैक-एंड हब’ और ‘ग्लोबल वर्क प्लेस’ के रूप में स्थापित करना है, जिसके लिए विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों की मदद से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।     “बिहार की जनसंख्या में युवाओं की भागीदारी काफी अधिक है। इसको सार्थक दिशा देने पर बिहार देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य बन सकता है।” — नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति इन महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की भी जानकारी दी। यह समिति मुख्य सचिव की अध्यक्षता में काम करेगी। समिति का मुख्य कार्य उद्योगों को बढ़ावा देने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करना होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, समिति योजनाओं को तेजी से लागू करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार करेगी। चीनी मिलों से लेकर AI मिशन तक औद्योगिक विकास के साथ-साथ सरकार ने पारंपरिक उद्योगों को भी पुनर्जीवित करने की योजना बनाई है। इसके लिए राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना और पुरानी बंद पड़ी मिलों को फिर से चालू करने के लिए एक नई नीति और कार्ययोजना बनाई गई है। इसके अलावा, राज्य के प्रमुख शहरों को सुंदर बनाने और नई तकनीकों का उपयोग कर बिहार को अग्रणी बनाने हेतु ‘बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ की भी स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा, “बिहार की नवनिर्वाचित नई सरकार दुगुनी ताकत से राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग लगाने हेतु कृतसंकल्पित है। जो काम हमलोग शुरू करते हैं, उसे पूरा करते हैं।”     राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, ये शुरू से ही हमलोगों की प्राथमिकता रही है। सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020-25 के बीच राज्य में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार दिया गया है। अगले 5 वर्षों (2025-30) में हमलोगों ने 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं…

ईसाई अफसर की कट्टरता पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा— सेना में ऐसी मानसिकता बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली  सशस्त्र बलों में धार्मिक आचरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय सेना से बर्खास्त किए गए ईसाई अफसर सैमुअल कमलेसन की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने उनके आचरण को घोर अनुशासनहीनता करार देते हुए कहा कि ऐसे कैंटैंकरस (झगड़ालू) व्यक्ति सेना में नहीं हो सकते।   मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा- यदि किसी सेना अधिकारी का यही रवैया होगा तो फिर क्या कहा जाए! यह घोर अनुशासनहीनता है। वह चाहे जितने भी अच्छे अधिकारी रहे हों, लेकिन भारतीय सेना के लिए मिसफिट हैं… सेना के पास आज जितनी बड़ी जिम्मेदारियां हैं, उनमें ऐसे व्यक्तियों को जगह नहीं दी जा सकती। क्या है मामला? तीसरी घुड़सवार सेना रेजिमेंट के पूर्व लेफ्टिनेंट सैमुअल कमलेसन भारतीय सेना अधिकारी थे जिन्हें मार्च 2017 में बर्खास्त कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने एक ईसाई अधिकारी होने के नाते अपनी रेजिमेंट में धार्मिक परेड (मंदिर और गुरुद्वारे) में भाग लेने से इनकार कर दिया था। इस संबंध में उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी के आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया था। आदेश यह था कि वे पंजाब में स्थित एक गुरुद्वारे के भीतर जाकर पूजा-सम्बंधी अनुष्ठान (पूजा/पुजा) करें। 2017 में कमीशन पाए लेफ्टिनेंट कमलेसन को सिख स्क्वाड्रन में तैनात किया गया था, जहां रेजिमेंटल परेड के दौरान वह मंदिर और गुरुद्वारे के अंतरकक्ष में प्रवेश करने से लगातार इनकार करते रहे। कमलेसन का तर्क था कि- ईसाई होने के नाते वह मंदिर या गुरुद्वारे के मुख्य गर्भगृह में नहीं जा सकते। उनका यह कदम सैनिकों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के लिए भी था ताकि किसी को न लगे कि वह किसी धार्मिक अनुष्ठान में गलत तरीके से भाग ले रहे हैं। हालांकि, सेना का कहना था कि कमांडिंग अधिकारियों ने कई बार उन्हें समझाया, ईसाई पादरी ने भी स्पष्ट किया कि ‘सर्व-धर्म स्थल’ में जाना ईसाई धर्म के विरुद्ध नहीं है, लेकिन इसके बावजूद अधिकारी ने अपना रवैया नहीं बदला। इस आधार पर 2021 में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही कर चुका था याचिका खारिज मई 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने भी कमलेसन की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने अपने धर्म को वरिष्ठ अधिकारी के वैध आदेश से ऊपर रखा, जो कि स्पष्ट रूप से अनाचार और अनुशासनहीनता है। कोर्ट ने इसे भारतीय सेना की मौलिक सैन्य भावना के विपरीत बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? आज सुप्रीम कोर्ट ने भी हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची ने कहा- जब आपका अपना पादरी आपको सलाह देता है, तो आपको उसी पर चलना चाहिए। आप अपनी निजी समझ के आधार पर यह नहीं तय कर सकते कि आपकी वर्दी में रहते हुए आपका धर्म क्या अनुमति देता है और क्या नहीं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी की- यह व्यक्ति सेना में किस तरह का संदेश दे रहा है? यह भारी अनुशासनहीनता है… ऐसे लोगों का सेना में कोई स्थान नहीं। सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणियां सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने तर्क दिया कि सेना में जाट, राजपूत आदि जातिगत रेजिमेंट होने पर उसे ‘धर्मनिरपेक्ष’ कैसे कहा जा सकता है? लेकिन पीठ इस तर्क से सहमत नहीं हुई। CJI सूर्यकांत ने कहा- सेना पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष संस्थान है। आप अपनी निजी धार्मिक व्याख्या के आधार पर आदेश का पालन नहीं करने का अधिकार नहीं रखते। आपने पादरी की बात तक नहीं मानी। यह सैनिकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है। न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची ने कहा- आपने अपने धर्म की निजी व्याख्या कर ली। जबकि ईसाई धर्म का कोई ‘आवश्यक तत्व’ ऐसा नहीं है जो मंदिर या गुरुद्वारे में प्रवेश को प्रतिबंधित करता हो। कमलेसन के वकील ने दावा किया कि बाइबिल के फर्स्ट कमांडमेंट में ‘दूसरे देवताओं’ के आगे झुकने से मना किया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा- यह आपकी व्यक्तिगत समझ है। पादरी ने भी कहा कि ड्यूटी के हिस्से के रूप में ‘सर्व धर्म स्थल’ में जाना गलत नहीं है। कानूनी अधिकारों और अनुशासन पर टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा- संविधान आपको अपने धर्म का पालन करने का अधिकार देता है, लेकिन वर्दी में रहते हुए आपका व्यवहार सैन्य अनुशासन से बंधा होता है। निजी आस्था के नाम पर सेना के आदेश की अवहेलना नहीं की जा सकती।

रायपुर : जनता की समस्याओं का समय पर प्रभावी समाधान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: मंत्री श्री अग्रवाल

रायपुर : जनता की समस्याओं का समय पर प्रभावी समाधान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: मंत्री श्री अग्रवाल ग्राम घाटबर्रा के ग्रामीणों से पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने की मुलाकात ग्रामीणों की समस्याओं का किया त्वरित निराकरण रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के उदयपुर तहसील अंतर्गत ग्राम घाटबर्रा में ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों की ओर से उठाए गए त्वरित समाधान योग्य मामलों का स्थल पर ही निराकरण किया, जबकि दीर्घकालिक विषयों के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में समस्या के निराकरण के निर्देश दिए गए।     मंत्री श्री अग्रवाल ने उपस्थित ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा, “जनता की समस्याओं का समय पर और प्रभावी समाधान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन हमारा मुख्य उद्देश्य है। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा को प्राथमिकता दें।”     ग्रामीणों ने अपनी सभी समस्याओं से पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल को अवगत कराया। मंत्री ने उनकी हर बात को गंभीरतापूर्वक सुना और मौके पर ही समाधान योग्य समस्याओं का निराकरण किया, उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेकर समय-सीमा में उसका निराकरण सुनिश्चित करें। श्री अग्रवाल के सहज, सरल और सुलभ व्यवहार से प्रभावित ग्रामीणों ने उनकी संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय क्षमता और विकास के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।    

रायपुर : 17 व्यापारियों से 13 लाख रूपए का 622 क्विंटल पुराना धान जब्त

रायपुर : 17 व्यापारियों से 13 लाख रूपए का 622 क्विंटल पुराना धान जब्त मुंगेली जिले में अवैध धान भंडारण पर खाद्य विभाग की कार्रवाई मण्डी अधिनियम के तहत प्रकरण हुआ दर्ज रायपुर राज्य शासन के निर्देश पर प्रदेश में धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। मुंगेली जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अवैध धान के क्रय-विक्रय और भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की जा रही है। जिला प्रशासन के निर्देश पर खाद्य विभाग एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले भर में थोक और चिल्हर व्यापारियों के प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान अब तक कुल 17 व्यापारियों के यहां पुराने धान का प्रकरण दर्ज किया गया है। टीम ने इन प्रतिष्ठानों से कुल 622.80 क्विंटल धान जब्त किया है, जिसकी मंडी उपज अधिनियम के तहत आंकी गई कुल कीमत 13 लाख 02 हजार 120 रुपये है।        खाद्य अधिकारी ने बताया कि सभी प्रकरणों को मंडी अधिनियम के अंतर्गत विधिवत दर्ज किया गया है। यह जांच धान खरीदी पूर्ण होने तक जारी रहेगी, ताकि रबी फसल का पुराना धान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान में किसी भी स्थिति में मिश्रित न हो सके और सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग न हो। साथ ही वैध किसानों और पंजीकृत उपार्जन केंद्रों में पारदर्शी एवं निष्पक्ष धान खरीदी सुनिश्चित की जाएगी। जिले में सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ धान खरीदी जारी    शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के 66 समितियों के 105 उपार्जन केन्द्रों में 01 लाख 07 हजार 214 पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाएगा। जिले में अब तक 02 हजार 238 किसानों से 01 लाख 01 हजार 127 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है। प्रत्येक खरीदी केंद्र में सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। टोकन, बारदाना, परिवहन और भुगतान की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है, ताकि जिले के सभी किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर धान विक्रय का लाभ मिल सके।

मंत्री अग्रवाल ने CGPSC 2024 में 14वीं रैंक पाने वाले अंबिकापुर के पंकज यादव को फोन पर दी बधाई

 मंत्री  अग्रवाल ने सीजीपीएससी 2024 की परीक्षा में 14वीं रैंक हासिल करने वाले अंबिकापुर के पंकज यादव को दूरभाष पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं पंकज यादव की उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा: मंत्री श्री राजेश अग्रवाल रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सीजीपीएससी 2024 की परीक्षा में 14वीं रैंक हासिल करने वाले अंबिकापुर के पंकज यादव को दूरभाष पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सीजीपीएससी 2024 की परीक्षा में 14वीं रैंक हासिल करने वाले अंबिकापुर के पंकज यादव को दूरभाष पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की 2024 की परीक्षा  में अंबिकापुर के बौरीपारा निवासी पंकज यादव ने राज्य में 14वीं रैंक हासिल कर अंबिकापुर का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस महत्वपूर्ण सफलता पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दूरभाष पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री अग्रवाल ने कहा कि पंकज की उपलब्धि न केवल उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है, बल्कि पूरे अंबिकापुर का मान और गर्व भी है।     मंत्री श्री अग्रवाल ने पंकज से कहा कि आपने अपने माता-पिता का, शहर का और हम सभी का नाम रोशन किया है। आपके पिता ने कठिन परिस्थितियों में भी आपको पढ़ाया-लिखाया और आपने अथक मेहनत से सफलता हासिल की, इसके लिए आपको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।  उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता के त्याग और संघर्ष को कभी नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि उन्हीं की बदौलत आज आप इस मुकाम पर पहुंचे हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने पंकज यादव के माता-पिता को भी विशेष रूप से बधाई प्रेषित की। ठेलेवाले पिता के बेटे ने छुआ कामयाबी की ऊंचाई     पंकज यादव के पिता रामेश्वर यादव रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी करने हेतु ठेला चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि माता रायवती गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने कभी हार नहीं मानी। पंकज ने बताया कि उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा मल्टीपरपज स्कूल अंबिकापुर से की और बीएससी कंप्यूटर व एमएससी की पढ़ाई क्रमशः साईं बाबा कॉलेज और पीजी कॉलेज से पूरी की है। छह साल के कड़े संघर्ष के बाद मिली सफलता     पंकज यादव बीते छह वर्षों से लगातार सीजीपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। कई प्रयासों के बाद अब जाकर उन्हें सफलता मिली। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता की कठिन मेहनत, त्याग और धैर्य को दिया। पंकज ने कहा कि उनके माता-पिता का आशीर्वाद और प्रेरणा ही इस सफलता का आधार रही है। इस सफलता से पूरे परिवार और अंबिकापुर शहर में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों ने पंकज को “संघर्ष और संकल्प का प्रतीक” बताया है, जिसका उदाहरण आने वाली पीढ़ियां लेंगी।

लीजेंडरी Tata Sierra भारत में लॉन्च, 22 साल बाद हुई वापसी और कीमत भी हुई घोषित

 नई दिल्ली Tata Sierra Launch Price & Features: नब्बे के दशक में SUV का मतलब ताकत, स्टाइल और शोहरत था, और सिएरा ने हर हिंदुस्तानी को वही एहसास दिया था. साल बीत गए, तकनीक बदली, लेकिन दिल के किसी कोने में सिएरा की वो चौकोर खिड़कियाँ, दमदार बॉडी और स्ट्रेट स्टांस आज भी जिंदा है. किसी भी भारतीय कंपनी द्वारा तैयार की गई पहली देसी एसयूवी 'टाटा सिएरा' ने आज एक बार फिर से वापसी की है. टाटा मोटर्स ने आज मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम Tata Sierra को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया है.  कीमत और बुकिंग आकर्षक लुक और दमदार इंजन से लैस इस एसयूवी की शुरुआती कीमत 11.49 लाख रुपये, (एक्स-शोरूम) तय की गई है. कंपनी ने इसे इंट्रोडक्ट्री प्राइस के साथ लॉन्च किया है, यानी भविष्य में इसकी कीमत में इजाफा होगा. कंपनी का कहना है कि, इसकी बुकिंग आगामी 16 दिसंबर से शुरू होंगी और एसयूवी की डिलीवरी 15 जनवरी 2026 से शुरू की जाएगी.  22 साल बाद लीजेंड की वापसी टाटा सिएरा को कंपनी ने पहली बार 1991 में लॉन्च किया था. स्टाइलिश लुक, कर्व्ड ग्लॉस बॉडी, पावरफुल इंजन के साथ आने वाली सिएरा के लिए उस वक्त शायद भारत तैयार नहीं था. साल 2003 आते-आते इसे डिस्कंटीन्यू कर दिया गया. कहा जाता है कि, ये एसयूवी अपने समय से कहीं आगे थी. टाटा मोटर्स के सीईओ शैलेश चंद्रा ने भी आज लॉन्च इवेंट के दौरान कहा कि, "अब इंडिया टाटा सिएरा के लिए तैयार है. ये महज एक एसयूवी नहीं बल्कि एक लीजेंड की वापसी है, जो मॉडर्न तकनीक के साथ फिर से बाजार में एंट्री करने जा रहा है." तो आइये देखें कैसी है नई टाटा सिएरा-  लुक और डिज़ाइन नई Tata Sierra का स्टांस दमदार और ऊँचा है, जो इसे सड़क पर एक प्रीमियम और पावरफुल लुक देता है. फ्रंट में एलईडी डीआरएल पूरी चौड़ाई में फैला हुआ है, जबकि ग्रिल को क्लोज्ड रखा गया है जिस पर टाटा का लोगो उभरकर दिखता है. हेडलाइट्स नीचे की ओर लगाए गए हैं और सिल्वर फिनिश वाले स्किड प्लेट के साथ फ्रंट प्रोफाइल को एक एडवेंचरस टच देते हैं. एसयूवी के साइड प्रोफाइल पर गौर करें तो सिएरा अपनी पुरानी पहचान कायम रखे हुए है. जैसा कि नब्बे के दशक में पेश किए गए मॉडल में देखने को मिलता था. बॉक्सी डिज़ाइन और पीछे की ओर मौजूद ग्लास पैनल पुराने सिएरा मॉडल की याद दिलाते हैं. नई अलॉय व्हील डिज़ाइन, फ्लश डोर हैंडल्स और मजबूत शोल्डर लाइन इसे और भी सॉलिड लुक देते हैं. टाटा सिएरा का रियर प्रोफाइल यानी का पीछे का हिस्सा इसे एक प्रॉपर एसयूवी डिज़ाइन देता है. इसके पिछले हिस्से में 'एंड टू एंड' कनेक्टेड एलईडी टेललैंप्स और ‘SIERRA’ बैजिंग दी गई है. जो एसयूवी को मॉडर्न और प्रीमियम अपील दे रही है. कंपनी का दावा है कि, इस एसयूवी में केबिन के साथ-साथ बूट में भी बेहतर स्पेस दिया गया है. ये एसयूवी 622 लीटर के लगेज स्पेस (डिग्गी) के साथ आती है. कैसा है एसयूवी का केबिन इसका इंटीरियर किसी भी मौजूदा टाटा कार से अलग और ज़्यादा लग्ज़रीयस दिखता है. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के वाइस प्रेसिडेंड और चीफ प्रोडक्शन ऑफिसर, मोहन सावरकर ने बताया कि "नई सिएरा में केबिन स्पेस का पूरा ख्याल रखा गया है. ये एसयूवी कमांड सीटिंग पोजिशन के साथ आती है. जहां मिड-साइज एसयूवी में ग्राउंड से ड्राइवर का आई प्वाइंट 1305 मिमी उंचा होता है वहीं सिएरा में ये हाईट 1344 मिमी है." सावरकर आगे बताते हैं कि, "सिएरा का सेकेंड-रो यानी दूसरी पंक्ति का स्पेस लग्ज़री एसयूवी मॉडलों से भी कहीं आगे है. इसमें बिना बूट स्पेस से कोई समझौता किए बिना आगे और पीछे की सीट के बीच में 316 मिमी का गैंगवे स्पेस दिया गया है. जिससे पीछे वाली सीट पर बैठे व्यक्ति को पर्याप्त लेगरूम मिलता है." टाटा सिएरा के केबिन में ट्रिपल-स्क्रीन सेटअप दिया गया है. जिसमें एक ड्राइवर डिस्प्ले, दूसरा इंफोटेनमेंट के लिए और तीसरी पैसेंजर स्क्रीन के रूप में दी गई है. लेयर्ड डैशबोर्ड पर ब्लैक ट्रिम और क्रोम फिनिश एसी वेंट्स इसे प्रीमियम फील देते हैं. ब्लैक-व्हाइट कलर थीम इसके प्रीमियम अपील को और भी बढ़ा देती है. वहीं, 4-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, गियर लीवर और क्लाइमेट कंट्रोल पैनल अन्य टाटा मॉडलों से लिया गया है. इंजन और परफॉर्मेंस टाटा सिएरा को कंपनी ने 3 इंजन के साथ 6 पावरट्रेन ऑप्शन में पेश किया है. जिसमें 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल डायरेक्ट इंजेक्शन (TGDi) हाईपेरियन इंजन, 1.5 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल रेवोट्रॉन इंजन, 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड डीजल कायरोजेट इंजन दिया गया है. इसका 1.5 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 160 पीएस की पावर और 255 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है. वहीं 1.5 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन 104 पीएस की पावर और 145 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है. इसके अलावा 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड कायरोजेट डीजल इंजन 118 पीएस की पावर और 200 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है.  इंजन और परफॉर्मेंस टाटा सिएरा को कंपनी ने 3 इंजन के साथ 6 पावरट्रेन ऑप्शन में पेश किया है. जिसमें 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल डायरेक्ट इंजेक्शन (TGDi) हाईपेरियन इंजन, 1.5 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल रेवोट्रॉन इंजन, 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड डीजल कायरोजेट इंजन दिया गया है. इसका 1.5 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 160 पीएस की पावर और 255 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है. वहीं 1.5 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन 104 पीएस की पावर और 145 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है. इसके अलावा 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड कायरोजेट डीजल इंजन 118 पीएस की पावर और 200 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है.  इंजन ऑप्शन-  इंजन             फ्यूल        क्षमता        पावर (पीएस)     टॉर्क (एनएम)  हाईपेरियन     पेट्रोल       1.5 लीटर      160                  255 रेवोट्रॉन         पेट्रोल       1.5 लीटर      104                  145 कायरोजेट     डीजल      1.5 लीटर       118                  200 मिलते हैं ये फीचर्स टाटा सिएरा का केबिन इसके एक्सटीरियर की तरह ही फीचर्स से भरपूर … Read more

मौसम ने ली खतरनाक करवट: पंजाब और हिमाचल में आज रात बढ़ेगा संकट, सावधानी बरतें

पंजाब  भारत की तरफ बड़ा संकट बढ़ता नजर आ रहा है, जिसमें पंजाब-हिमाचल भी शामिल है। जी हां, हाल ही में इथियोपिया में हुए ज्वालामुखी विस्फोट से निकली राख के भारत पहुंचने से हवा की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा, जिससे सावधान रहने की अपील की जा रही है। जानकारी के अनुसार इथियोपिया में हायली गुब्बी ज्वालामुखी (Hayli Gubbi volcano) लगभग 12,000 वर्षों की निष्क्रियता के बाद 23 नवंबर, 2025 को अचानक फट गया, जिससे राख और सल्फर डाइऑक्साइड का एक बड़ा गुबार निकला। इस विस्फोट ने आसपास के कई देशों, जिनमें यमन, ओमान और भारत के कुछ हिस्से शामिल हैं, में हवाई यात्रा और वायु गुणवत्ता को प्रभावित किया है। कहा जा रहा है कि   दरअसल, इसका सीधा-सीधा असर पंजाब-हिमाचल, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा पर पड़ेगा। गत रात दिल्ली में देर रात राख के बादल (जहरीली हवा) बढ़ते दिखाई दिए, जिस कारण कई फ्लाईट्स रद्द कर दी गई है।   वहीं DGCA ने एयरलाइंस को चेतावनी जारी कर राख वाले क्षेत्रों और ऊंचाइयों से दूर उड़ान भरने, रूट बदलने और इंजनों की जांच करने को कहा है।   भारत मौसम विभाग (IMD) ने कहा कि राख के बादल राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली में फैल चुका है और आज रात के समय राख का गुबार पंजाब और हिमाचल प्रदेश को प्रभावित कर सकते है। हालांकि  वैज्ञानिकों  का कहना है कि गुबार की ऊंचाई काफी ज्यादा है जिसका असर जनजीवन पर कम होगा । साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि ज्वालामुखी की राख भारत से रात तक निकल जाएगी और फिर चीन की तरफ बढ़ेगी। 

नवनिर्मित ‘पंचजन्य’ स्मारक राष्ट्र को समर्पित, प्रधानमंत्री मोदी व सीएम सैनी रहे उपस्थित

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य शंख ‘पंचजन्य’ के सम्मान में नवनिर्मित स्मारक का भव्य लोकार्पण किया. यह स्मारक महाभारत काल की ऐतिहासिक विरासत और आध्यात्मिक महत्व को समर्पित है. समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य शंख ‘पंचजन्य’ के सम्मान में नवनिर्मित स्मारक का भव्य लोकार्पण किया. यह स्मारक महाभारत काल की ऐतिहासिक विरासत और आध्यात्मिक महत्व को समर्पित है. समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे. इसके बाद पीएम नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष समारोह इस दौरे का प्रमुख आकर्षण है. पीएम गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे और उपस्थित जनसभा को संबोधित करेंगे. कुरुक्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए पूरा जिला हाई अलर्ट पर है. 14 IPS अधिकारी, 54 DSP और लगभग 5,000 पुलिसकर्मी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं. पुलिस की टीमें कार्यक्रम स्थलों, मार्गों और गीता महोत्सव परिसर की निगरानी कर रही हैं. DGP ओ.पी. सिंह ने सुबह व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर स्पष्ट निर्देश दिया कि पीएम की यात्रा के दौरान जरा भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. शहर भर में हाई-रेजोल्यूशन CCTV से निगरानी बढ़ा दी गई है, जबकि ड्रोन और ग्लाइडर के उड़ान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. ब्रह्मसरोवर में दर्शन-पूजन करेंगे पीएम दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री शाम 5:45 बजे ब्रह्मसरोवर में दर्शन-पूजन करेंगे. यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 के बीच हो रहा है, जिसके कारण कुरुक्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का माहौल और अधिक भव्य हो गया है. पीएम मोदी ने किया ‘पंचजन्य’ स्मारक का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरियाणा की पवित्र भूमि कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य शंख ‘पंचजन्य’ के सम्मान में नवनिर्मित स्मारक का भव्य लोकार्पण किया. यह स्मारक महाभारत काल की ऐतिहासिक विरासत और आध्यात्मिक महत्व को समर्पित है. समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे.