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मंदिर के दरवाज़े खुलते ही मचा हड़कंप, रहस्यमयी हालात देख पुलिस भी दंग

लुधियाना  पंजाब में बेअदबी के मामला थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। ऐसा ही एक मामला लुधियाना से सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, थाना दुगरी की पुलिस ने इलाके में स्थित एक मंदिर में भगवान शिव व नंदी की मूर्तियों का अनादर करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अर्बन एस्टेट दुगरी के रहने वाले सुरेंद्र पुरी के बयान पर अज्ञात को नामजद किया है। पुलिस को दी शिकायत में सुरेंद्र पुरी ने बताया कि वह हर रोज की तरह सुबह मोक्षद्वार श्री काशी विश्वनाथ शिव मंदिर श्मशान घाट फेस 2 दुगरी में गया तो वहां पर देखा कि भगवान शिव व नंदी की मूर्तियों का अनादर किया हुआ है। जिस पर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला तो पता चला किएक अज्ञात व्यक्ति ने रात को यह हरकत की है। जांच अधिकारी ने बताया कि मामले को लेकर कार्रवाई की जा रही है। फुटेज से आरोपी की पहचान की जा रही है। 

एमपी ट्रांसको के सब स्टेशनों में रात्रिकालीन औचक निरीक्षण की पहल से बढ़ी सजगता, मिले सकारात्मक परिणाम

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा सब स्टेशनों की सुरक्षा एवं कार्यप्रणाली में सुधार के लिये शुरू की गई रात्रिकालीन औचक निरीक्षण की पहल लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है। इन निरीक्षणों के बाद सब स्टेशनों पर तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों में कार्य के प्रति सजगता और अनुशासन का स्तर बढ़ा है, वहीं लापरवाही के मामलों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। इस पहल से न केवल सुरक्षा में मजबूती आई है, बल्कि यार्ड संचालन एवं कार्य दक्षता में भी सुधार देखा गया है। सुरक्षा के साथ मेंटेनेंस मे भी मिला फायदा रात्रिकालीन औचक निरीक्षण की यह परंपरा पूर्व मुख्य अभियंता श्री प्रवीण गार्गव के कार्यकाल में प्रारंभ की गई थी। उस समय सब स्टेशनों के ट्रांसफॉर्मरों के न्यूट्रल से जुड़े अत्यंत संवेदनशील एवं बहुमूल्य तांबे की स्ट्रिप एवं आईसोलेटर के कापर ब्लेड चोरी की घटनाएँ सामने आती थीं। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल अब तक प्रभावी सिद्ध हुई है। निरीक्षण के दौरान प्रत्येक अधिकारी को सब स्टेशन का फोटो व वीडियो प्रमाण सहित निरीक्षण विवरण विभागीय व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा किये जा रहें है, जिससे सम्पूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। रात्रि में यार्ड निरीक्षण का लाभ भी रात्रिकालीन यार्ड निरीक्षण एक तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। अंधकार में यार्ड की जाँच के दौरान कई ऐसी सूक्ष्म गतिविधियाँ सामने आते हैं, जिन्हें दिन के उजाले में अक्सर देखा नहीं जा सकता। इससे उपकरणों में संभावित खराबी का समय रहते पता चल रहा है जिससे अचानक होने वाले ब्रेकडाउन या इमरजेंसी को टाला जा सका है,साथ ही मेंटेनेंस कार्य पहले से बेहतर ढंग से योजनाबद्ध हुआ है। अधिकारियों के साथ निरीक्षण के दौरान आउटसोर्स कर्मियों को भी रात्रिकालीन यार्ड निरीक्षण की बारीकियाँ सीखने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता में बढ़ोतरी हो रही है। एमपी ट्रांसको की यह पहल न केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे संपूर्ण पॉवर ट्रांसमिशन सिस्टम की गुणवत्ता एवं स्थिरता मजबूत हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति प्राप्त हो रही है। जूनियर इंजीनियर से लेकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता तक सभी अधिकारियों को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। समय-समय पर किए जा रहे ये निरीक्षण सब स्टेशनों की सुरक्षा, विश्वसनीयता और संचालन गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित कर रहे हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पूर्व मंत्री मलैया का कुशल क्षेम जाना

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुधवार को पूर्व मंत्री श्री जयन्त मलैया के निवास पहुँचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने श्री मलैया के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विभिन्न विषयों पर श्री मलैया से चर्चा भी की।  

बड़े तालाब पर चलेगी कश्मीर की शिकारा नाव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे नई पर्यटन सुविधा की सौगात

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, झीलों की नगरी भोपाल के सौंदर्य में अभिवृद्धि करते हुए, गुरुवार 4 दिसम्बर को सुबह 9 बजे बड़े तालाब के बोट क्लब पर 20 नवीन 'शिकारा नाव' की सेवा का शुभारंभ करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रहेंगी। प्रदेश में पर्यटन विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में पर्यटन सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। भोपाल के बड़े तालाब में कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील की तर्ज पर शिकारे संचालित करने की यह अनूठी पहल की गई है। यह पहल न केवल प्रदेश के जल-पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान देगी, बल्कि पर्यटकों के लिए प्रकृति के सानिध्य में सुकून के कुछ पल बिताने का एक जरिया भी बनेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुसार, प्रदेश में पहली बार इतने वृहद स्तर पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, इन सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण 'फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन' और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे पूर्व में केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार होगा। पर्यटक बर्ड वाचिंग, के साथ हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स और खरीद सकेंगे इन शिकारा बोट्स राइड के दौरान पर्यटक बर्ड वाचिंग भी कर सकेंगे इसके लिए शिकारे में दूरबीन की व्यवस्था भी की गई हैं साथ ही पर्यटक अन्य शिकारों में उपलब्ध आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूटस और मध्यप्रदेश में निर्मित हस्तशिल्प के उत्पाद भी खरीद सकेंगे, वहीं राइड के दौरान पर्यटक स्थानीय व्यंजन का लुत्फ़ भी ले सकेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सहकारी संस्थाएं किसानों को सशक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास करें

वर्ष 2026 को प्रदेश में कृषि एवं किसान वर्ष के रूप में मनाया जाएगा सहकारी समितियों का प्राथमिकता से किया जाए कंप्यूटराईजेशन पंचायत स्तर पर पैक्स स्थापित किए जाएं पैक्स के डिफॉल्टर किसानों को लाया जाएगा मुख्य धारा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सहकारिता विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सशक्त बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना सहकारी संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य है। आगामी वर्ष 2026 को प्रदेश में कृषि एवं किसान वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। अतः किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलवाने और फसल चक्र के अनुसार उन्हें सुगमता से सुविधाऐं उपलब्ध कराने के लिए सहकारिता विभाग कृषि विपणन सहकारी समितियां को मजबूत बनाने बनाने पर विशेष ध्यान दे। सहकारी समितियों का प्राथमिकता के आधार पर कंप्यूटराईजेशन किया जाए, ताकि किसानों को सुगमता और पारदर्शिता के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिति के पदाधिकारियों के लिए प्रतिवर्ष संपत्ति का वार्षिक विवरण आवश्यक रूप से देने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत स्तर पर पैक्स स्थापित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने अपेक्स बैंक की 4 करोड़ 27 लाख 4 हजार 190 रुपए अंश पूंजी का लाभांश चेक भेंट किया। बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता इस अवसर पर उपस्थित थे। बैठक में अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण, खाद और बीज वितरण, कृषि उपज के समर्थन मूल्य पर उपार्जन, उचित मूल्य दुकानों के संचालन और सहकार से समृद्धि के अंतर्गत संचालित गतिविधियों के तहत पिछले 2 वर्ष में प्राप्त उपलब्धियों, नवाचारों का प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना पर भी विचार विमर्श हुआ। विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियाँ     15 कमजोर जिला सहकारी बैंकों के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रत्येक जिला बैंक को 50-50 लाख रूपए की अंशपूंजी शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई।     मध्यप्रदेश एम-पैक्स के कम्प्यूटराईजेशन और ऑनलाईन ऑडिट में देश में सबसे आगे है।     कृषकों को उनके खातों के संबंध में जानकारी एस.एम.एस. से उपलब्ध कराई जा रही है।     पैक्स के सोसायटी मैनेजर के लिए कैडर व्यवस्था लागू।     राष्ट्रीयकृत बैंकों के मापदंड के अनुरूप सहकारी बैंकों में प्रबंधकों और बैंकिंग सहायकों की भर्ती तथा प्रशिक्षण की व्यवस्था।     पैक्स से बहुउद्देशीय गतिविधियों का संचालन आरंभ।     कुल 4460 कॉमन सर्विस सेंटर, 4518 प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र, 63 जन औषधि केन्द्र, 59 जल कर वसूली केन्द्र, दो एग्री ड्रोन और 25 इफ्को आउटलेट की व्यवस्था।     अब तक पैक्स को 4060 तथा डेयरी समिति को एक माइक्रो एटीएम वितरित।     सहकारी कानूनों में जनसामान्य की सुविधा की दृष्टि से संशोधन किए गए हैं।     सहकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी से सहकारी समितियों को व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।     किसानों से पूसा बासमती धान क्रय करने के लिए किसानों का आर्थिक लाभ सुविधा सुनिश्चित करते हुए मैजिस्टिक प्रायवेट लिमिटेड से अनुबंध किया गया है।     पराली की समस्या के निराकरण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।     बीज संघ द्वारा बीज व्यवसाय को प्रोत्साहन देने के लिए एमपी चीता ब्रांड लांच किया गया है।     नवीन एम पैक्स, डेयरी सहकारी समिति और मत्स्य सहकारी समिति के तहत कुल 1,601 समितियों का गठन।     मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अभिनव पहल CPPP के तहत 19 एम.ओ.यू का निष्पादन।     कंपनियों से 10,000 से अधिक विस्थापित लोगों की 350 सहकारी समितियां गठित कराकर विस्थापितों को सुरक्षा गार्ड, माली, श्रमिक जैसे कार्यों के लिये रोजगार दिया गया। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना     पैक्स के डिफॉल्टर किसानों को मुख्य धारा में लाया जाएगा।     रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और नेशनल पैमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ग्राहकों को क्यूआर कोड की सुविधा उपलब्ध कराना।     समस्त जिला बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग (व्यू फैसिलिटी) की सुविधा।     सहकारी क्षेत्र में युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास के लिए कौशल इको सिस्टम को विस्तार दिया जाएगा।     प्रमुख बिन्दु     किसानों को सशक्त बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना सहकारी संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य।     वर्ष 2026 को प्रदेश में कृषि एवं किसान वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।     किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलवाने और फसल चक्र के अनुसार उन्हें सुगमता से सुविधाऐं उपलब्ध कराने के लिए सहकारिता विभाग कृषि विपणन सहकारी समितियां को मजबूत बनाने बनाने पर विशेष ध्यान दे।     सहकारी समितियों का प्राथमिकता के आधार पर कंप्यूटराईजेशन किया जाए।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत स्तर पर पैक्स स्थापित किए जाएं।     सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने अपेक्स बैंक की 4 करोड़ 27 लाख 4 हजार 190 रुपए अंश पूंजी का लाभांश चेक भेंट किया।  

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री करेंगे अध्यक्षता, एसडीआरएफ के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी होंगे मुख्य अतिथि

गोरखपुर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह का भव्य शुभारम्भ गुरुवार (4 दिसंबर) को सुबह 9:30 बजे से गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होगा। मुख्य अतिथि के रूप में राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण एसडीआरएफ के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट योगेंद्र डिमरी उपस्थित रहेंगे।  महाराणा प्रताप इण्टर कॉलेज के क्रीडांगन में आयोजित यह कार्यक्रम पूर्वांचल का अति प्रतिष्ठित एवं सबसे बड़ा अकादमिक कार्यक्रम है। 7 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विविध प्रकार की अकादमिक एवं क्रीड़ा प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। अकादमिक प्रतियोगिताओं में गोरखपुर मंडल के 125 से अधिक शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान प्रतिभाग करते हैं, जबकि भाषण एवं खेल-कूद की प्रतियोगिताओं जैसे वॉलीबाल, बास्केटबाल में पूरे प्रदेश से प्रतिभागी अपनी प्रतिभागिता सुनिश्चित करते हैं।  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह समारोह संचालन समिति के सदस्य डॉ. नितीश शुक्ल ने बताया कि बुधवार को कार्यक्रम स्थल पर मुख्य अतिथि और समारोह अध्यक्ष के संबोधन के बाद मुख्य अतिथि शिक्षा परिषद के दर्जनों संस्थाओं के विद्यार्थियों द्वारा निकाली जाने वाली भव्य शोभा यात्रा की सलामी लेंगे। शोभा यात्रा महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद परिसर से निकलकर अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए जिला परिषद रोड पर स्थित शताब्दी द्वार से पुनः महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद परिसर में प्रवेश करेगी। उद्घाटन समारोह को भव्य बनाने के लिए एक हजार से अधिक शिक्षक कर्मचारी एवं स्वयं सेवक लगे रहेंगे। शोभा यात्रा के दौरान अनुशासन, श्रेष्ठ पथ संचलन के साथ-साथ जन-जागरण को प्रदर्शित करने वाली झांकिया एवं नारे मुख्य आकर्षण होंगे।

साइबर ठगों की बड़ी साजिश नाकाम, बैतूल पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के झांसे से 64 वर्षीय बुजुर्ग को बचाया

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 73 लाख की ठगी टली भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और जन–जागरूकता के लिए निरंतर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत बैतूल पुलिस ने “डिजिटल अरेस्ट” जैसे खतरनाक साइबर जाल से एक रिटायर्ड बुजुर्ग को मुक्त कराते हुए उनकी 73 लाख रुपये की जीवनभर की जमा-पूंजी को बचाया। पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से न केवल एक बड़ी ठगी रोकी गई, बल्कि साइबर अपराधियों की साजिश भी विफल हुई। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी, एसडीओपी सारणी सुश्री प्रियंका करचाम तथा थाना प्रभारी सारणी श्री जयपाल इनवाती के मार्गदर्शन में पाथाखेड़ा पुलिस टीम द्वारा की गई। पीड़ित चैतराम नरवरे, निवासी अशोका गार्डन, भोपाल (रिटायर्ड WCL कर्मचारी) को वीडियो कॉल के माध्यम से स्वयं को ईडी–सीबीआई अधिकारी बताने वाले ठगों ने झूठे मनी–लॉन्ड्रिंग आरोपों में फंसाकर भारी धनराशि देने का दवाब बनाया। ठगों ने उन्हें पाथाखेड़ा, सारणी बुलाकर होटल के कमरे में “डिजिटल अरेस्ट” रखा, परिवार से बात करने से रोका एवं बैंक में उनकी एफडी तुड़वाने का दबाव बनाया। पीड़ित अपनी एफडी तुड़वाकर ठगों को देने के लिए बैंक से RTGS फॉर्म तक लेकर आ गए थे। पीड़ित के परिजनों द्वारा लगातार संपर्क न हो पाने पर अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पाथाखेड़ा पुलिस टीम ने तुरंत मोबाइल लोकेशन ट्रैक की, जो राजेश गेस्ट हाउस, बगडोना में मिली। पुलिस जब होटल पहुँची, तो पीड़ित चैतराम नरवरे मानसिक रूप से सदमे की स्थिति में थे और तीन दिनों से चल रहे घटनाक्रम पर विश्वास नहीं कर पा रहा थे। उन्होंने प्रारंभ में पुलिसकर्मियों का भी सहयोग नहीं किया और “डिजिटल अरेस्ट” को सच मान बैठे थे। पुलिस टीम ने धैर्यपूर्वक समझाइश देकर उनका भ्रम दूर किया तथा उन्हें सुरक्षित गेस्ट हाउस से बाहर निकालकर परिजनों से मिलवाया। समय पर की गई इस कार्रवाई से 73 लाख रुपये की ठगी टल गई। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई शब्द या प्रक्रिया भारतीय कानून में कहीं भी अस्तित्व में नहीं है। कोई भी जांच एजेंसी—चाहे वह पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य विभाग हो—वीडियो कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को न तो गिरफ्तार कर सकती है और न ही धनराशि की मांग कर सकती है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर ऑनलाइन माध्यम से आपको डराने या धमकाने का प्रयास करता है, तो समझ लें कि यह साइबर ठगी है। कृपया ऐसी किसी भी कॉल पर विश्वास न करें, अपनी निजी/बैंकिंग जानकारी साझा न करें और तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) अथवा नजदीकी थाने को सूचना दें।  

संदिग्ध घुसपैठियों की सूची तैयार करने के निर्देश, घुसपैठियों को रखने के लिए बनेगा डिटेंशन सेंटर

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 17 नगर निकायों को आदेश दिया है कि वे अपने यहां काम करने वाले सभी संदिग्ध विदेशी नागरिकों की तत्काल सूची बनाएं। सरकार का स्पष्ट इरादा है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे यूपी में बसने की कोशिश करने वाले किसी भी घुसपैठिए को बख्शा न जाए। डिटेंशन सेंटर की तैयारी तेज, हर मंडल में होगी व्यवस्था राज्य भर के कमिश्नरों और पुलिस महानिरीक्षकों को पहले चरण में डिटेंशन सेंटर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इन सेंटरों में अवैध रूप से रह रहे व्यक्तियों को तब तक रखा जाएगा जब तक उन्हें उनके मूल देश वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी न हो जाए। जिलों में खाली सरकारी भवन, सामुदायिक केंद्र, पुलिस लाइन और थाने को चिन्हित किया जा रहा है। इन स्थानों को हाई सिक्योरिटी जोन की तरह विकसित किया जाएगा ताकि घुसपैठियों को निगरानी में रखा जा सके। दस्तावेजों की जांच से पता चलेगा कौन है असली और कौन घुसपैठिया सरकार ने पाया है कि कई रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक भारतीय पहचान पत्र बनवाकर खुद को स्थानीय नागरिक दिखाने की कोशिश कर रहे थे। इसी कारण सभी संदिग्ध दस्तावेजों का बड़े स्तर पर सत्यापन शुरू किया गया है। उत्तर प्रदेश में भी अन्य राज्यों की तरह डिटेंशन सेंटर को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त निगरानी में संचालित किया जाएगा।

दिल्ली में गड्ढों पर वार: 72 घंटे की डेडलाइन, उल्लंघन पर भारी जुर्माना—पलूशन कंट्रोल मोड में सरकार

नई दिल्ली  दिल्ली में विकराल होती पलूशन की समस्या को गंभीरता से लेते हुए आज केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के नेतृत्व में बैठक हुई थी। इसमें दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिरसा भी थे। सिरसा ने मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ लिए फैसलों के बारे में बताया। सिरसा के बताए अनुसार, सभी सड़कों को गड्ढामुक्त कर उन्हें धूल मुक्त भी किया जाएगा। इसके साथ एंटी स्मॉग गन और पानी का छिड़काव चलते रहेंगे। मीचिंग में हरियाली को लेकर भी कदम उठाए गए हैं जिसमें वृक्षारोपण बढ़ाने पर जोर होगा। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सुबह केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के नेतृत्व में एक बैठक हुई। इस बैठक में उत्तर भारत के सभी राज्यों ने भाग लिया। इस बैठक के बाद यह आदेश दिया गया कि नोएडा, फरीदाबाद, गुड़गांव, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में मैकेनाइज्ड रोड स्वीपर्स (मशीनीकृत सड़क सफाईकर्मी), एंटी-स्मॉग गन और पानी के स्प्रिंकलर चलाए जाने चाहिए। यह भी तय किया गया कि सड़कों पर मौजूद गड्ढों को 72 घंटों के भीतर पहचान कर ठीक किया जाएगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि बैठक में यह तय किया गया कि सभी स्थानीय निकाय जनता को शामिल करते हुए वृक्षारोपण पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यह आदेश दिया गया कि दिल्ली-NCR क्षेत्र में पार्कों और सड़कों के किनारे के क्षेत्रों को सघन रूप से पेड़ों से कवर किया जाएगा। दिल्ली सरकार तूफानी जल निकासी के साथ सड़क योजना के लिए केंद्र सरकार के 'गौरव पथ' मॉडल को अपनाएगी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, हम ई-ऑटो को शामिल करके मेट्रो रेल तक अंतिम-मील कनेक्टिविटी (Last-Mile Connectivity) बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। सिरसा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदूषण विरोधी उपायों और नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर किसी भी एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह सरकारी हो या निजी। निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल कम करने के लिए उचित बाड़बंदी की जानी चाहिए, और वहां पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए। MCD (नगर निगम) को आदेश दिया गया है कि उसकी सभी 8000 किमी सड़कें गड्ढों से मुक्त और धूल-मुक्त होनी चाहिए।  

फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में शिवानी का अभिनव प्रयोग देश-दुनिया में लिख रहा सफलता की नई कहानी

शिवानी तथा नीलम के स्टार्टअप्स को योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सराहा, राष्ट्रीय स्तर पर दिलाई पहचान लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने की पॉलिसी प्रदेश में महिला उद्यमियों को सशक्त करने का माध्यम बन रही है। प्रदेश में ऐसे कई उदाहरण हैं जो महिला उद्यमिता और नवाचार के नए प्रतिमान गढ़ रहे हैं। यूं तो प्रदेश के हर जिले में सफलता की ऐसी कहानियां आमतौर पर दिख जाएंगी, मगर इसमें विशेष उल्लेख है बुंदेलखंड की महिलाओं का, जिनकी सफलता नई कहानियां लिखने का काम कर रही है। झांसी की कई महिलाओं के स्टार्टअप्स इस समय देश और प्रदेश में चर्चा के केंद्र में हैं, जिनमें से एक है शिवानी के बेर से बने प्रोडक्ट तो दूसरा है नीलम की कबाड़ से बनी कलाकृतियां। इन दोनों को ही सरकार की ओर से सम्मान और प्रोत्साहन प्रदान किया गया है। शिवानी ने बेर से बनाए अनूठे प्रोडक्ट झांसी जिले की रहने वाली शिवानी बुंदेला ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए बेर के ऐसे-ऐसे प्रोडक्ट बनाए हैं, जो किसी का भी ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। बेर से जूस, जैम, चॉकलेट और टॉफी बना चुकी शिवानी अभी हाल के दिनों में एक नया प्रोडक्ट सामने लेकर आयी हैं, जो है बेर से बना स्नैक्स। शिवानी के स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में झांसी स्मार्ट सिटी, उद्यान विभाग और एमएसएमई ने काफी मदद प्रदान की। जी 20 के आयोजन में शिवानी के स्टार्टअप को गिफ्टिंग पार्टनर बनाया गया था और काफी सराहना मिली थी। शिवानी ने अपने ब्रांड को अब्रोसा नाम दिया है। शिवानी लगभग 250 किसानों से बेर खरीद रही हैं जबकि उनके स्टार्टअप के माध्यम से 20 से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीनों संस्करणों में शिवानी हिस्सेदारी निभा चुकी हैं। अभी कुछ समय पहले शिवानी को यूनाइटेड नेशन्स एनवायरनमेंट प्रोग्राम के तहत एग्रो फॉरेस्ट्री को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी मिली है। फिलहाल इनके क्लाइंट्स में आदित्य बिरला समूह, एनबीसीसी, इरकॉन, ह्युंडई, एमिटी विश्वविद्यालय, एसकेएन, अवाडा जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों का नाम शुमार है।  बेकार को आकार देकर नीलम ने बनाई पहचान बेकार सामानों से कलाकृतियां तैयार करने वाली झांसी की नीलम सारंगी के स्टार्टअप बेकार के आकार को उत्तर प्रदेश सरकार ने सम्मानित करने के साथ ही प्रोत्साहित भी किया है। झांसी नगर निगम के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान के अंतर्गत निष्प्रयोज्य सामानों से पार्कों में सुंदर कलाकृतियां तैयार करने का काम किया। योगी सरकार ने नीलम सारंगी को अनूठे स्टार्टअप के लिए नवदेवी सम्मान प्रदान किया है। नीलम का स्टार्टअप इस समय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन सेंटर में पंजीकृत है। नीलम ने अपने स्टार्टअप के साथ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो, स्टार्टअप महाकुंभ और राइज हैकथान जैसे आयोजनों में हिस्सेदारी निभाई है। नीलम इस समय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं। महिलाओं को मिल रही आत्मनिर्भरता की प्रेरणा शिवानी बुंदेला ने बताया कि उनके स्टार्टअप को बढ़ावा देने में सरकार और प्रशासन ने काफी मदद की है। उनके स्टार्टअप के माध्यम से बेर से बने उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और बर्बाद होने वाले बेर को बचाने की कोशिश की जा रही है। बहुत सारी महिलाओं को इससे रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। वहीं, नीलम सारंगी के अनुसार नगर निगम, स्मार्ट सिटी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके स्टार्टअप 'बेकार को आकार' को प्रोत्साहित करने में मदद की। अब कोशिश है कि महिलाओं को यह हुनर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया जाए।