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किसानों को बड़ी सौगात: डांगावास में राज्य स्तरीय सम्मेलन, सीएम व शिवराज सिंह चौहान रहेंगे मौजूद

नागौर राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर आज नागौर जिले की मेड़ता सिटी के डांगावास में राज्य स्तरीय उन्नत खेती–समृद्ध किसान सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति में संपन्न होगा। सम्मेलन में प्रदेशभर से 25 हजार से अधिक किसान शामिल हो रहे हैं, जिनमें नागौर जिले के करीब 12 हजार किसान भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर किसानों को बड़ी राहत देने वाली कई महत्वपूर्ण सौगातें दी जाएंगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाएगी, जबकि राज्य परियोजनाओं के अंतर्गत किसानों को 1 हजार 200 करोड़ रुपये की राशि का हस्तांतरण किया जाएगा। इसके अलावा कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं के तहत 31 हजार 600 किसानों को 200 करोड़ रुपये, कृषि आदान अनुदान योजना के अंतर्गत 5 लाख किसानों को 700 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 18 हजार 500 लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के अंतर्गत 4.50 लाख पशुपालकों को 200 करोड़ रुपये की राशि का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण किया जाएगा। नागौर जिले के लिए विशेष रूप से 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया जाएगा। कार्यक्रम में कृषि, ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। यह राज्य स्तरीय सम्मेलन राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कृषि अनुदान, पशुपालक सहायता और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभों का वितरण किया जाएगा। राष्ट्रीय किसान दिवस पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मनाया जाता है, जो किसानों के अधिकारों और हितों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले नेता थे। इस आयोजन से प्रदेश के किसानों में नई उम्मीद जगेगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने की अपेक्षा है।

राज्यसभा और विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में हलचल बढ़ने की संभावना

नई दिल्ली आने वाला साल 2026 चुनावी हलचल से भरा होने वाला है। 2026 में संसद के ऊपरी सदन में भी बड़ा परिवर्तन हो सकता है। अगले साल जहां पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु औऱ असम में विधानसभा के चुनाव होने हैं तो वहीं राज्यसभा में भी लगभग 75 सीटों पर चुनाव होने हैं। ये सीटें अप्रैल, जून और नवंबर में खाली होने वाली हैं। इसके बाद देखना होगा कि राज्यसभा में एनडीए और इंडिया गठबंधन का क्या समीकरण बनता है। आने वाले समय में बिहार से पांच और उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटें खाली हो जाएंगी। इसके अलावा महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल औऱ तमिलनाडु के साथ कई पूर्वोत्तर के राज्यों की सीटें भी खाली होने वाली हैं। इन दिग्गज नेताओं को खत्म हो रहा कार्यकाल 2026 में राज्यसभा चुनाव का बड़ा महत्व होने वाला है। इससे ही संसद का आगे का लेजिस्लेटिव अजेंडा तय होने वाला है। 2026 में जिन दिग्गज नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, दिग्वजिय सिंह, शरद पवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन शामिल हैं। यह अभी नहीं कहा जा सकता है कि इनमें से कितने नेताओँ की सदन में वापसी होगी और कितने की जगह नए चेहरे ले लेंगे। अप्रैल से जून तक और फिर नवंबर में बिहार से पांच सीटें खाली हो जाएंगी। ये सीटें अप्रैल में ही खालीहोंगी। इसके अलावा झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल औ तमिलनाडु के सांसदों का भी कार्यकाल खत्म हो रहा है। नवंबर में उत्तर प्रदेश की सीटें भी खाली होंगी। इसके अलावा मध्य प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेशष मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की भी कई सीटें खाली होने वाली हैं। फिलहाल राज्यसभा में एनडीए की 129 सीटें हैं। वहीं विपक्षी दलों के केवल 78 सांसद राज्यसभा में हैं। 2026 में होने वाले चुनाव राज्यसभा में ताकत को बैलेंस भी कर सकते हैं। इसके अलावा विधानसभा के चुनाव भी राजनीतिक दलों की रणनीति में परिवर्तन करेंगे। बिहार की पांचों सीटें 9 अप्रैल को खाली हो जाएंगी। आरजेडी के प्रेम चंद गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह, जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर के साथ उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है। बिहार विधानसभा में एनडीए की ताबड़तोड़ जीत के बाद संभव है कि बीजेपी और जेडूयी दो-दो सीटों पर काबिज हो जाए। उपेंद्र कुशवाहा के अलावा कुछ नेताओं की सदन में वापसी भी हो सकती है। महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों के लिए अप्रैल में चुनाव हो सकते हैं। शरद पवार, प्रियंका चतुर्वेदी और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

भगवान महाकाल के दर्शन के दौरान जेपी नड्डा और सीएम मोहन यादव ने किया अभिषेक और प्रसादी ग्रहण

उज्जैन  BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे. उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी थे. दोनों नेताओं ने गर्भगृह में जाकर विधि-विधान से बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक किया और भगवान महाकाल की आरती उतारी. इस दौरान जेपी नड्डा ने कुछ समय नंदी हाल में बिताया और यहां षोडशोपचार पूजन किया. यह पूजन करने से यश, कीर्ति और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है.  महाकाल के आंगन में हर भक्त बराबर है, इसी संदेश को सार्थक करते हुए जेपी नड्डा और मोहन यादव महाकाल मंदिर की ओर से संचालित अन्नक्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने पोहा-जलेबी का नाश्ता किया. दर्शनार्थियों को भी परोसा और खुद भी ग्रहण किया. प्रसादी ग्रहण करने के बाद केंद्रीय मंत्री नड्डा और सीएम यादव खुद अपनी जूठी थाली उठाकर डस्टबिन में डालने गए.  गर्भगृह में दोनों ने महाकाल का अभिषेक किया और पुजारी आकाश ने 20 मिनट तक षोडशोपचार पूजन कराया। यह पूजन यश-कीर्ति के लिए किया जाता है। इसके बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री, मध्य प्रदेश के प्रभारी महेंद्र सिंह ने महाकाल मंदिर अन्न क्षेत्र में श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण की और खुद भी ग्रहण की। प्रसादी में पोहे खाने के बाद वे खुद ही अपनी थाली उठाकर रखने गए। नड्‌डा और सीएम सिंहस्थ में होने वाले कार्यों का भी निरीक्षण करेंगे। उन्होंने स्वच्छता अभियान में सभी की सहभागिता निभाते हुए सभी श्रद्धालुओं को भी संदेश दिया कि महाकाल क्षेत्र में सभी श्रद्धालु एक समान हैं.  बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सोमवार की देर रात उज्जैन पहुंच गए थे. रात्रि 10:30 बजे होने वाली शयन आरती से पहले मंदिर पहुंचे नड्डा ने नंदी हाल में बैठकर भगवान महाकाल का ध्यान लगाया और शयन आरती देखी. श्रद्धापूर्वक परंपरागत शयन आरती में सम्मिलित हुए नड्डा ने भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन कर देश व दुनिया की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की. भक्ति पूजन के साथ स्वछता का संदेश प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता अभियान का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री ने महाकाल अन्न क्षेत्र में प्रसादी ग्रहण करने के बाद डिस्पोजल को डस्टबिन में डाला। स्वच्छता अभियान मे सभी की सहभागिता निभाते हुए सभी श्रद्धालुओं को भी संदेश दिया कि महाकाल क्षेत्र में सभी श्रद्धालु एक समान है। उन्होंने सबके साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण की और उसके उपरांत नाश्ते की प्लेट को डस्टबिन में स्वयं ले जाकर डाला। नड्डा के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की गई. रात्रि में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को बाबा महाकाल की तस्वीर, प्रसाद और शॉल भेंटकर पारंपरिक तरीके से स्वागत व सम्मान किया. इस दौरान क्षेत्रीय भाजपा नेता समेत विधायक भी उपस्थित थे. मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि आज दो नए मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी जा रही है. धार और बैतूल में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हमारे बीच आए हैं, हमने बाबा महाकाल का पूजन कर आशीर्वाद लिया है.

MP विधानसभा में डिजिटल बदलाव: विधायकों को ऑनलाइन काम करने की खास ट्रेनिंग आज

भोपाल  मध्य प्रदेश की विधानसभा अब पूरी तरह डिजिटल होने वाली है. सारा कामकाज पेपरलेस होगा. ये व्यवस्था अगले विधानसभा सत्र से लागू की जाएगी. इस नए सिस्टम से प्रदेश के 230 विधायकों को रूबरू कराने के लिए मंगलवार (23 दिसंबर) को ट्रेनिंग दी जाएगी. ई-विधान के तहत प्रशिक्षण एमपी विधानसभा के मानसरोवर सभागार में मंगलवार (23 दिसंबर) को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक विधायकों को ट्रेनिंग दी जाएगी. ये ट्रेनिंग राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन के तहत दी जाएगी. संसदीय कार्य मंत्रालय के अधिकारी माननीयों को प्रशिक्षण देंगे. देश की विधायी व्यवस्था को मॉडर्न, ट्रांसपेरेंट और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में इस शुरू किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट के तहत भारतीय संसद और देश के सभी राज्यों की विधानसभा को पेपरलेस बनाया जा रहा है. भोपाल पहुंचेंगे सभी विधायक  एमपी के सभी विधायक आज से भोपाल पहुंचना शुरू हो जाएंगे. क्योंकि विधानसभा मानसरोवर सभागार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक विधायकों को  संसदीय कार्य मंत्रालय दिल्ली के एक्सपर्ट की तरफ से ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर समेत बीजेपी कांग्रेस के सीनियर विधायक शामिल होंगे. एमपी विधानसभा में ऑनलाइन काम को लेकर नरेंद्र सिंह तोमर लगातार जोर दे रहे हैं. क्योंकि यह आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. यह परियोजना देश के कई राज्यों की विधानसभाओं में लागू हो रही है, क्योंकि इसके जरिए विधानसभा को पूरी तरह से पेपरलेस बनाना है, ताकि कागज के उपयोग को बचाया जा सके.  विधायकों को होगा फायदा  एमपी विधानसभा में ऑनलाइन काम से सबसे ज्यादा फायदा विधायकों का ही होने वाला है. विधायकों को कागज के बड़े बंडल अपने साथ नहीं ले जाने होंगे. वहीं प्रस्ताव और चर्चा के लिए प्रश्न आसानी से जाएंगे. पुराने सवालों का जवाब और उसके दस्तावेज एक ही जगह पर आसानी से मिलेंगे. वहीं किसी भी बिल या अन्य मुद्दों पर वोटिंग के लिए भी अपनी आसानी से दे सकेंगे. पर्यावरण संरक्षण यानि कागजों की बचत में भी उपयोगी काम होगा. डिजिटल काम विधायी रिकॉर्ड भी सुरक्षित होगा. वही विधानसभा के काम भी तेजी आएगी और सारी जानकारी आम आदमी को भी ऑनलाइन विधानसभा की साइड पर मिलेगी.  मध्य प्रदेश विधानसभा में अगला विधानसभा का सत्र ऑनलाइन ही होगा, ऐसे में पूरी कार्रवाई के लिए लगातार इस प्रक्रिया में काम किया जा रहा है, जिसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से भी लगातार सहयोग हो रहा है. क्योंकि एमपी विधानसभा में ऑनलाइन काम की तैयारियां लंबे समय से चल रही है, जिस पर अब तेजी से अमल किया जा रहा है. जो राज्य सरकार के आम लोगों के लिए भी उपयोगी साबित होगी.   कैसे काम करता है NeVA प्लेटफॉर्म NeVA यानी नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन एक ऐसा डिजिटल सिस्टम है, जिसमें विधानसभा की पूरी कार्यवाही रियल-टाइम में दर्ज होती है। विधायकों को लॉगिन के माध्यम से सभी दस्तावेज, प्रस्ताव और रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं। यह परियोजना “वन नेशन, वन एप्लिकेशन” की अवधारणा पर आधारित है, जिससे देशभर की विधानसभाओं में एकरूपता लाई जा सके। आगे की योजना विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण के बाद चरणबद्ध तरीके से पेपरलेस कार्यप्रणाली को पूरी तरह लागू किया जाएगा। शुरुआती दौर में तकनीकी सहायता टीम भी मौजूद रहेगी, ताकि विधायकों को किसी तरह की असुविधा न हो। क्यों अहम है यह पहल विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह विधानसभा की कार्यक्षमता और जवाबदेही बढ़ाने में भी सहायक होगा। मध्य प्रदेश विधानसभा का यह डिजिटल बदलाव अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। इस व्यवस्था से क्या फायदा होगा? बजट सत्र से मध्य प्रदेश की विधानसभा को पेपरलेस करने की योजना है, यानी सारे कार्य डिजिटल तरीके से किए जाएंगे. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद विधायकों, सचिवालय और आम लोगों को फायदा होगा. विधायकों को कागजों के भारी बंडल से मुक्ति मिलेगी. प्रश्न को आसानी से पूछा जा सकेगा. मतदान और उपस्थिति दर्ज कराने में आसानी होगी. वहीं, सचिवालय के कामकाज में तेजी आएगी. फाइल मैनेजमेंट आसान और तेज होगा. कर्मचारियों का समय और मेहनत भी बचेगी. आम जनता को भी इससे लाभ होगा. विधानसभा की कार्यवाही में पारदर्शिता आने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा. क्या है ई-विधान प्रोजेक्ट? नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (National E-Vidhan Application) एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है. इसकी मदद से संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही को ऑनलाइन और रियल टाइम तरीके से संचालित की जाती है. ये पूरे देश की विधानसभाओं और संसद को एक करती है.

कर्नाटक के ऑलराउंडर कृष्णप्पा गौतम ने संन्यास का ऐलान, रणजी और लिस्ट-ए में 320+ विकेट लिए

बेंगलुरु     कर्नाटक के दिग्गज ऑलराउंडरों में शुमार कृष्णप्पा गौतम ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है. इसके साथ ही भारतीय घरेलू क्रिकेट में उनके 14 साल लंबे करियर का अंत हो गया. निचले क्रम में दमदार बल्लेबाज़ी और भरोसेमंद ऑफ-स्पिन के लिए पहचाने जाने वाले गौतम रणजी ट्रॉफी, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक छोटे लेकिन यादगार सफर के लिए जाने जाते हैं. 2012 में किया रणजी डेब्यू गौतम ने 2012 रणजी ट्रॉफी सीज़न में उत्तर प्रदेश के खिलाफ कर्नाटक के लिए अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया और पहले ही मैच में शानदार प्रभाव डाला. अपने पहले मुकाबले में उन्होंने सुरेश रैना और भुवनेश्वर कुमार जैसे बड़े विकेट झटके. उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी और अहम मौकों पर विकेट निकालने की क्षमता ने जल्द ही उन्हें कर्नाटक की मजबूत टीम का अहम हिस्सा बना दिया. 2016 में बनाई खास पहचान 2016–17 का रणजी सीज़न उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब गौतम ने सिर्फ आठ मैचों में 27 विकेट लेकर खुद को एक सच्चे ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया. इसके अगले सीज़न में उन्होंने मैसूरु में असम के खिलाफ अपना पहला फर्स्ट क्लास शतक जड़ा, जिससे बल्ले और गेंद दोनों से मैच को प्रभावित करने की उनकी क्षमता और मजबूत हुई. अपने घरेलू करियर में गौतम ने 59 फर्स्ट क्लास और 68 लिस्ट-ए मैचों में 320 से अधिक विकेट हासिल किए, साथ ही निचले क्रम में कई अहम रन भी जोड़े. वह 2023 तक कर्नाटक क्रिकेट का नियमित हिस्सा बने रहे. इसके बाद भले ही उन्हें राज्य टीम से बाहर कर दिया गया हो, लेकिन घरेलू सर्किट पर उनका कुल प्रभाव बेहद अहम रहा. उनकी निरंतरता का इनाम उन्हें कई बार इंडिया-ए टीम में चयन के रूप में मिला, जहां उन्होंने न्यूज़ीलैंड ए, वेस्टइंडीज ए, ऑस्ट्रेलिया ए और इंग्लैंड लायंस के खिलाफ मुकाबले खेले. 2021 में भारतीय टीम के नेट गेंदबाज़ समूह का हिस्सा रहने के बाद उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया. कोलंबो में खेले गए एक वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच में उन्होंने भारत के लिए अपना एकमात्र अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला और एक विकेट लिया. आईपीएल का करियर रहा शानदार आईपीएल में कृष्णप्पा गौतम ने मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स, चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रतिनिधित्व किया. उनकी नीलामी यात्रा अक्सर चर्चा में रही, जिसका शिखर 2021 में देखने को मिला जब चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 9.25 करोड़ रुपये में खरीदा, जो उनके करियर की सबसे ऊंची कीमत थी. नौ आईपीएल सीज़नों में उन्होंने 35 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की और कई यादगार प्रदर्शन किए. उनके टी20 करियर का सबसे यादगार लम्हा 2019 कर्नाटक प्रीमियर लीग में आया. बेल्लारी टस्कर्स की ओर से खेलते हुए गौतम ने 56 गेंदों पर 134 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 13 छक्के शामिल थे. उन्होंने सिर्फ 39 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. इसके बाद गेंद से भी उन्होंने कमाल किया और चार ओवर में सिर्फ 15 रन देकर आठ विकेट झटके. यह प्रदर्शन भारतीय टी20 क्रिकेट के सबसे यादगार कारनामों में से एक माना जाता है.

महिला क्रिकेटरों ने टी20I जीत के जश्न में किया सिम्हाचलम मंदिर दर्शन

विशाखापत्तनम   भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार, 21 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेले गए पहले महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में श्रीलंका पर आठ विकेट की शानदार जीत के बाद श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर के दर्शन किए. कप्तान हरमनप्रीत कौर, सीनियर बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना, युवा खिलाड़ी वैष्णवी शर्मा और टीम की कई अन्य खिलाड़ियों ने प्रसिद्ध सिम्हाचलम पहाड़ी पर स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया. श्रीलंका को चटाई धूल यह मंदिर दर्शन उस दिन के बाद हुए, जब भारत ने पांच मैचों की टी20I सीरीज में दमदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर 1-0 की बढ़त हासिल की. दर्शन के दौरान खिलाड़ियों ने पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लिया और आगामी मुकाबलों के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार किया. मंदिर प्रशासन ने टीम का स्वागत किया और खिलाड़ियों को प्रसाद व पवित्र भेंट प्रदान की. व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के बीच यह आध्यात्मिक क्षण टीम के लिए सुकून भरा रहा, खासकर जब भारत सीरीज में अपनी मजबूत शुरुआत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. भारत का श्रीलंका पर दबदबा राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय टीम पूरी तरह हावी नजर आई और श्रीलंका को बिना ज्यादा मेहनत किए मात दी. 122 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 14.4 ओवर में ही मुकाबला समाप्त कर लिया और 32 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की. जेमिमा ने खेली 69 रनों की पारी जेमिमा रोड्रिग्स भारत के लिए सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी रहीं और 44 गेंदों में नाबाद 69 रन की पारी के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया. उन्होंने संयम और नियंत्रण के साथ रन चेज को संभाला. स्मृति मंधाना ने 25 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया और भारत ने आसानी से जीत दर्ज की. अपने 350वें अंतरराष्ट्रीय मैच में खेल रहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी निचले क्रम में उपयोगी रन जोड़े, जिससे भारतीय टीम पूरे मैच में नियंत्रण में रही. इससे पहले भारतीय गेंदबाज़ों ने श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों पर लगातार दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाते हुए मेहमान टीम को सीमित स्कोर पर रोक दिया. डेब्यू कर रहीं वैष्णवी शर्मा ने किफायती गेंदबाज़ी करते हुए 4 ओवर में 16 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया, लेकिन वह बदकिस्मत रहीं क्योंकि उनकी गेंद पर हसिनी परेरा का कैच टपका दिया गया. यह मुकाबला अगले साल इंग्लैंड में होने वाले महिला टी20 विश्व कप की तैयारियों की भी शुरुआत था. भारतीय टीम मंगलवार को होने वाले अगले मुकाबले में भी अपनी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी.    

क्रिसमस से पहले खुशखबरी: सीनियर महिला क्रिकेटरों की फीस ₹20,000 से बढ़कर ₹50,000

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने देशभर की महिला क्रिकेटरों को क्रिसमस से पहले एक बड़ा तोहफा दिया है. बीसीसीआई ने अपनी हालिया एपेक्स काउंसिल बैठक में महिला घरेलू क्रिकेटरों की मैच फीस में बड़ी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है. यह कदम महिला क्रिकेट के लिए एक अहम और सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है. ये प्रस्ताव सोमवार, 22 दिसंबर को हुई एपेक्स काउंसिल की बैठक में रखा गया था. इस नए फैसले के तहत महिला घरेलू खिलाड़ी अब पहले की तुलना में 2.5 गुना तक ज्यादा कमाई करेंगी. इससे क्रिकेट को एक पेशेवर करियर के रूप में अपनाने की आर्थिक मजबूती भी बढ़ेगी. इससे पहले सीनियर महिला खिलाड़ियों को प्रति दिन 20,000 रुपये मैच फीस मिलती थी, जिसे अब बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति दिन कर दिया गया है. यह दर प्लेइंग इलेवन में शामिल खिलाड़ियों पर लागू होगी. रिजर्व खिलाड़ियों को भी मिलेगा फायदा हालांकि इस नई संरचना का लाभ केवल प्लेइंग इलेवन तक सीमित नहीं रहेगा. टीम में रिज़र्व के तौर पर चुनी गई खिलाड़ियों की मैच फीस में भी बड़ा इजाफा किया गया है. सीनियर रिज़र्व खिलाड़ियों की प्रति दिन फीस 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है, जिससे पूरे स्क्वाड को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. बीसीसीआई का यह बड़ा फैसला ऐसे समय में आया है जब महिला क्रिकेट तेजी से लोकप्रिय और संरचनात्मक रूप से मजबूत हो रहा है. जय शाह के कार्यकाल के दौरान बोर्ड ने महिला क्रिकेट को सशक्त बनाने के लिए कई अहम सुधार किए थे. इन प्रयासों का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखा, जहां इसी तरह की गति आईसीसी में भी देखने को मिली, जहां वर्तमान में जय शाह अध्यक्ष हैं. मिथुन मन्हास के बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के बाद भी महिला क्रिकेट के विकास पर बोर्ड का फोकस बना हुआ है. हालिया वेतन संशोधन यह दर्शाता है कि बोर्ड देश में महिला क्रिकेटरों के लिए एक मजबूत और टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. महिला घरेलू क्रिकेटरों के लिए बीसीसीआई की नई वेतन संरचना वर्तमान भुगतान संरचना (पहले) सीनियर महिला टूर्नामेंट * प्लेइंग इलेवन: ₹20,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹10,000 प्रति दिन जूनियर महिला टूर्नामेंट * प्लेइंग इलेवन: ₹10,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹5,000 प्रति दिन नई बढ़ी हुई भुगतान संरचना सीनियर महिला टूर्नामेंट * प्लेइंग इलेवन: ₹50,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹25,000 प्रति दिन टी20 मुकाबलों के लिए: * प्लेइंग इलेवन: ₹25,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹12,500 प्रति दिन जूनियर महिला टूर्नामेंट * प्लेइंग इलेवन: ₹25,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹12,500 प्रति दिन **टी20 मुकाबलों के लिए:** * प्लेइंग इलेवन: ₹12,500 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹6,250 प्रति दिन महिला क्रिकेटरों की मैच फीस में आखिरी बार संशोधन 2021 में किया गया था. उस समय सीनियर खिलाड़ियों की फीस 12,500 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये की गई थी. मौजूदा बढ़ोतरी इसके बाद की सबसे बड़ी वृद्धि है.  

IndiGo को बड़ा झटका: तुर्की से लीज पर लिए 5 विमानों की उड़ान पर DGCA ने एक्सटेंशन से किया इनकार

नई दिल्ली इंडिगो (IndiGo) की फ्लाइट कैंसिलेशन की वजह से बीते दिनों पूरे देश में हड़कंप का माहौल बना रहा था. अब इंडिगो का परिचालन कुछ हद तक सामान्य जरूर हुआ है, लेकिन विमानन नियामक की पैनी नजर उस पर बनी हुई है. सोमवार को इंडिगो द्वारा तुर्की से लिए गए एयरक्राफ्ट (Turkey Planes) के लीज ड्यूरेशन के बारे में एक सफाई दी गई, जिस पर DGCA ने एयरलाइन को इन प्लेन का इस्तेमाल करने के लिए मार्च 2026 तक का समय दिया है, लेकिन इसके साथ ही दो-टूक कह दिया है कि इसके बाद कोई एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा.  5 विमानों को मार्च तक उड़ाने की इजाजत पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एविएशन रेगुलेटर DGCA ने IndiGo को तुर्की से लीज पर लिए गए 5 नैरो बॉडी प्लेन B737 सिर्फ मार्च 2026 तक संचालित करने की इजाजत दी है. नियामक ने साफ किया है कि इन एयरक्राफ्ट का आखिरी एक्सटेंशन मार्च 2026 तक ही वैलिड है और एक सनसेट क्लॉज भी है कि इसे लेकर कोई भी एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा. एविएशन रेगुलेटर के अनुसार, तुर्की की कोरेंडन एयरलाइंस से लिए गए 5 बोइंग 737 प्लेन की लीज 31 मार्च 2026 को खत्म हो रही है. DGCA के एक सीनियर ऑफिशियल ने जानकारी देते हुए बताया है कि यह इस मामले में इंडिगो एयरलाइंस द्वारा दिए गए अंडरटेकिंग पर आधारित है, जिसमें उन्होंने आखिरी बार एक्सटेंशन मांगा था. इसके पीछे वजह ये थी कि उनके लॉन्ग रेंज एयरक्राफ्ट (A321-XLR) फरवरी 2026 तक डिलीवर होने वाले हैं. 15 विदेशी एयरक्राफ्ट, तुर्की के 7 IndiGo Airlines फिलहाल वेट/डैम्प लीज के आधार पर 15 विदेशी एयरक्राफ्ट संचालित करती है, जिनमें से 7 तुर्की के एयरक्राफ्ट शामिल हैं. इस साल अगस्त 2025 में DGCA ने इंडिगो को कुछ शर्तों के साथ टर्किश एयरलाइंस से लीज पर लिए गए दो बोइंग 777 एयरक्राफ्ट चलाने के लिए फरवरी 2026 तक छह महीने का एक्सटेंशन दिया था. यह कदम DGCA द्वारा मई में दिए गए तीन महीने से भी कम समय के बाद आया था. इंडिगो को टर्किश एयरलाइंस के एयरक्राफ्ट चलाने के लिए 31 अगस्त तक तीन महीने का एक बार का आखिरी एक्सटेंशन दिया गया था और कैरियर से आगे कोई एक्सटेंशन न मांगने के लिए भी कहा गया था. सबसे खास बात ये है कि यह फैसला तब आया जब तुर्की ने पाकिस्तान का साथ दिया था और मई में पड़ोसी देश में आतंकी कैंपों पर भारत के हमलों की निंदा की थी. 'वेट लीजिंग एक आम बात…' न सिर्फ इंडिगो, बल्कि SpiceJet जैसी एयरलाइंस के 17 विदेशी प्लेन ऑपरेशन में हैं, जिन्हें वेट/डैम्प लीज पर लिया गया है. DGCA के अधिकारी की मानें, तो ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री में एयरक्राफ्ट की वेट लीजिंग एक आम बात है. उन्होंने कहा कि इंजन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से एयरक्राफ्ट के ग्राउंडिंग और OEMs से ऑर्डर के हिसाब से एयरक्राफ्ट की डिलीवरी में देरी की वजह से कई भारतीय कैरियर यात्रियों को सर्विस देने के लिए एक स्टॉप गैप अरेंजमेंट के तौर पर विदेशी कंपनियों से वेट लीज का सहारा ले रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि यह लीजिंग दूसरे देशों के साथ बाइलेटरल सर्विस एग्रीमेंट के तहत भारतीय कैरियर को दिए गए अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए की जाती है.  

BMC चुनाव से पहले ठाकरे बंधुओं की रणनीति उलझी: गठबंधन की घोषणा टली, बढ़ी सियासी चुनौती

मुंबई  महाराष्ट्र में 288 नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव नतीजे 'ब्रांड ठाकरे' के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है. यही वजह है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे आपसी दुश्मनी भुलाकर एक साथ मिलकर बीएमसी सहित 29 नगर निगम के चुनाव लड़ने का फैसला किया है, लेकिन अचानक एक मोड़ आ गया. उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की मनसे के गठबंधन का औपचारिक ऐलान मंगलवार को टल गया है. उद्धव ठाकरे भले ही 2019 में बीजेपी से अलग होकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो गए थे, लेकिन शिवसेना और 'ब्रांड ठाकरे' को बचाकर नहीं रख पाए. एकनाथ शिंदे ने बीजेपी के साथ मिलकर उद्धव ठाकरे की सारी सियासत खत्म कर दी है. पहले विधानसभा की सियासी बाजी अपने नाम की और अब नगर परिषद व नगर पंचायत के चुनाव जीतकर उद्धव के लिए सियासी संकट खड़ा कर दिया है. महाराष्ट्र के 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत के लिए हुए चुनाव में 70 प्रतिशत से अधिक नगर अध्यक्ष बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति के जीतकर आए हैं. उद्धव ठाकरे की शिवसेना सिंगल डिजिट में सीमित रह गई तो राज ठाकरे की पार्टी का खाता नहीं खुला. अब बीएमसी सहित 29 नगर निगम का चुनाव 'ठाकरे ब्रांड' का फाइनल इम्तिहान उद्धव के लिए बन गया है. मुंबई के बीएमसी पर ठाकरे परिवार का करीब 30 साल कब्जा है, जिसको बचाने के लिए 20 साल का सियासी दुश्मनी को भुलाकर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने हाथ मिलाया है, लेकिन लगता है कि उसमें ग्रहण लग गया है.  बीएमसी चुनाव के लिए नामांकन शुरू बीएमसी सहित राज्य की 29 नगर निगम चुनाव के लिए मंगलवार से अधिसूचना जारी हो रही जिसके साथ नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. नामांकन पत्र भरने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर है. इसके बाद 31 दिसंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी जबकि 2 जनवरी 2026 तक नाम वापस लेने की अंतिम तारीख है. इसके बाद चुनाव चिन्ह का आवंटन किया जाएगा. महाराष्ट्र में बीएमसी सहित सभी 29 नगर निगम के कुल 2869 पार्षद सीटों पर 15 जनवरी को मतदान होगा जबकि नतीजे 16 जनवरी को आएंगे. बीएमसी के अलावा, जिन नगर निगम में चुनाव है, उसमें नवी मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, उल्हासनगर, पिंपरी-चिंचवड, सोलापुर, अमरावती, अकोला, लातूर, परभणी, चंद्रपुर, भिवंडी-निजामपुर, मालेगांव, पनवेल, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघाला, सांगली-मिराज, कुपवाड, जलगांव, धुले, अहिल्यानगर, इचलकरंजी और जालना शामिल हैं. 'ठाकरे ब्रदर्स' के बीच गठबंधन पर सस्पेंस बीजेपी ने बीएमसी और बाकी के नगर निगम चुनाव एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है. बीजेपी ने अजित पवार के साथ 'फ्रेंडली फाइट' करने की प्लानिंग की है. महायुति की रणनीति को देखते हुए 'ठाकरे ब्रदर्स' ने 20 साल पुरानी राजनीतिक रंजिश को भुलाकर एक साथ आने का फैसला किया ताकि बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना की जोड़ी से दो-दो हाथ कर सकें. उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच बीएमसी सहित राज्य के बाकी नगर निगम चुनाव के लिए सीटों का बंटवारे पर सहमति बन गई थी. ऐसे में माना जा रहा था कि मंगलवार को शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के गठबंधन का औपचारिक ऐलान होना होगा.  शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के बीच गठबंधन का आधिकारिक ऐलान वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किए जाने की संभावना खी. इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा थे, लेकिन अचानक कैंसिल हो गई है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्या वजह है कि प्रेस कॉफ्रेंस को टालना पड़ा. सीट शेयरिंग तय हो गई थी, फिर क्या हुआ एमएनएस नेता नितिन सरदेसाई और बाला नांदगांवकर सोमवार देर शाम ‘मातोश्री’ पहुंचे, जहां उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया. सूत्रों के अनुसार, बीएमसी की कुल 227 सीटों में से शिवसेना (यूबीटी) 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं, राज ठाकरे की एमएनएस 60 से 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. इसके अलावा बची सीटें एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) और अन्य छोटे सहयोगी दलों को दिए जाने की संभावना है.  इस तरह सीट शेयरिंग का फॉर्मूला बन रहा था, लेकिन माना जा रहा है कि कांग्रेस को महाविकास अघाड़ी में शामिल करने को लेकर सहमति बनाई जा रही है. इसीलिए शिवसेना ने मंगलवार को होने वाली प्रेस कॉफ्रेंस को टाल दिया है.  कांग्रेस को साधने में जुटे संजय राउत महायुति के नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में प्रदर्शन को देकते हुए उद्धव ठाकरे की शिवसेना अपना आखिरी किला बचाए रखने की हरसंभव कवायद में जुट गई है. एक तरफ राज ठाकरे के साथ हाथ मिलाने की प्लानिंग है तो दूसरी तरफ कांग्रेस को साथ लेने की कोशिश तेज कर दी है. शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से फोन पर बात की और आगामी बीएमसी चुनावों के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा की. संजय राउत लगातार राहुल गांधी के संपर्क में भी हैं, ताकि कांग्रेस को महा विकास आघाड़ी में बनाए रखा जा सके. शरद पवार की एनसीपी (एसपी) भी सभी दलों को एकजुट रखने के लिए सक्रिय मध्यस्थता कर रही है. विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों का मानना है कि एकजुट रहकर ही महायुति को चुनौती दी जा सकती है. हालांकि, संजय राउत की असल चुनौती राज ठाकरे की मनसे के साथ कांग्रेस के साथ संबंधों को संतुलित करने की है. कांग्रेस ने राज ठाकरे के साथ मंच साझा करने से साफ इनकार किया है, क्योंकि मनसे की उत्तर भारतीयों और मुस्लिमों के खिलाफ आक्रामक छवि कांग्रेस के वैचारिक आधार से टकराती है. कांग्रेस को साथ लेने का रास्ता बनाया जा रहा है, जिसके चलते मंगलवार को राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की होने वाली संयुक्त प्रेस कॉफ्रेंस को टाल दिया गया है.  उद्धव के लिए आखिरी किला बचाने का चैलेंज महाराष्ट्र की राजनीति में बीएमसी का नियंत्रण राज्य की सत्ता के समान माना जाता है. बीजेपी की पूरी कोशिश बीएमसी से ठाकरे परिवार के वर्चस्व को खत्म करना चाहती है, जबकि उद्धव ठाकरे के लिए यह चुनाव अपनी साख बचाने का आखिरी मौका है. महाराष्ट्र में पिछले पांच सालों के सियासी संग्राम में सबसे ज्यादा नुकसान तो ब्रांड ठाकरे को हुआ है, जिसके चलते … Read more

भोपाल को मिली मेट्रो की सौगात, प्रदेश के दो प्रमुख शहरों में मेट्रो सेवा प्रारंभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल को मेट्रो की सौगात, मध्यप्रदेश के दो बड़े शहरों में चल रही है मेट्रो ट्रेन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के पहले भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया का मैप भी हुआ लांच, पड़ोसी पांच जिलों का क्षेत्र होगा शामिल केंद्रीय गृह मंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में शामिल होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले सभी मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बीते सप्ताह मध्यप्रदेश को कई नई सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल की विशिष्ट उपस्थिति में न केवल भोपाल में मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ वरन् प्रदेश के पहले भोपाल महानगरीय क्षेत्र (मेट्रोपोलिटन एरिया) का मैप (मानचित्र) भी लांच कर दिया गया। उन्होंने बताया कि भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया में भोपाल जिले सहित सीमावर्ती 5 जिलों रायसेन, विदिशा, राजगढ़, सीहोर और नर्मदापुरम का क्षेत्र शामिल किया गया है। इस एरिया में कुल 12 नगरीय क्षेत्र और 30 तहसीलें शामिल की गई हैं। मेट्रोपोलिटन एरिया में लगभग 2524 गांव शामिल होंगे और इस क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 12,099 वर्ग किलोमीटर रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मध्यप्रदेश को दिन-ब-दिन मिल रही नई-नई सौगातों के लिए सभी मंत्रीगण ने मेंजें थप-थपाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया। भोपाल को मिली मेट्रो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि भोपाल को मेट्रो की सौगात मिली है। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल द्वारा 20 दिसम्बर को भोपाल में मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ किया गया। पहले चरण में 7 किमी का मेट्रो ट्रेक सुभाष नगर से एम्स तक का है। इसमें कुल 8 स्टेशन हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के दो बड़े शहर इन्दौर और भोपाल अब मेट्रो ट्रेन अल्ट्रा माडर्न पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में शामिल हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने इन्दौर में 3.3 किमी के अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रेन ट्रेक के निर्माण के लिए भी स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री ने इन सभी सौगातों के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त किया। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा 23 दिसम्बर को करेंगे धार एवं बैतूल में मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर चार मेडिकल कॉलेज तैयार किए जाएंगे। इनमें से धार एवं बैतूल जिले में मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य का भूमिपूजन 23 दिसम्बर को धार एवं बैतूल में सम्पन्न होगा। मंगलवार (23 दिसम्बर) को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा पीपीपी मॉडल पर बनने वाले दो मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नड्डा पूर्वान्ह में धार में मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन एवं अन्य विकास कार्यों के लोकार्पण करने के बाद वहीं से बैतूल रवाना होंगे। नड्डा अपरान्ह में बैतूल में मेडिकल कॉलेज एवं अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सौगातों के लिये भी प्रधानमंत्री मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री नड्डा का आभार माना। केंद्रीय गृह मंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर एवं रीवा आएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 25 दिसम्बर को मध्यप्रदेश आएंगे। गृहमंत्री शाह भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती पर ग्वालियर एवं रीवा में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि गृहमंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर में सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में भाग लेंगे। केंद्रीय मंत्री शाह ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ से अधिक के कामों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के साथ-साथ निवेशकों को आशय पत्र/आवंटन आदेश का वितरण भी करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री यहां एक मेले का उद्घाटन भी करेंगे। इसके बाद वे रीवा पहुंचेगे और वहां आयोजित कृषि एवं किसान सम्मेलन में भाग लेंगे। 11वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11वां अन्तर्राष्ट्रीय वन मेला भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है। यह मेला 23 दिसम्बर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि इस मेले में नेपाल और भूटान सहित अन्य देशों ने भी अपने स्टॉल लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़ ने भी मेले में सहभागिता की है। इसमें हर्बल एवं आयुर्वेदिक दवाओं के 350 से अधिक स्टॉल लगाये गये है। 80 आयुर्वेदिक डॉक्टर और 100 से अधिक वैद्य सेवाएं दे रहे हैं। वन मेले में 26 फूड स्टॉल भी है। जिसमें आलीराजपुर का दाल पानिया, छिंदवाड़ा की वन रसोई और बांधवगढ़ के गोड़ी व्यंजनों का स्वाद भी आगंतुकों को मिल रहा है। मंत्रीगण दे रहे हैं दो साल की उपलब्धियों की जानकारी – 30 दिसम्बर तक मंत्रीगण करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रदेश के सभी मंत्रीगण दो साल की उपलब्धियों की विभागीय जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जनता तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रेस कांफ्रेंस का यह क्रम 30 दिसम्बर तक चलेगा। अभी तक वित्त एवं वाणिज्यिक कर, जनजातीय कार्य विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, श्रम विभाग, लोक निर्माण विभाग, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, राजस्व विभाग एवं ऊर्जा विभाग की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो चुकी है। उन्होंने मंत्रीगण से कहा कि वे अपने-अपने विभागों की सभी उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण भी कर लें और पूरी तैयारी से अपने विभाग की विगत दो सालों की उपलब्धियों को मीडिया को बतायें, ताकि सरकार की उपलब्धियां अधिक से अधिक जन सामान्य तक पहुंचें। 230 विधानसभा क्षेत्रों में से 193 विधानसभा क्षेत्रों में वृन्दावन ग्राम चयनित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृन्दावन ग्राम के संबंध में मंत्रीगण को बताया कि सरकार ने प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक वृन्दावन ग्राम बनाने की महती योजना प्रारंभ की है। इसमें ऐसे गांव का चयन करना है, जिसकी वर्तमान जनसंख्या कम से कम 2000 हो और गौवंश की न्यूनतम संख्या 500 तक हो। इन गांवों का चयन हर विधानसभा क्षेत्र में जिला कलेक्टर द्वारा प्रभारी मंत्री एवं विधायकगण से परामर्श लेकर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 230 विधानसभा क्षेत्रों में से अबतक 193 विधानसभा क्षेत्रों में का वृन्दावन … Read more