samacharsecretary.com

18 दिसंबर का राशिफल: जानें किस राशि पर होगी भाग्य की मेहर

मेष 18 दिसंबर का दिन बदलाव लेकर आया है, जिससे फैसले लेने और रिश्तों को मजबूत करने का मौका मिलता है। घर पर या दोस्तों के साथ सवालों का सामना करते समय खुद पर भरोसा करें। सावधान रहें, शांत प्रतिक्रियाएं चुनें और मार्गदर्शन लें। वृषभ 18 दिसंबर के दिन फालतू खरीदारी से बचें। आज आप ऊर्जावान महसूस करेंगे और आत्मविश्वास के साथ नई परियोजनाओं को शुरू करने के लिए तैयार होंगे। दोस्तों के साथ सहयोग से प्रेरणा और रचनात्मकता में वृद्धि हो सकती है। मिथुन 18 दिसंबर के दिन आप दृढ़ संकल्प और धैर्य के साथ अपने लक्ष्यों की ओर लगातार आगे बढ़ेंगे। कार्यों में छोटी-छोटी सफलताएं आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएंगी और संतुलन बनाए रखने में मदद करेंगी। धन को मैनेज करने से आप सुरक्षित महसूस करेंगे। कर्क 18 दिसंबर के दिन छोटी-छोटी उपलब्धियों की तारीफ करने और अपने आस-पास के लोगों के साथ फीलिंग्स शेयर करने के लिए समय निकालें। शांत दृष्टिकोण पेशेवर क्षेत्रों में प्रगति को सपोर्ट करेगा। फालतू खरीदारी से बचें। सिंह 18 दिसंबर के दिन क्लियर कम्युनिकेशन और सम्मान को महत्व दें। आपका स्वभाव आज के काम में ध्यान बढ़ाने के साथ आपका मार्गदर्शन करेगा। आप ऐसे आसान सॉल्यूशन खोज सकते हैं, जो आपकी दिनचर्या को बेहतर बनाते हैं। कन्या 18 दिसंबर के दिन टीम वर्क से महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। थकान से बचने के लिए जरूरत पड़ने पर आराम करें और क्लियर सोच बनाए रखें। आज आपके दिमाग में नए-नए विचार और सवाल उमड़ रहे हैं। तुला 18 दिसंबर के दिन अगर आप निवेश करना चाहते हैं, तो निवेश करने से पहले अपने विकल्पों पर रिसर्च करें। आपका विश्वसनीय दृष्टिकोण सीनियर्स और सहकर्मियों को प्रभावित करता है। प्रोटीन युक्त पौष्टिक भोजन खाएं। वृश्चिक 18 दिसंबर के दिन आज प्यार का माहौल रहेगा। आप क्लियर कम्युनिकेशन और सम्मान को महत्व देते हैं। अगर आप सिंगल हैं, तो किसी परिचित व्यक्ति के साथ बातचीत कुछ खास हो सकती है। रिश्ते में, सरल इशारे आपके कनेक्शन को गहरा करेंगे। धनु 18 दिसंबर के दिन साथ में टहलने या डिनर डेट करने जैसी रोमांटिक एक्टिविटी साझा करना आपके इमोशनल कनेक्शन को मजबूत करेगा। आप काम में लगातार प्रगति कर रहे हैं। खर्चों पर गौर करने से आपको सेविंग्स करने में मदद मिलती है। मकर 18 दिसंबर के दिन आप बातचीत और पढ़ने के जरिए ज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं। जिज्ञासा रचनात्मकता को बढ़ावा देती है और आपको जल्दी सीखने में मदद करती है। स्ट्रेचिंग या योग जैसी हल्की एक्सरसाइज करें। कुंभ 18 दिसंबर के दिन आज आपकी एनर्जी शांत रहेगी। सुनना और छोटे-छोटे कार्यों के लिए तारीफ दिखाना पार्टनर को करीब लाएगा। पिछली समस्याओं पर फोकस करने से बचें और इसके बजाय विश्वास बनाने पर ध्यान दें। संभालकर खर्च करें। मीन 18 दिसंबर के दिन आपका जिज्ञासु स्वभाव आपको नए टॉपिक की खोज करने और बातचीत करने के लिए मोटिवेट करता है। आप जानकारी को अच्छी तरह इस्तेमाल करेंगे। दूसरों के साथ विचारों को साझा करने के लिए तैयार रहें।

व्यावसायिक शिक्षा को बनाया गया छात्रों के व्यावहारिक कौशल के हिसाब से

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह का वक्तव्य भोपाल  स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न-2047 की ओर बढ़ते हुए देश के अनुरूप मध्यप्रदेश को भी विकास की गति दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश के सपने को साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में कक्षा-5वीं तक मातृभाषा पर जोर दिया गया है और व्यावसायिक शिक्षा को छात्रों के व्यावहारिक कौशल के हिसाब से बनाया गया है। प्रदेश में तकनीकी आधारित शिक्षा में प्रौद्योगिक डिजिटल शिक्षा को महत्व दिया गया है। मंत्री श्री सिंह बुधवार को विधानसभा में विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। अतीत की चर्चा करते हुए मंत्री श्री सिंह ने बताया कि राज्य की स्थापना के समय साक्षरता दर 21.41 प्रतिशत हुआ करती थी, जो आज लगभग 75 प्रतिशत तक पहुँच गई है। यह किसी एक योजना के कारण नहीं, बल्कि पूर्ववर्ती सरकारों के लगातार शिक्षा गुणवत्ता में सुधार, निवेश और प्रतिबद्धता का स्पष्ट उदाहरण है। स्कूल शिक्षा विभाग स्कूल शिक्षा मंत्री ने सदन में जानकारी दी कि प्रदेश में वर्ष 2003-04 में 4495 हाई स्कूल और 4211 हायर सेकेण्डरी स्कूल थे, जिनमें कक्षा-9 से 12 तक 18 लाख 79 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत थे। आज वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 22.56 लाख हो चुकी है। पिछले दो दशकों में 4670 माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में तथा 1991 हाई स्कूलों को हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किया गया है। नि:शुल्क साइकिल योजना में वर्ष 2004-05 में लाभार्थियों की संख्या 34 हजार से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 4 लाख 90 हो गई है। लैपटॉप योजना में वर्ष 2009-10 में लाभार्थी 473 से बढ़कर आज 94 हजार 300 हो गये हैं। नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकों के वितरण में लाभार्थी एक लाख 20 हजार हुआ करते थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 21 लाख 70 हजार हो गयी है। मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में वर्ष 2022-23 में 7832 विद्यार्थियों को लाभ दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है। समग्र आईडी के माध्यम से 90 प्रतिशत बच्चों की ट्रेकिंग पूर्ण की जा चुकी है। बच्चों को दी जाने वाली सुविधाएँ स्कूल के सत्र शुरू होने के साथ ही दिये जाने के प्रयास किये गये हैं। प्रदेश में 30 हजार 281 शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। स्कूलों में 76,325 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। विभाग ने पहली बार 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों का तर्कसंगत स्थानांतरण किया है। प्रदेश में बोर्ड परीक्षा परिणामों में भी सुधार हुआ है। कक्षा-10 का उत्तीर्ण प्रतिशत 56 प्रतिशत से बढ़कर 74.56 प्रतिशत तथा कक्षा-12 का 63 प्रतिशत से बढ़कर 76.22 प्रतिशत हो गया है। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम में 42 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध 62 लाख 80 हजार को साक्षर करने की उपलब्धि प्राप्त की गयी है। कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में इस बार आईटीआई में 94.5 प्रतिशत एडमिशन हुआ है, जिसमें पिछले वर्ष से 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इन संस्थानों में प्रशिक्षण पाने वाली महिलाओं की संख्या 12179 हो गयी है। प्रदेश के आईटीआई में 8 राज्यों के विद्यार्थियों ने भी प्रवेश लिया है। उन्होंने बताया कि 20 वर्षों में प्रदेश में सरकारी आईटीआई की संख्या 133 से बढ़कर 290 हो गयी है। सीटों की संख्या भी बढ़कर 52 हजार 248 हो गयी है। आईटीआई में एक लाख बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि डिप्लोमा पाठ्यक्रम को कक्षा-12वीं के समतुल्य घोषित किये जाने से शैक्षणिक सत्र वर्ष 2025-26 में पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के प्रवेश में 21.38 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गयी है। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में वर्ष 2024-25 में 78 हजार 218 मेधावी विद्यार्थियों को 750 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गयी है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है। उच्च शिक्षा वह शक्ति है, जो युवाओं को केवल रोजगार नहीं, बल्कि दृष्टि, दिशा और नेतृत्व प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में गुना, खरगौन और सागर जैसे क्षेत्रों में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई है। इन विश्वविद्यालयों ने जनजातीय ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं के लिये उच्च शिक्षा के नये द्वार खोले हैं। पिछले 2 वर्षों में उच्च शिक्षा के लिये 1150 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की परिकल्पना ने प्रत्येक जिले में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को सुलभ बनाया है। नवाचार और अनुसंधान से हमारे महाविद्यालय केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले संस्थान बनते जा रहे हैं। प्रदेश के कॉलेजों में डिजिटल शिक्षा और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। छात्राओं के लिये गाँव की बेटी और प्रतिभा किरण जैसी योजनाएँ हमारी सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि आने वाले 3 वर्षों में उच्च शिक्षा में डिजिटल शिक्षा का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन किया जायेगा। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आईआईटी नई दिल्ली से टायअप कर प्लेसमेंट किया जा रहा है। आईआईटी बॉम्बे से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एमओयू किया जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग नई शिक्षा नीति के द्वितीय चरण में काम कर रहा है, जो ऐतिहासिक उपलब्धि है।  

ढाका में सुरक्षा संकट: भारत ने वीजा सेवाएं रोकीं, एमईए ने बांग्लादेश से मांगा जवाब

नई दिल्ली भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को भारत में बांग्लादेश के हाई कमिश्नर रियाज हमीदुल्लाह को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में बिगड़ते सुरक्षा माहौल पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया, जिसमें कुछ कट्टरपंथी लोगों की तरफ से बांग्लादेश में भारतीय हाई कमीशन के आसपास कुछ चिंताजनक हालात पैदा करने की बात कही गई। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, बांग्लादेश के ढाका में स्थित भारतीय वीजा ऑफिस के बंद होने की जानकारी दी गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेशी राजदूत का ध्यान खासतौर पर उन कट्टरपंथी लोगों की गतिविधियों की ओर दिलाया, जिन्होंने ढाका में भारतीय मिशन के आसपास सुरक्षा को लेकर अप्रिय स्थिति बनाने की योजना की घोषणा की है। इसके अलावा, भारत ने बांग्लादेश में हाल की कुछ घटनाओं के बारे में कट्टरपंथी लोगों द्वारा बनाई जा रही झूठी कहानी को पूरी तरह से खारिज कर दिया। एमईए ने चिंता जताई कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने न तो पूरी जांच की है और न ही घटनाओं के बारे में भारत के साथ कोई काम के सबूत साझा किए हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "भारत के बांग्लादेश के लोगों के साथ करीबी और दोस्ताना रिश्ते हैं, जो आजादी की लड़ाई से जुड़े हैं। हम बांग्लादेश में शांति और स्थिरता के पक्ष में हैं। हमने लगातार शांतिपूर्ण माहौल में स्वतंत्र, निष्पक्ष, सबको साथ लेकर चलने वाले और भरोसेमंद चुनाव कराने की मांग की है।" भारत ने यूनुस की अंतरिम सरकार से कहा कि वह अपनी कूटनीतिक जिम्मेदारियों के हिसाब से बांग्लादेश में भारतीय मिशन और पोस्ट की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इससे पहले रविवार को, भारत ने यूनुस सरकार के दावों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसने पड़ोसी देश में शांतिपूर्ण माहौल में निष्पक्ष, स्वतंत्र, सबको साथ लेकर चलने वाले और भरोसेमंद चुनाव कराने का लगातार समर्थन किया है। भारत की ओर से यह टिप्पणी शेख हसीना के हालिया बयान को लेकर बांग्लादेश में भारतीय राजदूत को तलब किए जाने के बाद आई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने कभी भी अपनी जमीन का इस्तेमाल बांग्लादेश के लोगों के हितों के खिलाफ कामों के लिए नहीं होने दिया है। भारत बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के 14 दिसंबर 2025 के प्रेस नोट में किए गए दावों को पूरी तरह से खारिज करता है। हम उम्मीद करते हैं कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अंदरूनी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी, जिसमें शांतिपूर्ण चुनाव कराना भी शामिल है।

आई पेरियासामी की याचिका खारिज, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मद्रास हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

चेन्नई मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु के ग्रामीण विकास मंत्री आई. पेरियासामी और उनके परिवार के सदस्यों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय एजेंसी को सुने बिना और उसका पक्ष आए बिना किसी प्रकार की अंतरिम सुरक्षा नहीं दी जा सकती। मुख्य न्यायाधीश मनींद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की प्रथम खंडपीठ ने कहा कि ईडी को नोटिस जारी किए बिना और उसे जवाब दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय दिए बिना याचिकाकर्ताओं को कोई राहत नहीं दी जा सकती। अदालत ने ईडी के विशेष लोक अभियोजक आर. सिद्धार्थन को एजेंसी की ओर से नोटिस स्वीकार करने की अनुमति दी और ईडी को निर्देश दिया कि वह इस मामले में दायर सभी रिट याचिकाओं पर 5 जनवरी 2026 तक विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करे। यह याचिकाएं मंत्री आई. पेरियासामी, उनके पुत्र आई.पी. सेंथिलकुमार और पुत्री पी. इंदिरा द्वारा दायर की गई हैं, जिनमें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत उनके खिलाफ दर्ज प्रवर्तन केस सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को चुनौती दी गई है। यह ईसीआईआर राज्य पुलिस द्वारा पहले दर्ज एक अनुपातहीन संपत्ति मामले के आधार पर दर्ज की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने ईसीआईआर और उससे जुड़े सभी कार्रवाई को रद्द करने की मांग करते हुए दलील दी कि मौजूदा परिस्थितियों में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित एक विशेष अदालत ने पहले मंत्री को डीवीएसी द्वारा दर्ज मूल (प्रेडिकेट) अपराध से बरी कर दिया था। हालांकि, उस बरी किए जाने के आदेश को बाद में वर्ष 2025 में मद्रास हाईकोर्ट ने पलट दिया। इसके बाद पेरियासामी ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां से उन्हें अंतरिम राहत मिली और आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी गई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम सुरक्षा का हवाला देते हुए मंत्री और उनके परिवार ने तर्क दिया कि चूंकि ईडी की कार्यवाही मूल अपराध पर निर्भर है, इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच आगे नहीं बढ़नी चाहिए और तत्काल राहत दी जानी चाहिए। हालांकि, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस स्तर पर कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार करते हुए कहा कि पहले ईडी को सुना जाना आवश्यक है। मामले की अगली सुनवाई ईडी द्वारा जवाब दाखिल करने के बाद होगी।

हरियाणा के लिए राहत भरी खबर: लिंगानुपात में सुधार, सरकार ने रखा 920 का लक्ष्य

चंडीगढ़ हरियाणा में लिंगानुपात में निरंतर सुधार हो रहा है। पिछले साल 15 नवंबर को जहां लिंगानुपात 907 था, वहीं इस बार नौ अंक के सुधार के साथ यह 916 तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने अधिकारियों को 31 दिसंबर तक लिंगानुपात 920 तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया है।  लिंगानुपात में सुधार के लिए गठित स्टेट टास्क फोर्स की साप्ताहिक बैठक में मंगलवार को स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि शहरों एवं कस्बों में माइग्रेटिड पापुलेशन वाले एरिया में सभी नवजात बच्चों का जन्म पंजीकरण करना सुनिश्चित करें। जिन स्लम क्षेत्रों में नवजात बच्चों का जन्म पंजीकरण कम है, उनमे कैंप लगाकर या लोगों को जागरूक करके जन्म पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें ताकि सरकार की तरफ से उन परिवारों को दी जाने वाली सुविधाओं को समय पर पहुंचाया जा सके।    

रेलवे का बड़ा निर्णय, ट्रेन में सफर करने वालों पर पड़ेगा सीधा असर

जालंधर एक रेलवे स्टेशन पर फर्जी अनारक्षित टिकट में बदलाव कर धोखाधड़ी का प्रयास करने का मामला सामने आया था जिसके बाद रेलवे द्वारा सर्तकता बढ़ाने का फैसला लिया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अनारक्षित रेल टिकटों में हेराफेरी की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से विशेष टिकट चैकिंग अभियान शुरू किया गया है। डी.आर.एम. संजीव कुमार के दिशा-निर्देशों पर चैकिंग स्टॉफ को सर्तकता अपनाने को कहा गया। इन निर्देशों के अनुसार टिकट जांच कर्मचारियों को अनारक्षित टिकटों की गहन जांच करने और ऐसे मामलों की पहचान करने को कहा गया है, जिनमें यात्री संख्या में परिवर्तन करना, एक ही टिकट का एक से अधिक बार उपयोग करना अथवा किसी अन्य प्रकार की धोखाधड़ी शामिल हो। अधिकारियों ने कहा कि अभियान के दौरान टिकटों की सख्ती से जांच की जा रही है। प्रमुख ट्रेनों, स्टेशनों में चल रही चैकिंग के दौरान सभी टिकट जांच कर्मचारियों को प्रत्येक अनारक्षित टिकट की गहन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह विशेष टिकट जांच सीनियर अधिकारियों की अध्यक्षता में संचालित किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि अनारक्षित टिकटों में हेराफेरी रोकने के लिए यह सघन जांच अभियान शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों के हितों की रक्षा करना, रेलवे राजस्व की सुरक्षा करना तथा रेलवे व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रदेश में पशुधन विकास की अपार संभावनाएं मौजूद

हिरण्यगर्भा अभियान से नस्ल सुधार और टीकाकरण में मध्यप्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में पशुधन विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इन संभावनाओं को एक्सप्लोर करने के लिए पशुओं का नस्ल सुधार एक सशक्त माध्यम है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर हिरण्यगर्भा अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश में अगले पांच सालों में कृत्रिम गर्भाधान (आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन) का कवरेज 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत चालू वित्त वर्ष में कुल मादा पशुओं में से 28.04 लाख (लगभग 33 प्रतिशत) गौवंशीय एवं भैंस वंशीय पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अप्रैल से नवम्बर 2025 के बीच प्रदेश में 11.76 लाख से अधिक पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराकर उल्लेखनीय प्रगति हासिल की गई है। मध्यप्रदेश में पशुपालन को लाभ का व्यवसाय बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में हिरण्यगर्भा अभियान एक प्रभावशाली पहल बनकर उभरा है। हाल ही में हुई 20वीं पशु संगणना के अनुसार प्रदेश में कुल 290.57 लाख से अधिक गौवंशीय एवं भैंस वंशीय पशु उपलब्ध हैं। इनमें से 77.18 लाख पशु (लगभग 27 प्रतिशत) उन्नत नस्ल के हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पशुधन विकास की केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका में है। नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनएडीसीपी) के अंतर्गत फुट-एंड-माउथ-डिजीज (एफएमडी) टीकाकरण चलाया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में हुए चौथे और पाचवें चरण में मध्यप्रदेश ने देश में सर्वाधिक पशुओं का टीकाकरण कर इसे ऑनलाइन दर्ज किया। वर्तमान में प्रदेश में इसका छठवां चरण संचालित है, जिसमें अब तक 154.16 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अलावा राष्ट्रीय पशुधन मिशन – उद्यमिता विकास कार्यक्रम के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान पाकर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि पशु नस्ल सुधार के लिए चलाए जा रहे हिरण्यगर्भा अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसके अंतर्गत प्रदेश की 691 चयनित गौशालाओं में उपलब्ध प्रजनन योग्य गौवंश में भी कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। इससे गौवंश की नस्ल/गुणवत्ता में तो सुधार होगा ही, गौशालाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। संचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बताया कि पशुपालकों के द्वार पर कृत्रिम गर्भाधान की घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराने और ग्रामीण शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार देने की मंशा से वर्ष 2014-15 से हर पंचायत में बहुउद्देशीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता (मैत्री) तैयार किए जा रहे हैं। वर्तमान वित्त वर्ष में 2399 मैत्री कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही, ऐसे मैत्री जो किसी कारणवश निष्क्रिय हो गए थे, उन्हें भी पुनः सक्रिय करने के लिए रि-फ्रेशर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक ऐसे 1227 मैत्री कार्यकर्त्ता प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। इस वित्त वर्ष में अब तक 1.28 लाख से अधिक पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हिरण्यगर्भा अभियान और केन्द्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश पशुधन विकास एवं नस्ल सुधार के क्षेत्र में आदर्श राज्य(इमर्जिंग स्टेट) के रूप में ख्याति प्राप्त कर रहा है। इससे पशुपालकों की दैनिक आय बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई मजबूती मिल रही है। पशुपालकों के जीवन में समृद्धि लाने के लिए विभाग द्वारा कई नवाचार भी किए जा रहे हैं।  

राष्ट्र नायकों को समर्पित ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का 25 दिसंबर को उद्घाटन, सीएम योगी ने किया स्थलीय निरीक्षण

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रेरणा के प्रतीक राष्ट्र नायकों डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन करेंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल का दौरा कर उद्घाटन समारोह की तैयारियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उद्घाटन समारोह के लिए हो रही तैयारियों, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में संज्ञान लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान एलडीए वीसी प्रथमेश‌ कुमार, लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत और सुरक्षा व्यवस्था देख रहे पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर उपस्थित रहे। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निरीक्षण के दौरान सीएम योगी ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने और दीवारों पर फेंसिंग को और ऊंचा करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्घाटन समारोह में किसी तरह की आवाजाही और ट्रैफिक की समस्या पैदा न हो इसके लिए चाक-चौबंद पार्किंग व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पार्किंग की संख्या और लोगों के आने-जाने के मार्गों पर डायवर्जन और साइनेज की व्यवस्था को जल्द ही पूरा करने को कहा। म्यूजियम परिसर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्यूरेशन और फिनिशिंग के कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान सीएम योगी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर हो रहे पेंटिंग के कार्य के बारे में भी संज्ञान लिया। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि पेंटिंग का कार्य दो दिन में पूरा हो जाएगा, और क्यूरेशन का कार्य उद्घाटन समारोह के दो दिन पूर्व पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लखनऊ नगर निगम उद्घाटन समारोह के दिन साफ-सफाई, अस्थायी टायलेट और पेयजल की व्यवस्था कर रहा है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान एलडीए वीसी ने उद्घाटन समारोह की सभी गतिविधियों से भी अवगत करवाया।  उन्होंने बताया कि उद्घाटन समारोह के दिन प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं का अनावरण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीयता की भावना के संचार के लिए तिरंगे गुब्बारे छोड़े जाएंगे। प्रतिमा अनावरण के बाद प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल में राष्ट्र नायकों को समर्पित म्युजियम का उद्घाटन करेंगे। यहां वो डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित गैलरियों और कोर्टयार्ड का अवलोकन करेंगे। पहली गैलरी के ओरियेंटेशन रूम में वीडियो और एवी के माध्यम से राष्ट्र नायकों के संक्षिप्त जीवन परिचय को दिखाया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री म्यूजियम परिसर में ही बने भारत माता कोर्टयार्ड, जन संघ के प्रतीक चिह्न दीपक कोर्टयार्ड, और सुदर्शन चक्र कोर्टयार्ड जाएंगे और राष्ट्र नायकों से जुड़ी हुई वस्तुओं का अवलोकन करने के लिए फर्स्ट फ्लोर पर बने कोर्टयार्ड जाएंगे। म्यूजियम से बाहर निकल कर प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल पर बने मंच से गणमान्य अतिथियों और उद्घाटन समारोह के साक्षी बनने वाले लाखों की संख्या में प्रत्यक्षदर्शियों को संबोधित करेंगे।

मोबाइल चोरों पर शिकंजा: नोएडा पुलिस ने स्नैचिंग गैंग तोड़ा, करोड़ों का माल जब्त

नोएडा नोएडा के फेस-1 थाने की पुलिस ने मोबाइल चोरी और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब दो करोड़ रुपए कीमत के 70 मोबाइल फोन, 28 आईपैड, एक टैबलेट, 265 मोबाइल फोन पार्ट्स, एक एप्पल टीवी डिवाइस और वारदात में प्रयुक्त एक स्कूटी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अब तक 500 से अधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है और दिल्ली-एनसीआर समेत कई जिलों में सक्रिय था।  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से सेक्टर-14 नोएडा क्षेत्र से चार आरोपी फिरोज, फरदीन, सलीम और दानिश को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं और लंबे समय से संगठित तरीके से मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की चोरी और स्नैचिंग की घटनाएं कर रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, मथुरा सहित अन्य जनपदों में भीड़-भाड़ वाले स्थानों को चिह्नित करते थे। विशेष रूप से धार्मिक कार्यक्रमों, जनसभाओं और मेलों में वे आम लोगों की तरह शामिल होकर मौके का फायदा उठाते थे। आरोपियों ने बताया कि शक से बचने के लिए वे अपनी पहचान बदल लेते थे और हिंदू नामों का प्रयोग करते थे, ताकि भीड़ में किसी को उन पर संदेह न हो।  इसी दौरान वे महंगे और ट्रेंड में चल रहे आईफोन, स्मार्टफोन और टैबलेट चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए मोबाइल फोन और उनके पार्ट्स को आरोपी 'ऑन डिमांड' सप्लाई करते थे। बाजार में जिन मॉडलों की ज्यादा मांग होती थी, उन्हीं डिवाइस को निशाना बनाकर वे चोरी करते और फिर अलग-अलग राज्यों में उनके पार्ट्स बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। पुलिस के अनुसार, बरामद इलेक्ट्रॉनिक सामान की अनुमानित कीमत लगभग दो करोड़ रुपए है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार चारों अभियुक्तों के खिलाफ दिल्ली और गौतमबुद्धनगर में पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, स्नैचिंग और अन्य संगीन धाराओं के मामले शामिल हैं। थाना फेस-1 पुलिस का कहना है कि आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है, जिससे गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के नेटवर्क का भी खुलासा होने की संभावना है। 

मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के संबंध में विधानसभा में चर्चा

मध्यप्रदेश के विकास में आलोचनाओं को नहीं, सुझाव को दें प्राथमिकता नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय का वक्तव्य भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को विधानसभा में एक दिन के विशेष सत्र में अपने वक्तव्य में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत-2047 के विकास का विजन दिया है। हमें विकसित मध्यप्रदेश @2047 को ध्यान में रखकर आलोचनाओं से हटकर प्रगति के सुझाव को प्राथमिकता देनी होगी। इसमें सदन के प्रत्येक सदस्य का सुझाव महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब भारत 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरा करेगा, तब इतिहास पूछेगा मध्यप्रदेश ने अपने हिस्से की जिम्मेदारी किस तरह से निभाई है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट, सिंहस्थ-2028 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश को आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये राम वन पथ गमन और श्रीकृष्ण पाथेय का विकास किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने आर्थिक विकास, पर्यटन, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार, सामाजिक कल्याण और सांस्कृतिक गौरव के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मध्यप्रदेश गठन का इतिहास मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि मध्यप्रदेश का जन्म एक विशिष्ट और असामान्य ऐतिहासिक संयोग का परिणाम था। इस क्षेत्र के निवासियों द्वारा कभी किसी पृथक मध्यप्रदेश राज्य की मांग नहीं की गई थी। स्वतंत्रता के बाद गठित राज्य पुनर्गठन आयोग मूलत: भाषायी आधार पर राज्यों के गठन की प्रक्रिया का कार्य कर रहा था, किन्तु मध्यप्रदेश का निर्माण भाषायी नहीं, बल्कि प्रशासनिक और भौगोलिक स्थिति के आधार पर हुआ है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बताया कि विंध्य प्रदेश, मध्य भारत, भोपाल रियासत और महाकौशल क्षेत्र का विलय हुआ। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से अवश्य पिछड़ा था, किन्तु केन्द्रीय स्तर पर राजनीतिक भागीदारी जरा भी कम नहीं थी। स्व. डॉ. शंकरदयाल शर्मा उप राष्ट्रपति और बाद में राष्ट्रपति बने। विकास यात्रा नगरीय विकास मंत्री श्री विजयवर्गीय ने प्रदेश की विकास यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 1956 में प्रति व्यक्ति आय मात्र 261 रुपये थी, जो आज बढ़कर एक लाख 50 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है। राज्य का बजट 1956 में 493 करोड़ रुपये का था, जो आज बढ़कर 4.21 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है। साक्षरता दर भी काफी बढ़ी है। यह आँकड़े हमारी विकास यात्रा को बताते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 के बाद मध्यप्रदेश के विकास को न केवल गति मिली, बल्कि उसे स्पष्ट दिशा और ठोस परिणाम भी प्राप्त हुए। आज राज्य में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क है। इस मामले में मध्यप्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य बन चुका है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में रीवा और ओंकारेश्वर जैसे प्रकल्पों ने सौर ऊर्जा में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश को 7 बार कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हुआ है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने पं. रविशंकर शुक्ल से लेकर अब तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में हुए उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी सदन को दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उल्लेखनीय कार्यों का ‍जिक्र करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बताया कि धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन हुआ है। इस परियोजना में 3 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा, 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2025 में उद्योग वर्ष के दौरान ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव, राष्ट्रीय इंटरेक्टिव सेशन और विदेश यात्राओं के माध्यम से मध्यप्रदेश को 32 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्राप्त हुए हैं। इन निवेशों से 23 लाख से अधिक रोजगार का सृजन होगा। विकास के अन्य कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा का भूमि-पूजन किया गया है। दो मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में इंदौर-उज्जैन और भोपाल क्षेत्र का विकास किया जायेगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की उपलब्धि की चर्चा करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बताया कि पिछले 2 वर्षों में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना में एक लाख 64 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। नागरिकों को 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की दिशा में ठोस कदम उठाये गये हैं। उन्होंने इंदौर को लगातार स्वच्छ शहर के रूप में देश में पहचान दिलाने का जिक्र भी किया। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बताया कि 32 वर्ष पुराने विवाद हुकुमचंद मिल के प्रकरण का समाधान किया गया। मिल के 6 हजार से अधिक मजदूर परिवारों को 250 करोड़ रुपये बकाया भुगतान किया गया। इंदौर शहर के मध्य 43 एकड़ भूमि का विकास कर निवेश को आकर्षित किया जायेगा।