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राज्यपाल डेका से भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों ने की भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि पुलिस को आमजनता से मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ बर्ताव करना चाहिए। पुलिस की छवि, थाने में  शिकायत लेकर आने वाले नागरिकों से किए गए व्यवहार से बनती है। पुलिस अधिकारियों को थाने में आए पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए तत्पर होना चाहिए। राज्यपाल डेका ने आज राजभवन में भेंट करने आए भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों से उक्त बातें कही।         भेंट के दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंद्रखुरी रायपुर के निदेशक अजय कुमार यादव, अकादमी के पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज शुक्ला भी उपस्थित थे।  परीवीक्षाधीन आइपीएस अधिकारियों  आदित्य कुमार, अंशिका जैन,  बनसोडे प्रतीक दादासाहेब और  साकोरे मानसी नानाभाऊ ने राज्यपाल से भेंट की।  

बॉक्स ऑफिस पर चला तेरे इश्क में का जादू, दूसरे दिन हुई दमदार कमाई, 120 बहादुर 9 दिन बाद भी फेल

मुंबई, इंटेंस लव स्टोरीज एक बार फिर थिएटर्स में सेंटर स्टेज पर आ रही हैं, और तेरे इश्क में को मिला रिस्पॉन्स इसका सबूत है. रोमांटिक जॉनर में आई सुस्ती के बाद, इस फिल्म ने दर्शकों को बड़ी संख्या में सिनेमाघरों में वापस ला खड़ी कर दी है. फिल्म ने जहां पहले दिन डबल डिजिट में कमाई करने में सफल रही, वही दूसरे दिन इसने उछाल मारी और पहले दिन की अपेक्षा ज्यादा कमाई की. आनंद एल. राय के डायरेक्शन में बनी यह दिल को छू लेने वाली म्यूजिकल लव स्टोरी 28 नवंबर सिनेमाघरों में रिलीज हुई और इसे फैंस और क्रिटिक्स दोनों से पॉजिटिव रिव्यू मिले. रांझणा जैसी ही तेरे इश्क में ने दर्शकों को इम्प्रेस किया है. बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त ओपनिंग के बाद, फिल्म ओपनिंग वीकेंड में खूब चर्चा में है, और इसने विजय राज और फातिमा सना शेख की गुस्ताख इश्क को भी पीछे छोड़ दिया, जो मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा का प्रोड्यूसर के तौर पर पहला प्रोजेक्ट था, जो कल ही थिएटर में रिलीज हुई थी. धनुष की मैड लवर बॉय कैरेक्टर शंकर और कृति सेनन की मुक्ति के रूप में, तेरे इश्क में ने सभी उम्मीदों को पार कर लिया और थिएटर में अपनी यात्रा को शानदार तरीके से शुरू किया है. सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने डबल-डिजिट में ओपनिंग की और पहले दिन 16 करोड़ रुपये कमाए, जिसमें से 15.25 करोड़ हिंदी बेल्ट से आए. बता दें कि धनुष-कृति सेननन स्टारर यह फिल्म हिंदी और तमिल दोनों भाषाओं में रिलीज हुई थी. फिल्म के को-प्रोड्यूसर टी-सीरीज के पोस्ट के मुताबिक, तेरे इश्क में ने पहले दिन 15.05 करोड़ (हिंदी नेट) कमाए. दूसरे दिन की बात करें तो सैकनिल्क के मुताबिक, धनुष-कृति स्टारर फिल्म ने शनि वार को 17 करोड़ रुपये की कमाई की है. जबकि हिंदी बेल्ट में इसने 16.57 करोड़ रुपये कमाए है. इस तरह तेरे इश्क में ने दो दिनों में दोनों भाषाओं में कुल 33 करोड़ रुपये कमाए हैं. वहीं, हिंदी बॉक्स ऑफिस पर इसने 31.63 करोड़ रुपये का बिजनेस किया है. आनंद एल. राय के डायरेक्टेड फिल्म तेरे इश्क में वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 50 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है. सैकनिल्क के मुताबिक, तेरे इश्क में ने दुनियाभर में 42 करोड़ रुपये का बिजनेस किया है. उम्मीद है कि यह रविवार को 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर जाएगी. उधर फरहान अख्तर की फिल्म 120 बहादुर को रिलीज हुए 9 दिन पूरे हो चुके है, लेकिन ये फिल्म अब तक केवल 16 करोड़ रुपये जुटा पाई है, जबकि दिल्ली और राजस्थान में इसे टैक्स फ्री हख कर दिया है। दूसरी ओर रितेश देशमुख, विवेक ओबेरॉय और आफताब की मस्ती 4 का हाल तो और बुरा है। इसकी 9 दिन की कमाई 14 करोड़ रुपये है। कुल मिलाकर 2 दिन पुरानी तेरे इश्क में ने पूरा खेल पलट दिया है। दूसरी ओर विजय वर्मा और फातिमा सना शेख की गुस्ताख इश्क ने तेरे इश्क में के साथ सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। पहले दिन 50 लाख रुपये की कमाई के साथ इसने धीमी शुरुआत की और रिलीज के दूसरे दिन इसने और कम 45 लाख रुपये कमाए हैं। इसी के साथ फिल्म का 2 दिन का कुल कारोबार 95 लाख के करीब ही है। इसे तेरे इश्क में से कड़ी टक्कर मिली, जिससे ये सिनेमाघरों में ढहती दिख रही है।  

कल होगी भारी किसान रैली — हर पहलू पर एक नज़र

चंडीगढ़  स्थानीय डी.सी. दफ्तर के समक्ष भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) द्वारा बाढ़ पीड़ित किसानों को गेहूं का बीज बांटकर लौटते सड़क हादसे में जान गंवाने वाले किसान नेता हरजीत सिंह कोटकपूरा के परिवार और गंभीर घायल बलवंत सिंह नंगल के लिए मुआवजे की मांगों के लिए चल रहे अनिश्चित समय के धरने में सरकार द्वारा अपनाई टालमटोल और अनदेखी की नीति के खिलाफ सख्त एक्शन का ऐलान किया गया है। यह जानकारी देते हुए किसान नेताओं हरबंस सिंह कोटली, गुरभगत सिंह भलाईआना और नत्था सिंह रोड़ी कपूरा ने बताया कि किसानों की मुआवजे की जायज मांगों प्रति सरकार द्वारा अपनाए गए मैं ना मानूं वाले किसान विरोधी रवैये का सख्त नोटिस लेते हुए राज्य कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार 2 दिसम्बर को डी.सी. दफ्तर के सामने मालवा के 6 जिलों (मोगा, बठिंडा, मानसा, फाजिल्का, फरीदकोट) और स्थानीय जिले के किसान बड़ा रोष प्रदर्शन करेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार के बहरे कानों तक आवाज पहुंचाने और मृतक किसान नेता हरजीत सिंह के परिवार को 10 लाख का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पूरा कर्ज माफ और गंभीर घायल बलवंत सिंह नंगल के इलाज का सरकारी खर्चे पर इलाज की मांगों की प्राप्ति के लिए विशाल रोष प्रदर्शन में हजारों किसान शामिल होंगे। डी.सी. दफ्तर के गेट सामने रोष प्रदर्शन करते किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि कल होने वाले इस बड़े रोष प्रदर्शन के लिए गांवों में किसानों की लामबंदी की जा रही है। इस मौके निर्मल सिंह, शेरजंग सिंह खारा, बिक्कर सिंह भलाईआना, अजैब सिंह मल्लण, जगसीर सिंह घाली, जोगिंदर सिंह बुट्टर शरींह, हरभगवान सिंह रोड़ीकपूरा और गुरप्रीत सिंह बिट्टू मल्लण समेत अनेक किसान नेता मौजूद थे। 

टीम की बड़ी जीत, मगर कोहली ने किया इग्नोर? बार-बार बुलाने के बावजूद जश्न में नहीं हुए शामिल

नई दिल्ली दक्षिण अफ्रीका जब से भारत के दौरे पर आई है, इंडियन ड्रेसिंग रूम में जश्न की जगह लटके और बुझे चेहरों ने ले ली थी। घर में ही दोनों टेस्ट में टीम इंडिया को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। लेकिन ओडीआई सीरीज शुरू होते ही जैसे वक्त बदल गया। विराट कोहली, रोहित शर्मा और कप्तान केएल राहुल की शानदार पारियों और उसके बाद कुलदीप यादव और हर्षित राणा की शानदार गेंदबाजी से भारत ने पहले वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 17 रन से शिकस्त दी। लंबे वक्त बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम में जश्न का संयोग बना लेकिन लगता है कि अंदरखाने माहौल तनावपूर्ण है। टीम इंडिया की जीत के बाद होटल में जश्न मन रहा था। कप्तान केएल राहुल केट काट रहे थे। तमाम खिलाड़ी जुटे हुए थे। तभी विराट कोहली खुद में मगन वहां से गुजरते हैं और जश्न में शामिल नहीं होते। बार-बार उन्हें पुकारा भी गया लेकिन वह अनसुना करके चल दिए। उधर मैच के बाद रोहित शर्मा और गौतम गंभीर में बातचीत के विजुअल भी वायरल हैं। सवाल उठ रहा कि इंडियन ड्रेसिंग रूम में सब ठीक तो है। मैच खत्म होने के बाद भारतीय टीम अपने होटल लौट आई थी। शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में वनडे सीरीज में कप्तानी कर रहे केएल राहुल जीत का जश्न मनाने के लिए केक काट रहे होते हैं। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर अब वायरल है। जश्न चल रहा है। केक काटने की तैयारी हो रही है। तभी प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए विराट कोहली लॉबी में दाखिल होते दिखते हैं। वह केएल राहुल को केक काटते हुए देखते हैं लेकिन वह न रुकते हैं और न जश्न में शामिल होते हैं। वह अपनी ही धुन में मगन उसी चाल से आगे बढ़ जाते हैं जबकि उन्हें बार-बार आवाज दी जाती है- विराट सर, विराट सर। कोहली सीधे एलिवेटर की तरफ बढ़ जाते हैं। गौतम गंभीर और रोहित शर्मा में गंभीर चर्चा इस बीच भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा लॉबी एरिया में बैठे हुए कुछ गहन चर्चा करते हुए दिख रहे हैं। इससे पहले दोनों ड्रेसिंग रूम में भारत की जीत के बाद बातचीत करते दिख रहे थे और उसमें बैटिंग कोच सितांशु कोटक भी शामिल थे। सोशल मीडिया पर एक और क्लिप वायरल है। भारत की जीत के बाद का क्लिप है। विराट कोहली सीढ़ियां चढ़कर ड्रेसिंग रूम की तरफ जाते हैं। कांच के उस पार गौतम गंभीर दिख रहे हैं लेकिन उनके नजदीक जान पर कोहली अपने मोबाइल फोन में व्यस्त हो जाते हैं। गंभीर उन्हें देख रहे होते हैं लेकिन ऐसा लग रहा कि किंग कोहली उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज करके आगे बढ़ जा रहे हैं। विराट कोहली-रोहित शर्मा और गौतम गंभीर के बीच सब ठीक नहीं? सोशल मीडिया पर ये क्लिप ऐसे वक्त वायरल हो रहे हैं जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा कि कोहली-रोहित और टीम मैनेजमेंट में सब ठीक नहीं चल रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक रोहित शर्मा और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर में बिल्कुल भी बातचीत नहीं होती। इसी तरह विराट कोहली और गौतम गंभीर में भी कोई खास बातचीत नहीं होती। एक कोच और एक पूर्व कप्तान और खिलाड़ी के बीच जैसे बातचीत होनी चाहिए, वैसी तो बिल्कुल नहीं। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वनडे टीम के दोनों दिग्गजों विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ गौतम गंभीर के रिश्ते उतने अच्छे नहीं दिख रहे, जितने होने चाहिए। इस मुद्दे को लेकर बीसीसीआई आने वाले दिनों में टीम मैनेजमेंट से बात कर सकता है।

ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी! झारखंड में इस बार पड़ेगी सबसे सख़्त सर्दी

रांची   दिसंबर महीने की शुरूआत हो चुकी है। महीने के पहले दिन ही ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। दिन में भी कड़ाके की ठंड महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के मुताबिक, अब दिन-प्रतिदिन सर्दी का सितम बढ़ेगा। दिन में आंशिक बादल देखने को मिल सकते हैं मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अगले 12 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि होगी। इसके बाद तापमान में गिरावट आने लगेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, कल यानी मंगलवार के बाद से राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह के समय कोहरा या धुंध छाए रहने की संभावना है। इसके साथ ही दिन में आंशिक बादल देखने को मिल सकते हैं। वहीं 03 दिसंबर से 06 दिसंबर तक सुबह में कोहरा या धुंध बनी रहेगी, लेकिन बाद में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। पारा के साथ ओस गिरने की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, झारखंड के मौसम में आज से लेकर अगले 5 दिनों तक किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। सुबह के वक्त धुंध छाया रहेगा और दिन के समय मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान बादल छाये रहेंगे। हालांकि आज यानी रविवार को पारा के साथ ओस गिरने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।  

A320 फ्लीट में बड़ी दिक्कत: नई खामी सामने आते ही कई जेट्स ग्राउंडेड

नई दिल्ली  विमानन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एयरबस (Airbus) ने सोमवार को बताया कि उसके कई A320-परिवार के विमानों के फ्यूज़लेज पैनल (Fuselage Panels) में एक औद्योगिक गुणवत्ता समस्या (Industrial Quality Issue) का पता चला है। उद्योग सूत्रों के अनुसार इस संदिग्ध उत्पादन दोष के कारण कंपनी के कुछ विमानों की डिलीवरी में देरी होने की आशंका है जिससे एयरबस के चुनौतीपूर्ण वार्षिक डिलीवरी लक्ष्यों को झटका लग सकता है। क्या है समस्या? सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि यह समस्या कई दर्जन A320 परिवार के विमानों के फ्यूज़लेज पैनल को प्रभावित कर रही है। हालांकि इस बात के तत्काल कोई संकेत नहीं हैं कि यह समस्या उन विमानों तक पहुंची है जो पहले से ही सेवा में लगे हुए हैं। समस्या मुख्य रूप से नए निर्माणाधीन विमानों में पाई गई है। समस्या की जड़ या सटीक कारण का तुरंत पता नहीं चल सका है और एयरबस ने तत्काल इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। डिलीवरी लक्ष्यों पर दबाव यह तकनीकी समस्या ऐसे समय में सामने आई है जब एयरबस अपने वार्षिक डिलीवरी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए जोर-शोर से प्रयास कर रहा है। नवंबर में आपूर्ति: उद्योग सूत्रों ने बताया कि विमान निर्माता कंपनी ने नवंबर में 72 विमानों की आपूर्ति की। कुल आपूर्ति: इससे इस वर्ष अब तक (नवंबर तक) कुल 657 विमानों की आपूर्ति हुई है। चुनौतीपूर्ण लक्ष्य: कंपनी का इस वर्ष का लक्ष्य लगभग 820 विमानों की आपूर्ति करना है। दिसंबर की चुनौती: इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए एयरबस को अब दिसंबर के महीने में 160 से अधिक जेट विमानों का रिकॉर्ड बनाना होगा। रिकॉर्ड तोड़ने की चुनौती दिसंबर में 160 से अधिक जेट विमानों की डिलीवरी करना एयरबस के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होगी। वर्ष के अंतिम महीने में अब तक का सबसे बड़ा डिलीवरी रिकॉर्ड 2019 में बनाया गया था जब कंपनी ने 138 विमानों की आपूर्ति की थी। उत्पादन दोष की यह नई समस्या एयरबस के लिए रिकॉर्ड डिलीवरी हासिल करने के प्रयासों में एक बड़ी बाधा बन सकती है।  

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4239 रुपए जारी

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए  1 दिसंबर को 4239 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23, 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए, 29 नवंबर को 4240 रुपए और 30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।

CM डॉ. मोहन का संदेश—गीता से सीखें लाइफ बैलेंस, हर बच्चे तक पहुंचे धर्मग्रंथ की सीख

भोपाल/उज्जैन 'भक्ति योग-ज्ञान योग-कर्म योग, इन सबका सार गीता में मिलता है। हर स्कूल के बस्ते में-हर बच्चे के साथ गीता होनी चाहिए। लाइफ बैलेंस करने के लिए गीता की शिक्षा महत्वपूर्ण है। जितना प्रैक्टिकल ज्ञान गीता देती है, उतना कोई नहीं देता। गीता बताती है कि हमारे कर्म हमारे साथ होते हैं। गीता हमें अपने कर्मों और आत्मा के बीच समन्वय स्थापित करने का रास्ता दिखाती है।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने 1 दिसंबर को उज्जैन में कही। सीएम डॉ. यादव दशहरा मैदान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (Bhagavad Gita at International Geeta Mahotsav) में सहभागिता कर रहे थे। इस कार्यक्रम में साधु-संतों के साथ-साथ बच्चे और बूढ़े भी शामिल थे। सभी ने एक साथ गीता पाठ भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज प्रदेश को गीता भवन की सौगात भी मिलेगी।   गीता हमारा पवित्र ग्रंथ- CM मोहन यादव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गीता हमारा पवित्र ग्रंथ है। इसमें सबकुछ है। इससे बड़ा कोई ग्रंथ नहीं। मध्यप्रदेश सरकार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मना रही है, इसके लिए सभी को शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साल 2020 में शिक्षा नीति का संशोधन किया गया। इस संशोधन के बाद हमें गर्व है कि हमने गीता को पाठ्यक्रम में महत्ता दी है। हमारी सरकार ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं को भी महत्ता दी है। उन्होंने कहा कि हमें उनके आदर्शों से सीखने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हमें धर्म के माध्यम से जीवन के मर्म को समझने का मौका मिलता है। हम किसी की बुराई नहीं कर रहे, किसी के प्रति हमारा गलत भाव नहीं है, लेकिन सच्चाई का पता लगाने का तो भाव होना चाहिए। एकता-प्रेम की प्रेरणा सीएम डॉ. यादव ने कहा कि 5 हजार साल पहले कंस को मारने के बाद भगवान श्री कृष्ण ने शिक्षा ग्रहण करने के लिए उज्जैयनी की तरफ कदम बढ़ाए। वे उस सांदीपनि आश्रम आए, जहां अमीर-गरीब सबके लिए दरवाजे खुले थे। सबको समान रूप से शिक्षा मिलती थी। इस आश्रम में एक ओर भगवान कृष्ण-शिक्षा पा रहे थे, तो दूसरी ओर सुदामा भी पढ़ाई कर रहे थे। इस तरह भगवान कृष्ण ने हमें एकता और प्रेम की प्रेरणा दी। भगवान कृष्ण के माता-पिता ने कई प्रकार के कष्ट सहे, उसी तरह भगवान ने भी संकट झेले। लेकिन, इन कष्टों में भी उन्होंने संघर्ष किया और हर जगह विजय पताका फहराई। कष्टों में मुस्कुराना और कालिया नाग के ऊपर नृत्य भगवान श्री कृष्ण ही कर सकते हैं। कुर्सी के बजाए शिक्षा को महत्व प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव ने कहा कि कंस को मारने के बाद कुर्सी के बजाए शिक्षा को महत्व देना, यह हमारे विद्यार्थियों के साथ-साथ सबके लिए सबक है। सांदीपनि आश्रम ने भगवान श्री कृष्ण को सिखाया कि चुनौतियों के बीच मुस्कुराना कैसे है, कर्तव्य के पथ से कर्म की तरफ कैसे जाते हैं। जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु भी होगी। इंसान को सदैव धर्म मार्ग पर चलना चाहिए। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण के माध्यम से दुनिया ने भारत का पराक्रम देखा है।  

समांथा की दूसरी शादी: तलाक के बाद चार साल में फिर से शादी, सात फेरे हुए मंदिर में

मुंबई बधाई हो! एक्ट्रेस समांथा रूथ प्रभु ने फैंस को गुडन्यूज दी है. उन्होंने बॉयफ्रेंड राज निदिमोरू संग दूसरी शादी की है. एक्ट्रेस ने इंटीमेट वेडिंग की फोटोज को इंस्टा पर शेयर किया है. लाल साड़ी में सजी धजी समांथा को फैंस ने शादी की मुबारकबाद दी है. एक हुए समांथा-राज समांथा ने दूसरी शादी कर फैंस को बड़ा सरप्राइज दिया है. एक फोटो में कपल एक दूसरे को एंगेजमेंट रिंग पहनाते दिखा है. समांथा और राज की कैंडिड फोटोज पर फैंस अपना दिल हार रहे हैं. समांथा को फिर से सोलह श्रृंगार में देख फैंस गदगद हैं. वो पति राज का हाथ थामे फोटो में नजर आईं. लाल साड़ी में चोकर नेकलेस, मैचिंग बैंगल्स, ईयरिंग्स के साथ समांथा ने अपना लुक कंप्लीट किया. उन्होंने बालों को गजरा लगाकर टाई किया हुआ है. ब्राइडल लुक में वो खूबसूरत लगीं. वहीं राज व्हाइट कुर्ता पायजामा और ब्राउन नेहरू जैकेट में हैंडसम लगे. कपल की केमिस्ट्री लोगों को भा गई है. फैंस और सेलेब्स ने राज-समांथा को शादी की बधाई दी है. तलाक के बाद बुरे दौर से गुजरीं समांथा की जिंदगी को खुशियों से भरता देख फैंस खुश हैं. एक्ट्रेस ने पहली शादी काफी धूमधाम से की थी. नागा संग उन्होंने क्रिश्चियन और ट्रैडिशनल वेडिंग की थी. लेकिन अब समांथा ने राज संग गुपचुप सिंपल वेडिंग करने का फैसला लिया.   समांथा का नागा संग हुआ था तलाक समांथा और राज दोनों की ये दूसरी शादी है. एक्ट्रेस की पहली शादी साउथ इंडियन एक्टर नागा चैतन्या से हुई थी. 2017 में उन्होंने लव मैरिज की थी. लेकिन ये रिश्ता लंबा नहीं चला. 2021 में उनका तलाक हुआ. नागा संग रिश्ता टूटने पर समांथा बिखर गई थीं. मूव ऑन करने में उन्हें काफी मुश्किल हुई थी. वो डिप्रेशन में भी रहीं. इस बीच उनकी जिंदगी में डायरेक्टर राज निदिमोरू की एंट्री हुई. सीरीज फैमिली मैन की शूटिंग के दौरान उनकी नजदीकियां बढ़ी थीं. दोनों ने काफी समय तक अपने रिलेशन के गुपचुप रखा. कुछ महीनों पहले ही उन्होंने अपने रिश्ते को इंस्टा ऑफिशियल किया. अब 1 दिसंबर को समांथा-राज जन्मों जन्मांतर के साथी बन गए हैं. राज की पहली शादी श्यामली डे से हुई थी. जानकारी के मुताबिक, राज और श्यामली 2022 में अलग हो गए थे. श्यामली पेशे से असिस्टेंट डायरेक्टर, क्रिएटिव कंसल्टेंट, स्क्रिप्टराइटर हैं. श्यामली ने ओमकारा, रंग दे बसंती जैसी मूवी में काम किया है. कौन हैं राज निदिमोरू? राज ने अपने पार्टनर डीके के साथ मिलकर सीरीज द फैमिली मैन, फर्जी और सिटाडेल- हनी बनी को बनाया है. उन्होंने फिल्म 99, शोर इन द सिटी, गो गोवा गोन, हैप्पी एंडिंग, अ जेंटलमैन जैसी मूवीज को डायरेक्ट किया है.  

गीता अद्भुत और पवित्र ग्रंथ है, जीवन की सारी जिज्ञासाओं का समाधान गीता में है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गीता हमें कर्मवाद की शिक्षा देती है, यह मोह माया को तजकर कर्तव्य पथ को चुनना सिखाती है भगवान श्रीकृष्ण के जहाँ जहाँ चरण पड़े, उन्हें तीर्थ बनाएगी सरकार प्रदेश में गीता भवन भी बनाएंगे प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर में बनकर हुआ तैयार भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ 11000 कृष्ण-मार्गियों एवं कृष्ण भक्तों ने किया एक स्वर में गीता के 15वें अध्याय का पाठ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमद्भगवद्गीता एक अद्भुत, अनुपम और पवित्र ग्रंथ है। गीता के अध्ययन मात्र से ही मनुष्य के जीवन के सभी प्रश्नों और सभी जिज्ञासाओं का शमन (समाधान) हो जाता है। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान ही सम्पूर्ण सृष्टि के समग्र ज्ञान और चेतना का मूल आधार है। योगीराज भगवान श्रीकृष्ण ने मानव जीवन को धर्म, कर्म और मर्म का वास्तविक मार्ग दिखाया है। भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग, निष्काम कर्म और धर्म पालन को ही मनुष्य के जीवन का सर्वोच्च मार्ग इंगित किया है। उन्होंने वीर अर्जुन को सिखाया कि लौकिक जगत में रहते हुए भी मनुष्य को अपने कर्तव्य (स्वधर्म) का पालन करना चाहिए। कर्म करते हुए भी फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए। यही अलौकिक धर्म का मार्ग है, जिससे मनुष्य मोक्ष और परम शांति की ओर बढ़ता है। भगवान श्रीकृष्ण ने विश्व समुदाय को कर्मयोग के जरिए ही अपने धर्म का पालन करने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को गीता जंयती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान हम सबको सिखाता है कि मनुष्य के आत्मा रूपी पिंड को एक दिन अंतत: परमात्मा में ही समाहित हो जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के चित्र पर माल्यार्पण कर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का विधिवत् शुभारंभ किया। गीता महोत्सव में श्रीकृष्ण आराधना एवं आचार्यों/संतों की सन्निधि में 11000 कृष्णमार्गियों/ कृष्ण भक्तों/बटुकों/स्कूली विद्यार्थियों द्वारा एक स्वर में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सुमधुर पाठ किया गया। गीता के इस पुरूषोत्तम अध्याय के सस्वर पाठ ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत प्रोत कर दिया। धर्म, संस्कृति और तकनीक के इस अनूठे आयोजन ने गीता की शिक्षाओं को नए आयामों में प्रस्तुत किया। साथ ही समाज में गीता के मूल्यों के प्रति नई चेतना का जागरण भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी गीता पाठियों के साथ समूह चित्र खिंचवाए और उनके आह्लाद में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गीता जयंती के पावन पर्व पर ऐसा लग रहा है कि गोपाल कृष्ण हमारे आसपास ही विद्यमान हैं। बीते वर्ष लाल परेड ग्राउंड पर 3500 विद्यार्थियों ने एक साथ गीता पाठ कर अद्भुत रिकॉर्ड बनाया था। इस गीता जयंती पर प्रदेश के सभी 55 जिलों, 10 संभागों और 313 विकासखंडों में करीब 3 लाख से अधिक गीता पाठियों के 15वें अध्याय के सस्वर पाठ से अद्वितीय रिकार्ड बनेगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस को मारने के बाद अपने जीवन में शिक्षा को सर्वोपरि रखा। भारत में 5 हजार वर्ष पहले से विद्यार्थियों के लिए गुरुकुल जाकर शिक्षा ग्रहण करने की व्यवस्था थी। भगवान श्रीकृष्ण भी उज्जैन के सांदीपनि आश्रम आए और यहां पर चारों वेद, सभी उपनिषद्, 64 कलाएं और 14 विद्याएं सीखीं। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता की नींव मध्यप्रदेश की धरा में स्थित इसी आश्रम में पड़ी थी। इन दोनों की मित्रता से हमें यह सीख मिलती है कि कोई कहीं भी पहुंच जाए, अपने बचपन के मित्रों को नहीं भूलना चाहिए। मित्र यदि गरीब हो, तो बिना बताए ही उसकी भरपूर सहायता कर देनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन संघर्ष और कर्मवादी रहा है। उन्होंने महाभारत के युद्ध में अर्जुन को कर्मवाद की शिक्षा दी। मनुष्य को कर्तव्यों के निर्वहन के लिए मोहमाया और कर्म में से किसी एक मार्ग को चुनना पड़ता है। यह कर्तव्य मार्ग होता है। उन्होंने कहा कि हर प्राणी के जन्म के साथ ही उसकी मृत्यु निश्चित है। भगवान श्रीकृष्ण ने 15वें अध्याय में आत्मा और परमात्मा के माध्यम से पुरुषोत्तम ज्ञान दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन के हर पल से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। कर्मवाद के आधार पर भगवान को भी पृथ्वी पर मनुष्य रूप में जन्म लेना पड़ा। उन्होंने भी जीवन में सुख-दु:ख का अनुभव किया। मनुष्य को जन्म के साथ ही अपने सभी संचित, अकिंचन और अर्जित कर्मों का फल भोगना पड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े प्रत्येक स्थान को तीर्थस्थल के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के चरण जहां-जहां पड़े उसे रेखांकित करते हुए 'श्रीकृष्ण पाथेय' का रूप दिया जा रहा है। इसी के साथ प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सामुदायिक भवनों की आवश्यकता की पूर्ति करने वाले गीता भवन तैयार किए जा रहे हैं। प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर के राजवाड़ा में बनकर तैयार है। इसका लोकार्पण किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव गृह, संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सांस्कृतिक आयोजनों को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सच्चे अर्थों में मध्यप्रदेश की कला और संस्कृति के संरक्षक हैं। गीता जयंती के अवसर पर आज उज्जैन में 11 हजार भक्तों ने श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ किया।