samacharsecretary.com

क्यों किया सेना ने एंड्रॉयड को प्रतिबंधित? अब अनिवार्य होगा iPhone का इस्तेमाल

इजरायल इजरायल की सेना (IDF) ने अपने बड़े अफसरों के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब लेफ्टिनेंट कर्नल और उससे ऊपर के रैंक के सभी कमांडर सिर्फ आईफोन ही इस्तेमाल कर सकेंगे। एंड्रॉयड फोन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सेना का कहना है कि एंड्रॉयड फोन में हैकिंग का खतरा ज्यादा है। दुश्मन आसानी से इन फोन्स को हैक करके निजी जानकारी चुरा सकते हैं। पिछले कुछ सालों में इजरायल के सैनिकों को 'हनी ट्रैप' का शिकार बनाया गया है। इसमें खूबसूरत लड़कियों के फेक अकाउंट से चैट शुरू की जाती है और फिर फोन में वायरस डाल दिया जाता है। इससे सैनिकों की लोकेशन और दूसरी जरूरी जानकारी लीक हो जाती है। सिर्फ आईफोन ही क्यों? यह खबर इजरायल के आर्मी रेडियो ने सबसे पहले दी, जिसे जेरूसलम पोस्ट ने भी छापा। रिपोर्ट में बताया गया कि आईफोन को सेना ज्यादा सुरक्षित मान रही है क्योंकि यह एक क्लोज सिस्टम है। इसमें बाहर के ऐप आसानी से नहीं डाले जा सकते। ऐपल कंपनी हर चीज पर सख्ती से नजर रखती है। जबकि एंड्रॉयड में हजारों कंपनियां फोन बनाती हैं और कोई भी ऐप डाउनलोड करना आसान है। इसी वजह से वायरस और स्पाईवेयर का खतरा ज्यादा रहता है। इजरायल को गूगल पिक्सल भी रास नहीं आया हाल ही में गूगल ने बड़ा दावा किया था कि उसका पिक्सल फोन आईफोन से भी ज्यादा सुरक्षित है। अमेरिका की सेना ने भी पिक्सल फोन को मंजूरी दे दी थी। गूगल ने कहा था कि उसके फोन में खास सुरक्षा फीचर हैं जो सरकारी काम के लिए बेस्ट हैं। लेकिन इजरायल की सेना ने इन दावों को नजरअंदाज कर दिया और सिर्फ आईफोन को चुना। पहले से चल रही थी तैयारी यह फैसला एकदम से नहीं लिया गया। पहले भी सेना ने अपने अफसरों को ट्रेनिंग दी थी कि फेक मैसेज और कॉल से कैसे बचें। हिजबुल्लाह जैसे दुश्मन संगठनों के हनी ट्रैप का ड्रामा भी करवाया गया था ताकि सैनिक सतर्क रहें। अब फोन का नियम और सख्त कर दिया गया है। निजी इस्तेमाल में छूट, सरकारी काम में सख्ती नए नियम के मुताबिक एंड्रॉयड फोन पूरी तरह बैन नहीं हुए हैं। अफसर अपना निजी फोन एंड्रॉयड ही रख सकते हैं। लेकिन सेना के किसी भी काम, मीटिंग या गोपनीय बात के लिए सिर्फ आईफोन इस्तेमाल करना जरूरी होगा। सेना की तरफ से दिए जाने वाले फोन भी अब सिर्फ आईफोन ही होंगे। एंड्रॉयड ने बहुत सुधार किया, फिर भी पीछे पिछले दो साल में गूगल ने एंड्रॉयड को काफी सुरक्षित बनाया है। अब अगले साल से बाहर के ऐप डालने पर और सख्ती आने वाली है। फिर भी आईफोन का बंद इकोसिस्टम अभी भी सबसे सुरक्षित माना जा रहा है। खासकर सेनाओं और सरकारी कामों के लिए। एंड्रॉयड से कहीं आगे है आईफोन? यह फैसला सिर्फ इजरायल की सेना तक सीमित नहीं है। दुनिया की दूसरी सेनाएं और खुफिया एजेंसियां भी देख रही हैं। अगर कोई देश अपने टॉप अफसरों के लिए सिर्फ आईफोन चुनता है तो यह ऐपल के लिए बड़ी जीत है और गूगल के लिए झटका। स्मार्टफोन की सुरक्षा की जंग में आईफोन अभी आगे निकल गया लगता है।

दिसंबर 2025 के शुभ विवाह मुहूर्त: कब-कब बजेंगी शहनाइयां?

दिसंबर 2025, वर्ष का अंतिम महीना, विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए बहुत ही शुभ और विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय मौसम भी अनुकूल रहता है और त्योहारों का उत्साह भी रहता है। हालांकि, दिसंबर में विवाह के लिए शुभ मुहूर्तों की संख्या अन्य महीनों की तुलना में कम हो सकती है क्योंकि महीने के मध्य में खरमास शुरू होने की संभावना होती है। हिंदू पंचांग और ज्योतिष गणना के आधार पर, यहां जानें दिसंबर 2025 में विवाह की शुभ तिथियां और मुहूर्त- दिसंबर में विवाह के लिए शुभ तिथियां पंचांग के अनुसार, दिसंबर 2025 में विवाह के लिए निम्नलिखित तिथियां अत्यंत शुभ और मांगलिक मानी जा रही हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार केवल 3 मुहूर्त हैं- तिथियां 4 दिसंबर 2025    गुरुवार 5 दिसंबर 2025    शुक्रवार 6 दिसंबर 2025    शनिवार मुहूर्त का महत्व हिंदू धर्म में विवाह को एक पवित्र संस्कार माना जाता है और इसका सफल होना बहुत हद तक सही मुहूर्त पर निर्भर करता है। विवाह मुहूर्त के लिए तिथि, वार, नक्षत्र, योग, और करण आदि का विशेष ध्यान रखा जाता है। सर्वमान्य शुभ मुहूर्त (4, 5, और 6 दिसंबर): दिसंबर के पहले सप्ताह में पड़ने वाले ये तीन दिन विवाह के लिए सबसे शुभ और दोषरहित माने जा रहे हैं। इन तिथियों पर ग्रह-नक्षत्रों का विशेष संयोग बन रहा है, जो वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और अटूट प्रेम लाता है। 4 दिसंबर (गुरुवार): इस दिन का मुहूर्त विवाह के लिए अत्यंत शुभ है। 5 दिसंबर (शुक्रवार): शुक्र ग्रह प्रेम, विवाह और दांपत्य सुख का कारक माना जाता है। शुक्रवार का दिन होने के कारण यह मुहूर्त और भी मंगलकारी हो जाता है। 6 दिसंबर (शनिवार): शनिवार का दिन भी शुभ नक्षत्रों के संयोग से विवाह के लिए उपयुक्त है।

दुनिया का सबसे बड़ा ‘विराट रामायण मंदिर’ बन रहा बिहार में, 12 शिखरों की भव्यता करेगी मंत्रमुग्ध

पूर्वी चंपारण बिहार के पूर्वी चंपारण में बन रहा विराट रामायण मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा रामायण-केंद्रित मंदिर होगा। जिले के कल्याणपुर प्रखंड में स्थित कैथवलिया गांव के पास विराट रामायण मंदिर का निर्माण तेज़ी से जारी है। पटना महावीर मंदिर ट्रस्ट की इस ₹500 करोड़ की भव्य परियोजना को निर्धारित समय में पूरा किए जाने की उम्मीद है। अयोध्या राम मंदिर से तीन गुना बड़ा मंदिर की लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट होगी। इसका कुल परिसर 140 एकड़ में फैला है। यह आकार इसे अयोध्या के राम मंदिर से लगभग तीन गुना बड़ा बनाता है। यह मंदिर अपने विशाल आकार और अनूठे डिज़ाइन के कारण भारत ही नहीं बल्कि विश्व के सबसे बड़े रामायण-थीम आधारित मंदिरों में शामिल होगा। मुख्य संरचनात्मक विशेषताएं:     कुल 12 शिखर (पहले 18 प्रस्तावित थे, बाद में अनुमति के अनुसार घटे)     मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट (पहले 405 फीट प्रस्तावित)     त्रिवेदी कॉर्पोरेशन फिनिशिंग कार्य के लिए प्रस्तावित     टाटा कंसल्टेंसी इंजीनियर्स और सनटेक इंफ्रा सॉल्यूशंस मुख्य ठेकेदार     दुनिया का सबसे बड़ा 33 फुट ऊंचा शिवलिंग परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण है दुनिया का सबसे बड़ा ग्रेनाइट शिवलिंग, जिसकी ऊंचाई: 33 फीट, वजन: 210 मीट्रिक टन और कीमत: ₹3 करोड़ है। इसका निर्माण महाबलीपुरम में 10 वर्षों में पूरा हुआ है। इसे 96 चक्कों वाले विशेष ट्रेलर से लाया जा रहा है और यह दिसंबर के तीसरे या अंतिम सप्ताह तक कैथवलिया पहुंच जाएगा। इसकी स्थापना नए साल की शुरुआत में हो सकती है। 22 छोटे मंदिर और 20,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाला सभागार मंदिर परिसर में कुल 22 छोटे मंदिर बनाए जा रहे हैं, जो रामायण के प्रमुख चरित्रों- राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान आदि को समर्पित होंगे। इसके अलावा, परिसर में 20,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाला विशाल सभागार, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से रामायण कथा प्रदर्शन, और 800 फीट लंबा शिव गंगा तालाब भी शामिल है।

दिसंबर छुट्टियाँ: जानें किन-किन तारीखों को स्कूल रहेंगे बंद

नई दिल्ली कल दिसंबर का महीना शुरू हो रहा है। इसके बाद नया साल यानी 2026 शुरू हो जाएगा। स्कूलों में बच्चों के लिए दिसंबर का महीना मौज मस्ती का रहता है क्योंकि इस महीने में स्कूली बच्चों को छुट्टियों की मौज लगती है। 25 दिसंबर के बाद सर्दियों की छुट्टियां इस महीने 6 और 7 दिसंबर को शनिवार और रविवार है। उसके बाद 13 को महीने का दूसरा शनिवार और 14 को रविवार है। 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस है।  20 और 21 को भी वीकेंड पड़ेगा। अंत में महीने का आखिरी शनिवार 27 दिसंबर को और 28 दिसंबर को रविवार है। 25 दिसंबर को क्रिसमस की छुट्टी मिलती है। इस दिन पूरे भारत में (लगभग सभी राज्यों में) गजेटेड हॉलिडे रहता है। 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस है। हालांकि कुछ राज्यों में 26 दिसंबर को भी छुट्टी है, जैसे हरियाणा में यह शहीद उधम सिंह जयंती है और कुछ राज्यों में यह क्रिसमस का फ़ॉलो-अप हॉलिडे भी है। 25 दिसंबर के बाद ज्यादातर सभी स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां हो जाती हैं जो जनवरी तक चलती हैं। ऐसे में दिसंबर में स्कूली बच्चों की मौज होने वाली है।  

सफलता और समृद्धि के लिए दिसंबर 2025 की सफला एकादशी का सही समय और पूजा

साल 2025 की समाप्ति से पहले आने वाली सफला एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, सफला एकादशी व्रत को जीवन में हर तरह की सफलता और मनोवांछित फल प्रदान करने वाला माना जाता है। यह पावन व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान और सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में आने वाली हर परेशानी से छुटकारा मिलता है और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। तो आइए जानते हैं सफला एकदाशी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में- सफला एकादशी 2025 शुभ मुहूर्त सफला एकादशी तिथि का आरंभ 14 दिसंबर 2025 को रात 08 बजकर 46 मिनट पर शुरू होगी और एकादशी तिथि का समापन 15 दिसंबर 2025 को रात 10 बजकर 09 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, सफला एकादशी व्रत की तिथि  सोमवार, 15 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा। सफला एकादशी 2025 पूजा विधि सफला एकादशी की सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। पूजा स्थल को साफ कर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें। फिर भगवान को पंचामृत, धूप, दीप, पीले फूल, फल, नारियल, सुपारी और तुलसी दल अर्पित करें। इस व्रत में रात भर जागकर भगवान विष्णु के भजन-कीर्तन करने का विशेष महत्व है। दिनभर और रात्रि जागरण के दौरान "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जप करें। अंत में भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक जलाएं और प्रसाद सभी में वितरित कर दें। व्रत के अगले दिन शुभ मुहूर्त में किसी ब्राह्मण या ज़रूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा देकर ही स्वयं पारण करें।

हरियाणा के मुख्यमंत्री करेंगे इंदौर में मध्यप्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण

गीता जयंती पर 3 लाख गीता पाठी एक साथ करेंगे श्रीमद्भगवद्गीता का सस्वर पाठ श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की होगी घोषणा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, आज गीता जयंती के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के 313 विकासखंड, 55 जिला मुख्यालय और 10 संभागों में आचार्यों की सन्निधि में 3 लाख से अधिक गीताभक्तों द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक सस्वर पाठ किया जायेगा। गीता जयंती पर उज्जैन, भोपाल एवं इंदौर में विशेष आयोजन किये गये है। इंदौर के राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में मध्यप्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में 16 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित हुई श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा भी की जायेगी। वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि गीता जयंती 1 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव भव्य स्तर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती है। यह महोत्सव समाज में ज्ञान, कर्तव्य, अनुशासन और सकारात्मकता का वातावरण बनाने का माध्यम बनेगा। उज्जैन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन, पहले दिन अभिनेता पुनीत इस्सर की प्रस्तुति  उज्जैन के दशहरा मैदान पर 1 से 3 दिसंबर तक विविध सांस्कृतिक आयोजन किये जा रहे है। इसमें पहले दिन अभिनेता पुनीत इस्सर द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका जय श्रीकृष्णा का मंचन होगा। दूसरे दिन नई दिल्ली की वैष्णवी शर्मा का काव्य पाठ विराटजयी तथा मुंबई के मोहित शेवानी एवं दल द्वारा कृष्णायन की सांगीतिक प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन उमेश तरकसवार द्वारा निर्देशित विश्ववंदनीय एवं बैंगलोर के डॉ. सलाउद्दीन पाशा द्वारा निर्देशित गीता ऑन व्हील्स की प्रस्तुति होगी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर लघु चित्र शैली में माधव दर्शनम् प्रदर्शनी को प्रदर्शित किया जा रहा है। भोपाल के रवीन्द्र भवन में दिव्यांग कलाकारों द्वारा गीता ऑन व्हील्स का मंचन मुख्यमंत्रीजी डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में दोपहर 1 बजे रविन्द्र भवन में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ एवं प्रदर्शनी का लोकार्पण होगा। रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में मोहित शेवानी के निर्देशन में कृष्णायन की प्रस्तुति होगी। यह प्रस्तुति भगवान श्रीकृष्ण और मध्यप्रदेश की कहानी पर केंद्रित है। आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए इस प्रस्तुति को आकर्षक एवं रोचक बनाने का प्रयास किया गया है। इसके पूर्व बैंगलोर के डॉ. सलाउद्दीन पाशा के निर्देशन में गीता ऑन व्हील्स जिसमें दिव्यांग कलाकार गीता के प्रसंगों को मंचित करेंगे तथा विश्व गीता प्रतिष्ठानम् की ओर से श्रीमद्भगवद्गीता नृत्य नाटिका की प्रस्तुति होगी। प्रस्तुतियाँ शाम 6 बजे शुरू होंगी। इंदौर के गोपाल मंदिर में होंगे आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री सैनी इंदौर के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश के पहले गीता भवन-गोपाल मंदिर का लोकार्पण किया जायेगा। साथ ही प्रदेश में 16 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित हुई श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा की जायेगी। पुरस्कारों का वितरण गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के मौके पर होगा। इस अवसर पर श्री संजीव मालवीय द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका कृष्णायन की प्रस्तुति होगी।  

एमपी में कड़ाके की ठंड की दस्तक: दिसंबर से तापमान तेज़ी से गिरने के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर ठंड ने रफ्तार पकड़ ली है। दिसंबर के पहले हफ्ते में राज्य के बड़े हिस्से में कड़ाके की ठंड पड़ने लगेगी। बात करे राजधानी भोपाल की तो यहां बीते दो दिनों से ही शीतलहर चल रही है। वहीं, 14 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे लुढ़क गया है। एमपी में इस बार ठंड के सख्त तेवर जनवरी के पूरे महीने देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, भारत के उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। जिससे उत्तरी राज्यों में बर्फबारी होगी। अगले कुछ दिनों बाद मध्य प्रदेश के तापमान में और भी गिरावट होगी। दिसंबर के पहले हफ्ते से कड़ाके की ठंड बढ़ेगी। इस बार ठंड का तेवर जनवरी तक जारी रहेगा। ठंड ने पकड़ी रफ्तार प्रदेश में ठंड ने एक बार फिर ठंड ने रफ्तार पकड़नी शुरु कर दी है। 14 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। सबसे कम तापमान छतरपुर के नौगांव में दर्ज हुआ। यहांन्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं, हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया-अमरकंटक में 7.6 डिग्री, रीवा में 7.8 डिग्री, भोपाल में 8.6 डिग्री, मलाजखंड में 8.7 डिग्री, राजगढ़ और खजुराहो में 9 डिग्री, मंडला-छिंदवाड़ा में 9.4 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री और बैतूल में 9.7 डिग्री तापमान रहा। वहीं जबलपुर में 10.2 डिग्री, इंदौर में 10.4 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री और उज्जैन में 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है।

श्रद्धालुओं ध्यान दें! भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद—अब ऐसे मिल सकेगी एंट्री

उज्जैन  उज्जैन के राजाधिराज भगवान महाकाल के दरबार में बीते साल को अलविदा और आने वाले साल का वेलकम करने देशभर से श्रद्धालु आएंगे। मंदिर प्रशासन का अनुमान है, इन दिनों करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालु महाकाल की नगरी में पहुंचेंगे। सभी को सुगमता से दर्शन हों, इसके लिए तैयारियां अंतिम दौर में हैं। साथ ही भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग 25 दिसंबर से बंद रहेगी। इस दौरान ऑफलाइन व्यवस्था के तहत एंट्री मिलेगी। एक दिन पहले आकर फॉर्म भरने होंगे, अनुमति दर्शनार्थियों की संख्या के आधार पर ही मिल सकेगी। कोई भक्त निराश न लौटे, इसके लिए भस्म आरती में चलायमान दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। महाकाल के दर्शन करने पहुंचेंगे 10 लाख भक्त सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने बताया कि महाकाल मंदिर में नए साल को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अनुमान है कि 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक करीब 10 लाख भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन का नया प्लान तैयार किया जा रहा है। इसकी शुरुआत भस्म आरती की आनलाइन बुकिंग सुविधा को ब्लाक करने के साथ हो गई है। भस्म आरती दर्शन व्यवस्था प्रभारी व सहायक प्रशासक फलवाडिया ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी नए साल में भस्म आरती दर्शन को लेकर काफी देखा जा रहा है।   चारधाम से लगेगी कतार पिछले कुछ सालों से नए साल में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन चारधाम मंदिर के सामने से कतार लगाने का कार्य करता आ रहा है। संभवत: इस बार भी नए साल में वही दर्शन व्यवस्था लागू रहेगी। दर्शनार्थियों को कर्कराज पार्किंग से शक्तिपथ के रास्ते श्रीमहाकाल महालोक होते हुए मंदिर(Mahakal Temple Ujjain) में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु गणेश व कार्तिकेय मंडप से दर्शन करेंगे। श्रद्धालुओं को दी जाने वाली अनुमति व्यवस्था भी स्थगित रहेगी।

मध्यप्रदेश को बड़ी सौगात: 1100 करोड़ की लागत से बनेगा 48 किमी हाइवे, 27 गांव होंगे सीधे जुड़ाव में

इंदौर  मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड (MPRDC) के द्वारा इंदौर से उज्जैन के बीच पितृ पर्वत से चिंतामन गणेश मंदिर तक ग्रीन फील्ड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का जिम्मा सीगल इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है। 30 मिनट में तय होगी दूरी इंदौर-उज्जैन के बीच 48 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 30 मिनट पूरी हो जाएगी। नए हाइवे में एटीएमएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसका उपयोग सिंहस्थ और वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान उपयोगी होगा। साथ ही ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। 48 किलोमीटर लंबा होगा फोरलेन यह फोरलेन एक्सेस कंट्रोल्ड होगा। जिसकी लंबाई 48.10 किलोमीटर और चौड़ाई 60 मीटर होगी। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 20 हजार करोड़ रुपए हैं। जिसमें 1089 करोड़ रुपए निर्माण और बाकी के बचे पैसे भूमि अधिग्रहण में खर्च होंगे। 27 प्रमुख गावों से होकर गुजरेगा हाईवे हाइवे इंदौर के पितृ पर्वत से शुरु होकर चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक जाएगा। हाईवे जंबूड़ी हप्सी, बुढ़ानिया, हातोद, सगवाल, कांकरिया बोर्डिया, जंबूर्डी सरवर, जिंदाखेड़ा, रतनखेड़ी, बीबीखेड़ी, पीपल्या कायस्था, हरियाखेड़ी, खतेड़िया, रंगकोर्डिया, काछल्या, बलघारा, पोटलोद, तुमानी, मगरखेड़ी, छितोड़ा, बालरिया, रालामंडल, लिंबा पीपल्या, गोंदिया, हासमपुरा, पालखेड़ी, चिंतामन जवासिया और चांदमुख से होते हुए गुजरेगा।   जमीन अधिग्रहण पर आएगा 911 करोड़ का खर्च जमीन अधिग्रहण में 900 करोड़ रुपए के करीब खर्च किए जाएंगे। 175 हेक्टेयर से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। उज्जैन जिले के 8 गांवों, हातोद की 75.401 हेक्टेयर सांवेर तहसील में 395 किसानों की 99.992 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। 

एसआईआर का प्रदेश में 93% गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन पूरा

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि प्रदेश में गणना पत्रकों के डिजिटलाइजेशन का कार्य तेज गति से जारी है। अभी तक मध्यप्रदेश के छ: जिलों अशोक नगर, नीमच, बैतूल, गुना, मंडला और सीहोर जिले ने एस आई आर का काम शत् प्रतिशत पूरा कर लिया है। श्री झा ने सभी शासकीय सेवकों और नागरिकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि सभी के समन्वित प्रयास और अथक परिश्रम से ही संभव हुई है। रविवार 30 नवंबर शाम तक 5 करोड़ 33 लाख से अधिक गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन पूरा हो चुका है, जो कुल कार्य का लगभग 93 प्रतिशत है। श्री झा ने बताया कि प्रदेश के 39 अन्य जिलों ने 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसके अलावा प्रदेश के 5 जिलों में 92% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने डिजिटलाइजेशन में लगे सभी शासकीय सेवकों, बीएलओ तथा सहयोगी नागरिकों के समन्वित प्रयास की सराहना की जिसके चलते निर्धारित समय से पहले ही कार्य पूर्णता की ओर है। उन्होंने कहा कि इसी प्रेरणा और समन्वय से प्रदेश के सभी जिलों में शत-प्रतिशत कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।