मुख्यमंत्री ने वड़क्कम काशी, हर हर महादेव, नमः पार्वती पतये हर हर महादेव से सम्बोधन की शुरुआत की
मुख्यमंत्री ने वाराणसी में ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ का शुभारम्भ किया, शुभारम्भ कार्यक्रम में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री ने वड़क्कम काशी, हर हर महादेव, नमः पार्वती पतये हर हर महादेव से सम्बोधन की शुरुआत की प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में तमिल पावन कार्तिक मास में काशी तमिल संगमम् के चतुर्थ संस्करण का आयोजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के उनके संकल्प को सुदृढ़ करने और जीवन्त बनाने वाला : मुख्यमंत्री काशी तमिल संगमम् भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना काशी तमिल संगमम् की थीम ‘लर्न तमिल’ अर्थात ‘तमिल करकलाम, आओ तमिल सीखें’ यह पहल प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में ज्ञान, संस्कृति और भाषा के माध्यम से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को और सुदृढ़ करेगी उ0प्र0 सरकार ने वोकेशनल एजुकेशन के क्षेत्र में तमिल, कन्नड़, मलयालम, तेलुगू , मराठी और बंगाली भाषाओं को पढ़ाए जाने की व्यवस्था की श्री रामेश्वरम धाम, मदुरई और कन्याकुमारी का दर्शन करने के लिए प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए विशेष यात्रा का आयोजन उ0प्र0 का पर्यटन विभाग करेगा त्रिवेणी संगम के जल से रामेश्वरम के श्री रामनाथ स्वामी और कोडीतीर्थम के जल से श्री काशी विश्वनाथ के अभिषेक की परम्परा हर माह नियमित रूप से आगे बढ़ रही आई0आई0टी0 मद्रास और बी0एच0यू0 की संयुक्त शिक्षा योजनाएं बौद्धिक और राष्ट्रीय एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रेरक कदम अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर परिसर में महर्षि अगस्त्य का मन्दिर बनकर तैयार, उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना हो चुकी दक्षिण भारत में श्रीराम की भक्ति का गान करने वाले सन्त त्यागराजा, सन्त पुरन्दर दास और सन्त अरुणाचल कवि की प्रतिमाएं बृहस्पति कुण्ड, अयोध्या में स्थापित हुईं विगत 04 वर्षों में 26 करोड़ से अधिक श्रद्धालु काशी में पधारे भारत एक बहुभाषी देश, हमें एक दूसरे की सांस्कृतिक विविधताओं का सम्मान करना चाहिए : केन्द्रीय शिक्षा मंत्री मुख्यमंत्री तथा केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर एवं श्री काल भैरव मन्दिर में दर्शन-पूजन किया लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज वाराणसी के नमो घाट पर ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान भी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी0पी0 राधाकृष्णन का वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। मुख्यमंत्री जी ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यंदिनी शाखा के 2000 मंत्रों से युक्त दण्डक्रम पारायण को बिना किसी रुकावट के 50 दिनों में पूरा करने वाले 19 वर्षीय वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। ज्ञातव्य है कि ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ का आयोजन केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों की भागीदारी से किया जा रहा है। आई0आई0टी0 मद्रास तथा बी0एच0यू0 संगमम् के नॉलेज पार्टनर हैं। मुख्यमंत्री जी ने वड़क्कम काशी, हर हर महादेव, नमः पार्वती पतये हर हर महादेव के साथ अपने सम्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने उनगालाई काशीयिल वरावेरकिरोम अर्थात काशी में सभी का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में तीनों लोकों में न्यारी, मोक्षदायिनी भगवान शिव की पावन नगरी, आनन्द कानन और सर्वविद्या की राजधानी अविमुक्त क्षेत्र काशी में तमिल कार्तिक मास की पावन अवधि में काशी तमिल संगमम् के चतुर्थ संस्करण का आयोजन हो रहा है। यह ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के उस संकल्प को सुदृढ़ करने और जीवन्त बनाने वाला है, जो प्रधानमंत्री जी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अवसर पर देशवासियों को दिया था। मुख्यमंत्री जी ने रामेश्वरम की पावन धरा से पधारे सभी तमिल भाइयों और बहनों का प्रदेश सरकार की ओर से अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि काशी और तमिल के पुराने सम्बन्धों के केन्द्र में भगवान शिव हैं। इस सम्बन्ध सेतु को आदि शंकराचार्य जी ने भारत के चार कोनों में पवित्र पीठ स्थापित कर आगे बढ़ाया। उत्तर प्रदेश में आपका यह प्रवास काशी की शिव भक्ति, प्रयागराज के पवित्र संगम और अयोध्या में धर्म ध्वजा आरोहण के उपरान्त प्रभु श्रीराम के दिव्य दर्शन का अद्वितीय और आध्यात्मिक सौभाग्य प्रदान करने वाला होगा। यह आयोजन उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक, शैक्षिक, आर्थिक और आध्यात्मिक साझेदारी को सशक्त करते हुए भारत के उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोल रहा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस बार काशी तमिल संगमम् की थीम ‘लर्न तमिल’ अर्थात ‘तमिल करकलाम, आओ तमिल सीखें’ है। यह पहल प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में ज्ञान, संस्कृति और भाषा के माध्यम से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को और सुदृढ़ करेगी। तमिल करकलाम कार्यक्रम तमिल भाषा सीखने के लिए हमारे छात्रों को एक नया प्लेटफार्म उपलब्ध करा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश सरकार ने वोकेशनल एजुकेशन के क्षेत्र में तमिल, कन्नड़, मलयालम, तेलुगू , मराठी और बंगाली भाषाओं को पढ़ाए जाने की व्यवस्था की है। राज्य के वोकेशनल एजुकेशन के छात्र अपनी रुचि के अनुसार किसी एक भाषा का चयन करेंगे, सरकार उसका पूरा खर्च उठाएगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस आयोजन का महत्व इस वर्ष तेनकाशी, तमिलनाडु से प्रारम्भ हो रही उस यात्रा से और बढ़ जाता है, जो सड़क मार्ग से कार रैली के माध्यम से 2000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा तय करते हुए काशी की पवित्र धरती पर पहुंचने वाली है। यह यात्रा पांड्य वंश के महान शासक हरिकेसरी परिक्किराम पांड्यिम की यात्रा की पुनःस्मृति है। शिव मन्दिर और तेनकाशी की कथा सांस्कृतिक इतिहास में अंकित है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में चल रहा काशी तमिल संगमम् अभियान ज्ञान, साधना, सांस्कृतिक एकता और हमारी साझा भारतीय सभ्यता को एक नई ऊंचाई पर स्थापित करेगा। ‘अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवन्तिका। पुरी द्वारावती चैव सप्तैते मोक्षदायकाः।’ यह सभी तीर्थ स्थल मोक्ष प्रदान करने वाले पावन तीर्थ हैं। महर्षि अगस्त्य द्वारा रचित आदित्य हृदय स्त्रोत भगवान सूर्य की स्तुति है, जिसे उन्होंने रावण से युद्ध करने से पहले भगवान श्री राम को सुनाया था। महर्षि अगस्त्य, आदि गुरु शंकराचार्य, संत तिरुवल्लुवर, जगतगुरु रामानुजाचार्य, सर्वपल्ली डॉ0 राधाकृष्णन ने दक्षिण की धरा से निकलकर सम्पूर्ण भारत में ज्ञान का प्रकाश स्थापित किया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नयनार और अलवार की शैव-वैष्णव भक्ति परम्परा तमिल सभ्यता की आध्यात्मिक समृद्धि को दर्शाती है। कैलाश, काशी तथा चिदम्बरम अपराजित शिव भक्ति के प्रतीक … Read more