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पंजाब वासियों सावधान! जारी हुई अहम एडवाइजरी, लापरवाही पड़ सकती है भारी

बरनाला   स्वास्थ्य विभाग बरनाला द्वारा डिप्टी कमिश्नर बरनाला टी. बेनिथ आईएएस तथा डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग पंजाब के दिशा-निर्देशों के अनुसार शीत लहर और घने कोहरे से बचाव के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। यह जानकारी इंचार्ज सिविल सर्जन बरनाला डॉ. गुरमिंदर कौर औजला ने दी। डॉ. गुरमिंदर कौर औजला ने बताया कि सर्दी के मौसम में शीत लहर के कारण बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और लंबे समय से बीमार व्यक्ति अधिक प्रभावित होते हैं। ठंड लगने की स्थिति में यदि समय रहते इलाज न कराया जाए, तो यह कई बार गंभीर और जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसलिए इन वर्गों का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मुनीश कुमार ने बताया कि घनी धुंध और अत्यधिक ठंड के कारण सुबह और देर शाम या रात के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। घने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है, जो काफी खतरनाक हो सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि घरों में बंद कमरे के अंदर अंगीठी जलाकर कभी भी ताप नहीं लेना चाहिए, क्योंकि अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी पैदा कर देती है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक और जानलेवा हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर, घबराहट या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जिला मास मीडिया एवं सूचना अधिकारी कुलदीप सिंह मान तथा जिला बीसीसी कोऑर्डिनेटर हरजीत सिंह ने बताया कि इस मौसम में छोटे बच्चे अधिक बीमार पड़ते हैं, इसलिए उन्हें गर्म कपड़े पहनाना बेहद जरूरी है। बच्चों को स्वेटर, जैकेट, मोजे, जूते और सिर पर टोपी जरूर पहनाई जानी चाहिए। बुजुर्गों, दमा और सांस संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों को अत्यधिक ठंड के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सर्दियों में खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। आहार में गर्म चीजें जैसे सूप, चाय, कॉफी और संतुलित भोजन शामिल करें। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए थोड़े-थोड़े समय बाद गुनगुना या हल्का गर्म पानी पीते रहें। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि ठंड के मौसम में सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

एनएमडीसी ने पीआरएसआई राष्ट्रीय सम्मेलन 2025 में 7 प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते

हैदराबाद भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक और एक जिम्मेदार खनन कंपनी, एनएमडीसी ने पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) द्वारा आयोजित 47वें अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन 2025 में सात प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किए। तीन दिनों तक चले इस सम्मेलन का विषय “सशक्त विकास, जड़ों का संरक्षण” रहा, जिसमें जनसंपर्क और रणनीतिक संचार में उत्कृष्टता का उत्सव मनाया गया। कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण पहल, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), अनुसंधान एवं विकास, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच तथा कॉर्पोरेट संचार जैसे विविध क्षेत्रों में प्रभावशाली योगदान के लिए एनएमडीसी की उपलब्धियों को सम्मानित किया गया, जो सतत विकास और राष्ट्र-निर्माण के प्रति संगठन के एकीकृत दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तराखंड के वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल, उत्तराखंड के जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री गणेश जोशी, सांसद श्री नरेश बंसल तथा स्वामी चिदानंद जी सरस्वती महाराज सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पुरस्कार मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा, उत्तराखंड के वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति में प्रदान किए गए। कार्यक्रम में डॉ. प्रसाद गौरीनेनी सहित उद्योग जगत की अन्य विशिष्ट हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। एनएमडीसी की ओर से श्री च. श्रीनिवास राव, उप महाप्रबंधक (कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस) ने संगठन की ओर से सम्मान ग्रहण किया। एनएमडीसी को सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) द्वारा सर्वश्रेष्ठ कौशल विकास कार्यक्रम, वार्षिक रिपोर्ट तथा गृह पत्रिका (हिंदी) के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने हेतु सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान एवं विकास प्रयास तथा महिला विकास के लिए सर्वश्रेष्ठ सीएसआर परियोजना के लिए द्वितीय पुरस्कार, जबकि सीएसआर परियोजनाओं के कार्यान्वयन में सर्वश्रेष्ठ पीएसयू और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली उत्कृष्ट पहलों के लिए तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। टीम को बधाई देते हुए सुश्री जी. प्रियदर्शिनी, निदेशक (कार्मिक) ने कहा, “ये सम्मान इस विश्वास की पुनः पुष्टि करते हैं कि सार्थक प्रगति तब हासिल होती है जब प्रदर्शन उद्देश्य से निर्देशित हो और स्पष्टता के साथ संप्रेषित किया जाए। हमारी यात्रा खनन से आगे बढ़कर समुदायों को सशक्त बनाने, कौशल को पोषित करने, नवाचार को आगे बढ़ाने और राष्ट्र के विकास में जिम्मेदारीपूर्वक योगदान देने तक विस्तृत है। ये पुरस्कार हमारी टीम की उस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसके माध्यम से वे एनएमडीसी के इतिहास को प्रामाणिकता, प्रभाव और गर्व के साथ प्रस्तुत करते हुए सभी हितधारकों के साथ विश्वास को सुदृढ़ कर रहे हैं।”  अपने नेतृत्व को और मजबूत करते हुए, एनएमडीसी पीआरएसआई द्वारा मान्यता प्राप्त सभी क्षेत्रों में व्यापक पहलों को आगे बढ़ा रहा है। संरचित कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से एनएमडीसी भविष्य के लिए प्रतिभाओं का निर्माण कर रहा है तथा युवाओं में रोजगार क्षमता को बढ़ा रहा है।

लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘मास्टरस्ट्रोक’: व्लादिमीर पुतिन के सामने रूसी पत्रकार का प्रपोजल वीडियो वायरल

रूस  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस आमतौर पर गंभीर राजनीतिक चर्चाओं और तीखी विदेश नीति के लिए जानी जाती है, लेकिन हाल ही में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दुनिया को एक बेहद रोमांटिक और यादगार पल देखने को मिला। यहां 23 वर्षीय रूसी पत्रकार किरिल बाजानोव ने इस ग्लोबल प्लेटफॉर्म को अपनी लव स्टोरी के एक बड़े मोड़ में बदल दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, बाजानोव ने अचानक एक 'प्लेबोर्ड' निकाला, जिसे देखकर पहले तो लोगों को लगा कि वह कोई तीखा सवाल पूछेंगे। हालांकि, उन्होंने देश की बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुए अपने व्यक्तिगत जीवन को इससे जोड़ा और सीधे कैमरे की ओर देखते हुए अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज कर दिया। उन्होंने कहा, "मेरी गर्लफ्रेंड यह देख रही है… क्या तुम मुझसे शादी करोगी? प्लीज मुझसे शादी कर लो।"   पुतिन और दर्शकों की प्रतिक्रिया इस अप्रत्याशित पल ने वहां मौजूद सैकड़ों पत्रकारों और खुद राष्ट्रपति पुतिन को हैरान कर दिया। पूरा हॉल तालियों की गूंज से भर गया। लगभग एक घंटे बाद, कार्यक्रम की होस्ट ने 'ब्रेकिंग न्यूज' देते हुए घोषणा की कि बाजानोव की गर्लफ्रेंड ने उनका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। इस पर राष्ट्रपति पुतिन ने भी मुस्कुराते हुए तालियां बजाईं। पुतिन को दिया शादी का न्योता खुशी के इस माहौल में बाजानोव ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए राष्ट्रपति पुतिन को अपनी शादी का न्योता भी दे दिया। बाद में उन्होंने साझा किया कि वह और उनकी गर्लफ्रेंड पिछले 8 साल से साथ हैं। उन्होंने बताया कि होम लोन की भारी लागत और आर्थिक दबावों के कारण वे परिवार शुरू करने का फैसला नहीं ले पा रहे थे, लेकिन उन्होंने इस बड़े मंच का इस्तेमाल अपने भविष्य की शुरुआत के लिए किया। यह घटना अब सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रही है।

सरकार को झारखंड HC का आदेश, अब मांस खुले में नहीं बिकेगा

रांची  झारखंड उच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को राज्य सरकार को केंद्र द्वारा बनाए गए खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और खुले में मांस की बिक्री को रोकने का निर्देश दिया। खुले में मांस की बिक्री पर झारखंड HC सख्त मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ श्यामानंद पांडे द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि खुले में बकरियों व मुर्गियों को काटा जाता और उनके शवों को दुकानों में लटका दिया जाता है, जो राह चलते हुए लोगों को दिखाई देते हैं। पीठ ने खुले में मांस की बिक्री पर नाराजगी व्यक्त की और राज्य सरकार तथा रांची नगर निगम को इस संबंध में तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया। अदालत ने सरकार को केंद्र द्वारा बनाए गए खाद्य सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने का भी निर्देश दिया।  

घर के गैजेट्स लगातार खराब हो रहे हैं? विशेषज्ञ बताते हैं संभावित वजहें

आज के डिजिटल युग में हमारा घर बिजली के उपकरणों से भरा हुआ है। कभी मोबाइल खराब हो जाता है, तो कभी फ्रिज या माइक्रोवेव में तकनीकी खराबी आ जाती है। अक्सर हम इसे कंपनी की गलती या बिजली का फ्लक्चुएशन मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में गलत दिशा या गलत रख-रखाव भी इन मशीनों की उम्र कम कर सकता है। वास्तु विज्ञान के अनुसार, सभी बिजली के उपकरण अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। यदि इन्हें सही दिशा में न रखा जाए, तो ये न केवल बार-बार खराब होते हैं, बल्कि घर में मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान का कारण भी बनते हैं। तो आइए जानते हैं वास्तु की उन 3 बड़ी गलतियों के बारे में जो आपके कीमती सामान को कबाड़ बना सकती हैं। दक्षिण-पश्चिम दिशा का गलत इस्तेमाल वास्तु के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम दिशा पृथ्वी तत्व की मानी जाती है, जो स्थिरता का प्रतीक है। यदि आप भारी इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे बड़ा टीवी, म्यूजिक सिस्टम या भारी मशीनें इस दिशा में रखते हैं, तो ठीक है। लेकिन यदि यहां बिजली के लूज तार, कटे-फटे केबल या हीटिंग वाले छोटे उपकरण रखे जाएं, तो वे बार-बार फ्यूज होते हैं। इस दिशा में नमी या पानी के पास बिजली के बोर्ड होना भी उपकरणों के लिए घातक साबित होता है। ईशान कोण में भारी मशीनों का होना घर का उत्तर-पूर्व कोना यानी ईशान कोण सबसे पवित्र और हल्का होना चाहिए। यहां जल तत्व का वास होता है। यदि आप इस दिशा में भारी जनरेटर, इन्वर्टर या बड़े हीटिंग उपकरण रखते हैं, तो अग्नि और जल का मेल हो जाता है। यह टकराव न केवल मशीनों को खराब करता है, बल्कि घर के सदस्यों की सेहत पर भी बुरा असर डालता है। खराब सामान को घर में जमा करके रखना यह सबसे आम और गंभीर गलती है। वास्तु शास्त्र कहता है कि जो इलेक्ट्रॉनिक सामान काम नहीं कर रहे या टूट चुके हैं, उन्हें तुरंत घर से बाहर कर देना चाहिए। बंद घड़ी, खराब पड़ा रेडियो या पुराना मोबाइल घर में 'राहु' के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा घर के अन्य अच्छे उपकरणों को भी खराब करने लगती है और परिवार में कलह का कारण बनती है।

पंजाब में योजना पर संकट! ताज़ा रिपोर्ट ने खोली चौंकाने वाली सच्चाई

पंजाब  पंजाब में चल रही योजना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी AMRUT योजना के तहत पंजाब में पेयजल और सीवेज प्रबंधन से जुड़े प्रोजेक्ट्स की रफ्तार बेहद धीमी पाई गई है। संसद की स्थायी समिति ने अपनी ताजा समीक्षा रिपोर्ट में कहा है कि राज्य जल शोधन अवसंरचना के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में पिछड़ रहा है, खासकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स के निर्माण और संचालन के मोर्चे पर।   रिपोर्ट के मुताबिक, AMRUT फेज-2 के तहत पंजाब में करीब 14.8 एमएलडी क्षमता वाले 3 वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स को मंजूरी दी गई थी, लेकिन अब तक इनमें से एक भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। वहीं तुलना करें तो हरियाणा ने स्वीकृत तीन में से एक परियोजना को चालू कर दिया है, जबकि हिमाचल प्रदेश में मंजूर दो परियोजनाएं भी अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। योजना और हकीकत में भारी अंतर संसदीय समिति ने बताया कि पंजाब ने AMRUT योजना के तहत कुल 518.9 एमएलडी क्षमता के नए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब तक महज 113 एमएलडी क्षमता ही चालू हो पाई है। इससे साफ है कि राज्य में लगभग 405.9 एमएलडी क्षमता का बड़ा अंतर बना हुआ है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पंजाब में प्रतिदिन करीब 2,111 एमएलडी सीवेज उत्पन्न होता है, जबकि मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की कुल स्थापित क्षमता लगभग 1,628.5 एमएलडी है। इनमें से भी औसतन केवल 80 प्रतिशत क्षमता का उपयोग किया जा रहा है, जिससे लगभग 482.5 एमएलडी सीवेज बिना पर्याप्त ट्रीटमेंट के रह जाता है।   दूसरे राज्यों की तुलना में स्थिति कमजोर समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने AMRUT योजना के तहत वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स के कमीशनिंग लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। इसके विपरीत पंजाब के साथ-साथ महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में भी परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। समिति का कहना है कि भले ही पंजाब में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की उपयोग दर कुछ हद तक बेहतर नजर आती हो, लेकिन सीवेज उत्पादन की तुलना में ट्रीटमेंट क्षमता कम होने के कारण कुल अंतर अभी भी चिंताजनक स्तर पर बना हुआ है।

जो भी अपराध का हिस्सा होगा उसे बचा नहीं पाएगी अखिलेश यादव एंड कंपनी: केशव प्रसाद मौर्य

उप मुख्यमंत्री बोले, कोडीन कफ सिरप मामले से जुड़े दोषियों के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई, दोषियों को उल्टा लटकाकर करेंगे सीधा लखनऊ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के खिलाफ करारा प्रहार किया। शनिवार को उन्होंने कहा कि माफिया और समाजवादी पार्टी एक-दूसरे के बिना रह ही नहीं सकते हैं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अनुसार, कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कोई भी हो, उसे उल्टा लटकाकर सीधा किया जाएगा और उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मौर्य के अनुसार इस मामले में पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय की जांच चल रही है। जो भी इस अपराध का हिस्सा होगा, उसे अखिलेश यादव एंड कंपनी नहीं बचा पाएगी। एक-एक दोषी को खोज निकाला जाएगा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अनुसार, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव चोरी और सीनाजोरी के रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि मामले का जो भी दोषी है, चाहे वे हों जिनका नाम अखिलेश यादव ले रहे हैं या फिर जिनका नाम जांच में सामने आ रहा है, एक-एक दोषी को खोज निकाला जाएगा। उन सभी को पकड़कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समाज के साथ द्रोह है अपराध उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस प्रकार का अपराध समाज के साथ द्रोह है। ऐसे समाज-द्रोहियों, सिरप के नाम पर जहर पिलाने वालों को बख्शा नहीं जा सकता है। मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर अखिलेश यादव पर प्रहार मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर अखिलेश यादव पर प्रहार करते हुए मौर्य ने कहा कि बिहार चुनाव में उन्होंने सोचा था कि उनके रिश्तेदार तेजस्वी यादव जीत जाएंगे और मुख्यमंत्री बन जाएंगे, फिर उनका भी नंबर लग जाएगा। जब से बिहार का चुनाव हारकर आए हैं, तब से उनका मानसिक संतुलन गड़बड़ाया हुआ है। मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर यदि अखिलेश यादव के पुराने ट्वीट उठा लिए जाएं तो वे हर दिन किसी न किसी नए शब्द का प्रयोग करते हैं। मतदाता सूची के शुद्धिकरण का काम है बहुत जरूरी उप मुख्यमंत्री के अनुसार, मतदाता सूची के शुद्धिकरण का काम बहुत आवश्यक था। चुनाव आयोग को हम इसके लिए आभार प्रकट करते हैं कि एक बहुत बड़ा काम हो रहा है। यह प्रक्रिया पहले भी नियमित अंतराल पर होती रही है। उन्होंने कहा कि इस समय जो कार्य हो रहा है, वह आने वाले समय के लिए, मतदाताओं की सत्यता के लिए और विदेशी घुसपैठियों से मुक्त मतदाता सूची के लिए बहुत आवश्यक है। जो स्वर्गीय हो चुके हैं, जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत है उनके नामों को हटाने और 18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं का नाम सूची में जोड़ने के लिए यह अभियान चल रहा है। मौर्य ने कहा कि फॉर्म-6 को लेकर भाजपा का कार्यकर्ता बूथ स्तर पर मेहनत कर रहा है। समाजवादी पार्टी के पास कार्यकर्ता नहीं हैं, इनके पास तो गुंडे, माफिया और अपराधी हैं। इनकी यही दशा होगी। कार्यकर्ताओं के कारण ही हमारा बूथ सबसे मजबूत है। आरक्षण के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं होगा। ओबीसी, एससी, एसटी और सामान्य वर्ग के गरीबों का जितना भी आरक्षण है, वह निश्चित तौर पर उन्हें दिया जाएगा। लेखपाल भर्ती को लेकर उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और यदि कोई भी अधिकारी गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिख दिया है। साथ ही, मुख्य सचिव को भी लिखा गया है कि तत्काल गलतियों को सुधारकर कार्रवाई की जाए।

दिल्ली में टूटा ठंड का रिकॉर्ड, पहाड़ों पर होगी भारी बर्फबारी; UP-बिहार सहित 10 राज्यों में मौसम का अलर्ट

नई दिल्ली  दिल्ली में सर्दी ने सितम ढाना शुरू कर दिया है. सुबह और शाम के वक्त घना कोहरा छा रहा है. दिल्ली के तापमान में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. शनिवार को दिल्ली में इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा, सुबह से दिल्ली में कोहरा छाया हुआ है. ऐसे में आज Cold Day condition रिकॉर्ड की गई है. आज का अधिकतम तापमान 4 डिग्री तक गिरने की संभावना है. ऐसा ही मौसम रविवार को रहने की संभावना जताई गई है. आज, 20 दिसंबर को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग की ओर से आज दिल्ली के लिए ठंड का येलो अलर्ट है. अगले दो दिन राजधानी में और ज्यादा ठंड बढ़ने का अनुमान है. दिल्ली में रविवार यानी 21 दिसंबर और 22 दिसंबर को भी दिल्ली में घना कोहरा छाए रहने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि, इसके बाद वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है.   हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना हिमालयी क्षेत्रों में अगले चार दिनों तक छिटपुट बारिश और बर्फबारी की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक 21 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद के कुछ इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बाद अगले पांच दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है. पूर्वी भारत में अगले चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा. इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान करीब 2 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है. गुजरात क्षेत्र में अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान स्थिर रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद अगले छह दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. महाराष्ट्र, मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं हैं. घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी पंजाब और जम्मू संभाग में 20 दिसंबर की सुबह तक कई स्थानों पर रात और सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तर मध्य प्रदेश और बिहार में 21 दिसंबर की सुबह तक कोहरे का असर बना रह सकता है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 दिसंबर की सुबह तक घना कोहरा रहने की संभावना है. इसके अलावा 24 और 25 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी घने कोहरे की स्थिति बन सकती है. वहीं हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक और उत्तर ओडिशा में 21 दिसंबर की सुबह तक घना कोहरा छाने की संभावना है. 20 और 21 दिसंबर को तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना है. 20 दिसंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी ठंडी हवाओं का असर रह सकता है. पंजाब और हरियाणा में कैसा है मौसम? पंजाब और हरियाणा में भी सर्दी का प्रकोप बना हुआ है. शनिवार को दोनों राज्यों के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा. मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में फरीदकोट सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं अमृतसर में तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री ज्यादा है. लुधियाना और पटियाला में न्यूनतम तापमान 9.6 और 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से तीन डिग्री ज्यादा है. पठानकोट में भी तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बठिंडा में 5.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया. वहीं चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस ज्यादा है. हरियाणा की बात करें तो जींद में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अंबाला में तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस ज्यादा है, जबकि हिसार में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से एक डिग्री सेल्सियस कम है.

अब रायपुर में भी ड्राइव-इन सिनेमा का मज़ा: हर वीकेंड सेंध लेक बनेगा ओपन-एयर थिएटर, पहले दिन दिखेंगी DDLJ और Mohabbatein

रायपुर छत्तीसगढ़ में पहली बार एंटरटेनमेंट का एक नया विंडो ओपन होने जा रहा है. रायपुर के एमएसएमई द फरेबिस ने नया रायपुर में ड्राइव इन मूवी का आयोजन करने का फैसला किया है. ये ड्राइव इन मूवी नया रायपुर में सेंध लेक ग्राउंड में होने वाला है. इस ड्राइव इन मूवी का पहला शो रविवार 21 दिसंबर को होने वाला है. साथ ही आने वाले दिनों में भी वीकेंड्स और खास अवसरों पर लगातार ड्राइव इन मूवी का आयोजन किया जाएगा. वर्ल्ड क्लास एक्सपीरियंस के साथ होने वाले इस शो की पहली मूवी दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे होगी, जो अपने रिलीज का 30वाँ एनिवर्सरी सेलिब्रेट कर रहा है. ये शो शाम को 5.45 बजे शुरू होगा. बता दें कि इसी दिन अपने रिलीज का सिल्वर जुबली ईयर सेलिब्रेट करने वाली फिल्म मोहब्बतें  का टेलीकास्ट रात 10.25 बजे से किया जाएगा. द फरेबिस की फाउंडर अनंता जायसवाल हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र में पहला कदम रखते हुए ये शो लांच किया है. उन्होंने बताया कि खुले आसमान में सितारों के नीचे अपने पसंदीदा सितारों की फिल्म देखना अनोखा अनुभव होगा. लेक साइट पर खुले आसमान के तले साफ सुथरे वातावरण में अत्याधुनिक तकनीक के जरिए टेलीकास्ट होने वाली मूवी देखना छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए एकदम अनूठा अनुभव होगा. दरअसल, विशाल एल ई डी वॉल पर फिल्म की स्क्रीनिंग होगी और दर्शक अपनी कार में बैठे-बैठे इसका लुत्फ उठा सकेंगे. फिल्म का ऑडियो रेडियो ट्रांसमिशन के जरिए कार के अंदर एफ एम सिस्टम पर सुना जा सकेगा. यह आपको एकदम नया और अनूठा अनुभव देगा. वाइस क्वालिटी बहुत क्लियर होगी. इसके अलावा आप यदि सराउंड साउंड का आनंद लेना चाहते हैं तो विंडो ओपन करके फ्लोर साउंड का भी मजा ले सकते हैं. ये डबल ऑडियो सिस्टम वाला ड्राइव इन मूवी का देश में इकलौता मॉडल है. द फरेबिस की फाउंडर अनंता जायसवाल ने बताया है कि अत्याधुनिक तकनीक के साथ छत्तीसगढ़ में ड्राइव इन मूवी शो का ये पहला प्रयोग है, जिसमें दर्शक अपनी कार में बैठे बैठे ही लजीज चाइनीज और कांटिनेंटल व्यंजन के साथ ही हॉट एंड कोल्ड ड्रिंक्स का भी मजा ले सकेंगे, इसके लिए देश के कई नामचीन सेफ का मेनू तैयार किया गया है. इस शो का टिकटिंग पार्टनर find your wibe है, जो रायपुर का ही टिकटिंग प्लेटफॉर्म है, जिसमें दर्शकों को केवल टिकट फी देना होगा. इसमें जीएसटी और प्लेटफार्म फी शामिल है, इसमें कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं जुड़ेगा. ये प्लेटफार्म इंटरनेट पर आसानी से एक्सेसेबल है. शो में प्रत्येक कार के लिए फीस तय की गई है, जिसमें कोई पर्सन लिमिट नहीं है. इसके अलावा ऑन द स्पॉट टिकट भी लिया जा सकता है. इसके लिए शो ग्राउंड पर कैश और ऑनलाइन पेमेंट के लिए अलग अलग काउंटर बनाए गए हैं. आप फैमिली या फ्रेंड्स के साथ इस शो में एकदम नया और अनूठा आनंद का अनुभव करेंगे. न्यू कपल्स के लिए ये शानदार डेटिंग भी साबित होगा. को-फाउंडर मयंक वर्मा ने कि पहले शो के लिए 4 बजे गेट ओपन होगा और सेकंड शो के लिए 9.15 बजे से प्रवेश दिया जाएगा. एंट्री और एग्जिट के लिए अलग अलग व्यवस्था है, जिससे दर्शकों को किसी तरह की परेशानी से नहीं होगी. शो के दौरान अनुशासन और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम भी होगा ताकि पारिवारिक माहौल में कोई खलल ना हो. कार्यक्रम स्थल पर किसी को भी नशे की हालत में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी और ना ही शो के दौरान इसकी इजाजत होगी. प्रशासन के निर्देशानुसार शो में एंट्री के दौरान ड्रिंक्स ईटेबल्स और पैट्स साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी. द फ़रेबिस ग्रुप का ये छत्तीसगढ़ में पहला आयोजन है, इसके साथ ही इसी तरह ड्राइव इन मूवी का आयोजन आने वाले दिनों में वीकेंड्स और खास अवसरों पर लगातार किया जाता रहेगा. आने वाले दिनों में ग्रुप ने कई बड़े इवेंट्स का कैलेंडर प्लान किया है, जिसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी.

एकादशी के दिन न करें ये 3 काम, वरना होंगी परेशानियां!

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत बहुत ही पावन माना जाता है. हिंदू धर्म में एकदशी व्रत को सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है. पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत किया जाता है. इस व्रत के नाम से स्पष्ट है कि ये व्रत संतान की कामना के लिए किया जाता है. साथ ही इस व्रत को रखने से जीवन में खुशहाली आती है. घर में धन धान्य बना रहता है. पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत जितना फलदायी है, उतने ही इस व्रत के नियम कठिन हैं. हिंदू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि पौष पुत्रदा एकादशी के दिन पूजा से लेकर खाने पीने तक हर चीज नियम के अनुसार ही करनी चाहिए. अगर ये व्रत नियम के अनुसार नहीं किया जाता है, तो इसका फल प्राप्त नहीं होता है. इस दिन इन तीन चीजों का सेवन तो भूलकर भी नहीं करना चाहिए. अगर इस दिन इन तीन चीजों का सेवन किया जाता है, तो भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं. पौष पुत्रदा एकादशी व्रत कब है? पौष मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 30 दिसंबर को सुबह में 6 बजकर 38 मिनट पर होगी. अगले दिन 31 दिसंबर को 4 बजकर 48 मिनट पर इस तिथि का समापन हो जाएगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत 30 दिसंबर को रखा जाएगा. पौष पुत्रदा एकादशी के दिन न करें सेवन     पौष पुत्रदा एकादशी के दिन चावल नहीं खाना चाहिए. मान्यता है कि एकादशी के दिन जो चावल खाता है, उसको दोष लगता है.     इस दिन मांस मंदिरा और अन्य तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. इस दिन तामसिक चीजेंं खाने से भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं.     तुलसी भगवान विष्णु को अति प्रिय है. भगवान विष्णु को पूजा के समय तुलसी का भोग अवश्य लगाया जाता है. एकादशी के दिन तुलसी को छूना नहीं चाहिए और न ही इसके पत्ते तोड़ने चाहिए.