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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनेक्सी में उच्चस्तरीय बैठक में की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों और वर्ष 2025-26 के बजट आवंटन व व्यय प्रगति की समीक्षा

वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, विभागीय कार्यों में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनेक्सी में उच्चस्तरीय बैठक में की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों और वर्ष 2025-26 के बजट आवंटन व व्यय प्रगति की समीक्षा 2016 में देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में 9 प्रतिशत से अधिक हो गई है 2016-17 में ₹12.5 लाख करोड़ थी प्रदेश की जीएसडीपी, 2024-25 में ₹29.78 लाख करोड़ हो गई और अब 2025-26 में ₹36 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान कृषि, ऊर्जा और उद्योग प्रदेश की आर्थिक वृद्धि के मुख्य स्तंभ बने पीएम कुसुम-सी और पीएमजेएवाई से ऊर्जा व स्वास्थ्य क्षेत्र को सीधा लाभ मासिक, पाक्षिक, साप्ताहिक समीक्षा व्यवस्था करें लागू, कार्यों में देरी पर सख्ती के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एनेक्सी में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों के बजट आवंटन एवं व्यय की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर हैं तथा इनमें और अधिक प्रगति की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इस दिशा में कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 29.78 लाख करोड़ रुपये है। वर्ष 2024-25 के अनुसार देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 9 प्रतिशत हो गया है, जबकि वर्ष 2022-23 में यह 8.6 प्रतिशत था। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में GSDP लक्ष्य का 93 प्रतिशत पहले ही प्राप्त किया जा चुका है। अब लगभग 42 लाख करोड़ रुपये के GSDP लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंत्रिगण वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से संबंधित विभागीय कार्यों की मासिक समीक्षा, मुख्य सचिव द्वारा पाक्षिक समीक्षा तथा अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/विभागाध्यक्ष द्वारा साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बैठकों में निर्धारित बिंदुओं की गुणवत्तापूर्ण समीक्षा हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों। साथ ही, सभी सक्षम अधिकारी फाइलों का समयबद्ध निस्तारण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों के कार्यों का रियल टाइम डेटा समय से अपलोड किया जाए तथा डेटा संकलन की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए। मंत्रिगण एवं विभागीय अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों से सतत संवाद बनाए रखें, ताकि केंद्रांश समय से प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवंटित बजट का समय से व्यय सुनिश्चित किया जाए। नियोजन विभाग को सभी विभागों का डेटा साप्ताहिक रूप से एकत्र करने हेतु एक मजबूत तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन में योगदान देता है। खाद्यान्न एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कृषि रणनीति के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 13 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। इस क्रम में सीड पार्क के निर्माण तथा यूपी एग्रीज परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि का सबसे बड़ा कारण कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी है। बेहतर बीज, उन्नत तकनीक तथा खेती के क्षेत्र के विस्तार से फसलों की पैदावार बढ़ी है। साथ ही, उच्च उत्पादन और अधिक मूल्य देने वाली फसलों की खेती से किसानों की आय और कुल उत्पादन—दोनों में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, फसलों के किस्मवार सटीक मूल्य आकलन से कृषि उत्पादन का अधिक सटीक और बेहतर मूल्यांकन संभव हो सका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोहरे आदि के दृष्टिगत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने परिवहन विभाग को इस संबंध में एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, कॉमर्शियल वाहनों की पंजीकरण फीस को व्यावहारिक बनाने तथा आमजन की सुलभ यात्रा के लिए गुणवत्तापूर्ण बस सेवाओं में वृद्धि करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में विगत वर्षों में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों का आगमन हुआ है। इस वर्ष जून माह तक लगभग 125 करोड़ पर्यटक प्रदेश में आए हैं। उन्होंने गढ़मुक्तेश्वर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख तीर्थ स्थल बताते हुए वहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं में वृद्धि के निर्देश दिए। साथ ही, होम-स्टे पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू करने और होटल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत लाभार्थियों को दी जाने वाली धनराशि का एक हिस्सा खरीदारी के लिए पूर्व में उपलब्ध कराया जाए, जबकि शेष राशि का उपयोग विवाह आयोजन के समय किया जाए। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना में तेजी लाने तथा उपलब्ध कराए जाने वाले कंप्यूटर वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप एवं उच्च गुणवत्ता के हों, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है, क्योंकि ये प्राथमिक शिक्षा की मजबूत नींव हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, बेसिक शिक्षा के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा निर्मित किए जा रहे विद्यालयों का गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण हेतु भूमि की उपलब्धता के दृष्टिगत संबंधित जनपदों से समन्वय कर कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री को ऊर्जा क्षेत्र के संबंध में अवगत कराया गया कि बिजली चोरी एवं तकनीकी हानियों में कमी से राज्य के विद्युत निगमों का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। साथ ही, पीएम कुसुम-सी योजना के अंतर्गत बड़े सोलर प्रोजेक्ट एवं सोलर पार्कों की स्थापना से बिजली उत्पादन में वृद्धि हुई है, जिससे केंद्र … Read more

नमो भारत स्टेशन बना ‘रीडिंग हब’, यात्री अब वहीं से खरीद सकेंगे मनपसंद किताबें

नई दिल्ली नमो भारत ट्रेन में सफर करने वाले यात्री अब स्टेशन पर ही अपनी पसंदीदा कहानी, किस्से की पुस्तकें भी खरीद सकेंगे। एनसीआरटीसी ने बुकटेल्स के साथ मिलकर आनंद विहार स्टेशन पर पुस्तक मेला शुरू किया है। 21 दिसंबर तक चलने वाले स्टोरी बॉक्स नाम के इस मेले में लोग सुबह 10 से रात 10 बजे तक किताबें खरीद सकेंगे। इस पुस्तक मेले की खास बात यह है कि इसमें बॉक्स-आधारित खरीदारी का विकल्प भी मौजूद है। लोग अलग-अलग किताबें खरीदने के बजाय एक बॉक्स भरकर किताबें चुन सकते हैं और इकट्ठा खरीद सकते हैं। इसके लिए दो अलग-अलग बॉक्स साइज के विकल्प उपलब्ध हैं। यात्री अपनी पसंद और बजट के हिसाब से कोई भी बॉक्स चुनकर, उसमें जितनी किताबें आराम से फिट हो सकें, उतनी भर सकते हैं और पूरे बॉक्स की तय कीमत पर एक साथ खरीद सकते हैं। किताबें खरीदने का ये अनोखा तरीका, लोगों की जेब पर बिना बोझ डाले, उन्हें अलग-अलग तरह की किताबें चुनने और अपनी सभी पसंदीदा किताबें एक ही बार में खरीदने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। एनसीआरटीसी के अधिकारी ने बताया कि इस पुस्तक मेले में अलग-अलग तरह की किताबों का कलेक्शन मौजूद है। इनमें फिक्शन, नॉन-फिक्शन, बच्चों की किताबें और नए व युवा लेखकों की किताबें शामिल हैं। इसके अलावा युवा पाठकों के लिए एक खास सेक्शन भी बनाया गया है। मीट एंड ग्रीट सेशन के लिए कई लेखक भी इस पुस्तक मेले में पहुंच रहे हैं। पुस्तक प्रेमी न सिर्फ इन लेखकों से मिलकर बात कर सकते हैं, बल्कि पसंदीदा किताबों पर ऑटोग्राफ भी ले सकते हैं।  

विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के आदेश

चंडीगढ़ हरियाणा विधान सभा के 18 दिसंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के मद्देनजर विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मंगलवार को सुरक्षा संबंधी बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के लिए हरियाणा, पंजाब और यूटी चंडीगढ़ के शीर्ष अधिकारियों से ब्योरे पर चर्चा की। कल्याण ने इन अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि गत सत्रों से अनुभव में आ रहा है कि विधान सभा सत्र की कार्यवाही देखने के लिए स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। इसके मद्देनजर छोटे-छोटे समूहों में व्यवस्थित करके अधिक से अधिक विद्यार्थियों को कार्यवाही दिखाने की व्यवस्था करें। उन्होंने अतिरिक्त मोबाइल शौचालयों का प्रबंध करने के भी निर्देश दिए।  बैठक में तय हुआ कि विधान सभा के बजट सत्र के दौरान किसी भी अवांछित घटना को रोकने के लिए सुरक्षा प्रबंध पुख्ता किए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने हरियाणा, पंजाब और यूटी चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों की समन्वय कमेटी बनाने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सत्रावधि के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। किसी भी मामले में कार्रवाई के लिए चंडीगढ़ पुलिस भी मौके पर मौजूद रहेगी। विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि विधान सभा परिसर और उसके आसपास वन्य जीवों से बचाव के लिए भी प्रबंध करने चाहिए। विधान सभा परिसर के बाहर किसी भी प्रकार के रोष प्रदर्शन की अनुमति नहीं रहेगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके लिए पहले से पूरी तैयारी रखें। बैठक में तय हुआ है कि सत्र के दौरान किसी भी आम या खास को हथियार के साथ प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए विधान सभा सचिवालय की ओर से विधायकों को एक पत्र भी लिखा जा रहा है। बैठक में गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव आईएएस रेनु सेगन, हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह, एडीजीपी सीआईडी सौरभ सिंह, आईजी सुरक्षा आईपीएस पंकज नैन, सीआईएसएफ उपायुक्त नितिन कुमार, हरियाणा पुलिस में एसपी ला एंड ऑर्डर सिद्धार्थ ढांडा, चंडीगढ़ यूटी में एसडीएम नवीन समेत अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

‘गतिमान उत्तर प्रदेश : योगी सरकार के बेमिसाल आठ साल’ पुस्तक हा हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बदला उत्तर प्रदेश का चेहरा, विकास और सुशासन की यात्रा को मिली नई पहचान ‘गतिमान उत्तर प्रदेश : योगी सरकार के बेमिसाल आठ साल’ पुस्तक हा हुआ लोकार्पण कानून-व्यवस्था से निवेश तक मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश की प्रमुख उपलब्धियों का हुआ उल्लेख लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के समग्र परिवर्तन और विकास यात्रा को रेखांकित करने वाली पुस्तक ‘गतिमान उत्तर प्रदेश : योगी सरकार के बेमिसाल आठ साल’ के लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित विश्वेश्वरैया सभागार में किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना मुख्य अतिथि तथा महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री बेबी रानी मौर्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और साहित्य जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान पुस्तक की समीक्षा भी की गई। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को है नई पहचान का गौरव मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि आजादी के बाद हमारे देश के वीर सपूतों ने जिस भारत की कल्पना की थी, उसे साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के इतिहास और गौरव को नई पहचान मिली है, जिस पर आज प्रदेश का प्रत्येक नागरिक गर्व कर सकता है। सतीश महाना ने कहा कि इतिहास में ऐसे संत हुए हैं जो राजा बने, और वर्तमान में उत्तर प्रदेश को एक संत-राजा के नेतृत्व में सुशासन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व में दया, संस्कृति और संस्कारों के समन्वय का उल्लेख करते हुए उनके नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में हुए विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई गति पकड़ी है। आज प्रदेश निवेश, रोजगार सृजन, औद्योगिक विस्तार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में उभरा है। यह पुस्तक शासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामोन्मुखी कार्यशैली का सशक्त प्रमाण है। योगी सरकार ने दी सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूती विशिष्ट अतिथि के रूप में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि योगी सरकार ने महिलाओं, बच्चों, किसानों, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए ठोस नीतियों और योजनाओं के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान की है। पुस्तक में इन प्रयासों का संतुलित और तथ्यपरक चित्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने पिछले आठ वर्षों में जो अभूतपूर्व प्रगति की है, उसकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। निवेश और औद्योगिक विकास को नई दिशा और गति मिली है। वहीं, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि पुस्तक में कानून-व्यवस्था, ई-गवर्नेंस, बुनियादी ढांचे और निवेश के क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी परिवर्तनों को आंकड़ों के साथ प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने पुस्तक के लेखक के शोधपरक प्रयासों की सराहना की। वास्तविक तस्वीर को जनमानस तक पहुंचाना है उद्देश्य पुस्तक के लेखक डॉ. शीलवंत सिंह ने कहा कि इस पुस्तक को लिखने का उद्देश्य पिछले आठ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गतिमान उत्तर प्रदेश की वास्तविक तस्वीर को सरल और सहज रूप में आम जनमानस तक पहुंचाना है। पुस्तक में कृषि, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, अवस्थापना विकास, उद्यमशीलता और रोजगार के क्षेत्र में किए गए नवाचारी प्रयासों के साथ-साथ युवाओं, महिलाओं और किसानों की बदली हुई दिशा और दशा को प्रस्तुत किया गया है। पांच खंडों में विभाजित है पुस्तक पुस्तक पांच खंडों में विभाजित है, जिसमें कुल 22 विषयों को शामिल किया गया है। महाकुंभ 2025, ओडीओपी योजना, फिल्म सिटी परियोजना, ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य तथा अयोध्या और काशी के सांस्कृतिक उत्थान जैसे विषय इसके प्रमुख आकर्षण हैं। कार्यक्रम के दौरान विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव, विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे, प्रभात प्रकाशन के पीयूष कुमार, मणिकांत शुक्ल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

लाल आतंक को बड़ा झटका: छत्तीसगढ़ में 34 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, कुल इनाम 84 लाख

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में मंगलवार को सात महिलाओं समेत 34 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें आठ-आठ लाख रुपये के इनामी पांच प्रमुख नक्सली भी शामिल हैं। इनमें में 45 वर्षीय पांड्रू पुनेम, 25 वर्षीय रुकनी हेमला, 22 वर्षीय देवा उइका, 27 वर्षीय रामलाल पोयम और 21 वर्षीय मोटू पुनेम शामिल हैं। बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि इनमें से 26 नक्सलियों पर सामूहिक रूप से 84 लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को कौशल विकास प्रशिक्षण और 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की जाएगी। सात महिलाओं ने भी किया सरेंडर बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) जितेंद्र यादव ने बताया कि 7 महिलाओं सहित 34 नक्सलियों ने यहां वरिष्ठ पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के अधिकारियों के समक्ष सरेंडर किया। उन्होंने बताया कि यह नक्सली माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी, तेलंगाना राज्य कमेटी और आंध्र ओडिशा सीमा डिवीजन में सक्रिय थे। अधिकारी ने बताया कि सरेंडर करने वाले प्रमुख नक्सलियों में पांड्रू पुनेम (45), रुकनी हेमला (25), देवा उइका (22), रामलाल पोयम (27) और मोटू पुनेम (21) शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक पर आठ लाख रुपये का इनाम है।  सरकार की ओर से दी जाएंगी सुविधाएं एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि पुनर्वास नीति के तहत, सरेंडर करने वाले कैडरों को छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से प्रदान की जाने वाली अन्य सुविधाओं जैसे कौशल विकास प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं के साथ-साथ 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को हिंसा छोड़ने के लिए आकर्षित कर रही है। एसपी जितेंद्र यादव ने कहा कि सरेंडर करने वालों नक्सलियों के परिवार भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जिएं और समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलें। दो साल में 2200 से अधिक नक्सलियों ने किया सरेंडर एसपी ने बताया कि सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर, पिछले दो सालों में दंतेवाड़ा जिले में 824 माओवादियों ने हिंसा छोड़ दी है और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में शीर्ष माओवादियों सहित 2200 से अधिक नक्सलियों ने सरेंडर किया है। केंद्र सरकार ने मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है। सरेंडर करने वाले नक्सली पंडरू पूनेम उर्फ संजू (45), बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के मेटापाल एर्रापारा का रहने वाला. इनाम- 8 लाख रुपये. रूकनी हेमला (25), बासागुड़ा थाना क्षेत्र के कोरसागुड़ा मेटापारा गांव निवासी. इनाम- 8 लाख रुपये. देवा उईका (22), बासागुड़ा के सुकनपल्ली कुंजामपारा गांव निवासी. इनाम- 8 लाख रुपये. रामलाल पोयाम उर्फ रामलू (27), जांगला थाना क्षेत्र के कोतरापाल काकड़पारा निवासी. इनाम- 8 लाख रुपये. मोटू पुनेम उर्फ रवि (21), हिरोली सरपंचपारा निवासी. इनाम- 8 लाख रुपये. मीना माड़वी उर्फ जमली (26), एड़समेटा कड़ियापारा निवासी. इनामी- 5 लाख रुपये. सुदरू पुनेम (27), एड़समेटा निवासी. इनाम- 5 लाख रुपये लिंगे कुंजाम उर्फ सुमित्रा (25), दुरनदरभा कुरसमपारा निवासी, सुकमा. इनाम- 5 लाख रुपये. पाले उईका (25), मल्लेपल्ली स्कूलपारा निवासी बीजापुर. इनाम- 2 लाख रुपये. सुखराम उरसा उर्फ गंगा (21), तुर्रेनार सरपंचपारा निवासी बीजापुर. इनाम- 2 लाख रुपये. दिनेश करटाम उर्फ बामड़ा (30), दुरधा डोडरेपारा निवासी बीजापुर. इनाम- 2 लाख रुपये. शंकर पोडियाम (25), परकेली स्कूलपारा निवासी बीजापुर. इनाम- 2 लाख रुपये. सुखराम पोडियम (25), हकवा बोटेमपारा निवासी बीजापुर. इनाम- 2 लाख रुपये मुन्ना पोयाम (35), जप्पेली स्कूलपारा निवासी बीजापुर. इनामी- 2 लाख रुपये. सुखमती बोड्डू (39), कमकानार तेलगापारा निवासी बीजापुर. इनाम- 2 लाख रुपये. लक्ष्मण गोंदे उर्फ डेंगा (25), पदमुर नदीपारा निवासी, बीजापुर. इनाम 2 लाख रुपये. लक्ष्मण हेमला (31), घुमरा थना नैमेड़ जिला बीजापुर इनाम- 2 लाख रुपये अर्जुन बोड्डू (29), कमकानार तेलगापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर इनाम- 2 लाख रुपये. पण्डरू मड़कम उर्फ सलीम (30), कोतरापाल लक्खापारा थाना जांगला जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. राजू कुरसम उर्फ दुरूम (22) ईसुलनार स्कूलपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. सोमारू मड़कम (25) कोतरापाल काकडीपारा थाना जांगला जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. संतो पोड़ियाम ऊर्फ संतोषी (20) पोंदुम कर्रेपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. हिड़मा माड़वी ऊर्फ गुडडी (20) कोतरापाल लक्खापारा थाना जांगला जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. सुखमती उरसा (26) पोमरा पटेलपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. चमरू ओयाम (46) पदमुर सरपंचपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर इनाम- 1 लाख रुपये. पण्डरू बड़दी (47), बीजापुर पायकू ओयाम (45), बीजापुर सुखराम तेलम (33), बीजापुर जग्गू पोडियम (19), बीजापुर सन्नू कुरसम (18), बीजापुर राजू हेमला (40), बीजापुर फगनू मड़कम (21), बीजापुर सुरेश कुरसम (20), बीजापुर मोती उरसा (30), बीजापुर एसपी ने की नक्सलियों से ये अपील बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने माओवादियों से अपील करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है. पुनर्वास करने वालों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जियें और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें. उन्होंने आगे कहा कि माओवादी भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्यागकर निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें. सरकार की ‘पूना मारगेम' नीति उनके भविष्य को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वावलंबी बनाने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान कर रही है. सीएम ने भी नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की     नक्सलियों के समर्पण पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, "पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन, बस्तर में शांति की ओर निर्णायक कदम. बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ी है. बीजापुर जिले में ₹84 लाख के इनामी 34 माओवादी कैडरों ने हिंसा और लाल आतंक का रास्ता छोड़कर भारतीय संविधान में आस्था जताते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है.     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के अनुरूप छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर ठोस और मानवीय प्रयास कर रही है. ‘पूना मारगेम' नीति ने यह सिद्ध किया है कि संवाद, संवेदनशीलता और विकास हिंसा से कहीं अधिक प्रभावी समाधान हैं. यह आत्मसमर्पण केवल हथियार छोड़ने का नहीं, बल्कि भय से मुक्त होकर सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का निर्णय है.     … Read more

उ0प्र0 को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर, कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों के बजट आवंटन एवं व्यय की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की   उ0प्र0 को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर, कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए : मुख्यमंत्री   प्रदेश का जी0एस0डी0पी0 वर्ष 2016-17 में 12.5 लाख करोड़ रु0, वर्ष 2024-25 में 29.78 लाख करोड़ रु0 तथा वर्ष 2025-26 में जी0एस0डी0पी0 36 लाख करोड़ रु0 से अधिक होने का अनुमान   वर्ष 2024-25 में देश की अर्थव्यवस्था में उ0प्र0 का योगदान 09 प्रतिशत से अधिक   वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से सम्बन्धित विभागीय कार्यों की समीक्षा मंत्रिगण मासिक, मुख्य सचिव पाक्षिक तथा अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/विभागाध्यक्ष द्वारा साप्ताहिक समीक्षा की जाए   विभिन्न विभागों के कार्यों का रियल टाइम डेटा समय से अपलोड किया जाए तथा डेटा संकलन की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए आवंटित बजट को समय से व्यय करने के निर्देश, मंत्रिगण एवं विभागीय अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों से सतत संवाद बनाएं ताकि केंद्रांश समय से प्राप्त हो सके नियोजन विभाग सभी विभागों का डेटा साप्ताहिक रूप से एकत्र करने हेतु एक मजबूत तंत्र स्थापित करे प्रदेश की कृषि विकास दर 13 प्रतिशत से अधिक, सीड पार्क के निर्माण तथा यूपी एग्रीज परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस प्रयास हों, परिवहन विभाग इस सम्बन्ध में व्यापक समीक्षा करे गढ़मुक्तेश्वर पश्चिमी उ0प्र0 का एक प्रमुख तीर्थ स्थल, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं में वृद्धि के निर्देश, प्रदेश में टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान विकसित किया जाए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना हेतु प्रत्येक जनपद के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित कर रही मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण समय से पूर्ण करने के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहाँ लाल बहादुर शास्त्री भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों के बजट आवंटन एवं व्यय की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी ने विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर हैं तथा इनमें और अधिक प्रगति की व्यापक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इस दिशा में कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जी0एस0डी0पी0) वर्ष 2016-17 में 12.5 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में 29.78 लाख करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2025-26 में जी0एस0डी0पी0 36 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। वर्ष 2024-25 में देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 09 प्रतिशत से अधिक है, जबकि वर्ष 2022-23 में यह 8.6 प्रतिशत था। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में जी0एस0डी0पी0 लक्ष्य का 93 प्रतिशत पहले ही प्राप्त किया जा चुका है। अब लगभग 42 लाख करोड़ रुपये के जी0एस0डी0पी0 लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि मंत्रिगण वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से संबंधित विभागीय कार्यों की मासिक समीक्षा, मुख्य सचिव द्वारा पाक्षिक समीक्षा तथा अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/विभागाध्यक्ष द्वारा साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बैठकों में निर्धारित बिंदुओं की गुणवत्तापूर्ण समीक्षा हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों। साथ ही, सभी सक्षम अधिकारी फाइलों का समयबद्ध निस्तारण करें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विभिन्न विभागों के कार्यों का रियल टाइम डेटा समय से अपलोड किया जाए तथा डेटा संकलन की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए। मंत्रिगण एवं विभागीय अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों से सतत संवाद बनाए रखें, ताकि केंद्रांश समय से प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवंटित बजट का समय से व्यय सुनिश्चित किया जाए। नियोजन विभाग को सभी विभागों का डेटा साप्ताहिक रूप से एकत्र करने हेतु एक मजबूत तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन में योगदान देता है। खाद्यान्न एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कृषि रणनीति के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 13 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। इस क्रम में सीड पार्क के निर्माण तथा यूपी एग्रीज परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि का सबसे बड़ा कारण कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी है। बेहतर बीज, उन्नत तकनीक तथा खेती के क्षेत्र के विस्तार से फसलों की पैदावार बढ़ी है। साथ ही, उच्च उत्पादन और अधिक मूल्य देने वाली फसलों की खेती से किसानों की आय और कुल उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, फसलों के किस्मवार सटीक मूल्य आकलन से कृषि उत्पादन का अधिक सटीक और बेहतर मूल्यांकन सम्भव हो सका है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोहरे आदि के दृष्टिगत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने परिवहन विभाग को इस संबंध में एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, कॉमर्शियल वाहनों की पंजीकरण फीस को व्यावहारिक बनाने तथा आमजन की सुलभ यात्रा के लिए गुणवत्तापूर्ण बस सेवाओं में वृद्धि करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में विगत वर्षों में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों का आगमन हुआ है। इस वर्ष जून माह तक लगभग 125 करोड़ पर्यटक प्रदेश में आए हैं। उन्होंने गढ़मुक्तेश्वर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख तीर्थ स्थल बताते हुए वहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं में वृद्धि के निर्देश दिए। साथ ही, होम-स्टे पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू करने और होटल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने … Read more

अन्नदाता किसान को कोई समस्या हुई तो कोई भी बचेगा नहीं: मुख्यमंत्री

मिलावटी, नकली खाद बेचने वाले और खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ एनएसए के तहत होगी कार्रवाई: मुख्यमंत्री अन्नदाता किसान को कोई समस्या हुई तो कोई भी बचेगा नहीं: मुख्यमंत्री फील्ड में तैनात अधिकारियों की गतिविधियों भी की होगी निगरानी, गड़बड़ी मिली तो खुली विजिलेंस जांच होगी मुख्यमंत्री कार्यालय से हर जिले पर होगी सीधी निगरानी, खाद वितरण में गड़बड़ी कतई स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री डीएम, एडीएम, एसडीएम उतरेंगे मैदान में, खाद दुकानों पर औचक निरीक्षण अनिवार्य तय दर पर ही डीएपी, यूरिया और पोटाश, किसान को नुकसान हुआ तो तय होगी जवाबदेही: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मिलावटी अथवा नकली खाद बेचने वालों और खाद की कालाबाजारी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान को यदि खाद को लेकर कोई भी समस्या हुई तो जवाबदेही तय होगी और दोषी चाहे किसी भी स्तर का हो, कार्रवाई से नहीं बचेगा। मंगलवार को कृषि मंत्री और सहकारिता मंत्री की उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खाद की समुचित उपलब्धता और सुचारू वितरण को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता और कृषि मंत्री प्रतिदिन खाद की उपलब्धता और वितरण की स्थिति की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री कार्यालय से हर जिले पर सीधी निगरानी रखी जाएगी और खाद वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी स्वयं खाद की दुकानों और समितियों पर औचक निरीक्षण करें। ओवर रेटिंग किसी भी दशा में न हो और खाद समितियां निर्धारित अवधि के अनुसार अनिवार्य रूप से खुली रहें। डीएपी, यूरिया और पोटाश किसानों को केवल तय सरकारी दरों पर ही उपलब्ध कराई जाए। जहां भी गड़बड़ी पाई जाए, वहां तत्काल जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि फील्ड में तैनात अधिकारियों की गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाएगी। यदि किसी स्तर पर मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है तो खुली विजिलेंस जांच कराई जाएगी। उनका स्पष्ट संदेश था कि खाद संकट पैदा करने या कृत्रिम अभाव दिखाने की कोशिश करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में 16 दिसंबर 2025 तक कुल 9.57 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.77 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.67 लाख मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों के लिए उपलब्ध है। सहकारी क्षेत्र में 3.79 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 5.78 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। डीएपी में सहकारी क्षेत्र में 1.47 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.30 लाख मीट्रिक टन तथा एनपीके में सहकारी क्षेत्र में 0.88 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.79 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्धता बताई गई। मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि रबी फसलों की बुवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है और गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया का वितरण किया जा रहा है। गत वर्ष की तुलना में इस अवधि में यूरिया की बिक्री अधिक रही है और वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 54,249 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्धता के बावजूद किसी किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े, यही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बढ़ती मांग पर रेलवे का फैसला: मचिमिपटनम से अजमेर तक दौड़ेगी स्पेशल ट्रेन, मध्यप्रदेश के यात्रियों को बड़ा फायदा

भोपाल यात्रियों की सुविधा और बढ़ती यात्रा मांग को देखते हुए रेलवे द्वारा भोपाल मंडल होकर मचिमिपतनम-अजमेर के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। यह स्पेशल ट्रेन भोपाल मंडल के इटारसी और भोपाल स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे मध्य प्रदेश के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। 21 दिसंबर 2025 को करेगी प्रस्थान गाड़ी संख्या 07274 मचिमिपतनम-अजमेर स्पेशल मचिमिपतनम से 21 दिसंबर 2025 को सुबह 10.00 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन दूसरे दिन रात 23.00 बजे इटारसी पहुंचेगी और तीसरे दिन 00.55 बजे भोपाल आगमन के बाद आगे बढ़ते हुए 15.30 बजे अजमेर पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 07275 अजमेर-मचिमिपतनम स्पेशल अजमेर से 28 दिसंबर 2025 को सुबह 08.25 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन रात 21.10 बजे भोपाल तथा 23.30 बजे इटारसी पहुंचेगी और तीसरे दिन सुबह 09.30 बजे मचिमिपतनम पहुंचेगी।   ट्रेन में कुल 24 कोच होंगे इस स्पेशल ट्रेन में कुल 24 कोच होंगे, जिनमें 1 प्रथम श्रेणी वातानुकूलित, 2 एसी टू टियर, 2 एसी थ्री टियर, 10 शयनयान, 7 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन शामिल हैं। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि ट्रेन की समय-सारणी और ठहराव से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए रेलवे स्टेशन, रेल मदद 139 या रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क करें।

उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के समस्त शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को जारी किए निर्देश

भोपाल  प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की (आभा आईडी) बनाई जाएगी। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग, ने सभी शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक शासकीय महाविद्यालय में आभा आईडी निर्माण के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। साथ ही अंतिम वर्ष में अध्ययनरत दो विद्यार्थियों को ABDM चैम्पियन के रूप में नामांकित किया जाएगा, जो इस अभियान के सफल क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। नियुक्त नोडल अधिकारी एवं ABDM चैम्पियन को आयुष्मान भारत मिशन द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी शासकीय महाविद्यालयों से शासन के निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए विद्यार्थियों के आभा आईडी निर्माण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है, जिससे विद्यार्थी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से सीधे जुड़ सकें। क्या है आभा आईडी आभा आईडी एक डिजिटल हेल्थ आईडी है। जिसके माध्यम से विद्यार्थी अपने स्वास्थ्य से संबंधित सभी जानकारियां जैसे डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन, जांच रिपोर्ट, दवाओं का विवरण आदि को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रख सकते हैं। भविष्य में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने में यह आईडी अत्यंत उपयोगी साबित होगी। 

मुफ्त बिजली की दिशा में बड़ा कदम, हरियाणा में सूर्य घर योजना को अभियान का रूप देने की तैयारी : अनिल विज

चण्डीगढ हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफत बिजली योजना’ को अभियान के रूप में विस्तारित किया जाएगा ताकि इस योजना को लागू करने में हरियाणा देशभर में अव्वल रहें और ज्यादा से ज्यादा घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा सकें। इस संबंध में विज ने कहा कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा पीएम सूर्य घर मुफत बिजली योजना को तेजी से विस्तारित करने के लिए निगरानी समितियों को गठन किया जाएगा। विज आज यहां चण्डीगढ में ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पीएम सूर्य घर मुफत बिजली योजना के क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से विस्तारित करने के लिए निगरानी समितियों को गठन किया जाएगा ताकि इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापना की सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध हो सकें। इसके अलावा, विज ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक घर में स्थापित होने वाले सोलर सिस्टम की जानकारी उन्हें ऑनलाईन उपलब्ध हो, इसके लिए ऑनलाईन प्रणाली विकसित की जाए ताकि यह पता चल सकें कि अब तक कितने डिवीजन, सर्कल इत्यादि में कितने रूफटॉप सोलर सिस्टम लग चुके हैं। वहीं, दूसरी ओर बैठक में ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हरियाणा में ज्यादा से ज्यादा सोलर सिस्टम लगाने के लिए किसी समर्पित एजेंसी को रखा जा सकता है और इस संबंध में संभावनाएं तलाशी जाएं ताकि ज्यादा से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम यानि ग्रीन एनर्जी को स्थापित करने हेतू पात्र व्यक्तियों के घरों को कवर किया जा सकें। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की एजेंसी पात्र व्यक्तियों के घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगा सकती है और इस योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोडा जा सकता है। विज ने कहा कि इसके तहत रिवाल्विंग फण्ड (परिक्रामी निधि) रखा जा सकता है, जिस पर अधिकारियों ने ऊर्जा मंत्री को अवगत कराया कि इस बारे में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को 100-100 करोड रूपए की राशि आंबटित की जाएगी और इस संबंध में सरकार से मंजूरी भी मिल चुकी है। इस फण्ड के आने से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से विस्तारित किया जाएगा। बैठक में ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्यामल मिश्रा ने ऊर्जा मंत्री को अवगत कराते हुए आश्वासन दिया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से विस्तारित किया जाएगा और इस बारे में पूरी निगरानी भी रखी जाएगी। मिश्रा ने बताया कि इस योजना को विस्तारित करने के लिए लक्ष्य आधारित योजना बनाकर आगे बढाया जाएगा। इस पर, विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को विस्तारित करने के लिए डिजीटल विज्ञापन इत्यादि का भी सहारा लिया जाए ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में पता चल सकें। बैठक के दौरान प्रधान सचिव श्यामल मिश्रा ने मंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में बिजली निगमों द्वारा लगभग 3000 रूफटॉप सोलर सिस्टम प्रति माह लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगभग एक करोड घरों में सोलर सिस्टम लगाए जाने हैं, जिसके तहत लगभग 75021 करोड रूपए का प्रावधान किया गया हैं तथा यह योजना 13 फरवरी, 2024 को चालू की गई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 और वर्ष 2026-27 में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 1 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है जबकि इसी प्रकार, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा भी 1 लाख 22 हजार रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 लाख 80 हजार सालाना आय वाले पात्र व्यक्तियों को 2 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए 60 हजार रूपए केन्द्र सरकार द्वारा तथा राज्य सरकार की ओर से 50 हजार रूपए की सब्सिडी दी जाती है अर्थात एक लाख 10 हजार रूपए की सब्सिडी दी जाती हैं। इस मौके पर ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्यामल मिश्रा, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक मनीराम शर्मा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की निदेशक संगीता तेतरवाल सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।