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राशन वितरण में गड़बड़ी उजागर: सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई, डिपो से मिली 50 किलो अतिरिक्त चीनी

फरीदाबाद एनआईटी विधानसभा क्षेत्र की पर्वतीय कॉलोनी स्थित चाचा चौक के पास सरकारी राशन डिपो पर देर शाम सीएम फ्लाइंग और फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। डिपो पर स्टॉक में गड़बड़ी और लाभार्थियों को कम राशन दिए जाने की शिकायत मिलने के बाद टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान विभागीय रिकॉर्ड से मिलान किया गया, जिसमें गेहूं और सरसों का तेल निर्धारित स्टॉक के अनुसार पाया गया, लेकिन चीनी का स्टॉक 50 किलो अधिक मिला। जब टीम ने डिपो संचालक मोहर सिंह से अतिरिक्त चीनी के संबंध में पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट ने तुरंत डिपो संचालक को नोटिस जारी कर दिया और डिपो के संचालन पर रोक लगा दी। फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि इस डिपो को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें मिल चुकी थीं कि लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है। इन्हीं शिकायतों के आधार पर सीएम फ्लाइंग की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई। जांच में अनियमितता पाए जाने पर डिपो को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है और पूरे स्टॉक का विवरण मांगा गया है। इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि अब इस डिपो को आसपास के किसी अन्य सरकारी राशन डिपो के साथ अटैच कर दिया जाएगा, ताकि इस डिपो से जुड़े लाभार्थियों को राशन मिलने में कोई परेशानी न हो। संबंधित उपभोक्ता अब निर्धारित वैकल्पिक डिपो से जाकर अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर डिपो संचालक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी राशन डिपो संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी संचालक राशन वितरण में गड़बड़ी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा राशन वितरण के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। सर्दियों में शाम 7 बजे तक और गर्मियों में रात 8 बजे तक ही राशन वितरण किया जाना है। इसके बावजूद कई डिपो संचालक देर रात 9–10 बजे तक राशन बांटते पाए जाते हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। यदि कोई डिपो संचालक तय समय सीमा के बाद राशन वितरित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।    

छत्तीसगढ़ को शांति, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना राज्य सरकार का अटल संकल्प – मुख्यमंत्री साय

‘पूना मारगेम’ से शांति की ओर मजबूती से बढ़ते कदम: बीजापुर में 34 माओवादी कैडरों ने किया आत्मसमर्पण रायपुर  बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बीजापुर जिले में ₹84 लाख के इनामी 34 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागते हुए भारतीय संविधान में आस्था जताई है और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की दृढ़ इच्छाशक्ति के अनुरूप छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में चल रहे सतत और ठोस प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘पूना मारगेम’ नीति ने यह सिद्ध कर दिया है कि संवाद, संवेदनशीलता और विकास, हिंसा से कहीं अधिक प्रभावी समाधान हैं। यह आत्मसमर्पण केवल हथियार छोड़ने की घटना नहीं है, बल्कि भय और भ्रम से मुक्त होकर सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का निर्णय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले सभी व्यक्तियों के पुनर्वास, सुरक्षा, आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्समावेशन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि वे समाज में आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने आज भी भटके हुए युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का मार्ग त्यागें, लोकतंत्र और विकास के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें तथा प्रदेश और देश के निर्माण में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को शांति, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना राज्य सरकार का अटल संकल्प है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास जारी रहेंगे।

सड़क पर मातम: बड़वानी में कंटेनर की टक्कर से बाइक सवार पति की मौत, पत्नी घायल

बड़वानी मंगलवार शाम को ग्राम गवाड़ी के समीप कंटेनर ने रोड क्रास कर रहे बाइक सवार दंपत्ति को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चालक पति की मौके पर ही मौत हो गई। बिजासन चौकी पर पदस्थ प्रधान आरक्षक मुकेश यादव ने बताया कि कंटेनर महाराष्ट्र की तरफ से आ रहा था। इसके चालक ने आगे चल रहे बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसा तब हुआ जब बाइक सवार रोड क्रास करने की कोशिश कर रहा था।   हादसे में बाइक सवार 45 वर्षीय शांतिराम निवासी सिलदढ़ की मौके पर मौत हो गई। वहीं उसकी पत्नी लक्ष्मी घायल हुई है। पुलिस ने हादसे की सूचना स्वजनों को दी तो बड़ी संख्या में स्वजन, ग्रामीण सेंधवा सिविल अस्पताल पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि पति पत्नी रिश्तेदारों के यहां शोक कार्यक्रम में गए थे और लौट रहे थे तभी हादसा हो गया।

उज्ज्वला योजना ने बदली द्रोपदी यादव की रसोई और जिंदगी

स्वच्छ ईंधन से मिली राहत, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत रायपुर बेमेतरा जिला के ग्राम देवरबीजा निवासी द्रोपदी यादव के जीवन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने एक सकारात्मक बदलाव ला दिया है। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत उन्हें निःशुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन प्राप्त हुआ, जिससे वर्षों से धुएँ से भरे परंपरागत चूल्हे पर खाना पकाने की मजबूरी समाप्त हो गई। गैस कनेक्शन मिलने के बाद द्रोपदी यादव और उनके परिवार को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक ईंधन उपलब्ध हुआ है। इससे न केवल रसोई का वातावरण स्वच्छ हुआ, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, समय और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अब उन्हें लकड़ी, कोयला या उपलों की व्यवस्था के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ता, जिससे उनका दैनिक जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सुरक्षित हो गया है। गैस कनेक्शन मिलने पर द्रोपदी यादव ने भावुक होते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना ने मेरी रसोई के साथ-साथ मेरी जिंदगी भी बदल दी है। अब धुएँ से आँखों में जलन और खांसी जैसी समस्याएँ नहीं होतीं। समय की बचत हो रही है, जिसे मैं अपने परिवार और बच्चों के साथ बिता पा रही हूँ। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए राज्य शासन एवं केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराकर उन्हें धुएँ से होने वाली बीमारियों से बचाना और जीवन को सहज बनाना है। इस योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने से द्रोपदी यादव जैसी अनेक महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है। ग्राम देवरबीजा में द्रोपदी यादव को गैस कनेक्शन मिलने के बाद अन्य ग्रामीण महिलाओं में भी योजना के प्रति जागरूकता और उत्साह देखा जा रहा है। महिलाएँ आगे बढ़कर आवेदन कर रही हैं और योजना का लाभ ले रही हैं। द्रोपदी यादव की यह कहानी उज्ज्वला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है।

इंडिया आकर सीधे वृंदावन पहुंचे विराट कोहली और अनुष्का शर्मा, प्रेमानंद महाराज जी से की मुलाकात

नई दिल्ली   भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा का वृंदावन में आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने देश भर के फैंस का ध्यान खींचा है। यह कपल जो अपनी गहरी आध्यात्मिक आस्था के लिए जाना जाता है, पवित्र शहर में प्रार्थना और ध्यान करने के लिए गए थे।   वीडियो में, विराट कोहली और अनुष्का शर्मा विनम्रता से प्रेमानंद महाराज को प्रणाम करते और ध्यान से उनकी बातें सुनते हुए दिख रहे हैं, जब वे उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं। सादे कपड़े पहने हुए इस कपल ने इस यात्रा के दौरान लो प्रोफाइल बनाए रखा, जो शांति और भक्ति की भावना को दिखाता है।  वीडियो में उन्हें सम्मानपूर्वक बैठे हुए, वृंदावन के आध्यात्मिक माहौल में डूबे हुए देखा गया जो भगवान कृष्ण से जुड़ा एक पवित्र स्थान है। ग्लोबल फेम के बावजूद आध्यात्म को अपनाने के लिए इस कपल की खूब तारीफ हो रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके ज़मीन से जुड़े स्वभाव और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान की तारीफ़ करने वाले मैसेज भर गए। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा पहले भी आध्यात्म और माइंडफुलनेस के महत्व के बारे में बात कर चुके हैं, और अक्सर आश्रमों और आध्यात्मिक गुरुओं के पास जाते रहते हैं। वृंदावन की उनकी यात्रा ने एक बार फिर उनकी ज़िंदगी के इस पहलू को उजागर किया, जिससे फैंस को उनकी पर्सनल मान्यताओं की झलक मिली जो लाइमलाइट से परे उनकी यात्रा को आकार देने में मदद करती हैं।  

वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर: पंजाब में इन गाड़ियों पर होने जा रही कड़ी कार्रवाई

लुधियाना पंजाब में चल रहे मॉडिफाई वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी के तहत लुधियाना शहर में चल रहे मॉडिफाई वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस लगातार सख्ती दिखा रही है। मॉडिफाई वाहनों के लगातार चालान किए जा रहे हैं। इस संबंधी हाईकोर्ट द्वारा भी निर्देश जारी किए गए थे जिसके बाद से पूरे पंजाब में मॉडिफाई वाहनों के खिलाफ एक अभियान छोड़ा गया। इसी कड़ी में लुधियाना में जोन 3 के इंचार्ज अवतार सिंह संधू की टीम ने ऐसे कई मॉडिफाई वाहनों के चालान किए हैं जिनके साइलैंसर बदले गए थे। साइलैंसर बदलने से मोटरसाइकिल या अन्य वाहन की आवाज बदल जाती है जो दूसरे वाहन चालकों या राहगीरों को परेशान करती है। जिसके चलते मॉडिफाई वाहनों के चालान किए गए हैं। संधू ने बताया कि ए.सी.पी. ट्रैफिक जतिन बांसल के निर्देशों पर यह कार्रवाई शुरू की गई है जो आगे भी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने वाहन चालकों को चेतावनी दी है कि अपने वाहनों की बॉडी या साइलैंसर के साथ छेड़छाड़ बिल्कुल न करें अन्यथा ट्रैफिक पुलिस द्वारा सख्त एक्शन लिया जाएगा।  

रॉब रेनर का बेटा निक गिरफ्तार, घर में मिली डायरेक्टर रॉब और उनकी पत्नी की लाश

लॉस एंजिल्स हॉलीवुड से एक बेहद चौंका देने वाली खबर सामने आई कि अमेरिकी फिल्ममेकर रॉब रेनर और उनकी वाइफ मिशेल सिंगर रेनर लॉस एंजिल्स स्थित अपने घर में मृत पाए गए। उनके बेटे निक रेनर को उनकी कथित हत्या के संदिग्धों में से एक माना जा रहा था। अब खबरों के अनुसार उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। 'पेज सिक्स' ने बताया कि रॉब रेनर के बेटे निक को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद टीएमजेड की रिपोर्ट के अनुसार बताया गया कि निक को फिलहाल लॉस एंजिल्स काउंटी शेरिफ डिपार्टमेंट ने हिरासत में रखा है। उनकी जमानत राशि 40 लाख अमेरिकी डॉलर तय की गई है। खबरों के मुताबिक, निक को रविवार रात को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, इसको लेकर ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है। रॉब रेनर के परिवार का बयान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रॉब और उनकी वाइफ मिशेल के शरीर पर चाकू से वार किए गए थे। उनके परिवार ने बयान जारी करके कहा, 'हम अत्यंत दुख के साथ मिशेल और रॉब रेनर के निधन की दुखद खबर दे रहे हैं। इस अचानक हुई क्षति से हम पूरी तरह टूट चुके हैं। इस बेहद कठिन समय में हम प्राइवेसी बनाए रखने का अनुरोध करते हैं।' रॉब रेनर कौन थे? रॉब रेनर हॉलीवुड के सबसे फेमस फिल्म निर्माताओं में से एक थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1984 में रिलीज हुई फिल्म 'दिस इज स्पाइनल टैप' से की थी। बाद में उन्होंने 'व्हेन हैरी मेट सैली', 'मिजरी', 'ए फ्यू गुड मेन', 'द अमेरिकन प्रेसिडेंट' और अन्य कई फेमस फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी आखिरी फिल्म 'स्पाइनल टैप II: द एंड कंटिन्यूज' थी, जो इस साल सितंबर में रिलीज हुई थी। रॉब रेनर की हुई थी दो शादियां रॉब ने 1971 में एक्ट्रेस पेनी मार्शल से शादी की, लेकिन 1981 में उनका तलाक हो गया। बाद में 1989 में उन्होंने मिशेल सिंगर से शादी की, जिनसे उनके तीन बच्चे हुए – दो बेटे, जैक और निक, और एक बेटी, रोमी। निक की गिरफ्तारी की खबर है, लेकिन ये खुलासा नहीं हो पाया है कि उन्होंने अपने पैरेंट्स को क्यों मारा।

सीएम योगी आदित्यनाथ का विजन होगा साकार, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा यूपी के रेशम उद्योग की पहचान

 लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सॉइल टू सिल्क के विजन को साकार करने के उद्देश्य से रेशम निदेशालय, यूपी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कर रहा है। 75 लाख रुपये की लागत से रेशम निदेशालय के ऑफिस परिसर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है, जो इस माह के अंत तक पूरा हो जाएगा। रेशम निदेशालय का ये अनूठा प्रयास प्रदेश के पारंपरिक सिल्क उत्पाद को वैश्विक पहचान दिलाएगा, साथ ही रोजगार के नये अवसर भी पैदा करेगा। रेशम निदेशालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जो उत्तर प्रदेश के रेशम उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह सेंटर रेशम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया 'सॉइल टू सिल्क' को जीवंत रूप से प्रदर्शित करेगा, जहां किसानों से कारीगर तक की यात्रा को दर्शाया जाएगा। किस प्रकार मलबरी और टसर सिल्क के लिए रेशम के कीड़े शहतूत और अर्जुन के पेड़ों पर पाले जाते हैं।‌ उनके कोकून से रेशम निकाल कर धागा बनाना और धागों से हथकरघा और पॉवरलूम पर रेशम की कताई का काम किया जाता है। साथ ही सेंटर पर प्रदेश के उत्कृष्ट रेशम उत्पादों की बिक्री भी की जाएगी, जो अभी तक एक्सपोर्ट के माध्यम से अधिकतर विदेशों में भेजा जाता था। रेशम निदेशालय के असिस्टेंट डायरेक्टर नीरेंद्र कुमार और आशुतोष ने बताया कि यहां प्रदेश के उत्कृष्ट सिल्क उत्पाद, जैसे वाराणसी की साड़ी और भदोही का ब्रोकेड, मिर्जापुर का टसर सिल्क उत्पाद और अन्य जिलों के हैंडलूम वस्त्रों का आकर्षक डिस्प्ले किया जाएगा। इसके साथ एक बिक्री केंद्र भी स्थापित किया जाएगा, जहां पर्यटक और खरीदार सीधे स्थानीय कारीगरों के उत्पाद खरीद सकेंगे। एक चेंजिंग रूम का भी निर्माण किया जा रहा है, जो जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इससे न केवल रेशम उद्योग को आर्थिक मजबूती मिलेगी, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति प्राप्त होगी। यह सेंटर आधुनिक तकनीक से लैस होगा, जिसमें इंटरएक्टिव डिस्प्ले, वर्कशॉप और ट्रेनिंग सेंटर शामिल होंगे। किसानों को रेशम कीट पालन से लेकर प्रोसेसिंग तक की वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध होगी। उत्तर प्रदेश रेशम उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है,  लेकिन स्थानीय चुनौतियों,  मार्केटिंग की कमी और जागरूकता के अभाव के कारण कारीगरों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा। यहां  पर्यटकों के लिए गाइडेड टूर और वर्कशॉप भी आयोजित की जाएंगी, जो युवाओं को इस क्षेत्र में रुचि जगाएंगे। इस पहल से न केवल रोजगार सृजन होगा, साथ ही प्रदेश के परंपरागत उद्यम और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

नेशनल हाईवे के किनारे बनेगा महिला मार्केट प्लेस, गो-उत्पादों की होगी सीधी बिक्री

  गो सेवा, नवाचार और रोजगार का संगम जो गोशालाएं पहले की सरकारों में बोझ मानी जाती थीं, वे अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर इकाइयां बन रही हैं गोबर से ‘गो-कास्ट’ और वर्मी कम्पोस्ट, महिलाओं की आय बढ़ाने की पहल स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिलेगा रोजगार, हर माह होगी कमाई लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी गो-कल्याण योजना अब केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि नवाचार और महिला सशक्तिकरण का मजबूत मॉडल बनकर उभर रही है। एटा जनपद की मलावन गोशाला में शुरू हुई यह पहल प्रदेश में आत्मनिर्भर गोशालाओं की नई तस्वीर पेश कर रही है। जो गोशालाएं पहले की सरकारों में बोझ मानी जाती थीं, वे अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर इकाइयां बन रही हैं। यहां गो माता को ठंड से बचाने के लिए फूस और टाट की बोरी से तैयार विशेष प्रकार के ‘इको-थर्मल कंबल’ बनाए जा रहे हैं। ये कंबल न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि कम लागत में तैयार होकर गो संरक्षण को भी मजबूती दे रहे हैं। इसके साथ ही गोशाला में बर्मी कम्पोस्ट और गोबर से ‘गो-कास्ट’ जैसे नवाचारी उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं, जिसकी बाजार में जबरदस्त डिमांड है। गोबर से अगरबत्ती, धूपबत्ती, मोमेंटो और गमले बनाने के लिए 30 सखी दीदियां तैयार एटा के मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने इस मॉडल को गो-कल्याण, पुनर्चक्रण और ग्रामीण आजीविका का उत्कृष्ट संयोजन बताया। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह के नेतृत्व में गोशाला को आय का बेहतर श्रोत बनाया जा रहा है। जो गोशालाएं पहले बोझ मानी जाती थीं, वे अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर इकाइयां बन रही हैं। सीडीओ डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि कार्ययोजना के तहत प्रशिक्षण देकर 30 सखी दीदियों को तैयार किया जा रहा है, जो गोबर से अगरबत्ती, धूपबत्ती, मोमेंटो और गमले जैसे उत्पाद बनाएंगी। इसके अलावा मलावन राष्ट्रीय राजमार्ग के पास एक स्थायी मार्केट प्लेस विकसित किया जाएगा, जहां गो आधारित उत्पादों की सीधी बिक्री होगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हर माह निश्चित आय अर्जित कर सकेंगी इस पहल का सबसे प्रभावशाली पक्ष यह है कि इससे स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हर माह निश्चित आय अर्जित कर सकेंगी। महिलाओं ने बताया कि वे आगे भी गोशाला संचालन, स्वच्छता, पोषण प्रबंधन और उत्पाद निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हुए इसे आत्मनिर्भर गोशाला मॉडल के रूप में विकसित करती रहेंगी। योगी सरकार की योजना से साफ है कि गोसेवा और रोजगार साथ-साथ चल सकते हैं। नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के जरिए प्रदेश की गोशालाएं अब बोझ नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बनती जा रही हैं।

मौसम का मिज़ाज बदला: IMD ने इन इलाकों के लिए जारी किया अलर्ट, कोहरे का कहर जारी

पटना  बिहार के कई जिलों में शीतलहर तेज हो गई है, जिसके चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों के लिए राज्य में अलर्ट (IMD Alert) जारी किया है।  वहीं आज और कल रात और सुबह के समय कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में दिन और रात दोनों (Kal Ka Mausam Kaisa Rahega) का तापमान और गिरने की उम्मीद है। 22 दिसंबर के बाद, बिहार के कुछ हिस्सों में गंभीर शीतलहर (Cold Wave)की स्थिति हो सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।  पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि मौजूदा मौसम का पैटर्न बने रहने की उम्मीद है, जिसमें सुबह और शाम के समय ठंड सबसे ज़्यादा महसूस होगी। हालांकि दिन का तापमान अपेक्षाकृत हल्का रह सकता है, लेकिन कुल मिलाकर ठंड (Kal Ka Mausam Kaisa Rahega) बढ़ने वाली है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर सुबह के समय, और बदलते मौसम को देखते हुए बाहरी गतिविधियों की योजना बनाने को कहा गया है। पूर्वानुमान के अनुसार, आज और कल रात और सुबह के समय कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, रोहतास, मधुबनी, किशनगंज, जमुई, बांका और भागलपुर शामिल हैं। दक्षिण बिहार में कोहरे और ठंड का असर ज़्यादा होने की उम्मीद है, जहां ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है।  ठंड के साथ घने कोहरे की भी चेतावनी   मौसम विभाग ने पटना सहित कई जिलों में सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे की भी चेतावनी दी है। हालांकि दिन में थोड़ी देर के लिए धूप निकल सकती है, लेकिन इससे ज़्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। IMD ने कहा कि 22 दिसंबर के बाद, कुछ जिलों में 'ठंडे दिन' की स्थिति देखी जा सकती है, जब अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम रहेगा। सारण, भागलपुर, बक्सर, गया, पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।  अधिकांश हिस्सों में शुष्क रहेगा मौसम  बुजुर्गों, बच्चों और अन्य कमजोर समूहों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है, हालांकि अगले दो दिनों में बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद सहित जिलों में 30 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं चलने की संभावना है। अगले तीन दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। दिन का तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि रात का तापमान 8 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।