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2026 में भारत में Tata Avinya और दो नई EVs उतारेगी Tata Motors

मुंबई   स्वदेशी कार निर्मता कंपनी Tata Motors ने साल 2026 के लिए अपने EV प्लान्स की जानकारी दी है. कंपनी ने पुष्टि की है कि पहली छमाही में Tata Sierra.ev और अपडेटेड Tata Punch.ev लॉन्च करने के बाद, वह 2026 के आखिर तक Tata Avinya EV कंपनी के तहत प्रीमियम EV मार्केट में एंट्री करेगा. जानकारी के अनुसार, ये तीनों मॉडल Tata Motors की अगली EV वेव का मुख्य हिस्सा होंगे, और वित्त वर्ष 2030 तक तीन और नए मॉडल आएंगे, क्योंकि कंपनी ज़्यादा सेगमेंट में अपनी इलेक्ट्रिक लाइन-अप का विस्तार करेगी. Tata Motors का EV विस्तार ऐसे समय में हो रहा है, जब कंपनी ने भारत में 2.5 लाख EV बिक्री का माइलस्टोन पार कर लिया है, और Tata Nexon.ev देश की पहली इलेक्ट्रिक कार बन गई है, जिसकी लॉन्च के बाद से अब तक 1 लाख यूनिट्स बेची जा चुकी हैं. कार निर्माता कंपनी का दावा है कि उसके लगभग 26 प्रतिशत EV ग्राहक पहली बार कार खरीदने वाले हैं. Tata Avinya ब्रांड 2026 में अपना पहला मॉडल करेगा लॉन्च Tata Avinya मॉडल कंपनी के जनरेशन-3 स्केटबोर्ड बोर्न-इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले पहले मॉडल होने वाले हैं. पहला Tata Avinya मॉडल 2026 के आखिर तक बाजार में उतारा जा सकता है, और इसे Tata की मौजूदा EV रेंज से ऊपर रखा जाएगा. यह नया प्लेटफॉर्म बड़े और ज़्यादा एडवांस्ड मॉडल बनाने में मदद करेगा, जिससे Tata Motors को प्रीमियम EV सेगमेंट में एंट्री मिलेगी. Tata Sierra.ev और अपडेटेड Tata Punch.ev के अनुमानित फीचर्स Tata Sierra.ev मिडसाइज़ इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में शामिल होगी और इसमें RWD और AWD ऑप्शन दिए जा सकते हैं. इसमें ICE Tata Sierra का ही डिज़ाइन मिलने वाला है, लेकिन इसमें EV-स्पेसिफिक एलिमेंट भी होने वाले हैं, जिनमें कम ओपनिंग वाला बंद फ्रंट पैनल दिया जाएगा. Tata Sierra.ev के acti.ev+ प्लेटफॉर्म पर आधारित हो सकती है, जिसे Tata Harier EV के साथ शेयर किया जाएगा. वहीं दूसरी ओर, Tata Punch.ev की बात करें तो इसे शायद ICE Tata Punch की तरह ही अपडेट मिलेंगे, जिसका फेसलिफ्ट अगले साल की शुरुआत में उतारा जाएगा. इस इलेक्ट्रिक व्हीकल में भी इसी तरह के मिड-साइकिल बदलाव देखने को मिलेंगे, जिसमें एक्सटीरियर में कुछ बदलाव और कुछ नए फीचर्स शामिल होंगे. इसके अलावा, यह कंपनी की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक SUV बनी रहेगी. ऊपर बताए गए मॉडल्स के साथ-साथ Tata Tiago.ev, Tigor.ev, Nexon.ev, Curvv.ev और Harrier.ev के साथ, कंपनी की इलेक्ट्रिक लाइन-अप ज़्यादा सेगमेंट को कवर करेगी. वित्त वर्ष 2030 तक तीन और EV नेमप्लेट होंगे लॉन्च Tata Motors वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2030 के बीच तीन और इलेक्ट्रिक मॉडल पेश करने की योजना बना रही है, जिससे अगले पांच सालों में कुल पांच नई EV हो जाएंगी. इन पांच EVs में Tata Sierra.ev और Avinya ब्रांड के तहत पहली इलेक्ट्रिक कार भी शामिल हैं. इसके अलावा, बाकी मॉडल भी Avinya फैमिली में नए एडिशन हो सकते हैं. ये मॉडल Tata Motors की मौजूदगी को ज़्यादा सेगमेंट में बढ़ाएंगे और मौजूदा रेंज के रेगुलर अपडेट के साथ इन्हें लॉन्च किया जाएगा. इस विस्तार को एक बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क से भी सपोर्ट मिलने वाला है, जिसमें Tata.ev ओपन कोलैबोरेशन फ्रेमवर्क के ज़रिए 4,00,000 चार्ज पॉइंट लगाए जाएंगे, जिसमें 30,000 से ज़्यादा फास्ट चार्जर शामिल होंगे. Tata Motors की योजना है कि 2030 तक इसे बढ़ाकर 1 मिलियन चार्ज पॉइंट और 1,00,000 फास्ट चार्जर तक किया जाए.  

दो वर्षों में सुदृढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पारदर्शिता और तकनीक पर फोकस, योजनाओं का किया विस्तार : खाद्य मंत्री राजपूत

योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं निगरानी व्यवस्था को प्राथमिकता दी : खाद्य मंत्री राजपूत दो वर्षों में सुदृढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पारदर्शिता और तकनीक पर फोकस, योजनाओं का किया विस्तार भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, उपभोक्ता संरक्षण, किसान हित तथा गैस आपूर्ति के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ अर्जित की गई हैं। विभाग द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। खाद्य मंत्री राजपूत राजधानी में विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों को लेकर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5 करोड़ 25 लाख से अधिक हितग्राहियों को लगभग 22 हजार 800 करोड़ रुपये मूल्य का नि:शुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया। राशन वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम लागू किया गया, जिसके तहत हितग्राहियों को एसएमएस के माध्यम से राशन आगमन एवं वितरण की जानकारी दी जा रही है। इसके अतिरिक्त 26 जनवरी एवं 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में पात्र हितग्राहियों की सूची का वाचन किया जा रहा है। ई-केवाईसी प्रक्रिया में उल्लेखनीय प्रगति की गई खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि विभाग द्वारा ई-केवाईसी प्रक्रिया में उल्लेखनीय प्रगति की गई है। प्रदेश में दो वर्ष में लगभग 1 करोड़ 70 लाख से अधिक हितग्राहियों का ई-केवाईसी सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है। अब तक 4 करोड़ 97 लाख हितग्राहियों के ई-केवाईसी कराये जा चुके हैं। इस तरह से अब तक लगभग 93 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण हो चुके हैं। बायोमेट्रिक के साथ-साथ फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से भी ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों, 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धों एवं दिव्यांगजनों सहित लगभग 15 लाख हितग्राहियों को ई-केवाईसी से छूट प्रदान की गई है। साथ ही 14 लाख नए पात्र हितग्राहियों को जोड़कर पात्रता पर्ची जारी की गई है। वन नेशन–वन राशन कार्ड योजना में नि:शुल्क राशन खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि वन नेशन–वन राशन कार्ड योजना के अंतर्गत प्रतिमाह औसतन 39 हजार परिवार अन्य राज्यों में तथा लगभग 6 हजार परिवार अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश में नि:शुल्क राशन प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा लगभग 16 लाख परिवार प्रतिमाह अंतर-जिला पोर्टेबिलिटी का लाभ ले रहे हैं। वहीं जनजाति एवं पहुंचविहीन 89 गांवों में “आपका राशन आपके द्वार” योजना के माध्यम से घर-घर राशन पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री अन्नदूत योजना के अंतर्गत वाहनों में जीपीएस प्रणाली स्थापित कर राज्य स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर से निगरानी की जा रही है। एलपीजी आपूर्ति के क्षेत्र में उज्ज्वला एवं गैर-उज्ज्वला योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश की बहनों की 6 करोड़ 17 लाख गैस रिफिल कराई गईं, जिसमें 911 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। शहरी क्षेत्रों में घर-घर पाइप के माध्यम से गैस पहुंचाने के लिए शहरी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। वेयरहाउसिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने तीन मोबाइल ऐप विकसित खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि वेयरहाउसिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा नमी मापक, फ्यूमिगेशन एवं निरीक्षण से संबंधित तीन मोबाइल ऐप विकसित किए गए हैं, जिससे अनाज भंडारण की रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है। किसान हित में विभाग द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं एवं धान की खरीदी की गई। लगभग 28 लाख किसानों से फसल खरीदी कर 51 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। गेहूं की खरीदी में 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया गया। सत्यापन एवं निरीक्षण से 49 करोड़ से अधिक का राजस्व अर्जित खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि नाप-तौल विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में सत्यापन एवं निरीक्षण के माध्यम से 49 करोड़ 14 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 11 हजार 700 प्रकरण पंजीबद्ध कर लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये की दंड राशि वसूल की गई। उपभोक्ता विवादों के त्वरित निराकरण के लिए उपभोक्ता आयोगों का कंप्यूटरीकरण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दो वर्षों में 3 लाख 7 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया। विभाग द्वारा आगामी अवधि में राशन दुकानों को मुख्यमंत्री पोषण मार्ट के रूप में विकसित करने, सॉफ्टवेयर सिस्टम के एकीकरण, उन्नत तकनीक से राशन वितरण तथा सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में राशन एवं गैस आपूर्ति की विस्तृत व्यवस्था किए जाने की कार्य योजना भी तैयार की गई है।  

NGT ने लगाया ब्रेक: भोपाल अयोध्या बायपास पर अब नहीं कटेंगे पेड़

भोपाल राजधानी भोपाल के अयोध्या बायपास चौड़ीकरण के लिए हरे पेड़ों की कटाई के खिलाफ दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल( NGT) ने बुधवार को पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है.   बायपास चौड़ीकरण के लिए कुल 8 हजार पेड़ों को काटा जाना था. रोक के बाद प्रोजेक्ट में खटाई खटाई में पड़ सकता है..  मंगलवार 23 दिसम्बर से इन पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई थी, लेकिन इसके अगले ही दिन यानी आज 24 दिसम्बर बुधवार को एनजीटी ने पेड़ों की कटाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है. हालांकि एनजीटी के आदेश में कहा गया है कि सिर्फ पेड़ कटाई पर रोक लगाई गई है, लेकिन संबंधित एजेंसी सड़क निर्माण का कार्य जारी रख सकता है. इसके लिए पेड़ों के साथ छेड़छाड़ न की जाए. इसलिए लगाई कटाई में रोक भोपाल में 10 लेन सड़क के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के लिए एनजीटी में याचिका लगाने वाले नितिन सक्सेना ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण  (एनएचएआई) द्वारा सड़क निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई तो शुरू कर दी गई, लेकिन इसके लिए तय मानकों का पालन नहीं किया गया. शहर में इसके पहले भी बीआरटीएस, स्मार्ट सिटी, कोलार सिक्सलेन और मेट्रो समेत अन्य प्रोजेक्ट के लिए लाखों पेड़ों की बलि चढ़ चुकी है. संबंधित निर्माण एजेंसियों ने भी पेड़ कटने के बाद उसकी भरपाई के लिए पौधारोपण का दावा किया था, लेकिन हकीकत सबके सामने है. 8 जनवरी तक रोक याचिकाकर्ता के वकील हरप्रीत सिंह गुप्ता ने बताया कि पूर्व में दिए गए एनजीटी के आदेश के अनुसार वृक्षों की कटाई की वैकल्पिक योजना पर विचार करने के लिए कोई केंद्रीय रूप से सशक्त समिति गठित नहीं की गई है, जिससे कम संख्या में वृक्षों की कटाई आवश्यक हो सके. न ही काटे गए वृक्षों की क्षतिपूर्ति और रोपित वृक्षों के 5 वर्ष तक जीवित रहने के लिए इस न्यायाधिकरण द्वारा निर्देशित विधि के अनुसार क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के संबंध में कोई निर्णय लिया गया है. अयोध्या बायपास क्षेत्र में बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों को सॉ कटर से काटा गया था. स्थानीय लोगों ने कहा कि यह क्षेत्र शहर के लिए ग्रीन लंग की तरह काम करता था. अयोध्या बायपास प्रोजेक्ट से जुड़ा मामला पहले से ही एनजीटी में विचाराधीन था. इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई को मंजूरी देना कई सवाल खड़े करता है. नियमों के मुताबिक, एनजीटी में मामला लंबित होने की स्थिति में किसी भी तरह की बड़ी पर्यावरणीय गतिविधि पर रोक लगनी चाहिए. इतनी जल्दी कैसे मिली अनुमति? सूत्रों के अनुसार, 12 दिसंबर को स्टेट इम्पावरमेंट कमेटी की बैठक हुई और उसी दिन या बेहद कम समय में एनएचएआई को 7,881 पेड़ काटने की हरी झंडी दे दी गई. पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर अनुमति देने से पहले विस्तृत पर्यावरणीय आकलन और जनसुनवाई जरूरी होती है. खटाई में पड़ सकता है 16 किलोमीटर लंबा 10 लेन वाला प्रोजेक्ट  गौरतलब है एनजीटी द्वारा हरे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने से करीब 16 किलोमीटर लंबे 10 लेन वाला अयोध्या बायपास चौड़ीकरण प्रोजेक्ट खटाई में पड़ सकता है. हालांकि बिना हरे पेड़ों के काटे सड़क चौड़ीकरण का काम बदस्तूर जारी रहेगा. हालांकि एनजीटी ने सुनवाई के दौरान बड़े ही सख्त अंदाज में कहा है कि, नियम पहले, प्रोजेक्ट बाद में होता रहेगा.  हरे पेड़ों की कटाई ने वृक्ष संरक्षण कानून पर उठा दिए सवाल रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या बाइपास चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित 8000 हरे पेड़ों की कटाई के फैसले ने वृक्ष संरक्षण कानून पर भी सवाल उठा दिए हैं. बायपास चौड़ीकरण के लिए 8000 हरे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाते हुए एनजीटी में अपनी टिप्पणी में प्रतिपूरक वनीकरण पर भी सरकार से जवाब मांगा और कहा है कि विकल्पों पर भी विचार जरूरी है.  रोक के बावजूद बिना पेड़ काटे चलता रहेगा सड़क का काम NGT ने बायपास चौड़ीकरण के लिए हरे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक एक भी पेड़ नहीं कटेगा. इससे 16 किमी लंबे 10 लेन वाला बड़ा प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में आ गया है. एनजीटी के आदेश को मोहन सरकार के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है.  प्रतिपूरक वृक्षारोपण पर सवाल एनएचएआई की ओर से दावा किया गया है कि पेड़ों की कटाई के बदले प्रतिपूरक वृक्षारोपण किया जाएगा. लेकिन सवाल यह है कि क्या नए लगाए जाने वाले पौधे उसी क्षेत्र में, उसी संख्या और उसी जैव विविधता के होंगे? अनुभव बताता है कि कागजों में दिखाया गया वृक्षारोपण ज़मीनी हकीकत में अक्सर नजर नहीं आता. हाईकोर्ट और नियमों का हवाला पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे पहले भी हाईकोर्ट और एनजीटी कई मामलों में साफ कर चुके हैं कि विकास कार्यों के नाम पर अंधाधुंध पेड़ काटना स्वीकार्य नहीं है. सड़क चौड़ीकरण के विकल्प तलाशे जाने चाहिए थे, लेकिन सबसे आसान रास्ता हरियाली खत्म करना चुना गया.

देश में 3 नई एयरलाइंस, सरकार का बड़ा फैसला, इंडिगो का घमंड टूट सकता है

नई दिल्ली  भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए यह सप्ताह बेहद अहम साबित हुआ है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देश के आसमान में उड़ान भरने की तैयारी कर रही तीन नई एयरलाइंस को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्रदान किया है. शंख एयर, अल हिंद एयर और फ्लाईएक्सप्रेस को मिली इस मंजूरी को एविएशन सेक्टर के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. इससे न सिर्फ यात्रियों के लिए विकल्प बढ़ेंगे, बल्कि हवाई सेवाओं में प्रतिस्पर्धा भी तेज होगी. तीन नई एयरलाइंस को मिला ऑपरेशन का रास्ता पिछले एक सप्ताह के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इन तीनों नई एयरलाइंस की टीमों से मुलाकात की. शंख एयर को पहले ही मंत्रालय से NOC मिल चुका था, जबकि अल हिंद एयर और फ्लाईएक्सप्रेस को इसी सप्ताह यह महत्वपूर्ण अनुमति दी गई. NOC मिलने के बाद अब ये एयरलाइंस आगे के लाइसेंस और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर व्यावसायिक उड़ानों की तैयारी कर सकेंगी. मंत्रालय का मानना है कि नई एयरलाइंस के आने से सेक्टर में संतुलित विकास होगा. क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर विशेष जोर मंत्रालय के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य देश में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (Regional Connectivity) को और अधिक मजबूत करना है। सरकार की योजना छोटे शहरों को बड़े महानगरों से जोड़ने की है, ताकि आम नागरिकों के लिए हवाई सफर और अधिक सुलभ और किफायती हो सके। इन नई एयरलाइंस के आने से टियर-2 और टियर-3 शहरों के बीच आवाजाही आसान होगी, जिससे पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। शंख एयर को मिला एनओसी इन तीनों एयरलाइंस में से शंख एयर अपनी तैयारियों में सबसे आगे चल रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, शंख एयर को पहले ही नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिल चुका था, जो परिचालन शुरू करने की दिशा में एक अनिवार्य कदम है। यह एयरलाइन उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अपने मुख्य केंद्र (हब) बनाने की योजना पर काम कर रही है, जिससे उत्तर भारत में हवाई सेवाओं का विस्तार होगा। यात्रियों को मिलेगा नया विकल्प नई एयरलाइंस के बाजार में उतरने से विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसका सीधा फायदा यात्रियों को टिकट दरों में कमी के रूप में मिल सकता है। मंत्रालय अब इन कंपनियों के सुरक्षा मानकों और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं की जांच कर रहा है, ताकि जल्द से जल्द इनके उड़ान भरने की तारीखें तय की जा सकें। विमानन क्षेत्र में इस विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। बाजार में बढ़ेगा कंपीटिशन, घटेगा यात्रियों का बोझ विमानन मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, Shankh Air (शंख एयर), AI Hind Air (एआई हिंद एयर) और FlyExpress (फ्लाईएक्सप्रेस) को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया गया है. सरकार की कोशिश है कि बाजार में केवल चुनिंदा कंपनियों पर निर्भरता कम की जाए. जब आसमान में ज्यादा विमान होंगे और अधिक कंपनियां अपनी सेवाएं देंगी, तो न केवल किराये में कमी आने की उम्मीद है, बल्कि यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा. उत्तर प्रदेश से लेकर केरल तक फैलेगा नेटवर्क ये तीनों एयरलाइंस देश के अलग-अलग कोनों से अपना ऑपरेशन शुरू करेंगी, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (Regional Connectivity) को काफी मजबूती मिलेगी:     शंख एयर’ यूपी के हवाई नक्शे को बदलने की तैयारी में है. इसका मुख्य हब लखनऊ और जेवर (नोएडा) के नए एयरपोर्ट को बनाया गया है.     ‘एआई हिंद एयर’ केरल के कोच्चि से अपनी उड़ानें शुरू करेगी, जबकि ‘फ्लाईएक्सप्रेस’ हैदराबाद से अपना संचालन संभालेगी. इन दोनों के आने से दक्षिण भारतीय राज्यों के यात्रियों को काफी राहत मिलने वाली है. क्यों पड़ी नई एयरलाइंस की जरूरत? पिछले कुछ समय से एविएशन मार्केट में केवल दो बड़े खिलाड़ियों का दबदबा होने के कारण किरायों में मनमानी और सेवाओं में कमी की शिकायतें आ रही थीं. हाल ही में प्रमुख एयरलाइंस के साथ हुए तकनीकी विवादों ने सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया कि विकल्प बढ़ाना अब जरूरी हो गया है. इन तीन नई कंपनियों के आने से मार्केट में बैलेंस बनेगा और आम आदमी के लिए हवाई सफर पहले से कहीं ज्यादा सुगम और किफायती हो जाएगा. दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में भारत नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बनाई गई नीतियों के चलते भारत आज दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में शामिल हो चुका है. हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसी को देखते हुए सरकार नए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है. राम मोहन नायडू ने कहा कि मंत्रालय का लगातार प्रयास रहा है कि अधिक से अधिक एयरलाइंस भारतीय आसमान में उतरें, ताकि यात्रियों को बेहतर सेवाएं और किफायती किराए मिल सकें. UDAN योजना से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती सरकार की उड़ान (UDAN) योजना ने पहले ही स्टार एयर, इंडिया वन एयर और फ्लाई91 जैसी छोटी एयरलाइंस को क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने का मौका दिया है. इन एयरलाइंस ने छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों को हवाई नक्शे पर लाने में मदद की है. मंत्रालय का मानना है कि शंख एयर, अल हिंद एयर और फ्लाईएक्सप्रेस के आने से यह दायरा और बढ़ेगा. आने वाले समय में भारतीय विमानन क्षेत्र में रोजगार, निवेश और बुनियादी ढांचे के स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी दिल्ली मेट्रो फेज 5A की हरी झंडी, नए साल में 13 नए स्टेशन खुलेंगे

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्रीमंडल ने बुधवार को दिल्ली मेट्रो के फेज 5A को मंजूरी दे दी है. इसमें 13 स्टेशन होंगे. इस दौरान 12,015 करोड़ रुपये की लागत से 16 किमी लंबी नई लाइन बिछाई जाएगी. यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. अश्विनी वैष्णव ने कहा, " केंद्रीय मंत्रीमंडल ने दिल्ली मेट्रो के फेज 5A को मंजूरी दे दी है, जिसमें 13 स्टेशन होंगे. इस परियोजना के तहत 12,015 करोड़ रुपये की लागत से 16 किमी लंबी नई लाइन बिछाई जाएगी. इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 400 किमी को पार कर जाएगा." 16 किमी लंबे तीन नए कॉरिडोर बनेंगे फेज V (A) के तहत दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) कुल 16 किमी लंबे तीन नए कॉरिडोर बनाएगा. इसका मकसद लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और शहर के कुछ सबसे बिजी हिस्सों पर भीड़ कम करना है. इस विस्तार से मौजूदा नेटवर्क में 13 स्टेशन जुड़ जाएंगे, जिससे रेजिडेंशियल हब, कमर्शियल डिस्ट्रिक्ट और ट्रांजिट इंटरचेंज के बीच लिंक मजबूत होंगे. 'दिल्ली मेट्रो ने बदली लोगों की जिंदगी' कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "दिल्ली मेट्रो के विस्तार के बारे में एक बहुत जरूरी फैसला लिया गया है. हम सभी जानते हैं कि दिल्ली मेट्रो ने दिल्ली के लोगों और शहर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की जिंदगी में कैसे बदलाव लाया है. इस विस्तार के साथ, दिल्ली मेट्रो में एक नया चैप्टर जुड़ेगा." औसतन 65 लाख यात्री करते हैं मेट्रो का इस्तेमाल केंद्रीय मंत्री बताया "औसतन 65 लाख यात्री रोजाना दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं. कुछ पीक दिन ऐसे होते हैं जब दिल्ली मेट्रो एक दिन में 80 लाख लोगों को ले जाती है." उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज-VA का कंस्ट्रक्शन टाइमलाइन तीन साल है. कंस्ट्रक्शन ज्यादातर टनल बोरिंग मशीनों का इस्तेमाल करके अंडरग्राउंड होगा, जिससे ट्रैफिक में कम से कम रुकावट आएगी.

निर्माणाधीन विश्वविद्यालय भवनों का CM नीतीश ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता व समयसीमा पर दिया जोर

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मीठापुर में बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय एवं बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की सचिव डॉ० प्रतिमा एस० वर्मा ने बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय तथा स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के भवन के निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी दी। CM नीतीश ने तेजी से निर्माण पूर्ण करने का दिया निर्देश निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के छात्र एवं छात्राओं को उच्च स्तर की तकनीकी शिक्षा प्रदान करने हेतु बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय एवं बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। उन्होंने कहा कि बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय एवं बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन सभी संरचनाओं का निर्माण कार्य बेहतर ढंग से और तेजी से पूर्ण करें। मीठापुर के इस क्षेत्र में चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वाविद्यालय, निफ्ट, चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी एवं मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान बनाये गए हैं। यह पूरा क्षेत्र काफी अच्छा हो गया है। इन दोनों विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण होने से यह क्षेत्र और भी अच्छा दिखेगा। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 27 जुलाई 2022 को बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना की गई तथा इसके भवन के निर्माण हेतु मीठापुर, पटना में 05 एकड़ भूमि आवंटित की गई। मुख्य भवन 04 मंजिल का होगा। इसका कुल निर्मित क्षेत्रफल 1,11,732 वर्गफीट है। इसके भूतल पर डीन कार्यालय, रजिस्ट्रार का कार्यालय, कैफेटेरिया एवं अन्य कार्यालय, प्रथम तल पर कुलपति कार्यालय, मीटिंग हॉल तथा मूल्यांकन केन्द्र बनाया जा रहा है। द्वितीय तल पर कार्यालय कक्ष, मूल्यांकन केन्द्र, भंडारगृह आदि तृतीय तल पर 05 अभिलेखागार, भंडारगृह आदि तथा चतुर्थ तल पर मूल्यांकन केन्द्र एवं 02 बड़े बहुउद्देशीय हॉल बनाया जा रहा है। साथ ही इस परिसर में 01 अतिथि गृह का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 08 कमरे तथा 04 सुइट रूम का निर्माण किया जाना है। यहां 01 केयर टेकर आवास का भी निर्माण किया जा रहा है। राज्य में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा (मेडिकल एजुकेशन) उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वाकांक्षी योजना के रूप में सात निश्चय-2 योजना के अंतर्गत स्थापित बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के नये भवन निर्माण कार्य किया जा रहा है। भवन का कुल क्षेत्रफल 27567 वर्गमीटर है। परियोजना के दो भाग हैं प्रथम भाग मुख्य विश्वविद्यालय भवन, जिसका कुल क्षेत्रफल 12,845 वर्ग मीटर है, जिसके अंतर्गत प्रशासनिक सह शैक्षणिक भवन, परीक्षा कक्ष, औषधालय, बहुउद्देशीय मंच, प्रतीक्षालय कक्ष, सूचना केन्द्र, नामांकन शाखा, कुलाधिपति कक्ष, प्रशिक्षण सह स्थानन शाखा इत्यादि हैं तथा दूसरे भाग उपभवन, जिसका कुल क्षेत्रफल 14822 वर्ग मीटर है, जिसके अंतर्गत कुलपति आवास, विश्वविद्यालय अतिथि गृष्ठ तथा बहुउद्देशीय सभागार की व्यवस्था की गई है।

कोहरे और कम दृश्यता में नियंत्रित गति, सभी बसों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य

योगी सरकार यात्रियों की सुरक्षा के लिए सतर्क, ठंड में सुरक्षित बस संचालन के निर्देश कोहरे और कम दृश्यता में नियंत्रित गति, सभी बसों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य कोहरे की स्थिति में बसों की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो  विजिबिलिटी सामान्य होने पर ही बसों का संचालन किया जाए बस अड्डों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम से यात्रियों को सुरक्षा उपायों की दी जाएगी जानकारी घने कोहरे वाले मार्गों पर रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकता अनुसार सीमित किया जाए  रात्रि सेवाओं में अनुभवी, दुर्घटना-रहित और अच्छे ईंधन रिकॉर्ड वाले चालकों की हो तैनाती  लंबी दूरी की बसों की 13 बिंदुओं पर आउटशेडिंग तथा 31 बिंदुओं पर नियमित भौतिक जांच कराने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शरद ऋतु और ठंड के मौसम में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद में प्रदेश में बस यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत कोहरे और दृश्यता में कमी जैसी परिस्थितियों में बसों का संचालन अत्यंत सावधानी से किये जाने, रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकता अनुसार सीमित करने और यात्रियों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। कोहरे में बसों की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने परिवहन निगम एवं संबंधित अधिकारियों को शरद ऋतु/ठंड के मौसम में बसों के सुरक्षित एवं नियंत्रित संचालन को लेकर विस्तृत आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोहरे और दृश्यता में कमी जैसी परिस्थितियों में बसों का संचालन अत्यंत सावधानी से किया जाना आवश्यक है और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा मुहैया कराना प्रदेश सरकार का दायित्व है। परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कोहरे की स्थिति में बसों की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो, जबकि अत्यधिक कोहरे में बस को किसी सुरक्षित स्थान पर रोककर विजिबिलिटी सामान्य होने पर ही आगे संचालन किया जाए। बस अड्डों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लगातार एनाउंसमेंट कर यात्रियों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं। अनुभवी चालकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए उन्होंने कहा कि घने कोहरे वाले मार्गों पर रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकता अनुसार सीमित किया जाए तथा रात्रि सेवाओं में अनुभवी, दुर्घटना-रहित और अच्छे ईंधन रिकॉर्ड वाले चालकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि रात्रि सेवा पर जाने से पूर्व चालक को कम से कम 8 घंटे का विश्राम प्राप्त हुआ हो। 50 प्रतिशत से कम लोड फैक्टर वाली रात्रिकालीन सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थगित रखने के निर्देश दिए गए हैं। चालकों का अल्कोहल टेस्ट अनिवार्य लंबी दूरी एवं रात्रिकालीन सेवाओं की बसों को मार्ग पर भेजने से पूर्व 13 बिंदुओं पर आउटशेडिंग जांच तथा संचालन के दौरान 31 बिंदुओं पर नियमित भौतिक जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी निगम एवं अनुबंधित बसों में रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप, फॉग लाइट, ऑल वेदर बल्ब, वाइपर और शीशे पूर्ण रूप से कार्यरत होना अनिवार्य किया गया है। मार्ग पर तैनात इंटरसेप्टर एवं प्रवर्तन वाहनों द्वारा निरीक्षण के दौरान ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से अल्कोहल टेस्ट अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता परिवहन मंत्री ने चालकों को तीन प्रकार की सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा है। एक्सप्रेस-वे पर अचानक ठहराव से बचाव, डिवाइडर युक्त सड़कों पर दायीं ओर संचालन, तथा बिना डिवाइडर वाली सड़कों पर बायीं ओर संचालन कर दुर्घटनाओं से बचने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी चालकों एवं परिचालकों को इन दिशा-निर्देशों के संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि संयमित गति और सतर्कता के साथ बसों का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने दोहराया कि योगी सरकार प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यूपी भाजपा में जातीय बैठकों की गूंज: ब्राह्मण विधायकों की मीटिंग की तस्वीरें वायरल, माहौल गरमाया

लखनऊ  यूपी की राजनीति में जाति के नाम पर वार-पलटवार का दौर तो हमेशा चलता रहता है। टिकट से लेकर पार्टियों में पद भी जाति के आधार पर देने की तो परंपरा ही है। ऐसे में जब किसी दल में एक जाति के विधायकों की गोलबंदी होती है तो माहौल गरमा जाता है। कुछ समय पहले लखनऊ में राजपूत विधायकों ने कुटुंब के नाम से बैठक की थी। अब भाजपा के ब्राह्मण विधायकों ने सहभोज के नाम पर बैठक की है। विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा के ब्राह्मण विधायकों के जुटान ने सूबे का सियासी माहौल गर्मा दिया है। कुशीनगर से भाजपा विधायक पीएन पाठक के बहुखंडी स्थित आवास पर ब्रह्माण विधायकों का जुटान हुआ है। इसमें करीब तीन दर्जन विधायक और विधान परिषद सदस्यों के शामिल होने की खबर है। सरकार और संगठन में बदलाव के इस दौर में लोग इस जुटान के सियासी मायने तलाशने में जुटे हैं। बैठक की कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं। भाजपा ने भी इस पर अपनी नजरें गड़ा दी हैं।   इस सहभोज की तस्वीरों के साथ एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें विधायकों को प्रदेश में ब्राह्मणों की आबादी सहित अन्य सियासी मुद्दों पर चर्चा करते हुए सुना जा सकता है। इस सहभोज में लिट्ठी-चोखा और मंगलवार व्रत के भोजन के साथ ही राजनैतिक चर्चाएं भी होने की खबर है। पिछले विधानसभा सत्र के दौरान इसी तरह क्षत्रिय विधायक भी कुटुंब मिलन कार्यक्रम के तहत राजधानी के एक होटल में जुटे थे। उसके बाद एक अन्य स्थान पर कुर्मी विधायकों की भी बैठक हुई थी। भाजपा में हाल ही में प्रदेश संगठन का नेतृत्व बदला है। केंद्रीय मंत्री व महराजगंज के सांसद पंकज चौधरी को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। अध्यक्ष पद के लिए ओबीसी या ब्राह्मण चेहरे को लेकर ही चर्चाओं का बाजार गर्म था। नये साल में योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी चर्चाएं तेज हैं। उधर, सबको हिन्दुत्व के झंडे के नीचे लाने के प्रयास में जुटे संघ और भाजपा को भी जातीय गोलबंदी का संदेश देती ऐसी बैठकों ने बेचैन कर दिया है। सूत्रों की मानें तो पीएन पाठक के आवास पर हुए सहभोज में शामिल विधायकों में से कइयों से बातचीत कर बैठक के निहितार्थ खोजे जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। बता दें कि भाजपा के कुल 46 ब्राह्मण विधायक हैं।   यह हुए शामिल पीएन पाठक (आयोजक), रत्नाकर मिश्र, उमेश द्विवेदी, एमएलसी, प्रकाश द्विवेदी, रमेश मिश्र, शलभमणि त्रिपाठी, विपुल दूबे, राकेश गोस्वामी, रवि शर्मा, विनोद चतुर्वेदी, संजय शर्मा, विवेकानंद पाण्डेय, अनिल त्रिपाठी, अंकुर राज तिवारी, साकेत मिश्र (एमएलसी, बाबूलाल तिवारी (एमएलसी), विनय द्विवेदी, सुभाष त्रिपाठी, अनिल पाराशर, कैलाशनाथ शुक्ला, प्रेमनारायण पाण्डेय, ज्ञान तिवारी, सुनील दत्त द्विवेदी, धर्मेंद्र सिंह भूमिहार (एमएलसी।  

एशेज में करारी मार: इंग्लैंड को लगा बड़ा झटका, जोफ्रा आर्चर सीरीज़ से लगभग बाहर

नई दिल्ली  इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर मांसपेशियों में खिंचाव के कारण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बाकी बचे दो एशेज टेस्ट मैचों में नहीं खेल पाएंगे। टीम के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। इससे इंग्लैंड की मैदान और मैदान से इतर की समस्याएं और बढ़ गई हैं। इसमें उसके सलामी बल्लेबाज बेन डकेट पर नशे में धुत होकर रास्ता भटकने का आरोप भी शामिल हैं। तीस वर्षीय आर्चर पिछले चार वर्षों से पीठ और दाहिनी कोहनी में स्ट्रेस फ्रैक्चर सहित कई तरह की फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्होंने भारत के खिलाफ लंबे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी की और उसके बाद वह शानदार फॉर्म में थे। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट शुक्रवार को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में शुरू होगा जबकि पांचवां और अंतिम टेस्ट मैच चार जनवरी से सिडनी में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में अभी 3-0 से आगे है और उसने एशेज अपने पास बरकरार रखी है। आर्चर बुधवार को एमसीजी में अभ्यास सत्र के लिए मैदान पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने अभ्यास नहीं किया। बाद में टीम के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि वह दौरे के बाकी बचे दो मैच से बाहर हो गए हैं। आर्चर ने पर्थ, ब्रिस्बेन और एडिलेड में खेले गए मैचों में कुल 80 ओवर गेंदबाजी की थी, जिसमें उन्होंने 27.11 की औसत से नौ विकेट लिए। उन्होंने एडिलेड में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में पहली पारी में 53 रन देकर पांच विकेट लिए और 51 रन बनाए। इंग्लैंड ने चौथे टेस्ट मैच के लिए बुधवार को अपनी टीम की घोषणा की जिसमें आर्चर की जगह गस एटकिंसन को अंतिम एकादश में शामिल किया गया है। इसके अलावा तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले ओली पोप की जगह जैकब बेथेल को टीम में लिया गया है। पोप का इस श्रृंखला में बल्लेबाजी औसत 20.83 है। डकेट ने श्रृंखला में खराब प्रदर्शन के बावजूद टीम में अपना स्थान बरकरार रखा है। डकेट का इस सप्ताह दूसरे और तीसरे टेस्ट के बीच कथित तौर पर नशे में धुत दिखाई देने का वीडियो सामने आया है। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने कहा कि उन्होंने डकेट से बात की है। स्टोक्स ने कहा, ‘मैंने उनसे संपर्क किया है। उनसे बात की है और उन्हें अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया। इंग्लैंड के कप्तान के रूप में मेरा काम न सिर्फ टीम के लिए अनुकूल परिणाम हासिल करना है, बल्कि खिलाड़ियों को ऐसी मानसिक स्थिति में लाने की कोशिश करना भी है जहां वे मैदान पर जाकर अच्छा प्रदर्शन कर सकें।’ चौथे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम इस प्रकार है: जैक क्रॉली, बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ, विल जैक्स, गस एटकिंसन, ब्रायडन कार्स, जोश टोंग।  

रिकॉर्ड ब्रेकर पारी: विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली का लिस्ट-ए करियर का 5वां शतक

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपने पुराने अंदाज की झलक दिखाते हुए शानदार वापसी की है। करीब 15 साल बाद घरेलू वनडे टूर्नामेंट में लौटे कोहली ने आंध्र प्रदेश के खिलाफ दिल्ली की ओर से खेलते हुए शतक जड़ दिया। यह विजय हजारे ट्रॉफी में उनका पांचवां शतक रहा। 84 गेंदों में पूरा किया शतक कोहली ने अपनी पारी में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने सिर्फ 84 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। शतक पूरा करने के बाद कोहली ने डगआउट की ओर देखकर इशारा किया और ऋषभ पंत को बल्लेबाज़ी के लिए तैयार रहने को कहा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सचिन तेंदुलकर को छोड़ा पीछे इस शतक के साथ विराट कोहली ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वह लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज 16,000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। कोहली ने यह उपलब्धि अपनी 330वीं पारी में हासिल की, जबकि सचिन तेंदुलकर ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 391 पारियां खेली थीं। लिस्ट-ए क्रिकेट में रिकॉर्ड्स का अंबार विराट कोहली अब 10,000 रन के बाद से हर 1,000 रन का आंकड़ा सबसे तेज़ छूने वाले बल्लेबाज़ बन चुके हैं। लिस्ट-ए क्रिकेट में उनके नाम अब कुल 57 शतक दर्ज हैं और वह सचिन तेंदुलकर के 60 शतकों के रिकॉर्ड के करीब पहुंचते जा रहे हैं। कोहली इस समय लिस्ट-ए क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने वालों की सूची में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन दिल्ली के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते हुए कोहली ने 13 मैचों में 68.25 की औसत और 106 के स्ट्राइक रेट से 819 रन बनाए हैं, जिसमें चार शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। कुल लिस्ट-ए क्रिकेट की बात करें तो उन्होंने 13 मैचों में 919 रन बनाए हैं। अगला लक्ष्य: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज विजय हजारे ट्रॉफी के बाद विराट कोहली अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जनवरी 11 से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में भारत की ओर से खेलते नज़र आएंगे। कोहली का पिछला अंतरराष्ट्रीय दौरा भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रहा था, जहां उन्होंने दो शतक और एक अर्धशतक जमाया था।