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डॉ. यादव का बयान—मोदी जी के नेतृत्व में नया भारत आकार ले रहा है

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र बदल रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने जनजातीय हस्तियों और प्रतिभाओं को किया सम्मानित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं तक भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश पहुंचाया। हमारा जनजातीय समाज भी भगवान कृष्ण की मुरली और मयूर पंख के उपयोग के साथ संपूर्ण समाज से जुड़कर समरस भाव से रहता आया है। भारतीय सिनेमा ने भी राष्ट्र भक्ति के विचार को सशक्त बनाना प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में एक सुखद परिवर्तनशील वातावरण को हम देख रहे हैं। राष्ट्र बदल रहा है। कोरोना के कठिन दौर में नागरिकों को जीवन रक्षा के लिए वैक्सीन की व्यवस्था की गई। भारत दुनिया की आर्थिक शक्ति बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक निजी टीवी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 'जनजातीय प्रज्ञा' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चैनल के मैनेजिंग एडीटर मध्यप्रदेश  प्रवीण दुबे और मैनेजिंग एडिटर छत्तीसगढ़  विश्वेश ठाकुर ने बातचीत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यावरण और वन्य प्राणी संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज से जुड़ी प्रदेश के विभिन्न हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इनमें पद्म  अर्जुन धुर्वे डिंडोरी, फुलझरिया बाई, डिंडोरी,  सूर्यभान मरावी बालाघाट, साक्षी भवड़िया अलीराजपुर, प्रियंका अलीराजपुर, रोहित वैशाखी बड़वानी और बसंती देवी अनूपपुर शामिल हैं। प्रमुख बिन्दु     प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं तक भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश पहुंचाया।     जनजातीय समाज भी भगवान कृष्ण की मुरली और मयूर पंख के उपयोग के साथ संपूर्ण समाज से जुड़कर समरस भाव से रहता आया है।     भारतीय सिनेमा ने भी राष्ट्र भक्ति के विचार को सशक्त बनाना प्रारंभ किया है।     प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में एक सुखद परिवर्तनशील वातावरण को हम देख रहे हैं।     राष्ट्र बदल रहा है।     भारत दुनिया की आर्थिक शक्ति बना है।     प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और सम्मान, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यावरण और वन्य प्राणी संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया।     जनजातीय समाज से जुड़ी प्रदेश के विभिन्न हस्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया।  

वाराणसी में आयोजित काशी तमिल संगमम् के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री बोले : भारत के उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोलने का माध्यम है यह आयोजन

एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को सुदृढ़ और जीवंत कर रहा है काशी तमिल संगमम् : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में आयोजित काशी तमिल संगमम् के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री बोले : भारत के उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोलने का माध्यम है यह आयोजन काशी और तमिल के प्राचीन संबंधों के केंद्र में हैं भगवान शिव, इस संबंध-सेतु को आदि शंकराचार्य ने देश के चारों कोनों में पवित्र पीठ स्थापित कर आगे बढ़ाया: मुख्यमंत्री वाराणसी  तीनों लोकों में विशिष्ट, मोक्षदायिनी, भगवान शिव की पावन नगरी, आनंद कानन और सर्वविद्या की राजधानी अविमुक्त क्षेत्र काशी में कार्तिक मास की पावन बेला में आयोजित हो रहे काशी तमिल संगमम् को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को सुदृढ़ और जीवंत बनाने वाला कदम बताया। मंगलवार को वाराणसी में आयोजित शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से अपने वोकेशनल एजुकेशन में तमिल, कन्नड़, मलयालम, तेलुगू, मराठी और बंगाली जैसी भाषाओं को सम्मिलित किया है। छात्र अपनी रुचि के अनुसार इनमें से किसी एक भाषा का चयन करेंगे और सरकार उसका पूरा व्यय वहन करेगी। तमिल भाषा इस संदर्भ में एक नया मंच प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिवर्ष रामेश्वरम, मदुरै और कन्याकुमारी धाम के दर्शन के लिए जाते हैं। पर्यटन विभाग विशेष यात्रा कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं को रियायती दरों पर इन पवित्र स्थलों का दर्शन कराया जाएगा। यह कार्यक्रम भारत के भविष्य में निवेश के समान है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में काशी तमिल संगमम् भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन चुका है। भगवान विश्वनाथ, माता विशालाक्षी, माता अन्नपूर्णा, माता मीनाक्षी, रामनाथस्वामी, गंगा और कावेरी का आशीर्वाद सभी पर बना रहे। वणक्कम काशी और हर-हर महादेव के उद्घोष से अभिवादन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वणक्कम काशी और हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ सभी अतिथियों का तमिल भाषा में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रामेश्वरम की पवित्र भूमि से पधारे सभी आगंतुकों का उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेशवासियों की ओर से अभिनंदन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काशी तमिल संगमम् का यह चौथा संस्करण एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को सुदृढ़ और जीवंत कर रहा है। उन्होंने कहा कि काशी और तमिल परंपरा के प्राचीन संबंधों के केंद्र में भगवान शिव हैं। इस संबंध-सेतु को आदि शंकराचार्य ने भारत के चारों कोनों में पवित्र पीठ स्थापित कर आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का यह प्रवास काशी की शिवभक्ति, प्रयागराज का संगम और अयोध्या में धर्मध्वजा आरोहण के उपरांत प्रभु राम के दिव्य दर्शन का अद्वितीय आध्यात्मिक सौभाग्य प्रदान करेगा। यह आयोजन उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक, शैक्षिक, आर्थिक और आध्यात्मिक साझेदारी को सशक्त करते हुए भारत के उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोल रहा है। इस वर्ष की थीम ‘तमिल सीखें’ प्रेरक है, जो ज्ञान, संस्कृति और भाषा के माध्यम से एक भारत-श्रेष्ठ भारत को और सुदृढ़ करेगी। तेनकासी से प्रारंभ कार यात्रा का उल्लेख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष तेनकासी (तमिलनाडु) से प्रारंभ हुई कार रैली को आयोजन का प्रमुख आकर्षण बताया। उन्होंने कहा कि दो हजार किलोमीटर की यह यात्रा काशी की पवित्र भूमि से गहरे संबंधों का स्मरण कराती है। पांड्य राजवंश के महान शासक आदिवीर पराक्रम पांडियन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रा उत्तर की दिशा में उनके प्राचीन मार्ग की पुनर्स्मृति है। शिव मंदिर और तेनकासी की कथा तमिल और भारतीय सांस्कृतिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। ज्ञान, साधना और सांस्कृतिक एकता को नई ऊंचाई मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में चल रहा यह अभियान ज्ञान, साधना, सांस्कृतिक एकता और साझा भारतीय सभ्यता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। यह आयोजन तीर्थ परंपरा, भावनात्मक एकता और ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा आधुनिक संबंधों को प्रगाढ़ करता है। उन्होंने संस्कृत श्लोक 'अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवंतिका पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायिकाः' का उल्लेख करते हुए भारत के सात पवित्र नगरों की महिमा बताई। आदित्य हृदय स्तोत्र और महान संतों का उल्लेख महर्षि अगस्त्य द्वारा रचित आदित्य हृदय स्तोत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह वही स्तुति है जिसे महर्षि अगस्त्य ने रावण से युद्ध से पूर्व राम को सुनाया था। उन्होंने कहा कि महर्षि अगस्त्य, आदि गुरु शंकराचार्य, संत तिरुवल्लुवर, जगद्गुरु रामानुजाचार्य, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसे महान व्यक्तित्वों ने दक्षिण भारत से निकलकर पूरे देश में ज्ञान का प्रकाश फैलाया। शैव-वैष्णव भक्ति परंपराएं तमिल सभ्यता की आध्यात्मिक समृद्धि को प्रदर्शित करती हैं। उन्होंने बताया कि चेट्टियार समाज पिछले दो सौ वर्षों से काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए पूजन सामग्री उपलब्ध करा रहा है। त्रिवेणी संगम के जल से रामेश्वरम के रामनाथस्वामी और कोड़ितीर्थम् के जल से काशी विश्वनाथ के अभिषेक की परंपरा अब प्रतिमास आगे बढ़ रही है। काशी में तमिल परंपरा की जीवंत उपस्थिति मुख्यमंत्री योगी ने काशी के केदार घाट, हनुमान घाट और हरिश्चंद्र घाट का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां तमिल संस्कृति आज भी जीवंत दिखाई देती है। उन्होंने आईआईटी मद्रास और बीएचयू की संयुक्त शैक्षिक योजनाओं को राष्ट्रीय एकता की दिशा में प्रेरक कदम बताया। उन्होंने बताया कि आगंतुक अपने प्रवास के दौरान प्रयागराज और अयोध्या भी जाएंगे। अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर में महर्षि अगस्त्य का मंदिर बन चुका है और उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित है। राम मंदिर का प्रवेश द्वार जगद्गुरु शंकराचार्य और जगद्गुरु रामानुजाचार्य के नाम पर है तथा अयोध्या के बृहस्पति कुंड में दक्षिण भारतीय संतों त्यागराज, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण ने देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक ऊर्जा को नई शक्ति दी है। पिछले चार वर्षों में यहां 26 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए हैं, जिनमें सबसे बड़ी संख्या तमिलनाडु से है। सांस्कृतिक एकता का अद्वितीय उत्सव है काशी तमिल संगमम् कार्यक्रम में  उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने वर्चुअल माध्यम से काशी तमिल संगमम् के चौथे संस्करण पर वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान शुरू हुआ यह आयोजन अब राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच बन चुका है। संगमम् गंगा और … Read more

प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हैक्टयर तक बढ़ाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रदेश में दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का हुआ विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ.यादव प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हैक्टयर तक बढ़ाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ.यादव प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल पर होगी प्रदेश की सिंचाई योजनाओं की समीक्षा: मुख्यमंत्री डॉ.यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी। प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हैक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विधानसभा समिति कक्ष में जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पार्वती-काली-सिंध और चम्बल अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना, केन-बेतवा अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना की स्वीकृति और केंद्र सरकार के सहयोग को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि इस दिशा में राज्य में अध्ययन और सर्वेक्षण का कार्य किया गया है। राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया है। इस सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपए होगी। सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे। राज्य की नदियों में बाढ़, जल प्रबंधन, जल के समुचित उपयोग नदी कछारों में पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने के लिए तकनीकी दल का गठन 13 नवम्बर 2024 को किया गया था । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल की झील की प्राचीन तकनीक का अध्ययन कर इस तर्ज पर कम लागत में सुरक्षित जलाशय एवं बांध निर्माण की अवधारणा पर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के इस मॉडल का प्रदर्शन करने के निर्देश भी विभाग को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी गई कि राज्य में जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना उज्जैन जिसकी लागत 614.53 करोड़ रुपए है। इसकी भौतिक प्रगति 48 प्रतिशत है। इसी तरह कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना उज्जैन की लागत 919.94 करोड़ है। इस परियोजना की भौतिक प्रगति 42 प्रतिशत है। सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। प्रमुख बिन्दु     प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित।     प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी।     प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हैक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य।     प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी।     राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश।     राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया।     सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी।     इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपए होगी।     सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे।     राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने के लिए तकनीकी दल का गठन 13 नवम्बर 2024 को किया गया।     भोपाल की झील की प्राचीन तकनीक का अध्ययन कर इस तर्ज पर कम लागत में सुरक्षित जलाशय एवं बांध निर्माण की अवधारणा पर कार्य करने के निर्देश।     सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना उज्जैन जिसकी लागत 614.53 करोड़ रुपए है। इसकी भौतिक प्रगति 48 प्रतिशत है।     कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना उज्जैन की लागत 919.94 करोड़ है। इस परियोजना की भौतिक प्रगति 42 प्रतिशत है।     सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है।  

Ray-Ban Meta Gen 2 भारत में आया—इन-बिल्ट कैमरा, स्पीकर्स और UPI पेमेंट फीचर से लैस स्मार्ट चश्मा

नई दिल्ली फेसबुक की पेरेंटल कंपनी Meta ने भारत में अपना सेकेंड जनरेशन  Ray-Ban Meta Smart Glasses को भारत में लॉन्च किया है. न्यू मॉडल में कंपनी ने Gen 1 मॉडल की तुलना में वीडियो कैपिबिलिटीज को बेहतर किया है. साथ ही बैटरी परफोर्मेंस को बेहतर बनाया गया है और AI फीचर्स को भी अपग्रेड किया है.  इस चश्मे के अंदर कैमरा, स्पीकर्स और आने वाले दिनों में UPI Lite का भी फीचर शामिल किया जा सकेगा. एक बार फीचर शामिल होने के बाद Ray-Ban Meta Smart Glasses से ही पेमेंट संभव हो सकेगी, जिसके लिए यूजर्स को स्मार्ट ग्लासेस पहनकर सिर्फ QR कोड देखने के बाद समांड देनी होगी कि Hey Meta, Scan and Pay. इसके बाद पेमेंट हो जाएगी.  WhatsApp UPI से कनेक्ट करना होगा बैंक  Ray-Ban Meta Smart Glasses से पेमेंट करने के लिए जरूरी है कि यूजर्स को अपने WhatsApp UPI के साथ बैंक को लिंक करना होगा. आने वाले दिनों में इस फीचर्स के बारे में और ज्यादा डिटेल्स शेयर की जाएगी.  Ray-Ban Meta (Gen 2) बेहतर किए फीचर्स और हार्डवेयर  Ray-Ban Meta (Gen 2) ग्लासेस के अंदर हार्डवेयर को बेहतर किया है. न्यू मॉडल के तहत यूजर्स शार्प 3K Ultra HD वीडियो कैप्चर कर सकेंगे और अल्ट्रा वाइड HDR का सपोर्ट मिलेगा, जिससे इमेज और वीडियो क्वालिटी को बेहतर किया है.  Ray-Ban Meta (Gen 2) सिंगल चार्ज में 8 घंटे का बैकअप  बैटरी सिस्टम को बेहतर किया गया है, जिसमें यूजर्स को सिंगल चार्ज में 8 घंटे का बैटरी बैकअप मिलेगा. साथ ही कंपनी ने फास्ट चार्जिंग को शामिल किया है, जिसकी बदौलत सिर्फ 20 मिनट में बैटरी 50 परसेंट तक चार्ज हो जाती है.  Meta AI को किया है बेहतर  न्यू ग्लासेस के अंदर Meta AI असिस्टेंट को और रिफाइन किया गया है, जो डेली यूज में बड़ा ही काम आएगा. यूजर्स को सिर्फ Hey Meta करना होगा, जिसके तुरंत बाद जवाब मिलेगा.  Meta AI में हिंदी सपोर्ट को किया शामिल  भारतीय मार्केट की जरूरत को समझते हुए कंपनी ने फुल हिंदी सपोर्ट शामिल किया गया है. ऐसे में यूजर्स आसानी से हिंदी में Meta AI को कमांड दे सकेंगे और फीचर्स को कंट्रोल कर सकेंगे.  सेलिब्रिटी AI वॉयस इंटिग्रेशन  Meta AI ने हाल ही में सेलिब्रिटी AI वॉयस फीचर को पेश किया था, जिसकी मदद से यूजर्स अपने लोकल सेलिब्रिटी वॉयस के साथ इंट्रैक्शन कर सकेगा. भारत में यूजर्स दीपिका पादुकोण की वॉयस के साथ इंट्रैक्शन कर सकेंगे.  Ray-Ban Meta (Gen 2) की कीमत  Ray-Ban Meta (Gen 2) की भारत में शुरुआती कीमत 39,900 रुये है. इसके टॉप एंड वेरिएंट की कीमत 45,700 रुपये है. 

दिल्ली और सौराष्ट्र में Bharat Taxi का सॉफ्ट लॉन्च, ड्राइवरों को 100% कमाई

 नई दिल्ली Bharat Taxi Cab Service: दिल्ली और गुजरात की सड़कों पर एक नई हलचल देखने को मिल रही है. यह हलचल किसी आम ऐप की नहीं, बल्कि कैब ड्राइवरों के सपनों को एक नई उड़ान देने वाली सेवा की है, जिसका नाम है 'भारत टैक्सी'. सहकारिता की सोच से निकली यह नई सर्विस न सिर्फ ओला-उबर जैसी निजी कैब कंपनियों को चुनौती देने आई है, बल्कि पहली बार देश के ड्राइवरों को ‘मालिकाना हक’ का अहसास भी दिला रही है.  दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली और गुजरात के सौराष्ट्र में भारत टैक्सी सर्विस की सॉफ्ट लॉन्चिंग की गई है. यह सेवा सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव के तहत शुरू हुई है, जिसे दुनिया का पहला ऐसा नेशनल मोबिलिटी कोऑपरेटिव बताया जा रहा है जो पूरी तरह ड्राइवरों के हक की बात करता है. इस कदम के साथ बीटा कंज्यूमर ट्रायल शुरू किया जा चुका है. 51 हजार से अधिक ड्राइवर जुड़े भारत टैक्सी को दुनिया के सबसे बड़े ड्राइवर-ओन्ड नेटवर्क के रूप में पेश किया जा रहा है. दिल्ली और गुजरात में कार, ऑटो और बाइक तीनों कैटेगरी मिलाकर 51,000 से अधिक ड्राइवर प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर हो चुके हैं. हालांकि अभी ये सहकारी कैब सर्विस पूरे देश में लागू नहीं हुई है, लेकिन इससे पहले ही भारत टैक्सी अब दुनिया का सबसे बड़ा ड्राइवर-ओन्ड मोबिलिटी कलेक्टिव बनकर उभरा है. ऐप हुआ लाइव, जल्द आएगा iOS वर्जन भारत टैक्सी मोबाइल ऐप फिलहाल गूगल प्ले स्टोर पर ट्रायल और फीडबैक के लिए उपलब्ध है. कोऑपरेटिव का कहना है कि ऐप का iOS वर्ज़न भी जल्द ही लॉन्च किया जाएगा. फिलहाल दिल्ली और गुजरात में के लिए इसका ट्रायल शुरू किया गया है और ग्राहकों से इस ऐप को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. गूगल प्लेस्टोर पर इसका मोबाइल ऐप भारत टैक्सी ड्राइवर (Bharat Taxi) के नाम से प्रदर्शित हो रहा है. यहां ध्यान रखें कि, वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. दिल्ली मेट्रो के साथ इंटीग्रेशन भारत टैक्सी ऐप की खासियत ये है कि, इसका दिल्ली मेट्रो से इंटीग्रेशन किया गया है. इससे यूज़र एक ही ऐप में अपनी पूरी यात्रा प्लान कर सकते हैं. कोऑपरेटिव के बयान के मुताबिक, यह सुविधा मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट को बेहद आसान बना देगी और यूज़र एक क्लिक में मेट्रो व कैब दोनों की बुकिंग कर सकेंगे. ड्राइवरों को पूरा भुगतान   भारत टैक्सी का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को कम कीमत में राइड की सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ कैब ड्राइवरों को उनकी मेहनत की पूरी रकम उपलब्ध कराना है. सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर ड्राइवरों को ग्राहकों द्वारा किया गया पूरा भुगतान मिलेगा. इसके साथ ही उन्हें संगठन के बोर्ड में प्रतिनिधित्व और शेयर पर डिविडेंड भी दिया जाएगा. यह मॉडल ड्राइवरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. ‘नो कमीशन’ मॉडल, ड्राइवर नहीं सारथी भारत टैक्सी की एक खासियत यह है कि यहां किसी तरह का कमीशन नहीं लिया जाएगा. ड्राइवरों को सिर्फ एक सदस्यता शुल्क देना होगा, जो दैनिक, साप्ताहिक या मासिक हो सकता है. इस तरह, हर यात्रा की पूरी कमाई ड्राइवर की जेब में जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे लाखों ड्राइवरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा. इस सर्विस से जुड़ने वाले वाहन चालकों को ड्राइवर नहीं बल्कि 'सारथी' कहा जाएगा. दिल्ली पुलिस के साथ साझेदारी राइडर्स और ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोऑपरेटिव ने दिल्ली पुलिस के साथ साझेदारी की है. इससे कैब राइडिं का अनुभव अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय होने की उम्मीद है. ओला-उबर वाले ड्राइवर भी होंगे हिस्सेदार मीडिया रिपोर्ट में इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के हवाले से बताया गया है कि, ऐप में इन-एप कस्टमर सपोर्ट उपलब्ध होगा, जैसा कि अन्य राइड-हेलिंग ऐप्स में मिलता है. उन्होंने यह भी बताया कि प्लेटफॉर्म पर वे ड्राइवर भी मौजूद होंगे जो पहले से ओला, उबर या रैपिडो से जुड़े हैं. अधिक कमाई की संभावना उन्हें भारत टैक्सी की ओर आकर्षित करेगी. 'किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा मुनाफा' कुछ महीने पहले सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड का रजिस्ट्रेशन मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज़ एक्ट के तहत किया गया था. इसकी अधिकृत शेयर पूंजी 300 करोड़ रुपये रखी गई है. गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इसी साल मार्च में लोकसभा में सहकारी कैब सर्विस को शुरू करने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि, "जल्द ही ओला और उबर जैसा एक सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म आने वाला है. उन्होंने कहा कि इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा." नहीं चलेगी निजी कंपनियों की मनमानी बता दें कि, भारत टैक्सी सेवा एक तरह से ओला, उबर जैसी निजी कैब सर्विसेज कंपनियों की मनमानी का जवाब भी है. क्योंकि ये प्राइवेट राइड हेलिंग कंपनियां किसी भी वक्त अपने किराए में बढ़ोत्तरी कर देती हैं. हाल ही में सरकार की तरफ से इन्हें इस बात की भी मंजूरी मिल गई है कि, पीक ऑवर्स (व्यस्त समय में) में ये कंपनियां ग्राहकों से दोगुना फेयर भी वसूल सकती हैं. ऐसे में भारत टैक्सी ग्राहकों को एक किफायती राइड प्रदान करेगा.  वहीं दूसरी ओर निजी कैब कंपनियों पर समय-समय पर ड्राइवरों से कमिशन के नाम पर मोटी रकम वसूलने का भी आरोप लगता रहा है. जिससे कई बार कैब ड्राइवरों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ता है. लेकिन भारत टैक्सी नो कमिशन मॉडल पर चलेगा तो इससे ड्राइवरों के हक का पैसा सीधे उनके खाते में पहुंचेगा. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: व्यावसायिक शिक्षा के साथ कौशल और कृषि शिक्षा को भी दी जाए प्राथमिकता

व्यावसायिक शिक्षा के साथ कौशल विकास और कृषि शिक्षा भी बने प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की हुई समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र र्में सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। विद्यार्थियों को प्रोत्साहन के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश में विगत 2 वर्षों में ड्रॉप आउट रेट 21.4 प्रतिशत से घटकर मात्र 16.8 प्रतिशत रह गया है। इसे और भी कम करने की दिशा में कार्य किया जाए। प्रोत्साहन योजनाओं का अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ दिलवाया जाए। विगत 2 वर्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुसार हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी द्वितीय परीक्षा आयोजित कर समय सीमा में परिणाम घोषित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति में व्यवसायिक शिक्षा देने की दिशा में प्रयास बढ़ाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को विधानसभा समिति कक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की जानकारी ली और कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि अच्छे परीक्षा परिणाम लाने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को भी प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की जानकारी ली और कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "भवन एक कक्षाएं अनेक" की तर्ज पर एक विद्यालय भवन में शेष खाली समय में महाविद्यालय की कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था प्रारंभ करने पर विचार कर कार्रवाई करने को कहा। बैठक में मुख्य रूप से पाठ्य पुस्तकों के नि:शुल्क प्रदाय, स्कूटी वितरण और साइकिल वितरण योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि बालिका शिक्षा एवं छात्रावास का लाभ विद्यार्थियों को दिया जा रहा है। सेनिटेशन और हाइजिन किट का वितरण 19 लाख बालिकाओं को प्रति बालिका 300 रुपए के मान से डीबीटी द्वारा किया गया है। छात्रावासों में वाशिंग मशीन, रोटी मेकर, मैट्रेस जैसी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान योजना में 210 छात्रावास स्वीकृत हुए हैं। शालाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य भी सुनिश्चित किया गया है। सांदीपनि और पीएम  विद्यालयों का लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है। परीक्षा परीणामों में सुधार के प्रयासों को सफलता मिल रही है। वर्ष 2024-25 के प्रथम परीक्षा परिणामों में कक्षा दसवीं 74 प्रतिशत और कक्षा 12वीं 76 प्रतिशत से अधिक परिणाम मिले हैं। प्रथम और द्वितीय परीक्षा में क्रमश: औसत 87 और 82 प्रतिशत परिणाम रहा है। इसी तरह शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज हुई है। विभागीय समीक्षा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश-     किताबों का वितरण प्रत्येक स्तर तक सुनिश्चित करें।     साइकिल मैन्यूफ़ैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिये योजना बनाई जाये।     नवोदय विद्यालय की तर्ज़ पर सांदीपनि आश्रम विद्यालय बनायें जायें।     व्यवसायिक शिक्षा पर ज़ोर दिया जाये।     विद्यालयों में कृषि की शिक्षा भी दी जाये।     रूचि अनुसार कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाये।     अच्छा परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाये।     विद्यालय पहुँच मार्ग में यदि दिक़्क़त है तो उसे अन्य विभागों से समन्वय कर सुव्यवस्थित किया जाये।     आवश्यकता वाले दूरस्थ क्षेत्रों में निजी निवेश पर निजी विद्यालयों को प्रोत्साहित करने की नीति बनाई जाये।     शिक्षा विभाग के पोर्टल और ऐप पर काम किये जायें, शिक्षकों की परेशानी कम करें।  

पंजाब में 5 दिसंबर को बड़ा ऐलान—19 जिलों की दिनचर्या बदल देने वाला निर्णय आया सामने

पटियाला  किसानों द्वारा एक बार फिर बड़ा ऐलान कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार शंभू-खनौरी बॉर्डर पर प्रदर्शन करने वाले किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने पंजाब में 5 दिसंबर को रेलवे ट्रैक रोकने का ऐलान कर दिया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि पंजाब के 19 जिलों में दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक 26 स्थानों पर ट्रेनें रोकी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान सड़कें बंद नहीं की जाएंगी, ताकि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो। इस रेल रोको अभियान का असर अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और बठिंडा सहित कई जिलों में रेल यातायात पर पड़ने की संभावना है। पंधेर ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार किसानों की प्रमुख मांगों जैसे MSP की कानूनी गारंटी, इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म बिल-2025 की वापसी, और प्रीपेड मीटर हटाकर पुराने मीटर बहाल करने आदि पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं। उनका कहना है कि किसानों को मजबूर होकर विरोध का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकारें जल्द समाधान नहीं निकालतीं, तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। 

मुरैना सोलर सह स्टोरेज अपने तरह की पहली परियोजना होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियां सराहनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुरैना सोलर सह स्टोरेज अपने तरह की पहली परियोजना होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  प्रदेश के सोलर पार्क से भारतीय रेल को मिलती है बिजली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का स्तर काफी अच्छा है। ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा दोनों विभागों को कार्यों का स्तर श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम की ओर ले जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। नवीन और नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, मुख्य सचिव  अनुराग जैन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारम्परिक ऊर्जा उत्पादन के साथ नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश में हो रहे कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया कि अक्टूबर 2024 में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्थापित की गई है। आगर,शाजापुर और नीमच के सोलर पार्क से उत्पन्न बिजली का उपयोग भारतीय रेल्वे द्वारा भी किया जा रहा है। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की इन परियोजनाओं से स्थानीय नागरिकों को रोजगार मिला है और 60 मिलियन टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है। बैठक में जानकारी दी गई कि मुरैना सोलर सह स्टोरेज परियोजना राज्य की पहली स्टोरेज परियोजना होगी, जिससे सालाना 180 करोड़ रुपए की बचत होगी। वर्ष 2027 में परियोजना के कार्य पूरे हो रहे हैं। प्रदेश में किसानों के लिए सोलर पंप योजना, सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना, कुसुम अ योजना पर बैठक में चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि कुल 15 विकासकों को जिलों का आवंटन किया गया है। लगभग 1300 भवनों पर 48 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। प्रदेश के नागरिकों द्वारा भी घरेलू छतों पर बड़ी संख्या में उपकरण स्थापित कर रूफटॉप योजना का लाभ लिया जा रहा है। प्रदेश में 76 हजार से अधिक आवासीय इकाईयां कार्य कर रही हैं। इनकी स्थापित क्षमता लगभग 3 लाख किलोवाट है। प्रधानमंत्री जनमन योजना में 11 जिलों में एक हजार से अधिक घरों में सौर्य संयंत्र बैटरी सहित स्थापित किए जा चुके हैं।      ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का स्तर काफी अच्छा।     ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा दोनों विभागों को कार्यों का स्तर श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम की ओर ले जाना है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारम्परिक ऊर्जा उत्पादन के साथ नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश में हो रहे कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की।     अक्टूबर 2024 में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्थापित।     आगर,शाजापुर और नीमच के सोलर पार्क से उत्पन्न बिजली का उपयोग भारतीय रेल्वे द्वारा भी किया जा रहा।     नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की इन परियोजनाओं से स्थानीय नागरिकों को रोजगार मिला।     60 मिलियन टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।     मुरैना सोलर सह स्टोरेज परियोजना राज्य की पहली स्टोरेज परियोजना होगी, जिससे सालाना 180 करोड़ रुपए की बचत होगी।     वर्ष 2027 में परियोजना के कार्य पूरे हो रहे हैं। प्रदेश में किसानों के लिए सोलर पंप योजना, सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना, कुसुम अ योजना पर बैठक में चर्चा हुई।     सभी 55 जिलों के लिए रूफटॉप सौर योजना में सर्वे कार्य हो रहा है।     प्रदेश में 76 हजार से अधिक आवासीय इकाईयां कार्य कर रही हैं। इनकी स्थापित क्षमता लगभग 3 लाख किलोवाट है।     प्रधानमंत्री जनमन योजना में 11 जिलों में एक हजार से अधिक घरों में सौर्य संयंत्र बैटरी     सहित स्थापित किए जा चुके हैं।  

रायपुर मुकाबला: रोहित-कोहली का पावर शो दोहराएगा क्या भारत की जीत की स्क्रिप्ट?

रायपुर  ड्रेसिंग रूम के माहौल को लेकर अफवाहों के बीच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार को दूसरा वनडे और श्रृंखला जीतने के लिये भारत की उम्मीदें विराट कोहली के शानदार फॉर्म और रोहित शर्मा की दमदार मौजूदगी पर लगी होंगी। कोहली के 52वें वनडे शतक और रोहित की 57 रन की आक्रामक पारी के दम पर भारत ने रांची में पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से हराया। वनडे विश्व कप 2027 में अभी दो साल है और ऐसे में कोहली और रोहित के लिये हर मैच अपनी फिटनेस और फॉर्म को साबित करने का जरिया है। मुख्य कोच गौतम गंभीर से लगातार बढ़ते मतभेदों का मसला भी अहम है। इसे लेकर लग रही अटकलों के बीच लगता है कि बीसीसीआई को कहीं न कहीं दखल देना होगा। पिछले दो वनडे में भारत की जीत के सूत्रधार रहे रोहित और कोहली ने दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप के लिये अपना दावा पुख्ता कर दिया है। रोहित के शानदार प्रदर्शन से भारत ने अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया को सिडनी वनडे में नौ विकेट से हराया था। चयन समिति के प्रमुख अजित अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने विश्व कप में दोनों की भागीदारी को लेकर कुछ नहीं कहा है जो शायद तनाव की वजह हो सकता है। पहला मैच जीतने के बावजूद भारत की चिंता कम नहीं हुई है। लिस्ट ए क्रिकेट में प्रभावी प्रदर्शन करने वाले रूतुराज गायकवाड़ को चौथे नंबर पर भेजा गया लेकिन वह इसके लिये तैयार नहीं दिखे। कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल छठे नंबर पर उतरे। वॉशिंगटन सुंदर को बल्लेबाजी क्रम में प्रयोगों की आदत हो चुकी है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में तीसरे नंबर पर उतरने के बाद उन्हें पहले वनडे में पांचवें नंबर पर भेजा गया लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल सके। गेंदबाजी में उन्होंने तीन ही ओवर डाले और 18 रन दिये। हर्षित राणा ने नयी गेंद से दो विकेट लिये लेकिन बाद में काफी रन दिये। उन्हें इस पर नियंत्रण करना होगा खासकर जब 34वें ओवर के बाद सिर्फ एक ही गेंद से खेलना होता है। बल्ले और गेंद के बीच संतुलन के लिये आईसीसी के नये नियम के तहत उपलब्ध दो में से एक ही गेंद 34वें से 50वें ओवर के बीच इस्तेमाल की जा सकती है। कुलदीप यादव ने 68 रन देकर चार विकेट चटकाये। वह महंगे भले ही साबित हुए लेकिन उनकी विविधतापूर्ण गेंदबाजी के दम पर दक्षिण अफ्रीका वापसी के प्रयास के बावजूद नाकाम रहा। दक्षिण अफ्रीका ने एक समय तीन विकेट 11 रन पर गंवा दिये थे लेकिन इसके बाद शानदार वापसी की। मार्को यानसेन ने 26 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और 39 गेंद में 70 रन बनाये। मैथ्यू ब्रीज्के ने भारत के खिलाफ पहला वनडे खेलते हुए 72 रन बनाये। दक्षिण अफ्रीका ने पहला वनडे कप्तान तेम्बा बावुमा और स्पिनर केशव महाराज के बिना खेला जिन्हें आराम दिया गया था। अब दोनों की वापसी से टीम को मजबूती मिलेगी। शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम पर एकमात्र वनडे जनवरी 2023 में खेला गया था जब पिच से मिलने वाली सीम की मदद से मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज ने न्यूजीलैंड टीम को 108 रन पर आउट कर दिया था। भारत ने 30 ओवर बाकी रहते आठ विकेट से जीत दर्ज की थी। यहां दिसंबर 2023 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 मैच में भी भारत ने 20 रन से जीत दर्ज की थी। टीमें: भारत: केएल राहुल (कप्तान), रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ऋषभ पंत, वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, रुतुराज गायकवाड़, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, ध्रुव जुरेल। दक्षिण अफ्रीका: तेम्बा बावुमा (कप्तान), एडेन मारक्रम, डेवाल्ड ब्रेविस, नांद्रे बर्गर, क्विंटन डी कॉक, मार्को यानसन, टोनी डी जॉर्जी , रुबिन हरमन, ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, केशव महाराज, लुंगी एनगिडी, रयान रिकेलटन, प्रेनेलन सुब्रायन।   समय: मैच दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा।  

मंत्रिपरिषद बैठक: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लिए गए प्रमुख निर्णय

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए :- जनपद अयोध्या में विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय का  निर्माण एवं संचालन कराये जाने के सम्बन्ध में     मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदत्त अनुमोदन के अनुपालन में जनपद अयोध्या स्थित तहसील सदर के ग्राम मांझा जमथरा की नजूल भूमि गाटा-57 मि0 क्षेत्रफल 25 एकड़ में टाटा ग्रुप के सहयोग से सी0एस0आर0 फण्ड के माध्यम से विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय के निर्माण एवं संचालन हेतु 01 रुपये वार्षिक धनराशि की दर पर भूमि 90 वर्ष के लिये दिये जाने हेतु संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश शासन एवं टाटा संस प्रा0लि0 के मध्य त्रिपक्षीय एम0ओ0यू0 दिनांक 03 सितम्बर, 2024 को हस्ताक्षरित किया गया है। तदनुक्रम में ग्राम मांझा जमथरा, परगना हवेली अवध, तहसील सदर, जनपद अयोध्या की राजकीय नजूल भूमि गाटा संख्या गाटा-57 मि0 व 1 मि0 क्षेत्रफल 25 एकड़ के अतिरिक्त 27.102 एकड़, कुल 52.102 एकड़ भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उ0प्र0 से पर्यटन विभाग के पक्ष में किये जाने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी है। साथ ही, प्रकरण में आवश्यकतानुसार अग्रेतर निर्णय लिये जाने हेतु मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किये जाने का भी निर्णय मंत्रिपरिषद द्वारा लिया गया है।       उल्लेखनीय है कि भारत में घरेलू पर्यटकों एवं विदेशी पर्यटकों के आगमन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान है। अपनी गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासतों तथा समृद्ध प्राकृतिक वनसम्पदा की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में पर्यटन की असीम सम्भावनाएं विद्यमान हैं।     भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या वर्तमान में एक विश्वस्तरीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन गन्तव्य के रूप में विकसित हो रही है। दिनांक 22 जनवरी 2024 को श्रीराम जन्मभूमि प्रांगण में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के उपरान्त अयोध्या आने वाले पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व गुणात्मक वृद्धि हुई है, अब प्रतिदिन लगभग 2 से 4 लाख पर्यटक अयोध्या धाम आ रहे हैं। नई पीढ़ी के युवाओं, विदेशी पर्यटकों, भारतीय सभ्यता और संस्कृति में रुचि रखने वाले पर्यटकों को अयोध्या के प्रति आकर्षित करने हेतु आवश्यक पर्यटक उपादानों का अभी अभाव है।     टाटा सन्स प्रा0लि0 द्वारा भारतीय मंदिर स्थापत्य कला तथा भारतीय मंदिरों से सम्बन्धित सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से लोगों को परिचित कराने एवं प्राचीन काल से चली आ रही मंदिरों की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परम्परा व दर्शन के संरक्षण हेतु अपने सी0एस0आर0 फण्ड से एक विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय का निर्माण एवं इसका सुचारु रूप से प्रबन्धन/संचालन करने हेतु इच्छा व्यक्त की गयी है। जिसमें यह प्रस्तावित किया गया कि इस कार्य हेतु एक गैर लाभकारी एस0पी0वी0 का गठन कम्पनी एक्ट 2013 की धारा 08 के अधीन किया जायेगा। इस संस्था में भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि भी सम्मिलित होंगे।     इस संग्रहालय की स्थापना से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन होगा व सरकार को राजस्व में प्राप्ति होगी।   सेवायोजित अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों द्वारा  राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविर आदि में प्रतिभाग करने  की अवधि एवं आवागमन में लगने वाले समय को ड्यूटी मानने का प्रस्ताव स्वीकृत मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 के अन्तर्गत सेवायोजित खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविर आदि में प्रतिभाग किये जाने की अवधि एवं आवागमन में लगने वाला समय कर्तव्यार्थ व्यतीत अवधि (ड्यूटी) माने जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।  ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 के अन्तर्गत सेवायोजित खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण या खेल शिविरों में प्रतिभाग किये जाने को स्वीकृति देने तथा संगत अवधि को सेवाकाल माने जाने के सम्बन्ध में कोई व्यवस्था नहीं है, क्योंकि भर्ती/सेवा नियमावली में अवकाश सम्बन्धी व्यवस्था नहीं रखी जाती है। इससे सम्बन्धित खिलाड़ियों को अनुमति प्राप्त करने में समस्या होती है।  ऐसे खिलाड़ियों के नियोक्ता/प्रशासकीय विभागों को स्वीकृति प्रदान करने में कोई दुविधा न रहे, इसके दृष्टिगत सेवायोजित अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को केन्द्र सरकार की भांति समुचित व्यवस्था कार्यालय ज्ञाप के माध्यम से किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। उपरोक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए नियमावली-2022 के अन्तर्गत सेवायोजित खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण, शिविर आदि में प्रतिभाग किये जाने की अवधि एवं आवागमन में लगने वाले समय सहित कर्तव्यार्थ व्यतीत अवधि (ड्यूटी) माने जाने के सम्बन्ध में कार्यालय ज्ञाप के माध्यम से व्यवस्था प्रस्तावित है। इस व्यवस्था के लागू हो जाने पर नियमावली-2022 के अन्तर्गत सेवायोजित खिलाड़ियों को राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण, खेल शिविरों में प्रतिभाग किये जाने की अनुमति प्राप्त करने में सुगमता होगी।   डॉ0 सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा, वाराणसी के संचालन,  प्रबन्धन तथा रख-रखाव एवं तत्सम्बन्धी राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र हेतु भारतीय  खेल प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराये गये एम0ओ0यू0 का आलेख्य स्वीकृत मंत्रिपरिषद ने डॉ0 सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा, वाराणसी के संचालन, प्रबन्धन तथा रख-रखाव एवं तत्सम्बन्धी राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र हेतु भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराये गये एम0ओ0यू0 के आलेख्य सम्बन्धी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।  ज्ञातव्य है कि प्रदेश के खेल विभाग के स्वामित्व में स्थित डॉ0 सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा, वाराणसी में खेल अवसंरचनाओं (भवन, ढ़ांचा, खेल मैदान और अन्य सुविधाएं) का निर्माण खेलो इण्डिया योजना के अन्तर्गत किया गया है। वहां पर राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना एवं संचालन का कार्य भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा कराये जाने हेतु एम0ओ0यू0 का आलेख्य शासन के स्वीकृतार्थ उपलब्ध कराया गया है। डॉ0 सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना के उद्देश्य से स्टेडियम की कतिपय खेल अवस्थापनाओं को, एम0ओ0यू0 में निहित शर्तां एवं प्रतिबन्धों के आधार पर, भारतीय खेल प्राधिकरण को दिये जाने का प्रस्ताव मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित किया गया है। राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र के माध्यम से विभिन्न आयु वर्गों और खेल विधाओं में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान होगी और उन्हें राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु तैयार किया जा सकेगा। राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना होने से राष्ट्र के उभरते हुए खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। जनपद बागपत में पी0पी0पी0 मोड पर अन्तरराष्ट्रीय योग एवं आरोग्य  केन्द्र विकसित, संचालित तथा अनुरक्षित करने का प्रस्ताव अनुमोदित मंत्रिपरिषद ने जनपद बागपत की तहसील व परगना बागपत के ग्राम हरिया खेड़ा में पर्यटन विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जा रही कुल 70.885 हेक्टेयर भूमि पर गैर लाभकारी संगठन … Read more