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15 दिसंबर का राशिफल: मेष से मीन तक कैसा रहेगा आपका दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल

मेष: आज के दिन जंक फूड्स से दूर रहें। लव के मामले में सिंगल जातकों को खुशखबरी मिल सकती है। करियर की सिचुएशन अच्छी रहेगी, अगर आप पॉलिटिक्स पर ज्यादा ध्यान न दें। आज का दिन आपके लिए पॉजिटिव रहने वाला है। वृषभ: 15 दिसंबर के दिन अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। ये दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। चाहे मामला परिवार का हो, करियर का हो, धन का हो, सेहत का हो, या लव का हो, जीवन में किसी भी बदलाव को पॉजिटिव सोच के साथ एक्सेप्ट करें।   मिथुन: आज के दिन कुछ लोग डेट पर जा सकते हैं। ये दिन आपके लिए बिजी साबित हो सकता है। काम के सिलसिले में कुछ लोगों को विदेश की यात्रा भी करनी पड़ सकती है। अन्य जिम्मेदारियां आपका तनाव बढ़ा सकती हैं। कर्क: आज के दिन कुछ लोग घर पर ही क्वॉलिटी टाइम स्पेंड करेंगे। चाहे आप लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में हो, या कमिटेड रिलेशनशिप में हो, प्रेम जीवन में अच्छे पलों का अनुभव करने के लिए तैयार रहें। सिंह: आज के दिन आपको बिजनेस के लिए धन जुटाने में मदद मिलेगी। जिन लोगों को सेहत संबंधी समस्याओं का इतिहास है, उन्हें सावधान रहना चाहिए। दिन आपके लिए रोमांटिक रहने वाला है।   कन्या: आज के दिन सेहत पर नजर रखने की जरूरत है। ऑफिस में कुछ टास्क ऐसे मिल सकते हैं, जो आपकी प्रमोशन का कारण भी बन सकते हैं। बिजनेस करने वाले जातकों को धन के मामले में परेशानी हो सकती है। तुला: आज के दिन किसी को बड़ी रकम उधार न दें, वापस लेने में परेशानी होगी। कुछ सिंगल जातकों को सच्चा प्यार मिलेगा और वे अपनी भावनाओं को जाहिर करने के लिए प्रपोज करेंगे। प्रोजेक्ट या कार्यालय की राजनीति से संबंधित मुद्दे हो सकते हैं। वृश्चिक: आज का दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। करियर के मामले में आपको नए मौके मिल सकते हैं। कुछ लोगों की पोजीशन में बदलाव होने की भी संभावना है। धन के मामले में दिन शुभ माना जा रहा है।   धनु: आज का दिन आपके लिए शुभ रहने वाला है। सेविंग्स पर ध्यान देने से आप स्टेबल रहेंगे। पार्टनर के साथ डेट पर जाने के लिए वक्त निकालें। बॉडी को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज करें। फिटनेस पर ध्यान दें। मकर: आज का दिन आपके लिए नॉर्मल रहने वाला है। पैसों के मामले में आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी दिक्कतों से परेशान होने की जरूरत नहीं है। लव लाइफ में रोमांस बना रहेगा। कुंभ: आज के दिन काम के सिलसिले में कुछ लोगों को क्लाइंट से नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। दिन खत्म होने तक सब कुछ सही हो जाएगा। अपने करियर में गोल्स को हासिल करने के लिए प्लान बनाएं। मीन: आज कार्यस्थल पर अच्छा सपोर्ट मिलेगा। किसी मुश्किल काम का समाधान मिल जाएगा और तनाव कम होगा। घर के किसी सदस्य से खुशी या सरप्राइज मिल सकता है। रिश्तों में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा और बातचीत में खुलापन रहेगा। मानसिक शांति बनी रहेगी और दिन का अंत सकारात्मक महसूस कराएगा।

फर्जी वोटरों के खिलाफ निर्णायक जंग: सीएम योगी बोले– बूथ बनेगा रणभूमि

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि आने वाला चुनाव बूथ स्तर पर लड़ा जाएगा और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ही उसकी सबसे बड़ी धुरी है। नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं को चेताते हुए कहा गया कि विरोधियों के पास ताकत नहीं है, लेकिन उनके छद्म और छल का जवाब देने के लिए कार्यकर्ताओं में उतना ही शौर्य और साहस होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने रविवार को संगठन पर्व के अंतर्गत प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्य निर्वाचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि काशी कॉरिडोर का निर्माण, नैमिषारण्य सहित अन्य तीर्थ स्थलों का कायाकल्प और अयोध्या में भव्य राम मंदिर, यह सब बदले हुए उत्तर प्रदेश की पहचान है। पहले प्रदेश में बिजली इसलिए नहीं आती थी क्योंकि डकैती अंधेरे में ही डाली जा सकती थी, लेकिन अब रोस्टर के हिसाब से बिजली आपूर्ति हो रही है। एसआईआर को बेहद अहम बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की क्षमता पर कोई शक नहीं है, लेकिन कई बार उदारता के कारण लापरवाही हो जाती है। एसआईआर के दौरान अगर पूछा जाए तो अक्सर जवाब मिलता है कि हमारे यहां काम हो गया जबकि हकीकत यह नहीं होती। एक जिले में तो विरोधियों ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम तक मतदाता सूची में दर्ज करवा दिए हैं, जहां बेटे की उम्र 20 साल, पिता 30 साल और दादा 40 साल दिखाए गए हैं, जबकि मतदाता असम के रहने वाले हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर बूथ से फर्जी नामों पर आपत्ति दर्ज कराई जाए और जो वास्तविक मतदाता सूची से छूट गए हैं, उनके नाम हर हाल में जुड़वाए जाएं। बताया गया कि यूपी की आबादी करीब 25 करोड़ है, इस हिसाब से लगभग 16 करोड़ मतदाता होने चाहिए, लेकिन एसआईआर के बाद सूची में केवल 12 करोड़ नाम सामने आए हैं। यानी चार करोड़ मतदाताओं का गैप है, जिनमें 85 से 90 प्रतिशत भाजपा के संभावित मतदाता हैं। कार्यकर्ताओं के पास केवल 12 दिन हैं और याद रखें—चुनावी लड़ाई बूथ पर ही जीती जाती है। उन्होंने कहा कि चुनाव की तीन-चौथाई मेहनत अभी करनी है। अगर यह मेहनत कर ली गई तो चुनाव में एक-चौथाई प्रयास से ही तीन-चौथाई सीटें जीती जा सकती हैं। हर बूथ पर फॉर्म नंबर-6 भरवाने में कोई कोताही न बरती जाए, क्योंकि बूथ की मेहनत ही परिणाम लाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का स्वागत करते हुए चुनाव प्रक्रिया को निर्विवाद रूप से संपन्न कराने के लिए डॉ. महेंद्रनाथ पांडे का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अनुभवी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी मिलने से सरकार और संगठन मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को पूरा करेंगे। सीएम योगी ने कहा कि आज पूरी दुनिया का नजरिया भारत और भारतवासियों के प्रति बदला है। जो देश कभी भारत को नजरअंदाज करते थे, अब वही भारत को वैश्विक नेतृत्व के रूप में देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार और एक-एक कार्यकर्ता की ताकत का परिणाम है। आज यूपी दंगा, माफिया और अपराध मुक्त होकर पर्यटन और निवेश का बड़ा केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पौने नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 11 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ है।

मणिपुर में उग्रवाद पर प्रहार: 7 आतंकवादी दबोचे गए, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त

इंफाल मणिपुर में सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों में अलग-अलग जिलों से सात उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिला कैडर भी शामिल हैं। गिरफ्तार आतंकी महिलाओं के पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधित यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) और पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (पीआरईपीएके) के पांच आतंकवादियों को इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व और बिष्णुपुर जिले में अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य की सुरक्षा बलों ने इंफाल पूर्व जिले के मोइरांगकांपू सजेब माखा लेइकाई इलाके से यूएनएलएफ (कोइरेंग गुट) की दो सक्रिय महिला कैडरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आतंकवादियों की पहचान इंफाल पूर्व जिले की ताखेलंबम सनाथोई चानू उर्फ ​​लोइंगकपी उर्फ ​​सनाथोई (19) और कोंगब्रैलाकपम रामेश्वरी देवी उर्फ ​​लैंगलेन उर्फ ​​बेम्मा उर्फ ​​बुचू (19) के रूप में हुई है। उनके पास से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। मणिपुर पुलिस ने इंफाल पूर्व जिले के पोरोमपत पंगल लेइराक इलाके से एक ड्रग डीलर बेसैमायुम याइबी (47) को गिरफ्तार किया। उसके पास से सात साबुन के डिब्बों में छिपाई गई हेरोइन जब्त की गई। ड्रग्स की अनुमानित कीमत 16 लाख रुपए थी। सुरक्षा बलों ने काकचिंग जिले से कुछ हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए। बरामद हथियारों और गोला-बारूद में एक एसएलआर, स्थानीय रूप से बनी बोल्ट एक्शन स्नाइपर राइफल, एक डबल-बैरल बोल्ट राइफल, एक सिंगल-बैरल बोल्ट राइफल, एक स्थानीय रूप से बनी पिस्तौल और एक 36 एचई हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। सुरक्षा बल आतंकवादियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी रखे हुए हैं, जिसमें जिलों में सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। मणिपुर में घाटी और पहाड़ी दोनों जिलों में कुल 113 नाके/चेकप्वाइंट स्थापित किए गए हैं ताकि किसी भी असामाजिक गतिविधि पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस ने चेतावनी देते हुए कहा, "बिना किसी आधार वाले वीडियो या ऑडियो क्लिप के सर्कुलेशन की सच्चाई सेंट्रल कंट्रोल रूम से कन्फर्म की जा सकती है। सोशल मीडिया पर फेक पोस्ट अपलोड करने और सर्कुलेट करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

झारखंड में सुरक्षाबलों पर हमला, IED ब्लास्ट में CRPF का जवान जख्मी

चाईबासा झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा के घने जंगलों में रविवार को चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन 209 का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना छोटानगरा थाना क्षेत्र के बलिबा गांव के पास की बताई जा रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान के तहत जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से बिछाए गए आईईडी में अचानक विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आकर कोबरा बटालियन का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। विस्फोट के तुरंत बाद ऑपरेशन में शामिल अन्य सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति संभालते हुए घायल जवान को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया। जवान की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रशासन द्वारा घायल जवान को जल्द से जल्द एयरलिफ्ट कर रांची ले जाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि उसे उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और अतिरिक्त बलों की तैनाती के साथ सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि इलाके में नक्सलियों ने और भी आईईडी बिछा रखे हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अत्यंत सतर्कता के साथ इलाके की गहन तलाशी ले रही हैं। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में किसी भी तरह की संदिग्ध हलचल को लेकर कड़ी निगरानी की जा रही है। फिलहाल ऑपरेशन जारी है और स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।

‘धान घोटाले ने खोली सरकार की पोल’, पारदर्शिता पर बड़ा सवाल : कुमारी सैलजा

सिरसा  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में फर्जी गेट पास काटकर मंडियों में धान आए बिना ही बेच डाला। बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से धान लाकर यहां के किसानों के नाम से बेचा गया। इस धान घोटाले ने प्रदेश की भाजपा सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े प्रश्नचिह्न लगा दिए है जबकि सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन और प्रशासन का दावा करती आ रही है। सरकार को चाहिए कि वह इस पूरे प्रकरण में सच सामने लाए, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे और किसानों को उनका उचित हक तथा राहत तुरंत प्रदान करे। कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी।  मीडिया को जारी बयान में कहा है कि हरियाणा में अनाज खरीदी प्रणाली और सरकारी वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठ रहे गंभीर आरोपों ने पूरे प्रदेश के किसान समुदाय को गहरी चिंता में डाल दिया है। धान और अन्य फसलों की सरकारी खरीद में व्यापक अनियमितताओं, कागज़ी खरीद के असामान्य रूप से बढ़े आंकड़ों तथा बिचौलियों और अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की खबरों ने सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। सरकारी खरीद व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को सुरक्षा और सम्मान देना है, न कि उनके हक़ की अनदेखी करके उन्हें आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव में धकेलना। बाढ़ से हुए फसल नुकसान के बावजूद कागज़ी खरीद में भारी वृद्धि के आरोप प्रदेश के वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग की ओर भी इशारा करते हैं, जो चिंताजनक है। ऐसे परिस्थितियों में यह आवश्यक हो जाता है कि सरकार किसी भी प्रकार की लीपापोती से दूर रहते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अनियमितताओं के लिए वास्तविक रूप से जिम्मेदार कौन लोग हैं।  जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन सभी निर्णयकर्ताओं और उच्च स्तर के जिम्मेदार व्यक्तियों को भी शामिल करना चाहिए जिनकी भूमिका ने इस स्थिति को जन्म दिया। किसानों से किए गए एमएसपी वादों की सत्यता और सरकारी खरीद के वास्तविक आंकड़ों को पारदर्शी रूप से सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें यह भरोसा हो सके कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए ईमानदारी से कार्य कर रही है। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि किसानों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिरता के लिए अनिवार्य है। हरियाणा के किसान आज न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या शोषण को छिपाने का प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा। सरकार को चाहिए कि वह इस पूरे प्रकरण में सच सामने लाए, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे और किसानों को उनका उचित हक तथा राहत तुरंत प्रदान करे।  कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी। सांसद ने कहा कि धान घोटाले ने साबित कर दिया है कि सरकार भ्रष्टाचार पर कोई अंकुश नहीं लगा पाई है बल्कि अधिकारियों के संरक्षण में फल फूल रहा है। हरियाणा में फर्जी गेट पास काटकर मंडियों में धान आए बिना ही धान बेच डाला। बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से धान लाकर यहां के किसानों के नाम से बेचा गया। धान घोटाला यमुनानगर में सर्वाधिक लगभग 80 करोड़ रुपये और करनाल में 20 करोड़ तक पहुंच चुका है। सरकार को चाहिए कि वह इस पूरे प्रकरण में सच सामने लाए, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे और किसानों को उनका उचित हक तथा राहत तुरंत प्रदान करे। कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी।

केंद्र का सख्त रुख: राजस्थान और हरियाणा को तुरंत सौंपना होगा टाइम-बाउंड रोडमैप

चंडीगढ़  यमुना जल समझौते पर केन्द्र सरकार ने अब राजस्थान और हरियाणा सरकार से काम की विस्तृत कार्ययोजना मांगी है। इसके पीछे मंशा है कि अलाइनमेंट के बाद के काम भी तय समय पर पूरे हों। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल के साथ हुई हाईलेवल बैठक के बाद मंत्रालय इस परियोजना को लेकर सक्रिय हो गया है। मंत्रालय चाहता है कि दोनों राज्य तय अलाइनमेंट के अनुरूप कब, क्या और कैसे काम आगे बढ़ाएंगे, इसका स्पष्ट रोडमैप तत्काल भेजें। इसी आधार पर परियोजना की टाइमलाइन तैयार की जाएगी, ताकि काम मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यकाल में ही शिलान्यास और निर्माण तक पहुंच सके।  संभव है कि केन्द्र स्तर पर एक कमेटी सक्रिय हो, जो समीक्षा करे। परियोजना में 300 किलोमीटर लंबाई में पाइपलाइन बिछाने के लिए अलाइनमेंट सर्वे हुआ है। इसमें 290 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में और 10 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान में है।  यह करना है… 1- अंतिम रूप दिए गए अलाइनमेंट के अनुसार निर्माण कार्य के चरण तय होंगे। 2- भूमि अधिग्रहण, डीपीआर अपडेट, फंडिंग पैटर्न और इंटरस्टेट कॉर्डिनेशन से जुड़े बिंदुओं पर स्थिति। 3- कार्य के हर चरण की समय सीमा (टाइम-बाउंड प्लान), जिससे मंत्रालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग हो सके।

राहुल गांधी का बड़ा ऐलान: चुनाव अधिकारियों को दी हिदायत, सत्ता में आते ही कानून बदलने की चेतावनी

नई दिल्ली दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की रैली में रविवार को सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। साथ ही चुनाव अधिकारियों को हिदायत दी कि वे इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी विचारधारा, हिंदुस्तान की विचारधारा, हिंदू धर्म और दुनिया के हर धर्म की विचारधारा कहती है कि सत्य सबसे जरूरी है। हिंदुस्तान में सत्य और असत्य के बीच लड़ाई हो रही है। इस लड़ाई में चुनाव आयोग, भाजपा की सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू, विवेक जोशी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्य-असत्य की इस लड़ाई में ये चुनाव आयुक्त भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयुक्तों को बचाने के लिए कानून बदल दिया, जिसमें ये कुछ भी करें, इन पर कोई एक्शन नहीं लिया जा सकता, लेकिन याद रखिए हम इन चुनाव आयुक्तों की रक्षा करने वाले कानून को बदलेंगे और इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि गांधीजी कहते थे, सत्य सबसे जरूरी चीज है। हमारे धर्म में ‘सत्यम शिवम् सुंदरम्’ और ‘सत्यमेव जयते’ के बारे में भी कहा गया है, लेकिन मोहन भागवत कहते हैं, विश्व सत्य को नहीं, शक्ति को देखता है। जिसके पास शक्ति है, उसे माना जाता है। यह आरएसएस और मोहन भागवत की सोच है। जहां एक तरफ हमारा धर्म कहता है कि सत्य सबसे जरूरी है। वहीं दूसरी तरफ मोहन भागवत कहते हैं, सत्य का कोई मतलब नहीं है, सत्ता जरूरी है। आज देश में सत्य और असत्य के बीच लड़ाई है। हम सत्य के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस की सरकार को हिंदुस्तान से हटाएंगे। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा का आत्मविश्वास खत्म हो चुका है क्योंकि उन्हें पता है कि हमारी वोट चोरी पकड़ी गई है। अमित शाह भी तभी तक बहादुर हैं, जब तक इनके हाथ में सत्ता है। वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि आज भाजपा को चुनाव आयोग की जरूरत है, क्योंकि उसके बिना नरेंद्र मोदी चुनाव नहीं जीत सकते। हमें चुनाव आयोग के तीन अधिकारियों के नाम नहीं भूलने हैं, क्योंकि ये लोग लोकतंत्र पर वार कर रहे हैं। इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब पूरा विपक्ष कह रहा है कि चुनाव आयोग पर हमें भरोसा नहीं रहा। चुनाव प्रक्रिया के हर कदम को चुनाव आयोग ने संदिग्ध बना दिया है। आज देश की हर संस्था को मोदी सरकार ने अपने सामने झुका दिया है। उन्होंने कहा कि मैं चुनौती देती हूं, भाजपा एक बार बैलेट पेपर पर निष्पक्ष चुनाव लड़ ले। ये कभी नहीं जीत पाएंगे और यह बात भाजपा भी जानती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज हालात ये हैं कि पिछले आम चुनाव में मुख्यमंत्रियों को जेल में डाला गया, कांग्रेस का बैंक अकाउंट बंद कर दिया गया, भ्रष्टाचार के नाम पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का दिल कमजोर था, जो इस दबाव को सह नहीं पाए, वे भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ऐसे नेताओं को अपने वॉशिंग मशीन में धोकर पाक-साफ बनाती रही। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में जब मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा उठाया तो मोदी सरकार नहीं मानी। आखिर में सरकार ने कहा कि हम पहले ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा करेंगे, फिर एसआईआर और वोट चोरी पर बात करेंगे। सदन में हम ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा करते रहे, लेकिन मोदी सरकार में जनता के मुद्दों पर बात करने की हिम्मत नहीं दिखी।

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बयान पर सख्त हुए भाजपा सांसद, कार्रवाई की चेतावनी

नई दिल्ली भाजपा सांसदों ने दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली में पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में पलटवार करते हुए कहा कि यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस रैली को घुसपैठियों के समर्थन में सम्मेलन करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ घुसपैठियों के पक्ष में किया जा रहा है। नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की यह रैली दिखाती है कि कांग्रेस की सोच मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस जैसी हो गई है। राहुल गांधी से प्रेरणा लेकर, कांग्रेस कार्यकर्ता अब खुलेआम नारों के जरिए पीएम मोदी को धमकी दे रहे हैं। लेकिन, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए जा रहे इन नारों के खिलाफ देश की जनता पीएम मोदी के साथ एकजुट होकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि वे गालियां देते रहेंगे, भारत की जनता चारों तरफ कमल खिलाती रहेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है, इससे साफ है कि यह रैली घुसपैठियों के समर्थन में की जा रही है। संसद के शीतकालीन सत्र का जिक्र करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जब घुसपैठियों के खिलाफ बात की तो कांग्रेस के सांसदों को मिर्ची लगी और वॉकआउट कर दिया। भाजपा नेता विवेक ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का जनसरोकार समाप्त हो चुका है। देश में मतदाता उसे त्याग चुका है। खाली नारे वाली पार्टी इसी तरह रह जाएगी। अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रामलीला मैदान में पांच हजार की भीड़ की क्षमता है। केरल में निगम चुनावों में एनडीए ने प्रचंड रूप से जीत हासिल की है। कांग्रेस मुक्त भारत का सपना पूरा हो चुका है। बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि पीएम मोदी को कोई छू नहीं सकता। उन्होंने मेहनत के साथ देश को आगे ले जाने का काम किया है। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इन लोगों का यही स्तर रह गया है। अब इतनी बड़ी हार के बाद अभद्र टिप्पणी करेंगे। बिहार में उनका सूपड़ा साफ हो गया। जनता वोट नहीं देती तो अभद्र टिप्पणी करेंगे। हम इसकी पुरजोर तरीके से निंदा करते हैं।

यौन हिंसा के खिलाफ गंभीर चेतावनी: 100 करोड़ से अधिक महिलाएं प्रभावित, भारत की स्थिति चिंताजनक

 नई दिल्ली  2023 में 15 साल से कम उम्र की 1 अरब से ज्यादा महिलाएं बचपन में यौन हिंसा का शिकार हुईं हैं। यह खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ है। द लैसेंट जर्नल में प्रकाशित इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में 608 मिलियन (60 करोड़ 80 लाख) महिलाओं अपने पार्टनर के द्वारा ही प्रताड़ित हुई हैं। घरेलू हिंसा और यौन हिंसा की सबसे अधिक घटनाएं अफ्रीका और दक्षिण एशिया में देखी गईं हैं। इससे महिलाएं एचआईवी समेत कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो गई हैं। भारत में क्या कहते हैं आंकड़ें? भारत में 15 साल से अधिक उम्र वाली 23 प्रतिशत महिलाओं को पार्टनर की हिंसा झेलनी पड़ी है। वहीं, 30 प्रतिशत महिलाएं और 13 प्रतिशत पुरुष बचपन में यौन हिंसा क शिकार हो चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हर 10 मिनट में 1 लड़की या महिला की हत्या होना यह दर्शाता है कि वैश्विक प्रतिबद्धताओं के बावजूद, आज भी कुछ विशेष परिवर्तन नहीं आया है. हर दिन औसतन 137 लड़कियों और महिलाओं की हत्या कर दी जाती है.  यह रिपोर्ट ग्लोबर बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) के 2023 के अध्ययन के आधार पर प्रकाशित की गई है। अमेरिका के वाशिंगटन विश्वविद्यालय के द्वारा जीबीडी स्डटी की जाती है, जिसमें शोधकर्ताओं ने पाया- "2023 में वैश्विक स्तर पर 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की 60 करोड़ से ज्यादा महिलाएं कभी न कभी घरेलू हिंसा का शिकार हुई हैं। 15 साल की उम्र से अधिक 1 अरब से ज्यादा लोगों ने बचपन में यौन हिंसा का सामना किया है।" महिलाओं की सेहत पर हुआ असर: रिपोर्ट बचपन में यौन हिंसा का शिकार होने का सीधा असर व्यक्ति की मानसिक स्थित पर पड़ता है। वहीं, घरेलू हिंसा के कारण कई महिलाएं विकलांगता की चपेट में आ जाती हैं। इससे महिलाओं को कई गंभीर बीमारी होने का भी खतरा रहता है। घरेलू और यौन हिंसा: बीमारी का बोझ शोधकर्ताओं के अनुसार कमजोर स्वास्थ्य प्रणालियों और महिलाओं-बच्चों के लिए सीमित कानूनी सुरक्षा वाले क्षेत्रों में इन समस्याओं को रोकने और कम करने की चुनौती और बड़ी हो जाती है। उच्च आय वाले देशों में हिंसा का प्रसार अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद घरेलू और यौन हिंसा 15–49 वर्ष के युवा वयस्कों में बीमारी के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव रिपोर्ट बताती है कि विश्व स्तर पर 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की दस लाख से अधिक महिलाएं बचपन में यौन हिंसा का सामना कर चुकी हैं। वहीं लगभग 608 मिलियन महिलाएं घरेलू हिंसा से प्रभावित हुई हैं। AIIMS नई दिल्ली और गोरखपुर, PGIMER चंडीगढ़ तथा ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन ट्यूबरकुलोसिस, चेन्नई के शोधकर्ताओं की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ये अनुभव दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े हैं। इनमें अवसाद, चिंता, पुरानी बीमारियां और समय से पहले मृत्यु का बढ़ा हुआ खतरा शामिल है। WHO ने जारी किए थे आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी नवंबर में एक रिपोर्ट जारी करते हुए बताया था कि 2023 में 15-49 साल के बीच हर 5 में से 1 महिला पार्टनर के द्वारा घरेलू हिंसा का शिकार हुई थी। वहीं, 30 प्रतिशत महिलाएं अपने पूरे जीवन में कभी न कभी घरेलू हिंसा झेल चुकी हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर को दी विकास की अनेक सौगातें

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार को ब्रिलियेंट कन्वेशन सेंटर में इंदौर के विकास को नई गति देने के लिये महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास की अनेक सौगाते दीं। अधोसंरचनात्मक विकास को नई गति देने के लिये कई अहम निर्णय भी बैठक में हुये। इस मैराथन बैठक में इंदौर और उसके विस्तृत मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सहभागी होकर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात, उद्योग, शिक्षा, मेट्रोपॉलिटीनरिजन, पूर्व एवं पश्चिमी बायपास, इकॉनामिक कारिडोर, स्थानीय परिवहन, आईटी, पर्यटन और मास्टर प्लान से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बैठक इंदौर के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाएँ धरातल पर उतरेंगी और इंदौर आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी महानगरों में शामिल होगा। भूमिगत होगा मेट्रो का प्रमुख हिस्सा-राज्य सरकार देगी 800–900 करोड़ रुपए बैठक में मेट्रो परियोजना के रूट निर्धारण पर विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि मूल प्रस्ताव संशोधित होने के बाद भी समस्याएँ बनी रहीं, इसलिए सुझाव आया कि मेट्रो के मुख्य हिस्से को पूरी तरह भूमिगत किया जाए। मुख्य हिस्से को भूमिगत करने के लिये निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए लगभग 900 करोड़ रुपये का भार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय इंदौर के भविष्य को देखते हुए लिया गया है ताकि मेट्रो का अधिकतम लाभ जनता को मिले और यातायात प्रबंधन बेहतर हो। एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर की यह परियोजना इंदौर शहर के यातायात के लिये अतिमहत्वपूर्ण है। इसका निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाये। एलिवेटेड कॉरिडोर के जंक्शन, रोटरी, लंबाई आदि पर शीघ्र तकनीकी व जनप्रतिनिधियों की बैठक कर अंतिम डिज़ाइन तय करें। बैठक में बीआरटीएस हटने के बाद शहर में नए वैज्ञानिक ट्रैफिक सर्वे के आधार पर एकीकृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह परियोजना आने वाले 25–50 वर्षों तक इंदौर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान देगी। इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का होगा विस्तार—14,000 वर्ग किमी में जुड़ेगा पूरा मालवा बैठक में इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को भविष्य की दृष्टि से विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। भविष्य को ध्यान में रखते हुए  इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, नागदा, बदनावर और शाजापुर–मक्सी क्षेत्रों के साथ जोड़कर लगभग 14,000 वर्ग किलोमीटर का मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में पाँच से अधिक बड़े रेलवे जंक्शन,एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट,उज्जैन और रतलाम के भविष्य के एयरपोर्ट,दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे,दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर,इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन इन्हें आधार बनाकर इंदौर को देश का बड़ा व्यापार–उद्योग–पर्यटन हब बनाने की योजना है। स्टार्टअप पार्क और अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर—इंदौर को देंगे नई आर्थिक पहचान बैठक में एमआर-10 के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टार्टअप पार्क और कन्वेंशन सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया गया। बताया गया कि भारत सरकार भी इस प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने को तैयार है। यह इंदौर को मध्य भारत का सबसे बड़ा इनोवेशन सेंटर बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कन्वेंशन सेंटर को नई दिल्ली के भारत भवन के तर्ज पर विकसित किया जाये। बताया गया कि कन्वेंशन सेंटर की लागत 550 से 600 करोड़ के लगभग है। इसे तीन वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका संचालन पीपीपी के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इसकी इंडोर क्षमता 5 हजार और आउट डोर क्षमता 10 हजार रहेगी। हुकुमचंद मिल परियोजना बनेगी देश के लिये मॉडल बैठक में बताया गया कि हुकुमचंद मिल परियोजना का क्रियान्वयन जल्द प्रारंभ होगा। इस मिल की भूमि का पंजीयन मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के नाम पर हो गया है। भूमि हस्तांतरित कर दी गयी है। सम्पूर्ण 17.5 हेक्टेयर भूमि के विकास के लिये डीपीआर तैयार हो गयी है। निविदा की कार्यवाही प्रचलित है। आगामी तीन वर्षों में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस भूमि का ऐसा विकास किया जाये,जो देश के लिये मॉडल हो। इसमें देश की शीर्षस्थ नियोजकों की मदद ली जाये। बड़े निवेशकों को भी निवेश के लिये प्रोत्साहित किया जाये। पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि का  होगा रिडेंसिफिकेशन बैठक में पलासिया स्थित पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि के पुर्नघनत्वीकरण (Redevelopment) के लिए निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने  इसके प्लान में विशेष रूप से ग्रीनरी, हवा की गुणवत्ता और खुले स्थानों को संरक्षित करने पर जोर दिया। स्मार्ट इंदौर—आईटी, सीसीटीवी, फ्यूचर-रेडी सिस्टम बैठक में इंदौर शहर को फ्यूचर रेडी बनाने के लिए निर्णय लिये गये। इसके तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मार्ट सीसीटीवी नेटवर्क स्थापना,उन्नत आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने,ई-बस प्रोजेक्ट संचालित करने,स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू करने आदि पर तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि  जनसहभागिता आधारित सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जायेगा। इसके तहत 13690 स्थान चिन्हित किये गये हैं, जहाँ लगभग 60 हजार कैमरों की स्थापना की जायेगी। इसकी एकीकृत कन्ट्रोल रूम के माध्यम से मॉनिटरिंग होगी। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सीसीटीवी निगरानी नेटवर्क स्थापित किये जायेंगे। बैठक में बताया गया कि पीएम ई-बस सेवा का संचालन होगा। इसके तहत 270 ई-बसें चलायी जायेंगी। यह बसें आगामी मार्च माह से शहर में चलना शुरू हो जायेंगी। इससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। स्लम-फ्री इंदौर और आवास योजना शहर की झुग्गी बस्तियों के पूर्ण पुनर्वास के लिए उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर स्थायी आवास देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बताया गया कि इसके तहत आगामी तीन वर्षों में डेढ़ लाख घर बनाये जायेंगे। इसके लिये वर्तमान में 10 स्थानों के लिये डीपीआर तैयार की जा रही है। एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड और नए खेल मैदान होंगे विकसित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर खेलों की राजधानी है। इंदौर में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मुहैया करायी जायेंगी। इसके लिये कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में एस्ट्रोटर्फ मैदान, नए खेल मैदान और आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। यह शहर को खेल महाकुंभ और राष्ट्रीय टूर्नामेंटों का केंद्र बनाएगा विश्वविद्यालय बनेंगे … Read more