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शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा, पारा 4.7°C पर, भोपाल-इंदौर में 7°C से नीचे; उत्तरी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बर्फबारी और बारिश का मौसम

भोपाल  उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में जारी बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश में भी महसूस किया जा रहा है. हालांकि सर्द हवाओं की रफ्तार अभी कम है, इसलिए अगले तीन दिन तक शीतलहर का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रदेश के शहरों के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. शनिवार रात को प्रदेश के शहडोल जिले का कल्याणपुर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत की ओर दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. जिनके प्रभाव से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा. जैसे ही ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, बर्फ के पिघलने के बाद उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर आएंगी. इससे एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू हो जाएगा. इन जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे प्रदेश के करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, इंदौर में 5.9 डिग्री, भोपाल में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा ग्वालियर में 9.8, मंदसौर में 6, शाजापुर में 6.4 और रीवा में पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया. अन्य शहरों में भी कुछ ऐसा ही हालत है. न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में एक सिनोप्टिक सिस्टम अपर और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है. आने वाले दिनों में यह प्रदेश के ऊपर सक्रिय हो सकता है. इसके साथ ही एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी पश्चिमी हिमालय में सक्रिय होगा. अगले पांच दिनों में प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं होगा. इस जिले का तापमान सबसे कम न्यूनतम तापमान: कल्याणपुर (शहडोल)- 4.7°C (सबसे कम), राजगढ़/पचमढ़ी (नर्मदापुरम)- 5.4°C, इंदौर- 5.9°C, मंदसौर- 6°C, गिरवर (शाजापुर)- 6.4°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान ग्वालियर- 9.8°C उज्जैन- 9.2°C जबलपुर- 8.5°C भोपाल- 6.4°C इंदौर- 5.9°C एमपी के 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश के 25 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर में सबसे कम 5.9 डिग्री रहा। भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 4.7 डिग्री रहा। वहीं, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, रायसेन-नौगांव में 7.6 डिग्री, मलाजखंड में 7.9 डिग्री, मंडला-शिवपुरी में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री, दमोह, सतना, टीकमगढ़ और खजुराहो में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 176 किमी प्रतिघंटा वर्तमान में जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। दो नए सिस्टम बढ़ाएंगे ठंड का असर मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत की ओर दो और पश्चिमी विक्षोभ बढ़ रहे हैं। इनके असर से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश जारी रहेगी। जब ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, तब जमी हुई बर्फ पिघलेगी और उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर बढ़ेंगी। इसके बाद एक बार फिर प्रदेश में कोल्ड वेव यानी शीतलहर की वापसी होगी। 25 शहरों में 10 डिग्री से नीचे पारा प्रदेश के 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में पारा 5.9 डिग्री रहा, भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री और कई अन्य जिलों में रात का तापमान 7 से 9 डिग्री के बीच बना रहा। ऊपर आसमान में तेज जेट स्ट्रीम मौसम में ठंड बनाए रखने में जेट स्ट्रीम की भी अहम भूमिका है। वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर जमीन से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम करीब 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। इसका प्रभाव मध्यप्रदेश तक महसूस किया जा रहा है। कुछ समय पहले इसकी रफ्तार 222 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक जेट स्ट्रीम ऊंचाई पर चलने वाली बेहद तेज हवा होती है। जब पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ इसका मेल होता है, तब ठंड का असर कई गुना बढ़ जाता है। नवंबर में ही टूट चुके रिकॉर्ड इस सीजन में ठंड ने नवंबर में ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर रहा। 17 नवंबर की रात भोपाल का तापमान 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का सबसे कम रिकॉर्ड है। इंदौर में भी 25 साल बाद नवंबर में पारा 6.4 डिग्री तक पहुंचा। दिसंबर-जनवरी में ठंड का असली दौर मौसम विभाग का कहना है कि जिस तरह मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह ठंड के लिहाज से दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी महीने माने जाते हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं सबसे ज्यादा असर दिखाती हैं। पश्चिमी विक्षोभ … Read more

यूनुस पर संकट गहरा, सूडान में बांग्लादेशी सैनिकों की मौत, देश में बवाल और दक्षिण अफ्रीका से ताज़ा बुरी खबर

ढाका  बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस चौतरफा संकट में घिरे हैं. बांग्लादेश में चुनाव आयोग के दफ्तर को आग के हवाले कर दिया गया. वहीं अब अफ्रीका से दो बेहद चिंताजनक खबरें सामने आई हैं. एक तरफ सूडान में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन पर आतंकी हमले में बांग्लादेशी सैनिकों की जान गई है, तो दूसरी तरफ साउथ अफ्रीका में अवैध तरीके से पहुंचे बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर देश से बाहर निकालने की तैयारी की जा रही है. इन दोनों घटनाओं ने एक साथ बांग्लादेश की सरकार और सुरक्षा तंत्र की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सूडान के अशांत अबेई (Abyei) इलाके में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन UNISFA पर हुए आतंकी हमले में बांग्लादेश के छह सैनिकों की मौत हो गई, बल्कि छह घायल हो गए. हमले के बाद अब कैसे हैं हालात? संयुक्त राष्ट्र के कैंप पर यह हमला एक ड्रोन के जरिए किया गया था. बांग्लादेश सेना के मुताबिक यह हमला इतना भीषण था कि इलाके में अब भी हालात पूरी तरह काबू में नहीं आए हैं और आतंकियों के साथ झड़प जारी है. सेना ने बताया कि घायल जवानों को निकालने और इलाज के लिए हरसंभव कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन क्षेत्र में न तो मजबूत प्रशासन है, न पुलिस व्यवस्था और न ही कोई प्रभावी न्यायिक ढांचा. संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, यह हमला पिछले तीन सालों में अबेई क्षेत्र में हुआ सबसे घातक हमला है, जिसमें अब तक 50 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. बांग्लादेश के कितने सैनिक UN में शामिल? स्थानीय प्रशासन का आरोप है कि विद्रोही गुटों ने हथियारबंद युवाओं के साथ मिलकर सुनियोजित और बर्बर हमले किए. बांग्लादेश लंबे समय से यूएन पीसकीपिंग मिशनों में बड़ा योगदान देने वाला देश रहा है और इस वक्त भी अफ्रीका के कई संघर्षग्रस्त इलाकों में उसके 6,000 से ज्यादा सैनिक और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. ऐसे में सैनिकों की मौत ने सरकार के सामने सुरक्षा, विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय दबाव से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं. मोहम्मद यूनुस ने भी इस हमले पर अफसोस जताया है. बांग्लादेश के लिए दूसरी बुरी खबर क्या है? इसी बीच साउथ अफ्रीका से आई दूसरी खबर ने बांग्लादेश की चिंता और बढ़ा दी है. जोहान्सबर्ग के ओआर टैम्बो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 16 बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी वीजा के साथ पकड़ा गया है. ये सभी इथियोपियन एयरलाइंस की फ्लाइट से पहुंचे थे और जांच में सामने आया कि वे मानव तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं. साउथ अफ्रीका की बॉर्डर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने बताया कि ये लोग संदिग्ध तरीके से स्थानीय यात्रियों के बीच घुलने-मिलने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें अलग कर जांच की गई. 16 बांग्लादेशियों को किया जाएगा डिपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, इनके पास मौजूद दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे और यात्रा का उद्देश्य भी स्पष्ट नहीं था. अब सभी 16 बांग्लादेशी नागरिकों को देश से डिपोर्ट किया जाएगा. इसके साथ ही जिस एयरलाइन ने इन्हें यात्रा की अनुमति दी, उस पर भी जुर्माना लगाया जाएगा और डिपोर्टेशन का खर्च भी उसी से वसूला जाएगा. साउथ अफ्रीका लंबे समय से बांग्लादेश, भारत और पाकिस्तान समेत कई देशों के नागरिकों की अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्रवेश को लेकर चिंता जताता रहा है.

बंगाल की खाड़ी में भारत का नो फ्लाई जोन, पाकिस्तान और बांग्लादेश में बढ़ी हलचल

नई दिल्ली भातर एक बार फिर से कुछ बड़ा करने जा रहा है. यही वजह है कि रणनीतिक रूप से महत्‍वपूर्ण बंगाल की खाड़ी में 2520 किलोमीटर तक के लिए NOTAM (Notice to Airmen/Air Mission) जारी किया है. इसका मतलब यह हुआ कि तय तिथि और समय पर बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में संबंधित रूट से न तो कोई एयरक्राफ्ट गुजरेगा और न कोई शिप इस मार्ग से ट्रैवल करेगा. इसका उद्देश्‍य किसी भी तरह की दुर्घटना को रोकना है. भारत ने बे ऑफ बंगाल में ढाई हजार किलोमीटर के नो फ्लाई जोन की घोषणा ऐसे वक्‍त में की है जब पड़ोसी देश पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश में किसी ने किसी वजह से हाहाकार और खलबली की स्थिति है. बांग्‍लादेश में चुनाव आयोग के दफ्तर को आमलोगों ने आग के हवाले कर दिया तो पाक‍िस्‍तान में देश के लिए वफादार मानी जाने वाली खुफिया एजेंसी ISI के पूर्व चीफ फैज हमीद का ही कोर्ट मार्शल कर दिया गया है. डीआरडीओ (DRDO) ने 17 से 20 दिसंबर 2025 के बीच बंगाल की खाड़ी में एक मिसाइल परीक्षण तय किया है. इसके कारण 2520 किलोमीटर तक का बहुत बड़ा नो फ्लाई और नो शिप जोन घोषित किया गया है. यह NOTAM रोजाना सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे (भारतीय समय के अनुसार) तक लागू रहेगा. यह अक्टूबर में हुए परीक्षण के 1480 किलोमीटर क्षेत्र से कहीं बड़ा है, जिससे संकेत मिलता है कि इस बार लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण हो सकता है. सुरक्षा कारणों से नागरिक विमान और जहाजों को अपना रास्ता बदलना होगा. भारतीय वायुसेना और नौसेना इस क्षेत्र की निगरानी करेंगी, क्योंकि परीक्षण के दौरान मलबा गिरने की आशंका रहती है. DRDO की क्‍या है प्‍लानिंग? अब सवाल उठता है कि DRDO की आखिर प्‍लानिंग क्‍या है जो ढाई हजार किलोमीटर से भी ज्‍यादा के क्षेत्र के लिए NOTAM जारी किया गया है. ‘इंडियन डिफेंस न्‍यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रायल का स्वरूप K-4 पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) से मेल खाता है. यह भारत की आधुनिक ठोस ईंधन (Solid Fuel) वाली मिसाइल है, जो अग्नि मिसाइल सीरीज पर आधारित है. K-4 कार्यक्रम का उद्देश्य परमाणु क्षमता वाली पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइल विकसित करना है, ताकि भारत के परमाणु त्रिकोण (थल-जल-वायु) के समुद्री हिस्से को मजबूत किया जा सके. यह छोटी दूरी की K-15 सागरिका की सीमाओं को दूर करती है. डीआरडीओ की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेटरी (DRDL) के नेतृत्व में बनी यह मिसाइल अग्नि-III तकनीक पर आधारित है, जिससे इसकी सुरक्षा और दूसरी बार जवाबी हमले की क्षमता बढ़ती है. इसका विकास 2009 में आईएनएस अरिहंत के लॉन्च के बाद शुरू हुआ. NOTAM क्या होता है? NOTAM का मतलब है Notice to Airmen. यह एक आधिकारिक सूचना होती है, जिससे पायलटों और एयरलाइंस को उड़ान से जुड़ी ज़रूरी जानकारी दी जाती है. NOTAM क्यों जारी किया जाता है? जब किसी इलाके में उड़ान के लिए खतरा हो या कोई विशेष गतिविधि हो (जैसे मिसाइल परीक्षण, सैन्य अभ्यास, रनवे बंद होना) तो NOTAM जारी किया जाता है. NOTAM से आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा? आम लोगों पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट बदले जा सकते हैं या उड़ानों में देरी हो सकती है. NOTAM क्यों ज़रूरी होता है? यह उड़ान और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी होता है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो. क्‍यों है इतना खास? INS अरिहंत (2016 में कमीशन) और INS अरिघात (2024) में प्रत्येक में 4-4 K-4 मिसाइलें तैनात हैं. S4 कैटेगरी की पनडुब्बियों (2025 के बाद) में यह संख्या 8 तक हो जाएगी. साल 2025 के मध्य तक K-4 ने अरिहंत श्रेणी की परमाणु पनडुब्बियों पर पूरी तरह ऑपरेशनल कैपेबिलिटी हासिल कर ली थी. 17-20 दिसंबर 2025 के बीच बंगाल की खाड़ी में जारी NOTAM (2520–3550 किमी क्षेत्र) संभवतः K-4 की आगे की पुष्टि या यूजर ट्रायल के लिए है. K-4 मिसाइल सुरक्षित समुद्री गहराइयों से चीन और पाकिस्तान तक निशाना साध सकती है. इसकी मारक क्षमता K-15 की 750 किमी सीमा से कहीं अधिक है, जिससे भारत का परमाणु त्रिकोण (Nuclear Tirade) पूरा होता है. इसके बाद K-5 (5000+ किलोमीटर परीक्षण में) और K-6 (8000 किमी MIRV क्षमता वाली) मिसाइलें 2030 के दशक तक S5 श्रेणी की पनडुब्बियों के लिए विकसित की जा रही हैं. स्वदेशी तकनीक से उत्पादन बढ़ाया जा रहा है, जो विशाखापत्तनम में पूर्वी नौसेना बेड़े के विस्तार से जुड़ा है. क्‍या हैं तकनीकी खासियत? K-4 मिसाइल की लंबाई 10–12 मीटर, व्यास 1.3 मीटर और वजन 17–20 टन है. यह 1–2 टन तक का पेलोड ले जा सकती है, जिसमें MIRV वारहेड भी शामिल हो सकते हैं. इसकी रेंज 3000–3500 किमी है (कम भार पर 4000 किमी तक). इसमें इनर्शियल (जड़त्वीय) नेविगेशन सिस्‍टम है, जिसे GPS/NavIC से जोड़ा गया है, जिससे इसकी सटीकता 10 मीटर से कम (CEP) रहती है. यह 20–50 मीटर गहराई से पनडुब्बी से लॉन्च की जा सकती है और अरिहंत श्रेणी की वर्टिकल लॉन्च प्रणाली से जुड़ी है.

शुभमन गिल और संजू सैमसन पर चर्चा तेज, लेकिन जीत दिलाने वाला खिलाड़ी सुर्खियों से क्यों दूर?

नई दिल्ली  शुभमन गिल vs संजू सैमसन…इस समय क्रिकेट के गलियारों में यह टॉपिक हर किसी एक्सपर्ट के मुंह पर है। शुभमन गिल को ऑल फॉर्मेट प्लेयर बनाने की जिद भारत को काफी महंगी पड़ती दिखाई दे रही है। टेस्ट और वनडे टीम का कप्तान बनाए जाने के बाद टीम मैनेजमेंट उन्हें टी20 टीम की भी जिम्मेदारी देना चाहती है, हालांकि उन्हें ‘क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट’ की कप्तानी 2026 वर्ल्ड कप के बाद ही मिलेगी, जिस वजह से उन्हें फिलहाल टीम का उप-कप्तान बनाया गाय है। शुभमन गिल को एशिया कप में अचानक टी20 टीम में फिट करने की योजना सामने आई और उन्हें सीधा ही उप-कप्तानी की जिम्मेदारी दे दी गई। उनको टीम में फिट करने के लिए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी को तोड़ा गया, जिन्होंने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारत के लिए काफी रन बनाए थे।   संजू सैमसन ने पहले ऑपनिंग स्लॉट खोया, फिर भारत ने बेहतर फिनिशर की तलाश में जितेश शर्मा को टीम में शामिल करने के लिए सैमसन को बेंच पर ही बैठा दिया। अब जब लगातार शुभमन गिल टी20 क्रिकेट में फेल हो रहे हैं तो फिर से संजू सैमसन को मौका देने की बातें हो रही है। शुभमन गिल के 2025 के T20I आंकड़ों पर नजर डालें तो, इस साल 14 मैचों में उनके बल्ले से 23.90 की औसत के साथ 263 ही रन निकले हैं, जिसमें वह एक भी बार 50 रन का आंकड़ा नहीं छू पाए। उनका हाईएस्ट स्कोर 47 का रहा। संजू सैमसन ने क्या गलत किया? वहीं संजू सैमसन के 2024 के आंकड़ों की बात की जाए तो वह शुभमन गिल से काफी बेहतर हैं। पिछले साल सैमसन ने 13 मैचों में 43.60 की औसत के साथ 436 रन बनाए थे, जिसमें 3 शतक शामिल थे। शुभमन गिल और संजू सैमसन की यह बहस तो ठीक है क्योंकि दोनों खिलाड़ी इस समय भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा है, मगर कोई यशस्वी जायसवाल के बारे में क्यों बात नहीं कर रहा जिन्होंने इस फॉर्मेट में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है, मगर वह फिर भी बाहर बैठे हैं? क्यों नहीं हो रही यशस्वी जायसवाल की बात? यशस्वी जायसवाल ने भारत के लिए आखिरी टी20 मैच 2024 में खेला था, वह 2024 टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड का भी हिस्सा थे, मगर रोहित शर्मा और विराट कोहली के ओपनिंग करने के चलते उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। यशस्वी जायसवाल के अगर T20I आंकड़ों की बात करें तो, उन्होंने अभी तक भारत के लिए 23 टी20 मैच खेले हैं जिसमें 36.15 की औसत के साथ 723 रन बनाए हैं। जायसवाल के नाम इस दौरान 1 शतक और 5 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं नजर उनके 2024 के आंकड़ों पर डालें तो, पिछले साल 8 मैचों में उन्हें खेलने का मौका मिला था जिसमें यशस्वी जायसवाल ने 41.85 की औसत के साथ 293 रन बनाए थे। इस दौरान उनका हाईएस्ट स्कोर नाबाद 93 रनों का रहा था। मगर इसके बावजूद कोई उनके बारे में बात नहीं करता, वह अचानक ही टीम से बाहर हो गए। जायसवाल इस समय टी20 के बेस्ट बल्लेबाजों में से एक हैं, अगर उन्हें अभिषेक शर्मा के साथ पारी का आगाज करने का मौका मिलता है तो किसी भी टीम के लिए इस जोड़ी को रोक पाना मुश्किल होगा। वहीं इस जोड़ी में फैंस को मैथ्यू हेडन और एडम गिलक्रिस्ट की भी झलक दिख सकती है।

Kharmas 2025: दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक विवाह पर रोक, जानें फरवरी 2026 में कब होंगे शुभ मुहूर्त

 हिंदू धर्म में विवाह और अन्य शुभ संस्कार हमेशा शुभ मुहूर्त में ही किए जाते हैं. ऐसा माना जाता है कि शुभ समय में किए गए कार्य देवताओं की कृपा और ग्रहों के अनुकूल प्रभाव से सफल होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि लाते हैं. लेकिन जैसे ही खरमास शुरू होता है, वैसे ही विवाह, मुंडन जैसे बड़े शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है. इस बार खरमास 16 दिसंबर से शुरू हो रहा है, इसलिए इस अवधि में शादियां नहीं होंगी. इसके अलावा, खरमास से पहले ही विवाह पर एक और कारण से विराम लग जाता है. दरअसल, 11 दिसंबर 2025 को शुक्र ग्रह अस्त हो चुके हैं. शुक्र को प्रेम, दांपत्य सुख और विवाह का कारक ग्रह माना जाता है. शुक्र के अस्त होने के कारण भी शादियों के शुभ मुहूर्त नहीं माने जाते हैं. इस तरह से 11 दिसंबर 2025 से ही विवाह समारोहों पर रोक लग चुकी हैं, जो आगे आने वाले समय तक बनी रहेगी. अब सवाल यह है कि यह रोक कब तक रहेगी और फिर से विवाह के शुभ मुहूर्त कब शुरू होंगे. शादियों पर रोक कब तक रहेगी? खरमास 15 जनवरी 2026 को समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद आमतौर पर शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है. लेकिन इस बार विवाह के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा. दरअसल, शुक्र ग्रह 53 दिनों तक अस्त रहेंगे और 1 फरवरी 2026 को फिर से उदय होंगे. ज्योतिष के अनुसार, शुक्र के उदय होने के बाद ही विवाह और अन्य मांगलिक कार्य शुरू किए जाते हैं. इसलिए शादियों का सीजन फरवरी 2026 से ही शुरू होगा. फरवरी 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त फरवरी 2026 में विवाह के लिए कुल 12 शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं, जिनकी तिथियां कुछ इस प्रकार हैं- 5 फरवरी, 6 फरवरी, 8 फरवरी, 10 फरवरी, 12 फरवरी, 14 फरवरी, 19 फरवरी, 20 फरवरी, 21 फरवरी, 24 फरवरी, 25 फरवरी और 26 फरवरी. बसंत पंचमी पर विवाह क्यों नहीं होंगे? बसंत पंचमी को आमतौर पर विवाह के लिए बहुत शुभ दिन माना जाता है, क्योंकि यह सिद्ध व अबूझ मुहूर्त होता है. लेकिन, साल 2026 में बसंत पंचमी पर भी विवाह का मुहूर्त नहीं होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि 23 जनवरी को पड़ने वाली बसंत पंचमी शुक्र ग्रह के अस्त रहने की अवधि में आएगी, और इस दौरान शादियां करना शुभ नहीं माना जाता है.

अभिषेक शर्मा के पास विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका, केवल 87 रन दूर

   धर्मशाला  अभिषेक शर्मा टी20 क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष में किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा रन बनाने के विराट कोहली के रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब पहुंच गए हैं. कोहली ने यह कीर्तिमान 2016 में बनाया था, जब उन्होंने 31 मैचों में 89.66 की औसत से 1,614 रन बनाए थे. उस दौरान उनके नाम चार शतक और 14 अर्धशतक दर्ज थे. अब अभिषेक शर्मा इस रिकॉर्ड को पार करने से सिर्फ 87 रन दूर हैं. अभिषेक के नाम इतने रन इस साल अभिषेक शर्मा ने 39 टी20 मैचों में 41.43 की औसत से 1,533 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और नौ अर्धशतक शामिल हैं. बाएं हाथ के यह बल्लेबाज़ अगली बार रविवार, 14 दिसंबर को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में मैदान पर उतरेंगे. भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका चल रही टी20I सीरीज़ में अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन अब तक शानदार झलक और अस्थिरता का मिश्रण रहा है. कटक में खेले गए पहले टी20I में वह सस्ते में आउट हो गए थे, लेकिन भारत ने फिर भी छह विकेट पर 175 रन बनाए और मुकाबला 101 रन से आसानी से जीत लिया. न्यू चंडीगढ़ में हुए दूसरे टी20I में भी अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की, लेकिन वह सिर्फ 8 गेंदों में 17 रन ही बना सके. इस छोटी पारी में उन्होंने दो छक्के लगाए, जिनमें से एक छक्का उन्हें एक कैलेंडर वर्ष में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 से अधिक छक्के लगाने वाले चुनिंदा भारतीय पावर हिटर्स की सूची में ले गया. हालांकि यह तेज़ कैमियो निर्णायक साबित नहीं हो सका और शर्मा जल्दी आउट हो गए. इसके बाद भारत की बल्लेबाज़ी लड़खड़ा गई. दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए चार विकेट पर 213 रन बनाए और भारत को 51 रन से हराकर सीरीज़ 1-1 से बराबर कर दी. अब तक भारत का अभियान उतार-चढ़ाव भरा रहा है. पहले मुकाबले में जहां गेंदबाज़ों ने दबदबा बनाया और बल्लेबाज़ों ने मजबूत स्कोर खड़ा किया, वहीं दूसरे मैच में 214 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी टीम 19.1 ओवर में 162 रन पर सिमट गई, जिससे रन चेज़ में कमजोरियां उजागर हुईं. पांच मैचों की सीरीज़ अब बराबरी पर है और भारत को आगे के मुकाबलों में शीर्ष और मध्यक्रम दोनों से अधिक निरंतर योगदान की ज़रूरत होगी. वहीं अभिषेक शर्मा की विस्फोटक बल्लेबाज़ी अब भी भारत के लिए मैच जिताने वाला तुरुप का पत्ता बनी हुई है.

IND vs SA: क्या आज संजू सैमसन के साथ होगा इंसाफ, टीम इंडिया की प्लेइंग XI में फेरबदल के संकेत

नई दिल्ली  इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका 5 मैच की टी20 सीरीज का तीसरा और बेहद महत्वपूर्ण मुकाबला आज धर्मशाला में खेला जाना है। इस मैच के जरिए दोनों टीमों की नजरें सीरीज में बढ़त बनाने पर होगी, क्योंकि पहले दो मैचों के बाद सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। धर्मशाला की पिच हाईस्कोरिंग मुकाबले के लिए जानी जाती है, शुरुआती ओवरों में नई गेंद के साथ गेंदबाजों को अच्छी खासी मदद मिलती है, मगर इस पड़ाव को पार करने के बाद मैच पूरी तरह से बल्लेबाजों के लिए खुल जाता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर संजू सैमसन को मौका देने के बारे में सोच सकते हैं। अब सवाल यह है कि सैमसन प्लेइंग XI में आएंगे तो आएंगे किसकी जगह?   भारतीय टी20 टीम के उप-कप्तान शुभमन गिल इस फॉर्मेट में अभी तक अपनी छाप नहीं छोड़ पाए हैं। उन्होंने लगातार 17 पारियां खेल ली है, जिसमें वह 50 रन का आंकड़ा नहीं छू पाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट तो 2025 में 142.93 का रहा है, मगर इस फॉर्मेट में ओपनर से जो बड़ी पारी की दरकार है वो शुभमन गिल भारत को नहीं दे पाए हैं। 2025 में गिल के बल्ले से 14 मैचों में 23.90 की औसत के साथ 263 ही रन निकले हैं। अगर आज गिल एक बार फिर निराश करते हैं तो उनकी टीम में जगह पर तलवार लटक सकती है।   संजू सैमसन की जगह कैसे बनेगी? जब तक प्लेइंग XI में शुभमन गिल हैं, तब तक संजू सैमसन बतौर ओपनर तो टीम में जगह नहीं बना सकते। ऐसे में अगर आज की पिच देखकर उन्हें मौका दिया भी जाता है तो वह मिडिल ऑर्डर में या फिनिशर की भूमिका अदा करते हुए दिखाई दे सकते हैं। संजू सैमसन को शिवम दुबे की जगह मौका दिया जा सकता है। शिवम दुबे 2025 में बल्ले से कुछ कमाल नहीं दिखा पाए हैं, अभी तक खेले 15 मुकाबलों में उनके बल्ले से 171 ही रन निकले हैं। हालांकि उनके खाते में 11 विकेट जरूर हैं। धर्मशाला में बोर्ड पर रन बनाना ज्यादा अहम होगा, ऐसे में दुबे को रिप्लेस कर ही सैमसन टीम में अपनी जगह बना सकते हैं। भारत की संभावित XI- अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, संजू सैमसन, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह साउथ अफ्रीका संभावित XI- क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), एडेन मार्कराम (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, डोनोवन फरेरा, जॉर्ज लिंडे, मार्को जानसन, एनरिक नॉर्टजे/कॉर्बिन बॉश, ओटनील बार्टमैन, लुंगी एनगिडी

रायपुर: वित्त मंत्री ने भाठनपाली-बिंजकोट में 6.26 करोड़ रुपए की सड़क निर्माण परियोजना का किया भूमिपूजन

रायपुर : वित्त मंत्री ने भाठनपाली-बिंजकोट में 6.26 करोड़ रुपए के सडक निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन पीएमजीएसवाई अंतर्गत ग्रामीण सड़कों से बदलेगी तस्वीर 10-10 लाख के दो विकास कार्य की घोघणा रायपुर ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा को मजबूत करने और विकास कार्यों को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ जिले के पुसौर विकासखंड के ग्राम भाठनपाली एवं बिंजकोट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 6 करोड़ 26 लाख रुपए से अधिक की लागत से बनने वाले सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कर जिले को महत्वपूर्ण विकास सौगात दी। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।  10-10 लाख के दो विकास कार्य की घोघणा          वित्त मंत्री चौधरी ने भाठनपाली में 10 लाख रुपए की लागत से शेड निर्माण और बिंजकोट में 10 लाख रुपए के आवश्यक विकास कार्यों के लिए देने की घोषणा की। साथ ही ग्रामीणों की सीसी रोड की मांग को भी शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत बिंजकोट में 6 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन भी वितरित किए गए।            भाठनपाली में एनएच-49 से मोहंदाभाठा बस्ती तक 2.25 किलोमीटर सड़क तथा धनुहारडेरा से भाठनपाली तक 1.80 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है, जिसकी कुल लागत 3.28 करोड़ रुपए है। वहीं बिंजकोट में एकताल रोड से बिंजकोट बस्ती तक तथा एकताल से सांपखोड़-सकरबोंगा तक सड़कों के निर्माण पर 2.98 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। वित्त मंत्री चौधरी ने सभी निर्माण कार्यों को 12 माह के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वाेपरि बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमीशनखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है          वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद से प्रदेश की जनता के हित में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। 12 लाख किसानों को 3716 करोड़ रुपए का बकाया बोनस, 21 क्विंटल प्रति एकड़ , 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का भुगतान, रामलला दर्शन योजना, 18 लाख गरीब परिवारों के लिए आवास और महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु महतारी वंदन योजना इसके प्रमुख उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और जनहित कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार सबको साथ लेकर, सबके विकास के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है।          कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल,  जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, ग्रामों के सरपंच सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

केरल निकाय चुनाव परिणाम: कांग्रेस की पुनर्वापसी, BJP का उदय और लेफ्ट को बड़ा झटका – क्या है सियासी बदलाव?

तिरुवनंतपुरम केरल में शनिवार को आए स्थानीय निकाय चुनाव नतीजों ने 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल साफ कर दिया है. सत्तारूढ़ CPI(M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को राज्यभर में बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में जोरदार वापसी की है. वहीं, BJP के नेतृत्व वाले NDA ने भी अपनी पकड़ मजबूत करते हुए केरल की राजनीति को सिर्फ लेफ्ट बनाम कांग्रेस की लड़ाई तक सीमित ना रहने देने के संकेत दिए हैं. केरल में स्थानीय निकाय चुनावों को हमेशा विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल माना जाता रहा है. इस बार के नतीजे लेफ्ट के लिए इस स्तर पर अनुकूल नहीं माने जा रहे हैं. राज्य के कई जिलों में… यहां तक कि लेफ्ट के परंपरागत गढ़ों में भी उसे नुकसान उठाना पड़ा है. कांग्रेस गठबंधन सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है, जबकि BJP ने खासतौर पर शहरी इलाकों में अपनी मौजूदगी को और मजबूत किया है. इससे यह संकेत मिल रहा है कि केरल की राजनीति अब पूरी तरह द्विध्रुवीय नहीं रह सकती. नगर निगम, नगर पालिका और पंचायतों में किसकी जीत छह नगर निगमों में से चार पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने जीत हासिल की, जबकि एक-एक नगर निगम LDF और NDA के खाते में गया. नगर पालिकाओं की बात करें तो 86 में से 54 पर UDF को जीत मिली, LDF 28 पर सिमट गया और NDA ने दो नगर पालिकाओं में सफलता हासिल की. ग्राम पंचायत स्तर पर कांग्रेस गठबंधन ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और 941 में से 504 पंचायतों पर कब्जा जमाया. वहीं, LDF को 341 और NDA को 26 पंचायतों में जीत मिली. ब्लॉक पंचायतों में LDF ने 63 और UDF ने 79 सीटें जीतीं, जबकि जिला पंचायत स्तर पर दोनों गठबंधनों को सात-सात सीटें मिलीं. ग्रामीण केरल में कांग्रेस की ऐतिहासिक बढ़त यह पहली बार है जब केरल के ग्रामीण स्थानीय निकायों में कांग्रेस ने इतनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है. आमतौर पर पंचायत स्तर पर CPI(M) का मजबूत कैडर नेटवर्क और संगठनात्मक पकड़ मानी जाती रही है, लेकिन इस बार यह बढ़त भी कमजोर पड़ती दिखी. पिछला पैटर्न और मौजूदा राजनीतिक संदेश केरल के चुनावी इतिहास को देखें तो स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों के नतीजों के बीच मजबूत संबंध रहा है. 2010 में जब कांग्रेस ने निकाय चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया था तो अगले ही साल 2011 में UDF ने सरकार बनाई थी. इसके उलट, 2020 के निकाय चुनावों में LDF की जीत के बाद 2021 में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल कर इतिहास रच दिया था. इसी पैटर्न को देखते हुए मौजूदा नतीजों को लेफ्ट सरकार के खिलाफ जनभावना में बदलाव का शुरुआती लेकिन अहम संकेत माना जा रहा है. लेफ्ट के पारंपरिक गढ़ों में बड़ा झटका इन नतीजों का सबसे चौंकाने वाला पहलू शहरी इलाकों में LDF की भारी हार रही. UDF ने कोल्लम, त्रिशूर और कोच्चि नगर निगम लेफ्ट से छीन लिए और कन्नूर को बरकरार रखा. कोल्लम और त्रिशूर क्रमशः 25 और 10 वर्षों से लेफ्ट के कब्जे में थे. कोझिकोड नगर निगम में मुकाबला बेहद करीबी रहा, जहां अंततः LDF ने मामूली बढ़त के साथ जीत दर्ज की. तिरुवनंतपुरम में BJP का ऐतिहासिक उभार लेफ्ट के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक झटका राजधानी तिरुवनंतपुरम में लगा. यहां CPI(M) के 45 साल पुराने गढ़ में BJP के नेतृत्व वाला NDA आगे निकल गया. तिरुवनंतपुरम नगर निगम की 101 में से 50 डिवीजन जीतकर NDA ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया. LDF सिर्फ 29 सीटों पर सिमट गया, जबकि UDF को 19 सीटें मिलीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे केरल में BJP के लिए एक 'वाटरशेड मोमेंट' बताया. अन्य शहरी इलाकों में BJP की मौजूदगी BJP ने पालक्काड़ नगरपालिका में UDF से मामूली बढ़त बनाते हुए मजबूत चुनौती पेश की. कोझिकोड में भले ही CPI(M) आगे रहा, लेकिन BJP ने कम से कम 14 सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की. कोल्लम जैसे परंपरागत लेफ्ट गढ़ में भी BJP ने उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की. चुनावी मुद्दे और एंटी-इन्कम्बेंसी फैक्टर हावी हालांकि स्थानीय मुद्दों और वार्ड स्तर के प्रचार की भूमिका रही, लेकिन यह चुनाव काफी हद तक राज्य सरकार के खिलाफ जनमत संग्रह जैसा बन गया. विश्लेषकों के मुताबिक, केरल में पहली बार इतनी व्यापक और एकसमान एंटी-इन्कम्बेंसी देखने को मिली है. हालांकि, चुनाव से पहले LDF सरकार ने जनता को रिझाने में कसर नहीं छोड़ी. सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी की. आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में इजाफा किया और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की घोषणा की, लेकिन करीब एक दशक के शासन के बाद मतदाताओं की थकान इन घोषणाओं पर भारी पड़ी. आरोप-प्रत्यारोप और सियासी नैरेटिव भी पहलू UDF ने सबरीमला में कथित सोने की चोरी का मुद्दा उठाया. वहीं, लेफ्ट ने निष्कासित कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटाथिल पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप और UDF पर सांप्रदायिक ताकतों से हाथ मिलाने के आरोपों को जोर-शोर से उठाया. राजनीतिक विश्लेषक जोसेफ सी मैथ्यू के मुताबिक, केरल में पहली बार इतनी समान रूप से एंटी-इन्कम्बेंसी देखने को मिली है. यह फैसला दुर्लभ है. उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर CPI(M) की पारंपरिक मजबूती अब हिलती दिख रही है. CPI(M) ने क्या कहा… CPI(M) के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने एंटी-इन्कम्बेंसी के दावों को खारिज किया. उनका कहना है कि 14 में से सात जिला पंचायतों में जीत यह साबित करती है कि पार्टी का जनाधार कायम है. गोविंदन ने नतीजों को 'अप्रत्याशित झटका' बताया और कहा कि 2010 में इससे भी बड़ा नुकसान झेलने के बाद पार्टी ने वापसी की थी. उन्होंने कहा कि पार्टी आत्ममंथन करेगी और जनता से दोबारा जुड़ने की कोशिश करेगी. BJP की बढ़त और बदलती सियासी तस्वीर विश्लेषकों के मुताबिक, BJP की आगे की बढ़त अब कांग्रेस नहीं बल्कि लेफ्ट के वोट बैंक में सेंध लगाकर हो रही है. तिरुवनंतपुरम, पालक्काड़ और कोझिकोड जैसे इलाकों में NDA की मजबूती इस बदलाव का संकेत है. हालांकि CPI(M) नेतृत्व का कहना है कि तिरुवनंतपुरम को छोड़कर BJP की बढ़त को बहुत बड़ा राजनीतिक उभार नहीं कहा जा सकता. कांग्रेस के लिए आगे की चुनौती निकाय चुनाव में मिली जीत से … Read more

India u-19: शतक से चूके आरोन जॉर्ज, पाकिस्तान के सामने मुश्किल में फंसा भारत

दुबई  इंडिया वर्सेस पाकिस्तान U19 एशिया कप 2025 का 5वां मुकाबला दुबई के आईसीसी अकैडमी ग्राउंड पर खेला जा रहा है। भारत इस समय मुश्किल में है। 200 से पहले आधी टीम पवेलियन लौट चुकी है। वैभव सूर्यवंशी सस्ते में आउट हुए, वहीं कप्तान आयुष म्हात्रे ने तेज तर्रार शुरुआत तो दिलाई, मगर वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। म्हात्रे ने 38 रन बनाे। नंबर-3 पर उतरे आरोन जॉर्ज ने 85 रनों की शानदार पारी खेली, मगर वह शतक से चूक गए। भारतीय टीम की नजरें अब पूरे 50 ओवर खेलने पर होगी, अगर टीम ऐसा करने में सफल रहती है तो ही वह 300 के आंकड़े के करीब पहुंच सकती है। भारत ने 36 ओवर में 6 विकेट खोकर 190 रन बना लिए हैं। चौहान और पटेल क्रीज पर मौजूद हैं। भारतीय टीम इस समय रन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। पाकिस्तान ने मजबूत पकड़ बना ली है। भारत को 6ठां और सबसे बड़ा झटका आरोन जॉर्ज के रूप में 32वें ओवर में लगा। धीरे-धीरे शतक की ओर कदम बढ़ा रहे जॉर्ड मिड ऑफ के ऊपर से शॉट खेलना चाहते थे, मगर वह नाकाम रहे। जॉर्ज 85 रन बनाकर हुए आउट। अभिज्ञान कुंडू के रूप में भारत को 5वां झटका लगा। 173 के स्कोर पर आधी टीम इंडिया पवेलियन लौट गई है। आरोन जॉर्ज एक छोर को संभाले हुए हैं। वह शतक के करीब है। किसी को उनका साथ देने की जरूरत है।