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शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका में पत्रकारों पर हमला, ‘द डेली स्टार’ और ‘प्रथम आलो’ के दफ्तर में आग लगाई गई

ढाका  बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद दंगाइयों ने आधी रात वहां के मीडिया प्रतिष्ठानों के दफ्तर में जमकर धमाल मचाया. दंगाइयों ने बांग्लादेश के अंग्रेजी दैनिक अखबार 'द डेली स्टार' के दफ्तर को आग लगा दी, इस दौरान बिल्डिंग के छत पर दर्जनों पत्रकार तीन घंटे तक फंसे रहे. ये इन पत्रकारों के लिए मौत से होकर गुजरने का अनुभव था.  'द डेली स्टार' का ऑफिस अब पूरी तरह से जल चुका है. बलवाइयों ने बांग्लादेश के दूसरे अखबार प्रथम आलो के दफ्तर को भी जला दिया है.  यह हमला अखबार के कारवान बाज़ार ऑफिस में हुआ, जिसके बाद पास की प्रोथोम आलो बिल्डिंग में तोड़फोड़ और आगजनी हुई. एक पत्रकार के मुताबिक बाहर से एक फोन कॉल आया जिसने स्टाफ को चेतावनी दी कि भीड़ द डेली स्टार के परिसर की ओर बढ़ रही है.  9वीं मंजिल पर फंसे 28 पत्रकार, नीचे सुलगती आग न्यूज़रूम में मौजूद स्टाफ ने शुरू में नीचे जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक एक भीड़ बिल्डिंग की निचली मंजिलों पर पहुंच चुकी थी, उन्होंने यहां तोड़फोड़ शुरू कर दी और बाद में उसके कुछ हिस्सों में आग लगा दी.  'द डेली स्टार' में हिंसा की पूरी रिपोर्ट बांग्लादेश की वेबसाइट बीडीन्यूज24 में छपी है. रिपोर्ट के अनुसार जब प्रदर्शनकारियों ने ऑफिस के निचले हिस्से में आग लगा दी तो वहां से धुएं का गुबार निकल पड़ा. इस वजह से पत्रकार बाहर नहीं निकल पाए.  इसके बाद पत्रकारों का एक ग्रुप 9वीं मंजिल की छत पर चला गया. पत्रकार ने बताया कि वहां 28 लोग थे.  कुछ देर बाद बिल्डिंग का एक कैंटीन वर्कर बाहर की आग बुझाने वाली सीढ़ी का इस्तेमाल करके नीचे उतरा. जमीन पर पहुंचते ही भीड़ ने उसे पकड़ लिया और पीटा. इस घटना के बाद किसी और ने सीढ़ी का इस्तेमाल करने की कोशिश नहीं की.  बाद में फायर फाइटर्स आए और निचली मंजिलों पर लगी आग को काबू में किया. इसके बाद फायर सर्विस के चार लोग फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए छत पर गए. हालांकि, नीचे तोड़फोड़ जारी रहने के कारण पत्रकार नीचे आना नहीं चाह रहे थे. वहीं नीचे बिल्डिंग में आग भी लगी हुई थी. इस दौर में इन पत्रकारों ने ऊपर रहना ही मुनासिब समझा. और छत का दरवाज़ा बंद कर दिया गया.  दंगाइयों ने की ऊपर चढ़ने की कोशिश फायर सर्विस के स्टाफ ने उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश की, इन लोगों ने पत्रकारों से कहा कि आर्मी के जवान बिल्डिंग के बाहर मौजूद हैं. लेकिन जब कई हमलावर छत पर आ गए और दरवाजा पीटने लगे तो फिर से घबराहट फैल गई. छत पर मौजूद फायर फाइटर्स भी घबरा गए.  इस दौरान पत्रकारों ने मदद का इंतजार करते हुए छत पर रखे गमलों से दरवाजे को बंद करने की कोशिश की. बाद में एडिटर्स काउंसिल के प्रेसिडेंट और न्यू एज के एडिटर नूरुल कबीर, फोटोग्राफर शाहिदुल आलम के साथ भीड़ को शांत करने की कोशिश में बिल्डिंग के सामने गए. बाद में नूरुल कबीर के साथ बदसलूकी की गई. पत्रकारों के अनुसार बाद में सैनिकों ने सीढ़ियों के एक तरफ से रास्ता दिया, जिसका इस्तेमाल हमलावरों ने बिल्डिंग में घुसने और तोड़फोड़ और लूटपाट जारी रखने के लिए किया.  हम खुशकिस्मत थे… इस दौरान छत पर और बिल्डिंग के अंदर फंसे डेली स्टार के स्टाफ को फायर-एग्जिट सीढ़ियों से नीचे उतारा गया और बिल्डिंग के पीछे के रास्ते से बाहर निकाला गया. एक पत्रकार ने कहा, "हम खुशकिस्मत थे. हम एक बड़ी आपदा से बच गए. मुझे नहीं पता कि देश किस दिशा में जा रहा है."इस घटना के बाद 'द डेली स्टार' का न्यूज रूम जल गया है और इस ग्रुप ने फिलहाल अखबारों का फिजिकल और ऑनलाइन प्रकाशन बंद करने का फैसला किया है. इधर उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश के मुख्य प्रशासक मोहम्मद यूनुस ने रात को देश को संबोधित किया.  मोहम्मद यूनुस ने कहा, "इस क्रूर हत्या में शामिल सभी अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कठघरे में लाया जाएगा और उन्हें अधिकतम सजा दिलाई जाएगी. इस मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी." यूनुस ने कहा, "मैं एक बार फिर स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि उस्मान हादी पराजित ताकतों, फासीवादी आतंकवादियों के दुश्मन थे. उनकी आवाज को दबाने और क्रांतिकारियों को डराने का नापाक प्रयास पूरी तरह विफल किया जाएगा. कोई भी डर, आतंक या खूनखराबे के ज़रिए इस देश की लोकतांत्रिक प्रगति को नहीं रोका जा सकता." बता दें कि 12 दिसंबर को इंकलाब मंच के नेता उस्मान हादी को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी थी. इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे सिंगापुर ले जाया गया था. जहां उसकी मौत हो गई. 

रौशन सिंह छत्तीसगढ़ भाजयुमो कार्यसमिति के नए सदस्य बने, युवाओं में उत्साह

रौशन सिंह बने छत्तीसगढ़ भाजयुमो कार्यसमिति सदस्य, युवाओं में उत्साह भाजयुमो में संगठनात्मक सक्रियता का मिला राजनीतिक सम्मान बिलासपुर  भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने संगठन को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बिलासपुर के युवा नेता रौशन सिंह को भाजयुमो छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त किया है। संगठन में लगातार सक्रियता, निष्ठा और अनुशासित कार्यशैली के चलते मिली इस जिम्मेदारी से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है और युवाओं में उत्साह का माहौल बन गया है। भाजयुमो की प्रदेश कार्यसमिति में शामिल होना किसी भी युवा कार्यकर्ता के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। रौशन सिंह को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब संगठन युवा नेतृत्व को आगे लाने और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले चेहरों को पहचान देने की नीति पर काम कर रहा है।  रौशन सिंह लंबे समय से भाजपा और भाजयुमो के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। चुनावी समय हो या संगठनात्मक अभियान, वे हर मोर्चे पर पूरी निष्ठा के साथ डटे नजर आते हैं। विधायक अमर अग्रवाल के करीबी समर्थकों में गिने जाने वाले रौशन सिंह को संगठनात्मक रणनीति और युवाओं के बीच पकड़ रखने वाला कार्यकर्ता माना जाता है। उन्होंने न केवल राजनीतिक कार्यक्रमों में बल्कि धार्मिक, सामाजिक और सेवा से जुड़े आयोजनों में भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की है। इससे उनकी पहचान एक ऐसे कार्यकर्ता के रूप में बनी है, जो राजनीति को समाजसेवा से जोड़कर देखता है। प्रदेश कार्यसमिति में उनकी नियुक्ति से यह संदेश स्पष्ट है कि भाजपा युवाओं को केवल मंच नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी सौंप रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रौशन सिंह की यह नई भूमिका बिलासपुर सहित पूरे संभाग में संगठन को नई ऊर्जा देने का काम करेगी। युवाओं के बीच मजबूत पकड़ रौशन सिंह की सबसे बड़ी ताकत युवाओं के बीच उनकी स्वीकार्यता है। शिक्षा, रोजगार, खेल और सामाजिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता उन्हें आम युवाओं से जोड़ती है। भाजयुमो के कई अभियानों में उन्होंने नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है, जिससे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिली है। यही कारण है कि पार्टी ने उन्हें प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी सौंपी है। संगठन ने जताया भरोसा भाजपा नेताओं का कहना है कि रौशन सिंह अनुशासन, विचारधारा और समर्पण का संतुलित उदाहरण हैं। उनकी नियुक्ति यह दर्शाती है कि संगठन मेहनती और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने में विश्वास रखता है। प्रदेश कार्यसमिति में उनकी मौजूदगी से नीतियों को जमीनी हकीकत से जोड़ने में मदद मिलेगी और संगठनात्मक विस्तार को गति मिलेगी।  शीर्ष नेताओं का जताया आभार रौशन सिंह ने अपने नियुक्ति के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव,भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा,बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल का आभार जताया साथ ही भाजयुमो नेता रौशन सिंह ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के विश्वास पर खरा उतरते हुए युवाओं के बीच भाजपा सरकार एवं पार्टी की रीति नीति को ज्यादा से ज्यादा अवगत कराऊंगा.

दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में हवा शुद्ध रखने के लिए एयर प्यूरीफायर लगाने का फैसला

नई दिल्ली दिल्ली में हर सर्दी में प्रदूषण की वजह से स्कूलों को ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में शिफ्ट करना पड़ता है जिससे बच्चों की पढ़ाई और एक्टिविटीज प्रभावित होती हैं. लेकिन अब अच्छी खबर ये है कि दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों में हजारों एयर प्यूरीफायर लगाने जा रही है. पहले फेज में 10,000 एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे और अगले चरण में सभी सरकारी स्कूलों के हर क्लासरूम में ये इंस्टॉल होंगे. इससे क्लासरूम की हवा साफ रहेगी और बच्चों को प्रदूषण से बचाव होगा. जिससे ऑनलाइन क्लासेस की मजबूरी खत्म हो जाएगी और स्कूलों में नॉर्मल तरीके से पढ़ाई हो सकेगी. दिल्ली में प्रदूषण का मौजूदा हाल कितना गंभीर? आज यानी 19 दिसंबर 2025 को दिल्ली का AQI ‘वेरी पूअर’ से ‘सीवियर’ कैटेगरी में है.कई जगहों पर 387 से लेकर 480 तक रिकॉर्ड किया गया. स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है.सांस लेने में तकलीफ हो रही है.आंखों में जलन और गले में खराश आम शिकायत है.GRAP स्टेज-4 लागू है जिसके तहत कंस्ट्रक्शन रोक दिया गया है.कुछ गाड़ियों पर बैन है और ऑफिसेस में 50% स्टाफ वर्क फ्रॉम होम कर रहा है. स्कूलों के लिए क्‍या है आदेश? नर्सरी से क्लास 5 तक पूरी तरह ऑनलाइन क्लासेस कर दी गई हैं. क्लास 6 से 11 तक हाइब्रिड मोड है, जबकि क्लास 10 और 12 के बच्चे स्कूल आ सकते हैं. आउटडोर एक्टिविटीज और स्पोर्ट्स पूरी तरह बैन हैं. ये सब बच्चों की सेहत बचाने के लिए किया गया है. दिल्ली सरकार की बड़ी पहल: स्कूलों में एयर प्यूरीफायर शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने ऐलान किया है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 10,000 एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे.पहले चरण में ये शुरू होगा और बाद में सभी सरकारी स्कूलों के हर क्लासरूम तक पहुंचेगा. इससे इनडोर एयर क्वालिटी बेहतर होगी और प्रदूषण के हानिकारक पार्टिकल्स फिल्टर हो जाएंगे.बच्चों को साफ हवा में पढ़ाई करने का मौका मिलेगा और सर्दियों में बार-बार ऑनलाइन शिफ्ट होने की समस्या कम हो जाएगी.

शुभमन गिल की चोट से टीम में बदलाव, पांचवें टी20 में संजू सैमसन और अन्य 2 खिलाड़ी होंगे शामिल

अहमदाबाद भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला 19 दिसंबर (शुक्रवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होना है. इस मुकाबले में भारतीय टीम की सूर्यकुमार यादव करेंगे, वहीं एडेन मार्करम साउथ अफ्रीकी टीम के कप्तान हैं. मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा. भारतीय टीम पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 से आगे है. इस मैच को जीतकर वो सीरीज अपने नाम करना चाहेगी. वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम के पास 6 टी20 मैच बचे हैं, ऐसे में हर मुकाबला अहम है. दूसरी ओर साउथ अफ्रीकी टीम सीरीज तो नहीं जीत सकती, लेकिन वो सीरीज को बराबरी करने की पूरी कोशिश करेगी. इस मुकाबले के लिए भारत की प्लेइंग-11 में कुछ बदलाव हो सकते हैं. लखनऊ में खेला गया चौथा टी20 मैच घने कोहरे के कारण बिना टॉस के रद्द हो गया था. उस मुकाबले के लिए उप-कप्तान शुभमन गिल अनुपलब्ध थे क्योंकि उन्हें पैर में चोट लग गई थी. शुभमन के  लिए यह बड़ा झटका है क्योंकि वह हाल ही में गर्दन की चोट से उबरकर टीम में लौटे थे. चौथे और पांचवें टी20 के बीच केवल एक दिन का अंतर होने के चलते शुभमन आखिरी मुकाबले में शायद ही खेल सकेंगे. भारतीय प्लेइंग-11 में तीन बदलाव संभव शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है. सबसे अहम बात यह है कि वह ओपनर की भूमिका में वापसी कर सकते हैं, जहां उन्होंने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा सफलता हासिल की है. अब तक इस सीरीज में संजू सैमसन को बेंच पर ही बैठना पड़ा है. तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह तीसरे टी20 मैच में व्यक्तिगत कारणों से नहीं खेल पाए थे. हालांकि बुमराह टीम के साथ दोबारा जुड़ चुके हैं और वो लखनऊ में भारतीय खिलाड़ियों के साथ ट्रेनिंग करते दिखे थे. अब बुमराह की आखिरी टी20 मैच के लिए प्लेइंग-11 में वापसी हो सकती है. बुमराह के  मैच खेलने पर हर्षित राणा को बाहर बैठना पड़ेगा. साथ ही कुलदीप यादव की जगह वॉशिंगटन सुंदर को मौका मिल सकता है. साउथ अफ्रीका की व्हाइट-बॉल प्लेइंग इलेवन में होने वाले बदलावों को समझना हमेशा से ही मुश्किल रहा है और उससे भी ज्यादा मुश्किल यह अंदाजा लगाना होता है कि ये बदलाव क्यों किए जाते हैं. अहमदाबाद में होने वाला मुकाबला भी इससे अलग नहीं होगा, जहां साउथ अफ्रीका एक बार फिर अपनी टीम में चौंकाने वाले परिवर्तन कर सकता है. पांचवें टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग-11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती. पांचवें टी20 में साउथ अफ्रीका की संभावित प्लेइंग-11: क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), रीजा हेंड्रिक्स, एडेन मार्करम (कप्तान), डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, डोनोवन फरेरा, मार्को जानसेन, कॉर्बिन बॉश, एनरिक नॉर्किया, लुंगी एनगिडी और ओटनील बार्टमैन. टी20 सीरीज के लिए भारत का स्क्वॉड: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उप-कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, शाहबाज अहमद, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, जसप्रीत बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर. टी20 सीरीज के लिए साउथ अफ्रीका स्क्वॉड: एडेन मार्करम (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, डेवाल्ड ब्रेविस, क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), डोनोवन फरेरा, रीजा हेंड्रिक्स, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, डेविड मिलर, लुंगी एंगिडी, एनरिक नॉर्किया, लुथो सिपाम्ला और ट्रिस्टन स्टब्स.

जापान का बड़ा कदम: सेंट्रल बैंक ने महंगाई पर काबू के लिए ब्याज दरें 30 साल के उच्चतम स्तर पर बढ़ाईं

टोक्यो जापान से बड़ा खबर आई है, यहां के सेंट्रल बैंक (Bank Of Japan) ने ब्याज दरों में तगड़ा इजाफा किया है इसे एक चौथाई फीसदी बढ़ाते हुए 0.75% (Japan Hikes Interest Rate) कर दिया है. ये देश में ब्याज दरों का 30 साल का सबसे उच्चतम स्तर है. जापानी बैंक के फैसले पर सभी की नजर थी और अनुमान के मुताबिक ही शुक्रवार को केंद्रीय बैंक की ओर से बड़ा ऐलान किया गया. बढ़ती महंगाई (Japan Inflation) के दबाव में देश में ब्याज दरों में ये बढ़ोतरी की गई है.   अब 'जीरो' ब्याज पर कर्ज का दौर खत्म  जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा (Kazuo Ueda) के नेतृत्व में बैंक ऑफ जापान (Bank Of Japan) के मॉनिटरी बोर्ड ने शुक्रवार को एक व्यापक रूप से अपेक्षित निर्णय में अपनी बेंचमार्क दर को एक चौथाई फीसदी बढ़ाकर 0.75% कर दी है. शुक्रवार को इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर तीन दशकों या 1995 के बाद सबसे हाई पर पहुंच गया. अब ये देश में पहले कभी नहीं देखे गए लेवल पर पहुंच गया है. इस फैसले से जापान में दशकों से मिल रहे भारी मॉनेटरी सपोर्ट और लगभग ज़ीरो फीसदी पर उधार लेने की लागत का दौर खत्म हो गया है.  पहले से जताई जा रही थी उम्मीद गौरतलब है कि बैंक ऑफ जापान की ओर से Rate Hike का ये फैसला पहले से जताई जा रही उम्मीदों के अनुरूप ही है. एक्सपर्टस शॉर्ट-टर्म Japan Interest Rate में सेंट्रल बैंक की ओर से 0.5% से बढ़ाकर 0.75% करने का अनुमान जाहिर कर रहे थे. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब नई प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची देश में महंगाई को कम करने के लिए प्रयास कर रही हैं.  ताकाइची और उएदा दोनों के अपने वर्तमान पदों को संभालने के बाद यह पहली वृद्धि (First Rate Hike) है, अब Bank Of Japan के गवर्नर उएडा दोपहर 3:30 बजे (0630 GMT) इस फैसले के बारे में अधिका जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. जापान में महंगाई घटाने के लिए कदम बता दें कि जब कोई केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है, तो इसका सीधा प्रभाव देश की करेंसी के मूल्य में वृद्धि के रूप में देखने को मिलता है. जापान के मामले में ये कदम देश में महंगाई को कम करने की क्षमता रखता है,  क्योंकि अमेरिकी डॉलर (US Dollar) और यूरो जैसी अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले येन के कम मूल्य ने आयात लागत को बढ़ाकर महंगाई को बढ़ावा देने में मदद की है. अभी ब्याज दर में और इजाफा संभव! Japan Inflation Rate पर एक नजर डालें, तो शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जापान में खाद्य और ईंधन को छोड़कर महंगाई दर नवंबर में 2.9% की दर से बढ़ी है. मंहगाई का ये आकंड़ा बैंक ऑफ जापान के तय 2% के टारगेट से अधिक है. अधिकांश अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान अगले साल एक बार फिर अपनी बेंचमार्क ब्याज दर बढ़ाकर 1% कर देगा. क्या है जापान के शेयर बाजार का हाल?  जापान में लिए गए Rate Hike के बड़े फैसले से पहले जापानी शेयर बाजार ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा था. वहीं इस खबर के आने के बाद भी इसमें तेज उछाल देखने को मिल रहा है. Japan Nikkei 560 अंक या 1.14% की बढ़त के साथ 49,602.98 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था. हालांकि, ब्याज दरों में इजाफा किए जाने के फैसले के बाद दुनियाभर के शेयर बाजार सकर्त मोड में नजर आ रहे हैं. भारतीय बाजार की बात करें, तो इसमें तेजी देखने को मिली है. BSE Sensex 450 अंक, तो NSE Nifty 140 अंक की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  

iPhone Fold: कॉम्पैक्ट डिजाइन और डुअल कैमरा के साथ ऐपल का नया फोल्डेबल फोन, कीमत और लॉन्च की जानकारी

 नई दिल्ली Apple अपना पहला फोल्डेबल फोन अगले साल लॉन्च कर सकता है. कंपनी iPhone Fold को iPhone 18 सीरीज के साथ लॉन्च कर सकती है. यानी ये फोन अलगे साल सितंबर के आसपास लॉन्च हो सकता है. वैसे iPhone Fold के लॉन्च को लेकर तमाम जानकारियां पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन इस बार फोन का डिजाइन लीक हुआ है.  फोन के लीक रेंडर से साफ है कि ऐपल का पहला फोल्डेबल फोन iPad Mini जैसे डिजाइन के साथ आएगा. ये फोन सैमसंग के बुक स्टाइल वाले फोल्ड से अलग है. ये अंतर फोन के डायमेंशन में होगा, ना कि फोन के फोल्डिंग स्टाइल में. आइए जानते हैं iPhone Fold की खास बातें.  लीक हुआ डिजाइन  iPhone-ticker.de ने इसका लीक डिजाइन शेयर किया है. इसमें छोटा एक्सटर्नल डिस्प्ले मिलेगा. ये डिस्प्ले Samsung के फोल्डिंग फोन के मुकाबले छोटा होगा. वहीं फोन अनफोल्ड होने पर iPad Mini जैसा हो जाएगा. फोल्डेड फॉर्म में ये डिवाइस 83.8mm चौड़ा, 9.6mm मोटा और 120.6mm ऊंचा होगा.  फोन के फोल्ड होने पर 1.8mm का हिंज दिखेगा. इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा. वहीं मेन स्क्रीन पर पंच होल सेल्फी कैमरा मिलेगा. स्मार्टफोन का एक्सटर्नल डिस्प्ले 5.4-inch का होगा. पहले जो जानकारी आई थी, उसमें दावा किया गया था कि ये 5.5-inch के डिस्प्ले के साथ लॉन्च होगा.  लीक रेंडर के मुताबिक, फोन अनफोल्ड होने पर iPad Mini जैसा हो जाएगा. इसमें 7.76-inch की स्क्रीन मिलेगी. कुल मिलाकर ये स्मार्टफोन फोल्ड होने पर कॉम्पैक्ट साइज का रहेगा. अनफोल्ड होने पर ये डिवाइस iPad Mini जैसा हो जाएगा. अनफोल्ड होने पर इसकी मोटाई सिर्फ 4.8mm रह जाएगी. सैमसंग के Galaxy Z Fold 7 की मोटाई 4.2mm अनफोल्ड होने पर रहती है.  कब होगा लॉन्च?  कयास लगाए जा रहे हैं कि ऐपल इस फोन को सितंबर 2026 में लॉन्च कर सकता है. हालांकि, कंपनी ने आधिकारिक रूप से अभी कोई जानकारी नहीं दी है. ये फोन 1999 डॉलर (लगभग 1,74,000 रुपये) की कीमत पर लॉन्च हो सकता है. ये किसी भी ऐपल फोन की सबसे ज्यादा शुरुआती कीमत होगी.

मप्र में ठंड का कहर, कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम; ट्रेनों और उड़ानों का परिचालन प्रभावित

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस हफ्ते का मौसम (MP Weather Update) बेहद ठंडा रहा है। मालवा-निमाड़, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में न्यूनतम तापमान 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। कोहरे और कोल्ड वेव के चलते ट्रेनों और फ्लाइट्स में देरी देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि, इस बार की सर्दी को कोल्ड वेव और जेट स्ट्रीम, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ला नीना जैसी मौसमी परिस्थितियों ने बढ़ाया है।  घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर रीवा में देखने को मिला, जहां 50 मीटर के बाद कुछ भी साफ नजर नहीं आया। दतिया और सागर में दृश्यता 200 से 500 मीटर, जबकि ग्वालियर, सतना, जबलपुर और नौगांव में 500 से 1 हजार मीटर के बीच रही। इंदौर, मंडला और खजुराहो में विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर दर्ज की गई। भोपाल, उज्जैन, राजगढ़, दमोह और उमरिया में 2 से 4 किलोमीटर तक दृश्यता रही। राजधानी भोपाल में सुबह से ही कोहरे का असर बना रहा। शहर के कई इलाकों में दृश्यता कम रही, जिससे लोगों को सर्द हवाओं के साथ ठंड का ज्यादा अहसास हुआ। इंदौर का पारा 4.1 डिग्री, शिवपुरी सबसे ठंडा गुरुवार-शुक्रवार की रात के न्यूनतम तापमान की बात करें तो इंदौर 4.1 डिग्री सेल्सियस के साथ बड़े शहरों में सबसे ठंडा रहा। वहीं प्रदेश में शिवपुरी सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 4 डिग्री तक गिर गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.6, मलाजखंड में 6.8, रायसेन में 7.4 और मंडला में 7.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मुख्य बिंदु:     सबसे ठंडा न्यूनतम तापमान: इंदौर 4.1°C और शिवपुरी 4.0°C।     सबसे गर्म अधिकतम तापमान: नर्मदापुरम 30°C।     सबसे ज्यादा गिरावट पिछले 24 घंटे में: ग्वालियर -3.6°C। कोहरा और ट्रैवल पर असर     ग्वालियर-चंबल, रीवा और सागर संभाग में घना कोहरा, दृश्यता सिर्फ 1-4 किलोमीटर।     दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनों में 30 मिनट से 5 घंटे तक देरी।     भोपाल, इंदौर, ग्वालियर से उड़ानें भी कोहरे के कारण 20 मिनट से 1 घंटे लेट। सुरक्षित ट्रैवल टिप्स:     गाड़ी धीरे चलाएं और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     जहां संभव हो, ट्रैफिक नियमों का पालन करें। स्वास्थ्य और कृषि पर असर स्वास्थ्य:     तेज ठंड में सिर, गर्दन और हाथ-पैर अच्छी तरह ढकें।     फ्लू, सर्दी और खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।     विटामिन C युक्त फल और सब्जियां खाएं। कृषि:     मिट्टी में पर्याप्त नमी होने पर गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें।     बुआई पहले हो चुकी फसलों के लिए कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।     पुरानी फसल अवशेष (ठूंठ) जलाने से बचें। क्यों बढ़ रही ठंड? जेट स्ट्रीम: 12 किमी की ऊंचाई पर तेज हवाएं (195–222 किमी/घंटा) उत्तर भारत से ठंडी हवा ला रही हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस: दिसंबर में सक्रिय, मावठा और कोल्ड डे बढ़ाता है। ला नीना प्रभाव: प्रशांत महासागर ठंडा – ठंडी हवाएं भारत की ओर – मध्य प्रदेश में अधिक ठंड। उत्तर भारत में जल्दी हुई बर्फबारी ने मध्य भारत की ठंड 20-30% तक बढ़ा दी। इन सभी कारणों से इस बार सर्दी लंबी और तेज बनी हुई है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान दिसंबर और जनवरी में कई जिलों में कोल्ड वेव बनी रहेगी। सबसे ज्यादा ठंड वाले जिले: ग्वालियर-चंबल, उज्जैन, भोपाल संभाग (सीहोर-विदिशा), सागर और जबलपुर संभाग। अनुमानित अवधि: 20-22 दिन तक तेज ठंडी हवाएं। ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही कोहरे के कारण दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही हैं। गुरुवार को पंजाब मेल, शताब्दी, झेलम एक्सप्रेस, सचखंड, मालवा, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर एसएफ और मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों पर असर पड़ा। ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनें भी देर से पहुंचीं। शुक्रवार सुबह भी कोहरे के चलते कई ट्रेनें अपने समय से लेट रहीं। फ्लाइट्स पर भी असर भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट्स भी कोहरे से प्रभावित हुईं। गुरुवार को कई उड़ानें 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक देरी से रवाना हुईं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों पर चल रही है छत्तीसगढ़ सरकार

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार बाबा गुरु घासीदास के बताए मार्ग पर चलकर सभी समाज के हित में कर रही है कार्य – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र सतनाम भवन सेक्टर-6 भिलाई में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती एवं गुरु पर्व कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय सतनाम भवन में डोम निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा बाबा गुरु घासीदास जयंती आयोजन हेतु प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दुर्ग जिले के भिलाई सेक्टर-6 स्थित सतनाम भवन में आयोजित परमपूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती एवं गुरु पर्व कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने सतनाम भवन में बाबा गुरु घासीदास जी की गुरु-गद्दी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। इस गरिमामय आयोजन में प्रदेश के तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, कौशल विकास तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा तथा विधायक रिकेश सेन विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 18वीं सदी में जब समाज में छुआछूत, भेदभाव और असमानता चरम पर थी, उस समय बाबा गुरु घासीदास जी ने “मनखे-मनखे एक समान” का महान संदेश देकर मानवता को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के इन्हीं आदर्शों और शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए सभी समाज वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी जैसी योजनाओं का सीधा लाभ किसानों और आम नागरिकों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के समग्र विकास के उद्देश्य से अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जिसमें अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा को प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। समाज के विकास के लिए प्राधिकरण के माध्यम से 75 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही समाज के बेटा-बेटियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारा 15 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर उच्च पदों तक पहुँच सकें। उन्होंने समाज में फैल रही नशाखोरी पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके विरुद्ध कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोजगारी दूर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसके माध्यम से युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस उद्योग नीति के अंतर्गत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने समाज से शिक्षा को बढ़ावा देने, समानता, सद्भाव और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने गुरु घासीदास सेवा समिति की मांगों का उल्लेख करते हुए सतनाम भवन सेक्टर-06 भिलाई में डोम निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा प्रति वर्ष बाबा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम के आयोजन हेतु 10 लाख रुपये की स्वीकृति देने की घोषणा की। प्रदेश के तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को पूर्ण भाव से जीवन में उतार लिया जाए, तो समाज की सभी बुराइयों का स्वतः अंत हो जाएगा। उन्होंने सतनाम मार्ग पर चलने वालों से खान-पान और आचरण को शुद्ध रखने का आह्वान किया। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने संक्षिप्त संबोधन में बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग और संदेशों को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम को अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सांवला राम डाहरे, गुरु घासीदास सेवा समिति के अध्यक्ष भरत लाल कुर्रे, उपाध्यक्ष श्रीमती उर्मिला भास्कर एवं समिति के अन्य पदाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक उपस्थित थे।

गांगुली का नाम घसीटे जाने पर कार्रवाई, ₹50 करोड़ का मानहानि मुकदमा दायर

 कोलकाता टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कोलकाता के लालबाजार में उत्तम साहा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. गांगुली का आरोप है कि साहा ने उन्हें युवा भारती स्टेडियम (सॉल्ट लेक स्टेडियम)  घटना में जानबूझकर फंसाया और उनके खिलाफ झूठे, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक बयान देकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया. साहा अर्जेंटीना फैन क्लब के अध्यक्ष हैं. बता दें कि दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी के इवेंट के दौरान सॉल्ट लेक स्टेडियम में अफरातफरी मच गई थी. गांगुली ने अपनी शिकायत में कहा कि उत्तम साहा ने उनके बारे में लगातार झूठे और मानहानिक आरोप लगाए, जो न केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान को ठेस पहुँचाते हैं, बल्कि सार्वजनिक रूप से भी उनके किरदार और प्रतिष्ठा को बदनाम करते हैं. सौरव गांगुली ने कहा कि उत्तम साहा ने यह सब जानबूझकर और उद्देश्यपूर्वक किया है. पूर्व भारतीय कप्तान ने साहा को कानूनी नोटिस भेजा और अब उन्होंने ₹50 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दायर किया है. गांगुली का कहना है कि इन आरोपों का कोई भी वास्तविक आधार नहीं है और उन्हें गलत तरीके से सार्वजनिक किया गया है. इवेंट छोड़कर चले गए थे गांगुली घटना के दिन सौरव गांगुली सॉल्ट लेक स्टेडियम में मौजूद थे, लेकिन वह एक अलग क्षेत्र में थे और हलचल के बीच निराश होकर वहां से चले गए थे. गांगुली ने यह भी स्पष्ट किया कि वह केवल अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए थे और उनका लियोनेल मेसी के कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं था. सौरव गांगुली के वकीलों ने कहा कि यह मुकदमा सार्वजनिक प्रतिष्ठा की रक्षा और भविष्य में ऐसे झूठे आरोपों को रोकने के उद्देश्य से दायर किया गया है. अर्जेंटीना फैन क्लब के अध्यक्ष उत्तम साहा की ओर से लगाए गए आरोपों ने गांगुली की छवि और व्यक्तिगत सम्मान को काफी प्रभावित किया. इस मुकदमे की सुनवाई और परिणाम को भारतीय प्रशंसक बड़ी दिलचस्पी से देख रहे हैं क्योंकि यह मामला क्रिकेट और फैन क्लबों के बीच सार्वजनिक विवाद में एक बड़ी घटना के रूप में उभर रहा है.

छत्तीसगढ़ के तीन जिले औषधीय एवं सुगंधित पौधों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित, मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025 अवॉर्ड प्राप्त

रायपुर : औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के तीन जिलों को मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025 अवॉर्ड रायपुर छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के मार्गदर्शन में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के तीन जिले धमतरी, मुंगेली एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025 अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवाचार आधारित कृषि विकास पर मिली इस अवार्ड के लिए तीनों जिले के साथ प्रदेश के विभिन्न कृषि क्षेत्र के विकास में योगदान देने वालों को बधाई दी है l  भारतीय कृषि का “ऑस्कर” अवार्ड         कृषि जागरण संस्था एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संयुक्त तत्वाधान में 7 से 9 दिसंबर 2025 तक नई दिल्ली स्थित आईएआरआई, पूसा मैदान में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवॉर्ड को भारतीय कृषि का “ऑस्कर” भी कहा जाता है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस अवार्ड के लिए तीनों जिलों को दी बधाई             वन मंत्री केदार कश्यप ने तीनों जिलों को बधाई देते हुए कहा कि औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से आदिवासी अंचलों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। यह उपलब्धि राज्य के किसानों और महिला समूहों के लिए प्रेरणास्रोत है। औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने नवाचार आधारित कृषि विकास से मिली इस उपलब्धि पर बधाई दी है            छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बोर्ड द्वारा संचालित योजनाएं किसानों और महिला स्व- सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बना रही हैं। भविष्य में भी औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण को और विस्तार दिया जाएगा। औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन        कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा स्टॉल के माध्यम से राज्य में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वैद्यों ने जड़ी-बूटियों के माध्यम से देश-विदेश से आए लोगों को पारंपरिक उपचार पद्धतियों की जानकारी और परामर्श प्रदान किया। बोर्ड का स्टॉल कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा।  “कृषि क्षेत्र में निजी निवेशकों के माध्यम से आजीविका विकास में प्रशासनिक उत्कृष्टता” के लिए मिला सम्मान         बोर्ड के सहयोग से धमतरी, मुंगेली एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों में लेमनग्रास, खस सहित अन्य औषधीय एवं सुगंधित पौधों का कृषिकरण स्थानीय प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। इससे स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों एवं किसानों की आजीविका को मजबूती मिली है। इन सफल प्रयासों के लिए तीनों जिलों को “कृषि क्षेत्र में निजी निवेशकों के माध्यम से आजीविका विकास में प्रशासनिक उत्कृष्टता” के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। भारत सरकार के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के करकमलों से यह अवॉर्ड प्रदान किया           समापन सत्र में 9 दिसंबर 2025 को भारत सरकार के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के करकमलों से यह अवॉर्ड प्रदान किया गया। मुंगेली जिले की ओर से वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार तथा धमतरी एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की ओर से जिला कलेक्टरों के प्रतिनिधियों ने यह सम्मान ग्रहण किया।          कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. विजय कुमार सारस्वत सदस्य, नीति आयोग, और डॉ. एमएल जाट  महानिदेशक, ICAR ने किया। उनके साथ सम्मानित अतिथि डॉ. राजबीर सिंह डीडीजी कृषि विस्तार, ICAR, और डॉ. एसके मल्होत्रा कुलपति, MHU, करनाल उपस्थित रहे । उद्घाटन सत्र में कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें जेएसीएस राव सीईओ, छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड डॉ. ओमवीर सिंह सलाहकार, भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड और NDDB; कमल सोमानी, एमडी, सोमानी सीड्स, डॉ. सीके टिंबाडिया कुलपति, GNFOAU डॉ. ए.के. यादव सलाहकार, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय; बीजू अल्बिन कृषि विज्ञानी, दुबई के शासक का निजी कार्यालय; पूर्व एमसी डोमिनिक संस्थापक और प्रधान संपादक, कृषि जागरण; श्रीमती शाइनी डोमिनिक प्रबंध निदेशक, कृषि जागरण और श्रीमती ममता जैन, संपादक और सीईओ कृषि जागरण और एग्रीकल्चर वर्ल्ड शामिल थे।                 यह आयोजन देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, किसानों और उद्योग प्रतिनिधियों का बड़ा मंच बना, जिसने नवाचार आधारित कृषि विकास को नई दिशा दी।