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सफलता की कहानी: निर्मला की धान बिक्री बनी बेटी के भविष्य की नई उम्मीद

रायपुर  निर्मला कहती हैं, इस साल धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्था पहले से बेहतर है। तौल सटीक है लाइन नहीं लगानी पड रही है, भीड़ भी नहीं होती। किसानों को इंतजार नहीं करना पड़ता, स्टाफ सहयोगी है। व्यवस्था साफ और सुचारू रूप से संचालित है। किसानों को सम्मान मिल रहा है। यह बदलाव उनके लिए राहत जैसा है। उन्होंने कहा कि इसी से बेटी की पढ़ाई पूरी हुई। उनकी बेटी इंजीनियरिंग कर चुकी है और अब UPSC की तैयारी कर रही है। आमदनी नहीं, बल्कि सरकार पर है भरोसा           ग्राम अछोटा की किसान निर्मला देवांगन सुबह-सुबह 60 क्विंटल धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचीं। चेहरे पर सुकून था। मन में अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें थीं। धान बेचकर मिलने वाली राशि उनके लिए सिर्फ आमदनी नहीं, बल्कि एक भरोसा है। इसी से वे घर का खर्च चलाती हैं। ‘टोकन तुंहर दुवार’ ऐप से समय और मेहनत दोनों की होती है बचत          सरकार ने खरीदी की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उपार्जन केंद्रों में परछाई, पीने का पानी, तौल व्यवस्था और सुरक्षा की पूरी तैयारी है। किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। सबसे बड़ी राहत ‘टोकन तुंहर दुवार’ ऐप से मिली है। अब किसानों को घर बैठे टोकन मिल जाता है। समय तय होता है, भीड़ नहीं होती। समय और मेहनत दोनों बचते हैं। महिला किसानों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित हुई है। किसान परिवारों की उम्मीदों को नई दिशा देने वाली है व्यवस्था         निर्मला देवांगन जैसे हजारों किसान इस व्यवस्था का लाभ ले रहे हैं। उनकी मेहनत सुरक्षित दाम पर बिक रही है। परिवार के सपने मजबूत हो रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका की जरूरतें पूरी हो रही हैं। धान खरीदी सिर्फ सरकारी प्रक्रिया नहीं। यह किसान परिवारों की उम्मीदों को नई दिशा देने वाली व्यवस्था है। अछोटा जैसी जगहों में यह व्यवस्था बदलाव की कहानी लिख रही है। निर्मला की मुस्कान उसी बदलाव का प्रमाण है।  

फांसी और 21 साल की कैद के बाद अब नई सजा—शेख हसीना पर कानूनी शिकंजा और कसा

ढाका  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग प्रमुख शेख हसीना को सोमवार को ढाका की एक विशेष अदालत से बड़ा कानूनी झटका लगा है। अदालत ने पुरबचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में प्लॉट आवंटन में अनियमितताओं से जुड़े बहुचर्चित जमीन घोटाला मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। इससे पहले इस साल (2025) ही International Crimes Tribunal ने हसीना को “क्राइम्स एगेन्स्ट ह्यूमैनिटी” (2024 छात्र-आन्दोलन खूनखराबे) के लिए फांसी सुनाई थी। और इसके कुछ दिन बाद ही  ढाका कोर्ट  Special Judge Court-5   ने हाल ही में Sheikh Hasina को तीन भ्रष्टाचार-मामलों  में 21 साल की जेल की सजा सुनाई है।जमीन घोटाला मामले में   अदालत ने कुल तीन लोगों को दोषी करार ोदिया है । शेख हसीना (पूर्व प्रधानमंत्री), शेख रेहाना (हसीना की बहन),तुलिप रिजवाना सिद्दीक (शेख रेहाना की बेटी व ब्रिटिश सांसद)। ये तीनों राजुक (RAJUK) द्वारा किए गए प्लॉट आवंटन में कथित अनियमितताओं के मामले में दोषी पाए गए।  क्या है पूरा मामला?     यह मामला पुरबचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट से संबंधित है, जो ढाका के पास राजुक द्वारा विकसित एक बड़ा आवासीय प्रोजेक्ट है।     आरोप था कि हसीना और उनके परिवार ने अपने प्रभाव का उपयोग करके इस हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट में प्लॉट अवैध तरीके से हासिल किए।     मामला कई सालों से जांच में था, और हाल ही में गवाही व दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया।   अदालत का निर्णय ढाका की विशेष अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया  और तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया। अदालत ने कारावास की सजा सुनाई, जिसकी अवधि को लेकर आधिकारिक बयान विस्तृत रूप से सार्वजनिक होना बाकी है । हसीना पहले से ही कई कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। उनके खिलाफ विभिन्न आर्थिक और प्रशासनिक अनियमितताओं के मामले चल रहे हैं। अब एक और मामले में दोषी ठहराया जाना उनकी राजनीतिक और कानूनी स्थिति को कमजोर करता है। तुलिप सिद्दीक जो ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सांसद हैं का नाम इस फैसले में शामिल होने से यह मामला अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है। ब्रिटेन की राजनीति और मीडिया में भी इस पर चर्चा शुरू हो चुकी है। अवामी लीग के नेताओं ने इस फैसले को “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया है। उनका कहना है कि विपक्षी सरकार हसीना परिवार को “कमजोर करने” की कोशिश कर रही है।मामले के जानकारों के अनुसार  हसीना की कानूनी टीम उच्च अदालत में अपील दाखिल करेगी। अगर सजा बरकरार रहती है तो हसीना और उनका परिवार लंबे समय तक राजनीतिक संकट में रह सकता है।  

एनरॉन घोटाला: छल, साजिश और दिवालिएपन की कहानी जिसने बदला अमेरिकी कारोबार का चेहरा

नई दिल्ली  दिसंबर 2001 की शुरुआत में अमेरिका की आर्थिक व्यवस्था को झटका देने वाली खबर दुनिया के सामने आई—एनरॉन, जिसे कभी “अमेरिका की सबसे इनोवेटिव कंपनी” कहा गया था, महज कुछ ही महीनों में ढह गई। यह पतन सिर्फ एक कंपनी का नहीं था, बल्कि उस कॉरपोरेट संस्कृति का था जो मुनाफे की चमक के पीछे छिपी हेराफेरी को सुनियोजित तरीके से छुपाती रही। ये कुछ-कुछ वैसा ही था जैसे 1990 के दशक का हर्षद मेहता घोटाला, जिसने शेयर बाजार पर भी काफी असर डाला था। एनरॉन का मॉडल ऊर्जा व्यापार के नए दौर का प्रतीक माना गया था, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि कंपनी ने अपने घाटे और बढ़ते कर्ज को छुपाने के लिए जटिल अकाउंटिंग तकनीकों और संदिग्ध पार्टनरशिप कंपनियों का जाल बिछाया था। बैलेंस शीट में काल्पनिक मुनाफा दिखाया गया और निवेशकों को एक ऐसी तस्वीर पेश की गई जो असलियत से बिल्कुल उलट थी। जब व्हिसलब्लोअर्स और मीडिया की रिपोर्टों ने एनरॉन के झूठ का पर्दाफाश किया, तो कंपनी के शेयर कुछ ही हफ्तों में 90 डॉलर से गिरकर एक डॉलर से भी नीचे पहुंच गए। लाखों लोगों की जमा-पूंजी, पेंशन फंड और निवेश जमीन में समा गए। इस घोटाले ने अमेरिका की सबसे प्रतिष्ठित ऑडिट फर्म आर्थर एंडरसन को भी समाप्ति के कगार पर ला दिया, क्योंकि उस पर एनरॉन के अकाउंट्स को गलत तरीके से क्लीन-चिट देने का आरोप लगा। एनरॉन के पतन ने अमेरिकी प्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया। सवाल उठने लगे कि क्या ऑडिट और रेगुलेटरी प्रक्रियाएं सिर्फ कागजी हैं? इसी घोटाले की वजह से बाद में अमेरिका में सरबेंस-ऑक्सले एक्ट आया जिसने कॉरपोरेट गवर्नेंस, वित्तीय पारदर्शिता और अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स को नई परिभाषा दी। एनरॉन ने दुनिया को यह सिखाया कि असीमित मुनाफे की लालसा और सिस्टम की खामियों का फायदा उठाने की प्रवृत्ति किस तरह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन सकती है। आज भी एनरॉन स्कैंडल आधुनिक कॉरपोरेट इतिहास का वह काला अध्याय है जिसने सरकारों, निवेशकों और कंपनियों को हमेशा के लिए सतर्क कर दिया। हालांकि कम्पनी 'वी आर बैक' कैम्पेन के जरिए फिर खुद को खड़ा करने में जुटी हुई है।

वनडे मुकाबले से पहले अलर्ट मोड: IG-DIG ने बनाई रणनीति, 2 हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा

रायपुर नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में पहली बार होने वाले अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैच को लेकर तैयारियां जोरों पर है. फैंस अपने फेवरेट क्रिकेटर्स को देखने के लिए उत्साहित हैं. मैच की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार को पुलिस अधिकारियों की बड़ी बैठक हुई. रायपुर रेंज आई अमरेश मिश्रा और डीआईजी गिरिजाशंकर जायसवाल की अध्यक्षता में यह बैठक हुई, जिसमें एसएसपी रायपुर समेत डीएसपी और एएसपी लेवल के अधिकारी शामिल हुए हैं. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम हैंडओवर किए जाने के बाद यह पहला मौका जब अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैच होने जा रहा है. बीसीसीआई के नियमों के तहत सुरक्षा व्यवस्था लगाई जाएगी. यातायात समेत 2 हजार पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे. होटल, स्टेडियम समेत पूरे रूट पर पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे. कब खेला जाएगा मैच ?     मैच: भारत vs दक्षिण अफ्रीका दूसरा वनडे     तारीख: बुधवार, 3 दिसंबर 2025     स्थान: नवा रायपुर, शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम     मैच टाइमिंग: दोपहर 1:00 बजे टॉस होगा, 1:30 बजे से मैच शुरु क्यों खास है यह मुकाबला?     स्टेडियम पहली बार CSCS की पूर्ण जिम्मेदारी में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित कर रहा     हाल ही में स्टेडियम को 30 साल की लीज पर संघ को सौंपा गया     यहां टेस्ट क्रिकेट की संभावनाएं भी इसी फैसले से मजबूत हुई हैं     फैंस को लंबे समय बाद इस प्रतिष्ठित मैदान पर टीम इंडिया को लाइव देखने का मौका मिलेगा मुकाबले में स्टेडियम हाउसफुल रहने का अनुमान मैच के लिए फैन्स की दीवानगी को देखते हुए उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सभी टिकटें पूरी तरह बिक जाएंगी. आयोजनकर्ताओं का अनुमान है कि मुकाबले के दिन स्टेडियम खचाखच भरा होगा, और दर्शकों को बेहतरीन क्रिकेट का रोमांच देखने को मिलेगा.

हरियाणा में स्कूल बंद: सीएम सैनी की घोषणा के बाद कल सभी स्कूलों में अवकाश

कुरुक्षेत्र  कुरुक्षेत्र जिले में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में आज 21 हजार विद्यार्थियों ने एक साथ एक मिनट के लिए वैश्विक गीता पाठ किया। इस कार्यक्रम में नायब सैनी, बाबा रामदेव और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ज्योतिसर तीर्थ पर जाकर माथा टेका। यहां मुख्यमंत्री ने पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन किया और हवन-यज्ञ में आहुति डाली। कार्यक्रम के बाद सीएम नायब सैनी ने कल मंगलवार को कुरुक्षेत्र के स्कूलों में छुट्‌टी का ऐलान किया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि गीता के अष्टादश श्लोक से पूरा आकाश गूंज उठा है। यह हमारे लिए बहुत ही खुशी की बात है कि भारत के साथ-साथ अनेक देशों में गीता के श्लोक गूंजे। इस गीता पाठ के केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी है। यह अपने आप में एक प्रार्थना भी है।

मंत्री खुशवंत का कांग्रेस पर हमला, कहा घोटालों से जीती चुनाव, शैलेश त्रिवेदी बोले – पूरा देश जान रहा वोट चोर कौन

रायपुर एसआईआर को लेकर फिर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया कि सवाल वही उठाता है, जिसके मन में खोट होता है. वे (कांग्रेस) अच्छे काम में भी सवाल उठा रहे हैं. इससे ये प्रदर्शित होता है कि आज तक उन्होंने जितने चुनाव जीते हैं, घोटाले करके जीते हैं. कांग्रेस को इसलिए डर सता रहा है कि आने वाले समय में वे घोटाले कैसे करेंगे, गलत तरीके से चुनाव कैसे जीतेंगे? जनता इनके गलत काम पहचान चुकी है, जनता भाजपा के साथ है. इस बयान पर कांग्रेस के पूर्व संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पलटवार किया है. मंत्री खुशवंत के बयान पर शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि निर्वाचन प्रक्रिया में कैसे छेड़छाड़ हो रही है, वोट चोरी हो रही है. बिहार में 65 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए. खुद गलती करना और दोष कांग्रेस पर मढ़ना वाली स्थिति है. उन्होंने कहा कि देश में आज भाजपा की सरकार है. भाजपा नेताओं का कांग्रेस पर आरोप लगाना सबसे बेतुकी बात है. आज से बिजली बिल हाफ योजना लागू बिजली उपभोक्ताओं को आज से बिजली बिल हाफ योजना का लाभ दिया जाएगा. इसे लेकर मंत्री गुरु खुशवंत ने कहा कि आज से बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ मिलेगा, गरीब और भी आगे बढ़ेंगे. लोग पीएम सूर्यघर योजना का लाभ भी ले सकते हैं. नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को मंत्री ने बताया प्रोपोगेंडा कांग्रेस अपने नए जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग देने जा रही है. इसपर मंत्री गुरु खुशवंत ने कहा कि कांग्रेस कुछ भी कर ले, जनता का विश्वास खो चुकी है. नियुक्त किए गए नाम पहले से तय थे, यह सिर्फ प्रोपोगेंडा है. जनता कांग्रेस के भ्रष्टाचार को जान चुकी है.

केंद्र ने लगाई रोक! चंडीगढ़ की अलग विधानसभा पर हरियाणा की उम्मीदों को करारा धक्का

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में हरियाणा की अलग विधानसभा बनाने का मामला आखिरकार बंद हो गया है। केंद्र ने हरियाणा को बड़ा झटका दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा सरकार के प्रस्ताव पर साफ इनकार कर दिया है। वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सुझाव दिया है कि इस मुद्दे पर अब आगे कोई कदम न बढ़ाया जाए। यह फैसला ऐसे समय आया है जब केंद्र ने हाल ही में चंडीगढ़ को स्वतंत्र यूनियन टेरिटरी घोषित करने वाला 131वां शोध बिल वापस लिया था। इसे पंजाब के पक्ष में केंद्र का दूसरा बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं पंजाब के पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी केंद्र के फैसले का स्वागत करते हुए कहा—“चंडीगढ़ पंजाब का है… यहां किसी और का दावा नहीं माना जा सकता।” बता दें कि 2022 में जयपुर में हुई नॉर्दर्न ज़ोनल काउंसिल की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हरियाणा को नई विधानसभा के लिए जमीन देने की घोषणा की थी। तो वहीं 2023 में UT प्रशासन ने IT पार्क के पास लगभग 10 एकड़ जमीन भी चिन्हित कर दी थी, जिसकी कीमत करीब 640 करोड़ रुपए बताई गई। इसके बदले हरियाणा ने पंचकूला में 12 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया, लेकिन जनवरी 2024 में UT प्रशासन ने सर्वे के बाद इसे खारिज कर दिया। रिपोर्ट में जमीन को नीचा इलाका बताया गया, जहां बीच से नाला गुजरता है और कनेक्टिविटी भी कमजोर है। लंबी चर्चा के बाद केंद्र ने साफ कर दिया कि मामले को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और मंत्रालय इसमें रुचि नहीं रखता। गौरतलब है कि जैसे ही हरियाणा का प्रस्ताव आगे बढ़ा था, पंजाब सरकार ने खुलकर इसका विरोध किया। AAP विधायक गुरलाल घनौर ने कहा, “चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है, नई विधानसभा के निर्माण की कोई अनुमति नहीं दी जाएगी।”  

टीम इंडिया का नेक्स्ट मैच फिक्स! जानें कब, कहां और किससे होगी भिड़ंत

नई दिल्ली केएल राहुल की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैच की वनडे सीरीज का आगाज जीत के साथ किया। रांची में खेले गए पहले वनडे को भारत ने 17 रनों से जीता। इस मैच में विराट कोहली ने 52वां ऐतिहासिक शतक जड़ महफिल लूटी, वहीं जोड़ीदार रोहित शर्मा ने भी अर्धशतक जड़ उनका भरपूर साथ दिया। पहले बैटिंग करते हुए टीम इंडिया ने 349 रन बोर्ड पर लगाए। इस टारगेट को डिफेंड करने में अहम रोल हर्षित राणा और कुलदीप यादव ने अदा किया। हर्षित ने अपने पहले ही ओवर में दो विकेट निकलकर मेहमानों को बैकफुट पर धकेल दिया, वहीं कुलदीप याव ने 4 विकेट चटकाए। टीम इंडिया की नजरें अब दूसरे वनडे को भी जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बनाने पर होगी। आईए जानते हैं IND vs SA दूसरा वनडे कब और कहां खेला जाएगा? IND vs SA दूसरा वनडे कब, कहां और कैसे देखें लाइव? India vs South Africa दूसरा वनडे बुधवार, 3 दिसंबर को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाना है। इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका दूसरा वनडे भारतीय समयानुसार 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा। IND vs SA दूसरे वनडे को टीवी पर आप स्टार स्पोर्ट्स के विभिन्न चैनलों पर लाइव देख सकते हैं, वहीं दूसरा वनडे की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर होगी। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में भारत ने अभी तक सिर्फ एक ही वनडे मैच खेला है। यह वनडे भारत और न्यूजीलैंड के बीच 2023 में खेला गया था। इस मैच में भारत ने 179 गेंदें शेष रहते 8 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की थी। भारत ने पहले बैटिंग करते हुए न्यूजीलैंड को मात्र 108 रनों पर ढेर कर दिया था। 15 के स्कोर पर ही न्यूजीलैंड की आधी टीम पवेलियन लौट गई थी। इस स्कोर को टीम इंडिया ने 20.1 ओवर में चेज कर शानदार जीत दर्ज की थी। IND vs SA पूरा शेड्यूल- दूसरा ODI- 3 दिसंबर, शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम, रायपुर 1:30 PM तीसरा ODI- 6 दिसंबर, ACA-VDCA क्रिकेट स्टेडियम, विशाखापत्तनम 1:30 PM पहला T20I- 9 दिसंबर बाराबती स्टेडियम, कटक 7:00 PM दूसरा T20I- 11 दिसंबर महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम, चंडीगढ़ (मुल्लानपुर) 7:00 PM तीसरा T20I- 14 दिसंबर HPCA स्टेडियम, धर्मशाला 7:00 PM चौथा T20I- 17 दिसंबर इकाना क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ 7:00 PM पांचवां T20I- 19 दिसंबर नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद 7:00 PM

ट्रैक पर इंसानियत: लोको पायलट ने गिद्धों को बचाने कम की ट्रेन की रफ्तार

जैसलमेर राजस्थान के जैसलमेर जिले के लाठी क्षेत्र में एक ऐसी घटना घटी जिसने रेलवे के लोको पायलट की मानवता और वन्यजीव प्रेम की मिसाल कायम कर दी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई जोधपुर-जैसलमेर स्वर्णनगरी एक्सप्रेस के लोको पायलट ने ट्रेन की रफ्तार इसलिए धीमी कर दी, क्योंकि रेलवे ट्रैक के ठीक किनारे दुर्लभ भारतीय गिद्धों का एक बड़ा झुंड मृत मवेशी को अपना निवाला बना रहा था। गिद्धों की जान बचाने के लिए ड्राइवर ने न सिर्फ ट्रेन धीमी की, बल्कि लगातार हॉर्न बजाकर उन्हें सुरक्षित उड़ान भरने का मौका दिया। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद देशभर के पर्यावरण प्रेमी, पक्षी विशेषज्ञ और आम लोग लोको पायलट की जमकर तारीफ कर रहे हैं। दरसअल शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे लाठी स्टेशन से कुछ किलोमीटर आगे पोकरण-जोधपुर रेलखंड पर यह घटना हुई। पटरियों के बिल्कुल पास एक मृत गाय पड़ी थी। मृत गाय पर करीब 50-60 भारतीय गिद्ध जमा थे जो अपना भोजन कर रहे थे। गिद्धों की प्रजाति पहले से ही लुप्तप्राय घोषित है और राजस्थान का थार मरुस्थल इनके अंतिम गढ़ों में से एक है। अचानक तेज रफ्तार ट्रेन देखकर गिद्ध भयभीत हो सकते थे और कई की जान जा सकती थी। लेकिन ट्रेन के लोको पायलट ने दूर से ही स्थिति को भांप लिया। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन की गति कम की और लंबे-लंबे हॉर्न बजाने शुरू कर दिए। हॉर्न की तेज आवाज सुनकर गिद्ध एक-एक कर आकाश में उड़ने लगे। करीब दो-तीन मिनट तक हॉर्न बजता रहा और जब सारे गिद्ध सुरक्षित उड़कर दूर चले गए, तब जाकर ड्राइवर ने ट्रेन आगे बढ़ाई। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों ने पूरा दृश्य अपने मोबाइल में कैद कर लिया। अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियोज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे गिद्ध शांतिपूर्वक उड़ रहे हैं और ट्रेन रुकी हुई है। लाठी की इस घटना ने न सिर्फ एक लोको पायलट की संवेदनशीलता को सलाम किया है, बल्कि पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि लुप्तप्राय प्रजातियों को बचाने के लिए हमें कितने छोटे-छोटे कदम उठाने पड़ सकते हैं।

ऑफिस में कभी न बताएं ये 3 बातें, वरना होगा बड़ा नुकसान

काफी सारे लोगों को शिकायत होती है कि उनके ऑफिस में लोग एक दूसरे की चुगली और गॉसिप करते हैं। जिसका असर कई बार उनके करियर पर भी पड़ता है। अगर आप ऑफिस में होने वाली गॉसिप का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं और करियर में ग्रोथ चाहते हैं, तो भूलकर भी इन 3 बातों को कलीग्स या सीनियर के साथ शेयर ना करें। ना शेयर करें अपनी पर्सनल प्रॉब्लम पर्सनल रिलेशनशिप में, फाइनेंशियल या फिर करियर से जुड़ी किसी भी तरह की प्रॉब्लम्स को भूलकर भी अपने कलीग्स या फिर सीनियर्स के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। ऐसा करना सबसे बड़ी भूल है क्योंकि ज्यादातर काम करने वाली जगहों पर लोगों की किसी ना किसी कमजोरी का फायदा उठाकर हैरेस किया जाता है। ना करें किसी की बुराई अपने काम करने वाली जगह पर भूलकर भी किसी सीनियर, जूनियर या फिर कलीग्स की बुराई नहीं करनी चाहिए। ऑफिस में हो रही गॉसिप का हिस्सा भूलकर भी नहीं बनना चाहिए और ना हीं उन्हें सपोर्ट करना चाहिए। हमेशा काम की जगह पर न्यूट्रल रहना चाहिए। इस्तीफा देते वक्त ना करें संस्थान की बुराई जब भी आप किसी संस्थान से इस्तीफा दे रहे हैं तो करियर की ग्रोथ के लिए भूलकर भी उस संस्थान या एचआर, सीनियर की बुराई लिखित में ना करें। ऐसा करने से करियर की ग्रोथ पर निगेटिव असर पड़ता है क्योंकि फ्यूचर में हो सकता है आपको वापस उसी काम की जगह पर आना पड़े। किसी भी तरह की खराब सिचुएशन से बचने के लिए भूलकर भी बुराई ना करें।