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छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी सर्जरी: 11 IAS ट्रांसफर, सरगुजा और कोरबा को मिले नए कलेक्टर

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। 11 IAS अफसरों का तबादला हुआ है। भोसकर विलास को अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा 6 जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं। इनमें सरगुजा, कोरबा, दंतेवाड़ा, सुकमा, बेमेतरा और नारायणपुर शामिल हैं। कलेक्टरों के तबादले का आदेश मंगलवार को गृह विभाग द्वारा जारी किया गया है। कोरबा जिले के कलेक्टर रहे अजीत वसंत को सरगुजा का नया कलेक्टर बनाया गया है। कुणाल दुदावत को दंतेवाड़ा से हटाकर कोरबा का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। देवेश कुमार ध्रुव को सुकमा से ट्रांसफर कर दंतेवाड़ा जिले का कलेक्टर बनाया गया है। बेमेतरा और नारायणपुर जिले में भी बदलाव सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रतिष्ठा ममगाई को नारायणपुर से ट्रांसफर कर बेमेतरा का कलेक्टर बनाया है। वहीं नम्रता जैन को रायपुर से हटाकर नारायणपुर जिले की नई कलेक्टर नियुक्त किया गया है। अमित कुमार को नगर निगम बिलासपुर के आयुक्त पद से हटाकर सुकमा जिले का कलेक्टर बनाया गया है। अमित कुमार की जगह पर प्रकाश कुमार सर्वे को नगर निगम बिलासपुर का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम में फेरबदल बेमेतरा के कलेक्टर रहे रणबीर शर्मा को नई जिम्मेदारी देते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का प्रबंध संचालक बनाया गया है। उनके पदभार संभालने के बाद संजीव कुमार झा को एनएचएम के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। जिला पंचायत और मंत्रालय में भी तबादले प्रशासनिक आदेश के तहत गजेन्द्र सिंह ठाकुर को जिला पंचायत धमतरी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। वहीं रोमा श्रीवास्तव को धमतरी जिला पंचायत से हटाकर मंत्रालय में उप सचिव पद पर पदस्थ किया गया है। नगर निगम में फेरबदल बेमेतरा के कलेक्टर रहे रणबीर शर्मा को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का प्रबंध संचालक बनाया गया है। संजीव कुमार झा को एनएचएम के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। गजेन्द्र सिंह ठाकुर को जिला पंचायत धमतरी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। वहीं, रोमा श्रीवास्तव को धमतरी जिला पंचायत से हटाकर मंत्रालय में उप सचिव पद पर पदस्थ किया गया है। चुनाव आयोग भेजे गए सरगुजा कलेक्टर सरगुजा जिले के कलेक्टर भोसकर विलास को अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति अस्थाई रूप से की गई है। अधिकारियों के तबादले का ऑर्डर सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार के नाम से जारी किया गया है। कलेक्टरों का तबादला विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बीच किया गया है।  

अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का आयोजन आज से 23 दिसम्बर तक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लाल परेड ग्राउण्ड, भोपाल में बुधवार 17 दिसम्बर को शाम 5 बजे अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "लघु वनोपज हमारी शान'' गान का विमोचन एवं एम.एफ.पी.-पार्क के 'लोगो' के अनावरण के साथ ही एम.एफ.पी.-पार्क द्वारा निर्मित वेलनेस किट का विमोचन भी करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय वन मेला कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव एवं प्रशासक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही.एन. अम्बाडे और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज डॉ. समीता राजौरा उपस्थित रहेंगे। वन विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के संयुक्त तत्वावधान में 'समृद्ध वन खुशहाल जन' थीम पर अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का आयोजन 17 से 23 दिसम्बर तक किया जा रहा है। मेले में 17 दिसम्बर को पारम्परिक नृत्य डिण्डोरी, 18 दिसम्बर को स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव, परम्परागत वैद्य‍कार्यशाला, छात्र-छात्राओं द्वारा सोलो गायन एवं समूह गायन, योगा-शो, कथक नृत्य की प्रस्तुति, बॉयो-डायवर्सिटी बोर्ड द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता और ऑर्केस्ट्रा सम्राट म्यूजिकल ग्रुप, 19 दिसम्बर को छात्र-छात्राओं द्वारा फैंसी ड्रेस/सोलो एक्टिंग, ध्रुपद गायन, कबीर वाणी, ऑर्केस्ट्रा (जे.के. म्यूजिकल ग्रुप) और विरासत सूफी की म्यूजिकल प्रस्तुति, 20 दिसम्बर को छात्र-छात्राओं द्वारा चित्रकला, बुंदेली गायन, राजस्थानी लोक नृत्य, ऑर्केस्ट्रा (सरगम म्यूजिकल ग्रुप), मानसरोवर कॉलेज द्वारा फ्लैश मॉब और एक शाम वन विभाग के नाम (फॉरेस्ट मेलोडी) द्वारा सरगम म्यूजिकल ग्रुप, 21 दिसम्बर को छात्र-छात्राओं द्वारा सोलो डांस एवं समूह डांस, कठपुतली-शो, पंजाबी भांगड़ा की प्रस्तुति और ऑर्केस्ट्रा (हंस धवानी म्यूजिकल), 22 दिसम्बर को छात्र-छात्राओं द्वारा इंस्ट्रूमेंटल प्रस्तुति, लोक प्रस्तुति, पारम्परिक चिकित्सकों, डॉक्टरों और फील्ड अधिकारियों के साथ परिचर्चा, बॉयो-डायवर्सिर्टी बोर्ड द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता (फाइनल) और ऑर्केस्ट्रा (चित्रांश म्यूजिक) एवं विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और 23 दिसम्बर को मेला समापन समारोह, पुरस्कार वितरण, पारम्परिक नृत्य झाबुआ और ऑर्केस्ट्रा आयुष म्यूजिकल ग्रुप के कार्यक्रम होंगे।  

गिनीज रिकॉर्ड वाला AI सुपरकंप्यूटर: कैसे छोटी-सी डिवाइस में समाई डेटा सेंटर जितनी ताकत?

 अमेरिका की एक नई कंपनी टाइनी AI ने एक ऐसा छोटा डिवाइस बनाया है जो दुनिया का सबसे छोटा पर्सनल AI सुपरकंप्यूटर है। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने भी मान्यता दी है। इस डिवाइस का नाम टाइनी AI पॉकेट लैब है। यह पावर बैंक जैसा दिखता है और जेब में आसानी से रखा जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि यह 120 अरब पैरामीटर वाले बड़े AI मॉडल को बिना क्लाउड, सर्वर या महंगे GPU के खुद पर चला सकता है। कंपनी ने इसे 10 दिसंबर को लॉन्च किया। इसकी मदद से आम लोग भी डेटा सेंटर जैसी ताकत अपने हाथ में पा सकते हैं। डेटा सेंटर जैसी पावर कैसे देगा? इंटरेस्टिंग इंजीनियरिंग की रिपोर्ट (Ref.) बताती है कि टाइनी AI के GTM डायरेक्टर समर भोज ने कहा कि क्लाउड AI ने बहुत फायदा दिया, लेकिन अब पर्यावरण की चिंता बढ़ गई है। उनके मुताबिक, इंटेलिजेंस डेटा सेंटर में नहीं बल्कि लोगों के पास होनी चाहिए। पॉकेट लैब इसी सोच से बनाया गया है। यह डिवाइस इंटरनेट के बिना काम करता है, डेटा को डिवाइस पर ही रखता है और बैंक जैसी मजबूत सुरक्षा देता है। इससे निजता पूरी तरह सुरक्षित रहती है और बिजली की खपत भी बहुत कम होती है। किस काम आएगा यह सुपरकंप्यूटर? यह छोटा सुपरकंप्यूटर डेवलपर्स, रिसर्चर, क्रिएटर्स, प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स के लिए बनाया गया है। यह वर्कफ्लो, कंटेंट बनाने और संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित तरीके से प्रोसेस करने में मदद करता है। सब कुछ ऑफलाइन होता है, इसलिए इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ती। डिवाइस में यूजर का डेटा, चॉइस और डॉक्यूमेंट्स लोकल स्टोर होते हैं। यह 10 अरब से 100 अरब पैरामीटर वाले मॉडल अच्छे से चलाता है, जो ज्यादातर रोज के कामों के लिए काफी हैं। यह 120 अरब पैरामीटर तक के मॉडल भी चला सकता है, जो GPT-4 जैसी इंटेलिजेंस देता है। कम बिजली खाएगा यह AI सुपरकंप्यूटर पॉकेट लैब में ARMv9.2 का 12 कोर CPU है और यह 65 वाट बिजली में काम करता है। आम GPU वाले सिस्टम से बहुत कम बिजली खाता है। इसमें दो खास तकनीकें हैं – टर्बोस्पार्स और पावरइन्फर। टर्बोस्पार्स सिर्फ जरूरी न्यूरॉन्स को सक्रिय करता है, जिससे स्पीड बढ़ती है। पावरइन्फर CPU और NPU पर काम बांटता है, जिससे कम बिजली में अच्छा परफॉर्मेंस मिलता है। यह छोटा डिवाइस GPU जैसी ताकत देता है। ये मॉडल झट से हो जाएंगे इंस्टॉल कंपनी ओपन सोर्स सिस्टम देती है। इसमें लामा, क्वेन, डीपसीक, मिस्ट्रल, फाई जैसे मॉडल एक क्लिक में इंस्टॉल हो जाते हैं। AI एजेंट्स जैसे ओपनमैनस, कॉम्फीUI भी आसानी से सेट होते हैं। नियमित अपडेट मिलते रहेंगे। जनवरी 2026 में CES में इसे दिखाया जाएगा। यह डिवाइस AI को हर किसी के लिए प्राइवेट और पर्सनल बनाता है।

थोड़ी सी सावधानी, बड़ा फायदा: इलेक्ट्रिक स्कूटर बैटरी केयर क्यों है जरूरी

नई दिल्ली   भारत में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों, शहर के भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक ने लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की ओर प्रेरित किया है। इतना ही नहीं, बेहतर होते ईवी चार्जिंग नेटवर्क के चलते अब लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बा रहे हैं। लेकिन किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर की असली उपयोगिता उसकी बैटरी पर निर्भर करती है। बैटरी की सेहत यह तय करती है कि स्कूटर कितनी दूरी तय करेगा, कितने साल चलेगा और लंबे समय में आपका खर्च कितना रहेगा। गर्मी, चार्जिंग की आदतें, राइडिंग स्टाइल और स्टोरेज, ये सभी चीजें लिथियम-आयन बैटरी की लाइफ और परफॉर्मेंस पर सीधा असर डालती हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ समझदारी भरी आदतों को अपनाकर आप अपनी ई-स्कूटर बैटरी की उम्र को कई साल बढ़ा सकते हैं। हर बार 0 से 100 प्रतिशत चार्ज करने से बचें लिथियम-आयन बैटरियां तब सबसे बेहतर काम करती हैं, जब उन्हें 20 से 80 प्रतिशत चार्ज के बीच रखा जाए। बैटरी को बार-बार पूरी तरह खत्म होने देना सेल्स को जल्दी कमजोर करता है। इसी तरह रोजाना 100 प्रतिशत तक चार्ज करना भी लंबे समय में बैटरी की सेहत को नुकसान पहुंचाता है। रोज के दफ्तर या लोकल सफर के लिए आंशिक चार्ज पर्याप्त होता है। पूरी चार्जिंग को लंबी यात्रा के लिए ही बचाकर रखना बेहतर रहता है। गर्मी से बैटरी को बचाना है बेहद जरूरी भारत में गर्मी इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती हैं। तेज धूप में लंबे समय तक स्कूटर खड़ा रखने से बैटरी का केमिकल एजिंग तेज हो जाता है। कोशिश करें कि स्कूटर को छांव में या इनडोर पार्किंग में रखें। लंबी और तेज राइड के तुरंत बाद चार्जिंग से बचें और पहले बैटरी को ठंडा होने का समय दें। यह आदत बैटरी की उम्र बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती है। सही चार्जर का इस्तेमाल करें हमेशा वही चार्जर इस्तेमाल करें, जो स्कूटर के साथ कंपनी ने दिया हो। सस्ते या लोकल आफ्टरमार्केट चार्जर में वोल्टेज कंट्रोल सही नहीं होता। जिससे बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है या उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। अगर चार्जर खराब हो जाए, तो केवल अधिकृत और कंपनी द्वारा सुझाया गया चार्जर ही लगवाएं। टायर प्रेशर और राइडिंग स्टाइल भी असर डालते हैं कई लोगों को यह बात अजीब लग सकती है, लेकिन टायर प्रेशर का बैटरी से सीधा संबंध होता है। कम हवा वाले टायर मोटर और बैटरी पर ज्यादा दबाव डालते हैं, जिससे चार्ज जल्दी खत्म होता है। कंपनी द्वारा सुझाए गए प्रेशर लेवल पर टायर रखें। इसके अलावा, अचानक तेज एक्सीलरेशन और आक्रामक राइडिंग स्टाइल न सिर्फ रेंज घटाती है, बल्कि बैटरी सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव भी डालती है। सॉफ्टवेयर अपडेट को न करें नजरअंदाज आजकल के ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ आते हैं। ये अपडेट चार्जिंग व्यवहार, थर्मल कंट्रोल और रेंज की सटीक जानकारी को बेहतर बनाते हैं। एप के जरिए या सर्विस के दौरान इस बात की जरूर जांच करें कि स्कूटर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है या नहीं। ईवी की समय पर सर्विस क्यों है जरूरी नियमित सर्विसिंग सिर्फ मैकेनिकल पार्ट्स के लिए ही नहीं, बल्कि बैटरी की सेहत के लिए भी जरूरी है। सालाना या छह महीने में होने वाली सर्विस से वायरिंग, कनेक्टर्स, कूलिंग सिस्टम और बैटरी माउंटिंग की स्थिति सही बनी रहती है। अच्छी तरह मेंटेन की गई बैटरी अचानक क्षमता गिरने की समस्या से भी बची रहती है। छोटी आदतें, बड़ा फायदा स्मार्ट चार्जिंग, गर्मी से बचाव, स्मूद राइडिंग और समय पर सर्विस- ये सभी छोटी-छोटी आदतें मिलकर आपकी इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी को वारंटी अवधि से कहीं ज्यादा समय तक बेहतर हालत में रख सकती हैं। थोड़ी सी समझदारी न सिर्फ परफॉर्मेंस और रेंज को बेहतर बनाती है। बल्कि लंबे समय में आपकी जेब पर पड़ने वाला खर्च भी कम करती है।

नाइटलाइफ को बढ़ावा: झारखंड में बार खोलने का समय बढ़ा, 4 बजे तक मिलेगी शराब

रांची झारखंड में शराब के शौकीनों और बार संचालकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य का आबकारी विभाग बार के संचालन समय बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अगले वित्तीय वर्ष से बार सुबह 4 बजे तक खुले रह सकते हैं। फिलहाल अभी बार खुले रखने की टाइमिंग 12 बजे तक है। उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत बार सुबह 4 बजे तक खुले रहेंगे। जिसके लिए शुल्क का भुगतान कर लाइसेंस प्राप्त करना जरुरी होगा। इस व्यवस्था के तहत सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा। साथ ही मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि नियमों की पालना न करने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।  

ऐतिहासिक संयोग: 75 वर्षों बाद बन रहा महाशुभ योग, इन तिथियों पर स्नान का विशेष महत्व

प्रयागराज माघ मेला हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है, जिसका आयोजन हर वर्ष धर्म नगरी प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर होता है। हिंदू शास्त्रों और पंचांग के अनुसार, पौष पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलने वाला यह मेला स्नान, दान, तप और साधना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि माघ मास में संगम में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। वर्ष 2026 में माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा से होगी। इसके अगले दिन यानी 4 जनवरी 2026 (रविवार) से माघ मास का आरंभ होगा। इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र का योग बन रहा है, जो वैदिक ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है। पुनर्वसु नक्षत्र के साथ माघ मास का आरंभ होना सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का संकेत देता है। 75 वर्षों बाद बन रहा विशेष शुभ संयोग माघ मेला 2026 को खास बनाने वाला सबसे बड़ा कारण है मकर संक्रांति का दुर्लभ संयोग। वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब मकर संक्रांति के दिन शनि देव का अनुराधा नक्षत्र रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के समय यदि शनि का शुभ नक्षत्र हो, तो उस दिन किया गया स्नान, दान और जप कई गुना फल देता है। इस दिन संगम स्नान करने से सूर्य का तेज, शनि की कृपा और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां पौष पूर्णिमा: 3 जनवरी 2026 मकर संक्रांति: 14 जनवरी 2026 (प्रातः स्नान 15 जनवरी को भी मान्य) मौनी अमावस्या: 18 जनवरी 2026 बसंत पंचमी: 23 जनवरी 2026 माघ पूर्णिमा: 1 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि: 15 फरवरी 2026 संक्रांति स्नान दो दिन क्यों? हिंदू पंचांग के अनुसार, 14 जनवरी 2026 को सूर्य दोपहर बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए शास्त्रों में 14 जनवरी का सायंकालीन स्नान और 15 जनवरी का प्रातःकालीन स्नान दोनों को संक्रांति स्नान का पुण्य प्राप्त होगा। इसी कारण अलग-अलग स्थानों पर अलग तिथियां मान्य दिखाई देती हैं। माघ मेला 2026 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना, पुण्य अर्जन और जीवन शुद्धि का दुर्लभ अवसर है। विशेष रूप से मकर संक्रांति का स्नान इस वर्ष अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है।

विकास की नई तस्वीर: जिले में 1.35 करोड़ की लागत से 5 प्रमुख चौक-चौराहों का कायाकल्प

बहादुरगढ़  झज्जर जिले के बहादुरगढ़ शहर की खूबसूरती में जल्द ही चार चांद लगने जा रहे हैं। नगर परिषद बहादुरगढ़ ने पहली बार शहर के प्रमुख चौक-चौराहों का विशेष थीम पर सौंदर्याकरण कराने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए करीब 1 करोड़ 35 लाख करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। जल्द ही सौन्दर्यकरण का यह काम शुरू होगा। पहले चरण में शहर के पांच प्रमुख चौक-चौराहों को मॉडल चौक के रूप में विकसित किया जाएगा। इन्हें न केवल आकर्षक लुक दिया जाएगा, बल्कि इन्हें हरियाणा की संस्कृति, खेल, देशभक्ति और सामाजिक संदेशों से जोड़ते हुए एक नई पहचान दी जाएगी। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरुण नांदल ने बताया कि इन चौकों पर अलग-अलग थीम के तहत सजावट और निर्माण कार्य किया जाएगा। किसी चौक को 'तिरंगा थीम' पर तैयार किया जाएगा, जहां राष्ट्रीय ध्वज के रंगों का आभास देने वाली लाइटिंग और संरचना होगी। वहीं किसी चौक को 'हरियाणा स्पोर्ट्स थीम' के तहत सजाया जाएगा, जिसमें राज्य के खेलों के गौरव, खिलाड़ियों और खेल प्रतीकों को दर्शाया जाएगा। एक चौक को 'पुलिस थीम' पर विकसित किया जाएगा, जिसमें पुलिस की छतरी और अनुशासन व सुरक्षा का संदेश होगा, जबकि एक अन्य चौक पर 'शेर का प्रतीक' स्थापित किया जाएगा, जो शक्ति और साहस का प्रतीक होगा। इन चौक चौराहों के सौंदर्यीकरण से शहर की सुंदरता बढ़ेगी। नगर परिषद अपने कोष से इनका सौन्दर्यकरण करवा रही है। हम आपको बता दें कि नगर परिषद की ओर से पहले चरण में पांच चौकों का सौंदर्याकरण किया जाएगा, उनमें नाहरा-नाहरी रोड पर ड्रेन रोड का जंक्शन, रेलवे रोड पर ड्रेन चौक जंक्शन, सेक्टर-9 का एंट्री चौक, सेक्टर-2 में झज्जर रोड का टी-प्वाइंट चौक और झज्जर रोड पर बादली चुंगी चौक शामिल हैं। इन सभी के डिजाइन फाइनल हो गए हैं। इन डिजाइनों को विशेष रूप से आर्किटेक्ट से बनवाया गया है। 

पीडीए की काट के लिए योगी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की संभावना

लखनऊ भाजपा ने जिस तरह से प्रदेश संगठन में पिछड़ी जाति के नए ‘चौधरी’ को कमान देकर विपक्ष के पीडीए समीकरण की काट की जमीन तैयार करने का संदेश दिया है, अब उसी तर्ज पर प्रदेश सरकार में भी बदलाव की कवायद की तैयारी है। हालांकि, मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा और स्वरूप क्या होगा, इस पर सभी ने चुप्पी साध रखी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि लखनऊ से लेकर दिल्ली तक मंत्रिमंडल विस्तार में पीडीए समीकरण को दुरुस्त करने का खाका तैयार करने पर मंथन शुरू हो गया है। यूं तो मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा पिछले साल अक्तूबर में पार्टी के संगठन पर्व के आगाज के साथ शुरू हो गई थी लेकिन इसकी तस्वीर पर अब तक धुंध छाई है। चूंकि संगठन पर्व का समापन हो चुका है और पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है इसलिए अब फिर से योगी-2 की टीम में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। बदले सियासी परिवेश में संभावित मंत्रिमंडल के बदलाव में सबसे ज्यादा चर्चा जातीय समीकरण पर है। सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2027 के रण में विपक्ष के पीडीए को मजबूत टक्कर देने के लिए यह कवायद हो रही है। माना जा रहा है कि मौजूदा मंत्रिमंडल के सदस्यों में कुर्मी समेत अन्य पिछड़ी व दलित जाति के मंत्रियों का प्रतिनिधित्व व कद बढ़ सकता है। साथ ही कुछ मंत्रियों के स्थान पर ऊर्जावान व युवा विधायकों को मौका दिया जा सकता है। खास तौर से पार्टी से दूर हो रहे कुर्मी समाज पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए इस वर्ग के नेताओं को प्रमोट किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि पूरी तस्वीर तो मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ही साफ होगी, लेकिन इतना जरूर है कि आगामी विस्तार में जातीय गुलदस्ता सजाकर सरकार में भी पीडीए की छाप दिखाने की कोशिश दिखेगी। प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद भूपेंद्र चौधरी का सरकार में समायोजन तय माना जा रहा है। चौधरी को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इनके अलावा करीब आधे दर्जन नए चेहरों को मौका मिल सकता है। मंत्रियों की रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा के आधार पर कई को संगठन में भी भेजा जा सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट शुरू होने के साथ ही दावेदार विधायकों ने दिल्ली की दौड़ लगानी शुरू कर दी है। क्षेत्रीय संतुलन बनाने पर भी मंथन सूत्रों का कहना है कि संभावित विस्तार में पीडीए पर फोकस के साथ ही क्षेत्रीय संतुलन बिठाने पर भी खास ध्यान रखा जाएगा। ऐसे में पश्चिम, बुंदेलखंड और मध्य यूपी को विशेष स्थान दिया जा सकता है।

संसद में उठाया सवाल: 8वें वेतन आयोग का एरियर कब मिलेगा? जानें लेटेस्ट अपडेट

 नई दिल्‍ली केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्‍योंकि बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के उच्‍च स्‍तर पर बने रहने के कारण वेतन संशोधन से उम्‍मीदें और भी तेज हो गई हैं. इस बीच एक खास सवाल यह है कि क्‍या 1 जनवरी 2026 से ही 8th Pay Commission के तहत कर्मचारियों का एरियर मिलेगा? या फिर कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी या पिछला बकाया पाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा.  1 जनवरी 2026 को एक संभावित डेट माना जा रहा है,  लेकिन सरकार ने अबतक इसकी अधिकारिक ऐलान नहीं किया है. इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स में यह अनिश्चितता बनी हुई है कि उन्हें वास्तविक वित्तीय राहत कब मिलेगी?   संसद में सरकार ने क्‍या दिया जवाब?  8वें वेतन आयोग के लागू करने को लेकर मामला संसद के शीतकालीन सत्र में भी उठाया गया. इस पर जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि 8वें वेतन आयोग को लागू करने की तारीख सरकार उचित समय पर तय करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि आयोग की सिफारिशें स्वीकार होने के बाद उसके लिए आवश्यक बजटीय प्रावधान किए जाएंगे. इस बयान से यह संकेत तो मिल रहा है कि सरकार इसे जल्‍द लागू करने की कोशिश कर रही है, लेकिन एरियर 1 जनवरी से दिया जाएगा, यह स्‍पष्‍ट नहीं है.  कब लागू होगा आठवां वेतन आयोग?  नवंबर 2025 में सरकार ने 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दी थी और आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया है. ऐसे में देखा जाए तो आयोग की रिपोर्ट 2027 के मिड में आने की संभावना है. जब रिपोर्ट आएगी तो सरकार के सिफारिशों की समीक्षा होगी. इसके बाद कैबिनेट से मंजूरी और नए वेन स्‍ट्रक्‍चर का नोटिफिकेशन जारी करने में 3 से 6 महीने का अतिरिक्‍त समय लग सकता है. इस हिसाब से इसे आगे लागू होने की आशंका है. पिछली वेतन आयोगों का इतिहास  अभी भले ही वेतन आयोगों के लागू होने में देरी हुई हो, लेकिन पिछले एक्‍सप्रीएंस कुछ हद तक राहत देने वाल रहे हैं. पहले सैलरी आयोगों में एरियर का पेमेंट औमतौर पर उस तारीख से किया गया है, जिस दिन पहले वेतन आयोग समाप्‍त हुआ था. 7वां वेतन आयोग जून 2016 में लागू हुआ था, लेकिन सैलरी और पेंशन 1 जनवरी 2016 से दी गई थी . इसी तरह 6वां वेतन आयोग अगस्‍त 2008 में मंजूरी हुआ था, लेकिन एरियर 1 जनवरी 2006 से दिया गया था. 5वां वेतन आयोग में भी देरी के बावजूद कर्मचारियों को पिछला भुगतान मिला था. इसी वजह से उम्‍मीद की जा रही है कि 8वें वेतन आयोग का एरियर भी 1 जनवरी 2026 से दिया जा सकता है.  कर्मचारियों की कितनी बढ़ सकती है सैलरी? सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी, जिसे आयोग सुझाएगा और सरकार स्वीकार करेगी. अगर 2.0 के फिटमेंट फैक्टर को आधार मानें, तो एक अनुमान के जरिए वेतन में बदलाव को समझा जा सकता है. अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹76,500, महंगाई भत्ता ₹44,370 और मकान किराया भत्ता ₹22,950 है, तो कुल मासिक वेतन ₹1,43,820 बनता है. वेतन संशोधन के बाद बेसिक वेतन बढ़कर करीब ₹1,53,000 हो सकता है और एचआरए बढ़कर लगभग ₹41,310 तक पहुंच सकता है. इससे कुल मासिक वेतन करीब ₹1,94,310 हो जाएगा.

सरेंडर नक्सलियों के इनपुट पर बड़ी कार्रवाई, बालाघाट जंगल से लाखों रुपये और हथियार मिले

बालाघाट नक्सल विरोधी अभियान के तहत बालाघाट जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली अहम जानकारी के आधार पर जंगलों में छिपाए गए नक्सली डंप का खुलासा हुआ है। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने 11 लाख 57 हजार 385 रुपये नकद के साथ भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। जिले में यह पहला मौका है जब किसी नक्सली डंप से इतनी बड़ी नकदी हाथ लगी है।  पुलिस ने प्रेस को इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नवंबर से दिसंबर के बीच अलग-अलग समय पर कुल 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें एक, दस और दो नक्सलियों के अलग-अलग समूह शामिल थे। आत्मसमर्पण के बाद पूछताछ के दौरान इन नक्सलियों ने जिले के विभिन्न जंगली इलाकों में छिपाए गए डंप के बारे में सुराग दिए। सूचना के आधार पर पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया। अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए नक्सली डंप को बरामद किया गया। आधुनिक हथियार और विस्फोटक बरामद बरामद सामग्री में चार सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, एक ग्रेनेड लॉन्चर, एक बोल्ट एक्शन राइफल और आठ पंप एक्शन सिंगल शॉट राइफल शामिल हैं। इसके अलावा एक देसी कट्टा, 451 राउंड कारतूस और 26 मैगजीन भी मिली हैं। क्लेमोर माइंस और डेटोनेटर भी मिले पुलिस के मुताबिक डंप से क्लेमोर माइंस पाइप, 500 ग्राम बारूद, करीब 16 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, 22 मेटल स्पाइक्स, दो किलोग्राम बोल्ट व छर्रे बरामद किए गए हैं। साथ ही पांच इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, वोल्ट मीटर, बैटरी सेल, स्टेथेस्कोप, बीपी मशीन और जीवन रक्षक दवाएं भी जब्त की गई हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सलियों की आर्थिक और सैन्य ताकत को बड़ा झटका है। जिले में नक्सल गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।