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विराट कोहली रच सकते हैं नया इतिहास, इस महान खिलाड़ी ने जताया शतकों के शतक का भरोसा

नई दिल्ली भारत के पूर्व महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने रन मशीन विराट कोहली को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है। सुनील गावस्कर ने दावा किया है कि विराट कोहली भी सचिन तेंदुलकर के शतकों के शतक वाले विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर सकते हैं। सुनील गावस्कर का ये भी दावा है कि विराट कोहली वर्ल्ड कप 2027 के बाद भी खेल सकते हैं। विराट इस समय सिर्फ वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में एक्टिव हैं और हाल ही में समाप्त हुई साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे, जिसमें उन्होंने दो शतक और एक नाबाद अर्धशतक जड़ा। विराट कोहली 84 शतक इंटरनेशनल क्रिकेट में जड़ चुके हैं। वे पहले से ही एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले बल्लेबाज हैं और सुनील गावस्कर ने जियोहॉस्टार पर कहा, "क्यों नहीं? अगर वह तीन साल और खेलते हैं तो उसे यहां से 16 शतक और चाहिए।" कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में 302 रन बनाए। 3 मैचों की वनडे सीरीज में पहली बार उन्होंने 300 या इससे ज्यादा रन बनाए। गावस्कर ने मुकाबले के बाद कहा, "जिस तरह से वह बैटिंग कर रहा है, उसने तीन मैचों की सीरीज में दो शतक बनाए हैं। आगे चलकर, अगर वह न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में दो और शतक बनाता है, तो वह 86 तक पहुंच जाएगा। इसलिए उसके 100 तक पहुंचने के चांस बहुत ज्यादा हैं, बहुत अच्छे हैं। जिस तरह से वह बैटिंग कर रहा है, वह खुद को एन्जॉय कर रहा है। जिस तरह से उन्होंने आज (शनिवार) बैटिंग की, यह जानते हुए कि मैच लगभग भारत की मुट्ठी में था—उन्हें पता था कि ओपनर्स ने अच्छी नींव रख दी है और उनके बाद अच्छे फॉर्म वाले बैट्समैन आने वाले हैं।" क्या वर्ल्ड कप तक हो जाएंगे 100 शतक? टीम इंडिया को वर्ल्ड कप 2027 तक करीब 35 वनडे मैच खेलने हैं। इस दौरान 16 शतक लगाना बहुत मुश्किल है। अगर वे वर्ल्ड कप के बाद खेलते हैं तो निश्चित तौर पर 100 शतकों तक पहुंच सकते हैं। हालांकि, एक बात तय है कि वे 90 से ज्यादा शतक आसानी से लगा सकते हैं। वे इस समय 36 साल के हैं और करियर के अंतिम पड़ाव पर भी दमदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। पिछले 10 पारियों में 3 शतक वे जड़ चुके हैं।  

वीर सैनिकों के सम्मान में सीएम योगी ने झंडा दिवस पर किया फ्लैग पिन और स्मारिका लॉन्च

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ उत्तर प्रदेश पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘फ्लैग पिन’ और ‘स्मारिका’ (स्मृति चिन्ह) का विमोचन किया। उन्होंने कहा, “यह दिवस देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर जवानों को नमन करने और उनके परिवारों के कल्याण तथा सम्मान के प्रति पूरे राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दोहराने का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमें अपने सैनिकों और उनके आश्रितों के प्रति हमेशा आभारी रहना चाहिए और उनके सहयोग के लिए योगदान देना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "देश के सशस्त्र बलों के वीर जवानों एवं उनके परिजनों को ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस’ की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम से अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश की एकता, अखंडता और सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले सशस्त्र बलों के सभी सैनिकों को नमन। जय हिंद!" उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मां भारती की रक्षा हेतु सतत समर्पित भारतीय सेना के वीर जवानों को सशस्त्र सेना झंडा दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! देश की रक्षा में सदैव तत्पर हमारे सशस्त्र बलों के वीर जवानों का साहस, अनुशासन और समर्पण वंदनीय है। मैं प्रत्येक सैनिक को उनके पराक्रम एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए हृदय से नमन करता हूं।" उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मातृभूमि की सुरक्षा में सतत समर्पित हमारे सशस्त्र बलों के जांबाज जवानों और उनके परिजनों को "सशस्त्र सेना झंडा दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं व उनके वीरता, साहस, शौर्य व बलिदान को कोटि कोटि नमन। जय हिंद!" भारत 1949 से 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मना रहा है ताकि उन शहीदों और सैनिकों को सम्मानित किया जा सके जिन्होंने देश के सम्मान की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी और लड़ रहे हैं। यह दिन राष्ट्रीय एकजुटता व्यक्त करने और दान के माध्यम से युद्ध में विकलांग सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए धन जुटाने के लिए मनाया जाता है।

गोवा नाइट क्लब हादसा: आग में लोगों की मौत पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने व्यक्त किया शोक

नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार देर रात गोवा के नाइट क्लब में आग लगने से लोगों की मौत होने पर गहरा दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। गोवा की राजधानी पणजी से 25 किलोमीटर दूर अरपोरा गांव में स्थित लोकप्रिय पार्टी स्थल ‘बर्च बाय रोमियो लेन' नाइट क्लब में आग लगने से कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘उत्तरी गोवा जिले में हुई आग लगने की इस दुखद घटना से मुझे गहरी पीड़ा हुई है।    इस घटना में कई लोगों की जान चली गई। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करे। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।'' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एवं पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया। गुप्ता ने कहा, ‘‘गोवा के अरपोरा में हुई दुर्घटना का समाचार अत्यंत दुःखद है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे और उनके परिजनों को इस कठिन समय में संबल दे। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी प्रार्थना करती हूं।'' गोवा में आम आदमी पार्टी की प्रभारी आतिशी ने ‘एक्स' पर कहा कि गोवा सरकार को इस घटना में हुई चूक की तत्काल जांच कर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने लिखा, ‘‘गोवा में अरपोरा के एक नाइट क्लब में लगी भीषण आग की खबर अत्यंत दर्दनाक है। इस विनाशकारी हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।'' राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की उपनेता सागरिका घोष ने इस घटना को गोवा में ‘‘डबल इंजन'' शासन मॉडल की पूरी तरह विफलता करार दिया। घोष ने लिखा, ‘‘गोवा के अरपोरा में लगी आग में हुई मौतों की दुखद खबर से स्तब्ध और व्यथित हूं। दिवंगतों के लिए प्रार्थना करती हूं और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं।'' तृणमूल के राज्यसभा सदस्य साकेत गोखले ने भी घटना में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘‘गोवा के अरपोरा में बीती रात आग लगने से लोगों की मौत होने की खबर से अत्यंत व्यथित हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना।‘‘ 

दूध उत्पादन सुधार पर फोकस: सीएम ने किया पटना डेयरी प्रोजेक्ट का निरीक्षण

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना डेयरी प्रोजेक्ट, सुधा फुलवारीशरीफ का निरीक्षण किया। इस बीच अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रोडक्शन हॉल, आइसक्रीम प्लांट, दही कोल्ड रूम सहित विभिन्न यूनिटों का जायजा लिया व उत्पादों की गुणवत्ता एवं क्षमता से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बाद में कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक ने कॉम्फेड की वर्तमान कार्यप्रणाली, आगामी पांच वर्षों की योजना, दुग्ध समितियों, प्रोक्यूरमेंट सिस्टम, इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार और नए उत्पादों के लॉन्च से जुड़े बिंदुओं की प्रस्तुति दी। सीएम ने बताया कि राज्य में 21 हजार से अधिक ग्राम स्तरीय दुग्ध सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनसे 7.5 लाख पशुपालक जुड़े हैं, जिनमें लगभग 25% महिलाएं शामिल हैं। ये समितियां प्रतिदिन औसतन 22 लाख किलोग्राम और अधिकतम 30 लाख किलोग्राम दूध का संकलन करती हैं। कॉम्फेड की वर्तमान प्रसंस्करण क्षमता 54 लाख लीटर प्रतिदिन है और इसे और बढ़ाने की योजना है। 'राज्य में दूध उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई' बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2008 से लागू कृषि रोड मैप ने कृषि व इससे जुड़ी गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार किया है। इसकी बदौलत राज्य में दूध उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डेयरी की उत्पादन इकाइयों, प्रोक्यूरमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर और दुग्ध समितियों का विस्तार तेज किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग जुड़ें, उनकी आमदनी बढ़े और रोजगार के नए अवसर तैयार हों। सीएम ने कहा कि कर्मचारियों के लिए आवास व्यवस्था विकसित करने की भी आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और पशुपालकों की समृद्धि के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। सुधा ब्रांड के नए उत्पाद बाजार में उपलब्ध कराए जा रहे हैं और यह ब्रांड पूरे देश में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कॉम्फेड की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति वर्ष 1983 में ऑपरेशन फ्लड कार्यक्रम के तहत गठित कॉम्फेड वर्तमान में राज्य के 31 जिलों में 8 दुग्ध संघों के माध्यम से कार्यरत है। 37 हजार से अधिक खुदरा विक्रय केंद्रों और 914 होल-डे-मिल्क बूथ के माध्यम से सुधा दूध और दुग्ध उत्पाद राज्य के लगभग हर प्रखंड व नगर निकाय तक उपलब्ध हैं। टेट्रा पैक दूध की आपूर्ति उत्तरी-पूर्वी राज्यों के साथ भारतीय सेना को भी की जा रही है। साथ ही, दिल्ली और कोलकाता जैसे महानगरों में भी सुधा उत्पादों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। मार्च 2025 में कॉम्फेड ने 5 मीट्रिक टन घी अमेरिका और 8 मीट्रिक टन गुलाबजामुन कनाडा निर्यात कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी उपस्थिति दर्ज की है।

विदेश में भी ‘सेवा ही संकल्प’: श्रीलंका में भारतीय सेना ने किया सैकड़ों का मुफ्त इलाज

नई दिल्ली चक्रवात दित्वाह के बाद भारतीय सेना श्रीलंका में मानवीय सहायता मुहैया करा रही है। भारतीय सेना का फील्ड हॉस्पिटल यहां अब तक 1,250 से अधिक प्रभावित नागरिकों का उपचार कर चुका है। इनमें सेना के डॉक्टर्स द्वारा की गई पांच बड़ी आपातकालीन सर्जरी भी शामिल हैं। गौरतलब है कि श्रीलंका भयंकर चक्रवात ‘दित्वाह’ से प्रभावित हुआ है। चक्रवात से श्रीलंका में जान माल की हानि हुई है। कई सड़क मार्ग नष्ट हुए थे। कई स्थानों पर लोगों के घर बाढ़ और बरसात के पानी में डूब गए थे। बच्चें, बुजुर्ग, महिलाएं, युवा, बाढ़ के पानी से जूझ रहे थे। इस सब के कारण सैकड़ों लोगों को चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। कई लोग बुरी तरह जख्मी भी हुए हैं जिनकी सर्जरी की जा रही है। ऐसी स्थिति में भारतीय सेना अपने फील्ड हॉस्पिटल की मदद से यहां लोगों की सहायता कर रही है। 2 दिसंबर को भारतीय सेना की 73 सदस्यीय चिकित्सा टीम श्रीलंका पहुंची थी। इसके बाद 5 दिसंबर से महियंगनाया में एक पूरी तरह कार्यात्मक फील्ड हॉस्पिटल स्थापित कर दिया गया। अब इस अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सों और त्वरित प्रतिक्रिया दलों की टीमें तैनात हैं। इनकी सहायता से यहां ओपीडी सेवाएं, आपातकालीन चिकित्सा, छोटी सर्जरी, चोटों, संक्रमणों और आपदा से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार किया जा रहा है। सेना के मुताबिक इस अस्पताल को वायुसेना के सी-17 एमसीसी विमान द्वारा 78 सदस्यीय मेडिकल टीम के साथ श्रीलंका एयरलिफ्ट किया गया है। सेना के अनुसार राहत अभियानों को गति देने और प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बहाल करने के लिए भारत ने श्रीलंका को तीन बेइली ब्रिज भी उपलब्ध कराए हैं। श्रीलंकाई प्रशासन के समन्वय से इन पुलों के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान कर ली गई है, जिससे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सड़क संपर्क पुनर्स्थापित करने में तेजी आएगी। इस बीच श्रीलंका सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल लसन्था रोड्रिगो ने महियंगनाया में स्थापित भारतीय फील्ड हॉस्पिटल का दौरा किया। उन्होंने यहां भारतीय चिकित्सा दल के साथ बातचीत भी की। उन्होंने भारत सरकार और भारतीय सेना के त्वरित सहायता प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारत की तीव्र एवं समयबद्ध मदद ने हजारों लोगों तक महत्वपूर्ण चिकित्सीय सहायता पहुंचाई है। हम भारत के इस सहयोग के लिए आभारी हैं। चक्रवात दित्वाह के बाद श्रीलंका में जारी राहत कार्यों में भारतीय सेना का योगदान दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक मित्रता, मानवीय सहयोग और क्षेत्रीय साझेदारी को और सुदृढ़ कर रहा है। भारतीय सेना के मुताबिक उनका यह फील्ड हॉस्पिटल आने वाले दिनों में भी प्रभावित समुदायों को आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करता रहेगा। दरअसल श्रीलंका में आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए भारतीय सेना के विशेष दल श्रीलंका पहुंचे हैं। भारतीय थलसेना द्वारा भेजा गया यह विशेष दल मुख्यत चिकित्सा, इंजीनियरिंग और सिग्नल्स से संबंधित विशेषज्ञ इकाइयों से मिलकर बना है। इनका उद्देश्य श्रीलंका के आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना है। भारतीय सेना यहां पीड़ितों को जीवन रक्षक चिकित्सा सहायता प्रदान कर रही है। भारतीय सेना का चिकित्सा दल यहां जीवन रक्षक सहायता मुहैया करा रहा है। इसमें भारतीय सेना की मेडिकल यूनिट शामिल हैं। इस ग्रुप में जख्मी व्यक्तियों के लिए एडवांस्ड ड्रेसिंग स्टेशन व मोबाइल सर्जिकल टीमें बनाई गई हैं। सेना के मुताबिक इनके पास पूर्ण सुसज्जित ऑपरेशन थिएटर है, जो बड़े और छोटे दोनों तरह के ऑपरेशन व चिकित्सा करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही चिकित्सा दल के पास एक ऐसी सुविधा भी है जिसमें एक समय में 20 से 30 मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जा सकता है। 

एशेज 2025 में कंगारुओं का दबदबा: डे-नाइट टेस्ट 8 विकेट से जीता, सीरीज पर मजबूत पकड़

ब्रिस्बेन पिंक बॉल डे-नाइट टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क और माइकल नेसर ने इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी पूरी तरह तहस-नहस कर दी। स्टार्क ने मैच में कुल 8 विकेट झटके, जबकि नेसर ने 6 बड़े झटके देकर इंग्लैंड को दोनों पारियों में उभरने नहीं दिया। दोनों गेंदबाज़ों की सटीक लाइन, स्विंग और गति के आगे इंग्लैंड के बल्लेबाज टिक ही नहीं पाए और लगातार दबाव में जूझते रहे। रूट का शतक भी इंग्लैंड को नहीं बचा पाया इंग्लैंड की पहली पारी की जान रहे जो रूट ने 138 रन की बेहतरीन पारी खेली। 206 गेंदों में 15 चौकों और एक छक्के से सजी उनकी यह पारी इंग्लैंड को सम्मानजनक स्कोर तक ले गई। लेकिन रूट के अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ा योगदान नहीं दे सका। मिचेल स्टार्क ने 6 विकेट निकालकर इंग्लैंड को 334 रन पर रोक दिया और मैच पर ऑस्ट्रेलिया की पकड़ मजबूत कर दी। रूट का शतक शानदार था, लेकिन टीम को मुश्किल स्थिति से निकालने में नाकाम रहा। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में बल्लेबाज़ों का जलवा ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाज़ी में पूरी तरह दबदबा दिखाया और 511 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जेक वेदराल्ड ने 72, लाबुशेन ने 65, स्टीव स्मिथ ने 61 और एलेक्स कैरी ने 63 रन की शानदार पारियां खेलीं। इन सबके अलावा मिचेल स्टार्क ने भी 141 गेंदों में संघर्षपूर्ण 77 रन बनाकर इंग्लैंड को पूरी तरह मैच से बाहर कर दिया। इंग्लैंड की ओर से सिर्फ ब्राइडन कार्स ही थोड़ी सफलता हासिल कर पाए, जिन्होंने 4 विकेट लिए लेकिन 152 रन भी लुटाए। इंग्लैंड की दूसरी पारी फिर ताश के पत्तों की तरह बिखरी दूसरी पारी में इंग्लैंड एक बार फिर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों के सामने टिक नहीं पाया। टीम 241 रन पर सिमट गई। कप्तान बेन स्टोक्स ने 50 और विल जैक्स ने 41 रन बनाकर कुछ देर संघर्ष जरूर किया, लेकिन माइकल नेसर की घातक गेंदबाज़ी ने सारा खेल ख़त्म कर दिया। नेसर ने 5 विकेट लेकर इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, और ऑस्ट्रेलिया के सामने सिर्फ 65 रन का बेहद आसान लक्ष्य छोड़ा। 65 रन का छोटा लक्ष्य — ऑस्ट्रेलिया की आसान जीत लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल करने में कोई देरी नहीं की। ट्रैविस हेड ने तेज 22 रन बनाए, जबकि स्टीव स्मिथ ने सिर्फ 9 गेंदों में 23 रन ठोककर मैच खत्म कर दिया। स्मिथ ने अपनी पारी में दो चौके और दो छक्के जमाए। जेक वेदराल्ड भी 17* पर नाबाद लौटे। ऑस्ट्रेलिया ने 69/2 बनाकर 8 विकेट से मैच जीत लिया और एशेज सीरीज में 2–0 की मजबूत बढ़त बना ली।  

‘बर्बाद करके ही छोड़ेंगे?’ दिल्ली में 95 मोहल्ला क्लीनिक बंद होने से भड़की AAP

नई दिल्ली  दिल्ली में 200 मोहल्ला क्लीनिक बंद होने के बाद 95 और पर ताला लगने वाला है। दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद से आम आदमी पार्टी भड़क गई। पार्टी ने एक्स पर लिखा कि रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को बर्बाद करके ही दम लेगी। इसके अलावा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मेट्रो स्टेशनों और मॉल्स में प्रीमियम शराब के शोरूम खोलने की योजना है और राजधानी में मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए जाएंगे। आम आदमी पार्टी ने रेखा गुप्ता सरकार पर हमला करते हुए लिखा कि रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली की शानदार स्वास्थ्य व्यवस्था को बर्बाद करके ही दम लेगी। वह अभी तक 200 से ज्यादा मोहल्ला क्लीनिक बंद कर चुकी है और अब 95 और बंद करने जा रही है। BJP सरकार नहीं चाहती है कि किसी को भी मुफ्त इलाज और दवा मिले। जिससे लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए जाएं और बीजेपी के चहेते स्वास्थ्य माफियाओं को फायदा पहुंचे। आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि बीजेपी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार अरविंद केजरीवाल सरकार के समय बने 95 और मोहल्ला क्लिनिकों को बंद करने जा रही है, जबकि मेट्रो स्टेशनों और मॉल्स में प्रीमियम शराब के शोरूम खोलने की योजना बनाई जा रही है। AAP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि अब वे मरीज कहां इलाज और दवाएं लेने जाएंगे जो इन क्लिनिकों पर निर्भर थे। भारद्वाज ने दावा किया, "सरकार ने पहले किराए की जगह पर चल रहे क्लिनिक बंद किए, फिर वे जो अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के एक किलोमीटर के दायरे में थे, और बाद में 1.6 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्लिनिक बंद किए, जो यह दिखाता है कि उनका इरादा मोहल्ला क्लिनिकों को पूरी तरह खत्म करना है। वहीं, दूसरी ओर मॉल्स और मेट्रो स्टेशनों पर बड़े, आकर्षक शराब शोरूम को बढ़ावा दिया जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "सरकार को शराब पीने वालों की चिंता है। वे चाहते हैं कि शराब की दुकानें और शोरूम हर जगह, यहाँ तक कि हर मेट्रो स्टेशन और मॉल में दिखाई दें। शराब पीने वालों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। लेकिन गरीब और बुजुर्ग लोग जो मोहल्ला क्लिनिकों से नियमित रूप से शुगर, मधुमेह, हृदय रोग और रक्तचाप की दवाएँ लेते थे, उन्हें अब दवा के लिए किलोमीटरों तक पैदल चलकर दूर जाना पड़ेगा। जबकि शराब, मेट्रो स्टेशन पर ही उपलब्ध होनी चाहिए। यह कैसी सरकार है? यह अपने लोगों का दर्द क्यों नहीं समझती?"  

हुमायूं कबीर का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला, ‘बाबरी मस्जिद’ बयान के साथ दी सियासी चेतावनी

कोलकाता  पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में 'बाबरी मस्जिद' की नींव रखकर चर्चा में आए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि टीएमसी का मुस्लिम वोटबैंक खत्म हो जाएगा और फिल्मी अंदाज में बनर्जी को चेतावनी देते हुए कहा, ''पिक्चर अभी बाकी है।'' मीडिया से बात करते हुए हुमायूं कबीर ने नई पार्टी बनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 22 दिसंबर को वह अपनी पार्टी बनाएंगे और एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करने की कोशिश करेंगे। पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में हुमायूं ने बंगाल की 294 सीटों में से 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। उनकी नजर राज्य की मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर है। उन्होंने आगे कहा, ''मैं एक नई पार्टी बनाऊंगा जो मुसलमानों के लिए काम करेगी। 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारूंगा। बंगाल के चुनाव में गेमचेंजर बनूंगा। एआईएमआईएम के साथ संपर्क मे हूं और मिलकर ही चुनाव लड़ेंगे। ओवैसी से भी बात हो गई है।''  

हथियार डालने का संकेत! हमास के ऐलान से बढ़ी उम्मीदें, क्या इज़रायल मानेगा शर्त?

गाजा  गाजा में युद्धविराम समझौता लागू होने के बावजूद इजरायल और हमास के बीच आए दिन टकराव की खबरें आती रहती हैं। इसी बीच हमास ने एक बड़ा बयान जारी किया है। हमास ने कहा है कि वह गाजा पट्टी में अपने हथियार उस फिलिस्तीनी प्राधिकरण को सौंपने को तैयार है जो इस क्षेत्र पर शासन करेगा, बशर्ते इजरायली कब्जा पूरी तरह समाप्त हो जाए।   हमास के मुख्य वार्ताकार और गाजा में इसके प्रमुख खलील अल-हय्या ने एक बयान में कहा कि हमारे हथियार कब्जे और आक्रामकता के अस्तित्व से जुड़े हुए हैं। यदि कब्जा खत्म हो जाता है, तो ये हथियार राज्य के अधीन चले जाएंगे। हय्या के कार्यालय ने बताया कि उनका इशारा एक संप्रभु और स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की ओर था। हय्या ने आगे कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र के सैन्य बलों की तैनाती को एक 'पृथक्करण बल' (सेपरेशन फोर्स) के रूप में स्वीकार करते हैं, जिनका काम सीमाओं की निगरानी करना और गाजा में युद्धविराम का पालन सुनिश्चित करना होगा। इस तरह हमास ने उस अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती को साफ तौर पर खारिज कर दिया जिसका मिशन गाजा पट्टी को पूरी तरह निरस्त्रीकरण करना हो। इस बीच खबर है कि अमेरिका की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम समझौते के अगले चरण के तहत वर्ष के अंत तक गाजा के संचालन के लिए एक अंतरराष्ट्रीय निकाय की घोषणा होने की संभावना है। युद्धविराम समझौते के अनुसार, 'शांति बोर्ड' नाम का यह निकाय, जिसकी अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे, दो वर्ष के संयुक्त राष्ट्र जनादेश के तहत गाजा के पुनर्निर्माण की निगरानी करेगा। नाम न छापने की शर्त पर अरब अधिकारियों और पश्चिमी राजनयिकों ने एसोसिएटेड प्रेस (AP) को बताया कि इस बोर्ड में पश्चिम एशिया और पश्चिमी देशों के करीब एक दर्जन अन्य नेता भी शामिल होंगे। साथ ही, युद्ध के बाद गाजा के दैनिक प्रशासन के लिए फिलिस्तीनियों की एक समिति की भी घोषणा की जाएगी। काहिरा से फोन पर एपी से बात करने वाले एक पश्चिमी राजनयिक ने कहा कि इसकी घोषणा संभवतः इस महीने के अंत में ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मुलाकात के दौरान की जाएगी। युद्धविराम समझौते के तहत सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने और हमास के निरस्त्रीकरण को सुनिश्चित करने के लिए एक सशस्त्र अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल भी गठित किया जाएगा। यह घोषणा ट्रंप की 20-सूत्री युद्धविराम योजना के कार्यान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। यह समझौता 10 अक्टूबर को लागू हुआ था। एक अरब अधिकारी ने बताया कि गाजा के लिए अंतरराष्ट्रीय बल में किन-किन देशों की सेनाएं शामिल होंगी, इस पर अभी बातचीत चल रही है, लेकिन तैनाती 2026 की पहली तिमाही में शुरू होने की संभावना है।

कड़ाके की ठंड से कांपा नॉर्थ इंडिया: पंजाब-हरियाणा में शीतलहर तेज, फरीदकोट-नारनौल रिकॉर्ड ठंडे

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा कड़े शीतलहर चपेट में हैं, जहां न्यूनतम तापमान कई स्थानों पर सामान्य से 1 से 4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। पंजाब का फरीदकोट सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा 2.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, अमृतसर में 5.6, जबकि लुधियाना और पटियाला में क्रमशः 7 और 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी चंडीगढ़ में भी ठंड का असर रहा और तापमान 7.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.7 डिग्री कम है। हरियाणा में नारनौल सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हिसार में 4.7, करनाल में 7.5, जबकि भिवानी, सिरसा और अंबाला में तापमान क्रमशः 6, 6.4 और 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड और घने कोहरे की स्थिति बने रहने की आशंका जताई है। राजस्थान के शेखावाटी इलाके में शीतलहर जारी राजस्थान के अनेक इलाकों में जोरदार सर्दी पड़ रही है और शेखावाटी इलाके में शीतलहर जारी है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, बीती शुक्रवार रात फतेहपुर कस्बे में न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य के अनेक हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। इसके अनुसार, बीती रात न्यूनतम तापमान फतेहपुर में 2.3 डिग्री सेल्सियस, सीकर में 3.0 डिग्री, नागौर में 3.3 डिग्री, चुरू में 4.5 डिग्री, अलवर में 5.0 डिग्री व पाली में 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम केंद्र का कहना है कि राज्य के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा। कश्मीर में कड़ाके की ठंड, शोपियां में तापमान शून्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे कश्मीर में रात का तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे चला गया, जबकि घाटी के कुछ हिस्सों में कोहरे की मोटी परत छाई रही। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि शोपियां जम्मू-कश्मीर का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। अधिकारियों के मुताबिक बृहस्पतिवार रात घाटी में अधिकांश स्थानों पर पारा जमाव बिंदु से ऊपर पहुंच गया, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से काफी राहत मिली।   अधिकारियों ने हालांकि बताया कि शुक्रवार रात को कश्मीर में तापमान में गिरावट आई, जिससे कड़ाके की ठंड का दौर लौट आया। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार रात जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के 0.4 डिग्री सेल्सियस से काफी कम है। घाटी के प्रवेशद्वार माने जाने वाले काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में पारा शून्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग में तापमान शून्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि गुलमर्ग में शून्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे और पुलवामा जिले के कोनीबल शहर में पारा शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने छह और सात दिसंबर को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने लेकिन मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है जबकि आठ दिसंबर को उत्तर और मध्य कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बर्फबारी होने की संभावना है।   पश्चिम बंगाल के कोलकाता में शनिवार सुबह पारा गिरकर 14.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तापमान में हुई इस गिरावट के कारण यहां लोगों ने इस मौसम की सबसे सर्द सुबह का अनुभव किया। पश्चिम बंगाल का गंगा तटीय क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है इसी के साथ भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पूर्वानुमान जताया है कि इस क्षेत्र में अगले 24 घंटे के अंदर तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। आईएमडी के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्वी महानगर में सुबह 6.30 बजे न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम है। अधिकारी ने बताया कि शहर में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।