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गीता जयंती पर मध्यप्रदेश में 3 लाख गीता पाठी एक साथ करेंगे श्रीमद्भगवद्‌गीता का पाठ

इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में श्रीमद्भगवद्‌गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं नामों की घोषणा भोपाल माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गीता जयंती 1 दिसंबर 2025 को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के 313 विकासखंड, 55 जिला मुख्यालय तथा 10 संभागों में श्रीकृष्ण परंपरा के आचार्यों की सन्निधि में 3 लाख से अधिक गीताभक्तों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा प्रदत्त श्रीमद्भगवद्‌गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक सस्वर पाठ किया जायेगा। इस मौके पर विशेष आयोजन उज्जैन, भोपाल एवं इंदौर में आयोजित किये गये है। जिसमें इंदौर के राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में मध्यप्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी एवं माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थित में होगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में 16 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित हुई श्रीमद्भगवद्‌गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा भी की जायेगी। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को लेकर माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संस्कृति सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि गीता जयंती 1 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव भव्य स्तर पर मनाया जा रहा है यह महोत्सव न केवल आध्यात्मिक उत्कर्ष के प्रतीक हैं, बल्कि सांस्कृतिक जागरण का भी व्यापक साधन होगा। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती है। माननीय मुख्यमंत्रीजी के आह्वान पर गीता का संदेश प्रदेश के हर नागरिक तक पहुँचे ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं। यह महोत्सव समाज में ज्ञान, कर्तव्य, अनुशासन और सकारात्मकता का वातावरण बनाने का माध्यम बनेगा। उज्जैन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन, पहले दिन अभिनेता पुनीत इस्सर की प्रस्तुति संस्कृति सलाहकार ने बताया कि उज्जैन के दशहरा मैदान पर 1 से 3 दिसंबर सांस्कृतिक आयोजन किये जा रहे है। जिसमें पहले दिन अभिनेता पुनीत इस्सर द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका जय श्रीकृष्णा का मंचन होगा। दूसरे दिन नई दिल्ली की वैष्णवी शर्मा का काव्यपाठ विराटजयी तथा मुंबई के मोहित शेवानी एवं दल द्वारा कृष्णायन की सांगीतिक प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन उमेश तरकसवार द्वारा निर्देशित विश्ववंदनीय एवं बैंगलोर के डॉ. सलाउद्दीन पाशा द्वारा निर्देशित गीता ऑन व्हील्स की प्रस्तुति होगी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर लघु चित्र शैली में माधव दर्शनम् प्रदर्शनी को प्रदर्शित किया जा रहा है। भोपाल के रवीन्द्र भवन में दिव्यांग कलाकारों द्वारा गीता ऑन व्हील्स का मंचन भोपाल के रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार मोहित शेवानी के निर्देशन में कृष्णायन की प्रस्तुति होगी। यह प्रस्तुति भगवान श्रीकृष्ण और मध्यप्रदेश की कहानी पर केंद्रित है। आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए इस प्रस्तुति को आकर्षक एवं रोचक बनाने का प्रयास किया गया है। इसके पूर्व बैंगलोर के डॉ. सलाउद्दीन पाशा के निर्देशन में गीता ऑन व्हील्स जिसमें दिव्यांग कलाकार गीता के प्रसंगों को मंचित करेंगे तथा विश्व गीता प्रतिष्ठानम् की ओर से श्रीमद्भगवद्‌गीता नृत्य नाटिका की प्रस्तुति होगी। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्रीजी डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में दोपहर 1 बजे श्रीमद्भगवद्‌गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ एवं प्रदर्शनी का लोकार्पण होगा। प्रस्तुतियाँ शाम 6 बजे शुरू होंगी। इंदौर के गोपाल मंदिर में होंगे आयोजन संस्कृति सलाहकार ने जानकारी देते हुए कहा कि गीता जयंती पर माननीय मुख्यमंत्रीजी डॉ. मोहन यादव एवं हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इंदौर के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। माननीय मुख्यमंत्रीजी के आतिथ्य में मध्यप्रदेश के पहले गीता भवन-गोपाल मंदिर का लोकार्पण किया जायेगा तथा मध्यप्रदेश में 16 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित हुई श्रीमद्भगवद्‌गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा की जायेगी। पुरस्कारों का वितरण गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के मौके पर होगा। इस अवसर पर संजीव मालवीय निर्देशित नृत्य नाटिका कृष्णायन की प्रस्तुति होगी। इसके पूर्व माननीय मुख्यमंत्रीजी श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।

दिल्ली की हवा में सुधर के संकेत, AQI गिरा—एनसीआर का प्रदूषण स्तर कैसा?

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 222 दर्ज किया गया, जिसे 'खराब' श्रेणी में रखा गया है। इसी तरह, आईटीओ में भी एक्यूआई 269 तक पहुंच गया है, जो गंभीर वायु प्रदूषण का संकेत है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए इन आंकड़ों ने राजधानीवासियों की चिंता बढ़ा दी है। सर्दियों के आगमन के साथ ही दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या हर साल गहराती जाती है। विभिन्न कारकों, जैसे वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल, और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं के कारण हवा की गुणवत्ता तेजी से गिरती है। इस वर्ष भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे पर्यटक आकर्षणों और सरकारी प्रतिष्ठानों वाले क्षेत्रों में जहरीले स्मॉग की चादर बिछ जाना, इस बात का प्रमाण है कि समस्या कितनी विकट हो चुकी है। 7 दिन बाद 8 डिग्री के नीचे गिरेगा पारा, बढ़ेगी ठिठुरन राजधानी में आने वाले दिनों में न्यूनतम पारा 8 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंचेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इस बीच मौसम साफ रहने का अनुमान है। हालांकि, सुबह में हल्की से मध्यम धुंध या कोहरा देखने को मिल सकता है। 4 से 5 दिसंबर तक तापमान में बदलाव आएगा, जो 7 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। राजधानी में खिली धूप के बाद भी ठिठुरन बढ़ गई है। ऐसे में न्यूनतम के साथ-साथ अब अधिकतम तापमान में भी गिरावट है। शनिवार को सुबह से ही मौसम में ठंडक थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे दिन में सूरज की गर्मी का हल्का अहसास हुआ। इसी बीच अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा। भारत के मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो मौसम के औसत से 0.1 डिग्री अधिक है। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 100 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 36 प्रतिशत रही। वहीं, रिज सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम पारा 9.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी का अनुमान है कि रविवार को सुबह धुंध व कोहरे के साथ आसमान साफ रहेगा। तेज बयार से प्रदूषण में आया कुछ सुधार राजधानी में हवा की तेज गति से वायु प्रदूषण में कुछ कमी आई है। शनिवार सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे के बीच आसमान में स्मॉग की हल्की चादर भी दिखाई दी। कम दृश्यता के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 305 दर्ज किया गया जो यह हवा की बेहद खराब श्रेणी में रही। इसमें शुक्रवार की तुलना में 64 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को एनसीआर में इतना रहा प्रदूषण का स्तर एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 310 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा में 288, गाजियाबाद में 299 और गुरुग्राम में 262 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 212 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 18.78 फीसदी रहा। इसके अलावा पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण 1.26, निर्माण गतिविधियों से 2.88, पेरिफेरल उद्योग से 4.38 और आवासीय इलाकों की भागीदारी 4.83 फीसदी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शनिवार को हवा उत्तर से उत्तर पश्चिम दिशा से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1250 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6900 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 257.6 और पीएम2.5 की मात्रा 140.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि मंगलवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

विश्वरंग की सुर–संध्या में सोना महापात्रा का जलवा, दर्शकों ने जमकर सराहा

भोपाल विश्वरंग – टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव 2025 के समापन दिवस पर सांस्कृतिक सत्र में देश की चर्चित गायिका *सोना महापात्रा* की शानदार गायकी ने दर्शकों को भाव–विभोर कर दिया। रवीन्द्र भवन के मुक्ताकाश में आयोजित इस विशेष सिंगिंग परफॉर्मेंस में उन्होंने लोक, सूफी और कंटेंपररी बॉलीवुड म्यूजिक की रंगीन छटा बिखेरते हुए लगातार एक के बाद एक यादगार प्रस्तुतियाँ दीं। सोना महापात्रा ने अपने लोकप्रिय गीत *“बेदर्दी राजा”* से कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसे सुनते ही युवा दर्शक उत्साह में झूम उठे। इसके बाद उन्होंने शक्ति, भक्ति और शास्त्रीय रंग से सराबोर *“आई गिरी नंदिनी”* की सशक्त प्रस्तुति दी, जिसने सभागार में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया। सूफी परंपरा की अमर रचना *“छाप तिलक सब छीनी…”* में उनकी भावपूर्ण गायकी ने प्रेम और समर्पण की अनुभूति को गहराई से उकेरा। श्रोताओं ने इस प्रस्तुति को पूरे मन से सराहा। इसके बाद रोमांटिक और संवेदनशील स्वरों में उन्होंने *“जिया लागे ना…”* गाकर माहौल को भावुकता से भर दिया। भक्तिरस से ओत–प्रोत *“नारायण राम रमणा…”* की प्रस्तुति ने दर्शकों को भक्ति के संगीत–सागर में डुबो दिया। कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण शिखर तब आया जब सोना महापात्रा ने सुपरहिट गीत *“अम्बर सरिया…”* प्रस्तुत किया। इस गीत पर सभागार में मौजूद श्रोता स्वतः ही तालियों और झूमते कदमों के साथ सुर में सुर मिलाते नजर आए।

बलौदाबाजार-भाटापारा में 26,400 पीएम आवास निर्माण के लिए स्वीकृति, 2025-26 में तेजी से विकास

25 हजार 580 हितग्राहियों को पहली किश्त की राशि जारी ग्राम पंचायतों में आवास चौपाल का आयोजन रायपुर, प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को पक्का मकान प्रदान करने का क्रांतिकारी कदम है जो ना केवल आवास की कमी को दूर करती है बल्कि ग्रामीण जीवन को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों को शीघ्र प्रारंभ कराने एवं समय-सीमा में पूर्ण कराने कलेक्टर बलौदाबाजार के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी  के मार्गदर्शन में सभी ग्राम पंचायतो में आवास चौपाल का आयोजन कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 26 हजार 400 आवास निर्माण स्वीकृत           प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2025-26 हेतु जिले में 26 हजार 400 आवास निर्माण को स्वीकृत किया गया, जिसमें से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्योत्सव के अवसर पर 25 हजार 580 हितग्राहियों के खाते में पहली किश्त की राशि जारी की गई। आवास चौपाल का आयोजन सभी ग्राम पंचायतों में तकनीकी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है, जिसमे, सभी नवीन स्वीकृति उपरांत राशि प्राप्त आवास के हितग्राही, पूर्व वर्षाे के स्वीकृति उपरांत अपूर्ण आवास के हितग्राही, राजमिस्त्री, निर्माण, सामाग्री सप्लायर, सरपंच, सचिव एवं अन्य संबंधित शामिल होते हैं। आवास चौपाल का उद्देश्य कनीकी जानकारी उपलब्ध कराना           आवास निर्माण की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना। रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कराना।  सौर सुजला के तहत सौर पैनल लगवाने की जानकारी देना शामिल है। वर्ष 2025-26 में प्रथम क़िस्त जारी 25 हजार 580 आवास के हितग्राहियों को क़िस्त जारी किए गए हैं। सभी आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ कराना। योजना के तहत कन्वर्जेन्स के माध्यम से मिलने वाले अन्य लाभ का जानकारी देना।  राजमिस्त्री एवं निर्माण सामग्री की उपलब्धता पर पंचायतों में आवास चौपाल में चर्चा की जा रही है ।  अब तक बलौदाबाजार में 56, भाटापारा 34, कसडोल में 24 और पलारी 22 पंचायतों में आवास चौपाल करा किया गया है। इस चौपाल में पूर्व वर्षाे के आवासों को जल्दी पूर्ण कराना। योजना पूर्णतः निःशुल्क अनाधिकृत वसूली से सावधान          प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण पारदर्शी और निःशुल्क योजना है जहां किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नही लिया जाता। कलेक्टर बलौदाबाजार ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत वसूली, कमीशन या सुविधा शुल्क की मांग नहीं कर सकता। यदि कोई ब्यक्ति आवास पास करान,े क़िस्त जल्दी दिलाने या अन्य किसी बहाने से पैसा की मांग करता है, अनाधिकृत वसूली करने पर, तत्काल शिकायत जनपद पंचायत सीईओ, सीईओ जिला पंचायत या कलेक्टर कार्यालय में दर्ज करायें। ऐसे मामलों का त्वरित जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

‘सीनियर’ टैग का मतलब यह नहीं कि… सुप्रीम कोर्ट ने सुनाई दो-टूक हिदायत

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर वकीलों को किसी भी बेंच के समक्ष मामलों का मौखिक उल्लेख करने पर रोक लगा दी है। यह फैसला हाल के महीनों में अनौपचारिक रूप से अपनाई जा रही प्रथा को औपचारिक रूप प्रदान करने वाला है। कोर्ट ने स्थगन और तत्काल मामलों की लिस्टिंग के लिए प्रक्रिया निर्धारित करने वाला एक सर्कुलर जारी किया है। इसके अनुसार, जमानत या जमानत रद्द करने, मृत्युदंड, हेबियस कॉर्पस, विध्वंस या अंतरिम राहत से संबंधित सभी नए मामले अगले 2 कार्य दिवसों के भीतर लिस्ट किए जाएंगे। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि किसी भी कोर्ट के समक्ष मौखिक उल्लेख के लिए किसी सीनियर वकील को इजाजत नहीं दी जाएगी। इसके बजाय, युवा जूनियर वकीलों को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। अत्यंत तत्काल प्रकृति के मामले में क्या होगा अगर कोई मामला अत्यंत तत्काल प्रकृति का हो, जैसे अग्रिम जमानत, मृत्युदंड, हेबियस कॉर्पस, बेदखली या विध्वंस से जुड़ा और निर्धारित तारीख पर लिस्टिंग का इंतजार न कर सके, तो प्रोफॉर्मा के साथ एक पत्र अधिकारी को सुबह 10:30 बजे से पहले सौंपना होगा। अनावश्यक स्थगनों को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से भी कोर्ट ने निर्देश दिए। एससी की ओर से कहा गया कि मामले का स्थगन केवल परिवार में मृत्यु, अधिवक्ता या पक्षकार-व्यक्ति की चिकित्सा, स्वास्थ्य स्थिति या कोर्ट को संतुष्ट करने वाले अन्य वास्तविक कारणों के मामलों में ही स्वीकार किया जाएगा। यह कदम न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया है, जिससे तत्काल मामलों का निपटारा तेजी से हो सके।  

संसद का शीतकालीन सत्र तपा देने को तैयार—FIR से लेकर SIR तक बढ़ेगी राजनीतिक गर्मी

नई दिल्ली  संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। केंद्र तथा विपक्ष के बीच दो बड़े मुद्दों पर गतिरोध पैदा होने की संभावना है। गांधी परिवार के खिलाफ नेशनल हेराल्ड केस में नई FIR और चुनाव आयोग (ECI) द्वारा चल रहा वोटर लिस्ट का विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने होंगे। चूंकि सत्र 19 दिसंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए संभावित व्यवधानों से सरकार के विधायी एजेंडे पर खतरा मंडरा रहा है।   दिल्ली पुलिस की अपराध नियंत्रण विभाग द्वारा सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की गई नई FIR में 2,000 करोड़ की संपत्ति वाली एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को यंग इंडियन के माध्यम से धोखाधड़ी से हासिल करने का आरोप है। FIR में यह भी दावा किया गया है कि कुछ अधिकारियों ने हेराफेरी की है। इसके लिए जाली बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और नकली शिक्षण अनुभव प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा दी गई। कांग्रेस अब संसद में इस मुद्दे पर सरकार को निशाना बनाने की तैयारी में है। एसआईआर पर विपक्ष एकजुट तृणमूल कांग्रेस (TMC), DMK और समाजवादी पार्टी (SP) ने विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास का कड़ा विरोध करने का निर्णय लिया है। टीएमसी का आरोप है कि SIR का दुरुपयोग मतदाता सूचियों में छेड़छाड़ और अगले साल चुनाव वाले पश्चिम बंगाल में बूथों की संख्या को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR को केंद्र का "षड्यंत्र" बताया है। डीएमके का कहना है कि अगले साल तमिलनाडु में चुनाव है। इससे पहले एसआईआर के जरिए हेराफेरी की जा रही है। समाजवादी पार्टी ने विशेष अभियान में कथित अनियमितताओं को उठाया है और इस मामले को संसद में जोर-शोर से उठाने की योजना बना रही है। अन्य विपक्षी दलों विशेष रूप से कांग्रेस और CPI(M) ने भी SIR को अराजकता और बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) पर असहनीय दबाव का कारण बताया है, जिसकी वजह से कुछ BLOs की मौत भी हुई है। वहीं, केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि SIR मुद्दा संसद के पटल पर गैर-परक्राम्य है। सरकार का तर्क है कि यह चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया है और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जा रही है। सरकार ने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सरकार परमाणु ऊर्जा, उच्च शिक्षा, कॉर्पोरेट कानून और प्रतिभूति बाजार से जुड़े 10 प्रमुख विधेयक पेश करने की तैयारी में है। सरकार 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा प्रस्तावित करना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने 1937 में गीत की कई पंक्तियों को हटा दिया था। उन्होंने इसे ऐसा कार्य बताया जिसने विभाजन के बीज बोए थे। कांग्रेस ने PM मोदी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह रवींद्रनाथ टैगोर की सिफारिशों पर किया गया था, ताकि गीत की धर्मनिरपेक्ष अपील और समावेशिता बनाए रखी जा सके। मूल गीत के वे छंद हटा दिए गए थे, जिनमें राष्ट्र को हिंदू देवी-देवताओं दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती के रूप में चित्रित किया गया था।  

सिंधु सभ्यता पर बड़ा खुलासा: IIT शोध में सामने आई विनाश की असली वजह

नई दिल्ली  उन्नत, समृद्ध और बेहद रहस्यमय मानी जाने वाली प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता के निशान भारत और पाकिस्तान में पाए जाते हैं। यह आज भी रहस्य बना हुआ है कि आखिर इतनी उन्नत सभ्यता गायब कैसे हो गई? हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, लोथल और राखीगढ़ी तक इस सभ्यता के नमूने पाए गए हैं। सभ्यता के खात्मे को लेकर अब तक कई तरह के दावे किए गए हैं। इनमें महामारी, बाढ़, भूकंप और उल्कापात जैसी कई बातें की जाती रही हैं। अब आईआईटी गांधीनगर के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि लंबे समय तक सूखे के प्रकोप के चलते यह सभ्यता नष्ट हो गई।   सिंधु घाटी सभ्यता को सिंधु-सरस्वती सभ्यता के नाम से भी जानते हैं। यह सभ्यता 5000 से 3500 ईसा पूर्व तक फलती-फूलती थी। यह सभ्यता अपने शहरों के लिए जानी जाती है। खुदाई में मिले अवशेषों और शहरों को देखकर पता चलता है कि उनके शहर और पानी निकासी का सिस्टम और सड़कें कितनी उन्नत थीं। इसके अलावा वे धातु का भी उपयोग जानते थे। रोजमर्रा के इस्तेमाल में मिट्टी के बर्तन ही लाए जाते थे। इस सभ्यता के लोग खेती पर निर्भर थे और वे अनाज को लंबे समय तक सुरक्षित रखना भी जानते थे। आईआईटी गांधीनगर में विमल मिश्रा की अगुआई में शोध में पाया गया कि इस सभ्यता को लगातार सूखे का सामना करना पड़ा। सभ्यता का पतन अचानक नहीं हुआ बल्कि यह धीरे-धीरे समाप्त हो गई। 11 पन्ने के रिसर्च पेपर में दावा किया गया है कि पानी की कमी की वजह से ही बहुत सारे लोगों की मौत हो गई और कुछ पलायन भी कर गए। सिंधु सभ्यता सिंधु नदी पर ही आधारित थी। इस पानी से वे खेती करते थे। मॉनसून और मौसम की गतिविधियों में परिवर्तन की वजह से बारिश में 10 से 20 फीसदी की गिरावट आ गई थी। वहीं औसत तापमान 0.5 डिग्री बढ़ गया। 85 साल में कम से कम चार बेहद गंभीर सूखे पड़े। एक बार तो 164 साल का सूखा पड़ गया जिसमें सभ्यता नष्ट हो गई। नदियों में पानी की कमी बारिश कम होने की वजह से नदियां भी सूखने लगी थीं। आर्कियो बोटैनिकल तथ्यों के मुताबिक पानी की कमी की वजह से सिंधु सभ्यता के लोगों ने गेहूं और अन्य अनाजों को छोड़कर दूसरी फसलों को उगाने की कोशिश की लेकिन वे नाकामयाब हो गए। पुरानी झीलों और गुफाओं के सर्वे से पता चलता है कि इस क्षेत्र में पानी की तेजी से कमी हो रही थी। लगभग दो शताब्दी तक चले सूखे ने पूरी सभ्यता को हिलाकर रख दिया। धीरे-धीरे बड़े-बड़े शहर छोटे कबीलों में बदल गए। रिसर्च में पाया गया है कि उत्तरी अटलांटिक में ठंड बढ़ने से भारत का मॉनसून कमजोर होने लगा था। प्रशांत और हिंद महासागर का तापमान बढ़ने की वजह से बारिश कम होने लगी। समुद्र गर्म होने की वजह से धरती से तापमान का अंतर कम हो गया और मॉनसून कमजोर होने लगा। ऐसे में मौसम पूरी तरह बदल गया। लोग कम बारिश की वजह से सिंधु नदी के पास ही बसने लगे। धीरे-धीरे कम होती आबादी, कृषि की बर्बादी और खाद्यान्न की कमी की वजह से सभ्यता का पतन होता चला गया।  

PM मोदी के समक्ष IIM रायपुर में सुरक्षा मंथन, DGP–IG सम्मेलन का अंतिम दिन

रायपुर नवा रायपुर स्थित IIM रायपुर परिसर में चल रहा 60वां अखिल भारतीय DGP–IG सम्मेलन आज अपने अंतिम चरण में पहुंच गया। तीसरे दिन का कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति के साथ शुरू हुआ। सुबह उन्होंने 6 बजे योग का अभ्यास किया, जिसके बाद 8:30 बजे सभी अधिकारियों के साथ सामूहिक फोटो लिया गया। लगभग 9 बजे ब्रेकफास्ट के दौरान पीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों से अनौपचारिक बातचीत की। करीब 10 बजे से औपचारिक बैठकें प्रारंभ हुईं। पहले सत्र में पुलिस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और इसके भविष्य पर चर्चा हुई। इसके बाद दूसरे सत्र में वैश्विक परिदृश्य में उभरते जियो-पॉलिटिकल चुनौतियों पर गहन विमर्श किया गया। दोपहर में टी ब्रेक के तुरंत बाद R&AW द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा, बाहरी खतरों और बदलते सुरक्षा ढांचे पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। दोपहर बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेलीगेट्स, अवार्ड प्राप्त अधिकारियों और विशेष आमंत्रितों से मुलाकात की। इस दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक सम्मानित किया गया। लगभग 3 बजे शहरी पुलिसिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को पुरस्कार दिया गया, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित किया। प्रधानमंत्री के भाषण व फोटो सेशन के उपरांत वे करीब 4 बजे IIM रायपुर से प्रस्थान करेंगे। अगले सत्र में पुलिस स्पोर्ट्स और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। लगभग 5:10 बजे तीन दिवसीय सम्मेलन का औपचारिक समापन होगा। यह सम्मेलन देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और परिचालन चुनौतियों पर खुलकर संवाद करने का मंच देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से इस आयोजन को नए आयाम दिए हैं, जिसके कारण इसे देश के अलग-अलग स्थलों पर अधिक व्यापक और सहभागी रूप में आयोजित किया जा रहा है। गुवाहाटी, कच्छ, हैदराबाद, टेकनपुर, केवड़िया, पुणे, लखनऊ, नई दिल्ली, जयपुर और भुवनेश्वर जैसे शहर इस आयोजन की मेजबानी कर चुके हैं।

मन की बात 128वां संस्करण: पीएम मोदी ने साझा किए प्रमुख विचार और संदेश

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 128वें संस्करण को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कई अहम मुद्दों पर बात की, जिनमें राम मंदिर धर्म ध्वज फहराने से लेकर इंसानी सहनशक्ति परखने वाले खेलों (एंड्यूरेंस स्पोर्ट्स) की चर्चा शामिल है। तो आइए जानते हैं कि पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें- प्रधानमंत्री ने कहा कि नवंबर का महीना बहुत सी प्रेरणाएं लेकर आया, जिनमें संविधान दिवस का आयोजन, वंदे भारत पर आयोजित कार्यक्रम और राम मंदिर पर धर्म ध्वज का आरोहण शामिल है। पीएम मोदी ने कुरुक्षेत्र में ज्योतिसर में पांचजन्य स्मारक के लोकार्पण का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने जम्मू कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में वन तुलसी यानी सुलाई के फूलों से बने शहद का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि यह सफेद रंग का शहद होता है, जिसे रामबन सुलाई शहद कहा जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस शहद को जीआई टैग भी मिल चुका है। उन्होंने कहा 'आज भारत शहद उत्पादन में नए रिकॉर्ड बना रहा है। आज भारत में शहद उत्पादन डेढ़ लाख मीट्रिक टन से ज्यादा हो गया है। इससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। इससे देश के कोनों में शहद की मिठास भी बढ़ रही है और ये मिठास किसानों की आय भी बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने जामनगर के राजा दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा को याद किया। उन्होंने कहा भारत की महान संस्कृति में शांति और करुणा का भाव सर्वोपरि रहा है। दूसरे विश्वयुद्ध के समय जब चारों ओर भय का माहौल था। उस वक्त जामनगर के जामसाब राजा दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा ने विश्वयुद्ध के बीच यहूदी बच्चों की रक्षा की। उन्होंने तब गुजरात में हजारों यहूदी बच्चों को शरण देकर उनकी रक्षा की, जो आज भी मिसाल है। पिछले साल पोलैंड के वारसॉ में मुझे जामसाब की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने का मौका मिला था, जो मेरे लिए अविस्मरणीय पल रहा। पीएम मोदी ने कहा कि 2 दिसंबर से काशी के नमो घाट पर काशी-तमिल संगमम के चौथे संस्करण की शुरुआत हो रही है। यह उन सभी लोगों के एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है, जिन्हें तमिल भाषा से प्यार है। इस बार भी काशी वासी पूरे जोश और उत्साह के साथ तमिलनाडु से आने वाले अपने भाई-बहनों का स्वागत करने के लिए उत्सुक है। इसके साथ ही ऐसे और मंचों के बारे में सोचे, जिनसे एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना मजबूत हो। प्रधानमंत्री ने कहा 'मुंबई में INS 'माहे' को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। कुछ लोगों के बीच इसके स्वदेशी डिजाइन को लेकर खूब चर्चा रही। वहीं, पुडुचेरी और मालाबार तटीय इलाकों के लोग इसके नाम से ही खुश हो गए। दरअसल इसका 'माहे' नाम उस स्थान माहे के नाम पर रखा गया है, जिसकी एक समृद्ध ऐतिहासिक विरासत रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी नौसेना तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही है। 4 दिसंबर को हम नौसेना दिवस मनाने जा रहे हैं। ये दिन हमारे बहादुर नौसेना जवानों को सम्मान देने का अवसर है। पीएम मोदी ने नौसेना से जुड़े संग्रहालय जाने की लोगों से अपील की। प्रधानमंत्री ने देश में विंटर टूरिज्म की असीम संभावनाओं पर बात की। उन्होंने कहा 'इन दिनों उत्तराखंड का विंटर टूरिज्म लोगों को आकर्षित कर रहा है। कई जगह लोगों के बीच खूब प्रसिद्ध हो रही हैं। हाल ही में आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड मैराथन रन का आयोजन किया गया। 60 किलोमीटर लंबा आदि कैलाश रन कड़कड़ाती सर्दी में सुबह 5 बजे हुआ था। आदि कैलाश की यात्रा पर जहां तीन साल पहले तक दो हजार तक पर्यटक आते थे, आज यह संख्या बढ़कर 30 हजार तक पहुंच गई है।' पीएम मोदी ने वोकल फॉर लोकल की भावना को मजबूत करने की देशवासियों से अपील की और बताया कि हाल ही में जी20 सम्मेलन में उन्होंने दुनियाभर के नेताओं को जो उपहार दिए, वे भारतीय कारीगरों ने तैयार किए थे। पीएम मोदी ने कहा कि 'मुझे खुशी है कि वोकल फॉर लोकल की भावना को देशवासियों ने अपना लिया है। हाल के त्योहारों की खरीद में लोगों ने मन से भारत के उत्पादों को चुना। इस बार युवाओं ने भी वोकल फॉर लोकल के अभियान को गति दी। आगामी क्रिसमस के समय भी वोकल फॉर लोकल की भावना का ध्यान रखें।' प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों के लिहाज से भी ये महीना भारत के लिए सुपरहिट रहा। पहले महिला टीम ने वर्ल्ड कप जीता। कुछ दिनों पहले ही बधिर ओलंपिक में 20 मेडल जीते। हमारी महिला टीम ने कबड्डी वर्ल्ड कप जीता। वर्ल्ड बॉक्सिंग में भी हमारे खिलाड़ियों ने 20 पदक जीते। हमारी ब्लाइंड महिला टीम ने बिना कोई मैच हारे वर्ल्ड कप जीता। इस टीम का हौसला और जज्बा हमें बहुत कुछ सिखाता है। ये जीत हर भारतीय को प्रेरित करती रहेगी। प्रधानमंत्री ने देश में एंड्युरेंस स्पोर्ट्स यानी सहनशक्ति की परीक्षा लेने वाले खेलों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता पर बात की। उन्होंने कहा आजकल हमारे देश में एंड्युरेंस स्पोर्ट्स की संस्कृति तेजी से उभर रही है। इससे मतलब ऐसी गतिविधियों से है, जिनमें इंसानी क्षमता की परख होती है। मुझे बताया गया है कि देशभर में हर महीने 1500 से ज्यादा एंड्युरेंस स्पोर्ट्स का आयोजन होता है, जिसमें हिस्सा लेने के लिए एथलीट्स दूर-दूर तक जाते हैं। इसका उदाहरण है आयरनमैन जिसमें समुद्र में चार किलोमीटर तक तैरना, 180 किलोमीटर की साइकिल चलाना और 82 किलोमीटर तक मैराथन करना जैसे काम एक दिन में करने होते हैं। ऐसी कई और प्रतियोगिताएं हैं, जो युवाओं में काफी लोकप्रिय हो रही हैं। इनसे फिटनेस को बढ़ावा मिलता है। 

मुस्लिम पत्रकार के घर बुलडोजर चलने पर डिप्टी CM का बड़ा बयान—‘हमने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया’

जम्मू और कश्मीर जम्मू और कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शनिवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से जम्मू विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा पत्रकार अरफज डैंग के पिता का घर गिराए जाने की घटना की जांच का आदेश देने का आग्रह किया। चौधरी ने इस कार्रवाई को चुनिंदा और प्रतिशोधी बताते हुए इसमें शामिल अधिकारियों को निलंबित करने की भी मांग की। पत्रकार के परिवार से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए चौधरी ने सवाल उठाया कि इस विध्वंस के लिए कौन जिम्मेदार है, जबकि निर्वाचित सरकार ने इसका आदेश नहीं दिया था।   चौधरी ने एलजी को संबोधित करते हुए कहा, "पुलिस, जिसने विध्वंस के लिए समर्थन दिया, वह आपकी थी। जेडीए के उपाध्यक्ष आपके द्वारा नियुक्त किए गए हैं। अगर आप कहते हैं कि यह विध्वंस आपके आदेश पर नहीं किया गया, तो इन अधिकारियों ने एलजी या मुख्यमंत्री से पूछे बिना इसे करने की हिम्मत कैसे की?" उन्होंने कहा, "हम निर्वाचित सरकार, खुले तौर पर कह रहे हैं कि हमने इसका आदेश नहीं दिया। उमर अब्दुल्ला सरकार के उपमुख्यमंत्री कह रहे हैं कि यह जम्मू-कश्मीर सरकार की मंजूरी से नहीं किया गया है।" उपमुख्यमंत्री ने मांग की कि एलजी विध्वंस की जांच का आदेश दें और पता लगाएं कि यह किसके आदेश पर किया गया था। उन्होंने जेडीए उपाध्यक्ष से जवाब मांगा कि विध्वंस का आदेश किसने दिया और कहा कि मुख्यमंत्री की सहमति के बिना यह कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर जवाबदेही सख्ती से तय की जाएगी। चौधरी ने वरिष्ठ भाजपा नेता रविंदर रैना के उस कथित दावे का जिक्र किया जिसमें उन्होंने एलजी से बात करने के बाद विध्वंस आदेश जारी करने से इनकार कर दिया था। चौधरी ने सच्चाई जानने के लिए भाजपा नेता के मोबाइल फोन के कॉल डेटा रिकॉर्ड को र्प्राप्त करने की मांग की। JDA ने गुरुवार को ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में एक अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान 72 वर्षीय गुलाम कादिर डैंग के एक मंजिला घर को ध्वस्त कर दिया था। निवासियों ने दावा किया कि वे पिछले चार दशकों से वहां रह रहे थे और उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। चौधरी ने कहा कि निर्वाचित सरकार न तो कमजोर है और न ही असहाय और वह पत्रकारों या गरीबों को निशाना बनाने वाले चुनिंदा या प्रतिशोधी उपायों की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने बताया कि वह मुख्यमंत्री के निर्देश पर आए थे ताकि लोगों को यह बता सकें कि हमारी सरकार कभी भी सस्ते या बदले की रणनीति नहीं अपनाएगी। उन्होंने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) को दबाने की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा, "अगर कोई सोचता है कि वे जम्मू-कश्मीर को उत्पीड़न और दमन से चला सकते हैं, तो यह लंबे समय तक नहीं चलेगा।"