samacharsecretary.com

रायपुर: जैव चिकित्सा अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन – आवास मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी

रायपुर : जैव चिकित्सा अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी: आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी राज्य स्तरीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 (संशोधित 2021) के प्रभावी अनुपालन और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन आज नवा रायपुर में हुआ। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वित्त, वाणिज्य कर, आवास एवं पर्यावरण तथा योजना एवं सांख्यिकी मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट का उचित प्रबंधन केवल स्वास्थ्य संस्थानों की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निपटान सार्वजनिक स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा विषय है, इसलिए नियमों का कड़ाई से पालन अत्यंत आवश्यक है।  चौधरी ने स्वास्थ्य संस्थानों से अपील की कि वे नियमों को स्पष्ट रूप से समझकर उनका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला इसी उद्देश्य से आयोजित की गई है ताकि सभी संस्थान नियमों को बेहतर समझ सकें, अपनी समस्याएं निसंकोच साझा कर सकें और समाधान पर सामूहिक रूप से कार्य किया जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी संवाद, सहभागिता और सहयोग से छत्तीसगढ़ राज्य जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन में एक आदर्श राज्य के रूप में उभरेगा। आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव एवं मण्डल के अध्यक्ष  अंकित आनंद ने कहा कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट के कुशल प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य संस्थानों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब तक नियमों को सही रूप में नहीं समझा जाएगा, उनका प्रभावी कार्यान्वयन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मण्डल की यह कार्यशाला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जहां सभी संबंधित हितधारकों को विस्तृत जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कार्यशाला के आरंभ में मण्डल के सदस्य सचिव  राजू अगसिमनि ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट के वैज्ञानिक निपटान, सुरक्षित परिवहन, पृथक्करण, भंडारण और उपचार की प्रक्रियाओं को मजबूत बनाना है। कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक  अनुप चतुर्वेदी तथा  यादवेन्द्र यादव, अधिवक्ता (सीपीसीबी, भोपाल) ने जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के विभिन्न तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में मण्डल के वरिष्ठ अधिकारियों सहित प्रमुख अस्पतालों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर्स, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नर्सिंग होम एसोसिएशन, चिकित्सा प्रकोष्ठ तथा विभिन्न स्थानीय निकायों के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन पर आधारित एक मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।

रायपुर: 12 दिसम्बर को कवर्धा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन”

रायपुर : 12 दिसम्बर को कवर्धा में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय करेंगे मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन मेडिकल कॉलेज स्थापना से खुलेगा विकास का नया अध्याय – उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा कबीरधाम में स्वास्थ्य सुविधाओं के नए युग का होगा सूत्रपात रायपुर कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मज़बूती देने और युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में मेडिकल कॉलेज कबीरधाम की स्थापना होने जा रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय 12 दिसम्बर को अपने कवर्धा प्रवास के दौरान ग्राम घोटिया में मेडिकल कॉलेज की प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा पूजित शिला का शिलान्यास एवं भूमिपूजन करेंगे। कॉलेज के लिए 40 एकड़ भूमि आबंटित, 306 करोड़ से अधिक की राशि को मिली स्वीकृति उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रयासों से  शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए ग्राम घोठिया में 40 एकड़ भूमि का आबंटन किया है। परियोजना के लिए 306 करोड़ रूपए से अधिक की मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। यह कॉलेज अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद कबीरधाम जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। लोगों को आधुनिक, उन्नत और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अब दूरस्थ शहरों की ओर निर्भरता कम होगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित होगी। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा की पहल पर यह महत्वपूर्ण परियोजना अल्प समय में स्वीकृत होकर अपने निर्माण चरण तक पहुँच गयी है। उन्होंने इस परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण करने अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं। जिले में उत्साह का माहौल इस संबंध में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज स्थापना से विकास का नया अध्याय खुलेगा। युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। जिले के लोगों को निर्माण से लेकर संचालन तक रोजगार के अनेक नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और जिले में कौशल विकास भी प्रोत्साहित होगा। मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन को लेकर जिले के लोगों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं में आशा की नई किरण जागी है कि इस कॉलेज से कबीरधाम को स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

न्यायमूर्ति डा. डी.के. अरोड़ा का बयान: हर व्यक्ति की गरिमा और सुरक्षा है सर्वोच्च प्राथमिकता

हर व्यक्ति की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- न्यायमूर्ति डा. डी.के. अरोड़ा अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर बड़ा संदेश, बोलने के अधिकार पर प्रतिबंध भी हैं लखनऊ अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग, लखनऊ स्थित ऑडोटोरियम में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में माननीय न्यायमूर्ति डॉ. डी के अरोड़ा, विशिष्ट अतिथि माननीय न्यायमूर्ति सुधीर सक्सेना, आयोग के वरिष्ठ सदस्य माननीय न्यायमूर्ति श्री राजीव लोचन मेहरोत्रा एवं माननीय सदस्य श्री बृज भूषण, आयोग के पुलिस महानिदेशक श्री संदीप सालुन्के, सचिव महोदय संजय कुमार, विधि अधिकारी अल्पना शुक्ला, संयुक्त सचिव वेद प्रकाश द्विवेदी, वित्त एवं लेखाधिकारी अंकिता मिश्रा, अनु सचिव आलोक यादव एवं आयोग के समस्त कर्मचारीगण द्वारा इस पावन पर्व पर सहभाग किया गया। उपरोक्त समारोह अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस वर्ष 2025 का विषय "हमारी दैनिक आवश्यकताएं” रखा गया।  इसके अतिरिक्त उ.प्र. मानव अधिकार आयोग में शीतकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम भी चल रहा है जिसमें आए प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं भी कार्यालय का हिस्सा बनें। प्रशिक्षु आयुष पाठक, श्रुति मेहता, अन्तरा शुक्ला एवं दिव्यांशी द्वारा अंतराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस की थीम “हमारी दैनिक आवश्यकताएं” अपने विचार साझा किये गये। अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के विषय "हमारी दैनिक आवश्यकताएं” पर अपने विचार पर चर्चा करते हुए आयोग के सचिव महोदय संजय कुमार द्वारा मानव अधिकर दिवस के सम्बन्ध में चर्चा करते हुए समारोह मे आये माननीय मुख्य अतिथि व माननीय विशिष्ट अतिथि महोदय सदस्यगण, अधिकारीगण, स्टाफ अवध बार एसोशिसन से पधारे अधिवक्तागण, मीडिया व प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं के लिये स्वागत भाषण पढ़ा गया। माननीय मुख्य अतिथि महोदय द्वारा कहा गया कि बोलने का अधिकार या कोई भी मौलिक अधिकार अपने आप में निरपेक्ष नही हैं इन पर कुछ युक्ति-युक्त प्रतिबन्ध लगाये गयें हैं। कानून की दृष्टि में प्रत्येक व्यक्ति समान है। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा किन प्रस्थितियों में मानवाधिकार की सार्वजानिक घोषणा की गयी है, पर बल दिया गया हैं समारोह में पधारे विशिष्ट अतिथि सुधीर कुमार सक्सेना द्वारा मानवाधिकार दिवस पर अभिव्यक्ति देते हुए कहा गया कि गरिमा की शुरूवात अपने घर से होनी चाहिए, समाज मे महिलाओं व बच्चियों की गरिमा को बनाये रखने पर विशेष बल दिया गया।  आयोग के वरिष्ठ सदस्य माननीय न्यायमूर्ति श्री राजीव लोचन मेहरोत्रा जी द्वारा इस शुभ अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा गया कि मानवाधिकार चाहे मौलिक हो या विधिक हो हमें सुनिश्चत करना होगा, स्वच्छ हवा में सांस लेने का अधिकार भी मानवाधिकार है, इसे परिभाषित करते हुए बल दिया गया। मानव अधिकार पथ पर बल देते हुए उनके द्वारा कहा गया कि यदि हम इस शपथ को हम आत्मार्पित कर लें तो हमें किसी अन्य कानून की आवश्यकता ही नहीं पड़गी। मानवाधिकार की शपथ अपने आप में सम्पूर्ण है। मानवाधिकार आयोग के सदस्य बृज भूषण द्वारा अपने बहुमूल्य विचारों को व्यक्त करते हुए कहा गया कि किसी भी प्रकार के अधिकार जो हमें उपलब्ध हैं वो मानवाधिकारों की श्रेणी के अन्तर्गत आते हैं प्रत्येक मनुष्य के मूलभूत अधिकार सुरक्षित होने चाहिए, महोदय द्वारा यह भी साझा किया गया कि कुछ दिव्यांग व निर्धन व्यक्ति जो धनाभाव के कारण न्याय से वंचित थे उनकी आयोग द्वारा मदद की गयी। आयोग के पुलिस महानिदेशक संदीप साळुंके द्वारा समारोह में पधारे माननीय मुख्य अतिथि महोदय, माननीय विशिष्ट अतिथि महोदय, माननीय सदस्यगण महोदय एवं आयोग के अधिकारीगण व समारोह में उपस्थित अवध-बार एसोसिएशन के अधिवक्तागण प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं को मानवाधिकार दिवस पर समारोह में शिरकत करने तथा विचार साझा करने हेतु तथा आयोग स्टाफ को इस कार्यक्रम को मार्गदर्शन के अनुरूप सफल बनाने पर धन्यवाद ज्ञापित किया गया।  कार्यक्रम का संचालन आयोग मे कार्यरत विधि अधिकारी महोदया (उच्चतर न्यायिक सेवा उत्तर प्रदेश) अल्पना शुक्ला द्वारा किया गया। विधि अधिकारी महोदया के मार्गदर्शन व कुशल नेतृत्व में आयोग के गठन, कार्य, शक्ति व शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को ब्रोशर में समेटते हुए इसके माध्यम से समस्त जानकारी दिये जाने का प्रयास किया गया कि जन मानस में एक दृष्टि में उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग की जानकारी प्राप्त की जा सके। आम जन मानस में जागरूकता फैलाने हेतु विधि अधिकारी महोदया द्वारा इस ब्रोशर में यह भी संकलित किया गया कि मानवाधिकार उल्लघंन होने की दशा मे किस प्रकार मानवाधिकर आयोग से अनुतोष प्राप्त कर सकते हैं, इस ब्रोशर में यह भी संकलित किया गया और आयोग द्वारा ब्रोशर का वितरण भी किया गया ।

संभल को ‘संभाल’, तस्वीर बदल रही योगी सरकार

संभल के विकास के लिए पांच आयाम बनाकर कार्य कर रही योगी सरकार  संभल को ‘संभाल’, तस्वीर बदल रही योगी सरकार  सुरक्षा, शिक्षा, उद्योग, बुनियादी ढांचे में प्रगति कर रहा संभल  सार्वजनिक रूप से संवाद स्थापित कर संभल में शांति व सौहार्द बना रही पुलिस अब संभल में पलायन नहीं, विकास और कानून का राज हो चुका स्थापित  39 पुलिस चौकियों के साथ ही 1300 सीसीटीवी कैमरों के जरिये पुख्ता हो रही सुरक्षा व्यवस्था संभल में फरियादियों के लिए कारगर साबित हो रही ‘भरोसे की पर्ची’ लखनऊ सनातन आस्था के प्रमुख तीर्थ संभल को ‘संभाल’ कर योगी सरकार यहां की तस्वीर बदल रही है। पूर्ववर्ती सरकारों की अनदेखी के कारण दंगे, तनाव का दंश झेल रहा संभल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब सुरक्षा, शिक्षा, उद्योग व बुनियादी ढांचे के साथ ही हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। एक तरफ सार्वजनिक रूप से आमजन से संवाद स्थापित कर पुलिस संभल में शांति व सौहार्द बना रही है तो दूसरी तरफ पर्यटन, संस्कृति से समृद्ध संभल अपने गौरवशाली अतीत के साथ ही खुशहाल भविष्य की तरफ बढ़ रहा है। योगी सरकार संभल के विकास के लिए पांच आयाम बनाकर कार्य कर रही है। संभल आर्थिक दृष्टि से भी तेजी से बढ़ रहा है। अब संभल में पलायन नहीं होता है, क्योंकि यहां कानून का राज स्थापित हो चुका है।  हेरिटेज कंज़र्वेशन: संभल की समृद्ध विरासत और ऐतिहासिक महत्व को मिल रही नई पहचान  योगी सरकार संभल की समृद्ध विरासत और ऐतिहासिक महत्व को नई पहचान दे रही है। कभी कूड़ेघर में तब्दील हो चुके और कब्जे के कारण अस्तित्व खो चुके ब्रह्मकूप को पुनर्जीवित कराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर के दूसरे पखवाड़े में शासन व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर संभल के विकास की जानकारी ली थी। संभल में 68 तीर्थ व 19 कूप हैं। योगी सरकार इनके जीर्णोद्धार व पहचान के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने विकास कार्यों के तहत पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों के पुनरुद्धार पर जोर दिया था। दूसरे चरण में उन्होंने म्यूजियम व लाइट एंड साउंड आदि विकास कार्यों पर फोकस का निर्देश दिया था। 12 तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी भूमि क्रय प्रक्रिया चल रही है। इसमें से प्रमुख रूप से (कुरुक्षेत्र, नैमिषारण्य व मनोकामना तीर्थ) भी शामिल है। 12.94 करोड़ रुपये धनराशि अवमुक्त किए जाने का भी अनुरोध शासन से किया गया है।  इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट: अब संभल में पलायन नहीं होता, कानून का राज स्थापित होने से आ रही खुशहाली योगी सरकार ने जनसुविधाओं के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। सीएम योगी के निर्देश पर संभल में भी एकीकृत कलेक्ट्रेट भवन की स्थापना करने जा रही है। पिछले दिनों सीएम योगी ने बैठक कर राजस्व, गृह, न्याय, धर्मार्थ कार्य, लोक निर्माण, पर्यटन-संस्कृति विभाग, नगर विकास, नमामि गंगे योजना, अतिरिक्त ऊर्जा विभाग आदि की समीक्षा की थी। यहां जिला न्यायालय, जिला कारागार व 24वीं वाहिनी पीएसी की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से हो रही है। सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार, टू लेन, फोर लेन निर्माण को लेकर संबंधित विभाग अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहना रहे हैं। नगर विकास विभाग द्वारा यहां के सभी नगर निकाय में वंदन योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, झील, पोखरा, तालाब योजना, नगरीय जल निकास योजना के साथ ही पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के अंतर्गत भी अनेक कार्य कराकर संभल को नया आयाम दे रही हैं। अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग द्वारा 11.328 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर सीबीजी प्लांट स्थापित करने की भी तैयारी हो रही है।  एजुकेशनल ग्रोथ: निजी स्कूलों को मात दे रहे सरकारी विद्यालय  संभल और बहजोई में 16 पीएमश्री विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों की सुविधाएं निजी स्कूलों को टक्कर दे रही हैं। यहां के स्कलों में हर विद्यार्थी समुचित गणवेश (प्रॉपर ड्रेस) में आते हैं। यहां हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन विद्यालयों में एजुकेशन पार्क, साइंस की आधुनिक लैब, भोजनालय, औषधीय वाटिका के साथ ही हरिश्चंद्र सभागार भी आकर्षण का केंद्र हैं। इन विद्यालयों में बच्चों का तेजी से दाखिला हो रहा है। यहां की दिन दिव्यांगों के लिए की गई प्रेरक व्यवस्था के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया को सम्मानित भी किया है।  टूरिज़्म प्रमोशन: सांस्कृतिक रूप से समृद्ध करते हुए पर्यटन को दिया जा रहा बढ़ावा  योगी आदित्यनाथ सरकार सांस्कृतिक रूप से संभल को समृद्ध करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अयोध्या की तर्ज पर यहां भी 24 कोसी परिक्रमा मार्ग बनाने की तैयारी की जा रही है। यह मार्ग ही संभल की पहचान बनेगी। इसके जरिए श्रद्धालु 68 तीर्थों का भ्रमण कर सकेंगे। इस परिक्रमा मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग कराएगा। परिक्रमा मार्ग के बीच के अवरोध व अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है। यहां सिसोना डांडा मेला में प्रतिवर्ष पांच लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान करने आते हैं। इसे भी प्रांतीय मेला का दर्जा देने की औपचारिकता को पूरा किया जा रहा है। महिष्मती नदी के पुनरुद्धार पर भी सरकार का फोकस है। दतावली गांव में पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 5.565 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इस पर 16.15 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। योगी आदित्यनाथ सरकार संभल कल्कि तीर्थ विकास परिषद के गठन को लेकर भी सकारात्मक कदम उठा रही है।   कम्युनिटी इन्वॉल्वमेंट: विकास प्रक्रिया से जोड़े जा रहे संभलवासी  संभलवासियों को विकास प्रक्रिया से भी जोड़ा जा रहा है। योगी सरकार के कारण संभल के हालात भी बदल गए हैं। घर छोड़कर जा चुके परिवार अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं। दस्तावेज देने पर प्रशासन ने 15 से अधिक परिवारों की संपत्ति को पुनर्स्थापित कराया है। यह सभी लोग वापस भी आ चुके हैं। संवेदनशील इलाकों में जनता की सहूलियत के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। पुरानी बस्ती स्थित जामा मस्जिद व आसपास के इलाके संवेदनशील माने जाते हैं। यहां भी अवैध कब्जे हटाकर 39 चौकियां बनवाई गईं और 1300 से अधिक सीसीटीवी लगाए गए।   आर्थिक दृष्टि से तेजी से बढ़ रहा संभल संभल आर्थिक दृष्टि से भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2024-25 में संभल में 2405 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। … Read more

मतदाता सूची में बड़ा बदलाव: SIR प्रक्रिया अंतिम चरण में, लाखों नाम हो सकते हैं डिलीट

भोपाल प्रदेश में मतदाताओं के गणना पत्रक का डिजिटाइजेशन शत-प्रतिशत हो गया है। गुरुवार रात 12 बजे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी हो जाएगी। 16 दिसंबर को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा। इसमें प्रदेश भर के 30 से 35 लाख मतदाताओं के नाम कट सकते हैं। इनमें मृत, स्थानांतरित, दो स्थान पर नाम वाले मतदाता शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर जिले के विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची से नाम अधिक कटने की संभावना है।   वहीं, जिनके गणना पत्रक तो जमा हो गए लेकिन आवश्यक जानकारी नहीं दी गई है, उन्हें रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा नोटिस देकर दस्तावेज मांगे जाएंगे। एसआईआर में जो गणना पत्रक दिए गए, वे मतदाताओं को भरकर देने थे। इसमें वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनका या उनके माता-पिता, दादा-दादी में से किसी एक के नाम की जानकारी भी देनी थी। जिन मतदाताओं ने वर्ष 2003 के एसआईआर के आधार पर जानकारी न देकर केवल हस्ताक्षर करके गणना पत्रक दिए हैं, उनके नाम तो प्रारूप सूची में आएंगे लेकिन उन्हें नोटिस जारी होंगे। ऐसे मतदाताओं की संख्या करीब 12 लाख है। चूंकि, गणना पत्रक सभी मतदाताओं को जारी किए गए हैं इसलिए जिन मतदाताओं ने एक से अधिक स्थान पर गणना पत्रक जमा किए हैं, उनके नाम केवल एक स्थान पर रहेंगे।   इंदौर में 1.94 लाख मतदाताओं का नहीं मिला 2003 का रिकॉर्ड, अब देने होंगे दस्तावेज भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित अन्य शहरी क्षेत्रों में ऐसे मतदाताओं के नाम अधिक कटेंगे क्योंकि यहां अपेक्षाकृत अधिक मतदाता रोजगार, पढ़ाई आदि कारणों से स्थानांतरित होते रहते हैं। मृत, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की अलग से सूची बनेगी। यह संख्या 18 से 23 लाख हो सकती है। इनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं आएंगे। प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय कामले का कहना है कि बूथ लेवल एजेंटों से जो जानकारी प्राप्त हो रही है, उसके अनुसार सूची में ऐसे मतदाताओं के नाम बड़ी संख्या में दर्ज हैं, जिनका या तो निधन हो चुका है या फिर दर्शाए पते पर रहते ही नहीं हैं। ऐसे सभी मतदाताओं के नाम सूची से हटेंगे। प्रारूप प्रकाशन के बाद बूथवार मतदाताओं का सत्यापन कराया जाएगा। इसके आधार पर दावा-आपत्ति होंगे। 16 दिसंबर को होगा प्रारंभिक प्रकाशन मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन 16 दिसंबर को होगा। इसमें जो नाम शामिल नहीं होंगे, उन्हें विलोपित माना जाएगा। सूची के आधार पर 15 जनवरी, 2026 तक दावा-आपत्ति होंगे। सात फरवरी तक इनका निराकरण रजिस्ट्रीकरण अधिकारी करेंगे। प्रारूप सूची में नाम नहीं आया तो भी अवसर यदि किसी भी कारण से प्रारूप मतदाता सूची में नाम नहीं आता है तो भी नाम जुड़वाने का अवसर रहेगा। इसके लिए दावा या आपत्ति की प्रक्रिया में भाग लेना होगा। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को निर्धारित पहचान पत्र बताने होंगे। इस आधार पर निर्णय होगा। एक नजर में 27 अक्टूबर, 2025 की स्थिति में मतदाता- 5,74,06,143 मतदान केंद्र- 65,014 गणना पत्रक का डिजिटाइजेशन हुआ- 5,74,06,098

सीएम योगी ने किया महानगर में दो रैन बसेरों का निरीक्षण, ठहरे जरुरतमंदों में वितरित किया कंबल और भोजन

हर जरूरतमंद को शीतलहर से बचाने को सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने किया महानगर में दो रैन बसेरों का निरीक्षण, ठहरे जरुरतमंदों में वितरित किया कंबल और भोजन पूरी क्षमता से संचालित होंगे रैन बसेरे, तहसीलों व निकायों ऊनी वस्त्र-कंबल वितरण के लिए पर्याप्त धन जारी : मुख्यमंत्री गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हर जरूरतमंद को शीतलहर से बचाने और सम्मानजनक आश्रय देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए जहां रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जा रहा है, वहीं तहसीलों और नगर निकायों को जरूरतमंदों में ऊनी वस्त्र एवं कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार देर शाम/रात गोरखपुर महानगर में दो रैन बसेरों का निरीक्षण करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर जरूरतमंद को रैन बसेरों में अच्छी सुविधा दी जाए। प्रशासन को इसे प्राथमिकता पर लेते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त संख्या में बिस्तर व कंबल का इंतजाम हो। साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही यदि किसी के पास भोजन की व्यवस्था नहीं है तो उसे भोजन भी उपलब्ध कराया जाए।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेलवे स्टेशन के पास, तथा झूलेलाल मंदिर के पास बने रैन बसेरों का निरीक्षण कर तथा वहां ठहरे लोगों से बातचीत कर उपलब्ध सुविधाओं की पड़ताल की। रैन बसेरों में मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से जरूरतमंदों में कंबल व भोजन का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशन के पास रैन बसेरे के बाहर भी सैकड़ो जरूरतमंद लोगों में कंबल व भोजन का वितरण कर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी सेवा को प्रतिबद्ध है।  रैन बसेरों में ठहरे लोगों से मुख्यमंत्री ने किया आत्मीय संवाद सीएम योगी ने रैन बसेरों में ठहरे सभी लोगों से कुशलक्षेम जानने के साथ उनसे आत्मीय संवाद भी किया। रैन बसेरों में देवरिया, कुशीनगर, बलिया, गगहा, चौरीचौरा समेत पूर्वांचल के अलग अलग क्षेत्रों के नागरिकों के अलावा बिहार से आए लोग भी ठहरे थे। कोई परीक्षा के सिलसिले में आया था, कोई डॉक्टर को दिखाने के लिए तो कोई काम की तलाश या फिर किसी अन्य कार्य से गोरखपुर आया था। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि यहां रैन बसेरों में कोई परेशानी तो नहीं। सबने व्यवस्था को लेकर संतोषजनक जवाब दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कुशलक्षेम और जरूरतों के बारे में पूछे जाने पर रैन बसेरों में ठहरे लोग भाव विह्वल हो गए। उन्हें सहसा यकीन नहीं हो रहा था कि उनके ठहरने और भोजन की जानकारी लेने खुद मुख्यमंत्री उनके पास आए हैं। हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य, कोई भी खुले में न लेटे : मुख्यमंत्री रैन बसेरों का निरीक्षण करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भीषण शीतलहर से आमजनमानस के बचाव के लिए शासन और प्रशासन संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य है। सरकार की तरफ से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति फुटपाथ, प्लेटफार्म या सड़क पर खुले में न लेटे। यदि कोई ऐसा पाया जाता है उसे रैन बसेरों में पहुंचाया जाए और इसकी निरंतर निगरानी भी की जाए। सभी रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा तहसीलों और निकायों को अपने-अपने क्षेत्र में जरूरतमंदों को शीतलहर से बचाने के लिए ऊनी वस्त्र और कंबल वितरण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। निकायों और पंचायत को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि वे भीषण शीतलहर में जहां भी आवश्यकता हो, पर्याप्त अलाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। यह सभी व्यवस्था प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महानगर गोरखपुर में नगर निगम द्वारा 14 रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है, जहां 700 से 1000 तक जरूरतमंद आश्रय ले सकते हैं।  रैन बसेरों के निरीक्षण के दौरान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, कालीबाड़ी के महंत रवींद्रदास, नगर निगम बोर्ड के उपसभापति पवन त्रिपाठी, पार्षद ऋषिमोहन वर्मा, धर्मदेव चौहान समेत प्रशासन, पुलिस व नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

भोपाल मेट्रो सीमित सुविधाओं के साथ होगी लॉन्च, कई स्टेशन पर निर्माण जारी रहेगा

भोपाल लंबे इंतजार के बाद भोपाल मेट्रो का 21 दिसंबर को लोकार्पण किया जाएगा, लेकिन मेट्रो यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाएं आज भी नदादर है। जबकि मेट्रो प्रोजेक्ट की डीपीआर में यात्री सुविधाओं को शामिल किया गया। इनमें सबसे खास मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी और नेशनल कामन मोबिलिटी कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं आज भी कागजों में कैद है। चौकाने वाली बात यह है कि जमीनी स्तर पर इन सुविधाओं को शुरू करने के लिए अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। मेट्रो स्टेशन के नीचे एंट्री-एग्जिट स्टेशन पर सिर्फ साइकिल डेक, ड्रॉप ऑफ, पिक पाइंट जैसी बेसिक सुविधाओं के साथ भोपाल मेट्रो को पटरियों पर दौड़ाया जाएगा। यह देखकर कहना गलत नहीं होगा कि एमपी मेट्रो प्रबंधन ने लोकार्पण को मजाक बना दिया है। जबकि यात्रियों सुविधाओं को इसलिए ध्यान दिया जाता है, ताकि शहर के नागरिक अधिक से अधिक मेट्रो का उपयोग कर सकें, लेकिन जब मेट्रो तक पहुंचने के लिए कनेक्टिविटी ही नहीं होगी तो यात्री मेट्रो स्टेशन तक पहुंचेंगे कैसे। इसका खामियाजा आने वाले दिनों में मेट्रो प्रबंधन को भुगतना पड़ेगा। मेट्रो चलेगी, लेकिन यात्रियों को नहीं मिलेंगी ये सुविधाएं लोकार्पण के साथ मेट्रो तो चलेगी, लेकिन मेट्रो यात्रियों को यह सुविधाएं पहले दिन से नहीं मिलेंगी। इनमें सबसे खास स्टेशन पर मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के तहत आने वाली सुविधाएं हैं। जिनमें एलिवेटेड मेट्रो, आईटीपी, फीडर-बे, पार्किंग, बस-बे शामिल हैं। इन सुविधाओं के लिए मेट्रो यात्रियों को कम से कम दो से तीन महीने का इंतजार करना पड़ेगा। यह वह सुविधाएं हैं, मेट्रो स्टेशन से यात्रियों की कनेक्टिविटी को जोड़ती हैं । मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि एम्स मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग के लिए जगह मिल गई है। जबकि आरकेएमपी मेट्रो स्टेशन पर रेलवे स्टेशन की पार्किंग का उपयोग करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह एमपी नगर में भी विकल्प देखे जा रहे हैं। बस इन्हीं सुविधाओं के साथ शुरू होगी मेट्रो लोकार्पण के बाद भोपाल मेट्रो बस इन्हीं सुविधाओं के साथ शुरू होगी। इनमें लिफ्ट, एस्केलेटर, सीढ़ी, एआइ सीसीटीवी, अत्याधुनिक प्रणाली, कोच में स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम, मैनुअल टिकट, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए निर्धारित स्थान पर स्वचालित दरवाजे, कोच में आपातकालीन संपर्क और आपातकालीन द्वार, पुरुष, महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडरों के लिए शौचालय, यात्री सूचना प्रदर्शन प्रणाली, साइनेज, आडियो अनाउंसमेंट, कस्टममेर केयर सेंटर, साइकिल डेक, ड्राप आफ और पिक पाइंट की सुविधाओं के साथ मेट्रो शुरू होगी। बाहरी निर्माण कार्य दो माह तक चलते रहेंगे मेट्रो स्टेशनों के नीचे व आसपास चल रहे काम आगामी दो माह तक चलते रहेंगे। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि इन कामों के चलते मेट्रो के परिचालन में कोई दिक्कत नहीं आएगी। सभी स्टेशनों की गत दिवस धुलाई और सफाई का काम करवाया गया है।   एक बार में 750 यात्री कर सकेंगे यात्रा एम्स से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक एक बार में 750 यात्री मेट्रो में यात्रा कर सकेंगे। तीन कोच की इस ट्रेन के प्रत्येक कोच की क्षमता 250 यात्रियों की है। फिलहाल तीन कोच की एक मेट्रो ही अप-डाउन करेगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर दो से तीन मेट्रो चलाई जा सकती हैं। इसके लिए मेट्रो प्रशासन तैयार है।

धरती ने बदली तकदीर: पन्ना के किसान को मिला 3.39 कैरेट का हीरा, कीमत करोड़ों में पहुंच सकती है

पन्ना किस्मत भी उन्हीं का साथ देती है जो सब्र और लगन से काम करते हैं। लकवाग्रस्त किसान राजेन्द्र सिंह बुंदेला के साथ कुछ आज ऐसा ही हुआ है। वर्षों की मेहनत और आस्था का फल उन्हें कृष्णा कल्याणपुर पटी की उथली खदान में चमचमाते हुए 3.39 कैरेट के जैम्स क्वालिटी हीरे के रूप में मिला है। हीरे की क्या है कीमत? खजुराहो निवासी बुंदेला करीब डेढ़ साल पहले लकवे से पीड़ित हुए थे। ठीक होने के बाद, उन्होंने मेहनत न कर पाने के कारण हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाकर खदान लगाई। ​इस हीरे की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी जा रही है।    पूरी राशि को हीरे की खोज में लगाएंगे राजेंद्र सिंह किसान बुंदेला इसे अपने ईष्ट भगवान जुगल किशोर जु की कृपा मानते हैं। उनका सपना है कि नीलामी से मिलने वाली पूरी राशि को वह फिर से हीरे की खोज में लगाएंगे ताकि हीरा कार्यालय में लगी बड़े हीरों की सूची में उनका नाम सबसे ऊपर दर्ज हो सके। यह उनके लिए महज शुरुआत है। बुंदेला का यह विश्वास और जिद्द उन्हें सफलता की नई राह पर ले जा रहा है। उन्होंने दोपहर करीब ढाई बजे इस हीरे को हीरा कार्यालय में जमा किया।

स्पाईिंग आरोपों में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा ने HC से मांगी राहत, सरकार को नोटिस जारी

हरियाणा  ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ज्योति 15 मई 2025 से जेल में बंद है। अब ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ज्योति के वकील ने बीएनएस की धारा 152 को दी चुनौती दी है। उन्होंने दलील दी कि ज्योति मल्होत्रा प्रोफेशनल ट्रैवल ब्लॉगर है। वह सार्वजनिक रूप से पोस्ट कंटेंट करती है। वहीं याचिका में ज्योति ने कहा कि वह एक महिला है और परिवार में अपने बुजुर्ग पिता और बीमार चाचा की एकमात्र सहारा हैं। उसके चाचा काफी बीमार हैं।  ज्योति मल्होत्रा पर आरोप है कि उन्होंने साल 2023 में पाकिस्तान उच्चायोग नई दिल्ली वीजा आवेदन के लिए गई थीं, जहां उनकी मुलाकात पाकिस्तानी अधिकारी अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई। ज्योति पर भारत से संबंधित संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान का आरोप है। 

Skin Itching = Kidney Problem? डॉक्टर ने बताया क्यों बढ़ सकती है गंभीर बीमारी का जोखिम

नई दिल्ली  किडनी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी अंग है। यह खून को साफ करने, मिनरल संतुलन बनाए रखने और फ्लूइड बैलेंस नियंत्रित करने में मदद करती है। लेकिन जब किडनी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है, तो शरीर में बढ़ते टॉक्सिन कई बार सबसे पहले त्वचा पर दिखाई देते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि त्वचा पर नजर आने वाले बदलाव क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। त्वचा का अत्यधिक सूखापन बहुत रूखी, खुरदरी त्वचा CKD का आम संकेत है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, CKD वाले लगभग 72 प्रतिशत लोगों में जेरोसिस यानी अत्यधिक सूखी त्वचा पाई गई। किडनी हमारे पसीने और ऑयल ग्लैंड को नियंत्रित करती है, इसलिए इसकी कमजोरी से त्वचा सूखने लगती है। नुकसान: सूखी त्वचा में दरारें पड़ सकती हैं, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। रोजाना हल्के मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें। लंबे समय तक गर्म पानी से नहाने से बचें। कॉटन जैसे सांस लेने वाले कपड़े पहनें। यदि सूखापन लगातार बना रहे, तो डॉक्टर से किडनी की जांच कराना जरूरी है। लगातार खुजली होना किडनी की कमजोरी में लगातार और तीव्र खुजली आम समस्या है। जब शरीर में यूरिया और अपशिष्ट बढ़ते हैं, तो त्वचा के नर्व्स प्रभावित होते हैं, जिससे खुजली बढ़ती है। संख्या: लगभग 56% CKD मरीज इस समस्या का सामना करते हैं। नुकसान: लगातार खुजलाने से त्वचा पर घाव, निशान या मोटे पैच बन सकते हैं। कभी-कभी खुजली इतनी बढ़ जाती है कि नींद और रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। इलाज: डॉक्टर टॉपिकल क्रीम, UVB थेरेपी या ओटमील बाथ की सलाह दे सकते हैं। सबसे जरूरी है किडनी की समस्या को नियंत्रित करना। त्वचा पर दाने, रैशेज या बैंगनी पैच किडनी ज्यादा खराब होने पर त्वचा पर रैशेज या छोटे-छोटे बम्प्स दिखाई देने लगते हैं। जब खून में अपशिष्ट बढ़ता है, तो ये बम्प्स खुजली वाले पैच में बदल जाते हैं। संभावित संकेत: रैश, बैंगनी धब्बे या अल्सर, खासकर पैरों पर। गंभीर स्थिति में कैल्सिफिलैक्सिस, जिसमें त्वचा कठोर और अल्सर जैसी हो जाती है। संख्या: लगभग 43% CKD मरीज फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन से भी जूझते हैं। सुरक्षा: माइल्ड, फ्रेगरेंस-फ्री साबुन का इस्तेमाल करें। त्वचा को रगड़ने की बजाय हल्के हाथों से पोंछें। यदि रैश बढ़े, दर्द हो या पस निकलने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।