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ठिठुरता झारखंड! रांची सहित इन इलाकों में अगले 4 दिन छाया रहेगा घना कोहरा, मौसम विभाग की चेतावनी

रांची झारखंड के कुछ हिस्सों में अगले चार दिनों तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता बुरी तरह प्रभावित होगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने  इसकी जानकारी दी। इन जिलों में घने कोहरे की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, पलामू, देवघर, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में घने कोहरे का अलर्ट हैं। इसमें कहा गया है कि इन जिलों में सुबह के समय दृश्यता में काफी कमी आ सकती है और यह 50 से 200 मीटर के बीच रहेगी। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया, "झारखंड के निचले क्षोभमंडल में हल्की दक्षिण-पूर्वी से पूर्वी हवाएं चल रही हैं। उत्तरी और कुछ मध्य जिलों के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। यह स्थिति 23 दिसंबर तक बनी रहेगी।" उन्होंने कम दृश्यता के कारण सुबह-सुबह यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी।  अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है। 

रेल हादसा: राजधानी एक्सप्रेस से टकराने से 8 हाथियों की मौत, पटरी से उतरे 5 डिब्बे

जमुनामुख असम के जमुनामुख के सानरोजा इलाके में एक भयानक रेल हादसा शुक्रवार तड़के करीब 2 बजे हुआ, जिसने न केवल लोगों को हिला कर रख दिया बल्कि वन्यजीवन के लिए भी गंभीर संकट पैदा कर दिया। खबर है कि सैरांग से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन अचानक हाथियों के एक झुंड से टकरा गई। हादसे का विवरण घटना स्थल से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन का इंजन और पांच डिब्बे पटरी से उतर गए। इस दर्दनाक दुर्घटना में 8 हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ हाथियों के घायल होने की भी आशंका जताई जा रही है। यह झुंड रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, जिससे ट्रेन और हाथियों की टक्कर हुई। यातायात पर असर इस हादसे के बाद रेल मार्ग पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। कई ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ का मार्ग बदलकर परिचालन किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है ताकि प्रभावित लोगों को समय पर जानकारी मिल सके। राहत और बचाव कार्य रेलवे और राज्य प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है। मौके पर रेलवे और वन विभाग की टीमें सक्रिय हैं, ताकि घायल हाथियों और ट्रेन यात्रियों की सहायता सुनिश्चित की जा सके। वन्यजीवन और सुरक्षा पर चिंता इस हादसे ने न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठाया है, बल्कि वन्यजीवन और मानव-संरक्षण क्षेत्र के बीच संतुलन पर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे ट्रैक और हाथियों के आवास क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की खिचड़ी मेला, गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों और विकास कार्यों की समीक्षा

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार देर शाम गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में प्रशासन, पुलिस, नगर निगम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेला, गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों तथा जिले में जारी विकास कार्यों की समीक्षा की। खिचड़ी मेले की तैयारियों को लगभग पूर्ण जानकर उन्होंने संतोष जताया। साथ ही कहा कि नववर्ष के पहले दिन उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ प्रशासन के लिए खिचड़ी मेला के प्रबंध के रिहर्सल के रूप में होगी। इस दिन के प्रबंध से खिचड़ी मेला की तैयारियों को भी भौतिक रूप से परखने का अवसर मिल जाएगा।  समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने खिचड़ी मेला के प्रबंध को लेकर सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से उनकी तैयारी की जानकारी ली। मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में तय की गई समय सीमा 20 दिसंबर के पूर्व ही सभी तैयारियां संतोषजनक मिलीं। उन्होंने तैयारियों पर निरंतर ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि खिचड़ी मेला से पहले नववर्ष के पहले दिन एक जनवरी को भी मंदिर में गुरु गोरखनाथ जी के दर्शन को भारी भीड़ उमड़ेगी। यह मेला की तैयारियों के रिहर्सल का अच्छा मौका होगा। खिचड़ी मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। गोरखपुर महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को मिले भरपूर मौका 11 से 13 जनवरी तक आयोजित होने वाले गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महोत्सव में स्थानीय कलाकारों, प्रतिभाओं को भरपूर मौका दिया जाए। पारंपरिक वाद्य, गायन व नृत्य कलाओं को महोत्सव के जरिये प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जाएं। कहा कि महोत्सव को लेकर जो भी कार्य शेष रह गए हैं, उन्हें शीघ्रता से पूरा कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर महोत्सव में हरेक सेक्टर के विकास, योजनाओं और उपलब्धियों पर गोष्ठी कराने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।  नववर्ष के पहले दिन रामगढ़ताल क्षेत्र में हों सुरक्षा और सुविधा के पर्याप्त इंतजाम मुख्यमंत्री ने नववर्ष के पहले दिन शहर के खास पर्यटन केंद्र रामगढ़ताल क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद को देखते हुए लोगों की सुविधा और सहूलियत के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर आए नववर्ष के पहले दिन इस क्षेत्र में सीसी कैमरों से निगरानी की जाए ताकि कोई अराजकता न फैलाने पाए। उन्होंने इस अवसर विशेष पर रामगढ़ताल क्षेत्र में पार्किंग की अतिरिक्त व्यवस्था करने और इसका समय रहते प्रचार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कहीं भी सड़क पर वाहन न खड़े होने पाएं।  सड़क निर्माण की परियोजनाओं को तेजी से पूर्ण कराएं जनपद में जारी विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि सड़क निर्माण की जितनी भी परियोजनाएं जारी हैं, उनको गुणवत्तापूर्ण तरीके से तेजी से पूर्ण कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा सुगम यातयात व्यवस्था देना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विरासत गलियारा की भी समीक्षा की और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि विरासत गलियारा के दायरे में आने से जो दुकान पूरी तरह प्रभावित हुईं हों, उनके स्वामियों को दुकान उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम और जीडीए की तरफ से पहल की जाए। प्रभावित दुकानदारों का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने शीतलहर में आमजन की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में अलाव जलवाने के भी निर्देश दिए। बैठक में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह सहित प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हिंदू युवक की हत्या से बांग्लादेश में हड़कंप, मुहम्मद यूनुस के ऐक्शन के बाद 7 गिरफ्तारी

बांग्लादेश बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में एक हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने शनिवार को यह जानकारी दी है। यूनुस ने कहा कि रैपिड एक्शन बटालियन ने मैमनसिंह के बालुका में 27 साल के सनातन हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या के मामले में संदिग्धों को हिरासत में लिया है। यूनुस ने कहा, "रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने मैमनसिंह के बालुका में 27 साल के सनातन हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या के मामले में सात लोगों को संदिग्ध के तौर पर गिरफ्तार किया है।" बयान के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मोहम्मद लिमोन सरकार (19), मोहम्मद तारेक हुसैन (19), मोहम्मद मानिक मिया (20), इरशाद अली (39), निजुम उद्दीन (20), आलमगीर हुसैन (38) और मोहम्मद मिराज हुसैन अकन (46) के रूप में हुई है। यूनुस ने कहा कि ये गिरफ्तारियां इलाके में RAB यूनिट्स की समन्वित कार्रवाई के बाद हुई हैं। उन्होंने कहा, "RAB-14 ने अलग-अलग जगहों पर ऑपरेशन चलाकर उपरोक्त संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।" इस बीच बांग्लादेश के एक प्रमुख युवा नेता का शव शुक्रवार को सिंगापुर से ढाका लाए जाने के बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अपने नागरिकों से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा की गयी हिंसा से दूर रहने का आह्वान किया । युवा नेता शरीफ उस्मान हादी को छह दिन पहले गोली मार दी गयी थी। वह जुलाई में सरकार के विरूद्ध हुए हिंसक प्रदर्शनों में एक प्रमुख चेहरा थे। पुलिस के अनुसार, हादी का शव सिंगापुर से ढाका पहुंचने के कुछ ही समय बाद, कथित कट्टरपंथी दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने राजधानी में वामपंथी विचारधारा वाली उदिची शिल्पीगोष्ठी के मुख्य कार्यालय में आग लगा दी। देश के विभिन्न हिस्सों में बृहस्पतिवार रात हमले और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं जिनमें चट्टगांव में भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास पर पथराव भी शामिल है। ये घटनाएं मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनूस द्वारा टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए हादी की मौत की पुष्टि करने के बाद हुईं। इंकलाब मंच के प्रवक्ता हादी का शव कड़ी सुरक्षा और व्यापक जन शोक के बीच बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की उड़ान से स्थानीय समयानुसार शाम लगभग छह बजे हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एचएसआईए) पर लाया गया। यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने बिमान के महाप्रबंधक (जनसंपर्क) बोशरा इस्लाम के हवाले से दी।  

ख़राब मौसम के कारण पीएम मोदी की बंगाल रैली प्रभावित, लौटे कोलकाता

ताहिरपुर पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर ताहिरपुर में उतर नहीं पाया। अधिकारियों के मुताबिक कम दृष्यता की वजह से विमान लैंड नहीं कर पाया और उसे वापस कोलकाता लौटना पड़ा। एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी के सड़क मार्ग के जरिए रैली स्थल पर पहुंचने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर हेलीपैड के ऊपर कुछ समय तक घूमा और फिर कोलकाता हवाई अड्डे लौट आया। अंतिम खबर मिलने तक प्रधानमंत्री हवाई अड्डे पर मौसम की स्थिति पर आगे की जानकारी का इंतजार कर रहे थे। अधिकारी ने कहा कि यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि मोदी सड़क मार्ग से ताहिरपुर में स्थित रैली स्थल तक पहुंचेंगे या फिर मौसम साफ होने का इंतजार कर हेलीकॉप्टर से रवाना होने का एक और प्रयास करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10:40 बजे कोलकाता पहुंचे और फिर हेलीकॉप्टर से नदिया जिले के ताहिरपुर के लिए रवाना हुए। ताहिरपुर पहुंचकर वह पश्चिम बंगाल में राजमार्ग परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इसके बाद भाजपा की राजनीतिक रैली ‘परिवर्तन संकल्प सभा’ को संबोधित करेंगे।

भारत का अगला मैच कब और किससे? टी20 वर्ल्ड कप से पहले होने जा रही अहम सीरीज का पूरा शेड्यूल

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका से 3-1 से टी20 सीरीज जीतकर भारत ने 2025 का अंत किया। यह साल टीम इंडिया के लिए टी20 क्रिकेट में काफी शानदार रहा। इस साल टीम इंडिया एक भी सीरीज नहीं हारी। इस विनिंग स्ट्रीक के साथ भारत अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में भी कदम रखना चाहेगा। हालांकि इससे पहले उनके सामने न्यूजीलैंड की मुश्किल चुनौती होगी। यह टी20 वर्ल्ड कप से पहले खिलाड़ियों को आजमाने, कॉम्बिनेशन सेट करने का सूर्या ब्रिगेड के पास आखिरी मौका होगा। आईए एक नजर इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड 2026 दौरे के शेड्यूल, मैच टाइमिंग और अन्य जानकारियों पर एक नजर डालते हैं- न्यूजीलैंड के भारत दौरे का आगाज 11 जनवरी से तीन मैच की वनडे सीरीज के साथ होगा। इस सीरीज में फैंस को एक बार फिर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे स्टार खिलाड़ी देखने को मिलेंगे। इसके बाद भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैच की टी20 सीरीज खेलेगा। न्यूजीलैंड का भारत दौरा 31 जनवरी को खत्म होगा, फिर एक हफ्ते के रेस्ट के बाद दोनों टीमें टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने-अपने अभियान का आगाज करेगी। IND vs NZ ODI सीरीज शेड्यूल- पहला वनडे: 11 जनवरी, 2026 (रविवार) – कोटंबी स्टेडियम, वडोदरा – दोपहर 1:30 बजे (IST) दूसरा वनडे: 14 जनवरी, 2026 (बुधवार) – निरंजन शाह स्टेडियम, राजकोट – दोपहर 1:30 बजे (IST) तीसरा वनडे: 18 जनवरी, 2026 (रविवार) – होलकर क्रिकेट स्टेडियम, इंदौर – दोपहर 1:30 बजे (IST) IND vs NZ टी20 सीरीज शेड्यूल- पहला T20I मैच- 21 जनवरी को नागपुर में, शाम 7 बजे से दूसरा T20I मैच- 23 जनवरी को रायपुर में, शाम 7 बजे से तीसरा T20I मैच- 25 जनवरी को गुवाहाटी में, शाम 7 बजे से चौथा T20I मैच- 28 जनवरी को विशाखापत्तनम में, शाम 7 बजे से पांचवां और आखिरी T20I मैच- 31 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में, शाम 7 बजे से  

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट: पति ने 2 साल तक खर्च नहीं दिया तो मुस्लिम महिला ले सकती है तलाक

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मुस्लिम कानून के तहत दिए गए एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि पति लगातार दो वर्ष तक पत्नी को भरण-पोषण नहीं देता है, तो पत्नी को तलाक लेने का कानूनी अधिकार है। कोर्ट ने फैमिली कोर्ट द्वारा पारित तलाक की डिक्री को सही ठहराते हुए पति की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, पत्नी द्वारा लगाए गए क्रूरता के आरोप को कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। यह मामला झारखंड के बोकारो जिले की एक मुस्लिम महिला से जुड़ा है, जिसका निकाह छत्तीसगढ़ निवासी व्यक्ति से 30 सितंबर 2015 को मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। निकाह के 15 दिन बाद ही दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया। इसके बाद पत्नी मायके चली गई और तब से वहीं रह रही है। इस दौरान पति-पत्नी के बीच अलगाव बना रहा। पत्नी ने फैमिली कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि पति ने मई 2016 से अब तक उसे कोई भरण-पोषण नहीं दिया। मुस्लिम विवाह विच्छेद अधिनियम, 1939 की धारा 2(II) के तहत दो वर्ष तक भरण-पोषण न देना तलाक का वैध आधार है। फैमिली कोर्ट ने दस्तावेजों के आधार पर पत्नी की याचिका स्वीकार करते हुए तलाक की डिक्री पारित कर दी। इस फैसले को पति ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन डिवीजन बेंच ने तलाक के आधार को सही मानते हुए याचिका खारिज कर दी। भरण-पोषण न देना बना तलाक का आधार हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम कानून में पत्नी का भरण-पोषण पति की कानूनी जिम्मेदारी है। यदि पति लगातार दो वर्ष तक यह जिम्मेदारी नहीं निभाता, तो पत्नी को तलाक मांगने का अधिकार है, चाहे वह पति से अलग रह रही हो। कोर्ट ने पाया कि लगभग आठ वर्षों तक पति ने कोई भरण-पोषण नहीं दिया, जो कानूनन गंभीर चूक है। क्रूरता के आरोप से राहत कोर्ट ने यह भी कहा कि पत्नी द्वारा लगाए गए क्रूरता के आरोप पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में साबित नहीं हो सके। इससे पहले ट्रायल कोर्ट भी पति और उसके स्वजन को आईपीसी की धारा 498ए सहित अन्य धाराओं में बरी कर चुका था। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने क्रूरता के आरोप को खारिज करते हुए पति को इस बिंदु पर राहत दी, लेकिन तलाक की डिक्री को बरकरार रखा।

जनता दर्शन में आई शिकायत पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए निर्देश

कड़ाके की ठंड में भी सीएम योगी ने किया जनता दर्शन, 250 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम ने  गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है कि लोगों को विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाय। ऐसे एजेंटों से पीड़ितों का पूरा पैसा भी वापस कराया जाय। उन्होंने विदेश भेजने के नाम पर फ्राॅड करने वालों को चिन्हित करने और उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शनिवार सुबह कड़ाके की ठंड में आयोजित जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए दिए। गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने करीब 250 लोगों से मुलाकात की। सीएम योगी ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का प्रभावी निराकरण कराया जाएगा। जनता दर्शन में आई एक महिला ने परिवार के एक सदस्य को विदेश भेजने के नाम पर एजेंट द्वारा ठगी किए जाने का मामला मुख्यमंत्री को बताया। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित का पैसा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला को भी समझाते हुए कहा, विदेश जाने के नाम पर एजेंटों के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। गलत तरीके से जाने पर लोगों को वहां जेल में रहना पड़ जाता है।  जनता दर्शन में आए पुलिस से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पीड़ितों की मदद में विलंब और लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में  किसी तरह की लापरवाही हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। हर पीड़ित की त्वरित मदद की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोग इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को प्यार-दुलारकर सीएम योगी ने उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित करते हुए चॉकलेट दिया।

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप और स्पष्ट निर्देशों के बाद जागा राजस्व परिषद, आयोग को भेजा जाएगा संशोधित अधियाचन

सभी विभागों को मुख्यमंत्री को दो टूक चेतावनी, भर्तियों में लंबवत और क्षैतिज हर तरह के आरक्षण प्रावधानों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित हो: मुख्यमंत्री लखनऊ राजस्व लेखपाल भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व परिषद को कड़ी चेतावनी दी है और साफ निर्देश दिए हैं कि आरक्षण प्रावधानों में किसी भी प्रकार की त्रुटि, लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के स्पष्ट हस्तक्षेप के बाद राजस्व परिषद अब श्रेणीवार रिक्तियों के आंकड़ों की दोबारा समीक्षा कर रहा है और संशोधित अधियाचन तैयार कर उसे एक सप्ताह के भीतर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को भेजने की तैयारी कर रहा है ताकि भर्ती पूर्णतः नियमसम्मत और आरक्षण प्रावधानों के शत-प्रतिशत अनुपालन के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था का अक्षरशः पालन अनिवार्य है। लंबवत और क्षैतिज दोनों तरह के आरक्षण का सम्मान न केवल कानूनी दायित्व है बल्कि सामाजिक न्याय की मूल भावना भी है। उन्होंने सभी विभागों को दो टूक संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि आरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और ऐसी त्रुटियाँ शासन के स्तर पर कदापि स्वीकार नहीं होंगी। बता दें कि राजस्व लेखपाल के 7,994 पदों के लिए 16 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापन के बाद यह तथ्य सामने आया कि जनपदों से भेजे गए श्रेणीवार आंकड़ों में स्पष्ट विसंगतियाँ थीं। मुख्यमंत्री द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद अब राजस्व परिषद श्रेणीवार कार्यरत एवं रिक्त पदों की गणना को पुनः सत्यापित कर रहा है, ताकि संशोधित अधियाचन पूरी तरह त्रुटिरहित स्वरूप में आयोग को भेजा जा सके। राजस्व परिषद की सचिव कंचन वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद परिषद ने प्राथमिकता से सभी आंकड़ों की समीक्षा प्रारंभ कर दी है। उन्होंने कहा कि संशोधित अधियाचन आयोग को भेजे जाने के उपरांत लेखपाल भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, विवाद-मुक्त और आरक्षण प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन के साथ आगे बढ़ेगी। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आरक्षण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी, विसंगतियों पर कड़ी कार्रवाई अनिवार्य है, और युवाओं के भविष्य से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून सम्मत आचरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेखपाल भर्ती में हुआ यह हस्तक्षेप न केवल वर्तमान प्रक्रिया को सुधारने वाला कदम है, बल्कि आने वाली सभी भर्तियों के लिए भी सख्त संदेश है कि आरक्षण संबंधी नियमों के पालन में जरा भी ढिलाई नहीं चलेगी।

हाईवे पर मौत से जंग: रीवा-प्रयागराज मार्ग पर ट्रक और ट्रेलर की टक्कर, केबिन में 5 घंटे फंसा रहा ड्राइवर

रीवा  रीवा-प्रयागराज नेशनल हाईवे-30 पर गढ़ बाईपास के पास बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। घने कोहरे के कारण सड़क किनारे खड़े एक खराब ट्रक में पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर का चालक, जिसकी पहचान दिनेश रावत (39 वर्ष) के रूप में हुई है, ट्रक के केबिन और स्टीयरिंग के बीच बुरी तरह फंस गया। कोहरे के कारण हादसा जानकारी के अनुसार एक ट्रक बीती शाम करीब 6 बजे खराब हो गया था, जिसे चालक ने सड़क के किनारे ही खड़ा कर दिया था। रात करीब 2 बजे जब ट्रेलर वहां से गुजरा, तो घने कोहरे के कारण चालक को सामने खड़ा ट्रक दिखाई नहीं दिया और वह सीधे उससे जा टकराया। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे पर खराब वाहनों को समय पर न हटाए जाने के कारण यहां आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। सूचना के बाद पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही गढ़ थाना प्रभारी अनीश पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एमपीआरडीसी की टीम और गैस कटर की मदद से चालक को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। लगभग 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, सुबह करीब 7 बजे चालक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका और उपचार के लिए तुरंत अस्पताल भेजा गया। लोगों ने उठाए सवाल घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने हाईवे अथॉरिटी और पेट्रोलिंग टीम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खराब ट्रक शाम 6 बजे से सड़क पर खड़ा था, लेकिन पेट्रोलिंग टीम ने उसे वहां से हटाने या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की जहमत नहीं उठाई। यदि समय रहते ट्रक हटा लिया जाता, तो शायद यह हादसा नहीं होता। फिलहाल, घायल चालक का इलाज जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। यातायात को सुचारू रखने के लिए वाहनों को सर्विस रोड से निकाला गया।